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पूर्व DIG भुल्लर की कस्टडी में CBI आरोपी ASI, कोर्ट ने SSP को सौंपी जांच

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में वीरवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में भुल्लर को बुड़ैल जेल से सीबीआई कोर्ट में पेश किया। हालांकि इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस की एक बड़ी चूक सामने आई, जिस पर सीबीआई ने सवाल खड़ा कर दिया। असल में, भुल्लर को चंडीगढ़ पुलिस का जो एएसआइ जेल से कोर्ट लेकर आया था, वह खुद भ्रष्टाचार केस में सीबीआई का मुजरिम निकला। पिछले साल सीबीआइ ने सेक्टर-43 पुलिस चौकी में तैनात एएसआई शेर सिंह को डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर सीबीआई कोर्ट में ही भ्रष्टाचार का केस चल रहा है। ऐसे में सीबीआई ने आपत्ति जताई कि जिस पुलिसकर्मी पर भ्रष्टाचार का केस चल रहा है, उसे ऐसे हाई प्रोफाइल मामले में आरोपित की सुरक्षा में क्यों लगाया गया है। सीबीआई की इस आपत्ति पर जज ने भी संज्ञान लिया और एसएसपी को मामले की जांच के लिए एसएसपी को निर्देश दिए हैं। 54,400 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था शेर सिंह एएसआई शेर सिंह सेक्टर-43 पुलिस चौकी में तैनात था। सीबीआई ने 11 मार्च 2025 को उसे और बिचौलिए रिंकू को 54,400 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि बुड़ैल निवासी दविंद्र सिंह के खिलाफ चेक बाउंस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। वह कोर्ट से भगोड़ा घोषित हो चुका था। इस केस में गिरफ्तारी से बचाने के लिए शेर सिंह ने उससे डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी। इस बारे में दविंद्र ने सीबीआई को शिकायत दे दी थी। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। शिकायतकर्ता की गवाही हुई पूरी उधर, भुल्लर के खिलाफ चल रहे रिश्वत केस में शिकायतकर्ता आकाश बत्ता की गवाही वीरवार को पूरी हो गई। पिछली तारीख पर उसने अदालत में निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पहचान की थी। आकाश ने दोनों को रिश्वत मांगने वाला बताते हुए सीबीआई को दिए अपने पुराने बयानों को दोहराया था। वीरवार को उसकी शेष गवाही पूरी हुई। अब बचाव पक्ष की ओर से उसका क्राॅस एग्जामिनेशन मामले की सुनवाई में अहम रहेगा। गौरतलब है कि सीबीआई ने पिछले साल भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। उसके सेक्टर-40 स्थित उनके आवास पर छापेमारी भी की गई थी, जहां से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद, ढाई किलो सोना और महंगी घड़ियां बरामद हुई थी। इसके अलावा भुल्लर पर आय से अधिक संपत्ति का भी मामला दर्ज किया गया था। भुल्लर के खिलाफ ईडी भी मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

LPU हिंसा के आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा, मंडी से नाबालिग गिरफ्तार; अब तक 12 काबू

