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वारिस पंजाब दे और अकाली दल का पंथक एकजुटता समारोह, साथ में दिखी ताकत

लुधियाना अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' की ओर से सांसद अमृतपाल सिंह को वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा और दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे। यह घोषणा पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह ने लुधियाना में आयोजित विशाल पंथक एकत्रता को संबोधित करते हुए की। पार्टी की ओर से लुधियाना के मुंडियां कला, 33 फुटा रोड पर इस विशाल पंथक एकजुटता समारोह का आयोजन किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह सोनू द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के संरक्षक बापू तरसेम सिंह मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर संबोधित करते हुए, बापू तरसेम सिंह ने कहा कि दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे, जो हिंदू और दलित समुदाय से होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों की भागीदारी में विश्वास रखती है। पंजाब को नशे, गैंगस्टरवाद, लूटपाट और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' को सत्ता में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोग सांसद अमृतपाल सिंह की अगुवाई में राज्य में अगली सरकार बनते देखना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने लोकलुभावने वादे करके सत्ता में आने वाली पार्टियों पर भी तंज कसते हुए कहा कि अब लोगों का उनसे मोहभंग हो चुका है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक गुरप्रीत सिंह सोनू और स्थानीय नेतृत्व की भी सराहना की। वहीं पर, अपने संबोधन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं परमजीत सिंह जौहल, प्रिथीपाल सिंह बटाला, राजीव कुमार लवली, संदीप सिंह रुपालों और गुरप्रीत सिंह सोनू आदि ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की भीड़ साफ तौर पर दिखा रही है कि 2027 विधानसभा चुनावों में पंजाब में पंथक पार्टी की सरकार बनने जा रही है।

बलबीर सिंह सीचेवाल का बड़ा खुलासा, ‘आप छोड़ने वाले सांसदों ने मुझे भी बुलाया था, पर मैंने मना कर दिया’

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्यौता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।  सीचेवाल ने सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर दुख जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी।  राघव चड्ढा और संदीप पाठक के फैसले पर भी उन्होंने हैरानी जताई। कहा कि इन नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्योता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।   सीचेवाल ने सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर दुख जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी।  राघव चड्ढा और संदीप पाठक के फैसले पर भी उन्होंने हैरानी जताई। कहा कि इन नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया। हमने पंजाब के साथ कोई गद्दारी नहीं की, दस गुना ज्यादा कम करेंगे : साहनी आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने आप के आरोपों पर कहा कि हम गद्दार नहीं हैं। हम 10 गुना ज्यादा काम करेंगे। वर्ष 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में सांसद राघव चड्ढा और संदीप पाठक का अहम रोल था लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें साइड लाइन कर दिया गया। राघव चड्ढा और पाठक को साइडलाइन करने से बढ़ा असंतोष सांसद साहनी ने एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान कहा कि आप के दिल्ली चुनाव हारने के बाद नई टीम ने मोर्चा संभाल लिया। चड्ढा को संसद में उपनेता के पद से हटाने के बाद रोष बढ़ गया। दोनों प्रमुख नेताओं को नजरअंदाज करना गलती थी। बाकी सांसदों में भी इसे लेकर असंतोष था। साहनी ने कहा कि वह इसे लेकर आप प्रमुख केजरीवाल से भी मिले थे। केजरीवाल ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए बोल दिया था।   साहनी ने कहा कि वे इस्तीफा देने लगे थे लेकिन अपने करीबियों के साथ विचार विमर्श के बाद ही इस्तीफा न देने का फैसला लिया और इस दौरान सहमति बनी कि भाजपा ही पंजाब का भला कर सकती है। इसके बाद ही पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा पंजाब को जो मिलना चाहिए था वो सही समन्वय के कारण मिल नहीं पा रहा है।   पिछले चार साल से चुनावी मोड ही चल रहा है और राज्य और केंद्र सरकार दोनों एक दूसरे को कोस रहे रहे हैं। युवा पीढ़ी खेती नहीं करना चाहती है तो ऐसे हालात में पंजाब का क्या हो सकता है, क्योंकि केंद्र सरकार पंजाब के लिए बहुत कुछ करना चाहती है।   साहनी ने कहा कि फ्रेट सब्सिडी देने के लिए केंद्र तैयार है लेकिन आंकड़ों के साथ प्रस्ताव तो देना ही होगा। चुनाव के बारे में अभी कुछ नहीं कहना चाहता हूं, क्योंकि पंजाब के लोग समझदार हैं और 2027 विधानसभा चुनाव में उचित फैसला लेंगे।  

