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सुखबीर सिंह बादल के बयानों पर सख्त कार्रवाई की मांग, SGPC प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

अमृतसर में सोमवार को सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब पर उस समय गंभीर और संवेदनशील माहौल देखने को मिला जब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल मास्टर मिठू सिंह काहनेके के नेतृत्व में वहां पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने जत्थेदार साहिब को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल के हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और उनके खिलाफ सख्त धार्मिक कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल द्वारा दिए गए बयान सिख मर्यादा, परंपराओं और धार्मिक अनुशासन के खिलाफ हैं, जिससे पूरे पंथ की गरिमा को ठेस पहुंची है। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि अकाल तख्त साहिब के आदेशों को साजिश बताना बेहद गंभीर और अस्वीकार्य कदम है, जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सिख पंथ की सर्वोच्च मर्यादा का हवाला मीडिया से बातचीत करते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सिख इतिहास के कई उदाहरणों का उल्लेख किया, जिसमें बताया गया कि जब भी किसी ने पंथिक नियमों का उल्लंघन किया, तो उसने अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होकर अपनी गलती स्वीकार की और सजा को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल अनुशासन नहीं बल्कि सिख पंथ की आस्था और सम्मान का मूल आधार है। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि यदि इस मामले में कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गलत संदेश देगा और भविष्य में अकाल तख्त साहिब के आदेशों की अनदेखी करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा। ‘तनखैया’ घोषित करने की जोरदार मांग इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और गंभीर मांगपत्र यह रहा कि सुखबीर सिंह बादल को “तनखैया” घोषित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केवल ऐसी सख्त धार्मिक कार्रवाई ही पंथ की मर्यादा और अनुशासन को बनाए रख सकती है। उनका कहना था कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरी सिख परंपरा की गरिमा से जुड़ा हुआ है। SGPC अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल इस विवाद के बीच SGPC अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि 2 दिसंबर 2024 को अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करना SGPC नेतृत्व की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसमें गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर मांग की गई कि SGPC अध्यक्ष को भी अकाल तख्त साहिब में तलब किया जाए और उनसे पूरी जवाबदेही तय की जाए। पंथिक एकता बनाम राजनीतिक टकराव इस पूरे घटनाक्रम ने सिख पंथ के भीतर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां एक तरफ पंथिक मर्यादा और अनुशासन की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक टकराव के रूप में भी देखा जा रहा है। धार्मिक संस्थाओं की भूमिका और राजनीतिक नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी इस विवाद को और जटिल बना रही है। सख्त चेतावनी और भविष्य की चिंता प्रतिनिधिमंडल ने अंत में चेतावनी दी कि यदि अकाल तख्त साहिब के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो यह एक खतरनाक परंपरा स्थापित कर सकता है, जिससे भविष्य में धार्मिक संस्थाओं की शक्ति और सम्मान दोनों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंथ की एकता और अनुशासन बनाए रखने के लिए कठोर निर्णय लेना अब अनिवार्य हो गया है।

CCTV में कैद वारदात: एक्टिवा पर आए बदमाशों ने कारों की खिड़कियां तोड़कर की चोरी

कपूरथला. जिले में चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही है। सुल्तानपुर लोधी और आस-पास के इलाकों में देर रात 2 अलग-अलग जगहों पर एक ही चोर द्वारा कारों की खिड़कियां तोड़कर चोरी की कोशिश का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, ये घटनाएं रात के समय हुईं, जहां चोर सफेद एक्टिवा स्कूटर पर सवार होकर आया था। चोर ने अपना चेहरा पूरी तरह से ढक रखा था ताकि उसकी पहचान न हो सके और स्कूटर की नंबर प्लेट भी ढकी हुई थी। गांव मेवा सिंह वाला में एक टीचर की कार की खिड़की तोड़कर कार चोरी करने की कोशिश की गई, वहीं सुल्तानपुर लोधी शहर में एक प्रॉपर्टी डीलर की कार को भी निशाना बनाया गया।  दोनों घटनाएं कैमरों में कैद हो गई हैं, जिससे चोर की हरकतें साफ दिखाई दे रही हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। इलाके में चोरी की बढ़ती घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है, वहीं पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है।

