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पंजाब में 38 जजों के तबादले, जालंधर सहित नए स्थानों पर होगी जिम्मेदारियों की सौंप

जालंधर  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार आज बड़े स्तर पर न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।जारी सूची के अनुसार जालंधर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय सिंह गिल का तबादला फतेहगढ़ साहिब किया गया है, जहां वह अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनकी जगह मैडम प्रिया सूद को जालंधर का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे शहीद भगत सिंह नगर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात थीं। इस तबादला सूची में कुल 38 न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इसमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसविंदर सिंह को जालंधर की नई स्थापित एनआरआई अदालत में नियुक्त किया गया है। वहीं विनीत कुमार नारंग, जो पहले जालंधर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज के रूप में कार्यरत थे, उन्हें अब गुरदासपुर भेजा गया है। इसके अलावा श्री मुक्तसर साहिब से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिता सिंह को जालंधर में फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज के रूप में तैनात किया गया है।

फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन को धमकी, जीआरपी ने बम की सूचना पर जांच तेज की

फिरोजपुर  फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन को 24 अप्रैल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जीआरपी ने स्टेशन के प्लेटफार्म और परिसर की गहन चेकिंग की है। शकी व्यक्तियों के सामान की चेकिंग भी की है। बताया जा रहा है कि आई ईमेल में फिरोजपुर, बठिंडा, लुधियाना व अमृतसर रेलवे स्टेशन उड़ाने की बात कही है। खालिस्तान नेशनल आर्मी ने मेल भेज धमकी दी है। जीआरपी के प्रभारी प्रवीण कुमार की अगुवाई में उनकी टीम ने पूरे रेलवे स्टेशन की चेकिंग की है।  चेकिंग के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के भीतर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है। सभी टी स्टाल पर कार्य करने वाले व्यक्तियों को संदिग्धों पर नजर रखने को कहा है। एसएचओ प्रवीण कुमार ने कहा कि स्टेशन पर पूरी चौकसी रखी जा रही है। स्टेशन और परिसर की चेकिंग की गई है। थ्री व्हीलर चालकों और वेंडरों को भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना देने की बात कही है। ट्रेनों की भी चेकिंग की जा रही है।

राघव चड्ढा ने AAP से दिया इस्तीफा, BJP में दो तिहाई सांसदों के साथ विलय का किया ऐलान

चंडीगढ़  राघव चड्डा ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है और  भाजपा का दामन थाम लिया है।  राघव चड्डा  ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस में  आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस दौरान उन्होंने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। AAP से इस्तीफा देने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि जिस AAP को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा वह अपने मार्ग से हट गई है। अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है। मैं AAP से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं। हम सभी ने मिलकर इस पार्टी को दिल्ली, पंजाब और देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया था। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलें. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने बड़ा फैसला लिया है। उनके मुताबिक, वे भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाएंगे।   राघव चड्ढा ने कहा, "राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं और 2/3 से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं… हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालीवाल और अन्य नेता हमारे साथ हैं।" संदीप पाठक ने भी छोड़ी पार्टी AAP नेता संदीप पाठक ने कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि ये स्थिति आएगी पर ये आई। 10 साल से इस पार्टी से मैं जुड़ा रहा और आज मैं AAP से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं। संदीप पाठक भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। स्वाति मालीवाल भी हुई बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह भी बीजेपी का दामन थाम चुकी है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अशोक मित्तल ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है। राजेंद्र गुप्ता भी बीजेपी में शामिल हुए। 2 अप्रैल को उपनेता पद से हटाए गए थे आम आदमी पार्टी ने बीते 2 अप्रैल को उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया था। इस बारे में राज्यसभा सचिवालय को पार्टी की तरफ से पत्र लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। पार्टी ने उनकी जगह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के अशोक मित्तल को उप नेता बनाया था। हालांकि, मित्तल ने भी आज पार्टी का दाम छोड़ दिया।  आम आदमी पार्टी पर लगाया गंभीर आरोप दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, कि उन्होंने और राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्यों ने फैसला किया है कि वे संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया और अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी अब देश के हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है और अब वह जनता के और करीब जाने की बात कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने से पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिस करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) थे। उन्होंने बताया कि जब यह मंच बना था, तब इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग जुड़े थे—कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तर का क्रिकेटर, एक पद्म श्री सम्मान पाने वाला व्यक्ति और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य के साथ अपना सब कुछ छोड़कर इस पार्टी को बनाया था। राघव चड्ढा ने बताया कि वह इस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और पार्टी को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने और उनके साथियों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से दिल्ली में पार्टी को खड़ा किया, पंजाब में उसे मजबूत बनाया और दूसरे राज्यों में भी फैलाने की कोशिश की। लेकिन अब उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस पार्टी की शुरुआत भ्रष्टाचार खत्म करने के मकसद से हुई थी, वही आज भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों में फंस गई है। उनका कहना है कि इसी वजह से जो लोग देश सेवा के इरादे से पार्टी में आए थे, वे अब या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या धीरे-धीरे छोड़ रहे हैं।

