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मनीष तिवारी की कांग्रेस नेतृत्व पर नाराजगी, कहा- पंजाब पर चर्चा से रखा गया दूर

अमृतसर  पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच नेतृत्व परिवर्तन को लेकर दिल्ली में बैठकों का दौर खत्म हो गया है। कांग्रेस हाईकमान अब किसी भी समय नेतृत्व परिवर्तन पर अपना फैसला सुना सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं।  वहीं मनीष तिवारी ने बयान जारी करते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस में परिवर्तन के लिए हाईकमान ने पंजाब के 60-70 नेताओं को दिल्ली बुलाकर उनकी राय ली है जबकि मुझे नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा है कि वो भी पंजाब की राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय हैं और सांसद हैं। मनीष तिवारी ने तो यहां तक कह दिया कि पंजाब में इस समय नेतृत्व परिवर्तन का सही वक्त नहीं है। उनका कहना है कि किसी भी प्रधान को रिजल्ट देने के लिए कम से कम 24 महीने का वक्त चाहिए जबकि पंजाब में चुनाव के लिए सिर्फ छह से सात महीने का वक्त बचा है। दिल्ली में पंजाब के 60-70 नेताओं से ली फीडबैक पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन पर नेताओं व कार्यकर्ताओं की फीडबैक लेने के लिए हाईकमान ने तीन ऑब्जर्वर नियुक्त किए थे जिन्होंने दिल्ली में पंजाब के पंजाब के 60 से 70 सीनियर नेताओं से बैठक की और पूरे मामले का फीड बैक लिया। कमेटी में शामिल अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव ने पंजाब के नेताओं से मिली फीडबैक की रिपोर्ट तैयार करके पार्टी हाईकमान को सौंप दी है। उधर, राहुल गांधी व सोनियां गांधी ने भी प्रधान पद के पांच प्रमुख दोवेदारों के साथ वन टू वन मीटिंग की। बताया जा रहा है कि आज हाईकमान पंजाब नेतृत्व पर अहम फैसला ले सकता है। राहुल गांधी व सोनिया गांधी ने की दावेदारों से वन-टू-वन मीटिंग पंजाब कांग्रेस में प्रधान पद के पांच प्रमुख दावेदारों में वर्तमान प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम चल रहा है। इनसे ही राहुल गांधी ने वन टू वन मीटिंग की है। पार्टी में कोई मदभेद नहीं, हाईकमान जो कहेगा सबको मंजूर राहुल गांधी ने इन पांचों नेताओं से अलग-अलग बात की। राहुल गांधी से बैठक के बाद प्रताप सिंह बाजवा और राजा वड़िंग ने मीडिया से कहा कि “पार्टी में कोई मतभेद नहीं है, और राहुल गांधी जो भी फैसला लेंगे, हम उसका पालन करेंगे।” उन्होंने कहा कि सभी ने स्पष्ट कर दिया है कि हाईकमान जो भी फैसला लेगा उसे सभी मानेंगे ओर पंजाब में सरकार बनाने के लिए काम करेंगे। सुखजिंदर सिंह रंधावा को प्रधान बनाने का फेक लेटर हुआ वायरल पूर्व डिप्टी सीएम एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी प्रधान पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। दो दिन पहले सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब प्रधान बनाने का एक फर्जी लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। लेटर सोशल मीडिया पर आते ही सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उसे फेक बताकर पुलिस को शिकायत दे दी थी। कांग्रेस में चल रहा है जट्‌ट V/S दलित पंजाब कांग्रेस में जट्‌ट V/S दलित की लड़ाई चल रही है। यह लड़ाई कई बार खुलकर सामने आ चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी फोरम पर यह मामला उठाया और कहा था कि पंजाब में पार्टी के सभी प्रमुख पदों पर जट्‌ट सिख नेता बैठे हैं जबकि दलितों काे दरकिनार किया गया है। चन्नी का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें दिल्ली तलब किया गया था। निकाय चुनाव में हार से राजा वड़िंग पर उठाए थे सवाल तरनतारन उपचुनाव में बूटा सिंह पर दिए गए बयान के बाद से राजा वडिंग की खिलाफत पार्टी के अंदर खुलकर सामने आ गई थी। तब से ही पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की बात उठाने लगी। जिला परिषद व निकाय चुनाव में हार के बाद से राजा वडिंग के नेतृत्व पर सवाल खड़े होने लगे। चरणजीत सिंह चन्नी व अन्य नेताओं ने तो पार्टी हाईकमान के सामने खुलकर कह दिया था कि जो अपने हलके के काउंसिलों को नहीं जिता सकते वो पंजाब क्या जिताएंगे? उसके बाद से लगातार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर दिल्ली में मंथन चल रहा है।