बिजली कटौती पर सरकार सख्त, मंत्री Arora ने गिनाए संकट के कारण और दिया राहत का भरोसा

चंडीगढ़. पंजाब में अचानक बढ़ी गर्मी ने बिजली व्यवस्था पर सीधा असर डाला है। भीषण लू और तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण बिजली की मांग में तेजी से उछाल दर्ज किया गया है। विभाग के अनुसार इस तरह की मांग पहले कभी अप्रैल महीने में देखने को नहीं मिली, जिससे पूरे तंत्र पर दबाव बढ़ गया है।  बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पहले से तय कार्यक्रम के तहत मरम्मत कार्य चल रहे थे। इसी वजह से कई स्थानों पर नियोजित बिजली कट लगाए गए, जिससे उपभोक्ताओं को कटौती अधिक महसूस हुई। 17 अप्रैल के बाद पैदा हुई स्थिति का यही सबसे बड़ा कारण है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसे नियोजित कट चार घंटे से ज्यादा नहीं होंगे और व्यवस्था को सामान्य रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। खेती के मौसम ने भी बिजली की मांग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस समय फसलों की कटाई के साथ-साथ आलू और टमाटर जैसी फसलों की खेती के लिए लगातार बिजली की जरूरत रहती है। किसानों को तय समय पर बिजली उपलब्ध कराना जरूरी होने के कारण ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। हालात पर विभाग रख रहा नजर विभाग के अनुसार राज्य में करीब छह हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रसारण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने का काम चल रहा है। लेकिन अचानक बढ़ी मांग के कारण इस काम की गति भी प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत के तौर पर उद्योगों को रात के समय खुले प्रावधान के तहत सीधे बिजली खरीदने की अनुमति दी गई है, ताकि दिन के समय ग्रिड पर लोड कम किया जा सके और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। अनावश्यक बिजली उपकरणों के इस्तेमाल से बचें विभाग का दावा है कि राज्य में जरूरत के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और प्रदेश अभी भी बिजली के मामले में आत्मनिर्भर स्थिति में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी तैयारियां पहले से थीं, लेकिन अप्रैल में इतनी अधिक मांग अप्रत्याशित रही। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अधिक खपत वाले समय में अनावश्यक बिजली उपकरणों का इस्तेमाल न करें, ताकि सभी को सुचारु रूप से बिजली मिल सके। बिजली की अधिकतम मांग में 12% की बढ़ोतरी अप्रैल की शुरुआत में: बिजली का इस्तेमाल पिछले साल के मुकाबले 7% से 21% तक कम था। पिछले 10 दिनों में: भारी गर्मी की वजह से बिजली के इस्तेमाल और इसकी डिमांड में जबरदस्त उछाल आया है। बड़ी छलांग: अधिकतम मांग 15 अप्रैल को लगभग 7900 MW थी, जो 25 अप्रैल तक बढ़कर 12000 MW के पार पहुंच गई है। स्थिति को सुधारने के लिए उठाए गए कदम बिजली कटौती का समय तय: लोगों को परेशानी न हो, इसलिए बिजली कटौती को ज्यादा से ज्यादा 4 घंटे तक ही सीमित रखा गया है। दूसरे राज्यों से बिजली का लेनदेन: दूसरे राज्यों के साथ 1500-2000 MW बिजली के लिए बातचीत आखिरी दौर में है; ये समझौते जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। हाइड्रो पावर प्लांट फिर से शुरू: 2025 की बाढ़ में सरकारी हाइड्रो यूनिट्स को नुकसान पहुँचा था। मरम्मत का काम 10 मई तक पूरा हो जाएगा, जिससे ग्रिड में 300 MW बिजली और जुड़ जाएगी। अतिरिक्त बिजली की खरीदारी: ग्रिड के लिए लगभग 1500 MW एक्स्ट्रा बिजली अलग-अलग राज्यों और प्राइवेट कंपनियों से खरीदी जा रही है। केंद्र सरकार से मदद: गर्मियों के पीक महीनों में राहत देने के लिए पंजाब केंद्र सरकार के कोटे से लगभग 2000 MW बिजली लेने की तैयारी कर रहा है। शॉर्ट-टर्म टेंडर: बाजार में कम समय वाले टेंडर निकाले गए हैं ताकि बिना किसी देरी के तुरंत फालतू बिजली खरीदी जा सके। चार्ज में छूट: अगले 2 महीनों के लिए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक 'व्हीलिंग चार्ज' और 'क्रॉस सब्सिडी' में छूट दी गई है।

