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एक महीने से लापता युवक पाकिस्तान में मिला, नशे के चक्कर में पार की भारत-पाक सीमा

चंडीगढ़  पंजाब के जालंधर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां सतलुज दरिया से सटे गांव भोयपुर का रहने वाला एक युवक गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया. युवक की पहचान शरणजीत सिंह के रूप में हुई है. इस बात की जानकारी तब सामने आई जब पाकिस्तानी रेंजर्स ने हथकड़ी लगाए युवक की तस्वीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की.तस्वीर वायरल होते ही उसके परिवार में हड़कंप मच गया. शरणजीत सिंह के परिजनों ने बताया कि वह बीते कई दिनों से लापता था. उसके पिता सतनाम सिंह और माता अमरजीत कौर के अनुसार शरणजीत 2 नवंबर की शाम को घर से निकला था. उसे गांव का ही एक युवक मंदीप सिंह अपने साथ ले गया था. इसके बाद शरणजीत वापस घर नहीं लौटा. परिवार ने काफी तलाश की लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो थाना शाहकोट में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई. कुश्ती खिलाड़ी है शरणजीत परिजनों का कहना है कि शरणजीत पिछले करीब 10 सालों से कुश्ती का खिलाड़ी रहा है लेकिन बीते एक साल से वह नशे की लत का शिकार हो गया था. नशे की वजह से उसका व्यवहार भी बदल गया था और वह घरवालों की बात नहीं मानता था. परिवार का आरोप है कि उसका दोस्त मंदीप सिंह भी नशे का आदी है. वही उसे खेमकरण बॉर्डर एरिया के पास छोड़कर आया था. पहले मंदीप लगातार गुमराह करता रहा लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि वह शरणजीत को तरनतारन के खेमकरण इलाके में छोड़ आया था. करीब 21 दिसंबर को सोशल मीडिया के जरिए परिवार को जानकारी मिली कि शरणजीत पाकिस्तान में पकड़ा गया है. वायरल तस्वीर में वह पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ हथकड़ियों में नजर आया. जानकारी के अनुसार शरणजीत को 20 दिसंबर को पाकिस्तान के कसूर जिले के सेहजरा इलाके में गंडा सिंह पुलिस स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. उस पर अवैध रूप से सीमा पार करने का आरोप लगाया गया है. एक बेटा विदेश में, दूसरा पहुंचा सीमा पार शरणजीत के पिता सतनाम सिंह ने बताया कि उनका बड़ा बेटा कई सालों से विदेश में रह रहा है जबकि बेटी पंजाब में पढ़ाई कर रही है. परिवार पहले ही एक बेटे से दूर है और अब इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है. माता-पिता ने भारत सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उनके बेटे को सुरक्षित भारत वापस लाने के प्रयास किए जाएं. फिलहाल परिवार को प्रशासन की ओर से किसी ठोस जानकारी का इंतजार है. यह मामला एक बार फिर नशे और सीमा से सटे इलाकों में युवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है.

