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पंजाब में NDPS मामलों में 40% बढ़ोतरी, मान सरकार ने तस्करों के खिलाफ लिया बड़ा एक्शन

चंडीगढ़  पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के प्रभावी, तेज और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं. ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि नशों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नशा तस्करी नेटवर्क को बड़े स्तर पर कमजोर किया गया है और दोषियों के खिलाफ सजा दर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है।  आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 से 2026 (अब तक) के दौरान 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाते हैं. गिरफ्तारियों की संख्या भी 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो राज्यभर में नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार और व्यापक कार्रवाई को दर्शाती है।  जब्तियों के आंकड़े इस अभियान की सफलता को और साफ करते हैं. हेरोइन की बरामदगी में 148 प्रतिशत का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है—2022 से अब तक 5,979 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जबकि 2017–21 के दौरान यह मात्रा 2,412 किलोग्राम थी. अफीम की जब्ती में भी 43 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होकर यह 3,583 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में विशेष रूप से उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है. ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की जब्ती 17 किलोग्राम से बढ़कर 93 किलोग्राम हो गई है, जो 447 प्रतिशत की वृद्धि है. कोकीन की जब्ती 6,064 किलोग्राम रही, जो पहले के 6,852 किलोग्राम के लगभग बराबर है।  इस अभियान की पहुंच अब दवाइयों के दुरुपयोग तक भी बढ़ चुकी है. 2022–26 के दौरान 8.7 करोड़ गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जो खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सप्लाई चेन पर बड़े प्रहार का संकेत है।  इस कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम न्याय प्रणाली में भी दिखाई दे रहे हैं. दोषियों के लिए सजा दर बढ़कर 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो मजबूत जांच, साक्ष्य संग्रह और प्रभावी अभियोजन को दर्शाती है।  डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने कहा, 'यह केवल कार्रवाई में वृद्धि नहीं, बल्कि नशे के खतरे से निपटने के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है. मामलों और जब्तियों में वृद्धि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को दर्शाती है, जबकि बढ़ती सजा दर यह दिखाती है कि मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा रहा है. सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी श्रृंखला पर लगातार दबाव बनाया गया है।  उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई की व्यापकता और निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की साफ रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसके तहत ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान राज्यभर में सक्रिय और निर्णायक कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बन चुका है।  हालांकि जब्तियों में वृद्धि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि मुख्य उद्देश्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और नशों की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।   

7 करोड़ कैश मिलने के बाद ED का एक्शन तेज, भुल्लर के 11 ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़ रिश्वतखोरी के केस में गिरफ्तार पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर के 11 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) तलाशी अभियान चला रही है. यह कार्रवाई सोमवार सुबह शुरू हुई. भुल्लर के चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में स्थित 11 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. ये जगहें आरोपी भुल्लर और उसके साथियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़ी हैं. मालूम हो कि डीआईजी भुल्लर को पिछले साल 8 लाख रुपए के रिश्वत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी में 7 करोड़ से ज्यादा रुपए कैश मिले थे।  आज भुल्लर के ठिकानों पर चल रही ईडी की रेड CBI, ACB द्वारा दर्ज किए गए मूल अपराधों से जुड़ी है। इन अपराधों में एक बिचौलिए के ज़रिए किसी आपराधिक मामले को निपटाने के लिए अवैध रिश्वत मांगने के आरोप शामिल हैं, साथ ही आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति का पता भी चला है।  चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा, जालंधन में चल रही तलाशी मिली जानकारी के अनुसार भुल्लर और उसके करीबियों के चंडीगढ़ में स्थित दो, लुधियाना में स्थित 5, पटियाला में स्थित दो के साथ-साथ नाभा और जालंधर में स्थित एक-एक ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. इन तलाशी अभियानों का मकसद अपराध से हासिल हुई और संपत्ति का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत इकट्ठा करना है।  बताते चले कि पिछले साल चंडीगढ़ में भुल्लर के आवास पर तलाशी के दौरान सीबीआई ने 7.36 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 2.32 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण, 26 ब्रांडेड घड़ियां और परिवार के सदस्यों के नाम अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए थे।  इन 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी ईडी की टीमें पीएमएलए की धारा 17 के तहत कुल 11 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं. ये अभियान 5 शहरों में चल रहे हैं।      चंडीगढ़ – 2 ठिकाने     लुधियाना जिला – 5 ठिकाने     पटियाला – 2 ठिकाने     नाभा – 1 ठिकाना     जालंधर – 1 ठिकाना जानकारी के अनुसार ये छापे आरोपी, उसके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर मारे जा रहे हैं. इस दौरान मनी ट्रेल और बेनामी संपत्तियों की जांच की जा रही है।  ईडी की कार्रवाई का ये है उद्देश्य     . अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) का पता लगाना     . भुल्लर से संबंधित बेनामी संपत्तियों की पहचान करना     . मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाना फिलहाल ईडी की तलाशी की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।  सीबीआई ने क्‍यों क‍िया था गि‍रफ्तार  पंजाब पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक यानी DIG हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने पिछले साल गिरफ्तार किया था और वे तभी से जेल में बंद हैं. भुल्लर के साथ बिचौलिए कृष्ण शारदा को भी 8 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में पकड़ा था. हाल ही में भुल्लर ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मांगी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।   

