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गेटमैन की कमी बनी चुनौती, सरपंच रोज संभालते हैं रेलवे फाटक और देते हैं हरी झंडी

होशियारपुर. पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव बसियाला में रेलवे फाटक पर कोई कर्मचारी नहीं है। लेकिन दिन में दो बार जब ट्रेन आती है, वहां एक शख्स मौजूद होता है- गांव का सरपंच गुरदेव सिंह। गढ़शंकर तहसील के बसियाला गांव से गुजरने वाली रेलवे लाइन से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। यह रास्ता राहों से जैजों दोआबा को जोड़ता है। इस क्रॉसिंग पर फाटक है, पर उसे चलाने वाला सिस्टम नहीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रेलवे ने पहले इस रास्ते को बंद कर दिया था। विरोध के बाद रास्ता खोल दिया गया, लेकिन रेलवे ने फाटक नहीं लगाया। तब गांव वालों ने चंदा कर फाटक लगवाया। ग्रामीणों ने रेल अधिकारियों को फाटक पर कर्मचारी तैनात करने के आवेदन दिए, नेताओं से भी मांग की। लेकिन कोई नियुक्ति नहीं हुई। इसलिए अब सरपंच गुरदेव सिंह रोज ट्रेन के समय से पहले फाटक पर पहुंचते हैं। उसे बंद करते हैं और हाथ में हरी झंडी लेकर ट्रेन को गुजरने का संकेत देते हैं। यह उनकी आधिकारिक ड्यूटी नहीं है, लेकिन वे इसे नैतिक ड्यूटी मानते हैं। कोई तैयार नहीं हुआ- सरपंच डर लगता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। मैं अपनी दुकान छोड़कर दिन में दो बार यहां आता हूं। आने से पहले फोन पर मुबारकपुर के रेलवे स्टाफ से ट्रेन के आने का पता करता हूं। हम गांव वालों ने एक व्यक्ति को 10 हजार रुपए महीने पर रखा था। वह काम छोड़ गया। उसके बाद से यह जिम्मेदारी मैंने खुद ले ली।

रिकॉर्ड गेहूं खरीद: पंजाब में 100 LMT पार, ₹21,000 करोड़ से अधिक की पेमेंट जारी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. राज्य की मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद दोनों ही 100 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) के आंकड़े को पार कर गए हैं। अब तक 1,03,49,917.17 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि 1,00,15,024.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के कुशल नेतृत्व में विभाग द्वारा राज्यभर की मंडियों में बारदाना, पीने के साफ पानी के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इसके कारण गेहूं की आवक, खरीद और लिफ्टिंग में तेजी आई है तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसान, आढ़ती और मजदूरों सहित सभी हितधारकों के हितों की रक्षा हुई है। किसानों को किए गए भुगतान के संबंध में, 48 घंटे के भीतर खरीदी गई गेहूं के लिए 21,422.09 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। आज यहां अनाज भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद 100 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई है और वर्तमान समय में मंडियों से 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की जा चुकी है। किसानों को अदायगी के संबंध में उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में 22,815 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाई जा चुकी है। अब तक 6,28,674 किसान अपनी उपज मंडियों में ला चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि उठाई भी तेजी से की जा रही है और 47.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की उठाई हो चुकी है, जो कि 72 घंटों के नियमों के अनुसार 56.6 प्रतिशत है। इसके अलावा सुचारू और निर्विघ्न खरीद सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में कुल 2885 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं और इनमें से 1864 नियमित किए गए हैं जबकि 1021 अस्थायी हैं। मंत्री ने आगे बताया कि इस बार उपज बहुत ज्यादा रही है, जिसके कारण पंजाब में बंपर फसल हुई है। इससे 124 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में बहुत मदद मिलेगी। अधिक जानकारी देते हुए कटारूचक्क ने बताया कि वह नियमित अंतरालों पर राज्य भर की मंडियों का दौरा कर रहे हैं और किसी भी किसान ने मंडियों में किए गए प्रबंधों के बारे में कोई शिकायत नहीं की है। इसके साथ ही बारदाने, साफ-सफाई, पीने का पानी और लकड़ी के क्रेट जैसी सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

कनाडा में 16 मौतों के आरोपी ट्रक-ड्राइवर को नहीं होगी डिपोर्ट, जसकीरत को 8 साल की सजा

