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महिला प्रचारकों के विरोध में बयानबाजी, निहंग ने दलेर AK47 और प्रभलीन पर टिप्पणी की

 फतेहगढ़ पंजाब में महिला सिख धर्म प्रचारक बीबी दलेर कौर के समागम के विरोध का मुद्दा गर्माता जा रहा है। एक तरफ फतेहगढ़ में हुई शहीदी सभा में भी बीबी दलेर कौर का मुद्दा उठा। निहंग जत्थेबंदी के सिंह साहिबान ने बीबी दलेर कौर के सोशल मीडिया पर आंसू बहाने का विरोध।  दूसरी तरफ एक और महिला सिख धर्म प्रचारक प्रभलीन कौर बीबी दलेर कौर के समर्थन में आ गईं। प्रभलीन ने कहा कि सिखी बाणे वाली महिलाओं को धमकाया जा रहा है। हमसे अच्छी तो वो हैं जो नंगी होकर वीडियो डालती हैं। घटना के बाद से दलेर कौर डिप्रेशन में हैं। वह ढंग से सो नहीं पा रही हैं। बता दें कि 22 दिसंबर को बीबी दलेर कौर का गुरदासपुर के पंजगराइयां में धार्मिक समागम था। इसमें बीबी दलेर कौर ने कहा कि जब दशम पिता ने चमकौर की गढ़ी छोड़ी तो अपना कलगी तोड़ा बाबा संगत सिंह को दिया। सिख इतिहास की इस बात पर निहंगों ने बीबी दलेर कौर का विरोध कर दिया। इसकी वजह ये है कि कुछ सिख विद्वान मानते हैं कि दशमेश पिता ने कलगी तोड़ा भाई जीवन सिंह को दिया था। बीबी दलेर कौर को लेकर निहंग जत्थेबंदी ने क्या कहा…     दलेर को जवाब देना चाहिए था, वक्त मांग लेती:  फतेहगढ़ साहिब में पहुंची निहंग जत्थेबंदी के निहंग सिंह ने कहा कि किसी ने सवाल पूछ ही लिया तो गलत क्या है। दलेर को ऊंचा नहीं बोलना चाहिए था, सवाल का जवाब देना चाहिए था। सवाल से भागना क्यों। जवाब नहीं था तो वक्त मांग लेतीं। वैसे तो बीबी दलेर कौर खुद को इंटरनेशनल प्रचारक के तौर पर प्रमोट करती हैं। AK-47 की बातें करती हैं और अब सोशल मीडिया पर रो रही हैं। सारा पंजाब भी उसके आंसू देखकर और भावुक होकर उसके साथ खड़ा हो गया है।     भुच्चो वाले साध के खिलाफ क्यों नहीं बोली: निहंग जत्थेबंदी के निहंग सिंह ने कहा कि मैं बीबी दलेर कौर से पूछना चाहता हूं कि जब भुच्चो वाला साध श्री गुरु ग्रंथ साहिब के बराबर कुर्सी लगाकर बैठ गया था तब क्यों नहीं बोली। अब तो सोशल मीडिया पर बहुत रो रही हैं। मेरी इस बात पर बहुत से विद्वान चीखेंगे। मैं सवाल पूछना चाहता हूं कि अगर बाबा संगत सिंह चमकौर की गढ़ी में शहीद हुए तो उनका शहीदी स्थान क्यों नहीं बना, उनकी यादगार क्यों नहीं बनी। आज अगर बीबी से किसी ने सवाल पूछ लिया तो सारा पंजाब बोल रहा है। हमें तो समझ नहीं आ रहा कि बीबी के साथ क्या धक्का हो गया। सवाल ही तो पूछा था, जवाब दे देती। नहीं पता था तो कह देती कि विचार करके बताउंगी। सवाल से क्यों भागना चाहिए।     शहीदी दिहाड़ा भूल लोग बीबी के पीछे लगे: निहंग जत्थेबंदी ने कहा कि बीबी दलेर कौर का मसला इतना बड़ा नहीं है। हम शहीदी दिहाड़ा भूलकर बीबी के पीछे लगे हैं। बिना मतलब से ये मुद्दा बना लिया गया है। बात दो बाटों में अमृत छकने के खिलाफ होनी चाहिए। जात-पात के खिलाफ बोलना चाहिए। निहंगों ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब भी पवित्र स्थान है, इसे भी पवित्र शहर का दर्जा दिया जाना चाहिए। वैसे पंजाब गुरुओं का है, अगर गुजरात सराकर पूरे गुजरात को ड्राई घोषित कर सकती है, तो पंजाब को क्यों नहीं। क्या पंजाब के CM की टांगों में जान नहीं है।

