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Punjab Politics: Waris Punjab De लड़ेगा नगर निगम चुनाव, कैंडिडेट्स का ऐलान जल्द

मोगा. अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' ने मोगा नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि नगर निगम के तहत आने वाले सभी 50 वार्डों में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों के नामों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। प्रैस बयान में पार्टी के हलका इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने कहा कि नगर निगम चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा की मंजूरी के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से उतारे जाने वाले साफ छवि वाले उम्मीदवारों में हिंदू, सिख, ईसाई और मुस्लिम वर्गों के अलावा महिलाओं को भी काफी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि पंजाब भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि वह खुद एक व्यापारी हैं और व्यापारियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' मोगा शहर के हर तरफ के विकास, ड्रग्स के खात्मे और व्यापारियों के कारोबार से जुड़े मुद्दों पर नगर निगम चुनाव लड़ेगा। 

पंजाब में बासमती राइस के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना, क्रॉप डायवर्सिटी पर जोर

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में बासमती चावल के लिए एक हाई लेवल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी. इस पहल का उद्देश्य क्रॉप डायवर्सिटी को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को कम करना है।  मुख्यमंत्री नीदरलैंड दौरे पर गए हैं, जहां उन्होंने कृषि और उद्योग क्षेत्र की एडवांस टेक्नोलॉजी को करीब से देखा और समझा. उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने देशहित में लंबे समय तक अपनी उपजाऊ जमीन और जल संसाधनों का अधिक उपयोग किया है, लेकिन अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलना समय की मांग है।  इस दिशा में क्रॉप डायवर्सिटी को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है और इसमें नीदरलैंड महत्वपूर्ण सहयोगी साबित हो सकता है. मुख्यमंत्री ने रॉटरडैम में LT Foods की फैसिलिटी का दौरा किया, जहां उन्हें कंपनी के ग्लोबल प्रेजेंस और किसानों के साथ उसके मजबूत संबंधों के बारे में पता चला. उन्होंने सस्टेनेबल फार्मिंग पर जोर देते हुए कहा कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक उत्पादन के लिए कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और बासमती चावल को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देना आवश्यक है।  कंपनी ने पंजाब में बासमती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के बीच रिसर्च और सहयोग को मजबूत करने की वकालत की. उन्होंने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब कम लाभकारी हो गई है, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र बासमती चावल का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा. इसके साथ ही उन्होंने आल्समीयर स्थित विश्व के सबसे बड़े फूल बाजार का दौरा कर डच मॉडल को पंजाब में अपनाने की इच्छा भी जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ बैठक में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सहयोग पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि पंजाब ऑटोमेशन, एआई, ड्रोन और डेटा आधारित क्रॉप मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है. ग्रीनहाउस खेती को भी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयुक्त बताते हुए उन्होंने इसके विस्तार पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री मान ने डच कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया और राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 तथा फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल जैसी पहल की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पंजाब निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है. अंत में, भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। 

400 फीट ऊंचे टावर से 18 महीने बाद नीचे आए Gurjit Singh Khalsa, गूंजे जयकारे

पटियाला. पंजाब के पटियाला जिले के समाना इलाके में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर पिछले करीब 18 महीनों से चल रहा पदर्शन आखिरकार शुक्रवार को खत्म हुआ। गुरजीत सिंह खालसा को टेलीकॉम टावर से शुक्रवार सुबह सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। 560 दिनों बाद 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर से नीचे उतरे 560 दिनों से 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे कार्यकर्ता गुरजीत सिंह खालसा को आखिरकार शुक्रवार सुबह नीचे उतार लिया गया। इसके साथ ही 43 के खालसा के अनूठे ढंग से किए जा रहा विरोध प्रदर्शन आखिरकार खत्म होगया। बता दें कि खालसा ने 12 अक्टूबर 2024 को पटियाला के समीप समाना में स्थित टावर पर चढ़कर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। पटियाला जिला प्रशासन ने खालसा को सुरक्षित रूप से नीचे उतारने के लिए सेना से सहायता मांगी थी। खालसा शुक्रवार की सुबह ‘सिख जयकारा’ और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारों के बीच टावर से उतरे। खालसा के नीचे उतरने के बाद उन्हें चिकित्सा जांच के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया। इस बीच उनके समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए। सरकार ने मान ली ये मांगें पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को हाल ही में अधिसूचित कर दिया है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंड का प्रावधान है। इसे अधिसूचित किए जाने के बाद खालसा ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया। यह विधेयक पंजाब विधानसभा के 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान सर्वसम्मति से पारित किया गया था। बाद में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी। मांगे पूरी होने के बाद नीचे उतरने का फैसला किया दरअसल पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही। नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया।

