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धान खरीद का आगाज, पंजाब में 1887 मंडियां तैयार; किसानों के लिए 5 लाख बारदाना उपलब्ध

अमृतसर पंजाब में धान की सरकारी खरीद आज से शुरू होगी। खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही कई मंडियों में फसल की आवक शुरू हो गई है। इस बार फसल समय से पहले तैयार होने के कारण किसान धान लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। सरकार ने खरीद के लिए जरूरी इंतजाम पूरे करने का दावा किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। राज्य को अक्तूबर की खरीद के लिए 42,786.68 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) मिल चुकी है। इससे किसानों को भुगतान में सुविधा होगी। 180 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य इस सीजन में केंद्र के लिए 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2461 रुपये और सामान्य धान का एमएसपी 2441 रुपये प्रति क्विंटल है। ये दरें खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने तय की हैं। 1887 मंडियां अधिसूचित धान खरीद के लिए प्रदेश में 1887 मंडियां अधिसूचित की गई हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्र भी सक्रिय किए जा सकते हैं। मंडियों में पैकिंग के लिए करीब पांच लाख बारदाना उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों को पेयजल, चिकित्सा, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरे राज्यों से धान पंजाब की मंडियों में न पहुंचे, इसके लिए भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। खरीद व्यवस्था में पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप, पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और एफसीआई समेत सरकारी एजेंसियां शामिल होंगी। भंडारण और उठान की चुनौती खरीद सीजन के साथ भंडारण और उठान की चुनौती भी सामने है। राज्य में करीब 275-280 लाख टन पुराना खाद्यान्न गोदामों, राइस मिलों और मंडी परिसरों में मौजूद होने की रिपोर्ट है, जबकि उपलब्ध भंडारण क्षमता करीब 180 लाख टन बताई गई है। नई फसल के लिए जगह बनाने के लिए सरकार ने मिलिंग व्यवस्था में भी राहत दी है। सितंबर में कस्टम मिलिंग नीति में बदलाव कर उन राइस मिलों को नई फसल का धान लेने की अनुमति दी गई, जिन्होंने पिछली फसल का कम से कम 90 प्रतिशत चावल सरकारी एजेंसियों को दे दिया है। अमृतसर : सफाई और सुविधाओं पर जोर भगतांवाला दाना मंडी में किसानों और मजदूरों को सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। उपायुक्त ने पेयजल, बिजली, शौचालय और सफाई की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। बारिश की स्थिति में धान को सुरक्षित रखने और आढ़ती एसोसिएशन के साथ समन्वय कर जल्द उठान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। लुधियाना : 109 मंडियां तैयार लुधियाना में धान खरीद के लिए 109 मंडियां तैयार की गई हैं। इस सीजन में करीब 17.25 लाख टन धान की आवक का अनुमान है। एडीसी शिखा भगत ने अधिकारियों के साथ बैठक कर खरीद व्यवस्था की समीक्षा की और किसानों को मंडियों में किसी तरह की परेशानी नहीं आने देने के निर्देश दिए।

पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजा वड़िंग का इस्तीफा; नए अध्यक्ष की रेस में सिंगला

