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किसानों के समर्थन में पहुंचे रेशम अनमोल, महिलाओं के पैर दबाए और लंगर सेवा की; तीसरे दिन भी मोर्चा जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सेक्टर-48 के पास संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से लगाया गया पक्का मोर्चा आज तीसरे दिन भी जारी है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों से किसानों और मजदूर जत्थेबंदियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल भी मोर्चे में पहुंचे। उन्होंने लंगर सेवा में हिस्सा लिया। गायक ने लंगर सेवा कर रही महिलाओं के पैर दबाए। मोर्चे में बुधवार को पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। आज 11 बजे मंच से किसान नेता संबोधित करेंगे। सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है इससे पहले किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि देश का 70 से 80 प्रतिशत अनाज पैदा करने वाला अन्नदाता आज अपने हक और इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। यह सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अमेरिका से एग्रीमेंट हुआ तो चक्का जाम की चेतावनी राजेवाल ने किसानों से अपने हक के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल किसान ही नहीं, बल्कि हर वर्ग मौजूदा सरकारों से परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अमेरिका के साथ किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई एग्रीमेंट करती है तो किसान पूरे देश में चक्का जाम करेंगे और रेल यातायात भी रोकेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसानों की मांगों पर गौर नहीं किया तो सेक्टर-48 के पास लगाया गया पक्का मोर्चा आगे भी बढ़ाया जा सकता है। राजेवाल ने कहा कि किसान यहां पहुंच चुके हैं और अब अपनी मांगें मनवाकर ही वापस जाएंगे। सड़क की दूसरी साइड भी खड़ी की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जगतपुरा से चंडीगढ़ के सेक्टर-48 तक जाने वाली सड़क के एक तरफ किसानों ने मोर्चा लगाया हुआ है, जबकि दूसरी तरफ से ट्रैफिक चल रहा है। कल बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने के कारण किसानों ने इन्हें सड़क के किनारे और उपलब्ध जगहों पर खड़ा कर दिया। किसान नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या और बढ़ी तो ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। दूर-दराज से पहुंचे किसानों में उत्साह पंजाब के दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे किसानों में आंदोलन को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। मानसा से पहुंचे किसानों ने कहा कि जब दिल्ली में लंबे समय तक मोर्चा लगाकर मांगें मनवाई जा सकती हैं तो यहां भी वे अपनी मांगें मनवाकर ही वापस जाएंगे। किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही है। बिजली-पानी और सुविधाएं नहीं देने पर नाराजगी मोर्चे के मंच से किसान नेताओं ने किसानों के लिए बिजली, पानी, मोबाइल टॉयलेट और रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने का विरोध किया। वक्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान किसानों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

Jalandhar Fire: गद्दे की फैक्ट्री धधकी, आसमान में छाया काला धुआं; आग बुझाने पहुंचीं 10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां

 जालंधर  थाना बस्ती बावा खेल के बस्ती पीर दाद रोड पर स्थित गद्दे बनाने की एक फैक्ट्री में वीरवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर में धुआं फैल गया। गनीमत रही कि समय रहते फैक्ट्री के अंदर मौजूद करीब 12 लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के मुताबिक वीरवार सुबह करीब नौ बजे फैक्ट्री के अंदर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने जब फैक्ट्री से निकलता धुआं देखा तो तुरंत वहां मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई। गद्दे और उनमें इस्तेमाल होने वाला सामान ज्वलनशील होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। फैक्ट्री के अंदर केमिकल होने के कारण आग काफी भड़क गई है, जिससे इसे बुझाने में दिक्कत हुई। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है। केशव नामक व्यक्ति ने बताया कि एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। आग लोगों के घरों तक पहुंच गई। पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस एक घंटे के बाद मौके पर पहुंची। किसी भी फैक्टरी के संचालक ने घटना स्थल का आकर जायजा नहीं लिया गया। इस घटना के दौरान एक लैंटर भी गिर गया। व्यक्ति ने प्रशासन से फैक्ट्री को रिहायशी इलाके से बाहर निकालने की अपील की। केशव के अनुसार, 10 साल पहले भी एक फैक्टरी में आग लगने की घटना सामने आई थी। तक फैक्ट्री कर्मी ने कहा था कि इस यूनिट को इलाके से बाहर ले जाया जा रहा है और इसे गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन फैक्ट्री में आज भी गद्दे बनाने का काम चल रहा है। केशव के अनुसार फैक्टरी में भारी मात्रा में एलपीजी कॉमर्शियल सिलेंडर मौजूद है। आग की लपटें और घना धुआं देखकर आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। धुआं इतना अधिक था कि करीब दो किलोमीटर दूर तक इसे आसानी से देखा जा रहा था। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की भयावहता को देखते हुए करीब 10 दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। दमकल कर्मियों ने कई दिशाओं से पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, आग से फैक्ट्री में कितना नुकसान हुआ है, इसका अभी आकलन नहीं हो सका है। थाना बस्ती बावा खेल की पुलिस भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।