Punjab में बिजली संकट पर काबू, पावर कट्स खत्म करने के आदेश जारी

जालंधर. पंजाब में बीते कई दिनों से बिजली के कट लग रहे हैं। विभाग द्वारा मेंटेनेंस कार्यों को लेकर कई शहरों में बिजली कटों का ऐलान किया गया था। वहीं इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस को लेकर घोषित किए गए पावट कटों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जारी नए आदेशों में कहा गया है कि 11 kV और इससे ऊपर के किसी भी काम (PTW) की इजाजत बिना जोनल दफ्तर की लिखित मंजूरी के 30 अप्रैल तक नहीं दी जाएगी। सूत्रों से जानकारी मिली है कि विभान ने पहले से तय सभी शटडाउन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। विभाग ने इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि मेंटेनेंस के काम को तुरंत रोका जाए और जल्द से जल्द बिजली सप्लाई बहाल की जाए। बता दें कि इससे पहले विभाग द्वारा जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला सहित अन्य कई शहरों में बिजली कटौती के आदेश जारी किए थे।

खेत में संदिग्ध ड्रोन मिलने से सनसनी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

दीनानगर/फिरोजपुर. दीनानगर विधानसभा क्षेत्र के तहत थाना दौरांगला के गांव वजीरपुर अफगाना में एक किसान के खेतों में एक छोटा ड्रोन मिला है। इस बारे में जानकारी देते हुए DSP दीनानगर राजिंदर मिन्हास ने बताया कि बॉर्डर के बिल्कुल पास बसे इस गांव के किसान हरजीत सिंह पुत्र राम सिंह जब अपने खेतों की तरफ घूमने गया तो उसने अपने खेत में एक छोटा ड्रोन पड़ा देखा तो इस दौरान हड़कंप मच गया। उसने तुरंत थाना दोरांगला पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन को जब्त कर लिया और जब पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो अभी तक किसी भी तरह की कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई है, बाकी पूरे मामले की जांच जारी है। इसके पहले फिरोजपुर के नजदीकी गांव कोहाला में गेहूं की कटाई कर रहे किसान को अपने खेतों में एक ड्रोन और करीब सात किलो हेरोइन का पैकेट मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी के मुताबिक, जिस किसान के खेतों से यह बरामदगी हुई है, उसकी पहचान गुरजंट सिंह पुत्र थाना सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ड्रोन सहित हेरोइन के पैकेट को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला सरहदी क्षेत्र से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जिसमें ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

आबादी के बीच प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भयंकर आग, लोग घर छोड़ने को मजबूर