चंडीगढ़ के कर्मचारियों को मिलेगा महंगाई भत्ते में इज़ाफा, जल्द मिलेगा फायदा

चंडीगढ़ चंडीगढ़ प्रशासन के वित्त विभाग ने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की दरों में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। नए आदेश के अनुसार महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। यह निर्णय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के 22 अप्रैल को जारी आदेश के अनुरूप लिया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस निर्णय को अपनाते हुए इसे अपने अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों पर लागू कर दिया है। यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय वन सेवा तथा अन्य संबंधित सेवाओं के अधिकारियों और चंडीगढ़ प्रशासन के सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा। वित्त विभाग ने सभी संबंधित विभागों, प्रशासनिक सचिवों और कार्यालय प्रमुखों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस आदेश को प्रशासन की आधिकारिक जानकारी प्रणाली पर दर्ज करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस फैसले से कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है और उनकी आय में वृद्धि होगी। 1 जनवरी से लागू हुआ 60% महंगाई भत्ता लाखों रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले से पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई का सामना करने में बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। महंगाई राहत में कितनी बढ़ोतरी हुई है और यह कब से लागू होगा? पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के जारी एक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, महंगाई राहत (DR) में 2% का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के साथ ही बेसिक पेंशन पर मिलने वाला DR मौजूदा 58% से बढ़कर 60% हो गया है। पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर यह है कि यह नई दर 1 जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी (retroactive) प्रभाव से लागू मानी जाएगी, जिसका मतलब है कि उन्हें पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा। इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा किन पेंशनर्स को मिलेगा? आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ व्यापक स्तर पर लाभार्थियों को मिलेगा, जिनमें मुख्य रूप से सभी केंद्र सरकार के पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी, सशस्त्र बल के पेंशनभोगी और रक्षा सेवा अनुमानों से भुगतान पाने वाले नागरिक (Civilian) पेंशनभोगी, रेलवे के पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी, अखिल भारतीय सेवा के रिटायर्ड अधिकारी और पेंशनभोगी और वर्तमान में प्रोविजनल पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगी शामिल हैं। क्या बढ़ा हुआ पैसा खाते में आने में कोई देरी होगी? बिल्कुल नहीं। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि पेंशनर्स को उनके बढ़े हुए लाभ बिना किसी रुकावट या देरी के मिलें। अकाउंटेंट जनरल के कार्यालयों और अधिकृत पेंशन वितरण बैंकों (Pension Disbursing Banks) को तत्काल संशोधित DR के भुगतान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि बैंकों को "किसी अन्य निर्देश की प्रतीक्षा किए बिना" कैलकुलेशन और भुगतान की प्रक्रिया तुरंत आगे बढ़ानी चाहिए।    

Bus Strike Alert: पंजाब के ड्राइवरों का बड़ा ऐलान, अगले महीने ठप हो सकती हैं सरकारी बसें

चंडीगढ़. पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने 25 से 27 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे इन दिनों बस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहेंगी। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग  जानकारी के मुताबिक, यूनियन की राज्य स्तरीय बैठक में नेताओं ने सरकार पर ट्रांसपोर्ट विभाग के निजीकरण का आरोप लगाया। उनका कहना है कि किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है और कच्चे कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है। यूनियन ने मांग की है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, किलोमीटर स्कीम बंद की जाए और आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लिए जाएं। 25 से 27 मई तक पूर्ण हड़ताल  आंदोलन की रूपरेखा के तहत 1 मई को गेट रैलियां, 10 मई को ट्रांसपोर्ट मंत्री के घर के बाहर धरना और 18 मई को सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें न मानी गईं तो 25 से 27 मई तक पूर्ण हड़ताल होगी। इस हड़ताल के चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

