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पंजाब में शीतलहर का कहर: स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाकर 7 जनवरी तक की गईं

चंडीगढ़  पंजाब में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पंजाब सरदार भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों और स्कूल स्टाफ की सेहत व सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी सरकारी, एडिड, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों में 7 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। अब प्रदेश के सभी स्कूल 8 जनवरी से सामान्य दिनों की तरह दोबारा खुलेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि राज्य में लगातार बढ़ रही ठंड और धुंध को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि छोटे बच्चों और शिक्षकों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। पिछले कई दिनों से पंजाब के अधिकांश इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग की ओर से भी ठंड और कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को खासा जोखिम बना हुआ था।   अभिभावकों और शिक्षकों को राहत सरकार के इस फैसले से अभिभावकों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए यह निर्णय अहम माना जा रहा है। शिक्षकों और विभिन्न यूनियनों की ओर से भी पहले छुट्टियां बढ़ाने की मांग की जा रही थी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य होने पर 8 जनवरी से सभी स्कूल नियमित समय और व्यवस्था के अनुसार संचालित किए जाएंगे।

विकसित भारत- जी राम जी योजना पर पंजाब विधानसभा में विरोध प्रस्ताव पास

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा ने  ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सोंध द्वारा पेश किया गया एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया, जिसमें भारत सरकार की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को नए कानून, विकसित भारत– रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) से बदलने की पहल की निंदा की गई। नई योजना गरीब मजदूरों, महिलाओं और राज्य के लाखों जॉब कार्ड धारक परिवारों से गारंटी मजदूरी और रोजगार का अधिकार छीन लेती है और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालती है। मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण विकास गारंटी अधिनियम भारत सरकार द्वारा सितंबर 2005 में पारित किया गया था और इसे 2008-09 में पंजाब के सभी जिलों में लागू किया गया था। बाद में 2 अक्टूबर, 2009 को भारत सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कर दिया। मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर के वयस्क सदस्यों को, जो अकुशल शारीरिक काम करने के इच्छुक हैं, एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटी मजदूरी वाला रोजगार अनिवार्य रूप से प्रदान करके आजीविका सुरक्षा बढ़ाना है। मंत्री सोंध ने आगे बताया कि मनरेगा भारत के सामाजिक कल्याण और ग्रामीण आर्थिक सुरक्षा के ढांचे के भीतर एक ऐतिहासिक और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कानून है, जिसने ग्रामीण भारत में गरीब, भूमिहीन और हाशिए पर पड़े समुदायों, जिसमें एससी/एसटी व्यक्ति और महिलाएं शामिल हैं, के लिए रोजगार को एक कानूनी अधिकार के रूप में स्थापित किया है। यह अधिनियम मांग-आधारित है, जिसके तहत यदि कोई मजदूर मनरेगा योजना के तहत काम की मांग करता है, तो राज्य और भारत सरकार की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि उसे एक निश्चित समय के भीतर काम प्रदान करें या बेरोजगारी भत्ता दें। इसके विपरीत, हालांकि विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम (विकसित भारत- रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम) 2025 में 125 दिनों का उल्लेख है, लेकिन यह गारंटी वास्तव में सामान्य बजट और सीमित वित्तीय व्यवस्थाओं से जुड़ी हुई है, जिसके कारण यह गारंटी केवल कागजों पर ही रह जाती है। इस ढांचे में, रोजगार की उपलब्धता अब मजदूर की मांग पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि भारत सरकार द्वारा पहले से तय योजनाओं और बजट सीमाओं के अनुसार किए गए आवंटन पर निर्भर करेगी। मंत्री ने कहा कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम में 60:40 के अनुपात में मजदूरी का भुगतान करने की बात कही गई है और साप्ताहिक भुगतान अनिवार्य किया गया है, लेकिन व्यवहार में ये बदलाव वास्तव में राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ कम करने के बजाय बढ़ाएंगे। भारत सरकार पूरे वित्तीय वर्ष के लिए बजट सीमा पहले से ही तय कर देगी। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि मनरेगा स्कीम के तहत, मजदूरों को काम मांगने का कानूनी अधिकार है, जिस पर इस बजट लिमिट का असर पड़ेगा। इस स्थिति में, अगर तय समय में काम नहीं दिया जाता है, तो राज्य सरकार को बेरोजगारी भत्ते की पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी। इसके साथ ही, अगर केंद्र सरकार के बजट आवंटन की लिमिट पूरी हो जाती है, तो मजदूरों को काम देना न सिर्फ प्रशासनिक रूप से मुश्किल हो जाता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी नामुमकिन हो जाता है। इस बीच, मंत्री सोंध ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक में, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस के लोकसभा सांसद सप्तगिरि शंकर उल्का कर रहे थे, कांग्रेस के किसी भी सदस्य ने विकसित भारत-जी रामजी योजना का विरोध नहीं किया, लेकिन अब विधानसभा में वे मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं।