‘लॉरेस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज के विरोध में रंधावा, वड़िंग और मजीठिया को बिश्नोई गैंग से धमकी

 गुरदासपुर पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से धमकी भरा संदेश मिला। यह धमकी उस समय सामने आई जब रंधावा ने लॉरेस ऑफ पंजाब (Lawrence of Punjab) नामक डॉक्यूमेंट्री के रिलीज का विरोध किया था। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह सहित कई अन्य नेताओं को भी इसी तरह के व्हाट्सएप संदेश मिले हैं। रंधावा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को सूचित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों को केंद्रीय एजेंसियों का संरक्षण प्राप्त है, तभी लॉरेंस बिश्नोई, जो गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, बाहर से गतिविधियां संचालित कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया, जो डिब्रूगढ़ जेल में बंद है, खुलेआम मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है। इस बीच, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगी और “गैंगस्टर मुक्त पंजाब” उनकी पार्टी की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब के लोगों द्वारा कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित वेब सीरीज लॉरेस ऑफ पंजाब का विरोध किए जाने के बाद भारत सरकार ने इसके रिलीज पर रोक लगा दी है।

रवजोत सिंह का बयान: नशा मुक्त जेल बनाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता

अमृतसर  पंजाब के संसदीय मामलों, एनआरआई मामलों और जेल मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने शनिवार सेंट्रल जेल पटियाला का विशेष दौरा करते हुए जेल प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने उजाला नर्सरी और जेल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उजाला नर्सरी का उद्देश्य कैदियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। लाइब्रेरी कैदियों को शिक्षा और जानकारी प्राप्त करने के बेहतर अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे। जेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जेलों का सुधार और पुनर्वास के केंद्रों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जेलों को नशा-मुक्त बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और इस दिशा में जेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। अपने दौरे के दौरान मंत्री ने जेल अस्पताल, बैरकों और आम आदमी क्लिनिक सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया और कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस मौके पर जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तैयब, जेल सुपरिंटेंडेंट गुरचरन सिंह धालीवाल, जेल सुपरिंटेंडेंट गुरचरण सिंह धालीवाल, अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट जैदीप सिंह, अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट अर्पणजोत सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट (सिक्योरिटी) आदर्शपाल सिंह और सहायक सुपरिंटेंडेंट करणवीर सिंह मौजूद रहे।

राजनीति में हलचल: Bhagwant Mann करेंगे राष्ट्रपति से भेंट, राज्यसभा में दल बदल पर नजर