Municipal Elections Punjab: 9 नगर निगमों के लिए 24 मई को मतदान की संभावना

चंडीगढ़. पंजाब में नगर निगम चुनावों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि राज्य के 9 नगर निगमों – मोहाली, होशियारपुर, अबोहर, बठिंडा, बटाला, बरनाला, पठानकोट, मोगा और कपूरथला – में नगर निगम चुनाव मई के आखिर तक होना लगभग तय है। सरकारी और एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के मुताबिक, ये चुनाव 24 मई को हो सकते हैं, लेकिन अभी इस पर आखिरी फैसला स्टेट इलेक्शन कमीशन को लेना है। इन चुनावों के लिए तैयारियां पहले ही कर ली गई हैं। सरकार ने चुनावों से पहले वार्ड रिजर्वेशन को भी अंतिम रूप दे दिया है। इस बार 50 परसेंट सीटें महिलाओं के लिए भी रिजर्व रहेंगी। एस.सी. और एस.टी. उम्मीदवार अपनी रिजर्व सीटों के अलावा जनरल सीटों से भी चुनाव लड़ सकेंगे। पंजाब में अगले नगर निगम चुनाव (अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और फगवाड़ा) काफी समय से पेंडिंग हैं। इन्हें अलग-अलग फेज़ में आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। 

पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान: शुक्रवार को सरकारी छुट्टी, सभी स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब के छात्रों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बता दें कि पंजाब सरकार ने 1 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, यह अवकाश मई दिवस के उपलक्ष्य में घोषित किया गया है। हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिन मजदूरों और श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित होता है। इस निर्णय का असर राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी विभागों पर पड़ेगा, जहां नियमित कामकाज इस दिन स्थगित रहेगा। हालांकि, आवश्यक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। राज्य में हीट वेव को लेकर अलर्ट                                वहीं आपको बता दें कि उत्तर भारत में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। पंजाब में भी तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले हफ्ते से गर्मी और ज्यादा तीव्र हो सकती है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।  

हरियाणा सरकार का अमृतसर के दुकानदारों के लिए बड़ा ऐलान, Dry Fruit, किराना और इलेक्ट्रिकल पर मिलेगा खास लाभ