आतंकी साजिश की आशंका से पंजाब में हड़कंप, इनपुट मिलते ही एजेंसियां सतर्क

गुरदासपुर  एक वरिष्ठ राज्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि मिलिट्री इंटैलिजैंस (एम.आई) से एक अलर्ट मिला है कि पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी समर्थित दुश्मन तत्व पाकिस्तान से भारतीय पंजाब में घुसने और सैन्य ठिकानों पर आतंकवादी हमला करने की कोशिश कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के साथ अंतरर्राष्ट्रीय सीमा से पठानकोट और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाली सड़कों पर विशेष चैक पॉइंट बनाए गए हैं और इलाके में अतिरिक्त बल भी भेजा गया है। खुफिया एजैंसियों ने मंगलवार को पंजाब में पाकिस्तान की आई.एस.आई. द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से संभावित घुसपैठ की कोशिश को लेकर अलर्ट जारी किया, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों को बढ़ा दिया है। अधिकारी ने कहा, तदनुसार हमने अपनी अलर्ट की स्थिति बढ़ा दी है और इन इनपुट को गंभीरता से ले रहे हैं। अधिकारी ने कहा, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बी.एस.एफ.) और पंजाब पुलिस पंजाब में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोशिश को नाकाम करने के इन प्रयासों में समन्वय कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई, 2015 को भारतीय सेना की वर्दी पहने 3 भारी हथियारों से लैस आतंकवादी पाकिस्तान से गुरदासपुर जिले में घुस आए थे। कहा जाता है कि वह रावी नदी सीमा के पास से घुसे थे। उन्होंने सुबह करीब 5.30 बजे एक कार को हाईजैक करके, सडक़ किनारे एक विक्रेता पर गोलीबारी करके, चलती पंजाब रोडवेज बस पर हमला कर यात्रियों को घायल किया। फिर दीनानगर पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर अपना हमला शुरू किया। उन्होंने अमृतसर-पठानकोट लाइन पर पास के एक रेलवे ट्रैक पर पांच बम भी लगाए थे, जिन्हें बाद में डिफ्यूज कर दिया गया। इस हमले में तीन आम नागरिकों और चार पुलिस कर्मियों समेत सात लोग मारे गए। पंजाब पुलिस ने तब सेना की मदद से करीब 120 घंटे तक चले गनफाइट के बाद तीनों आतंकवादियों को मार गिराया। इसी तरह 2 जनवरी, 2016 को, जैश-ए-मोहम्मद के भारी हथियारों से लैस आतंकवादी, जो आर्मी की वर्दी पहने हुए थे, पठानकोट में इंडियन एयर फोर्स बेस की बाउंड्री में घुस गए। उन्होंने रास्ते में एक पंजाब पुलिस के एस.पी. रैंक के अधिकारी की गाड़ी अगवा कर ली। गनफाइट कई दिनों तक चली, और सर्च ऑपरेशन 5 जनवरी तक जारी रहा। सफाई अभियान के दौरान एक हुए ब्लास्ट में एक सैनिक अधिकारी सहित सात भारतीय सुरक्षाकर्मी मारे गए। तक सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया।

पंजाब में हरियाली की रक्षा का आदेश, हाई कोर्ट ने बिना इजाज़त पेड़ कटाई पर लगाया प्रतिबंध

चंडीगढ़  पंजाब में अब पेड़ काटना आसान नहीं होगा। पूरे पंजाब में कहीं भी पेड़ काटने से पहले अब कोर्ट की विशेष परमिशन लेनी होगी। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केस में अगली सुनवाई या विशेष अनुमति के बिना पूरे राज्य में कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा। दरअसल, मोहाली की एयरपोर्ट रोड पर सरकार ने 250 पेड़ों को काटने का फैसला लिया था। मामले में मोहाली निवासी शुभम सेखों ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि विकास योजनाओं के नाम पर पेड़ काटने का फैसला बिना मानकों को ध्यान में रखकर लिया गया है।   मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर तलब किया। कोर्ट ने सरकार ने पूछा कि विकास के लिए इन पेड़ों के कटाई के लिए क्या रिसर्च या वैधानिक परमिशन ली गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदेशभर में पेड़ न काटने का फैसला सुनाया। मामले की अगली सुनवाई पर पंजाब सरकार विस्तार से अपना पक्ष रखेगी। हाई कोर्ट का फैसला इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि अरावली पर्वत श्रंखला पर पूरे देश में विवाद चल रहा है। सोशल मीडिया से लेकर जमीनी तक लोग भारी संख्या में विरोध में उतर आए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार की सिफारिश पर काफी विरोध चल रहा है। इससे लोगों में पर्यावरण को लेकर काफी जागरुकता देखी जा रही है। ऐसे में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का इस फैसले ने लोगों की ध्यान आकर्षित किया है।  

कर्नल बाठ केस में बड़ी कार्रवाई: CBI ने चार पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

मोहाली  यह घटना 13 और 14 मार्च की दरमियानी रात को घटी, जब कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ और उनका बेटा पटियाला के सरकारी राजिंद्रा अस्पताल के पास एक सड़क किनारे ढाबे पर थे। CBI ने कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ से मारपीट के मामले में चार पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बुधवार को मोहाली अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में अभियोजन पक्ष ने गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध रूप से रोकने (गलत निरुद्ध) सहित अन्य धाराओं में आरोप लगाए हैं। चार्जशीट के अनुसार, निरीक्षक रॉनी सिंह इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। हालांकि, चार्जशीट में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) की धारा शामिल नहीं की गई है। इससे पहले पटियाला पुलिस ने निरीक्षक हैरी बोपारई, रॉनी सिंह और हरजिंदर ढिल्लों सहित चार निरीक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 310, 155(2), 117(2) (दोनों स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। बाद में एक अन्य निरीक्षक को बीएनएस की धारा 299 और 191 के तहत नामजद किया गया था। यह कथित घटना 13 और 14 मार्च की मध्यरात्रि को हुई थी, जब कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ अपने बेटे के साथ पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल के पास स्थित एक ढाबे पर थे। परिवार का आरोप है कि कार के बाहर खड़े होकर खाना खाते समय सिविल कपड़ों में आए कुछ पुलिसकर्मियों ने कर्नल से अपनी गाड़ी हटाने को कहा ताकि वे अपनी कार पार्क कर सकें। इसके बाद कथित तौर पर एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने लाठी-डंडों और रॉड से कर्नल और उनके बेटे पर हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

