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CM मान का बड़ा फैसला: जनवरी से शुरू होगी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, 3 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़  पंजाब के निवासियों के लिए नए साल के तोहफे के रूप में सीएम भगवंत मान ने स्वास्थ्य विभाग को जनवरी माह से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। आज यहां स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत राज्य के लोगों को बिना एक भी पैसा खर्च किए व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा यह योजना विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और लोगों को 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा शुरू की गई एक ऐतिहासिक पहल है। पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जहां हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज मिलेगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पंजाब सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के सभी पात्र निवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा और आसान पहुंच प्रदान करना है। यह योजना सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक अहम कदम है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक नामांकित परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का नकद-रहित चिकित्सकीय उपचार प्राप्त कर सकेगा। योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी निवासियों की आसान पहुंच सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत पंजाब और चंडीगढ़ के सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क में गंभीर बीमारियों, बड़ी सर्जरी, आईसीयू, क्रिटिकल केयर और जीवन-रक्षक उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना का मुख्य उद्देश्य सूचीबद्ध अस्पतालों में नकद-रहित और कागज-रहित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाले भारी खर्च को कम करना है। योजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत करेगी तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समयबद्ध शिकायत निवारण और लाभार्थियों को त्वरित सहायता भी सुनिश्चित की जाएगी। योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले खर्च, सर्जरी एवं चिकित्सकीय प्रक्रियाएं, आईसीयू और गहन देखभाल सेवाएं, बीमारियों की जांच, दवाइयां, स्वीकृत पैकेजों के अनुसार उपयोग में आने वाली सामग्री, अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्चों सहित सभी संबंधित व्यय कवर किए जाएंगे। पहले एक परिवार केवल 5 लाख रुपये तक का इलाज करा सकता था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब का हर नागरिक- चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या पेंशनभोगी- इस मुफ्त स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने का हकदार होगा। इस योजना के लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी अस्पताल या सूचीबद्ध निजी अस्पताल में अपना मुफ्त इलाज करवा सकेगा। अब पंजाब में किसी भी नागरिक को आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जनहित में इस महत्वाकांक्षी योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं।

मान सरकार का संवेदनशील फैसला: शहीद अध्यापक परिवार को वित्तीय सहायता और शिक्षा का पूरा खर्च

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ हर सुख-दुख में एक मज़बूत चट्टान की तरह खड़ी है। मोगा जिले में चुनाव ड्यूटी के दौरान एक दर्दनाक सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले अध्यापक दंपति के प्रति गहरी संवेदना और सम्मान प्रकट करते हुए, राज्य सरकार ने न केवल 20 लाख रुपये की कुल वित्तीय सहायता राशि तुरंत जारी कर दी है, बल्कि पीड़ित परिवार के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की भी बड़ी घोषणा की है। यह हृदयविदारक घटना उस समय घटी जब सरकारी अध्यापक जसकरण सिंह अपनी पत्नी कमलजीत कौर को चुनाव ड्यूटी पर छोड़ने जा रहे थे।  मोगा के बाघापुराना क्षेत्र में घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में गिर गई। इस दुखद हादसे में दोनों अध्यापकों की असामयिक मृत्यु ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तुरंत कदम उठाए और पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवा स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।  परिवार के साथ दुख साझा करते हुए स्पीकर संधवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार इन बच्चों को कभी बेसहारा नहीं छोड़ेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इन बच्चों की शिक्षा का सारा खर्चा वहन करेगी ताकि उनके माता-पिता का सपना अधूरा न रहे। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। पंजाब सरकार द्वारा दी गई यह त्वरित सहायता और बच्चों की शिक्षा का संकल्प केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह अपने कर्मयोगियों के प्रति सरकार के अटूट सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है और उनके बलिदान को प्रदेश कभी नहीं भुला सकता। विपक्षी दलों की केवल हवाई बयानबाजी के विपरीत, मान सरकार ने धरातल पर ठोस काम करके दिखाया है कि आम आदमी की सरकार वास्तव में जनता और कर्मचारियों के हितों के प्रति जवाबदेह है। संकट की इस घड़ी में सरकार की ओर से दिखाए गए इस मानवीय और संवेदनशील रुख ने राज्य के लाखों कर्मचारियों के भीतर यह विश्वास और गहरा किया है कि उनकी सेवा और सुरक्षा पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पंजाब में बढ़ती ठंड से जनजीवन प्रभावित, कोहरे–शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट; 6 फ्लाइट्स कैंसिल

