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मान सरकार का बड़ा ऐलान: अग्निवीरों के लिए बनेगी आरक्षण नीति, कमेटी गठित

चंडीगढ़ अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीर के रूप में अपना सेवाकाल पूरा करने वाले युवाओं के पुनर्वास के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए पंजाब सरकार ने अग्निवीरों के लिए आरक्षण नीति तैयार करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिविल एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने के लिए रूपरेखा तैयार करेगी।  आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को आरक्षण देने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि इस नीति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि प्रशिक्षित एवं अनुशासित युवा पंजाब के सामाजिक और आर्थिक विकास का अभिन्न हिस्सा बन सकें। इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आरक्षण नीति की रूपरेखा को व्यापक दृष्टिकोण से तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि देश की सेवा करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों का उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके और उनके कौशल का उपयोग पंजाब की प्रगति के लिए किया जा सके।” मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में अग्निवीरों के आरक्षण और भर्ती संबंधी सिफारिशें तैयार करने तथा रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों विकास प्रताप, भावना गर्ग, सुमेर सिंह गुर्जर और एस.एस. श्रीवास्तव पर आधारित समिति का गठन किया है।   अग्निवीरों की क्षमता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सेवाओं का उपयोग पंजाब पुलिस, वन रक्षक, अग्निशमन सेवाओं, जेल विभाग, होमगार्ड, पेस्को तथा सरकार के कई अन्य विभागों में प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “अग्निवीरों के आरक्षण और चयन से संबंधित मानदंडों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि इन कुशल एवं अनुशासित युवाओं की सेवाओं का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब ने हमेशा देश की एकता और अखंडता की रक्षा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ पंजाब को देश की तलवार भुजा के रूप में भी जाना जाता है। पंजाब के लोगों को दुनिया भर में उनकी बहादुरी, मेहनत और उद्यमशीलता के लिए सम्मान प्राप्त है।” सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस तथा अग्निवीरों द्वारा देश की रक्षा में दिए गए अतुलनीय योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार पहले से ही ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पहल सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कदम अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने तथा देश सेवा के बाद उनके परिवारों को सहारा प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।    

पदभार ग्रहण करते ही एक्शन में तरुणप्रीत सौंद, बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

चंडीगढ़  पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने आज पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पटियाला स्थित मुख्य कार्यालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से बिजली मंत्री का पदभार संभाला। पदभार संभालने के बाद बिजली मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान आने वाले धान (पैडी) सीजन के लिए कम से कम 8 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के किसानों को लगातार बिजली आपूर्ति दी जाए ताकि कृषि कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल सकें। तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा और धान के सीजन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, क्योंकि यह राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र को मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मौजूदा बुनियादी ढांचे की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ढांचे के उन्नयन और रखरखाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि बिजली कटौती को कम किया जा सके और आपूर्ति की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके। उन्होंने जहां जरूरत हो, वहां ट्रांसफॉर्मरों, ट्रांसमिशन लाइनों और अन्य उपकरणों के समय पर बदलाव और क्षमता बढ़ाने को सुनिश्चित करने के लिए कहा। मंत्री ने बिजली आपूर्ति से संबंधित जनता की शिकायतों के त्वरित निपटारे और प्रभावी निगरानी प्रणाली की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक मांग वाले सीजन के दौरान किसी भी समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए। अंत में तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दोहराया कि सरकार घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक में चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. बसंत गर्ग, डायरेक्टर डिस्ट्रीब्यूशन डॉ. इंदरपाल सिंह, डायरेक्टर फाइनेंस एस.के. बेरी और डायरेक्टर कमर्शियल इंजीनियर हरशरण कौर त्रेहन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी ट्रेन को आज मिलेगी हरी झंडी, मंत्री रवनीत बिट्टू करेंगे रवाना