लुधियाना पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने राजा वड़िंग को फोन किया। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की।. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने राजा वड़िंग से कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनानी है, तो उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना होगा। इसके बाद वड़िंग इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए। पार्टी जल्द ही पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला को नया प्रधान घोषित कर सकती है। हालांकि, प्रधान पद की दौड़ में सिंगला के अलावा परगट सिंह, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान विजयइंदर सिंगला को दिल्ली बुलाकर उनके साथ बैठक कर चुका है। उन्हें 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी का पूरा प्लान भी समझाया गया है। दो अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन नए प्रधान के नाम का ऐलान हो सकता है। इसी प्लान के तहत सचिन पायलट ने यूथ और पार्टी प्रधानों को दिल्ली बुलाया था। उन्होंने साफ कहा था कि गुटबाजी में शामिल पाए जाने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वड़िंग से इस्तीफा लेने का फैसला किया गया, ताकि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान पार्टी में दोबारा गुटबाजी न बढ़े। वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी गुट राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अब नाराजगी दूर हो चुकी है, सब मिलकर काम करेंगे। किसे कब, कहां पर नियुक्त करना है, हाईकमान तय करेगा। पंजाब लिए क्या सचिन पायलट का प्लान….     सेंट्रल पावर सिस्टम: पंजाब कांग्रेस में अब तक नेता दो प्रमुख धड़ों चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच बंटे हुए थे। पायलट ने सबसे पहले इस भ्रम को दूर किया कि पंजाब में फैसला लेने का अधिकार किसी गुट के पास है। उन्होंने राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और यूथ विंग के प्रभारियों को साफ संदेश दिया कि पंजाब कांग्रेस की पूरी पावर और निर्णय क्षमता अब सीधे केंद्रीय प्रभारी यानी सचिन पायलट के पास है।     चन्नी-वड़िंग से पावर छीनकर सीधे कार्यकर्ताओं से जुड़ाव: पायलट ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चन्नी या वड़िंग को रिपोर्ट करने के बजाय सीधे उनके संपर्क में रहने का निर्देश दिया। इसके नतीजे तुरंत दिखने लगे; पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपने आकाओं के चक्कर काटने छोड़कर सीधे पायलट की कोर टीम और दिल्ली दरबार में अपनी रिपोर्टिंग शुरू कर दी है। इससे स्थानीय क्षत्रपों का एकाधिकार और दबाव बनाने की राजनीति पूरी तरह धराशायी हो गई।     ‘सिफारिश कल्चर’ खत्म और 'मेरिट बेस्ड' टिकट: गुटबाजी का सबसे बड़ा कारण चुनाव के समय अपने चहेतों को टिकट दिलाना होता था। सचिन पायलट ने चन्नी और वड़िंग दोनों गुटों से जुड़े नेताओं को कड़ा संदेश दिया कि आने वाले चुनावों में किसी भी बड़े नेता की 'सिफारिश' पर टिकट नहीं बांटी जाएगी। टिकट आवंटन का एकमात्र पैमाना 'मेरिट', सर्वे रिपोर्ट और धरातल पर नेता की छवि होगी। इस घोषणा ने गुटबाजी के सरगनाओं के पर काट दिए हैं।     प्रधान और यूथ नेताओं को दिल्ली तलब: संगठनात्मक रीस्ट्रक्चरिंग के तहत सचिन पायलट ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के नेताओं, जिला प्रधानों और यूथ कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों को दिल्ली तलब किया। बंद कमरे में हुई बैठकों में पायलट ने पंजाब के हालात पर सख्त रुख अपनाया और साफ कर दिया कि संगठन में अनुशासनहीनता और गुटबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।     वड़िंग को अध्यक्ष पद से हटाने का बेस बनाया: सचिन पायलट का मानना है कि किसी भी एक गुट का व्यक्ति यदि संगठन के शीर्ष पद पर रहेगा, तो दूसरा धड़ा हमेशा खुद को उपेक्षित महसूस करेगा। यही कारण है कि राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाकर एक निष्पक्ष, सर्वस्वीकार्य और नए चेहरे को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपने का खाका तैयार कर लिया गया है। इस संबंध में पायलट ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है।

रावी नदी के बदलते बहाव से बॉर्डर सुरक्षा की चुनौती, पूर्व अधिकारी ने शाह को दिए 7 सुझाव

