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बुजुर्गों के लिए चंडीगढ़ में बनेगा बैठक स्थल, खेल सकेंगे शतरंज-लूडो

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। सेक्टर-17 के प्लाजा में एक बैठक स्थल को संवारा गया है। नई कुर्सियां और मेजें लगाई गई हैं। छतरियां, पीने का पानी, समाचार पत्र और पत्रिकाओं की व्यवस्था की गई है। मनोरंजन के लिए शतरंज, लूडो और कैरम जैसे खेल भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल उपायुक्त निशांत कुमार यादव के मार्गदर्शन में चंडीगढ़ रेडक्रॉस की ओर से की गई है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके खाली समय में बैठने, आराम करने और आपस में बातचीत करने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है। मंगलवार को एडीसी अमनदीप सिंह भट्टी ने प्लाजा बैठक स्थल का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ नागरिकों से उपलब्ध सुविधाओं के बारे में उनसे बातचीत की। उनकी आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी भी ली, ताकि इस सुविधा को और अधिक उपयोगी बनाया जा सके। अमनदीप सिंह भट्टी ने कहा कि चंडीगढ़ रेडक्रॉस वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक मेल-जोल और बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए सुरक्षित और आरामदायक स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में चंडीगढ़ में उपयुक्त स्थानों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐसी और बैठकें स्थापित की जाएंगी।

पंजाब में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली खेल किट

चंडीगढ़. पंजाब भर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान से ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में जुड़ते हुए परिवारों और समुदायों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए ज़मीनी स्तर पर एक नेटवर्क तैयार कर रही हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ज़मीनी स्तर पर एक नेटवर्क तैयार कर रही हैं, जिसमें खेल और सामुदायिक भागीदारी नशे की रोकथाम की रणनीति के प्रमुख घटक बनकर उभर रहे हैं। श्री मुक्तसर साहिब के मलोट में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम ने यह झलक पेश की कि भगवंत मान सरकार का ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान एनफोर्समेंट और नशा मुक्ति से आगे बढ़कर सामुदायिक स्तर पर नशे की रोकथाम को मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

राजोआणा से जेल में मिले ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, जान बख्शी पर बड़ा बयान

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, तख्त श्री दमदमा साहिब के जथेदार ज्ञानी टेक सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने केंद्रीय जेल पटियाला पहुंचकर सजा-ए-मौत का सामना कर रहे भाई बलवंत सिंह राजोआणा से विशेष मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राजोआणा की सेहत और उनके मौजूदा हालातों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए जथेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने स्पष्ट किया कि सिख इतिहास में सिखों ने कभी भी हकीमों के आगे जान बख्शी के लिए घुटने नहीं टेके हैं, बल्कि शहादत का मार्ग चुना है। भाई बलवंत सिंह राजोआणा भी इसी गौरवशाली सिख परंपरा पर कड़ाई से पहरा दे रहे हैं और उन्होंने साफ कह दिया है कि उन्हें किसी से दया की भीख नहीं चाहिए।