18 महीने बाद 400 फुट ऊंचे टावर से नीचे उतरे गुरजीत सिंह खालसा, संगत ने की जोरदार जयकारे

समाना पिछले 18 महीनों से बेअदबी के मामलों में सख्त कानून की मांग को लेकर 400 फुट ऊंचे टावर पर बैठे गुरजीत सिंह खालसा को जिला प्रशासन ने सेना और फायर सेफ्टी टीम की मदद से सफलतापूर्वक नीचे उतार लिया है। नीचे उतारने के बाद उनका मेडिकल चेकअप कराया गया, जिसमें वे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। इस दौरान मोर्चा स्थल पर स्थापित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्री अखंड पाठ का भोग भी आज डाला गया। साथ ही पंथक विचारों को लेकर मंच से कार्यक्रम जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। गुरजीत सिंह खालसा के सुरक्षित नीचे उतरने पर वहां मौजूद संगतों ने जयकारों के साथ खुशी जाहिर की। बताया जा रहा है कि गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। अब पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया। शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन, पंजाब पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ उन्हें नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही। नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह" कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया। इस घटना के साथ ही समाना में चल रहा धर्म युद्ध मोर्चा भी समाप्त हो गया। यह मामला काफी समय से चर्चा में था और अब इसके शांतिपूर्ण अंत से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।  

सीएम मान का फिनलैंड दौरा, 300 शिक्षकों को ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल से मिला प्रशिक्षण, शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

चंडीगढ़  पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच स्थापित शैक्षणिक सहयोग ने राज्य के स्कूलों में सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री ने अपने फिनलैंड दौरे के दौरान टुर्कू स्थित कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया और वहां अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस साझेदारी के जरिए वैश्विक शिक्षण तकनीकों को पंजाब के क्लासरूम तक सफलतापूर्वक पहुंचाया जा रहा है, जिससे शिक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बन रही है। उन्होंने बताया कि यह पहल ‘शिक्षा क्रांति’ को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सीएम मान ने कहा कि फिनलैंड के साथ सहयोग के रचनात्मक परिणाम अब पंजाब के स्कूलों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पारंपरिक रट्टा आधारित शिक्षा प्रणाली से हटकर अब बच्चों को अधिक आनंदमय, सहभागितापूर्ण और व्यावहारिक तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे सीखने का माहौल अधिक रोचक और प्रभावी बन रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस पहल के तहत ‘ट्रेन-द-ट्रेनर’ मॉडल अपनाया गया है, जिसके माध्यम से लगभग 300 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग और स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई अल्पकालिक प्रयास नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संस्थागत सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ के साथ-साथ फिनलैंड के टुर्कू और राउमा शहरों में भी आयोजित किए गए हैं। इन सत्रों के दौरान शिक्षकों को कार्यशालाओं, स्कूल विजिट और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के जरिए आधुनिक शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है। मई 2026 तक चार चरणों में लगभग 300 शिक्षक इस प्रशिक्षण को पूरा कर लेंगे, जिससे राज्य भर के लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा को अधिक रोचक और जीवंत बनाने के लिए शिक्षकों को नए-नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे विद्यार्थियों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम को ढालने में सक्षम हो रहे हैं। इस पहल की खास बात यह है कि विदेशी मॉडल को सीधे लागू करने के बजाय उसे स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों के अनुरूप ढाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार इस कार्यक्रम को और व्यापक बनाने के लिए 'मास्टर ट्रेनर्स' तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि राज्य के हर कोने तक इन नई शिक्षण पद्धतियों को पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण मॉडल भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों का निरंतर पेशेवर विकास सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सहयोग पंजाब के शिक्षा सुधारों की मजबूत नींव साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहलों से राज्य के विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे, और पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा।  