लेट हो रहा मानसून, लेकिन बारिश बनी राहत! पंजाब में पारा लुढ़का, अगले चार दिन यलो अलर्ट

अमृतसर  पंजाब में भले ही मानसून आने में देरी हो रही है, लेकिन कईं जगहों पर हुई हल्की बारिश से भीषण गरमी से कुछ राहत मिली है। सोमवार को पंजाब के तापमान में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब पारा सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है। सबसे अधिक 38.6 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।  मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत पंजाब में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने मंगलवार व बुधवार के लिए पंजाब के 14 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।  इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। इसके बाद 25 जून से पश्चिमी विक्षोभ मजबूत होगा और दो दिन पंजाब के सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश पड़ेगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 1.5 डिग्री की कमी दर्ज की गई। यह सामान्य. से 1.7 डिग्री नीचे हो गया है। सबसे कम 23.2 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। जून के आखिरी हफ्ते में दस्तक दे सकता है मानसून  मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक मानसून पूर्वी भारत में तेजी से आगे बढ़ चुका है और अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। अगर स्थितियां अनुकूल बनी रहीं और इसी तरह से मानसून आगे बढ़ता रहा, तो जून के आखिरी हफ्ते में 29 या फिर 30 जून को यह पंजाब में प्रवेश कर सकता है। डायरेक्टर ने कहा कि पंजाब में 25 जून तक होने वाली बारिश पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पड़ेगी। यह प्रि मानसून की बारिश नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब में 20 से 25 जून के बीच मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई गई थी।  अमृतसर का अधिकतम पारा 34.9 डिग्री (सामान्य से 3.2 डिग्री नीचे) लुधियाना का 34.2 डिग्री, पटियाला का 36.3 डिग्री, पठानकोट का 36.6 डिग्री, फाजिल्का का 36.0 डिग्री, होशियारपुर का 34.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 31.8 डिग्री और रूपनगर का 36.8 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.0 डिग्री, लुधियाना का 23.8 डिग्री, पटियाला का 26.7 डिग्री, बठिंडा का 25.5 डिग्री, फाजिल्का का 25.8 डिग्री, होशियारपुर का 24.7 डिग्री और रूपनगर का 25.8 दर्ज किया गया।

महज 48 घंटे में खुला क्लिनिक फायरिंग केस, जालंधर पुलिस ने आरोपी को दबोचा

जालंधर. पुलिस कमिश्नरेट जालंधर ने वेरका मिल्क प्लांट के निकट स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक पर फायरिंग करने के मामले को सुलझाते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान गुरपाल सिंह निवासी अशोक विहार कालोनी, वेरका मिल्क प्लांट के निकट के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दर्ज मामले में कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर राकेश कुमार की अगुवाई में पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपित को गिरफ्तार किया। 22 को डॉ. संदीप शर्मा निवासी वीनस वैली, जालंधर के बयान पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 जून की रात उनकी पत्नी डा. विश्वजीत कौर ने सलेमपुर रोड स्थित आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक को बंद किया था। 22 जून की सुबह जब भतीजे मोहित बावा ने क्लिनिक का शटर खोला तो अंदर का शीशा टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि शीशे पर गोली लगने का निशान था और गोली आर-पार हुई प्रतीत हो रही थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने आरोपित गुरपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित से पूछताछ जारी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग के पीछे क्या कारण था और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

