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पंजाब हुआ महंगाई वाले टॉप पांच राज्यों की सूची से बाहर

चंडीगढ़. कर्ज के बोझ में डूबे और महंगाई की मार झेल रहे पंजाब के लिए नया साल अच्छी खबर लाया है। सूबा उन टॉप पांच राज्यों की सूची से बाहर हो गया है जो महंगाई की सबसे अधिक मार झेल रहे हैं। राज्य की महंगाई दर कम होकर 1.82 प्रतिशत तक पहुंच गई है। केंद्र सरकार का जीएसटी दरों में कटौती करना प्रदेश के लिए राहत लेकर आया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में महंगाई दर में और गिरावट देखने को मिल सकती है क्योंकि जरूरी सामान की कीमतें में कमी आई है। लोगों की जेब पर बोझ भी कम हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 में सूबे की महंगाई दर 1.82 प्रतिशत तक दर्ज की गई है जबकि पिछले काफी महीनों से नवंबर 2025 तक पंजाब उन पांच राज्यों में शामिल था जहां महंगाई दर सबसे अधिक थी। राष्ट्रीय स्तर पर भी महंगाई दर 1.33 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं 9.49% महंगाई दर के साथ केरल टॉप पर है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक की महंगाई दर 2.99%, आंध्र प्रदेश 2.71%, तमिलनाडु 2.67% और जम्मू एंड कश्मीर की 2.26% है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2026 में जीएसटी दरों में कटौती से पंजाब के जीएसटी राजस्व में 6.7 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है जिससे सरकार को 1786 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी का कुल राजस्व वर्ष में बढ़कर 28,507 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। प्रदेश पर कर्ज के बोझ के बीच यह अच्छे संकेत हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य पर अनुमानित कर्ज 3.82 लाख करोड़ था जो 2025-26 के बजट के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष के अंत तक 4.17 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में भी आई कमी इसी तरह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में भी कमी आई है। पंजाब में नवंबर 2025 के दौरान सीपीआई 190.8 दर्ज किया गया था, जो दिसंबर 2025 में कम होकर 190.4 हो गया है। अनुमान है और आगे सीपीआई में और कमी हो सकती है। सबसे अधिक सीपीआई केरल में 221.6 दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी सीपीआई में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। नवंबर में यह 197.9 था, जो दिसंबर में बढ़कर 198 हो गया है। सीपीआई एक तरह का पैमाना है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि समय के साथ आम लोगों की तरफ से खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है। इसमें खाने-पीने का सामान, किराया, कपड़े, शिक्षा, इलाज, परिवहन, बिजली व पानी समेत अन्य सेवाएं शामिल होती हैं।

डेरा सच्चा सौदा बधियाकरण केस में वीसी के जरिए होगी गवाही

पंचकूला. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ चल रहे कथित बधियाकरण (नपुंसक बनाने) मामले में पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने आदेश पारित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के न्यूयॉर्क में रह रहे मुख्य गवाह की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से दर्ज की जाएगी, लेकिन गवाही के दौरान गवाह के निजी वकील को दूरस्थ वीसी कक्ष में मौजूद रहने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, अदालत ने मुख्य गवाह को उसकी स्वास्थ्य स्थिति से अवगत कराने के लिए एक माह का समय दिया है। गवाह की फिटनेस रिपोर्ट मिलने के बाद ही फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में उसकी गवाही की तिथि तय की जाएगी। बता दें कि मुख्य गवाह ने आंखों के इलाज का हवाला देते हुए पहले से तय गवाही की तिथियों को स्थगित करने का अनुरोध किया था। गवाह ने अदालत को बताया कि वह रेटिनल वेन ऑक्लूजन बीमारी से पीड़ित है और डाक्टरों ने उसे लंबे समय तक आंखों पर दबाव न डालने की सलाह दी है। मुख्य गवाह वर्तमान में न्यूयार्क में रह रहा है और उसकी गवाही भारतीय वाणिज्य दूतावास/महावाणिज्य दूतावास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज की जानी है। इससे पहले, अगस्त 2025 में सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उसे अमेरिका से वीसी के जरिए जिरह की अनुमति दी थी। इसके लिए सीबीआई द्वारा विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की जा चुकी है। गवाह ने यह भी दलील दी कि गुरमीत राम रहीम सिंह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उनके कई राजनीतिक संपर्क बताए जाते हैं, जिससे उसे भय और दबाव की आशंका है। इसी आधार पर उसने गवाही के दौरान अपने वकील को वीसी कक्ष में साथ बैठने की अनुमति मांगी। हालांकि, आरोपियों के बचाव पक्ष ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का हवाला देते हुए इस मांग का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि वीसी के दौरान दूरस्थ स्थल पर केवल अधिकृत समन्वयक की मौजूदगी की अनुमति है। गवाह का वकील गवाही शुरू होने से पहले वीसी कक्ष के बाहर परामर्श कर सकता है, लेकिन रिकॉर्डिंग के दौरान उसकी मौजूदगी नहीं होगी। स्वास्थ्य संबंधी आवेदन पर निर्णय देते हुए अदालत ने कहा कि फिलहाल गवाह का इलाज जारी है, इसलिए उसे एक माह का समय दिया जाता है। गवाह को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी फिटनेस की जानकारी अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत को दे, जिसके बाद फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में गवाही की अगली तिथि तय की जाएगी। गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2014 का है, जिसमें राम रहीम पर अपने कथित निर्देश पर अनुयायियों के सामूहिक बधियाकरण के आरोप लगे हैं।