पंजाब में आज 15 मिनट का ब्लैकआउट, सभी जिलों में चुनिंदा जगहों पर होगी युद्ध के वक्त बचाव की मॉक ड्रिल

चंडीगढ़  पंजाब में आज रात 8 बजे मॉकड्रिल के तहत 15 मिनट के लिए पूर्ण ब्लैकआउट होगा। इसका उद्देश्य लोगों को किसी भी अप्रिय घटना के समय पूरी सतर्कता के साथ बचाव करना और सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में जागरूक करना है। ब्लैकआउट से दो मिनट पहले सायरन बजाया जाएगा, जिसके बाद ब्लैकआउट प्रक्रिया शुरू होगी और किसी भी प्रकार की रोशनी नहीं की जाएगी। अस्पतालों और औद्योगिक संस्थानों में ब्लैकआउट नहीं होगा, जबकि बाजारों, दुकानों और घरों में लाइटें पूरी तरह बंद रहेंगी।   यह केवल एक अभ्यास प्रक्रिया है और लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। होशियारपुर में सिविल डिफेंस के वालंटियर्स संबंधित विभागों के सहयोग से डी.ए.वी. कॉलेज में मॉकड्रिल करेंगे। इस मॉक ड्रिल के तहत रात 8:00 बजे से 8:10 बजे तक (कुल 10 मिनट) रंजीत एवेन्यू क्षेत्र में पूर्ण ब्लैकआउट रहेगा। इस दौरान बिजली विभाग द्वारा केवल रंजीत एवेन्यू के संबंधित क्षेत्र की लाइटें अस्थायी रूप से बंद की जाएंगी, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया जा सके। ब्लैकआउट के दौरान जनरेटर-इनवर्टर और टॉर्च के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। पावरकॉम की तरफ से प्रमुख बाजारों, सरकारी भवनों और आवासीय कॉलोनियों में कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई रोकी जाएगी। मॉक ड्रिल के लास्ट में 2 मिनट तक लगातार सायरन बजेगा, जो “ऑल क्लियर” का संकेत होगा, जिसके बाद सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि लोग घबराएं नहीं। यह सिर्फ मॉक ड्रिल है, इसमें अपना पूरा सहयोग करें। इससे पहले पिछले साल मई महीने में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने हमला करने की कोशिश की थी। उस दौरान इसी तरह से ब्लैकआउट को लागू कराया गया था। आज किस जिले के किस एरिया में ब्लैकआउट होगा     लुधियाना – लुधियाना में ब्लैकआउट शाम 8 से 8:15 बजे तक रहेगा। 7:55 बजे सायरन बजेगा। पीएयू, किचलू नगर और अग्रनगर डिवीजन के अधीन आने वाले इलाकों में ब्लैकआउट रहेगा। जिले में 12 जगहों पर मॉक ड्रिल होगी।     अमृतसर – आज रात 8 बजे अमृतसर के रंजीत एवेन्यू स्थित पायटेक्स ग्राउंड में सिविल डिफेंस की ओर से एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी। इस दौरान रात 8 से 8:10 बजे तक (10 मिनट) रंजीत एवेन्यू में ब्लैकआउट रहेगा।     मोहाली – डीसी कोमल मित्तल के मुताबिक सेक्टर 76 स्थित जिला प्रशासनिक परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल कराई जाएगी। रात 8 से सवा 8 बजे के बीच ब्लैकआउट होगा।     पठानकोट – यहां रात 8 बजे ब्लैकआउट होगा। इससे पहले 7:58 बजे 2 मिनट का सायरन बजेगा। 