नौकरी के साथ कमाई के नए रास्ते! मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा रोजगार, PG-टिफिन बिजनेस भी चमका

चंडीगढ़  पंजाब में विनिर्माण क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार प्रदान कर रहा है। प्रदेश में कुल 3.05 लाख प्रतिष्ठान काम कर रहे हैं। इनमें से 1.27 लाख प्रतिष्ठानों में एक से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। लोग अब पेइंग गेस्ट और टिफिन सर्विस से भी कमाई कर रहे हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अखिल भारतीय छठे आर्थिक सर्वे में यह जानकारी सामने आई है। सर्वे के अनुसार, सभी कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों में बड़े प्रतिष्ठानों की भागीदारी अभी भी कम है। केवल 2.69 फीसदी प्रतिष्ठानों में ही 10 से अधिक कर्मी कार्यरत हैं। मंत्रालय ने संगठित और असंगठित क्षेत्र पर यह सर्वे किया है।  रिपोर्ट बताती है कि घरों से छोटी-मोटी गतिविधियों से कमाई की प्रवृत्ति बढ़ी है। प्रदेश में कुल 36.46 लाख प्रतिष्ठान काम कर रहे हैं। इनमें से 23.63 लाख प्रतिष्ठानों पर एक या उससे अधिक कर्मी लगे हुए हैं। खुदरा व्यापार और सेवा क्षेत्र   खुदरा व्यापार में इस समय 3.64 लाख इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें से 91835 इकाइयों पर एक या उससे अधिक कर्मी हैं। आवास और खाद्य सेवा गतिविधियों में कुल 56,448 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इनमें से 20,821 प्रतिष्ठानों पर एक से अधिक कर्मी काम कर रहे हैं। शहरों में अधिकतर लोग पेइंग गेस्ट चला रहे हैं। किराए पर मकान देकर और टिफिन सर्विस से भी लोग आय अर्जित कर रहे हैं। पिछले कुछ  समय से इनका चलन बढ़ा है। यह काम भी असंगठित क्षेत्र का प्रमुख हिस्सा बनता जा रहा है। पशुपालन और शिक्षा क्षेत्र प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र में 2.61 लाख प्रतिष्ठान हैं। इनमें से 49,187 प्रतिष्ठान एक या उससे अधिक कर्मियों के साथ चल रहे हैं। पिछले कुछ समय से प्रदेश में डेयरी का चलन भी बढ़ा है। काफी संख्या में किसान परिवार कृषि के साथ ही डेयरी भी चला रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कुल 44,325 संस्थान इस समय चल रहे हैं। इनमें से 36,763 प्रतिष्ठानों पर एक से अधिक कर्मी हैं। शिक्षा में बढ़ती प्रतियोगिता के कारण कोचिंग संस्थानों की संख्या पहले से बढ़ रही है। निर्माण और अन्य सेवाएं निर्माण कार्य में कुल 31,654 प्रतिष्ठान चल रहे हैं। इनमें से 8849 संस्थान अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का साधन बन रहे हैं। मछली पालन के कुल 291 प्रतिष्ठान हैं। इनमें से 74 प्रतिष्ठान एक और अधिक कर्मियों से चल रहे हैं। बिजली, गैस और एयर कंडीशनिंग की आपूर्ति में लगे प्रतिष्ठानों की कुल संख्या 1350 है। इनमें 1277 प्रतिष्ठानों पर एक से ज्यादा कर्मी काम कर रहे हैं। पानी की आपूर्ति, सीवरेज और कचरा प्रबंधन में 16,097 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इनमें से 6409 संस्थान और लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। मोटर वाहनों व मोटरसाइकिलों की मरम्मत के काम में कुल 47,167 प्रतिष्ठान हैं। इनमें से 21,146 प्रतिष्ठानों में एक या ज्यादा कर्मी काम कर रहे हैं। कला, मनोरंजन और खेल में भी कुल 10,013 संस्थान कार्यरत हैं।