जालंधर  लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी एलपीयू का ही छात्र है और मंडी जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता मंडी के उपायुक्त कार्यालय में अधिकारी के तौर पर तैनात हैं।  पुलिस जांच में सामने आया है कि हिंसा के दौरान इस नाबालिग की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। तस्वीर में वह विश्वविद्यालय परिसर में लगे लड़ाकू विमान पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि उसके पीछे आग की लपटें नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को उसे ‘हीरो’ की तरह पेश करते हुए प्रसारित किया गया। हालांकि, तस्वीर के आधार पर उसकी भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।  आरोपी की गिरफ्तारी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से हुई है। वह नाबालिग है, यूनिवर्सिटी का ही छात्र है और हिमाचल के मंडी जिले का रहने वाला है। उसके पिता मंडी के DC ऑफिस में बतौर अफसर तैनात हैं। यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान उस नाबालिग लड़के को सोशल मीडिया पर हीरो की तरह दिखाया गया। उसका एक फोटो बहुत वायरल हुआ, जिसमें वह फाइटर जेट पर खड़ा है और बैकग्राउंड में आग लगी हुई है। इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के चांसलर BJP राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर मिग-23 और 1971 की जंग में लड़ाई में इस्तेमाल टैंक लगे हुए हैं। ये फोर्स की हौसला अफजाई करते हैं और युवाओं को प्रेरणा देते हैं। उनके ऊपर चढ़कर सभी की बेइज्जती की गई है। चांसलर अशोक मित्तल ने बताया था सेना का अपमान हिंसा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में लगे मिग-23 लड़ाकू विमान और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने का मामला भी सामने आया था। विश्वविद्यालय के चांसलर और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर के बाहर मिग-23 और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किया गया टैंक लगाया गया है। उनका कहना है कि ये सैन्य उपकरण देश की सेनाओं का सम्मान और युवाओं में प्रेरणा पैदा करने के उद्देश्य से रखे गए हैं। हिंसा के दौरान इन पर चढ़कर प्रदर्शन करना सैनिकों और देश की बेइज्जती है।  ज्यादातर आरोपी एलपीयू के ही छात्र मित्तल ने कहा कि एलपीयू हिंसा के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरफ्तार आरोपियों के नाम आधिकारिक रूप से आज सामने रखे जाएंगे। उनके अनुसार गिरफ्तार लोगों में 2-3 बाहरी व्यक्ति हैं, जबकि बाकी अधिकतर एलपीयू के छात्र हैं।  पुलिस की जांच में हिंसा से जुड़े लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इससे पहले पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था और जांच के दौरान करीब 40 लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई थी।  मामले में अब तक 5 की गिरफ्तारी वहीं, पुलिस ने LPU हिंसा मामले में अब तक कुल 4 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 3 मामले हाईवे जाम करने, पुलिस की गाड़ी जलाने, यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ करने से जुड़े हैं। इनमें अब तक कुल 5 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें 2 पिज्जा डिलीवरी बॉय और 2 यूनिवर्सिटी के ही छात्र हैं। पुलिस ने मिग-23 फाइटर जेट पर चढ़े नाबालिग के अलावा हरियाणा में सोनीपत शहर की शिव कॉलोनी में रहने वाले जेम्स दहिया, फगवाड़ा के निवासी गगनदीप उर्फ कोठा और फगवाड़ा में ही स्वामी परम नगर के रहने वाले जसमीत कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पांचवें आरोपी के रूप में साहिल नाम के युवक को पकड़ा है। वह जम्मू के डोडा जिले का रहने वाला है। यह भी यूनिवर्सिटी का ही छात्र है। पुलिस ने उसे उसके घर से ही गिरफ्तार किया। वहीं, कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में ले रखा है, जिनसे पूछताछ जारी है। कैसे पकड़ा गया मिग-23 पर चढ़ा आरोपी     सोशल मीडिया पर बना गुमनाम स्टार: यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान एंट्री पर लगे मिग फाइटर जेट पर लड़का चढ़ा था। उसकी फोटो आकर्षक लगने और वायरल होने से वह सोशल मीडिया पर रातोरात स्टार बनाया, लेकिन कोई भी उसे पहचान नहीं पा रहा था।     CCTV से हुई पहचान: वहीं, पुलिस की एक टीम सिर्फ CCTV कैमरे ढूंढने में लगी थी। एंट्री पर लगे कैमरे में उस लड़के की तस्वीर साफ नजर आने लगी। इसके बाद पुलिस ने कॉलेज के डेटा से मिलाया तो पता लगा कि वह यूनिवर्सिटी का छात्र है और बी.टेक इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का छात्र है।     छापे के समय घर पर ही मिला छात्र: पुलिस ने पहचान के बाद आरोपी के घर पर छापा मारा तो छात्र घर में आराम से बैठा था। उसने अपनी वायरल तस्वीर को मोबाइल वॉलपेपर पर लगा रखा था। पुलिस ने उसे पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार किया है। उससे मैकबुक M5 और एक iPhone-14प्रो बरामद किया है। लूट के लिए आए थे दोनों डिलीवरी बॉय पुलिस ने मामले में गुरुवार, 1 अक्टूबर को फगवाड़ा के रहने वाले गगनदीप और जसमीत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को ट्रेस किया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी बॉय है। उन्हें सूचना मिली थी कि यूनिवर्सिटी में हिंसा हुई है, तभी ये दोनों लूट के इरादे से वहां पहुंचे थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के आधार पर पहचान कर इन्हें गिरफ्तार किया। आरोपी गगनदीप के मामा ने बताया कि गगन डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी का काम करता है और डेढ़ महीने पहले ही वह नौकरी पर लगा था। गगन की गिरफ्तारी को लेकर परिवार काफी चितिंत है। दहिया यूनिवर्सिटी में चला रहा था रेस्टोरेंट वहीं, हिंसा मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जेम्स दहिया को गिरफ्तार किया है। उस पर कैंपस में तोड़फोड़ और सोशल मीडिया पर छात्रों को भड़काने के आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी यूनिवर्सिटी में छात्र है। वह कैंपस में एक रेस्टोरेंट भी … Read more