15 मिनट तक ब्लैकआउट रहेगा। इसके बाद 8:15 बजे फिर 2 मिनट का सायरन बजेगा, जिससे अभ्यास समाप्त होने का संकेत मिलेगा। ब्लैकआउट केवल नगर निगम के 50 वार्डों में लागू होगा, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य रहेगी।     जालंधर – जालंधर के खालसा कॉलेज फॉर वुमेन में 23 अप्रैल को मॉक ड्रिल होगी। रात 8:00 बजे कॉलेज कैंपस में ब्लैकआउट किया जाएगा। डीसी वरजीत वालिया के अनुसार, यह ड्रिल इमरजेंसी तैयारियों को जांचने के लिए है। पूरे जिले में ब्लैकआउट नहीं होगा।     तरनतारन – डीसी राहुल के अनुसार आज रात 8:00 बजे जिले में एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी। शुरुआत में 2 मिनट तक उतार-चढ़ाव वाला सायरन बजेगा। अभ्यास के दौरान कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई बंद की जा सकती है। लोगों से घबराने की बजाय सहयोग करने की अपील की गई है।     फाजिल्का – फाजिल्का में भी रात 8 बजे ब्लैकआउट होगा। फाजिल्का पाकिस्तान से सटा हुआ जिला है, इसलिए यहां ज्यादा एहतियात बरती जाएगी। लोगों को गैर जरूरी लाइटें बंद करने को कहा गया है।     बठिंडा – डीसी राजेश धीमान के अनुसार, बठिंडा में रात 8 बजे सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल शुरू होगी। सायरन के साथ ही पुडा मार्केट और 100 फीट रोड जैसे चिन्हित क्षेत्रों में ब्लैकआउट किया जाएगा। करीब 15 मिनट की इस ड्रिल में सर्च एंड रेस्क्यू, राहत कार्य और चिकित्सा सहायता का अभ्यास होगा। जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी।     फिरोजपुर – रात 8:00 बजे फिरोजपुर शहर, छावनी (कैंट) और सीमावर्ती संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल शुरू होगी। शुरुआत में 2 मिनट तक उतार-चढ़ाव वाला सायरन बजेगा, जो एयर रेड वार्निंग का संकेत होगा। इसके बाद लोगों को लाइटें बंद करनी होंगी और ब्लैकआउट लागू किया जाएगा। एयर रेड चेतावनी सिग्नल के साथ होगी अभ्यास की शुरुआत सहायक कमिश्नर (जनरल) प्रगति सेठी तथा अतिरिक्त नियंत्रक सिविल डिफेंस एवं जिला कमांडर मनप्रीत सिंह रंधावा द्वारा दी गई जानकारी अनुसार अभ्यास की शुरुआत एयर रेड चेतावनी सिग्नल के साथ होगी, जो सायरनों के माध्यम से दिया जाएगा। यह संकेत किसी आपातकालीन या युद्ध जैसी स्थिति की चेतावनी का प्रतीक होगा। घबराएं नहीं और केवल अनावश्यक लाइटें बंद रखें अमृतसर के ADC रोहित गुप्ता ने आम जनता से अपील की है कि वे इस दौरान घबराएं नहीं और केवल अनावश्यक लाइटें बंद रखें। अस्पताल, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी। मॉक ड्रिल के समापन पर ऑल क्लियर सिग्नल के रूप में लगभग दो मिनट तक लगातार तेज सायरन बजाया जाएगा, जो अभ्यास समाप्त होने का संकेत होगा। इस दौरान आग बुझाने, खोज एवं बचाव कार्य, प्राथमिक चिकित्सा, घायलों की ढुलाई, ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास इस अभ्यास में एनसीसी कैडेट्स, सिविल डिफेंस कर्मी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और पुलिस बल सक्रिय रूप से भाग लेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