चंडीगढ़  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से शुरू की गई प्रहार (पीआरएएचएएआर) राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी नीति और रणनीति को पंजाब की सीमा पर जमीनी स्तर पर लागू करने की जरूरत है। पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर रावी दरिया से लगती सीमा की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ सीमा क्षेत्र के गांवों की समस्याओं को दूर करने के लिए सात सुझाव दिए हैं। उन्होंने पत्र की प्रति पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी भेजी है। सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है, लेकिन इसका असर सीमा के अंतिम छोर तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने अपने सुझावों को प्रहार के सात स्तंभों से जोड़ते हुए पंजाब की सीमा की मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर उपाय करने की बात कही है। सिद्धू पंजाब में बतौर बटाला के जिला मजिस्ट्रेट, अमृतसर के उपायुक्त और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। रावी नदी के बदलते बहाव से सुरक्षा चुनौती सिद्धू ने रावी दरिया के नदी क्षेत्र को विशेष चुनौती बताते हुए कहा कि नदी लगभग हर मानसून में अपना रास्ता बदलती है। ऐसे में नदी के बीच बाड़ लगाना संभव नहीं है। उन्होंने ब्रह्मपुत्र में इस्तेमाल हो रहे व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन सिस्टम को रवि और सतलुज के नदी वाले हिस्सों तक विस्तार देने का सुझाव दिया। उनके अनुसार बाढ़ से निपटने के लिए बाड़ की डिजाइन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पंजाब के सिंचाई विभाग को मिलकर तैयार करनी चाहिए। वर्ष 2025 की बाढ़ में गुरदासपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में सीमा चौकियों और बाड़ को नुकसान पहुंचने का भी उन्होंने उल्लेख किया। ड्रोन से नशे की तस्करी पर तकनीकी निगरानी सिद्धू ने सीमा पर ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए कई स्तर वाली काउंटर-ड्रोन व्यवस्था बनाने की मांग की है। ड्रोन से बरामद सामान के आंकड़ों के आधार पर एआई की मदद से संभावित ड्रॉप जोन की पहचान करने और जिला पुलिस व प्रशासन से मिलने वाली सूचनाओं को राष्ट्रीय खुफिया सूचना तंत्र से जोड़ने का सुझाव दिया है। उन्होंने सीमा जिलों में नशे और आतंकवाद से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतें और नजदीक फोरेंसिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने की बात कही। साथ ही नशामुक्ति, पुनर्वास और सीमा क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार को भी राष्ट्रीय नशा विरोधी अभियान में पर्याप्त महत्व देने का सुझाव दिया। मकौड़ा पत्तन पर स्थायी पुल की मांग सीमा क्षेत्र के गांवों की समस्याओं को उठाते हुए सिद्धू ने गुरदासपुर के मकौड़ा पत्तन पर स्थायी पुल बनाने की मांग की है। फिलहाल रवि पार बसे गांवों के लोग मौसमी पोंटून पुल पर निर्भर हैं। उन्होंने बाड़ के पार खेती करने वाले किसानों के लिए उचित गेट टाइमिंग और मुआवजे की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। सीमा ब्लाकों में शिक्षकों, डाक्टरों और राजस्व कर्मचारियों के लिए कठिन क्षेत्र प्रोत्साहन तथा सीमा गांवों से अधिक संख्या में बॉर्डर विंग होम गार्ड भर्ती करने की भी मांग की गई है। उन्होंने उपायुक्त और एसडीएम स्तर के अधिकारियों को भी प्रहार रणनीति का प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। सिद्धू ने कहा कि हर गिराए गए ड्रोन का पूरा दस्तावेज तैयार किया जाना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के पक्ष में इसका इस्तेमाल हो सके। उन्होंने करतारपुर गलियारे को मानवीय संपर्क का माध्यम बनाए रखने की बात भी कही।

राजा वड़िंग की जगह नया प्रदेश अध्यक्ष? पायलट की रिपोर्ट पर कांग्रेस हाईकमान लेगा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में अगले 48 घंटे के बीच बड़ा बदलाव हो सकता है। इसको लेकर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से लेकर पंजाब तक हलचल तेज है। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक पंजाब में पार्टी प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद ये बदलाव होगा।  कांग्रेस के भीतरी सोर्सेज के मुताबिक यह बदलाव पार्टी प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग को लेकर हो सकता है लेकिन अभी तक इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। पायलट ने हाल ही में यूथ कांग्रेस और जिला प्रधानों से दिल्ली में मीटिंग कर इसका फीडबैक लिया था। पायलट ने राहुल-खरगे को सौंपी फीडबैक रिपोर्ट पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर संगठन को लेकर हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पंजाब कांग्रेस को लेकर अहम बैठक हुई. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है।  संगठन के भीतर चल रही खेमेबाजी और नेताओं के बीच मतभेद को लेकर फीडबैक दिया गया है. रिपोर्ट में प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली का भी जिक्र है. सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट की रिपोर्ट में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर भी फीडबैक दिया गया है. रिपोर्ट में संगठन के कामकाज, नेताओं के बीच समन्वय और प्रदेश नेतृत्व को लेकर सामने आई बातों का उल्लेख किया गया है।  चन्नी खेमे की शिकायतों को भी रिपोर्ट में जगह सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चरणजीत सिंह चन्नी खेमे की ओर से उठाई गई शिकायतों और आपत्तियों का भी जिक्र किया गया है. चन्नी खेमे की ओर से प्रदेश संगठन और नेतृत्व को लेकर जो बातें हाईकमान के सामने रखी गई थीं, उन्हें भी पायलट के फीडबैक में शामिल किए जाने की जानकारी है. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग खेमों के बीच मतभेद की स्थिति रही है. हाल में सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक ही मंच पर नजर आए थे।  रिपोर्ट के बाद अब हाईकमान के फैसले पर नजर सूत्रों के मुताबिक, पायलट की रिपोर्ट में पंजाब कांग्रेस की जमीनी स्थिति से लेकर संगठन के अंदरूनी समीकरणों तक का फीडबैक शामिल है. अब निगाह इस बात पर है कि पायलट की रिपोर्ट और राहुल गांधी-खरगे के साथ हुई चर्चा के बाद पंजाब कांग्रेस के संगठन को लेकर हाईकमान क्या कदम उठाता है।  PM मोदी का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू, सुधारों पर होगा मंथन पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व के लिए संगठन के भीतर समन्वय और सामूहिक नेतृत्व अहम मुद्दा बना हुआ है. पायलट पहले ही कह चुके हैं कि कांग्रेस पंजाब चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी और राहुल गांधी चुनाव अभियान का चेहरा होंगे।   