खन्ना. खन्ना के कब्जा फैक्ट्री रोड स्थित रिहायशी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के काम में जुट गईं। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं मोहल्ला निवासी शशि वर्धन ने बताया कि आग सुबह करीब 7 से 7:30 बजे के बीच लगी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ है और आसपास घनी आबादी होने के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्थानीय निवासी अवतार मोरिया ने आरोप लगाया कि इलाके में कई फैक्ट्रियां अवैध रूप से चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मोहल्ला वासियों ने इस संबंध में कई बार नगर काउंसिल को शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी तरफ टेक चंदन एंड सांस फैक्ट्री के मालिक संजय ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड मौके पर काफी देर से पहुंची, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई। साथ ही उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्री चलाने के लिए उनके पास सभी जरूरी एनओसी मौजूद हैं। वहीं फायर अफसर दमनप्रीत ने बताया कि उन्हें टेलीफोन के जरिए सूचना मिली थी कि कब्जा फैक्ट्री रोड स्थित एक फैक्ट्री में आग लगी है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी बनती कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और प्रशासन जांच में जुट गया है।

44 डिग्री के पार तापमान, Chandigarh, Panchkula और Mohali में झुलसाती गर्मी; राहत की तारीख सामने

जीरकपुर. ट्राईसिटी क्षेत्र चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली समेत जीरकपुर, डेराबस्सी व लालड़ू में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान में असामान्य बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। वहीं जीरकपुर में तापमान करीब 40.5 डिग्री, डेराबस्सी में 40.2 डिग्री और लालड़ू में लगभग 40.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। राज्य के बठिंडा और फरीदकोट में पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे पूरे पंजाब में लू जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने क्षेत्र में हीट वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही “वार्म नाइट” यानी रात के समय भी गर्मी बने रहने की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में 40 डिग्री पार, जनजीवन प्रभावित पंजाब के अमृतसर (40.3°C), लुधियाना (42.4°C), पटियाला (42.4°C), बठिंडा (42.5°C) और फरीदकोट (44.3°C) में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, बरनाला, मुक्तसर और पठानकोट सहित कई जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है। ट्राईसिटी के आसपास के शहरों—जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू—में भी गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। छत्तबीड़ चिड़ियाघर में भी गर्मी के चलते पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिन्हें तेज धूप में काम करना पड़ रहा है। रात का तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच रहने के कारण लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। कूलर और एसी का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत में भी इजाफा हुआ है। 27 अप्रैल से बदल सकता है मौसम, राहत की उम्मीद मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 27 से 30 अप्रैल के बीच पंजाब और ट्राईसिटी के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। अगले तीन दिन का पूर्वानुमान 27 अप्रैल: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में बारिश व तेज हवाएं 27 अप्रैल: पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश के आसार 28 अप्रैल: अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली, जीरकपुर व डेराबस्सी में गरज-चमक के साथ बारिश 45–55°C वाली चेतावनी भ्रामक, अफवाहों से बचें सोशल मीडिया पर 45 से 55 डिग्री तापमान को लेकर वायरल हो रही चेतावनी को मौसम विशेषज्ञों ने भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि यह कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और लोगों को केवल मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। लू के लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Moga में बड़ा साइबर फ्रॉड, मुनाफे का झांसा देकर युवक से 20 लाख की ठगी

मोगा. मोगा में आनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक युवक से करीब बीस लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। थाना साइबर अपराध पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मोगा की इंदिरा कालोनी निवासी अनिल कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह सोशल माध्यम का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक व्यक्ति द्वारा ट्रेडिंग से जुड़ा एक एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने भरोसा करते हुए वह एप डाउनलोड कर लिया और उसमें अपनी निजी जानकारी साझा कर दी। लालच में फंस युवक करवाता रहा पैसे जमा कुछ समय बाद उन्हें एक मोबाइल नंबर से संदेश और कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को ट्रेडिंग से जुड़ा जानकार बताते हुए उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपी ने अलग-अलग तरीकों से उन्हें अधिक लाभ का लालच दिया और धीरे-धीरे उनसे पैसे जमा करवाता रहा। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने उनसे कुल 20 लाख 4 हजार 260 रुपए अलग-अलग किस्तों में ले लिए। जब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने आरोपी से संपर्क करना चाहा तो संबंधित मोबाइल नंबर बंद आने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। साइबर सैल ने जांच  की शुरू वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच साइबर अपराध थाना को सौंप दी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई, जिसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोग लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति या एप के माध्यम से निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