पंजाब-चंडीगढ़ में गर्मी का कहर, बठिंडा रहा सबसे गर्म: 10 जिलों में पारा 40°C के पार, हीट वेव का खतरा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के अंत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को बठिंडा में 44.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है और इस सीजन का अब तक का सबसे उच्च स्तर है। राज्य के 10 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 24 और 25 अप्रैल के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। बठिंडा बना सबसे गर्म जिला पंजाब में सबसे ज्यादा गर्मी बठिंडा में दर्ज की गई, जहां तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा फरीदकोट में 42.0 डिग्री, पटियाला में 41.6 डिग्री और रूपनगर के भाखड़ा डैम क्षेत्र में 41.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का में भी पारा 40 डिग्री के आसपास बना रहा। अमृतसर और चंडीगढ़ शहर में भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को दिनभर तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। हीट वेव का असर और स्वास्थ्य चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। चंडीगढ़ में रात के समय भी गर्मी बनी रहने की संभावना जताई गई है, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है। बिजली की मांग बढ़ी, कटौती शुरू गर्मी बढ़ने के साथ ही पंजाब में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। इस कारण बिजली विभाग ने कई जगहों पर मरम्मत के नाम पर शटडाउन शुरू कर दिए हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दिन के समय बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंखे और कूलर चलाने की जरूरत बढ़ने से बिजली पर दबाव साफ दिख रहा है। अस्पतालों के समय में बदलाव तेज गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों के ओपीडी समय में बदलाव किया है। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रही है और यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे खोल दिए जाते हैं ताकि भीड़ कम हो और इंतजार न करना पड़े। यह फैसला गर्मी और लू के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। बठिंडा गर्मी के मामले में टॉप पर पंजाब में 40 डिग्री से अधिक तापमान 10 जिलों में दर्ज किया गया, जबकि 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 7 जिलों में रहा। सबसे गर्म जिला बठिंडा (एयरपोर्ट) रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री दर्ज किया गया। फरीदकोट 42.0 डिग्री, पटियाला 41.6 डिग्री, भाखड़ा डैम (रूपनगर) 41.1 डिग्री, लुधियाना 40.6 डिग्री, गुरदासपुर 40.5 डिग्री, फिरोजपुर 40.2 डिग्री, फाजिल्का 40.2 डिग्री, अमृतसर 40.1 डिग्री, चंडीगढ़ (सिटी) 40.0 डिग्री, एसबीएस नगर 39.5 डिग्री, चंडीगढ़ (एयरपोर्ट) 39.2 डिग्री, पटियाला (AWS) 39.0 डिग्री, पठानकोट 38.8 डिग्री, मोगा 38.7 डिग्री और रूपनगर (रोपड़) 38.5 डिग्री। बिजली की खपत बढ़ी, कट शुरू गर्मी बढ़ने की वजह से पंजाब में बिजली की खपत काफी बढ़ गई है। इस वजह से बिजली विभाग की तरफ से रिपेयर के नाम पर शटडाउन किया जा रहा है। दिन में शहरी से लेकर ग्रामीण एरिया में कट लग रहे हैं। इस वजह से परेशानी बढ़ी हुई है। अस्पतालों का समय बदला पंजाब में गर्मी के मौसम को देखते हुए 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों की OPD टाइमिंग में बदलाव किया गया है। अब OPD सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चल रही। यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे ही खोल दिए जा रहे हैं, ताकि भीड़ कम हो और लोगों को इंतजार न करना पड़े। यह फैसला बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए लिया गया है, ताकि मरीजों और अस्पताल स्टाफ दोनों को राहत मिल सके। आगे मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 24 और 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हीट वेव चल सकती है। 25 से 29 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले चार दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद इसमें करीब 2 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। बारिश और आंधी का अलर्ट जारी 26, 27 और 28 अप्रैल को पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 24 और 25 अप्रैल को फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर और पटियाला में लू चलने का अनुमान है। वहीं 26 अप्रैल को पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और पटियाला समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 27 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं।