वोट बंटवारे से बचने की तैयारी, चंडीगढ़ चुनाव में कांग्रेस-AAP गठबंधन की चर्चा

चंडीगढ़  दिसंबर में प्रस्तावित चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच एक बार फिर गठबंधन की संभावना बनती दिखाई दे रही है। रविवार को कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति और पाॅलिटिकल अफेयर्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई। प्रदेश चुनाव समिति में नगर निगम चुनाव के लिए आप के साथ गठबंधन के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बैठक में पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल, सांसद मनीष तिवारी सहित चुनाव समिति के सदस्य मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में सदस्यों से सीधे पूछा गया कि क्या कांग्रेस को नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। चर्चा के दौरान अधिकांश सदस्यों ने गठबंधन के प्रस्ताव पर सहमति जताई। अब चुनाव समिति के सदस्यों की राय के बाद प्रस्ताव को पार्टी हाईकमान के समक्ष रखा जाएगा। अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा। मालूम हो कि पंजाब विधानसभा से पहले चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव होने हैं। साल 2024 का लोकसभा चुनाव भी चंडीगढ़ में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन के तहत ही लड़ा था जिस कारण कांग्रेस उम्मीदवार मनीष तिवारी भाजपा को काफी कम मार्जन से हराने में कामयाब हुए थे। जबकि पंजाब में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। पिछले दो मेयर चुनाव भी कांग्रेस और आप एक साथ मिलकर लड़ चुके हैं ।ऐसे में अब फिर से गठबंधन होने पर भाजपा की राह मुश्किल हो जाएगी। कांग्रेस के भीतर गठबंधन को लेकर मंथन की बड़ी वजह वर्ष 2021 का नगर निगम चुनाव है। उस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव लड़ा था और 35 में से 14 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। कांग्रेस को आठ सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा ने 12 और शिरोमणि अकाली दल ने एक सीट जीती थी ।कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि 2021 में भाजपा और कांग्रेस के बीच परंपरागत मुकाबला आप के मैदान में उतरने के बाद त्रिकोणीय हो गया था। आप को मिले वोटों का एक हिस्सा ऐसा था, जो विपक्षी वोट के रूप में कांग्रेस के खाते में जा सकता था। कांग्रेस का मानना है कि इस बार तीनों दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने पर फिर से विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है। इस बैठक में पार्टी के प्रमुख रजनी पाटिल, सांसद मनीष तिवारी समेत चुनाव समिति के अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित थे। यह स्पष्ट हुआ कि एकसाथ खड़े होने से ना केवल वोटों का उलझन भंग होगा बल्कि भाजपा की सत्ता-धारण की राह पर भी गहरा असर पड़ेगा। पिछले 2021 के नगर निगम चुनाव की याद ताजा करते हुए यह कहा जा सकता है कि तब भी आम आदमी पार्टी ने पहली बार नगर निगम में भाग लेकर 14 वार्ड जीत कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। कांग्रेस को मात्र आठ सीटें मिलीं और भाजपा एवं शिरोमणि अकाली दल ने क्रमशः बारह और एक-एक सीट जीती। उस समय यह स्पष्ट था कि विपक्षी दलों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण वोट शेयरों का बंटवारा भड़कर हुआ था। उसी तर्क को आज के दौर में उभारा गया है कि यदि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं तो फिर से वोटों का विखंडन हो सकता है और परिणामस्वरूप भाजपा आसान जीत का दावा कर सकती है। विगत वार्षिक चुनावों में देखा गया कि जब दोनों दल एक साथ खड़े हुए थे, या कुछ प्रमुख वार्ड्स में गठबंधन के बाद हों थे, तो उन्हें काफी मजबूती मिली। 2021 के चुनाव में कुल 29. 79 प्रतिशत वोट कांग्रेस को मिले, इसके बाद भाजपा के 29.30 प्रतिशत व आम आदमी पार्टी के 27.08 प्रतिशत वोट थे। इसके अतिरिक्त निर्दलीय उम्मीदवारों को 7.10 प्रतिशत और अन्य दलों को 6.26 प्रतिशत वोट मिले थे। कांग्रेस वफादार चेहरे अब इस गठबंधन के तहत नई टिकट रणनीति अपनाने को तैयार हैं और अपने दल बदलों के अनुभव से सबक लेकर विजयी मार्ग पर अग्रसर हैं। अतीत में दिखे संघर्षों के बावजूद, अब दोनों दल यह समझते हैं कि सिर्फ़ ट्रिक-टैको पर टिके रहकर नहीं जीत सकते; बल्कि एक मजबूत और तालमेलपूर्ण गठबंधन योजना बनानी पड़ेगी ताकि विपक्षी दलों के बीच समन्वय हो सके और मतदाताओं के बीच मतभेद को दूर किया जा सके। इसके अलावा, पंजाब विधानसभा चुनाव के बावजूद भी चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव पूर्व होना अनिवार्य है और इस बार भी दोनों दलों के बीच एकजुट होकर कार्य करने की संभावना तेज़ी से बढ़ रही है। कांग्रेस के अंदर भी यह सर्वसम्मति स्पष्ट हो रही है कि 2024 के लोकसभा तथा 2025 के नगर निगम चुनाव में भी दो प्रमुख दलों के बीच एक फ्यूजन की आकांक्षा है। यह मतदाताओं के बीच उम्मीद जगाती है कि दोगली चुनाव लड़ने की बजाए एक सशक्त, संयुक्त मोर्चा प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रकार, चंडीगढ़ में आगामी नगर निगम चुनाव के परिदृश्य में दोनों दलों के बीच गठबंधन संभवतः आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण खबर बनकर सामने आ सकता है। कांग्रेस को मिले थे 29 प्रतिशत वोट साल 2021 के नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को आप और भाजपा के मुकाबले कम सीटें मिली थी ।लेकिन सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाली पार्टी कांग्रेस बनी है। निगम चुनाव में कांग्रेस को 29.79 फीसद वोट पड़े हैं। दूसरे नंबर पर भाजपा को 29.30 फीसद और तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी को 27.08 फीसद वोट पड़े हैं। निर्दलीय उम्मीदवार को 7.10 फीसद और अन्य को 6.26 फीसद वोट पड़ी हैं।मालूम हाे कि पंजाब में दोनो दल के नेता एक दूसरे का खुलकर विरोध करते हैं ।  

