samacharsecretary.com

अमर सिंह चहल प्रकरण में जांच तेज, तीन आरोपियों के नाम सामने आए

पटियाला पूर्व IG अमर सिंह चहल के मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों की पहचान की है। इसके अलावा पुलिस ने 25 बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए हैं और करीब 3 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन रोक दिए हैं। यह मामला 8.10 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़ा है। जांच में पता चला है कि इस ठग गिरोह के तार महाराष्ट्र से जुड़े हैं और तीन मुख्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है। जांच में पता चला कि आरोपी WhatsApp और Telegram ग्रुप के एक्टिव मेंबर थे। पुलिस के मुताबिक, ठगों ने कई फर्जी पहचान पत्र और अलग-अलग बैंक अकाउंट के जरिए ट्रांजैक्शन किए। जांच के दौरान 25 बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं और करीब 3 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन रोक दिए गए हैं। शक है कि इस गैंग में 10 से ज्यादा लोग शामिल हैं। आरोपियों ने बैंक का CEO बनकर इन्वेस्टमेंट के नाम पर पैसे ठगे। यह भी पता चला है कि अमर सिंह चहल ने 22 दिसंबर को धोखा खाने के बाद खुद को गोली मार ली थी, हालांकि वह इस घटना में बच गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले उन्होंने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। पुलिस को मौके से 16 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में उन्होंने आत्महत्या करने के अपने कारणों की जानकारी दी थी। जिससे पता चला है कि पूर्व IG ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए थे, जिससे उन्हें काफी फाइनेंशियल नुकसान हुआ था। गौरतलब है कि 2019 में रिटायर हुए अमर सिंह चहल यहां अर्बन एस्टेट इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह कुछ दिन पहले दोपहर करीब 1:30 बजे अपने घर के आंगन में आए और राइफल से खुद को सीने में गोली मार ली। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। 

जालंधर नगर निगम का एक कौंसलर जल्द ही आम आदमी पार्टी में हो सकता है शामिल

जालंधर  जालंधर से जुड़ी बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जालंधर नगर निगम का एक कौंसलर जल्द ही आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकता है। बताया जा रहा है कि संबंधित कौंसलर फिलहाल कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है और आज ही पार्टी बदलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कौंसलर आज आम आदमी पार्टी शामिल हो सकता हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 

विदेश भेजने का सपना दिखाकर मेडिकल कॉलेज की छात्रा को फंसाया, IELTS सेंटर संचालक पर शिकंजा

फरीदकोट हालाबाद मुदकी जिला फिरोजपुर की निवासी एक लड़की ने आईईएलटीएस सेंटर के मालिक के खिलाफ ब्याज पर पैसे देने के बहाने कार में बिठा कर अश्लील  हरकतें करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद लड़की के बयान के आधार पर सिटी पुलिस कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रही थी और अस्पताल में पढ़ाई शुरू करने से पहले वह आईईएलटीएस सेंटर में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। वहीं उसकी और उसके परिवार की मुलाकात आईईएलटीएस सेंटर के मालिक गुरप्रीत सिंह से हुई, जो मोगा जिले के ढुड़ी का निवासी है। उसने अपने भाई का यूके वीजा दिलाने के लिए गुरप्रीत सिंह को 2 लाख रुपये दिए थे। वीज़ा न मिलने पर उसने शिकायतकर्ता द्वारा दी गई राशि लौटा दी, लेकिन ब्याज पर और अधिक धन देने के बहाने शिकायतकर्ता को अपनी कार में बैठाकर उसके साथ अभद्रता की, अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी भी दी इस संबंध में सहायक थानेदार अकालप्रीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी DGP Award से सम्मानित

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके क्षेत्र में ड्रग डिटेक्शन किट्स के प्रभावी उपयोग के लिए पंजाब के निदेशक जनरल पुलिस (डीजीपी) द्वारा कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया गया है। एसएसपी बर्नाला मोहम्मद सरफराज आलम (IPS) और एसएसपी मलेरकोटला गगन अजीत सिंह (PPS, DR) को यह सम्मान 17 जुलाई 2009 की अधिसूचना के तहत पुलिस विभाग के आदेश संख्या 10698 के अंतर्गत दिया गया है।   डीजीपी गौरव यादव ने इन दोनों अधिकारियों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने मादक पदार्थों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाने वाले ड्रग डिटेक्शन किट्स के बेहतर और प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित किया है। इस सम्मान के आदेश की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और पंजाब पुलिस के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई हैं, ताकि आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध तरीके से की जा सके।