नशामुक्त पंजाब का टारगेट 2029, जालंधर रैली में अमित शाह का बड़ा ऐलान

जालंधर  पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी नशे के खिलाफ यात्राएं निकाल रही है। 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने के बाद नशा विरोधी यात्राओं का समापन आज जालंधर में एक रैली में हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस रैली में बतौर मुख्य वक्ता भाग लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जनता को सबंधोति करते हुए कहा कि पंजाब देश में दो चीजों के लिए बहुत अच्छे से जाना जाता है। देश में जब भी खाने पाने की जरूरत पड़ती थी तो पंजाब का किसान गोदामों को भर देता था। देश में जब की सुरक्षा की जरूर पड़ती थी मेरे पंजाब का जवान मां भारती के लिए अपना बलिदान देने के लिए तैयार रहता था। पंजाबियों के बलिदान से न हमें केवल आजादी मिली, आजादी के बाद भारत की सीमाओं की रक्षा के लिए कोई एक सूबे अगर सबसे ज्यादा बलिदान दिया है तो वो मेरे पंजाब ने दिया है। आज नशा मुक्त पंजाब बनाने का समय क्यों आया। चिट्टे के खत्म करने की डेडलाइन बताई आप पार्टी की सरकार ने चिट्टे के व्यापार को खुलेआम चलने दिया। मैं आज पंजाब की जनता को कहना आया हूं, पंजाब के चुनाव में कई मुद्दे हैं। मगर आने वाला चुनाव बीजेपी केवल और केवल नशा मुक्त पंजाब के मुद्दे पर लड़ने वाली है। मैं पंजाब की माताओं और युवाओं को वादा करके जाता हूं, भाजपा को समर्थन करो 31 दिसंबर 2029 से पहले हम पंजाब को चिट्टे से मुक्त कर देंगे। मुझे मालूम है केजरीवाल एंड कंपनी मेरे पीछे क्या कहने वाली है। मैं पंजाब की जनता को बताना चाहता हूं हमने जो कहा है वो करके दिखाया है। शाह बोले- हमने जो कहा है वो करके दिखाया 13 दिन में चार हजार किमी, 117 विधानसभा घूमकर यह यात्रा पहुंची है। मैं कहता हूं कि 31 दिसंबर 2029 को नशामुक्त कर देंगे तो केजरीवाल एंड कंपनी क्या कहेगी। हमने जो कहा है, वह करके दिखाया। कश्मीर को आतंकवाद मुक्त करने का काम मोदी सरकार ने किया। देश में नक्सलवाद को खत्म किया। नॉर्थ ईस्ट के आतंकवाद को खत्म करने का काम मोदी जी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार ने किया। मैं फिर माताओं-बहनों को बता रहा हूं कि 31 दिसंबर 2029 के बाद बच्चों को चिट्टा देने वाला कोई नहीं बचेगा। बीजेपी ही ऐसी पार्टी है, जो पंजाब को नशामुक्त कर सकती है। माताओं से किया वादा, तस्करों को चुन-चुनकर डालेंगे जेल रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, "मैं पंजाब की माताओं को यह विश्वास दिलाने आया हूँ कि 31 दिसंबर 2029 के बाद आपके बच्चों को चिट्टा उपलब्ध कराने वाला कोई नहीं बचेगा।" उन्होंने चेतावनी दी कि नशा बेचने वाले तस्करों को चुन-चुनकर जेलों की सलाखों के पीछे डाला जाएगा। शाह ने कहा कि जो पंजाब कभी पूरे देश के लिए गेहूं और धान उगाता था, आज उस उपजाऊ धरती पर नशा बो दिया गया है। उन्होंने बताया कि वे उन पीड़ित परिवारों से भी मिलकर आए हैं जिन्होंने नशे के कारण अपने जवान बच्चों को खोया है। पंजाब की बदहाल अर्थव्यवस्था और घोटालों पर घेरा राज्य की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आज पंजाब की आर्थिक व्यवस्था बेहद बदहाल स्थिति में है। उन्होंने मोगा विज्ञापन घोटाला, बरनाला भूमि घोटाला और पंजीरी घोटाले जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में हर महीने उगाही हो रही है और केवल विज्ञापनों पर सालाना 785 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि 25 लाख नौकरियां देने और 26 फसलों पर एमएसपी देने के उनके वादों का क्या हुआ? रैली से पहले मिली थी बम से उड़ाने की धमकी गृह मंत्री के इस दौरे और रैली से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों में उस समय हड़कंप मच गया जब एक स्कूल (कैंब्रिज स्कूल) को ई-मेल भेजकर यह धमकी दी गई कि रैली के स्टेज के नीचे आईईडी (IED) बम रखा गया है। इस ई-मेल में शहर के अन्य स्कूलों, श्री देवी तालाब मंदिर और बसों को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए मंदिर में माथा टेकने और नशामुक्त पंजाब यात्रा के समापन के बाद सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम के बीच इस कार्यक्रम को संपन्न कराया। नशे को सिर्फ बीजेपी कर सकती है खत्म अमित शाह ने कहा कि पंजाब का विकास तबतक नहीं हो सकता जबतक पंजाब का युवा नशा मुक्त नहीं हो जाता। यह नशा हमारी आने वाली पीढ़ियो को बर्बाद कर देता है। पंजाब के युवाओं को नशा न मिले ऐसे सख्त तंत्र की रचना केवल और केवल पीएम मोदी के नेृत्तव में बीजेपी ही कर सकती है कोई और नहीं। आज पंजाब की आर्थिक व्यवस्था बड़ी बदहाल है। पंजाब के अंदर भ्रष्टाचार के एक के बाद एक घपले हो रहे हैं। भगवंत मान से पूछे सवाल अमित शाह ने भगवंत मान से पूछा आपके वादों का क्या हुआ। आप 25 लाख नई नौकरियां देने वाले थे। उन वादों का क्या हुआ, कुछ नहीं हुआ। विधवा पेंशन 2500 करने वाले थे नहीं किया। खनन की आय सालाना 20 हजार करोड़ बढ़ाने वाले थे। सभी फसलों पर एमएसपी देने वाले थे। आपने तो नहीं दिया, हरियाणा में बीजेपी सरकार ने सभी फसलों पर एमएसपी दे दी। कांग्रेस पर भी बोला हमला कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि 2004-14 तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस के शासन में मात्र 26 लाख किलो नशा पकड़ा गया। बीजेपी सरकार ने नशे के खिलाफ सख्ती की, एक लाख किलो से अधिक नशा पकड़ा। बीजेपी ने एक लाख 90 हजार करोड़ रुपये का नशा पकड़ा। जालंधर वाले पूछेंगे, पंजाब में क्यों नशा नहीं रुका। आम आदमी पार्टी की सरकार हटेगी तो नशे को खत्म कर देंगे। पंजाब का युवा जब तक नशे से मुक्त नहीं होंगे, विकास भी नहीं हो सकता है। अमित शाह ने एक्स पर शेयर की थी एक पोस्ट पंजाब पहुंचने से पहले अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट सांझा की थी। उन्होंने कहा कि पंजाब ‘आप-दा’ सरकार के कुशासन के कारण नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। पंजाब … Read more