पंजाब में 30 अप्रैल से जनगणना की शुरुआत, 15 मई से 67000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर करेंगे सर्वे

चंडीगढ़  जनगणना का पहला चरण 15 मई से 13 जून के बीच आयोजित किया जाएगा। इस कार्य के लिए तरनतारन जिला प्रशासन द्वारा लगभग 2500 गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है। डिप्टी कमिश्नर सह-प्रधान जनगणना अधिकारी राहुल ने बताया कि जनगणना कार्य में लगे कर्मियों का प्रशिक्षण विभिन्न स्तरों पर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, “जनगणना के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”उन्होंने यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया को ‘डिजिटल मोड’ के जरिए हाई-टेक तरीके से पूरा किया जाएगा। इस योजना के तहत, स्वयं-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) के लिए ऑनलाइन पोर्टल 30 अप्रैल से 14 मई तक खुला रहेगा, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके बाद 15 मई से 13 जून तक गणनाकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। वास्तविक जनसंख्या की गिनती का दूसरा चरण नौ फरवरी 2027 में होगा, जिसमें हर व्यक्ति का डेटा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से कुल 67 हजार मुलाजिम तैनात किए जाएंगे। लोकल बॉडी विभाग के सचिव मनजीत सिंह बराड़ व निदेशक जनगणना नवजोत खोसा ने यह जानकारी शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी। मोबाइल ऐप से होगी पूरी प्रक्रिया यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें डेटा जुटाने के लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल मैपिंग का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनेगी। कर्मचारी घर की स्थिति, दीवार और छत के मटेरियल, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं के साथ-साथ टीवी, वाहन जैसे संसाधनों की जानकारी भी जुटाएंगे। कुल 33 सवालों का जवाब देना होगा। 67000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त राज्य में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत लगभग 51,561 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए जा चुके हैं। इस कार्य के लिए करीब 67,000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें लगभग 56,544 एन्यूमरेटर और 10,368 सुपरवाइजर शामिल हैं। इन नियुक्तियों में स्कूल शिक्षक, क्लर्क तथा राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के अधिकारी भी शामिल हैं। प्रत्येक एन्यूमरेटर को लगभग 700 से 800 लोगों का डेटा एकत्र करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं, एक सुपरवाइजर के अधीन करीब 6 एन्यूमरेटर काम करेंगे और उनकी निगरानी करेंगे। स्वगणना के लिए केंद्र सरकार के पोर्टल पर जाना है। जिसमें लॉगिन कर 16 भाषाओं में जवाब दे पाएंगे। पोर्टल सुबह छह से 12 बजे तक एक्टिव रहेगा स्व गणना के लिए किसी ऐसे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करें जो पहले से किसी अन्य परिवार द्वारा इस्तेमाल किया गया हो। परिवार के मुखिया के लिए नकली या अस्थायी नाम न डालें, क्योंकि बाद में इसे बदला नहीं जा सकता। अपना लॉगिन OTP किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें, चाहे वह खुद को सेंसस अफसर ही क्यों न बताए। आधार, पैन या बैंक डिटेल जैसे संवेदनशील दस्तावेज अपलोड या साझा न करें (इनकी आवश्यकता नहीं है)। उन परिवार के सदस्यों को शामिल न करें जो स्थायी रूप से कहीं और जा चुके हैं