मलावी में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा का अनावरण, सिख समुदाय ने किया जोरदार स्वागत

चंडीगढ़ भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने मलावी, अफ्रीका में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा की स्थापना की। महाराजा रणजीत सिंह, जिन्हें शेर-ए-पंजाब के नाम से जाना जाता है, एक महान भारतीय योद्धा और दूरदर्शी नेता थे। इस प्रतिमा का औपचारिक अनावरण 19 अप्रैल को बैसाखी समारोह के अवसर पर भारत के उच्चायुक्त श्री अमराराम गुजर और ब्लैंटायर सिटी के काउंसलर आइजैक जोमो उस्मान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। समारोह में सिख समुदाय के 400 से अधिक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत सरकार द्वारा उपहार स्वरूप प्रदान की गई यह प्रतिमा महाराजा रणजीत सिंह के जीवन और विरासत को समर्पित है। उनके साहस, कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता आज भी विश्वभर में पीढ़ियों को प्रेरित करती है। इस अवसर पर आइसीसीआर की महानिदेशक के. नंदनी संगला ने कहा कि यह स्थापना प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेषकर सिख समाज, के लिए अपनी समृद्ध विरासत से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। उच्चायुक्त श्री अमराराम ने इस ऐतिहासिक संबंध को महाराजा रणजीत सिंह के वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बताया।

‘AAP में घुटन महसूस हो रही थी’, राघव चड्ढा ने बताए अलग होने के कारण

चंडीगढ़. सांसद राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं एक सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने और बहुत मेहनत से इस पार्टी को सींचा, लेकिन आज ये पार्टी पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। इस पार्टी में आज एक टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता है, पार्लियामेंट में बोलने से रोका जाता है और ये पार्टी आज चंद भ्रष्ट लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है, जो अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ सालों से मैं यह महसूस कर रहा था कि शायद मैं एक गलत पार्टी में एक सही आदमी हूं। इसी के चलते मेरे सामने सिर्फ तीन विकल्प थे; पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं। राघव ने गिनाए तीन विकल्प तीसरा विकल्प कि मैं अपनी ऊर्जा और अनुभव लेकर किसी और पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं। इसलिए अकेले मैंने ही नहीं, मेरे साथ छह और सांसदों ने यह फैसला लिया कि हम इस पार्टी से रिश्ता तोड़ देंगे। एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते। वे अनगिनत शिक्षित लोग जो इस पार्टी के साथ जुड़े थे, क्या वे सारे लोग गलत थे? आप ऐसे समझिए, आप में से जितने ऑफिस जाने वाले लोग हैं, अगर आपका वर्कप्लेस टॉक्सिक बन जाए तो आप कितना काम कर पाएंगे? क्या आप वहां काम कर पाएंगे? आपको वहां काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप कराया जाए, तो आप क्या करेंगे? उस स्थिति में सही फैसला यही है कि आप उस जगह को छोड़ दें। शायद हमने भी वही किया। आप में से कई लोगों ने पूछा कि क्या मैं आम लोगों के मुद्दे वैसे ही उठाता रहूंगा? तो मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं आपकी समस्याओं को लगातार और जोश के साथ उठाऊंगा, और अच्छी बात यह है कि अब हम उन दिक्कतों के हल भी ढूंढ पाएंगे। कुछ दिन पहले बीजेपी में हुए थे शामिल कुछ दिन पहले राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने साथ-साथ छह और सासंदों के आप छोड़क बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी। आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ी झटका था। राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालिवाल, हर भजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता आदि बीजेपी में शामिल हो गए थे।  

पंजाब में गर्मी का तांडव, तापमान 40°C पार; मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया

लुधियाना  रविवार को पंजाब के विभिन्न जिलों में मौसम ने गर्मी का कहर बरपाया। लू के चलते तापमान लगातार तीसरे दिन 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। बठिंडा में सुबह 1.3 मिलीमीटर वर्षा हुई, लेकिन इसके बाद तेज धूप ने तापमान को 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया। लुधियाना और पटियाला में तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फरीदकोट में 42.8 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर में 41.4 डिग्री सेल्सियस, चंडीगढ़ में 40.8 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 40.5 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 39.3 डिग्री सेल्सियस, फिरोजपुर में 39.0 डिग्री सेल्सियस और होशियारपुर में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। अन्य जिलों में तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पंजाब के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं। 28 से 30 अप्रैल तक धूल भरी हवाओं और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है। एक मई को मौसम साफ रहेगा, जबकि दो मई को फिर से धूल भरी हवा और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। पंजाब और हरियाणा में लू के थपेड़े पंजाब और हरियाणा के ज्यादातर जिलों में दोपहर 12 बजे से देर शाम तक गर्म हवाएं चल रही हैं। हरियाणा के रोहतक, पानीपत और फरीदाबाद जैसे जिलों में गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है और मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहां न केवल गर्मी, बल्कि खराब वायु गुणवत्ता (AQI 222) ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यूपी और राजस्थान में पारा 46 के पार उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में भी तापमान 46 डिग्री दर्ज किया गया है। ओडिशा के झारसुगुड़ा में भी तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि तटीय इलाकों में लोग उमस से परेशान हैं। कब मिलेगी राहत? मौसम विभाग (IMD) ने भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर भी दी है। 28 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और हल्की बारिश हो सकती है। यह मौसम 2 मई तक बना रह सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना अधिक जताई गई है।  

पंजाब सरकार का ऐतिहासिक कदम, 201 गांवों में किसानों को धान की अग्रिम बिजाई करने की मिली अनुमति

 कलानौर  पंजाब सरकार ने सेमग्रस्त घोषित किए राज्य के 201 गांवों में अग्रिम धान बीजने की छूट दी है। इनमें गुरदासपुर जिले के तीन गांव शामिल हैं, जिनके करीब 200 एकड़ जमीन सेमग्रस्त है। पंजाब सरकार ने यह छूट दो साल के लिए दी है। गौर हो कि पंजाब में किसान दस मई से पहले धान की पनीरी की बिजाई नहीं कर सकते हैं। इसका उद्देश्य राज्य में घटते भू-जल स्तर को रोकना है। निकटवर्ती निज्जरपुर गांव के सरपंच रणदीप सिंह ने बताया कि ब्लाक डेरा बाबा नानक से संबंधित सरपंचों की मांग पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब भर में सेमग्रस्त घोषित किए 201 गांवों में अग्रिम धान बीजने की छूट दी है। अब इन खेतों के किसान साल भर में कभी भी धान की बिजाई कर सकते हैं। इस फैसले से डेरा बाबा नानक ब्लाक के सेमग्रस्त गांवों के सरपंचों व किसानों में खुशी की लहर है। इस संबंध में गांव निज्जरपुर के सरपंच रणदीप सिंह, प्रकाश सिंह, कुलविंदर सिंह, कर्मजीत सिंह, जगजीत सिंह आदि ने बताया कि पिछले साल अगस्त में सक्की किरण नाले और रावी दरिया के पानी से आई बाढ़ में उनकी धान की फसल तबाह हो गई थी। इसके बाद विभिन्न संगठनों के सहयोग से उन्होंने गेहूं की बिजाई की, लेकिन गेहूं वाले खेतों में सेम आ जाने के कारण उनकी गेहूं की फसल भी नष्ट हो गई थी। सरपंच रणदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव अठवाल, कोटली सूरत मल्ली, अर्लीभन्न के रकबे में सेम पड़ जाने और गेहूं की फसल नष्ट होने पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन सेम प्रभावित खेतों में अग्रिम धान लगाने की मांग की थी। इस मांग के मद्देनजर पंजाब सरकार ने कृषि विभाग और विभिन्न टीमों को सेमग्रस्त खेतों की जांच के लिए भेजा था। टीमों ने जांच के बाद पाया कि इन खेतों में डेढ़ से दो फुट मिट्टी खोदने के बाद सेम का पानी आ जाता है। पंजाब सरकार ने किसानों की मांग स्वीकार करते हुए जिला गुरदासपुर के गांव भुल्लर, अठवाल, कोटली सूरत मल्ली के अलावा पूरे पंजाब के विभिन्न जिलों के कुल 201 गांवों को सेमग्रस्त घोषित किया है। इनमें श्री मुक्तसर साहिब के 95, फरीदकोट के 19, फाजिल्का के 81, बठिंडा के दो और मानसा के एक गांव शामिल हैं। सरकार ने इन गांवों के क्षेत्र को धारा 3(3)(सी) के तहत 'पंजाब प्रिजर्वेशन ऑफ सब-सायल वाटर एक्ट, 2009' के दायरे से अगले दो सालों की अवधि के लिए छूट दे दी है। इस छूट के बाद अब ये किसान निर्धारित तिथि से पहले अग्रिम धान की बिजाई कर सकेंगे। किसानों का कहना है कि इस फैसले से उनकी आर्थिक को काफी राहत मिलेगी। सरपंच रणदीप सिंह ने सेमग्रस्त जमीनों के मालिक किसानों से अपील की कि वे धान की बिजाई के लिए नर्सरियों की तैयारी करें ताकि सेमग्रस्त खेतों में धान की बिजाई की जा सके। सरपंच रणजीत सिंह और प्रभावित किसानों ने बताया कि पिछले साल अगस्त महीने में बाढ़ के पानी से जहां उनकी धान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई थी, वहीं देर से खेतों में किसानों द्वारा बिजाई की गई गेहूं की फसल भी खेतों में सेम की मार पड़ जाने के कारण नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया कि कई किसानों के खेतों में से डेढ़ से तीन क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं की पैदावार ही निकली है, जो सामान्य से काफी कम है। किसानों ने कहा कि पंजाब सरकार को सेमग्रस्त जमीनों पर खराब हुई गेहूं की फसल का भी किसानों को तुरंत मुआवजा देना चाहिए ताकि समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे किसानों की आर्थिक सहायता हो सके। जिला गुरदासपुर के कृषि अधिकारी डा. ठाकुर रणधीर सिंह से बातचीत में उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पंजाब के विभिन्न जिलों के अलावा जिला गुरदासपुर के तीन गांवों आदि सहित कुल 201 गांवों को सेमग्रस्त घोषित किया गया है। इसके तहत इन सेमग्रस्त गांवों के किसानों को अग्रिम धान बिजाई की छूट मिली है, जबकि दूसरी जमीनों में धान की पनीरी की बिजाई और धान की रोपाई पंजाब सरकार के खेतीबाड़ी विभाग के आदेशों पर होगी।