अमृतसर नरकटियागंज और बगहा को नई सौगात मिली है. रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 14663/14664 अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस के संशोधित रूट और समय-सारणी की घोषणा कर दी है. इस नए फैसले से पश्चिम चंपारण जिले के रेल यात्रियों में खुशी की लहर है. खासकर नरकटियागंज, बगहा और इसके आसपास के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को अब पंजाब और पूर्वोत्तर भारत (NJP) जाने के लिए सीधी और बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।   इन स्टेशनों पर होगा ठहराव  रेलवे बोर्ड के आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह ट्रेन गोरखपुर, पनियहवा, नरकटियागंज और फारबिसगंज जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी. आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘अमृत भारत’ रेक के साथ चलने वाली यह ट्रेन रोजगार, शिक्षा और व्यापार के सिलसिले में बाहर जाने वाले लोगों के लिए लाइफलाइन साबित होगी. यह ट्रेन कम समय में लंबी दूरी तय कर यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगी।  39 घंटे की यात्रा के बाद पहुंचेगी न्यू जलपाईगुड़ी यह ट्रेन दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर अमृतसर से रवाना होगी। लगभग 39 घंटे की यात्रा के बाद सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी। वहीं वापसी दिशा में ट्रेन संख्या 14663 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस 16 मई से प्रत्येक शनिवार को चलेगी। यह ट्रेन सुबह 8 बजे न्यू जलपाईगुड़ी से प्रस्थान करेगी और लगभग 42 घंटे बाद रात 2 बजकर 20 मिनट पर अमृतसर पहुंचेगी। मार्ग, ठहराव और कोच की जानकारी यात्रियों की सुविधा के लिए यह ट्रेन मार्ग में जलंधर सिटी, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर, रक्सौल, सीतामढ़ी, अररिया, बागडोगरा और सिलीगुड़ी सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहराव करेगी। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाएं इस अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों के लिए स्लीपर श्रेणी के 8 कोच और जनरल श्रेणी के 11 कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे आम यात्रियों को किफायती और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस नई सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाएं। जानें क्या है समय-सारणी  ट्रेन संख्या 14664 अमृतसर से प्रत्येक गुरुवार को रवाना होगी और गोरखपुर के रास्ते शनिवार को न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 14663 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार को एनजेपी से खुलेगी. रेलवे सूत्रों का कहना है कि चंपारण और सीमांचल के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, जिससे हजारों यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। 

पंजाब में मौसम बदलेगा करवट: आज बारिश का अलर्ट, शुक्रवार से बढ़ेगी गर्मी और शुरू होगी हीटवेव

अमृतसर एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के बाद पंजाब में आज भी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। पंजाब के कुछ जिलों में आज बारिश की संभावनाएं जताई जा रही हैं। लेकिन अब राहत खत्म होती दिख रही है। वीरवार से राज्य के तापमान में एक बार फिर बढ़ौतरी होने लगी है। वहीं, मौसम विभाग ने 17 मई से लू को लेकर भी यलो अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आज कुछ इलाकों में तेज हवाएं, गरज चमक और हल्की बारिश की संभावना है। बीते दिन शाम के समय कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ौतरी देखने को मिली। बुधवार जारी आंकड़ों के अनुसार फरीदकोट प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में 12.6 एमएम बरसे बादल बठिंडा में 43.4 डिग्री, फाजिल्का में 40.7 डिग्री, फरीदकोट शहर में 40 डिग्री और भटिंडा में 41.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना में 38.8 डिग्री, अमृतसर में 38.5 डिग्री, चंडीगढ़ में 38.6 डिग्री और पटियाला में 39 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम बदलने के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। अमृतसर में 12.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां लोगों को हल्की राहत मिली। 15-16 मई सामान्य रहेगा मौसम 14 मई– गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मानसा, बठिंडा, मुक्तसर और फाजिल्का जिलों में गरज चमक और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई– पंजाब में किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की हवाएं चलने के आसार बने रहेंगे। वहीं, तापमान में भी हल्की बढ़ौतरी देखने को मिलेगी। 16 मई- प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है और किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है। 17 मई- फाजिल्का, मुक्तसर, फिरोजपुर, फरीदकोट, बठिंडा, मानसा और बरनाला जिलों में लू को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने की सलाह दी है। बढ़ेगी गर्मी, लू से बचें वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होने के बाद अब राज्य में गर्मी बढ़ने लगेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गर्मी और बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम में बदलाव को देखते हुए फसलों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज धूप के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्म हवाओं से बचाव के उपाय अपनाएं।  

वेरका दूध हुआ महंगा: प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी, जानिए नई रेट लिस्ट