राहुल गांधी से मिले राजा वड़िंग, भावुक होकर बोले- अब थोड़ा आराम चाहिए

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी से हुई मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मुलाकात के बाद बाहर निकले वड़िंग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राहुल गांधी को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राहुल ने उनसे पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की स्थिति और आगे पार्टी को किस तरह काम करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली।वड़िंग के मुताबिक उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि पंजाब में कांग्रेस के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां हैं, इन चुनौतियों से किस तरह लड़ना है और पार्टी की ताकत कहां है, इस पर राहुल के साथ विस्तार से चर्चा हुई। मुझसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, मैंने खुद दिया वड़िंग ने यह भी साफ किया कि उनसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का मलाल नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अब उन्हें कुछ दिन आराम की जरूरत है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस से उनका जुड़ाव पहले की तरह रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को जब और जहां उनकी जरूरत होगी, वह वहां खड़े रहेंगे। कौन क्या कहता है, फर्क नहीं पड़ता वड़िंग ने यह भी कहा कि कौन क्या कहता है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि उनके ऊपर राहुल गांधी की मेहरबानी रही है। गौरतलब है कि वड़िंग ने करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली। उनके इस्तीफे के बाद अब पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उधर अब उम्मीद जताई जा रहे के शुक्रवार शाम तक पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी की घोषणा कर दी जाएगी माना जा रहा है इस रेस में संगरूर से पूर्व सांसद रहे विजय इंद्र सिंगला का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। लेकिन कई दूसरे उम्मीदवार भी इस रेस में हैं।

क्वार्टर दिलाकर बढ़ाई नजदीकी, गेस्ट रूम में महिला से दुष्कर्म का आरोप

लुधियाना  लुधियाना के जगराओं ब्रिज के पास स्थित सीजी आर्मी कैंप में तैनात एक जवान पर अपने साथी फौजी की पत्नी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। महिला की शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने पहले उसके परिवार को सरकारी क्वार्टर दिलाने में मदद की और इसके बाद घर आना-जाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का आरोप है कि बाद में आरोपित ने उस पर दबाव बनाकर जबरदस्ती संबंध बनाए। पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे सीजी आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 सी रेजिमेंट में तैनात करीब 25 वर्षीय जवान के पास था। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर दबाव बनाकर जबरदस्ती फिजिकल रिलेशन बनाए। 28 सितंबर को उसने महिला को अपने गेस्ट रूम में बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसने पति के साथ तलाक करवाने की धमकी देकर जबरदस्ती की। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, आरोपित ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। इसके बाद वह मदद और अन्य जरूरतों के बहाने महिला के घर आने-जाने लगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और नजदीकियां हो गईं। महिला के मुताबिक, बाद में आरोपित उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर आरोपित ने धमकी दी कि यदि उसने अपने पति को कुछ बताया तो वह उसका तलाक करवा देगा। महिला ने आरोपित के दबाव की बात भी पुलिस को दी शिकायत में बताई है। शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपित ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपित ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी। सरकारी क्वार्टर दिलाने में की मदद की पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे CG आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 C रेजीमेंट में तैनात 25 वर्षीय जवान के पास था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। मदद के बहाने घर आने-जाने लगा क्वार्टर मिलने के बाद आरोपी का परिवार के घर आना-जाना बढ़ गया। महिला के मुताबिक, मदद और जरूरत के बहाने उसकी आरोपी से बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उनके बीच संबंध बन गए। विरोध करने पर पति से तलाक करवाने की धमकी महिला की शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपी उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने पति को कुछ बताया तो वह उनका तलाक करवा देगा। इसके बाद भी आरोपी के दबाव की बात शिकायत में कही गई है। 28 सितंबर को गेस्ट रूम बुलाया शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपी ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। 1 अक्टूबर को FIR, जांच ASI को मामले में ASI परमजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को आरोपी जवान के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने कार्रवाई की शुरू महिला की शिकायत पर डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआइ को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।  