School Bus Strike: अमृतसर में बसें बंद, 25 हजार बच्चों पर असर; अभिभावकों को खुद छोड़ना पड़ा स्कूल

अमृतसर स्कूल बस ऑपरेटरों की हड़ताल का असर आज अमृतसर के स्कूलों में साफ दिखाई दिया। बस ऑपरेटरों की ओर से तीन सितंबर को बसें बंद रखने के ऐलान के बाद सुबह कई स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भीड़ नजर आई। स्कूल बसें नहीं पहुंचने के कारण अभिभावकों को खुद अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए पहुंचना पड़ा। कई अभिभावक बच्चों को कार, दोपहिया और अन्य निजी वाहनों से स्कूल लेकर पहुंचे। स्कूल एंड कॉलेज बस आपरेटर एसोसिएशन पंजाब की ओर से रोड टैक्स और पार्किंग फीस सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की गई है। एसोसिएशन का दावा है कि मौजूदा टैक्स और खर्चों के कारण स्कूल बसों का संचालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। हड़ताल के कारण जिले के करीब 20 स्कूलों की बस सेवा प्रभावित हुई है। इससे लगभग 25 हजार विद्यार्थी प्रभावित होने की बात कही जा रही है। कई स्कूलों ने अभिभावकों को पहले ही बस सेवा बंद रहने की सूचना दे दी थी, जबकि कुछ अभिभावकों को सुबह बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए अचानक अपनी व्यवस्था करनी पड़ी। बस सेवा बंद होने के कारण सुबह स्कूलों के आसपास निजी वाहनों की संख्या बढ़ गई। अभिभावकों को बच्चों को छोड़ने और लेने के लिए खुद पहुंचना पड़ा। इससे कई स्कूलों के बाहर कुछ समय के लिए ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार को स्कूल बसों से रोड टैक्स हटाने, पार्किंग फीस कम करने तथा अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऑपरेटरों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। डीपीएस इंटरनेशनल, होली हार्ट, स्प्रिंग डेल, सेंट फ्रांसिस, यूनिवर्सिटी स्टडीज, केवी-1, श्री गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल, बसंत एवेन्यू, गोल्डन एवेन्यू पब्लिक स्कूल और दून इंटरनेशनल समेत करीब 20 स्कूलों की बस सेवा आज प्रभावित रही।

पंजाब में नए वोटर्स के लिए जरूरी खबर, 12 सितंबर तक कर सकते हैं अप्लाई; SIR पर भी दर्ज कराएं आपत्ति