Punjab टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट में हजारों अभ्यर्थी शामिल, परीक्षा केंद्रों पर हलचल

अमृतसर. स्टेट कौंसिल ऑफ रिसर्च ट्रेनिंग की ओर से पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता के दूसरे चरण की परीक्षा का आयोजन रविवार को किया जा रहा है। इस परीक्षा में कुल चार हजार से अधिक विद्यार्थी बैठे हैं और पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा के लिए अपने आपको आंक रहे हैं. इस परीक्षा में सभी उम्मीदवार शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों को ही शामिल किया गया है। इससे पहले पंद्रह मार्च को पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा का आयोजन किया गया था। तब नए उम्मीदवारों को भी परीक्षा पास करने का अवसर दिया गया था। 26 अप्रैल को होने वाली पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा को लेकर अध्यापक संगठनों में काफी बवाल मचा हुआ था। पहले यह परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित की जानी थी। लेकिन इसके लिए अध्यापकों को करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर सेंटर बनाए गए थे, जिस कारण अध्यापक संगठनों में विरोध पनप गया था। अध्यापकों के विरोध को देखते हुए पंजाब सरकार ने संबंधित अध्यापकों के शहर में ही अब परीक्षा केंद्रों का गठन कर दिया गया है। 26 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में संबंधित जिले में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में इन सर्विस अध्यापक परीक्षा देंगे। इस परीक्षा के लिए जिले में कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए है। बनाए गए परीक्षा केंद्रों में सुबह व शाम के सेशन में टाउन हाल स्कूल ऑफ एमिनेंस सारागढ़ी, खालसा कालेज सीसे स्कूल ब्वॉयज, खालसा सीसे स्कूल गर्ल्स, गुरु नानक स्कूल घी मंडी में दोनों सेशन में 480-480 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। वहीं, छेहरटा सीसे स्कूल ऑफ एमिनेंस में 200-200 उम्मीदवार परीक्षा के लिए बैठेंगे। पहले सेशन की परीक्षा सुबह साढे नौ बजे से 12 बजे तक होगी। व दूसरी शिफ्ट दोपहर ढाई बजे से पांच बजे तक होगी। संबंधित सकूल का स्टाफ परीक्षा को सुचारू रूप से करवाएगा। संबंधित स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का मुखी कंट्रोलर होंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने हर परीक्षा केंद्र में बाहरी स्कूलों से सुपरिटेडेंट तैनात किए है। सुबह सात बजे से माल रोड कंट्रोल रूम से परीक्षा प्रश्न पत्र मिलने शुरू हो जाएंगे। परीक्षा प्रश्न पत्र कलेक्ट करने की जिम्मेदारी कंट्रोलर को दी गई है। एससीईआरटी की ओर से परीक्षा केंद्रों पर आब्जर्वर तैनात किए गए है। इसके अलावा नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर व अंदर जैमर, कैमरे लगाए गए है। इसके अलावा उम्मीदवारों की बायोमैट्रिक की जाएगी। ताकि कोई बाहरी उम्मीदवार परीक्षा केंद्र में सेंध न लगा सके। परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी: डीईओ डिप्टी डीईओ सेकेंडरी राजेश खन्ना ने बताया कि परीक्षा को लेकर सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई है। स्टाफ को ड्यूटी आवंटित की गई है। किसी भी परीक्षा केंद्र में नकल को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए है। संबंधित कंट्रोलरों व स्टाफ को डयूटी आवंटित करते समय विशेष गाइडलाइन दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा को सुचारू रूप से करवाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को लिखा गया है। ताकि वहां पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए।