चंडीगढ़ में सब्जी दुकानदारों पर शिकंजा, 3 चालान के बाद 6 महीने लाइसेंस सस्पेंड

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में लगने वाली सब्जी मंडियों में वेंडरों की ओर से रंगीन लाइटों का प्रयोग करने पर एक्शन की तैयारी हो गई है। हरी, पीली या अन्य रंगों की लाइटें लगाने वाले वेंडरों के लाइसेंस तक कैंसिल किए जाएंगे। इस संबंध में निगम की कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया।  इस बार होने वाली हाउस की मीटिंग में यह एजेंडा लाया जाएगा। नगर निगम की समिति के मेंबर व पार्षद गुरप्रीत गाबी का कहना है कि लोग पैसे देकर फ्रेश और साफ-सुथरी सब्जियों के लिए आते हैं। लेकिन मार्केट में वेंडर रंग-बिरंगी लाइटें लगा देते हैं। वे सब्जियों पर हरी लाइट्स और फ्रूट पर येलो या रेड लाइट का प्रयोग करते हैं। इससे व्यक्ति मार्केट से सब्जी हरी समझकर खरीदकर ले आता है, लेकिन घर में आकर वह खराब या पीली निकलती है। यह धोखाधड़ी है। यह लोगों के खाने पर भी डाका है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके अलावा वेंडर प्लास्टिक बैग और गंदगी फेंककर चले जाते हैं। चालान का सिस्टम भी किया तैयार गाबी ने बताया कि चालान का सिस्टम भी बनाया गया है। इसके तहत कानून तोड़ने वाले वेंडर का चालान होगा। तीन बार चालान होने पर छह महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा। आईडी कार्ड में परिवार का ब्यौरा भी रहेगा। इसमें उसका पूरा एड्रेस रहेगा। किसानों को मंडी में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी इस कार्य का फायदा होगा कि उसे पूरी तरह से कवर किया जाएगा। लोकल किसानों को मंडी में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। यह छूट मंडी फीस में मिलेगी। यह छूट उन किसानों को मिलेगी, जिनके पास उनकी जमीन की फर्द और आईकार्ड होगा। कमेटी के सभी सदस्य इलाके के पार्षद नगर निगम की मंडी से जुड़ी कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया है। इस कमेटी के सभी सदस्य इलाके के पार्षद हैं। अक्टूबर माह की मीटिंग में यह प्रस्ताव आएगा। अगर सब कुछ सही रहा तो निगम की मीटिंग के बाद प्रशासन की मंजूरी मिलने पर इसे लागू कर दिया जाएगा।