निवेश के नाम पर ठगी का झटका: व्हाट्सएप फ्रॉड के शिकार पूर्व IG, ICU में भर्ती

चंडीगढ़  कई रिटायर्ड अफसर गंवा चुके हैं रकम, फर्जी ‘F-777 वेल्थ ग्रुप’ की साइबर जांच तेज    पटियाला। पूर्व आईजी अमर सिंह चाहल ऑनलाइन निवेश ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगी की इस साजिश के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं और हालत स्थिर बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद पटियाला पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, पूर्व आईजी को पहले रिटायर्ड अफसरों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें एक अलग ग्रुप ‘F-777 वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप’ में शामिल कराया गया, जहां शेयर बाजार, IPO और अन्य निवेश योजनाओं में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में थोड़ी रकम पर रिटर्न दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर बड़ी राशि निवेश कराई गई, जिसके बाद ठगी सामने आई। जांच में सामने आया है कि इस व्हाट्सएप ग्रुप में पटियाला के कई रिटायर्ड और नामी अधिकारी भी शामिल थे, जो अपनी रकम गंवा चुके हैं। पुलिस ने ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, हालांकि अभी कोई भी लिखित शिकायत देने को तैयार नहीं है। अधिकतर अधिकारी मौखिक रूप से ठगी की पुष्टि कर रहे हैं। साइबर सेल की कई एंगल से जांच पूर्व आईजी की पत्नी के बयान पर साइबर क्राइम सेल में FIR दर्ज, जिन मोबाइल नंबरों से संपर्क किया गया, उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही, यह भी जांच कि किस रिटायर्ड अफसर ने ठग को ग्रुप में जोड़ा, फर्जी नामों से काम कर रहे आरोपियों के खिलाफ अज्ञात में मामला दर्ज। पुलिस की अपील : पुलिस ने ऐसे किसी भी व्यक्ति से, जो इस या इसी तरह की स्कीम का शिकार हुआ हो, सामने आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है, ताकि ठगों तक जल्द पहुंचा जा सके। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर बनाए जा रहे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं, चाहे शिकार कोई आम नागरिक हो या वरिष्ठ अधिकारी।

यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी! लुधियाना रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म अगले 6 महीने बंद

लुधियाना लुधियाना रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते रेलवे विभाग की तरफ से अमृतसर से चल कर नई दिल्ली की तरफ जाने वाली दर्जन के करीब ट्रेनों का ठहराव ढंडारी कलां रेलवे स्टेशन पर किया गया था लेकिन काम पूरा न होने के कारण इसके समय अवधि में बढ़ौतरी की गई और अब एक बार फिर विभाग की तरफ से 6 महीने के लिए इन गाड़ियों के ठहराव अवधि को बढ़ाया है। रेलवे विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन लुधियाना पर भी 2 व 3 नंबर प्लेटफार्म को 3 महीने के लिए बंद किया गया है। इसके चलते अस्त व्यस्त होने के कारण ही करीब 14 ट्रेनों का ठहराव ढंडारी कलां रेलवे स्टेशन पर किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री 139 या रेलवे ऐप पर भी इसकी जानकारी ले सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार ट्रेन नंबर 12054 अमृतसर-हरिद्वार जनशताब्दी एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14604 अमृतसर–सहरसा एक्सप्रैस ,ट्रेन नंबर 15532 अमृतसर–सहरसा जनसेवा एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14674 अमृतसर–जयनगर शहीद एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 19326 अमृतसर–इंदौर एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 22424 अमृतसर-गोरखपुर एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14618 अमृतसर–पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रैस , ट्रेन नंबर 22552 जालंधर सिटी–दरभंगा एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14616 अमृतसर–लालकुआं एक्सप्रैस , ट्रेन नंबर 15212 अमृतसर–दरभंगा जननायक एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 12204 अमृतसर–सहरसा गरीब रथ, ट्रेन नंबर 14680 अमृतसर–नई दिल्ली एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14650–अमृतसर–जयनगर एक्सप्रैस शामिल हैं। 

वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू: पंजाब के इस जिले का नया नक्शा जनता के सामने

मोहाली  नगर निगम मोहाली की नए सिरे से वार्डबंदी की जा रही है। वार्डबंदी बोर्ड की बीते शनिवाल को हुई बैठक में एस.ए.एस. नगर (मोहाली) के पहले की तरह 50 वार्ड रहेंगे। इसे लोकल बॉडी विभाग पंजाब द्वारा मनजूरी दे दी गई है। इसके बाद आज विभाग द्वारा नई वॉर्डबंदी से संबंधित खाता (नक्शा) लोगों के सुझाव या एतराज लेने के लिए जनतक कर दिया गया।  नए जारी किए गए नक्शे के अनुसार मोहाली के कुल 50 वार्डों में से 20 जिनमें वार्ड नंबर 2, 4, 6, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 42, 44, 48, 50 जनरल वर्ग के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा 1, 3, 7, 9, 11, 13, 15, 19, 21, 23, 25, 27, 31, 33, 35, 37, 39, 41, 43, 45, 47, 49 महिलाओं के लिए रिजर्व घोषित किए गए हैं। इसी तरह वार्ड नंबर 4, 8 पिछड़े वर्ग के लिए 20, 40, 46 अनुसूचित जाति के लिए जबकि वार्ड 5, 17, 29 अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए हैं। देखना होगा कि इस नई वार्डबंदी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों, मौजूदा पार्षदों, चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों और आम जनता की क्या राय होगी। 

फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा को लेकर कड़ी सुरक्षा, 3400 जवानों के साथ अलर्ट मोड

जालंधर/चंडीगढ़  शहीदी सभा के मद्देनजर पुलिस के विशेष महानिदेशक (स्पैशल डी.जी.पी.) कानून एवं व्यवस्था, अर्पित शुक्ला ने फतेहगढ़ साहिब का दौरा किया और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की, ताकि जिले में आयोजन को सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके। दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अद्वितीय शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु तीन दिवसीय वार्षिक शहीदी सभा 25 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक फतेहगढ़ साहिब में आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पूरे क्षेत्र को योजनाबद्ध ढंग से 6 सैक्टरों में विभाजित किया गया है। देश-विदेश से आने वाली लाखों संगत की सुरक्षा, सुचारू आवागमन और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 6 एसपी रैंक के अधिकारियों तथा 24 डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों की निगरानी में 3400 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इस अवसर पर स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला के साथ डीआईजी रोपड़ रेंज नानक सिंह और एस.एस.पी. फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल भी उपस्थित थे। स्पैशल डी.जीपी ने शहीदी सभा के पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु तैनात सभी एसपी एवं डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों और पुलिस बल को पूर्ण निष्ठा से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को संगत के साथ अत्यंत विनम्रता एवं सौम्यता से पेश आने तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धा-भावना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए। सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष शांति एवं सुव्यवस्थित ढंग से शहीदी सभा संपन्न कराने के लिए फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा कई नई पहलें लागू की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मत्था टेकने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। स्पैशल डी.जी.पी. ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु कुल 22 पार्किंग स्लॉट निर्धारित किए गए हैं तथा पार्किंग क्षेत्रों से गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब तक शटल बस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। निर्बाध यातायात प्रबंधन और संगत को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा गूगल के समन्वय से पार्किंग स्थलों की रियल-टाइम जियो-टैगिंग की गई है और मार्गदर्शन हेतु साइन बोर्ड लगाए गए हैं।   उन्होंने बताया कि संगत की सहायता के लिए छह हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक पुलिस डेस्क, चिकित्सा सहायता तथा अग्निशमन सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक एकीकृत कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने कहा कि समाज-विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ यातायात और पार्किंग व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 6 ड्रोन और 300 सी.सी.टी.वी. कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इस दौरान सड़क सुरक्षा को बढ़ाने और कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से एक पहल के तहत पुलिस टीमों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर स्टिकर भी लगाए जाएंगे।