 संगरूर  कनाडा के मशहूर हंबोल्ट ब्रोंकोस बस हादसे के गुनहगार पंजाब मूल के ट्रक ड्राइवर जसकीरत सिंह सिद्धू को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार सुबह उन्हें भारत डिपोर्ट किया जाना था, लेकिन रवानगी से 2 दिन पहले फेडरल कोर्ट ने इस पर इमरजेंसी रोक लगा दी है। कनाडा की मीडिया रिपोट्स के अनुसार जस्टिस जोसलिन गाग्ने ने यह आदेश तब दिया जब जसकीरत सिंह सिद्धू के वकील ने कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने अगले आदेशों तक जसकीरत सिंह की डिपोर्टेशन पर रोक लगा दी। दरअसल मूल रूप से संगरूर के रहने वाले ट्रक ड्राइवर के कारण कनाडा के हंबोल्ट ब्रोंकेस में एक रोड एक्सीडेंट हुआ, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी और 13 गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले में जसकीरत सिंह को 8 साल की सजा हुई, जिसके बाद कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी ने उसे डिपोर्ट करने का आदेश जारी किया था। 25 अप्रैल को फेडरल कोर्ट में हुई सुनवाई में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। कोर्ट इस बात की समीक्षा कर रहा है कि क्या जसकीरत को 'मानवीय आधार' पर रुकने का मौका दिया जाना चाहिए। दरअसल सिद्धू के वकील माइकल ग्रीन ने कोर्ट में सबसे बड़ी दलील उनके एक साल के बेटे की सेहत को लेकर दी। बच्चे को दिल और फेफड़ों की गंभीर बीमारी है। वकील ने कहा कि भारत की खराब हवा बच्चे के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा हो सकती है। वकील ने तर्क दिया कि हादसे से पहले जसकीरत का रिकॉर्ड एकदम बेदाग था और उन्होंने जेल में अपने किए का गहरा पश्चाताप किया है। सरकारी पक्ष और कानून की दलील: सरकारी वकील ने कोर्कट में दलील दी है कि कि कनाडा के कानून के मुताबिक, अगर किसी पीआर (PR) होल्डर को 6 महीने से ज्यादा की जेल होती है, तो वह देश में रहने का हक खो देता है। जसकीरत को 8 साल की सजा हुई है, इसलिए उन्हें डिपोर्ट करना अनिवार्य है। सरकारी वकील ने दलील दी है कि जिसकी लापरवाही से 16 लोगों की जान चली गई और 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। उसे कनाडा में रहने का कोई हक नहीं है। यहीं नहीं सरकारी वकील ने ये भी दलील दी है कि अगर जसकीरत सिंह सिद्धू को अपने बच्चों से अलग नहीं होना तो वो उन्हें लेकर भी जा सकता है। अगर भारत में उन्हें परेशानी है तो वो यहां रह सकते हैं। मृतकों के परिजनों की कोर्ट से गुहार… टोबी बाउलेट ने कोर्ट में स्पष्ट कहा— "जसकीरत सिंह सिद्धू को डिपोर्ट करना कोई अतिरिक्त सजा नहीं है, बल्कि यह कनाडा के कानून का हिस्सा है। कानून स्पष्ट है कि यदि आप अपराधी हैं, तो आप इस देश में रहने का हक खो देते हैं। हर बार नई अपील और नई तारीख हमारे जख्मों को फिर से कुरेद देती है।" क्रिस जोसेफ ने भावुक होते हुए कोर्ट से पूछा— "अदालत में बार-बार सिद्धू के परिवार और उनके बच्चों की दुहाई दी जा रही है। लेकिन उन 16 पिताओं के बारे