पाकिस्तान लिंक वाले ड्रग्स गिरोह पर अमृतसर पुलिस ने की कार्रवाई, सात आरोपी पकड़े गए

अमृतसर में पाकिस्तान से जुड़े ड्रग गिरोह का पर्दाफाश, सात गिरफ्तार पाकिस्तान लिंक वाले ड्रग्स गिरोह पर अमृतसर पुलिस ने की कार्रवाई, सात आरोपी पकड़े गए अमृतसर: ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़, पाकिस्तान से संबंध होने पर सात आरोपी गिरफ्तार अमृतसर   पंजाब की अमृतसर पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भांडाफोड किया है, जिसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे लोगों से था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 4.75 किलो हेरोइन, 1 किलो मेथाम्फेटामाइन और एक 9एमएम ग्लॉक पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये ड्रग्स पाकिस्तान से भारत में लाई जा रही थी और पंजाब में छोटे-छोटे ग्रुप्स के जरिए डिस्ट्रीब्यूट की जा रही थी। इन ग्रुप्स का संचालन सोशल मीडिया के जरिए होता था। इनके द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ चैटिंग या मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ड्रग्स का कारोबार करने के लिए भी किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि यह गिरोह और कहां-कहां तक फैला हुआ है और इससे कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। पंजाब पुलिस का कहना है कि वह ड्रग्स तस्करी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। राज्य को ड्रग्स से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और पुलिस हर स्तर पर सतर्क है। आम लोगों से भी अपील है कि अगर किसी को किसी तरह की ड्रग्स या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे पहले 28 दिसंबर को फाजिल्का में भी पंजाब पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस ने पांच किलो से ज्यादा हेरोइन के साथ एक ड्रग तस्कर को पकड़ लिया था। यह ऑपरेशन फाजिल्का राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर किया गया। जांच में पता चला कि हेरोइन पाकिस्तान स्थित तस्करों ने ड्रोन के जरिए भेजी थी और इसे आगे पूरे राज्य में फैलाया जाना था। पुलिस की समय पर कार्रवाई की वजह से यह खेप पकड़ी गई और तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।

स्वास्थ्य सुरक्षा की नई शुरुआत: जालंधर में लॉन्च हुई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, 8 जनवरी से कार्ड निर्माण

आदमपुर  पंजाब सरकार ने नए साल में राज्य के सभी नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत पंजाब के सभी नागरिकों को 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा और वे सभी सरकारी अस्पतालों और पैनल में शामिल प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवा सकेंगे। ब्लॉक आदमपुर में 8 जनवरी से लाभपात्रियों के बीमा कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस योजना के सफल क्रियान्वयन और नागरिकों को योजना के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देने के उद्देश्य से सी.एच.सी. आदमपुर में आशा वर्कर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग के दिशा-निर्देश और सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. कुलदीप सिंह की देखरेख में आशा वर्कर्स को योजना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। एस.एम.ओ. डॉ. कुलदीप सिंह ने बैठक में बताया कि इस योजना के तहत कार्ड बनाने के लिए हर गांव में कैंप लगाए जाएंगे और यह कार्ड गांव में चल रहे कॉमन सर्विस सैंटर पर बनाए जाएंगे। आशा वर्कर्स को निर्देश दिया गया कि वे नागरिकों को इस योजना के बारे में जागरूक करें इस दौरान डॉ. हरप्रीत सिंह और बी.ई.ई. चंदन मिश्रा भी उपस्थित थे।

कांग्रेस में सख्ती का संकेत: सिद्धू दंपति पर राजा वड़िंग का कड़ा रुख, खत्म हुआ ‘पुराना अध्याय’