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क बना रहेगा। बीते 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम तापमान फरीदकोट में 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आदमपुर में शीतलहर का असर देखा गया, जबकि गुरदासपुर और पठानकोट में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते चंडीगढ़ एयरपोर्ट से 6 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। सुबह के समय चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के इलाकों में घनी धुंध छाई रही। कई जगहों पर विजिबिलिटी घटकर 50 से 199 मीटर तक पहुंच गई, जिससे आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ। इन जिलों में घना कोहरा मौसम विभाग के अनुसार आज पठानकोट, नवांशहर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है।वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर और बठिंडा में शीतलहर के साथ घना कोहरा रहने के आसार हैं। तापमान में तेज गिरावट अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में तापमान 0.2 से 5.2 डिग्री तक नीचे गया है। चंडीगढ़: 17.4°C अमृतसर: 19.7°C लुधियाना: 21.2°C पटियाला: 14.6°C पठानकोट: 20.6°C बठिंडा: 23.5°C रूपनगर: 20.1°C मानसा: 24.1°C आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 27 से 29 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा और शीतलहर बनी रहेगी। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा।27 दिसंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जबकि 30–31 दिसंबर को नया सिस्टम सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी और पंजाब के कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।

फिटनेस को बढ़ावा: खिलाड़ियों और GYM यूज़र्स के लिए पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खेल और युवा सेवाएं विभाग के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंजाब भर में 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 3100 स्टेडियमों का निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-सीमा के साथ-साथ काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान खेल और युवाओं के लिए एक बड़े पैकेज की भी घोषणा की। इसके तहत राज्य में करीब 3000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे, 50 करोड़ रुपये की लागत से 17 हजार खेल किटें वितरित की जाएंगी, एक नया खेल पोर्टल शुरू किया जाएगा और 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 के तहत गांवों में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, जिनमें बाड़, गेट, जॉगिंग ट्रैक, खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोर और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर मोड़कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। युवाओं की फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में 1000 स्थानों पर 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जिम बनाए जाएंगे। इन जिमों में वेट लिफ्टिंग सेट, डंबल, केटलबेल, रैक और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार खिलाड़ियों को 17 हजार खेल किट भी देगी, जिनमें वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट से संबंधित सामान शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक गांवों में 5600 खेल किट वितरित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरकार एक आधुनिक खेल पोर्टल शुरू कर रही है, जहां खिलाड़ी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ग्रेडेशन, डीबीटी, ग्राउंड बुकिंग, ई-सर्टिफिकेट, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 हजार युवाओं के लिए प्रदेश के 9 जंगल क्षेत्रों में ट्रैकिंग और एडवेंचर कैंप लगाए जाएंगे। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 42-ए में 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा, जिसमें हॉस्टल, ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और सेमिनार रूम की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल बजट को 2023-24 में 350 करोड़ से बढ़ाकर 2024-25 में 1000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी टर्फ बदली जा रही हैं, जबकि मोहाली के सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर मौजूद है। इसके तहत 92 कर्मचारियों का चयन किया गया है, जो खिलाड़ियों की चोटों के इलाज और प्रदर्शन सुधार में मदद करेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार का हर कदम युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में है।

छुट्टियों के ऐलान के साथ पंजाब सरकार का कड़ा आदेश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

अमृतसर  पंजाब सरकार द्वारा घोषित की गई सर्दियों की 24 दिसम्बर से 1 जनवरी तक छुट्टियों में छात्रों और अध्यापकों को स्कूल बुलाने वाले स्कूलों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी सैकेंडरी राजेश शर्मा द्वारा सरकारी आदेशों को जमीनी स्तर तक पालना करवाने के लिए विशेष चैकिंग टीम का गठन किया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि लिखित शिकायत प्राप्त होने पर, तथ्यों के आधार पर संबंधित स्कूल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।जिला शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 24 दिसम्बर से 1 जनवरी तक सर्दियों की छुट्टियां की गई है। सरकार के ये आदेश सरकारी, निजी और एडिड स्कूलों पर लागू होते हैं। आज सरकार द्वारा घोषित अवकाश का पहला दिन था, लेकिन रणजीत एवेन्यू स्थित एक स्कूल द्वारा स्कूल लगाया गया, जिसमें छात्र और अध्यापक उपस्थित थे। विभाग के संज्ञान में आने पर उक्त स्कूल को छुट्टियों के दौरान बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बच्चों और अध्यापको के स्वास्थ्य और जान-माल की सुरक्षा के लिए सर्दियों के दौरान छुट्टियों की घोषणा की है। यदि उक्त समय के दौरान किसी छात्र या अध्यापक को कोई नुकसान पहुंचता है तो संबंधित स्कूल का प्रमुख इसके लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होगा। सरकारी आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा उप अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो जिले भर में स्कूलों को खोलने के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर लगातार तत्काल कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित स्कूल के खिलाफ शिकायत सही पाई जाती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और संबंधित स्कूल की एफिलेशन रद्द करने के लिए विभाग को पत्र लिखा जाएगा।