में किसने सोचा जिन्होंने अपने जवान बेटों के जनाजे उठाए? मेरे बेटे का भविष्य छीन लिया गया। सिद्धू का परिवार उनके साथ है, लेकिन हमारे बच्चे कभी वापस नहीं आएंगे। हम सिर्फ यह चाहते हैं कि कानून अपना काम करे।" लापरवाही ने ले ली थी रोड एक्सीडेंट में 16 लोगों की जान ट्रक ड्राइवर जसकीरत सिंह की लापरवाही के कारण 6 अप्रैल 2018 को रोड एक्सीडेंट हुआ। जसकीरत सिंह ने 'स्टॉप साइन' को नजरअंदाज किया और ट्रक की रफ्तार कम नहीं की। ट्रक सीधे 'हंबोल्ट ब्रोंकोस' जूनियर हॉकी टीम की बस से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के तीन टुकड़े हो गए। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हुए। पूरे कनाडा में शोक की लहर दौड़ गई थी। जसकीरत ने अपना गुनाह कबूल किया और उसे 8 साल जेल की सजा सुनाई गई। 2023 में उन्हें जेल से पैरोल मिली। जसकीरत का पंजाब से कनाडा तक का सफर जसकीरत मूल रूप से पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाला है। उसके पिता पंजाब में किसान हैं और परिवार के पास करीब 50 एकड़ खेती की जमीन है। जसकीरत ने पंजाब से बी.कॉम की डिग्री ली और साल 2014 में अपनी पत्नी के साथ स्थायी निवासी (PR) के तौर पर कनाडा शिफ्ट हुए थे। जसकीरत सिंह ट्रक चलाता था। केस की टाइम लाइन 6 अप्रैल 2018: भीषण बस हादसा हुआ। 16 घरों के चिराग बुझ गए। 22 मार्च 2019: कोर्ट ने जसकीरत को 8 साल जेल की सजा सुनाई। जनवरी 2023: अच्छे बर्ताव के कारण उन्हें जेल से पैरोल पर रिहा किया गया। 24 मई 2024: इमिग्रेशन बोर्ड ने उनका पीआर स्टेटस रद्द कर डिपोर्ट करने का आदेश दिया। 4 फरवरी 2026: सरकार ने उनकी अंतिम अपील ठुकरा दी और 27 अप्रैल का दिन रवानगी के लिए तय किया। 25 अप्रैल 2026: रवानगी से दो दिन पहले फेडरल कोर्ट ने डिपोर्टेशन पर 'स्टे' (रोक) लगा दिया। अब आगे क्या? जसकीरत के वकील के मुताबिक, यह रोक 1 से 8 महीने तक रह सकती है। अब फेडरल कोर्ट विस्तार से इस बात की जांच करेगा कि क्या मानवीय आधार पर उनके निर्वासन को टाला जा सकता है। फिलहाल, जसकीरत की भारत रवानगी पर ब्रेक लग गया है। एक संघीय न्यायाधीश ने हंबोल्ट ब्रोंकोस (Humboldt Broncos) बस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ट्रक ड्राइवर को आखिरी क्षणों में बड़ी राहत दी है, जिससे उनकी भारत वापसी पर फिलहाल रोक लग गई है। जसकीरत सिंह सिद्धू के वकीलों ने शुक्रवार को फेडरल कोर्ट में अपील की थी ताकि सोमवार सुबह होने वाले उनके निर्वासन (deportation) को रोका जा सके। मामले का विवरण दुर्घटना: अप्रैल 2018 में, कैलगरी के नौसिखिया ट्रक ड्राइवर सिद्धू ने सास्काचेवान के टिस्डेल के पास एक ग्रामीण चौराहे पर स्टॉप साइन की अनदेखी की थी। उनका ट्रक जूनियर हॉकी टीम को ले जा रही बस के रास्ते में आ गया था। परिणाम: इस भीषण हादसे में 16 लोगों की मौत हुई और 13 अन्य घायल हुए, जिससे पूरे कनाडा में शोक की लहर दौड़ गई थी। सजा: सिद्धू ने खतरनाक ड्राइविंग के अपराधों के … Read more