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का मामला अब मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। माना जा रहा है कि वह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सदस्यों के मुद्दे को लेकर अपना पक्ष रखेंगे और इस पूरे घटनाक्रम पर संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग करेंगे। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री राष्ट्रपति से यह अनुरोध कर सकते हैं कि संबंधित राज्यसभा सदस्यों को बुलाकर उनका पक्ष सुना जाए और उसके बाद नियमों के तहत उचित फैसला लिया जाए। इसके साथ ही दलबदल कानून के तहत इन सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठाई जा सकती है।सरकार का मानना है कि यह मामला लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक नैतिकता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर स्पष्ट निर्णय जरूरी है। सीएम मान ने आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने 7 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने पर तंज कसते हुए कहा कि अलग-अलग ये नेता ज्यादा महत्व नहीं रखते। उन्होंने एक्स पर पंजाबी में लिखा, 'अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया – ये सात चीजें मिलकर किसी खाने का स्वाद बढ़ा देती हैं, लेकिन अकेले इनमें से कोई भी पूरी डिश नहीं बन सकती।' किन 7 नेताओं ने छोड़ा AAP का साथ यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया जब राघव चड्ढा और संदीप पाठक समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया है। इनके साथ अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी के नाम भी शामिल बताए गए हैं। राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है, इसलिए उन्होंने बीजेपी का दामन थामा। उन्होंने यह भी कहा कि सातों सांसद एक गुट के रूप में बीजेपी में शामिल हुए हैं। इस घटनाक्रम के बाद भगवंत मान ने इन नेताओं को गद्दार करार दिया और बीजेपी पर AAP को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेअदबी (धार्मिक अपमान) के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से बीजेपी असहज हो गई है। मान ने यह भी कहा कि इन सातों में से कोई भी बड़ा जनाधार वाला नेता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, 'एक सरपंच के पास भी वोट बैंक होता है, क्या इनके पास कोई वोट बैंक है?' उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में बार-बार चुनावी हार झेलने वाली बीजेपी अब दबाव, प्रलोभन और दल-बदल के जरिए AAP सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू उधर आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम बड़ा झटका माना जा रहा है। पंजाब से पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों का एक साथ भाजपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस घटनाक्रम से भाजपा की राज्यसभा में स्थिति मजबूत हुई है। खास बात यह है कि पंजाब में केवल दो विधायक होने के बावजूद भाजपा अब राज्यसभा में सात सदस्यों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। सीएम की मुलाकात पर टिकी नजरें वहीं दूसरी ओर आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने पहले ही पार्टी का रुख साफ कर दिया है। उनका कहना है कि जब दो-तिहाई सदस्य एक साथ दल बदलते हैं तो दलबदल कानून लागू नहीं होता। इस बयान के बाद कानूनी बहस भी तेज हो गई है और विशेषज्ञ अलग-अलग राय दे रहे हैं। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री भगवंत मान की संभावित राष्ट्रपति से मुलाकात पर टिकी हैं। अगर यह मुलाकात होती है तो आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर कोई बड़ा संवैधानिक फैसला सामने आ सकता है, जो पंजाब की सियासत की दिशा तय करेगा।

अप्रवासी पंजाबियों की समस्याओं का हल: हर माह दो बैठकें करेंगे समाधान की कोशिश

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने विदेशों में बसे पंजाबियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए अहम कदम उठाया है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब हर महीने दो बैठकें आयोजित की जाएंगी।अप्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने चंडीगढ़ में बताया कि हर महीने के दूसरे बुधवार को ऑनलाइन बैठक होगी, जबकि महीने में एक बार डिवीजन स्तर पर बैठक होगी। उन्होंने कहा कि ये बैठकें मालवा-1, मालवा-2, माझा और दोआबा डिवीजनों के अनुसार आयोजित होंगी, जिससे हर क्षेत्र के अप्रवासी भारतीय पंजाबी अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज करवा सकें और उनका समाधान हो सके। ऑनलाइन बैठक के लिए आवेदन निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले तक स्वीकार किए जाएंगे और बैठक वाले दिन ही उनका निपटारा किया जाएगा।मंत्री ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अप्रवासी भारतीय पंजाबियों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करना है। इस अवसर पर अप्रवासी भारतीय मामलों के सचिव वीएन जाडे, जालंधर के डिवीजनल कमिश्नर और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव रामवीर, विशेष सचिव अप्रवासी भारतीय मामलों की अधिकारी अमनदीप कौर, एडीजीपी अप्रवासी भारतीय मामलों के आरके जायसवाल और एआईजी अजींदर सिंह उपस्थित रहे।