पंजाब सरकार की चेतावनी: 31 दिसंबर आखिरी तारीख, कर्मचारियों पर सख्ती तय

लुधियाना  सरकार द्वारा बकाया नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस जमा करवाने पर दी गई छूट की डैडलाइन 31 दिसम्बर को खत्म हो जाएगी। इससे पहले पैंडिंग फाइलों के निपटारे के लिए इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट में 26 दिसम्बर को फिर से कैंप का आयोजन किया जाएगा। यहां बताना उचित होगा कि लोकल बॉडीज विभाग द्वारा जारी की गई वन टाइम सैटलमैंट पॉलिसी में एन.सी.एफ. पर छूट के लिए 31 जुलाई तक आवेदन करने की डैडलाइन फिक्स की गई थी और वह लोग 31 दिसम्बर तक बकाया किस्तें जमा करवा सकते थे। लेकिन चेयरमैन के पास पहुंची शिकायतों के मुताबिक मुलाजिमों द्वारा ओ.टी.एस. से संबंधित ज्यादातर आवेदन बिना वजह एतराज लगाकर पैंडिंग रखे गए हैं। इसके मद्देनजर चेयरमैन तरसेम भिंडर द्वारा पहले सारे स्टाफ की मीटिंग बुलाकर अपनी वर्किंग में सुधार लाने की चेतावनी दी गई और फिर 18 दिसम्बर को कैंप लगाकर रजिस्ट्री, ट्रांसफर, एन.ओ.सी. से संबंधित 40 पेंडिंग केस आन द स्पॉट क्लीयर करवाए। इसके बाद भी काफी केस पैंडिंग होने की सूचना मिलने पर चेयरमैन ने 31 दिसम्बर की डैडलाइन खत्म होने से पहले 26 दिसम्बर को एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार फिर कैंप लगाने का फैसला किया गया है। 

एक कॉल और उड़ गए 76 लाख! WhatsApp ठगी की आपबीती सुनाकर पूर्व IAS ने किया बड़ा खुलासा

अमृतसर  पंजाब में रिटायर्ड अधिकारी लगातार साइबर ठगों के निशाने पर हैं। पिछले दिनों पूर्व आईजी अमरजीत सिंह चहल ने कथित तौर पर ठगी का शिकार होने के बाद आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी हरजिंदर सिंह चहल सामने आए हैं, जिनके साथ तकरीबन 76 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि वह अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए उनके पैसों को वापस कराए। पूर्व आईएएस अधिकारी ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान साइबर ठगी के पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम की वजह से मुझे काफी नुकसान हुआ है। पिछले साल सितंबर में उनके साथ 76 लाख रुपए की ठगी हुई थी, लेकिन अभी तक उनका पैसा वापस नहीं लौटा है। उन्होंने कहा, "मुझे एक व्हाट्सएप कॉल मिली थी। अपराधियों ने मुझे अपने झांसे में फंसाया था। इतने सवाल पूछे कि सोचने-समझने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं दिया। स्थिति ये हो चुकी थी कि जो चीजें वह मांगते रहे, मैं उन्हें देता चला गया।" पूर्व अधिकारी ने आगे कहा, "व्हाट्सएप कॉल पर अपराधियों ने उन्हें पैसों की वेरिफेकशन के बहाने तीन अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। जब मुझे शक हुआ कि मेरे साथ ठगी हुई है तो मैंने बैंक से संपर्क किया।" उन्होंने आरोप लगाए कि बैंक मैनेजर ने इस साइबर फ्रॉड को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की थी। अगर बैंक की तरफ से तुरंत एक्शन लिया गया होता तो काफी रकम को बचाया जा सकता था। हरजिंदर सिंह चहल ने कहा, "मैं अधिकारियों से गुजारिश करता हूं कि वे इसे वापस पाने में मेरी मदद करें और दूसरों को भी इसका शिकार होने से बचाएं।" बता दें कि कुछ दिन पहले पूर्व आईजी अमरजीत सिंह चहल ने खुद को गोली मारी थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए। बाद में एक तथाकथित नोट से अमरजीत सिंह के साथ करीब 8 करोड़ रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।

पंजाब के पानी पर NGT की कड़ी नजर, जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