पंजाब में बड़ा हादसा टला: पटियाला में ट्रैक ब्लास्ट, शंभू-राजपुरा रेल लाइन क्षतिग्रस्त

राजपुरा. शंभू-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर देर रात करीब 9:30 बजे तेज धमाका हुआ। धमाके से पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। सूत्रों के अनुसार इसी रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात शव भी मिला है, जिसके चीथड़े उड़े हुए थे। हालांक पुलिस की तरफ से किसी शव मिलने की पुष्टि नहीं का जा रही। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने शंभू-राजपुरा रूट की सभी ट्रेनों, चाहे वह यात्री हैं या मालगाड़ी को एहतियातन नजदीकी स्टेशनों पर रोक दिया है। यह धमाका राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच गांव बठोनिया के नजदीक डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर की रेलवे ट्रैक पर हुआ है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की ली जा रही मदद घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच जांच में जुट गई हैं। धमाका किस वस्तु से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 23 जनवरी 2026 को भी फतेहगढ़ साहिब ज़िले के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास भी डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के रेलवे ट्रैक पर रात लगभग 9:50 बजे भी धमाका हुआ था। एक रेलवे कर्मचारी हुआ जख्मी मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया और इसमें सवार एक रेलवे कर्मचारी इंजन के शीशे टूटने से जख्मी हो गया था जबकि लोको पायलट बाल-बाल बच गया था। इस धमाके में ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इस मामले की जांच अब तक जारी है। बीती रात शंभू बॉर्डर के नजदीक रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में एसएसपी पटियाला आईपीएस वरुण शर्मा ने मंगलवार सुबह बताया कि बीती रात धमाके के बारे में सूचना मिलते ही डीआईजी सहित वह पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। घटना स्थल की जांच के दौरान पता चला कि यह धमाका प्लांड था और जो व्यक्ति धमाका करने के लिए विस्फोटक लग रहा था वह इसी धमाके में मारा गया। मरने वाला व्यक्ति जगरूप सिंह है जो तरनतारन के गांव पंजखड़ का रहने वाला था। मौके से एक सिम कार्ड भी मिला है। इस सिम कार्ड को तकनीकी टीम के जरिए जांचा जा रहा है। इसके अलावा फॉरेंसिक की टीम में भी मौके पर जांच कर रही है। फिलहाल घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपितों की पहचान के लिए पुलिस टीम काम कर रही है।

पंजाब में ‘मिशन अन्वेषण’ की शुरुआत, गैस और तेल की खोज के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू

 चंडीगढ़  पंजाब में पोटाश की संभावनाओं के बाद अब प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की खोज के लिए नई पहल शुरू की गई है। खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सोमवार को बताया कि हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज से राज्य के आर्थिक विकास में नया आयाम जुड़ सकता है। मंत्री गोयल ने एमजीएसआइपीए में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन डायरेक्टर जनरल आफ हाइड्रोकार्बन (डीजीएच) और आयल इंडिया लिमिटेड (ओआइएल) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें राज्य में प्रस्तावित सर्वेक्षण के लिए सहयोग मांगा गया। अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल में डीजीएच के एचओडी अजय कुमार शर्मा, डीजीएम सुरेंद्र कुमार दास और ओआइएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुप कुमार समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे। बैठक में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में तेल और गैस की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर ओआइएल राज्य में 2डी सिस्मिक सर्वे करेगा, जिससे जमीन के नीचे मौजूद तेल और गैस भंडारों का वैज्ञानिक आकलन किया जा सकेगा। इस परियोजना का नाम ‘मिशन अन्वेषण’ रखा गया है। सर्वे में श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला जिलों को शामिल किया गया है। पंजाब सब-बेसिन में लगभग 169 लाइन किलोमीटर क्षेत्र में सिस्मिक सर्वे किया जाएगा, जिससे सटीक भू-वैज्ञानिक डाटा तैयार किया जा सकेगा। मंत्री गोयल ने कहा कि इस पहल से ऊर्जा संसाधनों की खोज को गति मिलेगी और देश की विदेशी ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, राज्य में उद्योगों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार, निदेशक खनन अभिजीत कापलिश और मुख्य अभियंता हरदीप सिंह मेंदिरत्ता समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। पंजाब के खनन और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि राज्य अपने जलकार्बन भंडार का दोहन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे पहले, जलकार्बन महानिदेशालय और ऑयल इंडिया लिमिटेड के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित सर्वेक्षणों के लिए समर्थन मांगने के लिए उनसे मुलाकात की थी। केंद्रीय टीम ने श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला सहित जिलों में प्राकृतिक तेल और गैस भंडार की संभावना पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रव्यापी अन्वेषण अभियान के तहत जलकार्बन भंडार की पहचान करने के लिए बड़े पैमाने पर 2डी भूकंपीय सर्वेक्षण किया जाएगा। केंद्र सरकार की “मिशन अन्वेषण” पहल के तहत किए जाने वाले इस सर्वेक्षण में पंजाब उप-बेसिन के लगभग 169 किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य सटीक भूवैज्ञानिक डेटा जुटाना और अनछुए क्षेत्रों में मौजूद खनिज और पेट्रोलियम संसाधनों का आकलन करना है। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिसमें पंजाब, राजस्थान और गंगा बेसिन सहित प्रमुख बेसिनों में अन्वेषण प्रयासों का विस्तार करना शामिल है। इस कदम के महत्व पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि यह अन्वेषण अभियान एक व्यापक भूवैज्ञानिक डेटाबेस बनाने, आयातित ऊर्जा पर भारत की निर्भरता कम करने और आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलने में सहायक होगा। उन्होंने आगे कहा, “इस तरह की पहल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगी, रोजगार के अवसर पैदा करेगी और पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी।” मंत्री जी ने समय पर सर्वेक्षण पूरा करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार और खनन निदेशक अभिजीत कपलीश शामिल थे, भी उपस्थित थे।  