या काम/पढ़ाई के लिए बाहर रह रहे हैं। मैप पर अपनी लोकेशन गलत तरीके से न चुनें; यह आपकी असली रहने की जगह होनी चाहिए। कोई भी सवाल खाली न छोड़ें; सिस्टम आमतौर पर आगे बढ़ने नहीं देता। यह न मानें कि प्रक्रिया पूरी हो गई है, जब तक आपको SE ID के साथ सफलता स्क्रीन न दिख जाए। रात 12 बजे के बाद पोर्टल का उपयोग न करें, क्योंकि यह केवल सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक ही सक्रिय रहता है। जानकारी भरते हुए पब्लिक आईडी का प्रयोग न करे फाइनल सबमिशन के बाद डेटा एडिट करने की कोशिश न करें। सुरक्षा के लिए यह लॉक हो जाता है। ऑनलाइन सबमिट करने के बाद आने वाले एन्यूमरेटर (गणनाकर्मी) को नजरअंदाज न करें, उनकी विजिट सत्यापन के लिए होती है। अगर आपका SE ID खो जाए तो घबराएं नहीं। आप इसे अपने मोबाइल नंबर से पोर्टल पर दोबारा प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे मेहमानों की जानकारी न दें जो केवल कुछ दिनों के लिए आए हुए हैं। निजी जानकारी भरते समय पब्लिक या असुरक्षित Wi-Fi (जैसे कैफे में) का उपयोग न करें। घर में रहने वाले सभी विवाहित जोड़ों का अलग-अलग उल्लेख करना न भूलें। आखिरी दिन (14 मई) तक सबमिट करने का इंतजार न करें, क्योंकि उस समय सर्वर पर ज्यादा लोड हो सकता है। डॉटा भरने के बाद एक 21 अंकों का नंबर आएगा। इसे संभाल कर रखना है। पंजाब में 30 अप्रैल से शुरू होगी हेल्पलाइन जनगणना 2027 के लिए हेल्पलाइन लोगों की मदद के लिए 30 अप्रैल से शुरू होगी। अगर आपको खुद जानकारी भरने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) या घर की जानकारी देने (हाउस लिस्टिंग) में कोई दिक्कत हो, तो आप यहां सवाल पूछ सकते हैं। शिकायत कर सकते हैं या अधिकारी से बात भी कर सकते हैं। इसे लिए 1855 नंबर पर कॉल करनी होगी। यह सेवा 24 घंटे चालू रहेगी और 16 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर आपकी कॉल सीधे जनगणना विभाग के अधिकारी तक पहुंचाई जा सकती है। यह सुविधा सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक सोमवार से शनिवार उपलब्ध रहेगी। एन्यूमरेटर और लोगों की यह जिम्मेदारी तय एन्यूमरेटर जो व्यक्ति घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करता है। लोगों से आराम से और साफ तरीके से सवाल पूछेगा। फॉर्म जमा करने से पहले सब कुछ चेक करेगा कि सही है या नहीं। आपकी दी गई जानकारी को गोपनीय रखेगा। दूसरा जिसके घर जनगणना वाले उसकी जिम्मेदारी है उसे दूसरा सही और पूरी जानकारी देनी है। अगर कोई बात समझ न आए तो पूछ लेना है। पंजाब में पहली ड्रग जनगणना भी पंजाब सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से भारत की पहली व्यापक 'ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना' शुरू की है, जिसका उद्देश्य 65 लाख परिवारों का सर्वेक्षण कर नशे के खिलाफ 'डेटा-आधारित' पुनर्वास नीतियां बनाना है। लगभग 28,000 सरकारी कर्मचारियों द्वारा तीन महीने में पूरी की जाने वाली इस ₹150 करोड़ की पहल का लक्ष्य नशा मुक्ति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना है। अलग-अलग नगर निगमों में HLBs (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स) की संख्या पठानकोट – 344 बटाला – 285 अमृतसर – 2324 कपूरथला – 142 फगवाड़ा – 225 जालंधर – 1689 होशियारपुर – 263 साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) – 674 … Read more

अमृतसर में पुलिस और BSF ने किया बड़ा पकड़, सीमा से 980 ग्राम हेरोइन बरामद, तस्करों का नेटवर्क भी निशाने पर