जालंधर में विजय सांपला से SIT ने की पूछताछ, बहबल कलां मामला फिर सुर्खियों में

जालंधर. पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सापला बहाबल कल मामले में पंजाब सरकार की गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के सामने पेश होने के लिए गए हैं। जालंधर के पीएपी कैंपस में जांच टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। विजय सांपला ने सर्किट हाउस में अपने समर्थन के साथ इस पर चर्चा की और उसके बाद मार्च के रूप में पीएपी कैंपस के लिए निकले हैं। विजय सांपला ने कहा कि पंजाब सरकार भारतीय जनता पार्टी के पंजाब में बढ़ते कदमों को रोकने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने पंजाब के राज्यपाल को कई साल पहले ज्ञापन देकर जांच की मांग की थी। संभवत इस ज्ञापन के सिलसिले में उन्हें बुलाया गया है। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, सांपला को पूछताछ और अपना बयान दर्ज कराने के लिए जालंधर में पंजाब सशस्त्र पुलिस परिसर में पेश होने के लिए कहा गया है। नोटिस में कहा गया कि एसआईटी का मानना ​​है कि सांपला मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से वाकिफ हैं और चेतावनी दी गई है कि आदेश न मानने पर कानून के लागू प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए, सांपला ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करना चाहते हैं और उन्होंने पेश होने की तारीख का समय आगे बढ़ाने के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध किया है। आधिकारिक समन दस्तावेज पर हाथ से लिखे नोट में, सांपला ने संगठन से जुड़े पहले से तय कामों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अभी राज्य के आधिकारिक दौरे पर हैं और उनका वहां मौजूद रहना जरूरी है। सांपला ने कहा, ‘‘भले ही इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन जब अगली तारीख तय हो जाएगी, तो मैं उनके मन में मौजूद किसी भी शक को दूर करने के लिए जरूर पेश होऊंगा।’’

नदियों का रास्ता बदलने लगा अवैध खनन, अमरजीत सिंह बोले- SYL विवाद पर हो नए सिरे से अध्ययन

जालंधर  भाखड़ा बांध को लेकर फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि सरकार और प्रशासन को मानसून के मद्देनजर सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर लेनी चाहिए। भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा राज्यों से डैम का पानी लेने की अपील के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए इसे अलार्मिंग स्थिति नहीं कहा जा सकता। यह बात जागरण विमर्श में ऑनलाइन शामिल हुए पंजाब सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर अमरजीत सिंह दुलेट ने कही। अमरजीत सिंह ने कहा कि इस समय भाखड़ा बांध का जलस्तर उसकी पूर्ण क्षमता से करीब 115 फीट नीचे है। ऐसे में तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं है। बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए जरूरी हालांकि बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यह जरूरी है कि हर वर्ष मानसून शुरू होने से पहले नालों, नहरों, नदियों और तटबंधों की सफाई व मरम्मत का कार्य पूरी तरह संपन्न कर लिया जाए। जून के अंत तक संबंधित विभागों से इन कार्यों का अंतिम प्रमाणपत्र भी प्राप्त हो जाना चाहिए। डैम को अधिक खाली रखने संबंधी सवाल पर दुलेट ने कहा कि बीबीएमबी की भूमिका केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है। उसका प्रमुख दायित्व जलविद्युत उत्पादन भी है। ऐसे में डैम को जरूरत से ज्यादा खाली रखना व्यावहारिक नहीं है। यदि भविष्य में पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ का पिघलना अपेक्षा से कम हुआ तो जल संकट की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए जल प्रबंधन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। बीबीएमबी को संभावित परिस्थितियों के बारे में समय रहते राज्य सरकारों को सूचित करना चाहिए, ताकि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त तैयारियां की जा सकें। पूर्व चीफ इंजीनियर ने नदियों में बढ़ती तबाही के पीछे अवैध और अनियंत्रित खनन को भी एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही माइनिंग के कारण कई नदियों ने अपना प्राकृतिक मार्ग बदल लिया है। इससे बाढ़ के दौरान पानी नए क्षेत्रों में फैलता है और नुकसान बढ़ जाता है। साथ ही अत्यधिक खनन से तटबंध कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे उनके टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। एसवाईएल पर नए सिरे से जल उपलब्धता का आकलन हो सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद पर दुलेट ने कहा कि यह मुद्दा पिछले चार दशकों से चला आ रहा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। एसवाईएल की मूल नीति उस समय बनाई गई थी जब नदियों में पानी का प्रवाह आज की तुलना में काफी अधिक था। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और नदियों में इनफ्लो कम हुआ है। ऐसे में जल उपलब्धता का नए सिरे से वैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए। यदि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर आकलन किया जाए तो इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी और समाधान का रास्ता भी आसान हो सकता है।