पंजाब  पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को लेकर बड़ा बयान दिया है। लुधियाना में मीडिया से बातचीत के दौरान राजा वड़िंग ने स्पष्ट कहा कि सिद्धू दंपती का चैप्टर अब पार्टी के लिए बंद हो चुका है और इस पर बार-बार चर्चा करने का कोई औचित्य नहीं है। राजा वड़िंग से जब यह सवाल किया गया कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू एक तरफ नवजोत सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाने की बात कर रही हैं और दूसरी ओर भाजपा नेताओं से मुलाकात भी कर रही हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि किसी को भी किसी से मिलने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जो विषय खत्म हो चुका है, उसे बार-बार उठाने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस में सिद्धू दंपती की भूमिका पर उठे सवाल राजा वड़िंग के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस पार्टी ने अब सिद्धू दंपती से दूरी बना ली है। हाल के दिनों में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा भाजपा नेताओं से मुलाकात और उनकी प्रशंसा ने भी इन अटकलों को हवा दी है। बताया जा रहा है कि विवादित बयानों के बाद नवजोत सिद्धू की पार्टी हाईकमान से मुलाकात नहीं हो पा रही है। वे दिल्ली जाकर वरिष्ठ नेताओं से मिलने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें समय नहीं मिल सका है। वहीं, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने साफ किया है कि उनकी न तो हाईकमान से कोई मुलाकात हुई और न ही उन्हें बुलाया गया। 2021 से शुरू हुआ था विवाद सिद्धू दंपती और कांग्रेस के बीच तनातनी की शुरुआत 2021 में हुई थी, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री चयन को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान देखने को मिली। अंततः चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया, जिससे नवजोत सिद्धू नाराज हो गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में सिद्धू ने प्रचार से दूरी बनाए रखी और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे सक्रिय राजनीति से लगभग अलग हो गए। 500 करोड़ वाले बयान से बढ़ी तल्खी हाल ही में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के “500 करोड़ में मुख्यमंत्री बनने” वाले बयान ने पार्टी को असहज कर दिया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर टिकट बेचने जैसे आरोप लगाए, जिसके चलते पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। रंधावा और आशू पर भी बोले वड़िंग सुखजिंदर सिंह रंधावा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि मुख्यमंत्री बनाने का फैसला पार्टी सामूहिक रूप से और सोच-समझकर करती है। वहीं, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के बयान पर बिना नाम लिए वड़िंग ने कहा कि जो पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बोलता है, वह विरोधी की भूमिका निभाता है।

‘रंगला पंजाब’ के बाद ‘स्वच्छ पंजाब’ की पहचान, मान सरकार की नीतियों का दिखा असर

चंडीगढ़ पंजाब ने वर्ष 2025 के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम बठिंडा ने स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त किया है। इसी प्रकार 25 यू.एल.बीज़ को कूड़ा मुक्त स्टार-1, 01 यू.एल.बी को कूड़ा मुक्त स्टार-3, 46 यू.एल.बीज़ को वाटर प्लस के रूप में, 53 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ प्लस प्लस के रूप में, 43 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ प्लस के रूप में तथा 22 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ के रूप में प्रमाणित किया गया है। पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा चालू वर्ष के दौरान स्थानीय सरकार विभाग की ओर से की गई पहलों का विवरण देते हुए बताया कि पंजाब ने राज्य की विरासत (लीगेसी) ठोस अपशिष्ट के निपटारे के अंतर्गत 131 यू.एल.बीज़ में पुराने कचरे का प्रबंधन किया है। इसके तहत कुल 84.09 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 40.78 लाख मीट्रिक टन का निपटारा पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 43.31 लाख मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट (35 यू.एल.बीज़) का निपटारा अप्रैल 2027 तक करने की योजना तैयार की गई है। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान ताजा ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके तहत यू.एल.बीज़ द्वारा घर-घर से कचरा संग्रहण, स्रोत पर पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग को बेहतर बनाया गया। उन्होंने बताया कि कुल 4008 टीपीडी ठोस अपशिष्ट में से 3243 टीपीडी (81 प्रतिशत) गीले कचरे को खाद और बायो-मीथेनाइजेशन के माध्यम से तथा सूखे कचरे को चैनलाइजेशन द्वारा प्रोसेस किया जा रहा है, जिसे कबाड़ डीलरों और कचरा संग्रहकर्ताओं द्वारा पुनर्चक्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिए 9812 ट्राइसाइकिल और 3162 यांत्रिक वाहन तैनात किए गए हैं। कचरे की प्रोसेसिंग हेतु 8436 कंपोस्ट पिट (एरोबिक हनीकॉम्ब) तथा 276 मटीरियल रिकवरी फैसिलिटीज़ स्थापित की गई हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि स्मार्ट सिटीज़ मिशन के तहत लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और सुल्तानपुर लोधी के विभिन्न प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। लुधियाना स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत 769.18 करोड़ रुपये के 71 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जबकि 138.05 करोड़ रुपये के 08 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। अमृतसर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 580 करोड़ रुपये के 19 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं तथा 245 करोड़ रुपये के 10 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसी प्रकार जालंधर स्मार्ट सिटी के 771.57 करोड़ रुपये के 56 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और 162.88 करोड़ रुपये के 04 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। सुल्तानपुर लोधी स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 29.57 करोड़ रुपये के 06 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं तथा 136.28 करोड़ रुपये के 14 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त मार्च 2022 से पंजाब सरकार द्वारा पी.आई.डी.बी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए फंड से 166 यू.एल.बीज़ में 850 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के कार्य किए गए हैं। साथ ही एम.सी. फंडों से 166 यू.एल.बीज़ में 1700 करोड़ रुपये के विकास कार्य तथा 05 नगर निगमों एवं 49 नगर परिषदों में 450 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि पवित्र शहर अमृतसर में वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से ऑटो-रिक्शा पुनर्जीवन (RAAHI) योजना के तहत 1200 पुराने डीज़ल ऑटो रिक्शों को नए इलेक्ट्रिक ऑटो से बदला गया है। इसके अतिरिक्त महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महिला लाभार्थियों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर 200 पिंक ई-ऑटो भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के बड़े शहरों में शून्य उत्सर्जन के साथ कुशल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए अमृतसर (100), जालंधर (97), लुधियाना (100), पटियाला (50) तथा एस.ए.एस. नगर (मोहाली) क्लस्टर (100) के लिए कुल 447 ई-बसें खरीदी जा रही हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधार होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि स्थानीय सरकार विभाग द्वारा सेवाओं की डोर-स्टेप डिलीवरी सफलतापूर्वक शुरू की गई है, जिससे नागरिकों की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रमुख नगर निगम सेवाओं को सरकारी कार्यालयों में गए बिना सुलभ बनाया गया है। स्थानीय निकाय मंत्री ने आगे बताया कि 16 अमृत कस्बों और सुल्तानपुर लोधी के लिए जल आपूर्ति एवं सीवरेज नेटवर्क का जीआईएस-आधारित डिजिटलीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) 2024-25’ योजना के अंतर्गत 32 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही 103 यू.एल.बीज़ के लिए सीवरेज मैपिंग तथा 105 यू.एल.बीज़ के लिए जल आपूर्ति मैपिंग को अंतिम रूप दे दिया गया है।