चंडीगढ़  मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पंजाब और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा राज्य में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-2026' (SIR) का काम तेजी से चलाया जा रहा है। अगर आपकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, या फिर आप 1 अक्टूबर 2026 तक 18 साल के हो रहे हैं, तो आप आवेदन कर सकते है।  फर्स्ट टाइम वोटर्स के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक, नया वोटर कार्ड बनवाने और ड्राफ्ट वोटर सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरकर 12 सितंबर 2026 तक आवेदन किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी भी तरह की गलती, गलत नाम, पते में सुधार या किसी फर्जी/अयोग्य वोटर का नाम हटाने को लेकर यदि कोई दावे और आपत्तियां हैं, तो इन्हें 13 सितंबर तक संबंधित कार्यालयों या ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करवाया जा सकता है। यदि किसी नागरिक का नाम ड्राफ्ट रोल में छूट गया है या वोटर आईडी में संशोधन की आवश्यकता है, तो आयोग की ओर से अलग-अलग प्रकार के फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। यह अभियान राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। नए मतदाता बनने, NRI वोटर के रूप में पंजीकरण कराने, नाम कटवाने या पते में सुधार के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाया गया है। फर्स्ट टाइम वोटर्स कैसे कर सकते हैं आवेदन जानिए…     चुनाव आयोग की अपील : चुनाव आयोग ने फर्स्ट टाइम वोटर्स बनने वाले युवाओं से अपील की है कि जो भी वोटर्स बनने की शर्तों को पूरा करते हैं वो अपनी वोट जरूर बनवाएं। 12 सितंबर तक वो ऑनलाइन या ऑफ लाइन सिस्टम को अपनाकर अपना नाम फाइनल मतदाता सूची में शामिल करवाएं ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में वो मतदान कर सकें।     ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया: सबसे पहले भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं या अपने स्मार्टफोन में ECINet App (वोटर हेल्पलाइन ऐप) डाउनलोड करें। पोर्टल या ऐप पर मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना होगा।     फार्म-6 भरना होगा: आन लाइन रजिस्ट्रेशन करते हुए फर्स्ट टाइम वोटर्स को फार्म-6 का विकल्प चुनना होगा। उसके बाद फार्म में जो जानकारियां मांगी गई सभी भरनी अनिवार्य होंगी। फार्म भरते समय नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, वर्तमान व स्थाई पता आदि ध्यानपूर्वक भरें ताकि बाद में किसी तरह का बदलाव न करवाना पड़े।     दस्तावेज अपलोड: फार्म नंबर छह के साथ आवेदक को पासपोर्ट साइज फोटो, आयु प्रमाण पत्र (जैसे 10वीं का सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट) और निवास प्रमाण पत्र (बिजली बिल, राशन कार्ड, बैंक पासबुक आदि) की कॉपी अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद एक रेफरेंस आईडी मिलेगी, जिससे आप अपने आवेदन का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।     ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया: जो युवा ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, वे अपने नजदीकी बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ERO के दफ्तर जाकर हार्ड कॉपी में फॉर्म-6 प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म को पूरी तरह भरकर आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी सेल्फ अटेस्ट करके BLO या ERO दफ्तर में 12 सितंबर 2026 से पहले जमा कराएं।

भूजल संकट से जूझते पंजाब के लिए राहत भरी खबर, केंद्र की रिपोर्ट से बढ़ी उम्मीद

चंडीगढ़. पंजाब में दशकों से लगातार गिर रहे भूजल लेवल को लेकर राज्य के लोगों को राहत मिली है। सेंट्रल भूजल बोर्ड के साल 2026 के ताजा आंकड़ों/मूल्यांकन के मुताबिक, दशकों में पहली बार पंजाब में भूजल लेवल में सुधार दर्ज किया गया है। इस बारे में जानकारी पंजाब के जल संसाधन मंत्री ने शेयर की है। केंद्र की इस रिपोर्ट ने भूजल संकट से उभरने की नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने कहा कि भूजल के इस्तेमाल की दर साल 2022 में 164 फीसदी से घटकर साल 2026 में 152.22 फीसदी हो गई है, जबकि ज्यादा इस्तेमाल वाले ब्लॉक की संख्या 117 से घटकर 110 हो गई है और सुरक्षित ब्लॉक की संख्या 17 से बढ़कर 20 हो गई है। कुल 153 मूल्यांकन किए गए ब्लॉक में से 109 में सुधार दर्ज किया गया है। पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जल संसाधन मंत्री ने कहा कि ये सुधार सरकार की नहर का पानी खेतों तक पहुंचाने और भूजल बचाने की कोशिशों का नतीजा हैं। उन्होंने कहा कि भूजल का सालाना इस्तेमाल साल 2022 में 28.02 बिलियन क्यूबिक मीटर से घटकर 2026 में 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है। साल 2025 के मुकाबले 14 ब्लॉक बेहतर कैटेगरी में आए हैं, जिनमें से 4 ब्लॉक सेफ कैटेगरी में पहुंच गए हैं। फाजिल्का का अरनीवाला शेख सुभानपुर, फिरोजपुर का मक्खू, होशियारपुर का हाजीपुर और पठानकोट का नरोट जैमल सिंह सेफ कैटेगरी में आ गए हैं। 