BJP नेता के क्लीनिक पर देर रात हमला, पेट्रोल बम फेंककर मचाई दहशत; शहजाद भट्टी का दावा

बठिंडा. शहर के प्रसिद्ध होम्योपैथिक डॉक्टर, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन और भाजपा नेता डॉ. तरसेम गर्ग के क्लीनिक पर सोमवार देर रात पेट्रोल बम से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन परिसर में खड़ी स्कूटी समेत कुछ सामान क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के करीब दो घंटे बाद डॉ. गर्ग की पत्नी को एक धमकी भरा फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर शहजाद भट्टी बताते हुए घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। जानकारी के अनुसार, रात करीब 9.40 बजे दो अज्ञात युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेला राम रोड स्थित क्लीनिक के बाहर पहुंचे और पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। घटना के बाद मौके से एक और संदिग्ध पेट्रोल बम जैसी बोतल भी बरामद हुई है। डा. तरसेम गर्ग ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इसके बाद डीआईजी हरजीत सिंह, एसएसपी डा. ज्योति यादव, समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फोरेंसिक टीम, डाग स्क्वायड और तकनीकी टीमों को जांच में लगाया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर वारदात का वीडियो भी बना रहे थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। धमकी भरे फोन से जांच का दायरा बढ़ा डॉ. गर्ग ने बताया कि आधी रात के आसपास उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक काल आई, जिसमें काल करने वाले ने खुद को शहजाद भट्टी बताया और धमकियां दीं। साथ ही घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दे दी गई है। राजनीतिक एंगल पर भी चर्चा, पुलिस ने नहीं की पुष्टि डा. तरसेम गर्ग लंबे समय तक आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। नगर निगम चुनाव के दौरान टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी, जबकि उनकी पत्नी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस वजह से घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी एंगल की पुष्टि नहीं की है।