मनरेगा के खिलाफ प्रस्ताव से गरमाई पंजाब की राजनीति, मंत्री सौंद का अकाली दल पर तीखा वार

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन के दौरान मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि भाजपा बहुत खतरनाक और जनविरोधी कानून लाई है, लेकिन सच तो यह है कि मनरेगा को पूरी तरह खत्म करने का कानून लाया गया है, जिसके खिलाफ उन्होंने प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि इस तरह भाजपा ने गरीब दलित समाज की रोटी छीन ली है। भाजपा की केंद्र सरकार ने न सिर्फ मनरेगा नहीं, बल्कि दलित मजदूरों के मुंह से भी रोटी छीनी है। इस पॉलिसी ने देश के दलित मजदूरों के जीने का हक भी खत्म कर दिया है। मंत्री सौंद ने कहा कि मनरेगा गरीब परिवारों के एक वक्त की रोटी का आखिरी सहारा था। मनरेगा को खत्म करना स्कीम लागू करने का फैसला नहीं, बल्कि दलित विरोधी सोच का ऐलान है। भाजपा ने दलित मजदूरों से काम छीना है और बच्चों से पढ़ाई का रास्ता छीना है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नैतिक रूप से दलितों से वोट मांगने का अधिकार खो दिया है। भाजपा की केंद्र सरकार के फैसलों ने बार-बार साबित किया है कि भाजपा दलितों से नफरत करती है। मनरेगा पर हमला करना असल में दलितों के अस्तित्व और इज्जत पर हमला करने जैसा है। आज भाजपा की केंद्र सरकार ने दलित मजदूरों और गरीब परिवारों से वोट मांगने का अधिकार छीन लिया है। भाजपा को गरीबों की रोजी-रोटी की कोई परवाह नहीं है। अकाली दल (बादल) ने इस पूरे मामले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है क्योंकि वह भाजपा के साथ फिर से जुड़ना चाहता है, इसलिए यह सदन सिफारिश करता है कि राज्य सरकार भाजपा सरकार से मांग करे कि मनरेगा को खत्म करने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए और गरीब दलित परिवारों को काम की गारंटी दी जाए। मंत्री सौंद ने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह से गरीबों और दलितों के साथ खड़ी है। 