दरबार साहिब में अमेरिकी राजदूत की मौजूदगी के दौरान खालिस्तानी झंडे लहराए

अमृतसर. भारत में अमेरिकी राजदूत सरजियो गोर के आज (सोमवार) श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचते ही शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के कार्यकर्ताओं ने खालिस्तान के झंडे दिखाए। खालिस्तान झंडे दिखाए जाने के बाद माहौल गरमा गया है। इस दौरान वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने राजदूत सरिजयो गोर को ज्ञापन देने का भी प्रयास किया, लेकिन वे विफल रहे। इस पूरी घटना के बाद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष इमान सिंह मान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे अमेरिकी राजदूत को सिख समुदाय से जुड़े कई बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे। जलियांवाला बाग का भी करेंगे दौरा अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने आज यानी सोमवार को एक दिवसीय अमृतसर दौरे पर पहुंचे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर गुरुघर का आशीर्वाद लिया। इसके अलावा उनके जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूजियम जाने का भी कार्यक्रम निर्धारित है। राजदूत के अमृतसर दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उनके निर्धारित कार्यक्रम वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं। सर्जियो गोर के दौरे का प्रमुख केंद्र श्री हरिमंदिर साहिब रहेगा। यहां वह माथा टेकने के साथ गुरुघर की मर्यादा के अनुसार दर्शन करेंगे। इसके बाद उनके जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूजियम जाने का कार्यक्रम है। दोनों स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

LPU में बढ़ी सुरक्षा, वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने संभाला मोर्चा; DGP की चेतावनी

जालंधर. फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में रातभर हुए हंगामे के बाद सोमवार सुबह पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। डीजीपी गौरव यादव, स्पेशल डीजीपी प्रवीण कुमार सिन्हा और डीआइजी नवीन सिंगला समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन भी कैंपस में तैनात की गई। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पंजाब के DGP गौरव यादव ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में हुए घटनाक्रम को लेकर बयान दिया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने बताया कि 26-27 सितंबर की दरम्यानी रात कैंपस के अंदर कुछ घटनाओं को लेकर देर रात अफवाहें फैलने लगी थीं. इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में बाहर आ गये. इस दौरान तोड़फोड़ की कुछ घटनाएं हुईं और गेट के एक हिस्से में आग भी लगा दी गयी. रात 1:30 बजे मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी DGP के मुताबिक, पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, करीब रात 1:30 बजे जालंधर रेंज के डीआइजी नवीन सिंगला, कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा, होशियारपुर के एसएसपी, जालंधर ग्रामीण के एसएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गये. पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और छात्रों के साथ बातचीत शुरू की. छात्रों की शिकायतों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन से कराया संवाद गौरव यादव ने कहा कि छात्रों की यूनिवर्सिटी प्रशासन से कुछ शिकायतें थीं. पुलिस ने छात्रों और प्रशासन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए बातचीत करायी. अधिकारियों ने पूरे दिन छात्रों के साथ संवाद जारी रखा, ताकि विवाद को बातचीत के जरिये सुलझाया जा सके. पुलिस ने छात्रों पर बल प्रयोग नहीं करने का लिया फैसला DGP गौरव यादव ने कहा कि स्थिति में कुछ उकसावे और कार्रवाई की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने का सचेत फैसला लिया. उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतें यूनिवर्सिटी प्रशासन से जुड़ी थीं, इसलिए पुलिस ने बातचीत से समाधान निकालने पर जोर दिया. महिला स्टाफ की मांग समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति पंजाब DGP गौरव यादव के अनुसार, छात्रों की प्रमुख मांगों में लड़कियों के हॉस्टल में केवल महिला स्टाफ की तैनाती शामिल थी. इसके अलावा भी कुछ अन्य मुद्दे थे. पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर शिकायतों के समाधान की दिशा में काम किया. उन्होंने कहा कि बुधवार को इस मुद्दे को सुलझा लिया गया और बैठकें भी हुईं. एक और बैठक आज होने की बात कही गयी है. हिंसा की घटना पर FIR, SIT करेगी विस्तृत जांच DGP गौरव यादव ने बताया कि घटना के संबंध में एफआइआर दर्ज कर ली गयी है. मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गयी है. टीम पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी और सभी पहलुओं की पड़ताल की जायेगी. पुलिस वाहन पर पथराव का भी जिक्र DGP गौरव यादव ने कहा कि पिछले रात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. कुछ तत्वों ने कथित उकसावे के बीच माहौल खराब करने की कोशिश की और पुलिस के वाहन पर पथराव किया. पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान कर रही है. CCTV फुटेज से होगी उपद्रवियों की पहचान पंजाब पुलिस प्रमुख ने कहा कि हिंसा और कानून हाथ में लेने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि CCTV फुटेज समेत तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से घटनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है. जांच के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