नदियों का रास्ता बदलने से बढ़ी चिंता, अवैध खनन के बीच SYL मुद्दा फिर गरमाया

जालंधर. भाखड़ा बांध को लेकर फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि सरकार और प्रशासन को मानसून के मद्देनजर सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर लेनी चाहिए। भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा राज्यों से डैम का पानी लेने की अपील के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए इसे अलार्मिंग स्थिति नहीं कहा जा सकता। यह बात पंजाब सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर अमरजीत सिंह दुलेट ने कही। अमरजीत सिंह ने कहा कि इस समय भाखड़ा बांध का जलस्तर उसकी पूर्ण क्षमता से करीब 115 फीट नीचे है। ऐसे में तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं है। बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए जरूरी हालांकि बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यह जरूरी है कि हर वर्ष मानसून शुरू होने से पहले नालों, नहरों, नदियों और तटबंधों की सफाई व मरम्मत का कार्य पूरी तरह संपन्न कर लिया जाए। जून के अंत तक संबंधित विभागों से इन कार्यों का अंतिम प्रमाणपत्र भी प्राप्त हो जाना चाहिए। डैम को अधिक खाली रखने संबंधी सवाल पर दुलेट ने कहा कि बीबीएमबी की भूमिका केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है। उसका प्रमुख दायित्व जलविद्युत उत्पादन भी है। ऐसे में डैम को जरूरत से ज्यादा खाली रखना व्यावहारिक नहीं है। यदि भविष्य में पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ का पिघलना अपेक्षा से कम हुआ तो जल संकट की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए जल प्रबंधन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। बीबीएमबी को संभावित परिस्थितियों के बारे में समय रहते राज्य सरकारों को सूचित करना चाहिए, ताकि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त तैयारियां की जा सकें। पूर्व चीफ इंजीनियर ने नदियों में बढ़ती तबाही के पीछे अवैध और अनियंत्रित खनन को भी एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही माइनिंग के कारण कई नदियों ने अपना प्राकृतिक मार्ग बदल लिया है। इससे बाढ़ के दौरान पानी नए क्षेत्रों में फैलता है और नुकसान बढ़ जाता है। साथ ही अत्यधिक खनन से तटबंध कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे उनके टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। एसवाईएल पर नए सिरे से जल उपलब्धता का आकलन हो सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद पर दुलेट ने कहा कि यह मुद्दा पिछले चार दशकों से चला आ रहा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। एसवाईएल की मूल नीति उस समय बनाई गई थी जब नदियों में पानी का प्रवाह आज की तुलना में काफी अधिक था। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और नदियों में इनफ्लो कम हुआ है। ऐसे में जल उपलब्धता का नए सिरे से वैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए। यदि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर आकलन किया जाए तो इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्वयं स्पष्ट हो जाएगी और समाधान का रास्ता भी आसान हो सकता है।

बेअदबी के तीन मामलों में बड़ा फैसला: पंजाब सरकार ने बदली SIT, DIG हरजीत सिंह बने प्रमुख

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने वर्ष 2015 के तीन आपस में जुड़े बेअदबी मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) का पुनर्गठन कर दिया है।सरकार ने बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह को नई एसआईटी का चेयरमैन नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि सरकार इन संवेदनशील मामलों की जांच को तेज गति से आगे बढ़ाना चाहती है। पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन द्वारा 1 जून को जारी आदेशों के अनुसार, मलैरकोटला के एसएसपी गुरमीत सिंह, अमृतसर के एडीसीपी (स्पेशल ब्रांच) हरपाल सिंह और संगरूर (ग्रामीण) के डीएसपी दलबीर सिंह को भी एसआईटी में सदस्य बनाया गया है। आदेश में टीम को जांच जल्द से जल्द पूरी करने और लंबित बिंदुओं पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब हरजीत सिंह को हाल ही में अक्टूबर 2015 के बहबल कलां पुलिस फायरिंग मामलों की जांच कर रही अलग एसआईटी में भी सदस्य नियुक्त किया गया है। इससे साफ है कि राज्य सरकार 2015 से जुड़े चर्चित मामलों की जांच में अनुभवी अधिकारियों पर भरोसा जता रही है। 10 जून को फायरिंग मामले की जांच टीम से जुड़ने के एक दिन बाद हरजीत सिंह ने पूर्व अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह का बयान दर्ज किया था। यह बयान शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा “गुनाह कबूलने” से जुड़े घटनाक्रम के संदर्भ में लिया गया। गौरतलब है कि सुखबीर सिंह बादल 2 दिसंबर 2024 को अकाल तख्त के समक्ष पेश हुए थे और पार्टी व अपनी सरकार से हुई “सभी गलतियों” के लिए बिना शर्त माफी मांगी थी। अब पुनर्गठित एसआईटी की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।

पंजाब में बीजेपी की बड़ी तैयारी, हर सीट का फीडबैक जुटाकर अमित शाह को भेजी जाएगी रिपोर्ट