स्कूल वैन ड्राइवरों की हड़ताल, पंजाब में कल बच्चों को नहीं मिलेगी वैन सेवा

श्री मुक्तसर साहिब. पंजाब सरकार की ओर से स्कूल वैन चालकों के लिए लागू नई ड्राइविंग लाइसेंस गाइडलाइन और अन्य नियमों के विरोध में वीरवार को पूरे पंजाब में स्कूल वैन चालक एक दिन की हड़ताल करेंगे। चालक बठिंडा में राज्य स्तरीय रोष रैली भी करेंगे। हड़ताल का पंजाब के सभी जिलों में व्यापक असर पड़ने की संभावना है। राज्य भर में हजारों स्कूल वैनों के पहिए थमेंगे। कई निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों के लिए पहले ही छुट्टी घोषित कर दी है, जबकि कुछ स्कूलों ने अभिभावकों से बच्चों को स्वयं स्कूल छोड़ने और वापस लाने की व्यवस्था करने को कहा है। 45 दिन की ट्रेनिंग से बढ़ा खर्च स्कूल वैन चालक जगदेव सिंह, हरमेल सिंह, कुलदीप सिंह और बाबा मेजर सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत भारी वाहन लाइसेंस बनवाने या उसके नवीनीकरण के लिए 45 दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग करनी होगी। इसके लिए करीब 14 हजार रुपये खर्च होंगे। चालकों का कहना है कि पहले गांव माऊआणा स्थित प्रशिक्षण केंद्र में दो दिन की ट्रेनिंग होती थी, जिस पर करीब 800 रुपये खर्च आता था। उनका कहना है कि 45 दिन तक प्रशिक्षण लेने से रोजाना काम और आय प्रभावित होगी। नियमों और जुर्माने को लेकर नाराजगी चालकों के अनुसार स्कूल वैनों पर पहले से करीब 120 नियम लागू हैं। अब नए नियमों के कारण छोटे संचालकों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। उनका दावा है कि पहले नियम उल्लंघन पर 500 से 800 रुपये तक का चालान होता था, जबकि अब 15 हजार से 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है। चालकों ने मांग की है कि स्कूल वैनों की पासिंग केवल वाहन की उम्र के आधार पर न की जाए, बल्कि उसकी वास्तविक फिटनेस को आधार बनाया जाए। उनका कहना है कि 15 साल पुरानी वैनों पर रोक की शर्त व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि स्कूल वैन रोजाना करीब 40 से 50 किलोमीटर ही चलती हैं। टैक्स में राहत और ई-रिक्शा पर कार्रवाई की मांग वैन संचालकों ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पंजाब में भी टैक्स में राहत देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ई-रिक्शा नियमों के विपरीत स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही। चालकों का कहना है कि वे प्रति बच्चे 700 से 1000 रुपये शुल्क लेते हैं। इसी राशि से ईंधन, वाहन रखरखाव, टैक्स और महिला परिचारिका का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। चालकों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। संगठन ने हड़ताल के दौरान बच्चों को स्कूल लेकर जाने वाले चालक पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाने की बात भी कही है।

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर, 60+ सहायक वन संरक्षकों की नई पदस्थापना

रायपुर. राज्य सरकार ने वन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला सूची जारी की गई है. प्रशासनिक दृष्टिकोण से 60 से अधिक सहायक वन सरंक्षक की नई पदास्थापना जारी हुई है. इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से आदेश जारी किया गया है. आदेश के तहत राम कुमार सिदार को मंडल प्रबंधक, कर्वधा परियोजना मंडल, राज्य वन विकास निगम, कवर्धा पदस्थ किया गया है. विजेन्द्र सिंह ठाकुर को उप वनमंडलाधिकारी बस्तर, वनमंडल बस्तर भेजा गया है. अमिता गुप्ता को उप प्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ मुख्यालय, नया रायपुर पदस्थ किया गया है. इसी तरह  मनोज कुमार विश्वकर्मा को उप वनमंडलाधिकारी बिरगुड़ी, वनमंडल धमतरी पदस्थ किया गया है. मोना महेश्वरी को संलाग्नाधिकारी, वृत्त कार्यालय दुर्ग भेजा गया है. जसवीर सिंह मरावी को उप वनमंडलाधिकारी कांकेर, वनमंडल कांकेर पदस्थ किया गया है. कुमार सिंह कंवर को उप वनमंडलाधिकारी बैकुंठपुर, वनमंडल कोरिया भेजा गया है. वहीं, एम. एल. सिदार कोउप प्रबंध संचालक, जिला यूनियन रायगढ़ पदस्थ किया गया है. शिवशंकर नाविक को उप मंडलाधिकारी धमतरी, वनमंडल धमतरी पदस्थ किया गया है. जबकि अवधेश सिंह को उप प्रबंध संचालक, जिला यूनियन, सूरजपुर पदस्थ किया गया है.