₹50 हजार रिश्वत लेने के मामले में SHO सुनीता बावा पर कार्रवाई, पंजाब पुलिस से हुई बर्खास्त

मोगा  रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार मोगा के थाना कोट ईसे खां की तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर सुनीता बावा नंबर 33/एफआर को पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले की ओर से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। इंस्पेक्टर सुनीता बावा को 26 सितंबर को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना कोट ईसे खां प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए काबू किया था। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मामला पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता और विभागीय स्तर पर सामने आए तथ्यों को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले ने इंस्पेक्टर सुनीता बावा के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की। आदेश के अनुसार उन्हें पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। 50 हजार रुपये की रिश्वत का है मामला बताया जा रहा है कि विजिलेंस ब्यूरो के पास रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत पहुंची थी। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए सुनीता बावा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की ओर से मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस विभाग में तैनात अधिकारी के खिलाफ रिश्वत के मामले में हुई इस कार्रवाई को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। बर्खास्तगी के आदेश जारी होने के बाद अब मामले की कानूनी और विभागीय प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।  

सर्दी से पहले बठिंडा की सड़कें होंगी चकाचक, ₹32.52 करोड़ के प्रोजेक्ट मंजूर

बठिंडा बठिंडा नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी की बैठक मेयर पदमजीत सिंह मेहता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई। इसमें शहर के विकास, सड़क निर्माण, पार्कों के रखरखाव और निगम के प्रशासनिक कार्यों से जुड़े कुल 14 एजेंडों पर चर्चा करने के बाद मंजूरी दी गई।  शहर के विभिन्न वार्डों में पत्थर की मेटल, प्रीमिक्स कारपेट (पीसी), बिटुमिनस कंक्रीट (बीसी) और सड़क निर्माण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर प्रमुखता से चर्चा हुई। इस काम के लिए करीब 32.52 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया, जोकि रॉयल दीप कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने अनुमानित लागत से 8.89 प्रतिशत कम दर पर करीब 29.62 करोड़ रुपए में हासिल किया। बैठक में सड़क निर्माण का काम जल्द आवंटित करने पर जोर दिया गया, ताकि सर्दी का मौसम पूरी तरह शुरू होने से पहले प्रीमिक्स से जुड़े काम पूरे किए जा सकें। जॉगर पार्क के पास बनेगा मेयर कार्यालय जॉगर पार्क के पास करीब 1.62 करोड़ रुपए की लागत से नए मेयर कार्यालय का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए प्राप्त तीन टेंडरों में श्री दुर्गा बिल्डर्स ने 7.86 प्रतिशत कम दर पर करीब 1.49 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। बैठक में शहर के अलग-अलग जोन और वार्डों में पार्कों की मरम्मत और सिविल वर्क्स से जुड़े कई प्रस्ताव रखे गए। जोन-1 में पुराने थाने के पीछे स्थित पार्क में 8 लाख रुपए के काम के लिए पनाव कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 13.13 प्रतिशत कम दर यानी करीब 6.94 लाख रुपए में काम करने की पेशकश की। पार्कों के रखरखाव पर भी प्रस्ताव जोन-2 के वार्ड 19 स्थित पार्क नंबर 15 में 21.62 लाख रुपए के काम के लिए बीएस इंफ्रा सॉल्यूशंस ने बातचीत के बाद 13.10 प्रतिशत कम दर पर काम करने की सहमति दी। शक्ति नगर वार्ड-47 के पार्कों की मरम्मत के लिए 12.60 लाख रुपए और मॉडल टाउन फेस-3, वार्ड-9 के पार्कों के रखरखाव से जुड़े टेंडर भी बैठक में रखे गए। फर्मों के आधार पर कमेटी के समक्ष रखे गए नई बस्ती में पार्क के जीर्णोद्धार के लिए 16.87 लाख रुपए के काम पर जीडी गैलेक्सी इंफ्रा ने 16.30 प्रतिशत कम दर पर काम करने की सहमति जताई। जोन-3, 4 और 5 में विभिन्न सिविल रिपेयरिंग कार्यों के प्रस्ताव भी कम दर वाली फर्मों के आधार पर कमेटी के समक्ष रखे गए। सीए/कॉस्ट अकाउंटेंट फर्म के चयन नगर निगम के आंतरिक ऑडिट, वार्षिक बैलेंस शीट, टीडीएस, जीएसटी रिटर्न और सिटी फाइनेंस मॉड्यूल से जुड़े कार्यों के लिए सीए/कॉस्ट अकाउंटेंट फर्म के चयन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इसके लिए मोहन एंड मोहन की टेक्निकल बिड प्राप्त होने की जानकारी दी गई। कमेटी की मंजूरी के बाद संबंधित विकास कार्यों के लिए टेंडर आवंटन और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