घटिया सड़क निर्माण पर मुख्यमंत्री मान का कड़ा रुख, ठेकेदार से मांगा जवाब

जालंधर/चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई जा रही संपर्क सड़को की क्वालिटी की चैकिंग करते हुए उसमें पाई गई अनियमितताओं को देखते हुए तत्काल प्रभाव से जहां एक तरफ ठेकेदार की क्लास लगाई वहीं पर सरकार की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी करवा दिया है। मुख्यमंत्री मान जब चंडीगढ़ जा रहे थे तो उन्होंने बन रही सड़क की क्वालिटी चैक करने के लिए अपना काफिला रुकवा लिया और मौके पर ही सड़क पर डाली गई लुक को खुदवा कर स्वयं निरीक्षण किया। मौके पर ही सड़क बना रहा ठेकेदार भी मौजूद था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि सड़क की क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क को कहीं से भी उखाड़ कर क्वालिटी चैक की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने तुरंत मौके पर अधिकारियों से कहा कि ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि इस ठेकेदार ने और भी सड़के जहां-जहां बनवाई है वहां सड़कों की क्वालिटी को चैक किया जाए।  उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए मापदंडों की अवहेलना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठेकेदार की पेमैंट रोक दी गई है और भविष्य में इस ठेकेदार को और कोई भी काम नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सड़क बनाने के बदले कोई रिश्वत किसी भी ठेकेदार से नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को पुरानी आदतें पड़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सड़क निर्माण में कम मटीरियल का प्रयोग किया गया तो वह उसे ठीक कर लें अन्यथा वह पंजाब भर में सड़कों की क्वालिटी को चैक करेंगे। 

रेल सफर हुआ महंगा: आज से लागू नई दरें, लंबी दूरी की यात्रा पर असर

पंजाब  रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आज से झटका लगा है। गुरुवार देर रात 12 बजे के बाद रेलवे किरायों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। नई दरों के अनुसार 215 किलोमीटर से अधिक दूरी का सफर अब प्रति किलोमीटर 1 से 2 पैसे महंगा हो गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, किरायों में की गई इस बढ़ोतरी से रेलवे को सालाना करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है। हालांकि राहत की बात यह है कि किराये के अलावा अन्य सभी शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भारतीय रेलवे के यात्री विपणन (समन्वय) प्रभाग के निदेशक प्रवीण कुमार द्वारा इस संबंध में रेलवे के सभी जोनों को परिपत्र जारी कर दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संशोधित किराए वस्तु एवं सेवा कर (GST) से जुड़े पहले से जारी निर्देशों के अनुसार ही प्रभावी होंगे। किराया बढ़ने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। 

पंजाब में मान सरकार का बड़ा ऐलान, इन लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के हर वर्ग की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सरकार आश्रित और अनाथ बच्चों की सुरक्षित, सम्मानजनक और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार उचित कदम उठा रही है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार ने अब तक राज्य के आश्रित और अनाथ बच्चों के लिए 314.22 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है, जिससे हजारों बच्चों के जीवन में सुरक्षा और स्थिरता आई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राज्य के 2 लाख 37 हजार 406 आश्रित और अनाथ बच्चों को नियमित वित्तीय सहायता दी जा रही है ताकि ये बच्चे वित्तीय सहायता से पढ़-लिखकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आश्रित और अनाथ बच्चे सिर्फ सरकारी आंकड़े नहीं हैं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा कि मान सरकार यह पक्का कर रही है कि कोई भी बच्चा मजबूरी, अनदेखी या आर्थिक कमजोरी की वजह से अपनी पढ़ाई और सपनों से दूर न रहे। पंजाब सरकार ऐसे हर बच्चे के साथ संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी के साथ खड़ी है। कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि इस स्कीम का फ़ायदा वे बच्चे उठा सकते हैं जिनकी उम्र 21 साल से कम है और जिनके माता-पिता या तो दोनों गुज़र चुके हैं या दोनों घर से दूर हैं या शारीरिक और मानसिक विकलांगता की वजह से परिवार की देखभाल करने में असमर्थ हैं। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मान सरकार की यह पहल सिर्फ़ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानित और उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने का साफ़ और पक्का वादा दिखाती है। 

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी: पंजाब में तापमान गिरा, फरीदकोट में सबसे ज्यादा सर्दी