जालंधर में बारिश, तापमान में गिरावट, अगले 48 घंटे तक होगी बूंदाबांदी, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की चेतावनी

जालंधर/ चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आज (28 अप्रैल) से मौसम बदल गया है। कई जगह आसमान में बादल छाए हुए हैं, जबकि लुधियाना, अमृतसर, मोहाली और जालंधर में बारिश हुई है।मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने लगातार 2 दिन आंधी और बिजली कड़कने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाएं 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी। हीट वेव की संभावना नहीं है। सोमवार को अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। औसत अधिकतम तापमान अभी सामान्य से तीन डिग्री अधिक बना हुआ है। सबसे अधिक 43 डिग्री अधिकतम तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया है। 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक 20 जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर (रोपड़), एसएएस नगर (मोहाली), फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, पटियाला में आंधी चलने की संभावना है, जबकि सभी में बारिश का अनुमान है। जालंधर में बारिश से बदला मौसम जालंधर में मंगलवार (28 अप्रैल) सुबह हुई बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है। इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज शहर का अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 23°C रहने का अनुमान है। सुबह की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ जालंधर में उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। आज सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली और आसमान में काले बादलों ने डेरा जमा लिया। सुबह सवेरे शुरू हुई बारिश ने शहर को पूरी तरह से सराबोर कर दिया। बारिश से लोगों ने राहत महसूस की। इस समय मौसम की यह स्थिति बनी आसमान के ऊपरी हिस्से में पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं का सिस्टम एक्टिव है, जो उत्तर भारत (खासतौर पर पंजाब-हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर) के ऊपर से गुजर रहा है। इस वजह से आंधी, बारिश व बिजली गिरने की संभावना बढ़ गई है। लुधियाना में सुबह मौसम बिगड़ा। इस दौरान तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। लोगों को गर्मी से मिली राहत लगातार बढ़ते तापमान के कारण जालंधरवासी लू और पसीने वाली गर्मी से परेशान थे। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था। हालांकि, बारिश के बाद तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को लू के प्रकोप से राहत मिलती रहेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि वायरल बुखार या संक्रमण से बचा जा सके। 8 जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक राज्य में 40 डिग्री से अधिक तापमान 8 जिलों में दर्ज किया गया। चंडीगढ़ (40.2 डिग्री), लुधियाना (41.0 डिग्री), पटियाला (42.1 डिग्री), बठिंडा (43.0 डिग्री), फरीदकोट (41.0 डिग्री), गुरदासपुर (40.5 डिग्री), फाजिल्का (40.8 डिग्री) और भाखड़ा (41.3 डिग्री) शामिल हैं। वहीं 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 11 जिलों में रहा। इनमें चंडीगढ़ एयरपोर्ट (39.2 डिग्री), अमृतसर (40.0 डिग्री), नवांशहर (39.6 डिग्री), फिरोजपुर (40.0 डिग्री), होशियारपुर (38.6 डिग्री), सलैरन (38.7 डिग्री), मोहाली (39.1 डिग्री), पठानकोट (39.1 डिग्री), थीन डैम (38.5 डिग्री), पटियाला एडब्ल्यूएस (39.6 डिग्री) और रोपड़ (38.7 डिग्री) शामिल हैं। 2 मई तक बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, आज राज्य में 28 अप्रैल व 30 अप्रैल से 3 मई के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि, 29 अप्रैल को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। 28 और 29 अप्रैल को कुछ स्थानों पर 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। 30 अप्रैल, 2 और 3 मई को 40 से50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ गरज-चमक और आंधी आ सकती है।  