नगर निगम सेक्रेटरी पद के नियम बदले, 90% पद सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 से होंगे भरे

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने नगर निगमों में कारपोरेशन सेक्रेटरी बनने के लिए पदोन्नति के नियम बदल दिए हैं। अब इस पद के 90 प्रतिशत पद कारपोरेशन सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के कर्मचारियों में से पदोन्नति करके भरे जाएंगे। वहीं 10 प्रतिशत पद सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के कर्मचारियों को पदोन्नति देकर भरे जाएंगे। स्थानीय निकाय विभाग ने इस संबंध में 28 सितंबर को अधिसूचना जारी की है। नए नियम के अनुसार कारपोरेशन सेक्रेटरी के 90 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति पाने के लिए कर्मचारी का ग्रेजुएट होना जरूरी होगा। साथ ही उसके पास संबंधित सेवा में कम से कम चार साल का अनुभव होना चाहिए। यह ग्रेजुएशन किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से होना जरूरी है। इसी तरह 10 प्रतिशत पद सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के कर्मचारियों के लिए रखे गए हैं। इस श्रेणी में पदोन्नति के लिए भी ग्रेजुएशन और चार साल का अनुभव जरूरी होगा। यानी नगर निगमों में सेक्रेटरी के पद पर पहुंचने के लिए अब दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्त पूरी करनी होगी। 1978 के नियम में संशोधन सरकार ने यह बदलाव पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन सर्विसेज के वर्ष 1978 में बनाए गए भर्ती और सेवा नियमों में किया है। इसके लिए नियमों के अपेंडिक्स-बी में बदलाव किया गया है। सरकार का यह संशोधन सरकारी गजट में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो गया है। सुपरिंटेंडेंट सैनिटेशन के लिए भी तय पद नए नियमों से यह भी साफ हो गया है कि कारपोरेशन सेक्रेटरी के पद पर पदोन्नति के लिए कितने पद किस कैडर से भरे जाएंगे। कुल पदों में से 90 प्रतिशत का हिस्सा सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 और 10 प्रतिशत हिस्सा सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के लिए तय किया गया है। स्थानीय निकाय विभाग के सचिव घनश्याम थोरी, आईएएस की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नियमों में यह बदलाव सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद किया गया है। यह संशोधन पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 1976 के तहत सरकार को मिले अधिकारों के आधार पर किया गया है।