नीना मित्तल का बड़ा बयान: भाजपा के पंजाब में सत्ता में आने की उम्मीदें पूरी नहीं होंगी

लुधियाना  आम आदमी पार्टी की हलका विधायक नीना मित्तल की अगुवाई में  यहां पार्टी के सात पूर्व राज्यसभा सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। टाहली वाला चौक में हुए इस प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के अनेक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों के पुतले फूंके गए और नारेबाजी कर अपना रोष व्यक्त किया गया। इस मौके पर विधायक नीना मित्तल ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें पंजाब के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल निजी लाभ के लिए उठाया गया है, जिससे जनता के भरोसे को ठेस पहुंची है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार की सोच पंजाब विरोधी है और उसके मंसूबे कभी भी पंजाब की सत्ता पर काबिज होने के पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों ने पहले ही पंजाब की किसानी और युवाओं को नुकसान पहुंचाया है, जिसे लोग भली-भांति समझते हैं। विधायक नीना मित्तल ने कहा कि पार्टी अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में राज्य को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जिनका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। विधायक नीना मित्तल ने जनता से अपील की कि सच और विकास की राजनीति का साथ दें और विरोधियों की गुमराह करने वाली नीतियों से सतर्क रहे।

पंजाब में 33 हफ्ते में जन्मी नवजात को ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से मिली जिंदगी, जीती मौत की जंग