अमृतसर  एकतरफ जहां अमृतसर की ड्राईफ्रूट व करियाना होल सेल मंडी (मजीठ मंडी व ढाब बस्ती राम) में कारोबारी सरकार की गलत नीतियों के कारण पलायन कर रहे हैं तो वहीं भाजपा शासित हरियाणा सरकार की तरफ से अमृतसर व दिल्ली के ड्राईफ्रूट-करियाना एवं इलैक्ट्रिकल दुकानदारों को 250 से ज्यादा दुकानों की अलाटमैंट की जा रही है, जिसमें व्यापारियों को हर प्रकार की सुविधा मिलेगी। जानकारी के अनुसार भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ पंजाब के उप-प्रधान एवं द फैडरेशन ऑफ करियाना एंड ड्राइफ्रूट कमर्शियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मेहरा की तरफ से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात की गई और व्यापारियो को दरपेश आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर के ड्राईफ्रूट व करियाना कारोबारियों को हरियाणा में दुकानें अलॉट करने का ऐलान किया। बकायदा एच.एच.आई.आई.डी.सी. (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्टक्चर डिवैल्पमैंट कार्पोरेशन) की तरफ से अप्रूवल भी जारी किया गया है। 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर मिलेगा इंफ्रास्टक्चर हरियाणा सरकार की तरफ से 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर कारोबारियों के लिए इंफ्रास्टक्चर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसमें व्यापारियों की दुकानों के अलावा, लेबर के रहने के लिए क्वार्टर, खाना खाने के लिए हाल, सिक्योरिटी गार्डर्स व हर प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। ड्राईफ्रूट मंडी मजीठ मंडी की बात करें तो आई.सी.पी. अटारी बार्डर के जरिए अफगानिस्तान से भारी मात्रा में अमृतसर व उत्तर भारत के कारोबार ड्राईफ्रूट का आयात करते रहे हैं, लेकिन पहले पुलवामा हमले व फिर पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ कारोबारी रिश्ते बिल्कुल खत्म हो चुके हैं और पाकिस्तान के रास्ते आई.सी.पी. अटारी पर आने वाले ड्राईफ्रूट के ट्रकों को भी पाकिस्तान रास्ता नहीं देता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुक्सान हो रहा है और दुबई के रास्ते ड्राईफ्रूट आयात किया जा रहा है, जिससे खर्च बहुत ज्यादा आता है और इसका असर ग्राहक पर भी पड़ता है, क्योंकि जितना ज्यादा खर्च आएगा उतनी ज्यादा कीमत पर ग्राहकों को ड्राईफ्रूट बेचा जाएगा। वॉल्ड सिटी के अन्दर होने के कारण मजीठ मंडी में रास्ते तंग ढाब बस्ती राम व ड्राईफ्रूट की मजीठ मंडी की बात करें तो इस ऐतिहासिक मंडियों को वॉल्ड सिटी के अन्दर बसाया गया था और जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई, वैसे-वैसे वाल्ड सिटी के अन्दर बसी इन मंडियों में आना-जाना आसान नहीं रहा और लेबर को मंडी में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि यह व्यापारियों पर निर्भर करता है कि वह अमृतसर में ही काम करना चाहते हैं या फिर हरियाणा में दुकानें खरीदकर काम करना चाहते हैं, लेकिन इसका नाकारात्मक पक्ष यह भी जरुरी है कि यदि व्यापारियों को दूसरे राज्य में पलायन होता है तो शहर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि पहले ही सरकार की गलत नीतियों के कारण अमृतसर की इंडस्ट्री हिमाचल व अन्य राज्यों में पलायन कर चुकी हैं। मोदी सरकार व्यापारी हितैशी : अनिल मेहरा अनिल मेहरा ने कहा कि मोदी सरकार व्यापारी हितैषी है और व्यापारियों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। केन्द्र सरकार सबका साथ और सबका विकास के लक्षय पर काम कर रही है।

परिवारिक कलह बनी हत्या की वजह, पत्नी के न लौटने से परेशान पिता ने बेटी को मारा

पटियाला. पंजाब के पटियाला के अंतर्गत आते राजपुरा के नजदीक अलीपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद के चलते एक पिता ने अपनी ही 12 साल की बेटी की हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और लोगों में गहरा आक्रोश और दुख देखने को मिल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित और उसकी पत्नी के बीच पिछले काफी समय से घरेलू झगड़ा चल रहा था। करीब डेढ़ साल पहले विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी अपने मायके जाकर अलग रहने लगी। इसके बाद से ही आरोपित लगातार पत्नी को वापस घर लाने के लिए दबाव बना रहा था। सूत्रों के अनुसार, आरोपित ने पत्नी को कई बार धमकियां दीं कि अगर वह वापस नहीं आई तो वह उनकी बेटी को नुकसान पहुंचा देगा। हालांकि इन धमकियों के बावजूद महिला वापस नहीं लौटी। गुस्साए आरोपित ने बेटी की कर दी हत्या आरोप है कि इसी गुस्से और मानसिक तनाव में आकर आरोपित ने अपनी ही 12 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद आरोपित ने मामले को छिपाने के लिए बच्ची का अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिला ने पुलिस को शिकायत दी और पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। परिवार में था तनाव भरा माहौल स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार में लंबे समय से तनाव का माहौल था, लेकिन किसी ने इस बात की कल्पना नहीं की थी कि मामला इतना भयावह रूप ले लेगा। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और डर का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