करोड़ों की ठगी का बड़ा खुलासा: वर्धमान ग्रुप चेयरमैन मामला, ED ने 5 राज्यों में मारा छापा

लुधियाना  वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एस.पी. ओसवाल से 7 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। देश के चर्चित साइबर ठगी मामलों में शामिल वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एस.पी. ओसवाल से 7 करोड़ रुपए की ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने अंतर्राज्यीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और असम में एकसाथ छापेमारी की। दिसंबर 2025 में हुई इस कार्रवाई के तहत ED ने कुल 11 ठिकानों पर तलाशी ली, जहां से कई डिजिटल उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े अहम रिकॉर्ड बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम को तुरंत अलग-अलग म्यूल अकाउंट्स में भेजकर उसे कई स्तरों में घुमाया जाता था, ताकि उसका स्रोत छिपाया जा सके। ED ने इस नेटवर्क से जुड़ी अहम आरोपी रूमी कलिता को असम से हिरासत में लिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक वह कमीशन के बदले म्यूल अकाउंट्स के संचालन और अवैध धन को इधर-उधर ट्रांसफर कराने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी। फिलहाल आरोपी को पूछताछ के लिए ED रिमांड पर लिया गया है। जानें पूरा मामला:  इस मामले की जड़ें अगस्त 2024 से जुड़ी हैं, जब 82 वर्षीय उद्योगपति एस.पी. ओसवाल को खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने निशाना बनाया। आरोपियों ने आधार कार्ड के दुरुपयोग और अंतरराष्ट्रीय अपराध में नाम जुड़ने का डर दिखाकर उन्हें तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखने का दावा किया। वीडियो कॉल के जरिए फर्जी अदालत, नकली सरकारी प्रतीक चिन्ह और वरिष्ठ अधिकारियों की डिजिटल नकल दिखाकर ठगों ने मानसिक दबाव बनाया। करीब 48 घंटे तक वर्चुअल निगरानी में रखकर मनी लॉन्ड्रिंग जांच और जमानत के नाम पर उनसे 7 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। यह राशि असम और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग खातों में भेजी गई थी ताकि बैंकिंग सिस्टम की निगरानी से बचा जा सके। घटना के सामने आते ही लुधियाना पुलिस ने साइबर क्राइम यूनिट और I4C के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए कई खातों को फ्रीज कराया, जिससे 5.25 करोड़ रुपए की रकम वापस हासिल की जा सकी। इसे अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी रिकवरी में गिना जा रहा है। ED की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि ठगी की रकम को रियल एस्टेट, शेल कंपनियों और डिजिटल करेंसी के माध्यम से खपाने की कोशिश की गई। एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है और इसी तरह के अन्य साइबर फ्रॉड मामलों में भी इसकी संलिप्तता हो सकती है।

CM मान का बड़ा फैसला: जनवरी से शुरू होगी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, 3 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़  पंजाब के निवासियों के लिए नए साल के तोहफे के रूप में सीएम भगवंत मान ने स्वास्थ्य विभाग को जनवरी माह से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। आज यहां स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत राज्य के लोगों को बिना एक भी पैसा खर्च किए व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा यह योजना विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और लोगों को 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा शुरू की गई एक ऐतिहासिक पहल है। पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जहां हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज मिलेगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पंजाब सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के सभी पात्र निवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा और आसान पहुंच प्रदान करना है। यह योजना सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक अहम कदम है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक नामांकित परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित चिकित्सकीय उपचार प्राप्त कर सकेगा। योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी निवासियों की आसान पहुंच सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत पंजाब और चंडीगढ़ के सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क में गंभीर बीमारियों, बड़ी सर्जरी, आईसीयू, क्रिटिकल केयर और जीवन-रक्षक उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना का मुख्य उद्देश्य सूचीबद्ध अस्पतालों में नकद-रहित और कागज-रहित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाले भारी खर्च को कम करना है। योजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत करेगी तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समयबद्ध शिकायत निवारण और लाभार्थियों को त्वरित सहायता भी सुनिश्चित की जाएगी। योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले खर्च, सर्जरी एवं चिकित्सकीय प्रक्रियाएं, आईसीयू और गहन देखभाल सेवाएं, बीमारियों की जांच, दवाइयां, स्वीकृत पैकेजों के अनुसार उपयोग में आने वाली सामग्री, अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्चों सहित सभी संबंधित व्यय कवर किए जाएंगे। पहले एक परिवार केवल 5 लाख रुपये तक का इलाज करा सकता था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब का हर नागरिक- चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या पेंशनभोगी- इस मुफ्त स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने का हकदार होगा। इस योजना के लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी अस्पताल या सूचीबद्ध निजी अस्पताल में अपना मुफ्त इलाज करवा सकेगा। अब पंजाब में किसी भी नागरिक को आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जनहित में इस महत्वाकांक्षी योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं।