AAP ने पंजाब में टूट को रोकने के लिए उठाए कदम, सिसोदिया ने जालंधर बुलाए सभी विधायक; 7 सांसद BJP में शामिल

जालंधर राघव चड्‌ढा समेत 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब में टूट रोकने में जुट गई है। AAP के प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कल (29 अप्रैल) को सभी विधायक जालंधर तलब कर लिए हैं। मीटिंग में CM भगवंत मान भी शामिल रहेंगे। हालांकि मीटिंग का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिर भी माना जा रहा है कि इसमें 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद विधायकों का मन टटोला जाएगा। जालंधर में इससे पहले हुई मीटिंग को लेकर मीडिया ने दावा किया गया था कि उसमें CM ने 5-5 हजार रुपए तक रिश्वत लेने को लेकर विधायकों को फटकार लगाई थी। पंजाब में AAP में टूट की चर्चा क्यों?     राघव चड्‌ढा की 60+ विधायकों से करीबी का दावा: राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा जॉइन कर ली। इस दौरान चड्‌ढा के करीबियों के जरिए दावा किया गया कि पंजाब के मौजूदा 94 AAP विधायकों में से 60+ विधायक राघव चड्‌ढा के संपर्क में हैं। इससे पंजाब में AAP की सरकार को संकट हो सकता है। हालांकि चड्‌ढा ने इसको लेकर खुलकर कुछ नहीं कहा है।     संदीप पाठक के पास सबका बायोडेटा: राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक ने भी भाजपा जॉइन की। वह पंजाब में AAP की स्ट्रेटजी बनाने का काम करते थे। उनके करीबियों का दावा है कि पाठक के पास पंजाब के हर AAP विधायक का बायोडेटा है। इसमें सिर्फ उनका प्रोफाइल ही नहीं बल्कि उनके हर तरह के कामों की जानकारी पाठक को है। यह भी चर्चा है कि AAP की तरफ से जो विधानसभा क्षेत्रवाइज टीम लगाई गई है, उनकी नियुक्ति भी संदीप पाठक ने ही की है। ऐसे में पाठक AAP को झटका दे सकते हैं।     बाजवा ने कहा- 60-65 MLA पलटी मारने की तैयारी में: पंजाब विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि AAP के 60 से 65 विधायक पलटी मारने की तैयारी में हैं। बाजवा ने यह भी कहा कि सीएम भगवंत मान महाराष्ट्र की तरह पंजाब के एकनाथ शिंदे हो सकते हैं। बाजवा ने पार्टी छोड़ने वाले AAP के 7 सांसदों को लेकर कहा था कि वे पैसे देकर सांसद बने थे। अब जहां से बड़ा खरीदार मिल गया है, वे वहां चले गए हैं। जैसे शेयर मार्केट में होता है, सस्ता शेयर खरीदा था, जब उसका रेट बढ़ गया तो उसे बेच दिया। क्या वाकई विधायक AAP छोड़ सकते हैं? सिटिंग MLA को टिकट कटने का डर: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कई विधायकों के इस समय विवाद चल रहे हैं या फिर वो पार्टी हाईकमान से नाराज हैं। राज्य में कई विधायक ऐसे हैं, जो एंटी इंकमबेंसी की वजह से पार्टी से किनारा कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी हलकों में अपने लेवल पर सर्वे करवा रही है। विधायाकों को डर है कि उनके टिकट न कट जाएं। अमृतसर से कुंवर विजय प्रताप कर चुके बगावत: अमृतसर से AAP विधायक व पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर वो लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी खुलकर मोर्चा खोला है। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें निकाला नहीं है। अनमोल गगन मान ने भी पार्टी छोड़ दी थी: खरड़ से विधायक व पूर्व मंत्री गगन अनमोल मान ने भी पिछले साल राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान किया था। वो भी मंत्री पद से हटाए जाने के कारण पार्टी से नाराज चल रही थी। हालांकि बाद में पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा के मनाने पर वह फिर से एक्टिव हो गईं। 9 मंत्रियों की हो चुकी कैबिनेट से छुट्‌टी, वह नाराज: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. औलख के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार से 9 मंत्रियों की छुट्‌टी हो चुकी है। कैबिनेट से छुट्‌टी होने से कहीं न कहीं उनके मन में भी टीस है। जिनकी मंत्रिमंडल से छुट्‌टी हुई है उनमें- अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला के अलावा लालजीत भुल्लर के नाम शामिल हैं। लालजीत भुल्लर डीएम रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं। AAP ने राज्यसभा से पूछा- सांसदों के आगे से नाम कैसे हटाया इसी बीच AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर राज्यसभा के रिकॉर्ड में AAP सांसदों के नाम के आगे से बिना इजाजत पार्टी का नाम हटाने पर जवाब मांगा। उन्होंने इस मामले की तुरंत जांच और जल्द लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है। साथ ही उन सभी जरूरी आदेश की कॉपी भी मांगी है, जिनके आधार पर AAP का सांसदों के नाम के आगे से नाम हटाया गया है। 27 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सातों सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी दी थी, जिससे राज्यसभा में AAP की संख्या घटकर 3 रह गई, जबकि BJP की संख्या 113 हो गई है। BJP में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इन सांसदों को BJP के सदस्यों के रूप में दिखाया गया है। राघव चड्‌ढा ने कहा- AAP चंद करप्टों की पार्टी कल ही राघव चड्ढा ने खुद सामने आकर पार्टी छोड़ने की वजह बताई थी। उन्होंने कहा कि 15 साल देने के बाद AAP अब पहले जैसी नहीं रही और पार्टी का माहौल टॉक्सिक हो चुका है, जहां काम करने और बोलने तक की आजादी नहीं है। उनके मुताबिक, यह फैसला अकेले का नहीं, बल्कि 7 सांसदों का सामूहिक निर्णय है। AAP अब चंद करप्टों और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों की पार्टी बनकर रह गई है। जो अब देश के लिए नहीं, अपने पर्सनल फायदे के लिए काम करते हैं। राघव ने कहा- राजनीति में आने से पहले मैं प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था, लेकिन मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया। अपना करियर बनाने यहां नहीं आया। एक राजनीतिक पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना। उस पार्टी को … Read more