अमृतसर में बड़ी कार्रवाई, 5 तस्कर गिरफ्तार; 13 पिस्तौल, 22 कारतूस और 3.267 किलो हेरोइन जब्त

अमृतसर  अमृतसर जिला शहरी पुलिस ने नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े तीन नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 पिस्तौल, 3.267 किलो हेरोइन और 22 कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई में शामिल थे। पुलिस कमिश्नर हरमन बीर सिंह गिल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान तीन अलग-अलग नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को पकड़ा गया।  आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में थाना डी-डिवीजन और थाना छेहरटा में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।   पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने में शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों को हथियार और हेरोइन कहां से मिलती थी। पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही पुलिस अमृतसर के थाना डी-डिवीजन और थाना छेहरटा में अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच में विदेश में बैठे हैंडलरों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाले जा रहे कमिश्नरेट पुलिस का लक्ष्य नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। पंजाब पुलिस ने नशा तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने तथा पंजाब को सुरक्षित और नशामुक्त राज्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। जांच के दौरान पता चला है कि पूरा नेटवर्क विदेश में बैठे आतंकियों की ओर से चलाया जा रहा है। पकड़े गए आरोपी पाकिस्तान की आईएसआई सहित अमेरिका और यूरोप के अन्य देशों में बैठे आतंकियों के संपर्क में थे। त्यौहारों का सीजन शुरू होने के कारण आतंकियों की ओर से लगातार हथियार और नशे की सप्लाई चैन बढ़ाई जा रही है ताकि किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सके। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और सप्लाई चेन के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।    

जालंधर में अमित शाह की आज बड़ी रैली, 28 एकड़ में तैयार पंडाल; 4 यात्राओं का होगा समापन