वारिस पंजाब दे और अकाली दल का पंथक एकजुटता समारोह, साथ में दिखी ताकत

लुधियाना अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' की ओर से सांसद अमृतपाल सिंह को वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा और दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे। यह घोषणा पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह ने लुधियाना में आयोजित विशाल पंथक एकत्रता को संबोधित करते हुए की। पार्टी की ओर से लुधियाना के मुंडियां कला, 33 फुटा रोड पर इस विशाल पंथक एकजुटता समारोह का आयोजन किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह सोनू द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के संरक्षक बापू तरसेम सिंह मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर संबोधित करते हुए, बापू तरसेम सिंह ने कहा कि दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे, जो हिंदू और दलित समुदाय से होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों की भागीदारी में विश्वास रखती है। पंजाब को नशे, गैंगस्टरवाद, लूटपाट और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' को सत्ता में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोग सांसद अमृतपाल सिंह की अगुवाई में राज्य में अगली सरकार बनते देखना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने लोकलुभावने वादे करके सत्ता में आने वाली पार्टियों पर भी तंज कसते हुए कहा कि अब लोगों का उनसे मोहभंग हो चुका है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक गुरप्रीत सिंह सोनू और स्थानीय नेतृत्व की भी सराहना की। वहीं पर, अपने संबोधन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं परमजीत सिंह जौहल, प्रिथीपाल सिंह बटाला, राजीव कुमार लवली, संदीप सिंह रुपालों और गुरप्रीत सिंह सोनू आदि ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की भीड़ साफ तौर पर दिखा रही है कि 2027 विधानसभा चुनावों में पंजाब में पंथक पार्टी की सरकार बनने जा रही है।

बलबीर सिंह सीचेवाल का बड़ा खुलासा, ‘आप छोड़ने वाले सांसदों ने मुझे भी बुलाया था, पर मैंने मना कर दिया’

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्यौता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।  सीचेवाल ने सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर दुख जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी।  राघव चड्ढा और संदीप पाठक के फैसले पर भी उन्होंने हैरानी जताई। कहा कि इन नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्योता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।   सीचेवाल ने सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर दुख जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी।  राघव चड्ढा और संदीप पाठक के फैसले पर भी उन्होंने हैरानी जताई। कहा कि इन नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया। हमने पंजाब के साथ कोई गद्दारी नहीं की, दस गुना ज्यादा कम करेंगे : साहनी आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने आप के आरोपों पर कहा कि हम गद्दार नहीं हैं। हम 10 गुना ज्यादा काम करेंगे। वर्ष 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में सांसद राघव चड्ढा और संदीप पाठक का अहम रोल था लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें साइड लाइन कर दिया गया। राघव चड्ढा और पाठक को साइडलाइन करने से बढ़ा असंतोष सांसद साहनी ने एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान कहा कि आप के दिल्ली चुनाव हारने के बाद नई टीम ने मोर्चा संभाल लिया। चड्ढा को संसद में उपनेता के पद से हटाने के बाद रोष बढ़ गया। दोनों प्रमुख नेताओं को नजरअंदाज करना गलती थी। बाकी सांसदों में भी इसे लेकर असंतोष था। साहनी ने कहा कि वह इसे लेकर आप प्रमुख केजरीवाल से भी मिले थे। केजरीवाल ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए बोल दिया था।   साहनी ने कहा कि वे इस्तीफा देने लगे थे लेकिन अपने करीबियों के साथ विचार विमर्श के बाद ही इस्तीफा न देने का फैसला लिया और इस दौरान सहमति बनी कि भाजपा ही पंजाब का भला कर सकती है। इसके बाद ही पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा पंजाब को जो मिलना चाहिए था वो सही समन्वय के कारण मिल नहीं पा रहा है।   पिछले चार साल से चुनावी मोड ही चल रहा है और राज्य और केंद्र सरकार दोनों एक दूसरे को कोस रहे रहे हैं। युवा पीढ़ी खेती नहीं करना चाहती है तो ऐसे हालात में पंजाब का क्या हो सकता है, क्योंकि केंद्र सरकार पंजाब के लिए बहुत कुछ करना चाहती है।   साहनी ने कहा कि फ्रेट सब्सिडी देने के लिए केंद्र तैयार है लेकिन आंकड़ों के साथ प्रस्ताव तो देना ही होगा। चुनाव के बारे में अभी कुछ नहीं कहना चाहता हूं, क्योंकि पंजाब के लोग समझदार हैं और 2027 विधानसभा चुनाव में उचित फैसला लेंगे।