पंजाब  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पंजाब सरकार को राज्य के जल स्रोतों में हो रहे प्रदूषण को लेकर जिला-वार, verifiable data की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने कहा कि जमीनी हकीकत और सुधारात्मक उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए सूक्ष्म और ठोस आंकड़े बेहद जरूरी हैं। यह निर्देश जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने सुओ मोटो मामले में जारी किए। पीठ ने 15 दिसंबर को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) द्वारा दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे पंजाब में कुल 1,511 प्रदूषण स्रोतों की पहचान की गई है। इनमें से 692 स्रोतों (करीब 45.79 प्रतिशत) को बंद या हटाया जा चुका है, जबकि 819 स्रोतों पर अब भी कार्रवाई लंबित है। रिपोर्ट में औद्योगिक इकाइयों, डेयरी अपशिष्ट, नगर निगम के सीवेज, गांवों के गंदे पानी के निकास और अन्य व्यक्तिगत प्रदूषण स्रोतों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण दिया गया है। इसके अलावा तालाबों के नवीनीकरण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और इन-सिटू रेमेडिएशन सिस्टम लगाने की समय-सीमा भी बताई गई है, जो फंड की उपलब्धता के आधार पर वर्ष 2028 तक निर्धारित की गई है। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने कहा कि मौजूदा रिपोर्ट से जमीनी हालात की पूरी तस्वीर साफ नहीं होती। इसलिए PPCB को निर्देश दिए गए हैं कि वह एक व्यापक, जिला-वार और तालिकाबद्ध रिपोर्ट दाखिल करे। इस रिपोर्ट में हर जल स्रोत का नाम, क्षेत्रफल, जियो-कोऑर्डिनेट्स, प्रदूषण के पहचाने गए स्रोत, अब तक बंद किए गए स्रोत, शेष स्रोतों को बंद करने की कार्ययोजना व समय-सीमा, और वर्तमान जल गुणवत्ता की स्थिति शामिल होनी चाहिए। PPCB ने संशोधित रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा, जिसे ट्रिब्यूनल ने मंजूर कर लिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को होगी। 

मेयर चुनाव से पहले चंडीगढ़ में सियासी उलटफेर, AAP के दो पार्षद BJP में शामिल

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में अगले महीने होने वाले मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दो महिला पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। पार्षदों के नाम सुमन देवी और पूनम देवी है। जनवरी में मेयर के चुनाव होने हैं। चर्चा है कि अमित शाह के पंचकुला के दौरे के दौरान उनसे उनकी मुलाकात करवाई जा सकती है। बता दें कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आज कई इवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए पंचकूला में हैं। उनके दौरे से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को उन प्रोग्राम्स की आखिरी तैयारियों का रिव्यू किया जिनमें शाह हिस्सा लेने वाले हैं। सैनी ने संबंधित अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया कि सभी ज़रूरी इंतज़ाम पूरे हो जाएं। चंडीगढ़ मेयर पद पर है बीजेपी का कब्जा मौजूदा समय में बीजेपी की हरप्रीत कौर बबला चंडीगढ़ की मेयर हैं। बीजेपी को यह जीत क्रॉस वोटिंग के बाद मिली थी। उस समय कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन में मेयर चुनाव लड़ा था। दो काउंसलरों के पाला बदलने को चंडीगढ़ के लोकल पॉलिटिकल माहौल में एक बड़ी घटना के तौर पर देखा जा रहा है। साल 2024 के चुनाव में हुआ था विवाद साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का मेयर घोषित किया था और पिछले नतीजे को पलट दिया था जिसमें शुरू में BJP उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया था। यह फैसला पिछले साल 20 फरवरी को आया था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मेयर चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को कैमरे पर AAP-कांग्रेस गठबंधन के आठ बैलेट पेपर को अमान्य करते हुए देखा गया। 

सेहत का सुधार: पंजाब सरकार ने 4 बड़े मेडिकल कॉलेजों में किया ₹69 करोड़ का निवेश

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री ने कहा कि 26.53 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, 28.51 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, 9.43 करोड़ रुपए डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एस.ए.एस. नगर (मोहाली) तथा 4.51 करोड़ रुपए पी.जी.आई. सैटेलाइट सेंटर, फिरोजपुर के लिए तुरंत दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आधुनिक मशीनें एवं अन्य उपकरण खरीदने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में विकास कार्यों के लिए किया जाए।  भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि हमारी सरकार पंजाब को विश्व भर में मेडिकल शिक्षा का गढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे इलाज एवं मेडिकल टेस्ट की सुविधाओं को और बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में यह कार्य समयबद्ध एवं उचित तरीके से पूरा किया जाए ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास रहा है कि इसने विश्व स्तरीय डॉक्टर पैदा किए हैं और आज भी राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा ले रहे हैं।  भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में मानक शिक्षा देना राज्य सरकार का फर्ज है ताकि मेडिकल शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों का काया-कल्प करने का एकमात्र उद्देश्य लोगों की मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इन प्रमुख कॉलेजों में मानक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से आम आदमी की भलाई सुनिश्चित होगी। भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि राज्य सरकार इस जनकल्याणकारी कार्य के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।