चंडीगढ़  ट्राई सिटी के लोगों को अब वीरवार से वर्क का दूध महंगा खरीदना पड़ेगा। वेरका मिल्क प्लांट मोहाली ने भी दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 14 मई यानी वीरवार सुबह से लागू होंगी। जारी आदेश के अनुसार, वेरका ने विभिन्न श्रेणियों के दूध के दामों में प्रति लीटर 2 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसके तहत 500 एमएल फुल क्रीम दूध अब 35 रुपये की बजाय 36 रुपये में मिलेगा, जबकि स्टैंडर्ड दूध 32 से बढ़कर 33 रुपये हो गया है। डबल टोंड दूध के दाम भी 26 से बढ़ाकर 27 रुपये प्रति पैकेट कर दिए गए हैं। गाय का दूध अब 31 रुपये में मिलेगा इसके अलावा 500 एमएल गाय का दूध अब 31 रुपये में उपलब्ध होगा। एक लीटर फुल क्रीम दूध की कीमत 69 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये कर दी गई है, जबकि स्टैंडर्ड दूध अब 63 रुपये की बजाय 65 रुपये में मिलेगा। दो लीटर फुल क्रीम दूध के लिए उपभोक्ताओं को अब 140 रुपये और स्टैंडर्ड दूध के लिए 128 रुपये चुकाने होंगे। मदर डेयरी और अमूल ने भी बढ़ाए दाम गौरतलब है कि बुधवार को मदर डेयरी और अमूल ने भी दामों में बढ़ोतरी की है। मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। वहीं, अमूल ने भी दो रुपये की बढ़ोतरी की है। बढ़ी हुई दरें बृहस्पतिवार से लागू होंगी। बढ़ोतरी का कारण उत्पादन लागत में वृद्धि बताया गया है।  

विजय के CM बनने के बाद बदली राजनीति! मान का आरोप- अब दिलजीत पर BJP की नजर

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं। कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। दिलजीत के राजनीति में आने से इनकार पर धमकाने की राजनीति शुरू CM ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है, इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की। जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है। पेपर लीक ने उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री बोले- नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी। विकास और भलाई एजेंडा AAPको सत्ता में वापस लाएगा इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि "रंगला पंजाब" बनाना पंजाब में 'आप' का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आप' सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं। पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं। हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं।

चिंताजनक रिपोर्ट: चंडीगढ़ की महिलाओं में खून की कमी, जंक फूड से जुड़ा खतरा बढ़ा

 चंडीगढ़  सिटी ब्यूटीफुल में महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) पाई गई है। 15 से 49 वर्ष की 60.3 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी से जूझ रही। इसकी एक वजह ज्यादा जंक फूंड खाना बताई जा रही है। इस बात की जानकारी केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय की ओर से संसद में पेश रिपोर्ट में हुआ है। लाेकसभा में पेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ की महिलाओं की स्थिति पंजाब व हिमाचल प्रदेश से अधिक खराब है। पंजाब में 58.7 व हिमाचल में 53 प्रतिशत एनीमिया से पीड़ित है। डॉक्टरों के अनुसार ग्रामीण महिलाओं के मुकाबले शहरी महिलाओं में रेड बल्ड सेल की कमी का कारण जंक फूड का अधिक सेवन है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड में आयरन की मात्रा नहीं होती है। इनका अधिक सेवन सेहत के साथ खिलवाड़ करना है। केंद्र सरकार की ओर से एनीमिया के संकट से निपटने के लिए कई योजनाओं को लागू किया गया है। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग आंगनबाड़ियों में जाकर महिलाओं को पोषण के बारे में समय -समय पर जागरूक कर रहा है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश      स्थिति  चंडीगढ़                            60.3% पंजाब                              58.7% हरियाणा                         60.4% हिमाचल प्रदेश                53.0% जम्मू-कश्मीर                 65.9% डॉक्टरों ने यह बताई वजह डाॅक्टरों के अनुसार एनीमिया का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी होना है, जब शरीर में रेड बल्ड सेल धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं। इसके साथ बाडी को जरूरत के अनुसार डाइट नहीं मिलती तो इससे खून की कमी होने लगती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान को लेकर अनदेखी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर रही है। खास तौर पर महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित हैं। इसका मुख्य कारण असमय व असंतुलित भोजन करना है। कामकाजी महिलाएं जहां फास्ट फूड व अनियमित खानपान की आदत के कारण एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रही हैं, वहीं गृहणी खुद के सेहत की अनदेखी से बीमारियों की चपेट में आ रही हैं। बार-बार सिरदर्द होना, चिड़चिड़ा, फटी या लाल जीभ, भूख कम लगना, कमजोरी, थकान, पीली त्वचा, सांस की तकलीफ, हाइपरटेंशन यह सब शरीर में खून की कमी के लक्षण हो सकते है। यह चिंता का विषय क्यों है? क्लिनिकल हेमेटोलॉजी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डॉ. अरिहंत जैन बताते हैं, “कार्यरत महिलाएं असंतुलित आहार के कारण एनीमिया से विशेष रूप से प्रभावित होती हैं। आयरन की कमी से लाल रक्त कोशिकाएं धीरे-धीरे मरने लगती हैं, और अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।” इस समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) कार्यक्रम भी शुरू किया था। इस प्रमुख पहल का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और किशोरों सहित छह लक्षित समूहों में इस बीमारी को कम करना है। आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि उचित आहार संबंधी आदतों से एनीमिया को नियंत्रित किया जा सकता है, जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन शामिल है। एनीमिया के प्रसार और इसके दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए जन स्वास्थ्य पहल और जागरूकता अभियान आवश्यक हैं। एनीमिया क्या है? शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की कमी होने पर एनीमिया हो जाता है, जिसका मुख्य कारण आयरन की कमी है। इससे थकान, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। महिलाएं, विशेषकर प्रजनन आयु की महिलाएं, मासिक धर्म में रक्तस्राव और आहार में आयरन की अपर्याप्त मात्रा के कारण एनीमिया के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। खून बढ़ाने के लिए इनका करें सेवन     आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे बीफ, मीट, बीन्स, दाल, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां और सूखे मेवे।     फल और फलों के रस, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां, हरी मटर, राजमा, मूंगफली और अनाज प्रोडक्ट्स     विटामिन बी 12- विटामिन बी-12 से भरपूर खाद्य पदार्थों में मांस, डेयरी प्रोडक्ट और सोया     विटामिन सी- विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में खट्टे फल और जूस, मिर्च, ब्रोकोली, टमाटर, तरबूज आदि का सेवन करें।  