 जालंधर  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, बुधवार, 30 सितंबर को पंजाब के जालंधर पहुंचेंगे। यहां परागपुर के पास NH-44 के किनारे भाजपा की ओर से नशा विरोधी महारैली आयोजित की जा रही है। आयोजन के लिए करीब 63 एकड़ जमीन तैयार की गई है। इसमें अकेले 28 एकड़ में विशाल पंडाल बनाया गया है। रैली का स्थल पहले 40 एकड़ में तय किया गया था। बाद में इसे 50 एकड़ तक बढ़ाया गया और लोगों के आने का अनुमान बढ़ने के बाद क्षेत्रफल करीब 63 एकड़ किया गया। ताजा रिपोर्टों में भी आयोजन स्थल को 60 से 65 एकड़ के बीच बताया गया है। भाजपा की ओर से पंजाब में निकाली जा रही चार नशा मुक्ति यात्राओं का समापन भी इसी रैली में होगा। ये यात्राएं प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर करीब चार हजार किलोमीटर की दूरी तय कर जालंधर पहुंच रही हैं। बुधवार को चारों यात्राओं के कार्यकर्ता रैली स्थल पर जुटेंगे। दो साल में नशामुक्त पंजाब का दावा कर चुके शाह शाह इसी साल 14 मार्च को मोगा के किली चाहलां में बदलाव रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। यह भाजपा के 2027 विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत थी। शाह ने पंजाब में भाजपा की सरकार बनने का मौका देने की अपील करते हुए दावा किया था कि दो साल के भीतर पंजाब को नशामुक्त कर देंगे और नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ देंगे। इस दौरान उन्होंने अपराध, नशे और भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा था। नशा : सियासी ही नहीं, सामाजिक मुद्दा भी पंजाब में नशा एक दशक से ज्यादा समय से बड़ा सियासी और सामाजिक मुद्दा बना हुआ है। साल 2012 के विधानसभा चुनाव से इसे प्रमुखता से उठाया जा रहा है। 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इसे अपनी सियासत का केंद्र बनाया। 2017 में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में नशा खत्म करने के लिए चार सप्ताह का वादा किया, जबकि आप ने भी ड्रग माफिया पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया था। 2022 में आप ने फिर नशे के खिलाफ अभियान चलाया था।   शाह दें सवालों का जवाब : रंधावा कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा को विफल बताते हुए कहा कि पठानकोट जैसे भाजपा के गढ़ में भी यात्रा प्रभावी भीड़ नहीं जुटा सकी। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा, गैंगस्टरवाद, ड्रोन और हथियारों से जुड़े गंभीर सुरक्षा सवालों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए। रंधावा ने कहा, सीमा पर बीएसएफ तैनात है और इसका दायरा करीब 50 किलोमीटर तक है। बीएसएफ के रहते सीमा पार से नशा कैसे पहुंच रहा है। इसके बाद पंजाब में नशा वितरित हो रहा, इसे रोकने में पंजाब पुलिस भी फेल है।  25 हजार से अधिक कुर्सियां लगीं आयोजकों के अनुसार रैली के लिए बनाए गए विशाल पंडाल में 25 हजार से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं। पंडाल को पूरी तरह वातानुकूलित रखने की व्यवस्था की गई है। भीड़ का अनुमान एक लाख से अधिक लगाया जा रहा है, जबकि पार्टी स्तर पर इससे काफी अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। इससे पहले तैयारियों से जुड़ी रिपोर्टों में करीब दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान सामने आया था। रैली में दूर बैठे कार्यकर्ताओं को मंच साफ दिखाई दे और भाषण सुनने में परेशानी न हो, इसके लिए पंडाल के भीतर कई स्थानों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। पंडाल के बाहर भी स्क्रीन की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य यह है कि पंडाल भरने के बाद बाहर मौजूद कार्यकर्ता भी मंच की गतिविधियां और अमित शाह का संबोधन देख और सुन सकें। तीन हजार बसें पहुंचने का अनुमान रैली में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। वाहनों के लिए चार अलग-अलग पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं। पंडाल के नजदीक वीआईपी वाहनों के लिए अलग पार्किंग होगी। इसके अलावा दोआबा, माझा और मालवा से आने वाले लोगों के रूट के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में पार्किंग बनाई गई है। आयोजकों के अनुसार रैली में तीन हजार से अधिक बसों और करीब दो हजार छोटे वाहनों के पहुंचने का अनुमान है। इससे रैली स्थल के आसपास यातायात पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए पार्किंग और यातायात व्यवस्था को अलग-अलग रूट के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी रैली के कारण यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। पुलिस की ओर से विस्तृत यातायात योजना जारी की जानी है। दोपहर सवा दो बजे पहुंच सकते हैं शाह प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह दोपहर करीब 12 बजे आदमपुर हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 1:15 बजे वह श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने जाएंगे। इसके बाद दोपहर 2:15 से 2:30 बजे के बीच परागपुर स्थित रैली स्थल पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का कार्यक्रम है। भाजपा की चारों नशा मुक्ति यात्राएं मंगलवार शाम करीब छह बजे रैली स्थल पर पहुंचेंगी। वहां प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के वरिष्ठ नेता यात्राओं का स्वागत करेंगे। चारों यात्राएं 18 सितंबर से अलग-अलग मार्गों से शुरू हुई थीं और प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करने के बाद जालंधर पहुंच रही हैं। नशे के मुद्दे पर केंद्रित है आयोजन भाजपा ने इन यात्राओं और जालंधर की रैली को नशे के खिलाफ अपने अभियान से जोड़ा है। पार्टी के अनुसार यात्राओं का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना है। रैली में अमित शाह के संबोधन के साथ अभियान का समापन होगा। आयोजन को लेकर भाजपा की ओर से प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी की गई है। रैली स्थल पर तैयारियों के बढ़ते दायरे से साफ है कि आयोजकों ने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को ध्यान में रखकर व्यवस्था की है। अब सभी की नजर बुधवार को होने वाली महारैली पर है, जहां चारों यात्राओं के समापन के साथ अमित शाह कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। जानें अमित शाह की नशा मुक्ति महारैली का शेड्यूल     कार्यक्रम का … Read more

जालंधर में धमकी भरा ईमेल, स्कूल-मंदिर उड़ाने की धमकी; अमित शाह की रैली से पहले हड़कंप