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी ने मिशन फतेह पंजाब के तहत अपनी तैयारी तेज कर दी है। पंजाब में कमल कैसे खिलाना है और इसके लिए कितना प्रयास करना पड़ेगा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब प्रवास के दौरान इस पर काम शुरू कर दिया है। वे यहां कार्यकर्ताओं, नेताओं, व्यापारियों, कृषि विशेषज्ञों और आम मतदाताओं से मिलकर पंजाब के मुद्दों को न केवल समझेंगे, बल्कि चुनाव से पहले पंजाब में पार्टी की स्थिति के मद्देनजर अपनी फीडबैक रिपोर्ट भी तैयार करेंगे जिसे वे भाजपा नेता अमित शाह को सौंपेंगे।  दरअसल, पश्चिम बंगाल के बाद इस बार भाजपा का फोकस पंजाब पर है। दोनों ही बॉर्डर स्टेट हैं। भाजपा ने पंजाब में अकेले दम पर सरकार कभी नहीं बनाई। इस बार पार्टी ने सत्ता पर काबिज होने का लक्ष्य रखा है। इसी के चलते भाजपा जमीनी स्तर पर हर तरह की संभावनाओं को खंगाल रही है। नितिन नबीन का दौरा भी इसी से संबंधित है। भाजपा पंजाब में एक-एक सीट पर अपनी कमजोर और मजबूत कड़ियों पर मंथन करेगी। इसके लिए केवल चंद नेताओं से ही चर्चा नहीं की जाएगी बल्कि प्रदेश के 3500 से अधिक शक्ति केंद्र प्रमुखों से पार्टी की मौजूदा सियासी पकड़ पर प्रतिक्रिया जुटाई जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों व युवा नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करेंगे और उनसे मालवा, दोआबा व माझा में पार्टी की स्थिति जानेंगे और पंजाब उन मुद्दों व मांगों पर चर्चा करेंगे जिन्हें चुनाव में प्रमुखता से उठाया जा सके। इन नेताओं से नबीन विरोधियों की ताकत और उनकी कमजोरियों पर भी विमर्श करेंगे। हाल ही में हुए पंचायत और निकाय चुनाव की समीक्षा भी की जाएगी। उधर, पार्टी हाईकमान ने यह भी साफ कर दिया है कि मिशन पंजाब के लिए पार्टी के नए और पुराने कैडर में भी अच्छे तालमेल में रहे। पार्टी के पास जहां पहले से ही समर्पित नेताओं व कार्यकर्ताओं की फौज है। वहीं, पिछले कुछ समय से विभिन्न दलों को छोड़कर आए कई नेताओं ने भाजपा में अपना सियासी सफर शुरू किया है। उन्हें पूरा मान-सम्मान मिले, उनकी मौजूदगी का पार्टी को लाभ भी पहुंचे मगर पुराने नेताओं के साथ उनका बेहतर सामंजस्य बना रहे, इसके लिए भी राष्ट्रीय अध्यक्ष एकजुटता का पाठ पढ़ाकर जाएंगे। जोहल से समझेंगे किसानों के मुद्दे पंजाब में किसान और किसानी एक बड़ा फेक्टर रहे हैं। अपने प्रवास के दौरान नितिन नबीन पंजाब के किसानों से जुड़े मसलों को समझेंगे। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के संदर्भ में हुए आंदोलन के बाद से पंजाब का किसान भाजपा से छिटका रहा है मगर पार्टी अब किसानों का समर्थन चाहती है। पंजाब में किसान और किसानों के मुद्दे क्या हैं, इस पर वे कृषि अर्थशास्त्री सरदारा सिंह जोहल से मिलकर विमर्श करेंगे। राज्यपाल से सूबे के जानेंगे हालात पंजाब प्रवास के दौरान नबीन पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भी उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। सूबे में इस वक्त क्या वर्तमान हालात हैं, इस पर एक औपचारिक चर्चा करेंगे। वे भाजपा के सभी जिलाध्यक्षों व पदाधिकारियों से भी सियासी हालात पर बात करेंगे। पंजाब के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात पंजाब के कुछ प्रख्यात शख्सियतों से भी करवाएंगे। इस दौरान भी पंजाब में भाजपा की स्थिति पर बातचीत होगी।