मान सरकार का संवेदनशील फैसला: शहीद अध्यापक परिवार को वित्तीय सहायता और शिक्षा का पूरा खर्च

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ हर सुख-दुख में एक मज़बूत चट्टान की तरह खड़ी है। मोगा जिले में चुनाव ड्यूटी के दौरान एक दर्दनाक सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले अध्यापक दंपति के प्रति गहरी संवेदना और सम्मान प्रकट करते हुए, राज्य सरकार ने न केवल 20 लाख रुपये की कुल वित्तीय सहायता राशि तुरंत जारी कर दी है, बल्कि पीड़ित परिवार के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की भी बड़ी घोषणा की है। यह हृदयविदारक घटना उस समय घटी जब सरकारी अध्यापक जसकरण सिंह अपनी पत्नी कमलजीत कौर को चुनाव ड्यूटी पर छोड़ने जा रहे थे।  मोगा के बाघापुराना क्षेत्र में घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में गिर गई। इस दुखद हादसे में दोनों अध्यापकों की असामयिक मृत्यु ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तुरंत कदम उठाए और पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवा स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।  परिवार के साथ दुख साझा करते हुए स्पीकर संधवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार इन बच्चों को कभी बेसहारा नहीं छोड़ेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इन बच्चों की शिक्षा का सारा खर्चा वहन करेगी ताकि उनके माता-पिता का सपना अधूरा न रहे। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। पंजाब सरकार द्वारा दी गई यह त्वरित सहायता और बच्चों की शिक्षा का संकल्प केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह अपने कर्मयोगियों के प्रति सरकार के अटूट सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है और उनके बलिदान को प्रदेश कभी नहीं भुला सकता। विपक्षी दलों की केवल हवाई बयानबाजी के विपरीत, मान सरकार ने धरातल पर ठोस काम करके दिखाया है कि आम आदमी की सरकार वास्तव में जनता और कर्मचारियों के हितों के प्रति जवाबदेह है। संकट की इस घड़ी में सरकार की ओर से दिखाए गए इस मानवीय और संवेदनशील रुख ने राज्य के लाखों कर्मचारियों के भीतर यह विश्वास और गहरा किया है कि उनकी सेवा और सुरक्षा पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पंजाब में बढ़ती ठंड से जनजीवन प्रभावित, कोहरे–शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट; 6 फ्लाइट्स कैंसिल

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क बना रहेगा। बीते 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम तापमान फरीदकोट में 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आदमपुर में शीतलहर का असर देखा गया, जबकि गुरदासपुर और पठानकोट में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते चंडीगढ़ एयरपोर्ट से 6 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। सुबह के समय चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के इलाकों में घनी धुंध छाई रही। कई जगहों पर विजिबिलिटी घटकर 50 से 199 मीटर तक पहुंच गई, जिससे आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ। इन जिलों में घना कोहरा मौसम विभाग के अनुसार आज पठानकोट, नवांशहर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है।वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर और बठिंडा में शीतलहर के साथ घना कोहरा रहने के आसार हैं। तापमान में तेज गिरावट अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में तापमान 0.2 से 5.2 डिग्री तक नीचे गया है। चंडीगढ़: 17.4°C अमृतसर: 19.7°C लुधियाना: 21.2°C पटियाला: 14.6°C पठानकोट: 20.6°C बठिंडा: 23.5°C रूपनगर: 20.1°C मानसा: 24.1°C आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 27 से 29 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा और शीतलहर बनी रहेगी। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा।27 दिसंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जबकि 30–31 दिसंबर को नया सिस्टम सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी और पंजाब के कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।