संत नगर गोलीकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, पंजाब पुलिस ने की कार्रवाई

अबोहर. संत नगर में रविवार को दिनदहाड़े अजय कुमार पर गोली चलाने के मामले में पुलिस ने रातभर पीछा करने के बाद एक आरोपी को मुठभेड़ में काबू कर लिया। किल्लियांवाली चौक पर नाकाबंदी के दौरान बाइक सवार तीन संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो वे फाजिल्का की ओर भाग निकले। पीछा करने पर बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गौतम धत्तरवाल पुत्र शंकर कुमार निवासी गणेशगढ़ के पैर में गोली लगी। उसे काबू कर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से फरीदकोट रेफर कर दिया गया। उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। एसएसपी गगन अजीत सिंह ने सोमवार को एसपी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आरोपियों की तलाश में एसपी व डीएसपी के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ, सिटी-1 पुलिस समेत कई टीमों ने रातभर छापेमारी की। पुलिस ने गौतम के पास से एक पिस्टल बरामद किया है। हालांकि अजय पर चलाया गया हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार यह हथियार फरार आरोपी सागर नेपाली के पास है। पुरानी रंजिश में अजय को बनाया निशाना एसएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गोलीकांड के पीछे आपसी रंजिश सामने आई है। अजय कुमार के भाई और विशाल पचार के बीच पुरानी दुश्मनी बताई गई है। इसी रंजिश के चलते अजय को निशाना बनाए जाने की बात जांच में सामने आई है। सागर नेपाली समेत तीन नामजद, अज्ञात भी आरोपी पुलिस ने थाना नंबर-1 में सागर नेपाली पुत्र भारत बहादुर निवासी पटेल नगर अबोहर, विशाल पचार उर्फ बोकसर निवासी अबोहर, गौतम धत्तरवाल पुत्र शंकर कुमार निवासी गणेशगढ़ और कुछ अज्ञात युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 61(2) व आर्म्स एक्ट के तहत केस नंबर 307 दर्ज किया है। पुलिस पर फायरिंग के आरोप में केस नंबर 308 भी दर्ज किया गया है। तीनों पक्षों का आपराधिक रिकॉर्ड एसएसपी के मुताबिक सागर नेपाली पर अबोहर और श्री मुक्तसर साहिब में पहले से तीन मामले दर्ज हैं। गौतम धत्तरवाल पर राजस्थान के विभिन्न थानों में चार केस दर्ज बताए गए हैं। विशाल पचार पर राजस्थान, हरियाणा, कन्नौज, केरल और अबोहर सहित करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। वहीं घायल अजय कुमार पर भी करीब नौ मामले पहले से दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

सांसद-विधायकों के लंबित मामलों की फाइलों का होगा कलर कोड, पंजाब-हरियाणा में नई व्यवस्था