पंजाब में 36.87 लाख महिलाओं को मिला योजना का लाभ, सीएम मान ने बताई सरकार की उपलब्धियां

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि ‘मावां-धीआं सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की दूसरी किस्त के रूप में 1,262.54 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 36.87 लाख महिलाओं को अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की किस्त एक साथ मिल रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक इस योजना के तहत महिलाओं के खातों में कुल 3,824.87 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा चुके हैं। श्री गोइंदवाल साहिब में आयोजित विशाल समागम को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि महिलाओं के मोबाइल फोन पर बैंक खाते में राशि पहुंचने की पुष्टि के ‘टूं-टूं’ संदेश उनकी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर दिखाते हैं। उन्होंने दावा किया कि जब तक उनकी सरकार सत्ता में रहेगी, महिलाओं के मोबाइल पर ऐसे संदेश आते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों से लिए गए कर के पैसे को उनकी भलाई पर खर्च कर रही है। मान ने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाना है। उनके अनुसार पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के योग्य होंगी और सरकार का लक्ष्य सम्मान राशि का लाभ एक करोड़ महिलाओं तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि योजना में कोई शर्त नहीं रखी गई है। यदि एक परिवार में तीन महिलाएं पात्र हैं तो तीनों को सम्मान राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पंजीकरण में 1.37 लाख ‘सत्कार सखियों’ ने योगदान दिया है और उन्हें प्रोत्साहन राशि के तौर पर अब तक 51 करोड़ रुपये से अधिक दिए जा चुके हैं। पंजीकरण में सहयोग कर रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह सामाजिक क्रांति है’ मान ने खडूर साहिब की ऐतिहासिक धरती का जिक्र करते हुए कहा कि इसी क्षेत्र में गुरु अमरदास जी ने सती प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई और लंगर की परंपरा को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से ‘मावां-धीआं सत्कार योजना’ के लिए इस ऐतिहासिक धरती को चुना गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले 73.99 लाख महिलाओं को सम्मान राशि के रूप में 2,562.33 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने योजना को महिलाओं की आर्थिक आजादी से जोड़ते हुए इसे ‘सामाजिक क्रांति’ बताया।  विपक्षी दलों पर साधा निशाना भगवंत मान ने कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि ये दल सत्ता में आते हैं तो महिलाओं की मासिक सम्मान राशि, मुफ्त बिजली और मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाएं बंद हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं की तुलना में मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखने वाले नेताओं की संख्या अधिक है।   कांग्रेस को लेकर मान ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटा दिया गया है और नया अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि नए अध्यक्ष के आने के बाद भी कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खत्म नहीं होगी। अकाली दल पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बादल, कैप्टन और मजीठिया परिवारों का लंबे समय तक पंजाब की राजनीति पर प्रभाव रहा, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने अकाली नेताओं पर धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप भी लगाया।  शिक्षा में सुधार का दावा मान ने अपनी सरकार के शिक्षा क्षेत्र के कामकाज का जिक्र करते हुए दावा किया कि केंद्र के मूल्यांकन के अनुसार पंजाब स्कूली शिक्षा में 27वें स्थान से पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्मार्ट क्लासरूम बनाए, अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती की। मुख्यमंत्री ने नीट परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी तो पंजाब से करीब 80 छात्र ही नीट परीक्षा पास करते थे। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण शुरू करने के बाद इस साल 882 विद्यार्थियों के नीट पास करने का दावा उन्होंने किया। मान ने कहा कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे परिवारों के बच्चों की है, जिन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बीच अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।  