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में सर्दी ने अब अपना असली असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में सुबह की शुरुआत ठंडी हवाओं और घने कोहरे की चादर के साथ हुई। हालांकि दोपहर के समय कुछ इलाकों में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन तापमान में आई गिरावट और ठंडी हवाओं ने घर से बाहर निकलने वालों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मौसम विभाग चंडीगढ़ द्वारा 25 दिसंबर को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान में गिरावट से ठंड और तेज हो गई। गुरदासपुर, पठानकोट और बल्लोवाल सौंखड़ी में घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि आदमपुर में शीत लहर देखने को मिली। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में औसतन अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इस समय फरीदकोट जिला ठंड का केंद्र बना हुआ है, जहां राज्य का सबसे कम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि दिन के समय सबसे अधिक तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस भी फरीदकोट में ही दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर पटियाला में दिन के समय काफी ठंड महसूस की गई, जहां अधिकतम तापमान मात्र 14.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से काफी कम है। इसके अलावा अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री, लुधियाना और पटियाला में 6.4 डिग्री, गुरदासपुर में 5.5 डिग्री, होशियारपुर में 5.1 डिग्री और बठिंडा (एयरपोर्ट) में 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 दिनों तक घने कोहरे और शीत लहर की चेतावनी पंजाब के लोगों को आने वाले दिनों में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के लिए तैयार रहना होगा। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी जारी की है। 26 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच पंजाब के कई हिस्सों में ‘घने से बहुत घने कोहरे’ के साथ शीत लहर चलने की संभावना है। वहीं ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) में भी अगले 5 दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने के साथ घना कोहरा रहने की उम्मीद है। चंडीगढ़ शहर में अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

अमर सिंह चहल प्रकरण में जांच तेज, तीन आरोपियों के नाम सामने आए

पटियाला पूर्व IG अमर सिंह चहल के मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों की पहचान की है। इसके अलावा पुलिस ने 25 बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए हैं और करीब 3 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन रोक दिए हैं। यह मामला 8.10 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़ा है। जांच में पता चला है कि इस ठग गिरोह के तार महाराष्ट्र से जुड़े हैं और तीन मुख्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है। जांच में पता चला कि आरोपी WhatsApp और Telegram ग्रुप के एक्टिव मेंबर थे। पुलिस के मुताबिक, ठगों ने कई फर्जी पहचान पत्र और अलग-अलग बैंक अकाउंट के जरिए ट्रांजैक्शन किए। जांच के दौरान 25 बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं और करीब 3 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन रोक दिए गए हैं। शक है कि इस गैंग में 10 से ज्यादा लोग शामिल हैं। आरोपियों ने बैंक का CEO बनकर इन्वेस्टमेंट के नाम पर पैसे ठगे। यह भी पता चला है कि अमर सिंह चहल ने 22 दिसंबर को धोखा खाने के बाद खुद को गोली मार ली थी, हालांकि वह इस घटना में बच गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले उन्होंने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। पुलिस को मौके से 16 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में उन्होंने आत्महत्या करने के अपने कारणों की जानकारी दी थी। जिससे पता चला है कि पूर्व IG ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए थे, जिससे उन्हें काफी फाइनेंशियल नुकसान हुआ था। गौरतलब है कि 2019 में रिटायर हुए अमर सिंह चहल यहां अर्बन एस्टेट इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह कुछ दिन पहले दोपहर करीब 1:30 बजे अपने घर के आंगन में आए और राइफल से खुद को सीने में गोली मार ली। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। 

जालंधर नगर निगम का एक कौंसलर जल्द ही आम आदमी पार्टी में हो सकता है शामिल

जालंधर  जालंधर से जुड़ी बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जालंधर नगर निगम का एक कौंसलर जल्द ही आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकता है। बताया जा रहा है कि संबंधित कौंसलर फिलहाल कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है और आज ही पार्टी बदलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कौंसलर आज आम आदमी पार्टी शामिल हो सकता हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 

विदेश भेजने का सपना दिखाकर मेडिकल कॉलेज की छात्रा को फंसाया, IELTS सेंटर संचालक पर शिकंजा