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां थाना भिंडी सैदां की पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित क्षेत्र से 980 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें तस्करों द्वारा सीमा के रास्ते नशीले पदार्थों की खेप भेजे जाने की जानकारी मिली थी। फिलहाल इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें पहले से इनपुट मिला था कि कुछ तस्कर सीमा क्षेत्र का इस्तेमाल कर हेरोइन की खेप पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर थाना भिंडी सैदां की टीम और BSF के जवानों ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान एक संदिग्ध स्थान से 980 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। बरामद हेरोइन की कीमत करोड़ों में बरामद की गई 980 ग्राम हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। हालांकि अभी तक किसी तस्कर की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जाएगा। इस बरामदगी को सीमा पार से होने वाली तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। तस्करी नेटवर्क की जांच तेज पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हेरोइन कहां से आई और इसे कहां भेजा जाना था। इसके साथ ही सीमा पार के तस्करी नेटवर्क से जुड़े कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह को पकड़ा जा सके। सीमा क्षेत्र में बढ़ेगी निगरानी पुलिस और BSF अधिकारियों ने कहा है कि अमृतसर के सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। आने वाले समय में भी इस तरह के संयुक्त अभियान जारी रहेंगे, ताकि नशा तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

लुधियाना: 44 शिक्षकों को BLO ड्यूटी जॉइन करने का आदेश, गैरहाजिर रहने पर सैलरी पर असर और FIR की धमकी

लुधियाना लुधियाना में नगर निगम (लुधियाना ईस्ट) ने 44 शिक्षकों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें 24 अप्रैल को हर हाल में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि ड्यूटी पर हाजिर न होने की स्थिति में वेतन रोक के आदेश।  स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत BLO ड्यूटी के लिए हैं नियुक्त अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी शिक्षक पहले से ही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत BLO ड्यूटी के लिए नियुक्त किए जा चुके हैं, लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद कई शिक्षक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इसके चलते प्रशासन ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गैरहाजिरी को सर्विस रूल्स का उल्लंघन माना जाएगा और किसी भी तरह का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षकों में नाराजगी, कहा- पहले ही काम का बोझ ज्यादा इस फैसले के बाद शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। शिक्षकों का कहना है कि वे पहले से ही कई तरह की ड्यूटी में लगे हुए हैं। जमालपुर अवाना के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने बताया कि वे इस समय ब्लॉक स्तर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। साथ ही 24 अप्रैल को साहनेवाल में होने वाले ‘सिख्या क्रांति’ कार्यक्रम के लिए कोऑर्डिनेटर भी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने कई बार लिखित में अपनी स्थिति बताई है, लेकिन फिर भी नई-नई ड्यूटी दी जा रही है। मातृत्व अवकाश पर शिक्षिका को भी लगाया ड्यूटी पर एक और मामले में उसी स्कूल की एक शिक्षिका, जो मातृत्व अवकाश (गर्भावस्था) पर हैं, उन्हें भी BLO ड्यूटी के लिए तैनात कर दिया गया है। इससे शिक्षकों में रोष और बढ़ गया है। एडमिशन सीजन में बढ़ी परेशानी शिक्षकों का कहना है कि इस समय स्कूलों में दाखिले का पीक सीजन चल रहा है। इसके अलावा कई शिक्षक पहले से जनगणना और चुनावी कार्यों में लगे हुए हैं, जिससे स्कूलों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों का पक्ष: चुनावी ड्यूटी जरूरी डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (एलीमेंट्री) मनोज कुमार ने मीडिया से शिक्षकों की परेशानी को स्वीकार करते हुए कहा कि BLO और जनगणना ड्यूटी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर्स को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षकों को स्कूलों से रिलीव कर इन ड्यूटी पर भेजा जाए। वहीं, नगर निगम (लुधियाना ईस्ट) के जॉइंट कमिश्नर अमनप्रीत सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।