पंजाब CM की कैबिनेट मीटिंग आज, सीएम रिहायश पर दोपहर 3:30 बजे लेंगे कई अहम फैसले

चंडीगढ़  पंजाब सीएम भगवंत मान ने आज (28 अप्रैल) अहम कैबिनेट मीटिंग बुला ली है। मीटिंग दोपहर साढ़े 3 बजे होगी। कैबिनेट संबंधी एजेंडा जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बैठक टेबल एजेंडा पर होगी। इस दौरान जहां कई फैसले लिए जा सकते हैं.. सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरा कर आए पंजाब सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरे पर जाकर आए है। इस दौरान उन्होंने पंजाब में कई कंपनियों को निवेश करने का न्योता दिया है। इसके अलावा मोहाली समेत कई इलाकों में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के प्रस्ताव भी मीटिंग में आने की संभावना है। क्योंकि अब इलेक्शन के लिए कुछ ही समय शेष रह गया है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि तुरंत इलाके में निवेश को बढाया जाए।  

पंजाब में गर्मी से राहत, 30 अप्रैल तक ओरेंज अलर्ट, 1 मई से पारा फिर चढ़ेगा

 अमृतसर पंजाब में अप्रैल महीने में गर्मी चरम तक पहुंच चुकी है। कई जिलों में तापमान 41 डिग्री के पार हो चुका है। लेकिन अब इससे राहत मिलती दिख रही है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने के बाद पंजाब के कई इलाकों में बादल छा गए हैं, जबकि अबोहर व फाजिल्का के कुछ गांवों में बारिश भी देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार गर्मी से ये राहत 30 अप्रैल तक रहेगी। इस दौरान बारिश के कारण राज्य के अधिकतर जिलों का तापमान 5 डिग्री तक गिरेगा। लेकिन ये राहत कुछ समय के लिए ही है। 1 मई से दोबारा गर्मी जोर पकड़ने लगेगी। मात्र दो दिनों 1 व 2 मई को पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ जाएगा। आज से मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग ने पांच दिनों के लिए जिलावार चेतावनी जारी की है, जिसमें कहीं आंधी और बारिश तो कहीं लू और गर्म रातों का खतरा बताया गया है। मालवा के कई इलाकों में आज होगी बारिश 28 अप्रैल: इस दिन हालात बदलते नजर आएंगे। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, होशियारपुर और गुरदासपुर में आंधी, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। वहीं लुधियाना, पटियाला, संगरूर, मानसा और बठिंडा में तेज गर्मी के साथ लू का असर दिख सकता है। इन जिलों के लिए विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 29 अप्रैल: गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और कपूरथला में मौसम कुछ हद तक सक्रिय रहेगा और आंधी व बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं फाजिल्का, फिरोजपुर, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और मानसा में मौसम सामान्य रहने के संकेत हैं। अन्य जिलों में हल्की चेतावनी जारी की गई है। 30 अप्रैल: इस दिन उत्तरी जिलों जैसे गुरदासपुर, होशियारपुर और पठानकोट में हल्की चेतावनी जारी है। जबकि दक्षिणी और मध्य जिलों जैसे लुधियाना, संगरूर, बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, मुक्तसर और मोगा में किसी प्रकार की चेतावनी नहीं है और मौसम सामान्य रहने की संभावना है। 1 मई: इस दिन पूरे पंजाब में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। सभी जिलों में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। 60 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 अप्रैल को आंधी और तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं कुछ जिलों में लू और गर्म रातों का असर भी देखने को मिल सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों और लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