चंडीगढ़ में देशभर के मेयरों का जमावड़ा, 4 से 6 अक्टूबर तक चलेगा सम्मेलन

चंडीगढ़ देशभर के मेयरों का चंडीगढ़ में जमावड़ा होने जा रहा है। 4 से 6 अक्टूबर तक सेक्टर-10 स्थित होटल माउंटव्यू में ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर का 118वां महापौर सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें देशभर से महापौर और प्रतिनिधि शामिल होंगे। ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर की कार्यकारिणी के करीब 40-45 सदस्यों के सम्मेलन में पहुंचने की उम्मीद है। इनमें से 28 सदस्यों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 17 सदस्यों ने शामिल होने से मना कर दिया है। बाकी सदस्यों से बातचीत चल रही है। चंडीगढ़ इस बार सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। मेयरों के लिए क्या किए गए इंतजाम, जानिए…     गृह सचिव ने अधिकारियों के साथ की बैठक: सम्मेलन की तैयारियों को लेकर गृह सचिव एवं स्थानीय निकाय विभाग के सचिव मनदीप सिंह बराड़ ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें महापौर सौरभ जोशी, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।     परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा: बैठक में बाहर से आने वाले महापौरों और प्रतिनिधियों के ठहरने, सुरक्षा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। गृह सचिव ने संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।     5 को उद्घाटन और शहर भ्रमण: सम्मेलन की शुरुआत 4 अक्टूबर को अतिथियों के आगमन से होगी। 5 अक्टूबर को उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। इसी दिन परिषद की बैठक के साथ चंडीगढ़ नगर निगम की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों से महापौरों और प्रतिनिधियों को परिचित कराने के लिए शहर का भ्रमण कराया जाएगा। 6 अक्टूबर को समापन सत्र होगा।     होटल माउंटव्यू में कमरों की बुकिंग: सम्मेलन में शामिल होने वाले सदस्यों के लिए होटल माउंटव्यू में कमरों की बुकिंग की जा रही है। शहर भ्रमण के लिए सीटीयू की दो बसों का इंतजाम किया गया है। दोनों बसें दो दिन तक सदस्यों के साथ रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस को और ठहरने व अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सिटको को दी गई है।     25 लाख का बजट मंजूर: मेयर सम्मेलन के लिए नगर निगम आयुक्त की ओर से 25 लाख रुपए का बजट मंजूर किया जा चुका है। हालांकि नगर निगम के कई पार्षदों का कहना है कि उन्हें सम्मेलन के आयोजन की जानकारी तक नहीं है। पार्षदों का कहना है कि निगम का पैसा खर्च होना है, लेकिन इसके लिए निगम हाउस या किसी कमेटी से बजट मंजूर नहीं कराया गया।     सदस्यों की पूरी सूची भी अभी निगम के पास नहीं: वहीं, सम्मेलन में शामिल होने वाले कार्यकारिणी सदस्यों की पूरी सूची भी अभी निगम के पास नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों ने सूची मांगी थी। बताया गया है कि शनिवार को सूची कंफर्म होने के बाद इसे एसएसपी और एमडी सिटको को सौंपा जाएगा। इनका आना कंफर्म कार्यकारिणी की चेयरमैन रेनू बोला गुप्ता (मेयर, करनाल), नेशनल जनरल सेक्रेटरी आशुतोष वरशने (पूर्व मेयर, अलीगढ़), सीनियर वाइस चेयरमैन डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव (मेयर, गोरखपुर), वाइस चेयरमैन मरिगेन सारानिया (मेयर, गुवाहाटी), वाइस चेयरमैन पुष्यामित्रा भार्गव (मेयर, इंदौर), वाइस चेयरमैन मायाबेन धर्मेंद्राबाई मवानी (मेयर, सूरत) और सेक्रेटरी इंदरजीत कौर (मेयर, लुधियाना) का आना कंफर्म बताया गया है। इसके अलावा पूजा विडानी (बिलासपुर), शेरिंग पैडेन भूटिया (गंगटोक), मीनल चौबे (रायपुर), नीता राजेंद्रा ठाकरे (नागपुर), लिखा नारी तदार (इटानगर), जी उदयाकुमार (अवाडी), नेहल शुक्ला (राजकोट), राजीव जैन (सोनीपत), रूपरानी संग्राम सिंह निकल (कोल्हापुर), नंदलाल देवगन (बीरगांव), लक्ष्मी नारायण गुप्ता (छपरा), प्रवीण बतरा जोशी (फरीदाबाद), विनोद अग्रवाल (मुरादाबाद), कुरागायला उमा रानी (निजामाबाद), शंभु पासवान (ऋषिकेश), अनीता अग्रवाल (रूड़की), योगेश कुमार (सतना), विवेक नारायण (पूर्व मेयर, ग्वालियर), नवीन जैन (पूर्व मेयर, आगरा) और जगदीश राय पटेल (पूर्व मेयर, सूरत) के नाम भी शामिल हैं।