सीमा पार ड्रग्स सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई, अमृतसर से सात आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर  पंजाब की अमृतसर पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भांडाफोड किया है, जिसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे लोगों से था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 4.75 किलो हेरोइन, 1 किलो मेथाम्फेटामाइन और एक 9एमएम ग्लॉक पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये ड्रग्स पाकिस्तान से भारत में लाई जा रही थी और पंजाब में छोटे-छोटे ग्रुप्स के जरिए डिस्ट्रीब्यूट की जा रही थी। इन ग्रुप्स का संचालन सोशल मीडिया के जरिए होता था। इनके द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ चैटिंग या मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ड्रग्स का कारोबार करने के लिए भी किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि यह गिरोह और कहां-कहां तक फैला हुआ है और इससे कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। पंजाब पुलिस का कहना है कि वह ड्रग्स तस्करी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। राज्य को ड्रग्स से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और पुलिस हर स्तर पर सतर्क है। आम लोगों से भी अपील है कि अगर किसी को किसी तरह की ड्रग्स या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे पहले 28 दिसंबर को फाजिल्का में भी पंजाब पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस ने पांच किलो से ज्यादा हेरोइन के साथ एक ड्रग तस्कर को पकड़ लिया था। यह ऑपरेशन फाजिल्का राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर किया गया। जांच में पता चला कि हेरोइन पाकिस्तान स्थित तस्करों ने ड्रोन के जरिए भेजी थी और इसे आगे पूरे राज्य में फैलाया जाना था। पुलिस की समय पर कार्रवाई की वजह से यह खेप पकड़ी गई और तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।

घने कोहरे ने रोका सफर: चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर 14 फ्लाइट्स कैंसिल, शताब्दी ट्रेन लेट

चंडीगढ़ धुंध और कोहरे के कारण शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे चंडीगढ़ से 14 फ्लाइट्स रद्द और 8 ने लेट उड़ान भरी है। इसके साथ ही शताब्दी तय समय से करीब 4 घंटे 45 मिनट लेट पहुंची। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से चंडीगढ़ आने वाली अधिकतर ट्रेनें अपने तय समय से लेट पहुंची रही है। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के सी.ई.ओ. अजय वर्मा का कहना है कि सुबह के समय विजिबिलटी कम होने के कारण फ्लाइट्स की उड़ानें प्रभावित हुई है। धुंध और कोहरे के कारण चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने वाली 5 और जाने वाली 9 फ्लाइट्स रद्द हुईं। आधा दर्जन फ्लाइट्स तय समय से लेट उड़ान भरी है, जिसमें मुम्बई, गोवा, जयपुर और अहमदाबाद की फ्लाइट शामिल है। सद्भभावना सुपरफास्ट 4 घंटे देरी से पहुंची शताब्दी, जो 11 बजे पहुंचती है, वह दोपहर 3.45 बजे पहुंची। ऊंचाहार एक्सप्रेस सुबह 9.15 बजे की जगहरात 7.30 बजे पहुंची, जो तय समय से करीब 10 घंटे लेट रही। इसके साथ ही हावड़ा से वाया चंडीगढ़ होकर कालका जाने वाली हावड़ा मेल तय समय से 12 घंटे लेट पहुंची। सद्भभावना सुपरफास्ट 4 घंटे लेट, केरल संपर्कक्रांति 4 घंटे लेट, रामनगर ट्रेन 1 घंटे 20 मिनट लेट पहुंची।

अव्यवस्था का आलम: लुधियाना ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर उमड़ी भीड़, जनता हलकान

लुधियाना  लुधियाना के सेक्टर 32 के ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट एंड ऑनलाइन लाइसेंस सेंटर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। रोज़ाना की तरह आज भी सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लाइन में लगे दिखाई दिए। इनमें दोपहिया और चार पहिया दोनों तरह के वाहन चालक शामिल हैं, जो घंटों से अपनी बारी का इंतज़ार करने को मजबूर हैं।   सेंटर स्टाफ की ओर से पहले चरण में चार पहिया वाहनों का ड्राइविंग टेस्ट शुरू तो करवाया गया, लेकिन इसकी रफ्तार बेहद धीमी रही। हालात ऐसे रहे कि चार पहिया वाहनों का टेस्ट ‘कछुआ चाल’ से चलता दिखा। वहीं, दोपहिया वाहन चालक पिछले दो घंटे से अधिक समय से अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं।   ड्राइविंग टेस्ट देने आए लोगों ने बताया कि न तो सही जानकारी दी जा रही है और न ही समय प्रबंधन ठीक है। कई आवेदकों ने आरोप लगाया कि बार-बार इंतज़ार के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ रहा, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए और ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया को तेज़ किया जाए, ताकि आम जनता को इस तरह की परेशानी से राहत मिल सके।