जालंधर जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले कई स्कूलों को एक धमकी भरा ईमेल भेजे जाने का मामला सामने आया है। ईमेल में रैली स्थल, बसों और श्री देवी तालाब मंदिर समेत अलग-अलग स्थानों पर आईईडी/बम धमाके करने जैसी धमकियां दी गई हैं। वहीं अमृतसर के स्कूलों को भी उड़ाने की धमकी आई है। संदेश में बच्चों को स्कूल भेजने और रैली में जाने को लेकर भी चेतावनी दी गई है। ई-मेल में लिखा है कि रैली के स्टेज के नीचे आईईडी रखा है। स्कूल-मंदिर और कोर्ट को उड़ा देंगे। 100 बसों में से 2-3 बसों में बम फिट किए हैं। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। ईमेल बुधवार तड़के 7:50 पर आया, जिसकी सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही है।  ईमेल में अलगाववादी और हिंसक भाषा के साथ कई संगठनों व व्यक्तियों के नाम भी लिखे गए हैं। ई-मेल कैंब्रिज इनोवेटिव और सीटी स्कूल को आए हैं जिसमें खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा (परमार कनाडा) ग्रुप के नाम हैं। हालांकि, ईमेल में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।  अमित शाह की रैली के मद्देनजर सुरक्षा अलर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जालंधर रैली के मद्देनजर पुलिस पहले से ही सुरक्षा को लेकर अलर्ट है। दोआबा की 23 विधानसभा सीटों को साधने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जालंधर-लुधियाना हाईवे से सटे परागपुर में रैली को संबोधित करेंगे। इसी रैली में भाजपा की ओर से निकाली गई नशामुक्त पंजाब की 4 यात्राओं का समापन होगा। नशा मुक्त यात्रा का जालंधर में होगा समापन गृह मंत्री के दौरे से पहले पंजाब बीजेपी की तरफ से निकाली जा रही नशा मुक्त पंजाब यात्रा का जालंधर में स्वागत के साथ समापन होगा। पंजाब में बीजेपी की नशा मुक्त पंजाब यात्रा की शुरुआत पठानकोट जिले के माधोपुर से 18 सितंबर 2026 को हुई थी। यात्रा ने लगभग 4000 किलोमीटर का सफर तय किया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस यात्रा ने लगभग 4000 किलोमीटर का सफर तय किया और राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया। दूसरी तरफ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लोगों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध संदेश या अफवाह को आगे शेयर न करें और केवल पुलिस/प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। अमित शाह की जालंधर में नशा-मुक्त पंजाब यात्रा के समापन कार्यक्रम के तहत रैली प्रस्तावित है और उनके श्री देवी तालाब मंदिर जाने की भी सूचना है। स्टेज और धार्मिक स्थल पर हमले की चेतावनी ईमेल भेजने वाले ने खौफनाक दावा करते हुए कहा है कि जहां गृहमंत्री का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होना है, वहां स्टेज पर बम लगा दिए गए हैं। इसके साथ ही शहर के प्रसिद्ध और पवित्र देवी तालाब मंदिर परिसर को भी अत्याधुनिक डिवाइस या आईफोन की मदद से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस तरह की गंभीर चेतावनी मिलने के बाद से धार्मिक स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह धमकी भरा मेल कैंब्रिज गर्ल्स स्कूल (अर्बन एस्टेट), कैंब्रिज इनोवेटिव स्कूल और एमजीएम स्कूल समेत कई अन्य शैक्षणिक संस्थानों को प्राप्त हुआ है। मेल में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि इस आयोजन के दौरान किसी भी बच्चे को न भेजा जाए। दौरे से ठीक पहले आए इस तरह के धमकी भरे संदेश को पुलिस और जांच एजेंसियां बेहद गंभीरता से ले रही हैं। साइबर टीम को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है ताकि ईमेल के आईपी एड्रेस और इसे भेजने वाले की पहचान की जा सके। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल और मंदिर परिसर में बम निरोधक दस्तों की मदद से सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।    

₹656 करोड़ के गबन की जांच तेज, चंडीगढ़ में ED के 14 ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. ईडी चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर तलाशी की। यह जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आदि के 645 करोड़ सार्वजनिक फंड के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है। जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी। तलाशी मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल सहित ज्वेलरी फर्मों पर हुई। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर लेयर्ड की गई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई। सीबीआई ने पहले ही छह हरियाणा कैडर आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने पहले 4 गिरफ्तार किए, 211 करोड़ की संपत्ति अटैच/जब्त की और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की। नई तलाशियों से और सबूत मिले। जांच जारी है।