फरीदकोट हालाबाद मुदकी जिला फिरोजपुर की निवासी एक लड़की ने आईईएलटीएस सेंटर के मालिक के खिलाफ ब्याज पर पैसे देने के बहाने कार में बिठा कर अश्लील  हरकतें करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद लड़की के बयान के आधार पर सिटी पुलिस कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रही थी और अस्पताल में पढ़ाई शुरू करने से पहले वह आईईएलटीएस सेंटर में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। वहीं उसकी और उसके परिवार की मुलाकात आईईएलटीएस सेंटर के मालिक गुरप्रीत सिंह से हुई, जो मोगा जिले के ढुड़ी का निवासी है। उसने अपने भाई का यूके वीजा दिलाने के लिए गुरप्रीत सिंह को 2 लाख रुपये दिए थे। वीज़ा न मिलने पर उसने शिकायतकर्ता द्वारा दी गई राशि लौटा दी, लेकिन ब्याज पर और अधिक धन देने के बहाने शिकायतकर्ता को अपनी कार में बैठाकर उसके साथ अभद्रता की, अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी भी दी इस संबंध में सहायक थानेदार अकालप्रीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी DGP Award से सम्मानित

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके क्षेत्र में ड्रग डिटेक्शन किट्स के प्रभावी उपयोग के लिए पंजाब के निदेशक जनरल पुलिस (डीजीपी) द्वारा कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया गया है। एसएसपी बर्नाला मोहम्मद सरफराज आलम (IPS) और एसएसपी मलेरकोटला गगन अजीत सिंह (PPS, DR) को यह सम्मान 17 जुलाई 2009 की अधिसूचना के तहत पुलिस विभाग के आदेश संख्या 10698 के अंतर्गत दिया गया है।   डीजीपी गौरव यादव ने इन दोनों अधिकारियों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने मादक पदार्थों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाने वाले ड्रग डिटेक्शन किट्स के बेहतर और प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित किया है। इस सम्मान के आदेश की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और पंजाब पुलिस के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई हैं, ताकि आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध तरीके से की जा सके।

करोड़ों की ठगी का बड़ा खुलासा: वर्धमान ग्रुप चेयरमैन मामला, ED ने 5 राज्यों में मारा छापा

लुधियाना  वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एस.पी. ओसवाल से 7 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। देश के चर्चित साइबर ठगी मामलों में शामिल वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एस.पी. ओसवाल से 7 करोड़ रुपए की ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने अंतर्राज्यीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और असम में एकसाथ छापेमारी की। दिसंबर 2025 में हुई इस कार्रवाई के तहत ED ने कुल 11 ठिकानों पर तलाशी ली, जहां से कई डिजिटल उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े अहम रिकॉर्ड बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम को तुरंत अलग-अलग म्यूल अकाउंट्स में भेजकर उसे कई स्तरों में घुमाया जाता था, ताकि उसका स्रोत छिपाया जा सके। ED ने इस नेटवर्क से जुड़ी अहम आरोपी रूमी कलिता को असम से हिरासत में लिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक वह कमीशन के बदले म्यूल अकाउंट्स के संचालन और अवैध धन को इधर-उधर ट्रांसफर कराने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी। फिलहाल आरोपी को पूछताछ के लिए ED रिमांड पर लिया गया है। जानें पूरा मामला:  इस मामले की जड़ें अगस्त 2024 से जुड़ी हैं, जब 82 वर्षीय उद्योगपति एस.पी. ओसवाल को खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने निशाना बनाया। आरोपियों ने आधार कार्ड के दुरुपयोग और अंतरराष्ट्रीय अपराध में नाम जुड़ने का डर दिखाकर उन्हें तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखने का दावा किया। वीडियो कॉल के जरिए फर्जी अदालत, नकली सरकारी प्रतीक चिन्ह और वरिष्ठ अधिकारियों की डिजिटल नकल दिखाकर ठगों ने मानसिक दबाव बनाया। करीब 48 घंटे तक वर्चुअल निगरानी में रखकर मनी लॉन्ड्रिंग जांच और जमानत के नाम पर उनसे 7 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। यह राशि असम और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग खातों में भेजी गई थी ताकि बैंकिंग सिस्टम की निगरानी से बचा जा सके। घटना के सामने आते ही लुधियाना पुलिस ने साइबर क्राइम यूनिट और I4C के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए कई खातों को फ्रीज कराया, जिससे 5.25 करोड़ रुपए की रकम वापस हासिल की जा सकी। इसे अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी रिकवरी में गिना जा रहा है। ED की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि ठगी की रकम को रियल एस्टेट, शेल कंपनियों और डिजिटल करेंसी के माध्यम से खपाने की कोशिश की गई। एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है और इसी तरह के अन्य साइबर फ्रॉड मामलों में भी इसकी संलिप्तता हो सकती है।