पंजाब की जीएनडीयू में आज राष्ट्रपति मुर्मू देंगी 463 विद्यार्थियों को डिग्री

चंडीगढ़. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेंगी। पूरे अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पंजाब दाैरे पर हैं। वे अमृतसर में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) की 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेंगीं। उनके आगमन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जीएनडीयू मैनेजमेंट, जिला प्रशासन और राज्य पुलिस ने संयुक्त रूप से सुरक्षा रिहर्सल पूरी कर कार्यक्रम को यादगार बनाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। एसएस परमार की अध्यक्षता में एडीजीपी स्तर की सुरक्षा टीम ने कन्वेंशन हाल में सुरक्षा मानकों और रूट प्लान का विस्तार से रिव्यू किया। वीसी प्रो. डा. करमजीत सिंह, डीसी दलविंदरजीत सिंह, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एआईजी परमिंदर सिंह भंडाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विद्यार्थियों को पहचान दस्तावेज और पास जारी किए गए। मेडल और डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिशन डाॅक्यूमेंट और टैग नंबर भी तय किए गए। परिसर और आसपास के इलाके को बैरिकेडिंग के साथ सील किया गया और तलाशी के बाद ही लोगों को एरिया में प्रवेश दिया जा रहा है। इस कान्वोकेशन में कुल 463 विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल दिए जाएंगे, जिनमें 74 अंडरग्रेजुएट, 102 पोस्टग्रेजुएट, 270 पीएचडी डिग्री और 7 मेमोरियल मेडल शामिल हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी दो मशहूर हस्तियों को ऑनरेरी डॉक्टरेट प्रदान करेगी। राज्यपाल भी पहुंचेंगे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और गवर्नर गुलाबचंद कटारिया भी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, मुख्यमंत्री गुरुवार को हरमिंदर साहिब व अकाल तख्त में विशेष स्पष्टीकरण देंगे, जिसके चलते वहां भी सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। संपूर्ण व्यवस्था में पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं, जिससे आम जनता और प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सीएम भगवंत मान धार्मिक टिप्पणियों पर अपना पक्ष रखने पहुंचे श्री अकाल तख्त सचिवालय

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत मान आज सिखों की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने के लिए पहुंच  गए हैं। सुबह वह अमृतसर के सर्किट हाऊस पहुंचे। जहां आम आदमी पार्टी के नेताओं से कुछ समय बातचीत के बाद वह अब श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। नतमस्तक होने के बाद तकरीबन 11.40 बजे वे श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनके सुरक्षाकर्मी एक बैग लेकर चल रहे हैं, जो चर्चा का विषय बन गया है। अनुमान है कि सीएम मान इस बैग में कुछ दस्तावेज लाए  हैं, जो श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के सुपुर्द किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि सीएम मान को हालिया बयानों में सिख मर्यादा, एक आपत्तिजनक वीडियो और गोलक समेत दूसरे सिख मुद्दों पर की बयानबाजी को लेकर तलब किया है। वह टिप्पणियों को लेकर अपना पक्ष जत्थेदार के समक्ष रख रहे हैं। यह पेशी धार्मिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री की पेशी को लेकर श्री हरिमंदिर साहिब परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पंजाब पुलिस और शिरोमणि गुरुद्वार प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सेवादारों की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी भीड़ या अप्रत्याशित स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। बताया गया है कि सीएम मान की उपस्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। समय में लगातार हो रहा बदलाव मुख्यमंत्री की पेशी का समय लगातार बदलता रहा। पहले उन्हें सुबह 10 बजे बुलाया गया था, फिर समय बदलकर शाम 4:30 बजे कर दिया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह 11 से 11:30 बजे के बीच पेश होने का समय तय हुआ, लेकिन इसे भी बदलते हुए अब दोपहर 12 बजे का अंतिम समय निर्धारित किया गया है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुख्यमंत्री की पेशी पर सहमति दे दी। अमृतधारी सिख न होने की वजह से मुख्यमंत्री सीधे अकाल तख्त की फसील में पेश नहीं होंगे, बल्कि अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार के सामने अपना पक्ष रखेंगे। लापता स्वरूपों की बरामदी के बाद भड़का मुद्दा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख मर्यादा पर आपत्तिजनक बयान के लिए 15 जनवरी 2026, यानी कि आज सचिवालय में पेश होने का समन दिया। विवाद सहजधारी सिख जसबीर जस्सी के शबद कीर्तन पर 27 दिसंबर 2025 को भड़का, जब जत्थेदार ने आपत्ति जताई। 29 दिसंबर को चंडीगढ़ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मान ने कहा कि सहजधारी शबद न गा सकें तो गुरु की गोलक में दान या मत्था टेकने से भी रोक दें, जिसे सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इसमें दसवंध, लापता गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूपों पर FIR और भिंडरांवाले तस्वीर विवाद भी जुड़े। समन 4-5 जनवरी को जारी हुआ। जिसके बाद मुख्मंत्री मान विनम्र सिख के रूप में सबूतों संग पेश हो रहे हैं।