पंजाब में बारिश ने बढ़ाई चिंता, 38 फीसदी कम बरसे बदरा; भूजल संकट गहराया

पटियाला पंजाब में इस बार मानसून की विदाई के साथ बारिश के आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। जून से सितंबर 2026 तक प्रदेश में सामान्य से 38 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। यह 2000 के बाद तीसरा सबसे कम बारिश वाला साल रहा है। इस अवधि में केवल 272.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 439.8 मिलीमीटर है। इससे पहले 2014 में 50 फीसदी और 2012 में 47 फीसदी कम बारिश हुई थी। पिछले साल 2025 में 620.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 41 फीसदी अधिक थी। इस साल यह आंकड़ा घटकर 272.8 मिलीमीटर रह गया है। सिर्फ एक साल में मानसूनी बारिश में भारी गिरावट आई है। 2024 में भी 317.3 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 28 फीसदी कम थी। पंजाब ने लगातार दो साल कमजोर मानसून का सामना किया है। भूजल पर बढ़ता दबाव 2026 में जून और सितंबर में सिर्फ 29.5-29.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जुलाई में 119.3 मिमी और अगस्त में 94.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह बारिश जून और सितंबर की भारी कमी की भरपाई नहीं कर पाई। पंजाब की खेती भूजल पर बहुत निर्भर है, जिससे सिंचाई के लिए दबाव बढ़ेगा। मानसून की कमजोरी से भूजल का प्राकृतिक रिचार्ज भी प्रभावित हुआ है।  साल–कितनी बारिश हुई-प्रतिशत 2026: 272.8 मिमी  38% कम 2025: 620.9 मिमी  41% ज्यादा 2024: 314.6 मिमी  28% कम 2014: 243.9 मिमी  50% कम 2012: 262.2 मिमी  47% कम पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी लुधियाना से जलवायु परिवर्तन एवं कृषि मौसम विभाग से डा. पवनीत कौर किंगरा का कहना है कि इस बार का मानसून अल नीनो के प्रभाव तले था, जिससे पहले ही अनुमान था कि सामान्य से कम बारिश होगी। पंजाब तक पर्याप्त मानसूनी सिस्टम नहीं पहुंचे। बारिश लाने वाले लो प्रेशर सिस्टम और मानसूनी गतिविधियां इस बार पंजाब के बजाय अन्य हिस्सों में ज्यादा सक्रिय रहीं। जुलाई के मध्य तक पंजाब में बारिश सामान्य से 24 फीसदी कम दर्ज की गई थी। इसके बाद भी मानसून की गतिविधि लगातार कमजोर बनी रही। सितंबर में भी कमी पूरी नहीं हो सकी। 

चंडीगढ़ में एस्टेट ऑफिस की सेवाएं हुईं डिजिटल, ‘ई-संपदा CHD’ एप शुरू

चंडीगढ़. एस्टेट ऑफिस की दो नागरिक-केंद्रित ई-पहल ई-संपदा सीएचडी मोबाइल एप और फेसलेस सेवा वितरण सुविधा शुरू हो गई हैं। राम दरबार स्थित सामुदायिक केंद्र में आयोजित समाधान शिविर के दौरान पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने दोनों सुविधाओं की औपचारिक शुरुआत की। डीसी-सह-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने दोनों पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि ई-संपदा सीएचडी ऐप के माध्यम से लोग मोबाइल से एस्टेट ऑफिस की सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप पर संपत्ति का विवरण देखने, पहले जमा आवेदन की स्थिति जांचने, बकाया राशि की जानकारी लेने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर उसका निपटान देखने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एस्टेट ऑफिस आने की जरूरत नहीं होगी। ऐप फिलहाल एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और जल्द ही आईओएस ऐप स्टोर पर भी आएगा। बिना अपॉइंटमेंट ऑनलाइन जमा होंगे दस्तावेज फेसलेस सेवा के तहत आवेदक बिना अपॉइंटमेंट लिए या एस्टेट ऑफिस आए आवेदन और दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। ये संबंधित शाखा को डिजिटल माध्यम से भेजे जाएंगे। संपत्ति संबंधी सेवाओं में आवेदन से अंतिम निपटान तक प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और आवेदक व अधिकारी के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं होगी। इससे सेवाएं अधिक पारदर्शी, कागजरहित और नागरिक-अनुकूल होने के साथ कार्यालय में लोगों की आवाजाही भी कम होगी।