Sangrur में हिंसक झड़प, ट्रक यूनियन विवाद के बीच पुलिस पर हमला

संगरूर. संगरूर जिले के भवानीगढ़ क्षेत्र में ट्रक यूनियन की प्रधानगी को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार देर रात हिंसक रूप ले बैठा। नेशनल हाईवे जाम करने और पुलिस पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने दर्जन भर लोगों के खिलाफ इरादा कत्ल सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस घटना में दो पुलिस कर्मचारी घायल हो गए, जबकि पुलिस की दो गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। जानकारी के अनुसार, ट्रक यूनियन की प्रधानगी को लेकर दो गुटों के बीच पहले से तनाव बना हुआ था। शनिवार को प्रधानगी के चयन के लिए दिन तय किया गया था। इस दौरान एक पक्ष को डीएसपी दफ्तर बुलाकर वहीं बैठा लिया गया, जबकि दूसरे गुट की ओर से मालविंदर सिंह माला को प्रधान घोषित कर दिया गया। प्रधान घोषित करते ही विवाद हुई शुरू जब इस फैसले की जानकारी दूसरे पक्ष को मिली तो क्षेत्रीय विधायक नरिंदर कौर भराज डीएसपी दफ्तर पहुंचीं और अपने समर्थकों को वहां से बाहर निकाला। इसके बाद उनके समर्थकों ने लवली शर्मा काकड़ा को अपना प्रधान घोषित कर दिया। इसी को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद और अधिक बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लवली शर्मा को हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में उनके समर्थकों ने बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे को देर रात तक जाम रखा। जब पुलिस ने हाईवे खुलवाने की कोशिश की तो गुस्साए ट्रक आपरेटरों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों को चोटें आईं और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। हिंसक धाराओं के तहत मामला दर्ज एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और अब तक दस से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

Ravi River और Sutlej River में माइनिंग पर कोर्ट सख्त, Punjab सरकार को समयसीमा तय

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रावी और सतलुज दरिया के क्षेत्र में अवैध खनन के मामले में पंजाब सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों पर तीन हफ्ते के भीतर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने यह आदेश ड्रोन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि निर्धारित खनन क्षेत्र से बाहर खुदाई पाई जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाए। चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है, जिससे राज्य सरकार को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अमृतसर बार्डर और रावी दरिया किनारे में अवैध रेत खनन अभी भी जारी है। सुनवाई के दौरान सर्वे आफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत ड्रोन आधारित सर्वे रिपोर्ट को अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। रिपोर्ट में हाई रिजोल्यूशन इमेजरी और डिजिटल टेरेन माडल के माध्यम से यह संकेत मिला कि कई स्थानों पर खुदाई निर्धारित खनन क्षेत्र से बाहर की गई है। हालांकि, ड्रोन सर्वे अभी केवल कुछ गांवों तक सीमित है और पूरे रावी-सतलुज बेल्ट का आकलन बाकी है। इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अधूरी रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक स्थिति का आकलन संभव नहीं है। कोर्ट ने सर्वे आफ इंडिया को निर्देश दिया कि शेष क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण तीन सप्ताह के भीतर पूरा कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपे, ताकि पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। अदालत ने पंजाब सरकार को भी निर्देशित किया कि जैसे ही अंतिम रिपोर्ट प्राप्त हो, अवैध खनन से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए। इस पहले सुनवाई पर केंद्र सरकार ने भी बताया था कि बीएसएफ, सेना और केंद्र सरकार अवैध खनन और इसके जरिये सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने की दिशा में काम कर रही है। हाई कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय को आदेश दिया था कि वह बताएं कि सीमा के निकट कैसे वैध खनन की अनुमति दी जा सकती है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा था कि सीमा पर अवैध खनन बंद है और केवल रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही खनन की इजाजत दी जा रही है।