पंजाब में ईजी जमाबंदी, किसानों के लिए खत्म हुआ जमीन से जुड़ा डर और अनिश्चितता

चंडीगढ़  पंजाब में जमीन और संपत्ति से जुड़े काम आम लोगों के लिए हमेशा परेशानी का सबब रहे हैं। लेकिन ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी ने इस अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। मोहाली से शुरू हुई ईजी रजिस्ट्री सेवा ने अब पूरे राज्य में लोगों को यह सुविधा दी है कि वे बिना किसी एजेंट के, घर बैठे रजिस्ट्री करवा सकें। लुधियाना के रिटायर्ड कर्मचारी सतनाम सिंह बताते हैं, “पहले हफ्तों लगते थे, अब दो दिन में काम हो गया।” किसानों के लिए ईजी जमाबंदी ने जमीन से जुड़े डर और अनिश्चितता को खत्म किया है। पहले पटवारी कार्यालय के चक्कर, अब मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप से फ्री, प्रमाणित जमाबंदी उपलब्ध है। QR कोड और डिजिटल हस्ताक्षर ने दस्तावेज़ की विश्वसनीयता भी बढ़ाई है। सबसे बड़ा बदलाव इंतकाल प्रक्रिया में आया है। जहां पहले महीनों लग जाते थे, अब 30 दिन में जमीन का रिकॉर्ड अपडेट हो रहा है। इससे किसानों को बैंक लोन, बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलने लगा है। राज्य में 99 प्रतिशत गांवों के रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से दलालों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। आम नागरिकों का कहना है कि इससे न सिर्फ समय बचा, बल्कि मानसिक तनाव भी कम हुआ है। ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी ने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ हो, तो तकनीक आम आदमी के जीवन को सच में आसान बना सकती है।

मेला माघी की धूम: मुक्तसर साहिब पहुंचे सीएम मान, चालीस मुक्तों को दी श्रद्धांजलि

चंडीगढ़ दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चालीस मुक्तों की महान शहादत की साक्षी पवित्र धरती श्री मुक्तसर साहिब में मेला माघी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतें श्री मुक्तसर साहिब पहुंच रही हैं और गुरु चरणों में शीश नवाकर महान शहीदों को नमन कर रही हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार को माघी मेले के उपलक्ष्य में श्री मुक्तसर साहिब पहुंचेंगे। वे सबसे पहले गुरुद्वारा श्री टूटी गंढी साहिब में माथा टेकेंगे और इसके बाद एक रैली में शामिल होकर पंजाब के लोगों को संबोधित करेंगे। जानकारी के अनुसार, सीएम मान इस मौके पर संगतों को माघी मेले और चालीस मुक्तों के बलिदान के महत्व से अवगत कराएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर संदेश जारी कर खिदराना ढाब की ऐतिहासिक जंग में शहीद हुए चालीस मुक्तों को नमन किया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "उन 40 मुक्तों की शहादत को करोड़ों नमन हैं, जिन्होंने धर्म और इंसाफ के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।" सीएम मान ने माघी मेले के अवसर पर गुरुओं के चरणों में शीश नवाने पहुंची सभी संगतों के प्रति भी सम्मान प्रकट किया। मेला माघी के चलते श्री मुक्तसर साहिब में जबरदस्त श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। लोहड़ी की रात से ही संगतों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने और पवित्र सरोवर में स्नान करने का सिलसिला लगातार जारी है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद संगतों की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही है। न्यूनतम तापमान गिरने के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरोवर में स्नान कर रहे हैं। बता दें कि मुक्तसर साहिब में मेला माघी 1705 में गुरु गोबिंद सिंह जी के लिए लड़ने वाले चाली मुक्ते (40 शहीदों) के बलिदान को याद करने और उनका सम्मान करने के लिए लगता है, जिन्होंने खिदराना के युद्ध (जिसे बाद में मुक्तसर कहा गया) में मुगलों के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