सुखबीर सिंह बादल के बयानों पर सख्त कार्रवाई की मांग, SGPC प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

अमृतसर में सोमवार को सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब पर उस समय गंभीर और संवेदनशील माहौल देखने को मिला जब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल मास्टर मिठू सिंह काहनेके के नेतृत्व में वहां पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने जत्थेदार साहिब को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल के हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और उनके खिलाफ सख्त धार्मिक कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल द्वारा दिए गए बयान सिख मर्यादा, परंपराओं और धार्मिक अनुशासन के खिलाफ हैं, जिससे पूरे पंथ की गरिमा को ठेस पहुंची है। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि अकाल तख्त साहिब के आदेशों को साजिश बताना बेहद गंभीर और अस्वीकार्य कदम है, जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सिख पंथ की सर्वोच्च मर्यादा का हवाला मीडिया से बातचीत करते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सिख इतिहास के कई उदाहरणों का उल्लेख किया, जिसमें बताया गया कि जब भी किसी ने पंथिक नियमों का उल्लंघन किया, तो उसने अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होकर अपनी गलती स्वीकार की और सजा को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल अनुशासन नहीं बल्कि सिख पंथ की आस्था और सम्मान का मूल आधार है। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि यदि इस मामले में कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गलत संदेश देगा और भविष्य में अकाल तख्त साहिब के आदेशों की अनदेखी करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा। ‘तनखैया’ घोषित करने की जोरदार मांग इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और गंभीर मांगपत्र यह रहा कि सुखबीर सिंह बादल को “तनखैया” घोषित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केवल ऐसी सख्त धार्मिक कार्रवाई ही पंथ की मर्यादा और अनुशासन को बनाए रख सकती है। उनका कहना था कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरी सिख परंपरा की गरिमा से जुड़ा हुआ है। SGPC अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल इस विवाद के बीच SGPC अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि 2 दिसंबर 2024 को अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करना SGPC नेतृत्व की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसमें गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर मांग की गई कि SGPC अध्यक्ष को भी अकाल तख्त साहिब में तलब किया जाए और उनसे पूरी जवाबदेही तय की जाए। पंथिक एकता बनाम राजनीतिक टकराव इस पूरे घटनाक्रम ने सिख पंथ के भीतर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां एक तरफ पंथिक मर्यादा और अनुशासन की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक टकराव के रूप में भी देखा जा रहा है। धार्मिक संस्थाओं की भूमिका और राजनीतिक नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी इस विवाद को और जटिल बना रही है। सख्त चेतावनी और भविष्य की चिंता प्रतिनिधिमंडल ने अंत में चेतावनी दी कि यदि अकाल तख्त साहिब के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो यह एक खतरनाक परंपरा स्थापित कर सकता है, जिससे भविष्य में धार्मिक संस्थाओं की शक्ति और सम्मान दोनों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंथ की एकता और अनुशासन बनाए रखने के लिए कठोर निर्णय लेना अब अनिवार्य हो गया है।