HC ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब: हरभजन सिंह को जरूरत से ज्यादा सुरक्षा देने पर उठे सवाल

लुधियाना पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) की सुरक्षा में तैनात 23 पंजाब पुलिस कर्मियों को लेकर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि आधिकारिक मंजूरी केवल आठ पुलिसकर्मियों की होने के बावजूद 15 अतिरिक्त कर्मियों को “अनौपचारिक” रूप से किस आधार पर तैनात किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार हरभजन सिंह की सुरक्षा के लिए केवल आठ पुलिसकर्मियों की स्वीकृति दिखाई देती है, जबकि 15 अन्य कर्मियों को कथित तौर पर सार्वजनिक धन के खर्च पर अनौपचारिक रूप से जोड़ा गया। अदालत ने इस मामले को केवल एक व्यक्ति तक सीमित न मानते हुए पंजाब में वीआईपी सुरक्षा संस्कृति की व्यापक जांच शुरू करने के संकेत दिए। कोर्ट ने शुरुआत में मोगा जिले में यह पता लगाने के आदेश दिए कि कितने लोगों को सुरक्षा कवर मिला हुआ है और उनके साथ कितने पुलिसकर्मी आधिकारिक तथा अनौपचारिक रूप से तैनात हैं। हाई कोर्ट ने एडीजीपी (सिक्योरिटी) और एसएसपी मोगा को विस्तृत हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया कि याचिकाकर्ताओं या उनके परिवारों को किसी प्रकार की शारीरिक क्षति न पहुंचे। अदालत ने टिप्पणी की, “ऐसा प्रतीत होता है कि दो आदेशों के तहत आठ पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया था। प्रथम दृष्टया लगता है कि 15 अन्य पुलिसकर्मियों को सरकारी खर्च पर अनौपचारिक रूप से लगाया गया।” मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले में किसी प्रकार का और स्थगन नहीं दिया जाएगा। अपनी याचिका में हरभजन सिंह ने कहा कि उनकी सुरक्षा वापस लेने का आदेश बिना किसी नए खतरे के आकलन और बिना उन्हें सुनवाई का अवसर दिए जारी किया गया था। उन्होंने बताया कि वे 10 अप्रैल 2022 को आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे और जालंधर में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। याचिका में उन्होंने कहा कि सुरक्षा हटाने से एक दिन पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने घोषणा की थी कि वह और छह अन्य सांसद, जिनमें हरभजन सिंह भी शामिल हैं, पार्टी छोड़ चुके हैं। इसके बाद बिना किसी नए खतरे संबंधी रिपोर्ट के उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई। दो सुरक्षा मांगने वालों की अलग-अलग कहानी सुनवाई के दौरान अदालत के सामने सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा अंतर भी सामने आया। एक ओर एक सांसद के पास 23 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा थी, जबकि दूसरी ओर कथित गैंग हमले से बचे एक व्यक्ति को केवल दिन के समय एक एएसआई की सुरक्षा दी गई। संबंधित मामले में सरकारी परिवहन और श्रम ठेकेदार तथा जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष ने गैंग से जान का खतरा बताते हुए अपने और परिवार की सुरक्षा की मांग की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरमान सग्गर ने अदालत को बताया कि 1 नवंबर 2025 को मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर फायरिंग की थी। घटनास्थल से छह खाली कारतूस बरामद हुए थे और अगले दिन सुल्तानपुर लोधी थाने में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि बाद में एक व्यक्ति ने खुले तौर पर घटना की जिम्मेदारी ली थी। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन अन्य अब भी फरार हैं। इसके बावजूद याचिकाकर्ता को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने का आरोप लगाया गया। अदालत को बताया गया कि पहले उन्हें दो एएसआई दिए गए थे, लेकिन एक महीने बाद एक एएसआई हटा लिया गया और अब उनके पास केवल दिन के समय एक एएसआई की सुरक्षा ही बची है।