चंडीगढ़  नवजात की पहली किलकारी राहत लेकर आनी चाहिए, लेकिन कई बार यह सन्नाटा भी लेकर आती है. बठिंडा जिले के रामपुरा फूल स्थित अग्रवाल अस्पताल में एक बच्ची का जन्म हुआ, लेकिन उसके जीवन की जंग अभी शुरू ही हुई थी।  सिर्फ 33 सप्ताह में जन्मी रेशम सिंह और गुरमेल कौर की बेटी समय से पहले बेहद नाजुक हालत में इस दुनिया में आई. उसका वजन केवल 1.926 किलोग्राम था, जो सामान्य पूर्णकालिक जन्म वजन (लगभग 2.5 से 4 किलोग्राम) से काफी कम है. जन्म के पहले ही पल से उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी. बिना चिकित्सकीय सहायता के सांस लेना संभव नहीं था. ऐसे हालात में समय गंवाने की कोई गुंजाइश नहीं थी।  डॉ. सुरिंदर अग्रवाल (एमडी पीडियाट्रिक्स), जिनके पास 24 वर्षों का अनुभव है, ने अपनी टीम के साथ तुरंत उपचार शुरू किया. बच्ची को एनआईसीयू में भर्ती किया गया, जहां मशीनें वह काम कर रही थीं, जो उसके अविकसित फेफड़े नहीं कर पा रहे थे. मॉनिटर पर हर धड़कन और हर सांस पर नजर रखी जा रही थी. हर पल अनिश्चितता और हर पल महत्वपूर्ण था।  इसके बाद 17 दिनों तक लगातार देखभाल और सही उपचार जारी रहा. नवजात को 10 दिनों तक कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (CPAP) सहायता दी गई, इसके बाद 4 दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया. इस दौरान बच्ची को पीलिया हो गया, जिसका इलाज फोटोथेरेपी से किया गया. सीमित कंगारू मदर केयर के जरिए सावधानीपूर्वक पोषण दिया गया, ताकि उसकी नाजुक स्थिति प्रभावित हुए बिना उसे गर्माहट और स्थिरता मिल सके।  डॉ. अग्रवाल ने कहा, “एनआईसीयू में सुधार अचानक नहीं आता, यह धीरे-धीरे स्थिर संकेतों के साथ आता है.” धीरे-धीरे सुधार दिखना शुरू हुआ। सांस सामान्य होने लगी. प्रतिक्रियाएं बेहतर हुईं. जो नाजुक शरीर पहले संघर्ष कर रहा था, वह दिन-ब-दिन मजबूत होने लगा. डॉ. अग्रवाल ने कहा, “कई बार बच्चे को बचाना सिर्फ इलाज पर नहीं, बल्कि सही समय पर निर्भर करता है. थोड़ी-सी देरी भी सब कुछ बदल सकती है।  इस मामले में कोई देरी नहीं हुई. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत परिवार को कैशलेस इलाज मिला, जिससे डॉक्टर बिना किसी आर्थिक चिंता के पूरी तरह उपचार पर ध्यान केंद्रित कर सके।  17 दिनों के इलाज के बाद बच्ची को स्थिर हालत में छुट्टी दे दी गई. अब उसका वजन 2.106 किलोग्राम है. हालांकि वह अभी भी नाजुक है, लेकिन पहले से काफी स्वस्थ है. नवजात अपने माता-पिता की गोद में जीवित, स्थिर और स्वस्थ हालत में अस्पताल से बाहर आई।  एक अन्य मामले में, होशियारपुर के मनिंदर सिंह ने अपना अनुभव साझा किया. उनकी बेटी गुरकीरत कौर, जिसका जन्म इसी वर्ष 14 अप्रैल को हुआ था, को भी जन्म के बाद नवजात देखभाल की जरूरत पड़ी. उन्होंने कहा, “अस्पताल में उसका अच्छा इलाज हुआ और पूरा खर्च मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड के तहत कवर हो गया।  रजिस्ट्रेशन उसी दिन पूरा हो गया और अब परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।  मनिंदर सिंह ने धन्यवाद देते हुए कहा, “इसलिए ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ बहुत महत्वपूर्ण है. जो व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष करता है, वह भी अपने बच्चे के लिए बेहतर इलाज ले सकता है. यह बहुत बड़ी बात है।  पंजाब के एनआईसीयू में अभी भी खामोशी होती है, लेकिन अब वह डर नहीं, बल्कि उम्मीद से भरी होती है।  यह उम्मीद बिल्कुल शांत और स्थिर होती है, जिसमें मॉनिटर हर दिन और मजबूत होती किसी नन्हे दिल की धड़कन दिखाता है, और कई बार यही खामोशी और स्थिरता सब कुछ बदलने के लिए काफी होती है। 

अमृतसर सीमा पर बीएसएफ ने की बड़ी गिरफ्तारी, ड्रोन से हेरोइन तस्करी की कोशिश को किया विफल

अमृतसर  देर रात भारत-पाकिस्तान सीमा के पास बीओपी कलाम डोगर इलाके में ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप भेजने की कोशिश की गई। सीमा पर तैनात जवानों ने संदिग्ध ड्रोन की दिशा में फायरिंग भी की, ताकि उसे निष्क्रिय किया जा सके और किसी भी तरह की घुसपैठ को रोका जा सके। कुछ देर बाद बीएसएफ और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान खेतों और आसपास के इलाके से एक ड्रोन बरामद किया गया। इसके साथ ही हेरोइन का एक पैकेट भी मिला, जिसका वजन करीब 535 ग्राम बताया जा रहा है। मामले की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रोन किस स्थान से उड़ाया गया और इसके छे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है।