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की निगरानी को और प्रभावी बनाने के मामले में सुनवाई स्थगित कर दी। कोर्ट ने कहा कि मामले से संबंधित कुछ हलफनामे अभी दाखिल होना बाकी हैं। इसके चलते मामले को अब सात अक्टूबर 2026 को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में पंजाब सरकार की ओर से यह बताए जाने पर कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) और आयकर विभाग की ओर से चलाए जा रहे कई मामलों का पूरा ब्योरा तत्काल उपलब्ध नहीं है, हाई कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसियों से इसकी जानकारी जुटाकर अदालत में पेश करने को कहा हुआ है। साथ ही, लंबे समय से लंबित मामलों को तुरंत पहचानने के लिए मामलों के रंग-कोड की व्यवस्था को और स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछली सुनवाई पर चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकील ने बताया कि सांसदों और विधायकों से संबंधित कई मामलों में ईडी, सीबीआइ और आयकर विभाग की ओर से अभियोजन चल रहा है, लेकिन इनका पूरा विवरण राज्य सरकार के पास तत्काल उपलब्ध नहीं है। जांच एजेंसियों को पहले रिकॉर्ड रखने के आदेश इस पर हाई कोर्ट ने केंद्रीय संबंधित विभागों और एजेंसियों से जानकारी एकत्र कर अगली सुनवाई से पहले रिकॉर्ड पर रखने को कहा था । अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के आंकड़ों में कोई अंतर सामने आता है तो संबंधित अधिकारी उसकी जांच कर स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। हाई कोर्ट के स्वत संज्ञान लेकर इस मामले की सुनवाई शुरू की है। अदालत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के मौजूदा और पूर्व सांसदों तथा विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की प्रगति की निगरानी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही सभी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को मौजूदा और पूर्व सांसदों-विधायकों के लंबित आपराधिक मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने का निर्देश दे चुका है। विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान देने को कहा गया है, जिनमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की ओर से कार्यवाही पर रोक लगी हुई है। अब रंग बताएगा केस कितना पुराना खंडपीठ ने रजिस्ट्री की ओर से तैयार सांसद-विधायकों से जुड़े लंबित मामलों की रंग-कोड वाली सूची भी देखी। इसमें उन मामलों की अलग श्रेणी बनाई गई है, जिनकी कार्यवाही हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के आदेश से रुकी हुई है। अदालत ने कहा कि जो मामले लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें अधिक स्पष्ट और उभरते हुए रंग में प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि पहली नजर में ही पता चल सके कि इन मामलों पर प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है।

चितकारा यूनिवर्सिटी छात्रा मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान, पुलिस-प्रबंधन से जवाब तलब

पटियाला. पटियाला के राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्राओं से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल खबरों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मामले में पंजाब राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पटियाला के डिप्टी कमिश्नर (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर 30 सितंबर 2026 तक पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। महिला आयोग ने 4 बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट – 1. शिकायत मिली तो क्या कार्रवाई की? आयोग ने पूछा है कि यूनिवर्सिटी के कैंपस या हॉस्टल से किसी छात्रा के लापता होने, घायल होने या किसी अप्रिय घटना की पुलिस शिकायत मिली है या नहीं। यदि शिकायत मिली है, तो उसकी कॉपी और अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। 2. कैंपस और हॉस्टल में सुरक्षा के क्या इंतजाम? छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंताएं जताई थीं। आयोग ने पूछा है कि इन चिंताओं को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस और हॉस्टल में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए हैं। 3. वायरल खबरों और अफवाहों की जांच कहां तक पहुंची? सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों, वीडियो और अफवाहों की सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है। आयोग ने जांच की मौजूदा स्थिति और अफवाहों के स्रोत से जुड़ी जानकारी मांगी है। 4. भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या योजना? आयोग ने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिसर में दोबारा ऐसी स्थिति पैदा होने से रोकने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों की जानकारी मांगी है। भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के उपायों का ब्योरा देना होगा। क्या था पूरा मामला? राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में 25-26 सितंबर 2026 की रात सोशल मीडिया पर हॉस्टल में भूत होने, छात्राओं के सुसाइड करने और कुछ छात्राओं के लापता होने की अफवाहें वायरल हुई थीं। खबरों से घबराकर सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल आए और कैंपस में विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा की मृत्यु और आत्महत्या से जुड़े दावों को खारिज कर अफवाह बताया