‘तीसरी चेतावनी’ से मचा हड़कंप: दिलजीत दोसांझ के मैनेजर को लेकर गैंगस्टर पोस्ट वायरल

चंडीगढ़  दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर पर फायरिंग की खबर ने सनसनी फैला दी है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। गैंग की ओर से टायसन बिश्नोई और आरजू बिश्नोई के नाम से एक पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें कहा गया कि हरियाणा के गोंदर गांव में दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरप्रताप कांग के घर पर फायरिंग करवाई गई। पोस्ट में दावा किया गया कि यह हमला किसी फिरौती या आर्थिक फायदे के लिए नहीं किया गया, बल्कि एक चेतावनी के तौर पर किया गया है। दिलजीत की टीम का एक कर्मचारी लड़कियों का शोषण करता है और शो के दौरान महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करता है। ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान पंजाब की एक लड़की को झूठे सपने दिखाकर धोखा दिया गया। गैंग ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी दिलजीत दोसांझ और उनकी टीम को कई बार संदेश भेजकर उस कर्मचारी को टीम से हटाने के लिए कहा था, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज किया गया। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो अगली बार बड़ा नुकसान किया जाएगा। हालांकि, इन आरोपों और दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ना ही दिलजीत या उनकी टीम की तरफ से इस मामले पर कोई बयान सामने आया है। पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है और सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की पड़ताल की जा रही है।

पंजाब के रुके प्रोजेक्ट्स को लेकर एक्टिव हुए CM मान, गडकरी संग नेशनल हाईवे पर बनाई रणनीति

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज दिल्ली दौरे पहुंचे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पंजाब के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद मीडियो को संबोधित करते हुए कहा कि आज गडकरी जी से बड़ी खुलकर बात हुई है। जिसमें पंजाब के ओवरब्रिज, सदके, स्टेट हाईवे की मांग हमने रखी है। नेशनल हाईवे की भी बात रखी गई है। अमृतसर साहेब के फ्लाइ ओवर की बात हुई। मंत्री जी ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है। फिरोजपुर फाजिल्का हाई वे को और चौड़ा कर के नेशन हाई वे का दर्जा दिया जाएगा। आदमपुर के ओवरब्रिज में जो वर्किंग कैपिटल की कमी है। मंत्री जी ने बैंक गारंटी देने की बात कही है। बंगा से आनंदपुर साहिब की सड़क पर श्रद्धालुओं का बाउट आना जाना है। उसकी भी बात हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में पंजाब के बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने पंजाब की लाइफलाइन माने जाने वाले कई सड़क मार्गों और लंबित पुलों के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा।  फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को मिले NH का दर्जा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को चौड़ा करने और इसे नेशनल हाईवे घोषित करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे अपग्रेड करने से सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अमृतसर और बठिंडा के अधूरे प्रोजेक्ट अमृतसर और बठिंडा जैसे प्रमुख शहरों में जो सड़क परियोजनाएं और विकास कार्य पिछले काफी समय से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के रुकने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मक्खू रेलवे ओवरब्रिज बठिंडा में मक्खू रेलवे ओवरब्रिज का काम काफी समय से लटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने नितिन गडकरी से इस पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने की मांग की ताकि यातायात सुचारू हो सके।