स्वास्थ्य शिक्षा में बड़ा फैसला: पंजाब के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के कायाकल्प को ₹68 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  पंजाब के आम लोगों को बेहतर इलाज और जांच की सुविधाएं मिले, इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों का कायाकल्प करने का प्लान तैयार किया है. पंजाब सरकार ने इसके लिए 68.98 करोड़ रुपए के फंड तुरंत जारी करने के आदेश दिए हैं. मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सुविधाओं का विस्तार करने का आदेश जारी किया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों को अति-आधुनिक और विश्वस्तरीय मशीनरी से लैस करना जरूरी है ताकि ये मरीजों को बेहतर तरीके से सेवाएं दे सकें. भगवंत सिंह मान ने मेडिकल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि इन मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए तुरंत 68.98 करोड़ रुपए जारी किए जाएं.   कौन-कौन से मेडिकल कॉलेज के लिए फंड मुख्यमंत्री ने कहा कि 26.53 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, 28.51 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, 9.43 करोड़ रुपए डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एस.ए.एस. नगर (मोहाली) तथा 4.51 करोड़ रुपए पी.जी.आई. सैटेलाइट सेंटर, फिरोजपुर के लिए तुरंत दिए जाएं. उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आधुनिक मशीनें एवं अन्य उपकरण खरीदने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में विकास कार्यों के लिए किया जाए. भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि हमारी सरकार पंजाब को दुनिया भर में मेडिकल शिक्षा का गढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इससे इलाज एवं मेडिकल टेस्ट की सुविधाओं को और बल मिलेगा. ताकि किफायती दरों पर मिले इलाज मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में ये सुविधाएं समयबद्ध एवं उचित तरीके से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हों. उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास रहा है कि इसने विश्वस्तरीय डॉक्टर पैदा किए हैं. आज भी राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा ले रहे हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में मानक शिक्षा देना राज्य सरकार का फर्ज है ताकि मेडिकल शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर लाभ मिले. इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अलोक शेखर, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत तथा अन्य उपस्थित थे.  

देशभक्ति की मिसाल बना नन्हा ‘योद्धा’: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों की सेवा, अब राजधानी दिल्ली में सम्मान

फिरोजपुर  पंजाब के सरहदी जिले फिरोजपुर के चक तरां वाली गांव के रहने वाले 10 साल के श्रवण सिंह को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जाएगा. श्रवण को भारत की राष्ट्रपति के द्वारा 26 दिसंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ मिलेगा. इसके लिए वह अपने पिता के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं. श्रवण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान असाधारण साहस का परिचय निस्वार्थ सेवा दिखाया था. ​श्रवण सिंह को मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनके असाधारण साहस, सूझबूझ और निस्वार्थ सेवा के लिए पहचाना गया. भारत-पाकिस्तान सीमा पर अत्यधिक तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच, श्रवण सिंह ने तैनात सैनिकों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी. दुश्मन के ड्रोनों की निरंतर घुसपैठ और भारी तनाव के माहौल में, देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत होकर श्रवण प्रतिदिन अग्रिम चौकियों तक जाते थे. वे सैनिकों के लिए पानी, दूध, लस्सी, चाय और बर्फ जैसी आवश्यक सामग्री पहुंचाते थे. श्रवण ने सैनिकों को पहुंचाई थी मदद दुश्मन की सीधी निगरानी और हमले के निरंतर खतरे के बावजूद, उनके अटूट संकल्प ने लंबे समय से तैनात सैनिकों के लिए जल-आपूर्ति और मनोबल बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन के रूप में काम किया. ​श्रवण ने अपने परिवार को भी सशस्त्र बलों के पूर्ण समर्थन के लिए प्रेरित किया. उन्होंने सैनिकों के आराम और लॉजिस्टिक के लिए अपने घर और संसाधनों के दरवाजे खोल दिए, जिससे संवेदनशील सीमा क्षेत्र में नागरिक-सैन्य सहयोग की भावना को मजबूती मिली. अब मिलेगा पीएम बाल पुरस्कार उनके इस साहसी और करुणामयी आचरण ने स्थानीय समुदाय को एकजुट किया और देश भर के बच्चों के लिए एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है. उनके इस नेक और बहादुर कार्य के लिए ‘गोल्डन एरो डिवीजन’ ने उनकी शिक्षा को स्पॉन्सर किया है. ​उनकी असाधारण वीरता, निरंतर समर्पण और प्रेरणादायक देशभक्ति को स्वीकार करते हुए, भारत सरकार ने मास्टर श्रवण सिंह को बच्चों को दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए चुना है. उनका अनुकरणीय साहस और सेवा की गहरी भावना भारतीय समाज के बेहतरीन मूल्यों को दर्शाती है और राष्ट्र के युवाओं के लिए एक चमकते प्रकाश स्तंभ के समान है. वही परिवार में और इलाके में खुशी का माहौल है. परिवार ने कहा कि श्रवण को अवार्ड मिल रहा है हमें बड़ी खुशी है.