Food Safety Action: तरनतारन में डेयरी और फूड आउटलेट्स पर रेड, 6 सैंपल कलेक्ट

तरनतारन. डिप्टी कमिश्नर तरनतारन राहुल और सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. सुखबीर कौर के गाइडेंस में फूड सेफ्टी टीम ‘फूड सेफ्टी फोर्टनाइट’ के तहत बड़े लेवल पर कैंपेन चला रही है। इसी कैंपेन के तहत फूड सेफ्टी टीम ने आज तरनतारन के लोकल और बॉर्डर एरिया-द्रजके, पहलवानके, चेला और दयालपुर में डेयरियों और अलग-अलग फूड आउटलेट्स का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। इस दौरान टीम ने दूध, लड्डू, चिकन और पनीर के 6 सैंपल इकट्ठा किए, जिन्हें टेस्टिंग के लिए खरड़ की लैब में भेज दिया गया है। इंस्पेक्शन के साथ-साथ टीम ने अवेयरनेस कैंपेन भी जारी रखा। इस दौरान सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को दुकानों और डेयरियों में पूरी सफाई रखने की हिदायत दी गई। खाने की चीजों में किसी भी तरह की मिलावट न की जाए। इस्तेमाल किया हुआ तेल दोबारा इस्तेमाल न किया जाए और बर्तन सही टेम्परेचर पर रखे जाएं। सभी व्यापारियों को अपना फूड रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस पूरा रखना चाहिए। इसके अलावा, टीम ने दयालपुर में एक स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाया, जिसमें लोगों को शुद्ध खाने की चीजो और बाजरे के फायदों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई। 

‘आओ मुझे खरीदकर दिखाओ’: भगवंत मान का भाजपा को कड़ा जवाब, AAP में बगावत के बाद चुनौती

चंडीगढ़  राघव चड्ढा की अगुवाई में राज्यसभा के सात सांसदों के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में भगदड़ मच गई है। पूरी पार्टी सहम सी गई है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, 'क्या बीजेपी को पंजाब के बेटे भगवंत मान का चैलेंज स्वीकार है? आओ मुझे खरीदकर दिखाओ।' इससे पहले भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है और उसने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है।' भगवंत मान ने दावा किया कि 'बेअदबी' के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से भाजपा की बेचैनी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, क्योंकि उसे पंजाब की भावनाओं से गहराई से जुड़े एक मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई को स्वीकार करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बार-बार अस्वीकृति का सामना कर चुकी भाजपा ने राज्य और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है तथा धमकी, प्रलोभन और दल-बदल के प्रयासों के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने की कोशिश की है। गौरतलब है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अगले साल के आरंभ में पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टी छोड़ने वालों और ऐसा कराने वालों की निंदा करते हुए मान ने कहा कि भाजपा के राजनीतिक आधार की कमी ने उसे ऐसी रणनीति अपनाने के लिए मजबूर किया है तथा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और रोजगार में दिखाई देने वाले सुधारों ने उसे अस्थिर कर दिया है। भगवंत मान ने कहा कि किसी व्यक्ति से पार्टी बड़ी है, और आप छोड़ने वाले 6-7 लोग पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे गद्दार हैं। राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे पार्टी के पांच अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले, दिल्ली में प्रेस वार्ता में आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने कहा कि वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

स्टूडेंट्स की सेहत पर फोकस: पंजाब में स्कूल-कॉलेज में Energy Drink बिक्री प्रतिबंधित

लुधियाना. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए ने राज्यभर में बच्चों को कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।  जारी आदेश के अनुसार, अब न सिर्फ बच्चों को एनर्जी ड्रिंक बेचना मना होगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज कैंटीन और आसपास भी इसकी बिक्री पर रोक रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल से 100 मीटर और शहरी इलाकों में 50 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक नहीं बेची जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अपने आदेश में बताया कि कई एनर्जी ड्रिंक्स के लेबल पर पहले ही लिखा होता है कि ये बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, बावजूद इसके इन्हें बड़े पैमाने पर बच्चों और युवाओं को बेचा जा रहा है। इन ड्रिंक्स में कैफीन, ग्वाराना, टॉरिन, जिनसेंग जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर पर उत्तेजक प्रभाव डालते हैं। शरीर पर पड़ सकता है नकारात्मक असर मेडिकल स्टडीज के हवाले से विभाग ने चेतावनी दी है कि ज्यादा कैफीन के सेवन से दिल, दिमाग, पाचन तंत्र और किडनी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह अधिक खतरनाक है। एफ डी ऐ कमिश्नर कनवल प्रीत बराड़ ने बताया कि यह फैसला पब्लिक हेल्थ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।