फाजिल्का में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राज्यपाल करेंगे ध्वजारोहण

फाजिल्का. सीमावर्ती जिला फाजिल्का इस साल गणतंत्र दिवस का सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है। पंजाब सरकार ने 77वें गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय समारोह पटियाला से बदलकर फाजिल्का में करवाने का निर्णय लिया है, जिसके साथ ही पूरे जिले में उत्साह और तैयारी का माहौल बन गया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और शहीद भगत सिंह स्टेडियम में ध्वजारोहण करेंगे। प्रशासनिक तंत्र सुरक्षा, परेड और झांकियों की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राज्य स्तरीय समारोह की घोषणा के साथ ही फाजिल्का जिला प्रशासन ने तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। सीमावर्ती होने के कारण फाजिल्का को अक्सर बड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रमों से दूर रखा जाता रहा है, ऐसे में इस आयोजन को जिले के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान और अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

पंजाब के नवाशंहर में जीरो डिग्री तक लुढ़का पारा

लुधियाना. पंजाब में लोहड़ी पर रिकार्ड ठंड पड़ी। नवांशहर राज्य में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री पहुंच गया, जोकि सामान्य से सात डिग्री कम रहा। मौसम विभाग ने बुधवार को भी अति शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य व एक डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। अधिकतम तापमान सात से आठ डिग्री रहने का अनुमान है। 19 जनवरी तक राज्य में घनी धुंध पड़ने की संभावना है। शहर           न्यूनतम तापमान (°C)     अधिकतम तापमान (°C) नवांशहर               0.0                            11.4 बठिंडा                  1.6                            13.4 फरीदकोट               2.0                          13.0 गुरदासपुर               2.5                           13.0 होशियारपुर             2.6                           10.7 लुधियाना                 2.6                           13.4 रूपनगर                 2.4                           15.0 पटियाला                3.0                            13.6 अमृतसर               4.1                              8.1

पंजाब लोक भवन में लोहड़ी पर साथ दिखे सीएम मान और हरियाणा के सीएम सैनी

चंडीगढ़. पंजाब लोक भवन में पारंपरिक लोहड़ी उत्सव धूमधाम से मनाया गया।इस समारोह का आयोजन पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा किया गया। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस एवं संजीव अरोड़ा, राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक मित्तल एवं सरदार सतनाम सिंह संधू, चंडीगढ़ की महापौर हरप्रीत कौर बबला, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद सहित पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने इस पर्व के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सव आपसी सौहार्द को बढ़ावा देते हैं, सामाजिक एकता को सुदृढ़ करते हैं और हमारी सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित रखने में सहायक होते हैं। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NZCC) द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोहड़ी से जुड़े लोक नृत्य एवं लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। पंजाब लोक भवन के लॉन को पारंपरिक विरासत गांव की तर्ज पर सजाया गया, जिससे उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा। समारोह के दौरान पंजाबी लोकनायक दुल्ला भट्टी (राय अब्दुल्ला ख़ान भट्टी) की वीर गाथा को भी श्रद्धा एवं गौरव के साथ स्मरण किया गया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों एवं आमंत्रितों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया। राज्यपाल ने लोहड़ी के पावन अवसर पर पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ के लोगों के लिए शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की शुभकामनाएं दीं।

पंजाब में ठंड के बीच खुले सभी स्कूल

चंडीगढ़. कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच आज से पूरे पंजाब में स्कूल खुल गए हैं। छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में असमंजस बना हुआ था और सभी को उम्मीद थी कि मौसम को देखते हुए अवकाश बढ़ाया जा सकता है, लेकिन सरकार की ओर से कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया। इसके बाद आज पंजाब के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल खुल गए हैं। आपको बता दें कि प्राइमरी स्कूलों के लिए स्कूल का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा, जबकि मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3.20 बजे तक रहेगा। गौरतलब है कि पहले सर्दियों की छुट्टियां 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक घोषित की गई थीं। बाद में ठंड और कोहरे की स्थिति को देखते हुए इन्हें बढ़ाकर 13 जनवरी तक कर दिया गया था। चूंकि इसके बाद छुट्टियां आगे नहीं बढ़ाई गईं, इसलिए अब पूरे प्रदेश में स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू हो गई है।