फिटनेस को बढ़ावा: खिलाड़ियों और GYM यूज़र्स के लिए पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खेल और युवा सेवाएं विभाग के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंजाब भर में 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 3100 स्टेडियमों का निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-सीमा के साथ-साथ काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान खेल और युवाओं के लिए एक बड़े पैकेज की भी घोषणा की। इसके तहत राज्य में करीब 3000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे, 50 करोड़ रुपये की लागत से 17 हजार खेल किटें वितरित की जाएंगी, एक नया खेल पोर्टल शुरू किया जाएगा और 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 के तहत गांवों में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, जिनमें बाड़, गेट, जॉगिंग ट्रैक, खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोर और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर मोड़कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। युवाओं की फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में 1000 स्थानों पर 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जिम बनाए जाएंगे। इन जिमों में वेट लिफ्टिंग सेट, डंबल, केटलबेल, रैक और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार खिलाड़ियों को 17 हजार खेल किट भी देगी, जिनमें वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट से संबंधित सामान शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक गांवों में 5600 खेल किट वितरित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरकार एक आधुनिक खेल पोर्टल शुरू कर रही है, जहां खिलाड़ी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ग्रेडेशन, डीबीटी, ग्राउंड बुकिंग, ई-सर्टिफिकेट, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 हजार युवाओं के लिए प्रदेश के 9 जंगल क्षेत्रों में ट्रैकिंग और एडवेंचर कैंप लगाए जाएंगे। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 42-ए में 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा, जिसमें हॉस्टल, ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और सेमिनार रूम की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल बजट को 2023-24 में 350 करोड़ से बढ़ाकर 2024-25 में 1000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी टर्फ बदली जा रही हैं, जबकि मोहाली के सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर मौजूद है। इसके तहत 92 कर्मचारियों का चयन किया गया है, जो खिलाड़ियों की चोटों के इलाज और प्रदर्शन सुधार में मदद करेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार का हर कदम युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में है।

छुट्टियों के ऐलान के साथ पंजाब सरकार का कड़ा आदेश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

अमृतसर  पंजाब सरकार द्वारा घोषित की गई सर्दियों की 24 दिसम्बर से 1 जनवरी तक छुट्टियों में छात्रों और अध्यापकों को स्कूल बुलाने वाले स्कूलों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी सैकेंडरी राजेश शर्मा द्वारा सरकारी आदेशों को जमीनी स्तर तक पालना करवाने के लिए विशेष चैकिंग टीम का गठन किया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि लिखित शिकायत प्राप्त होने पर, तथ्यों के आधार पर संबंधित स्कूल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।जिला शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 24 दिसम्बर से 1 जनवरी तक सर्दियों की छुट्टियां की गई है। सरकार के ये आदेश सरकारी, निजी और एडिड स्कूलों पर लागू होते हैं। आज सरकार द्वारा घोषित अवकाश का पहला दिन था, लेकिन रणजीत एवेन्यू स्थित एक स्कूल द्वारा स्कूल लगाया गया, जिसमें छात्र और अध्यापक उपस्थित थे। विभाग के संज्ञान में आने पर उक्त स्कूल को छुट्टियों के दौरान बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बच्चों और अध्यापको के स्वास्थ्य और जान-माल की सुरक्षा के लिए सर्दियों के दौरान छुट्टियों की घोषणा की है। यदि उक्त समय के दौरान किसी छात्र या अध्यापक को कोई नुकसान पहुंचता है तो संबंधित स्कूल का प्रमुख इसके लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होगा। सरकारी आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा उप अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो जिले भर में स्कूलों को खोलने के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर लगातार तत्काल कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित स्कूल के खिलाफ शिकायत सही पाई जाती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और संबंधित स्कूल की एफिलेशन रद्द करने के लिए विभाग को पत्र लिखा जाएगा।