BC सर्टिफिकेट के लिए बदले नियम, पंजाब में अब माता-पिता की नौकरी और पद भी होगा अहम

चंडीगढ़. पंजाब भवन में बुधवार को सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही दिक्कतों का जल्द समाधान किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि अब प्रमाणपत्र केवल परिवार की आय के आधार पर नहीं बनेगा। प्रमाणपत्र जारी करते समय माता-पिता की सरकारी नौकरी, पद, सामाजिक स्थिति, पिछले तीन वर्षों की आय और परिवार की संपत्ति सहित विभिन्न पहलुओं को देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवा केंद्रों और पटवारियों को भी पात्रता संबंधी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। जल्द ही सभी सेवा केंद्रों के बाहर सूचना पट लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को स्पष्ट जानकारी मिल सके कि किन परिस्थितियों में पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र बनाया जा सकता है। अधिक वार्षिक आय वाले परिवार क्रीमी लेयर श्रेणी में  मंत्री ने बताया कि संवैधानिक पदों पर रह चुके लोगों, उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों तथा निश्चित आय से अधिक वाले परिवारों के बच्चों को प्रमाणपत्र का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़े सरकारी अधिकारियों के बच्चों के साथ-साथ चिकित्सक, अभियंता और अन्य बड़े पेशेवर पदों पर कार्यरत माता-पिता के बच्चों की पात्रता भी निर्धारित नियमों के अनुसार तय होगी। आठ लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों को क्रीमी लेयर  में माना जाएगा। प्रमाणपत्र के लिए परिवार की शहरी और ग्रामीण संपत्ति की स्थिति भी देखी जाएगी। शादी के बाद भी बदल जाएगा सर्टिफिकेट उन्होंने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि किसी लड़की की शादी हो जाती है तो उसका पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र उसके विवाह के बाद के परिवार की स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि उसके माता-पिता की सामाजिक स्थिति को देखते हुए बनाया जाएगा। इसी तरह माता-पिता का प्रमाणपत्र पहले से नहीं बना होने का अर्थ यह नहीं है कि बच्चे का प्रमाणपत्र नहीं बन सकता। रिश्तेदार के प्रमाणपत्र के आधार पर भी बच्चे की पात्रता तय नहीं होगी। 391 करोड़ की राशि जारी डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2022 के बाद आशीर्वाद योजना के तहत करीब 76 हजार लाभार्थियों को लाभ दिया गया है और सरकार करीब 391 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का लाभ भी दिया जा रहा है। वर्तमान में बी श्रेणी के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को 20 हजार रुपये का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मांग की गई है। प्रमाणपत्र बनने के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल रहा है। 12 यूनिवर्सिटीज में 210 सीटों पर दाखिला पंजाबी विश्वविद्यालय में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जल्द दो छात्रावास शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के 12 प्रमुख व्यावसायिक महाविद्यालयों में प्रमाणपत्र के आधार पर 210 सीटों पर दाखिला दिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि पंजाब के करीब छह हजार विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। नवमीं-दसवीं के विद्यार्थियों को सालाना 75 हजार रुपये और ग्यारहवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों को 1.25 लाख रुपये तक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र धारकों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और दाखिले में 12 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

अमन अरोड़ा-धालीवाल केस पर AAP का भाजपा को जवाब, ‘सबूत स्पष्ट नहीं तो FIR का आधार क्या?’

चंडीगढ़/अमृतसर. पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के माध्यम से आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। अरोड़ा ने कहा कि ईडी की ओर से पंजाब के पुलिस महानिदेशक को तीसरा पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा गया है, जबकि पंजाब पुलिस पहले ही ईडी से उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और सामग्री को लेकर सवाल उठा चुकी है। अमन अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने ईडी को बताया है कि एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं है और उसकी प्रमाणिकता भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने दोबारा साक्ष्य और तथ्य उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि उनकी जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। इसके बावजूद तीसरा पत्र भेजे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुराने बयान का हवाला देते हुए अरोड़ा ने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह केंद्रीय एजेंसियों को केंद्र का तोता कहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही केंद्रीय एजेंसियां केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। एल्टिस प्रोजेक्ट पर भी दी सफाई एल्टिस प्रोजेक्ट में अपना नाम शामिल किए जाने पर अरोड़ा ने कहा कि उनके मंत्री रहते अथवा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में इस प्रोजेक्ट के लिए कोई सीएलयू नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि 230 एकड़ के लेआउट की मंजूरी 17 नवंबर 2011 को ली गई थी। उस समय राज्य में अकाली-भाजपा सरकार थी। उन्होंने बताया कि लेआउट से संबंधित अलग-अलग मंजूरियां 14 मई 2011, 25 जून 2013, 28 मार्च 2013 और आठ मई 2014 को भी ली गई थीं। बाद में उनके मंत्री रहते 11 जून 2024 और पांच जून 2025 को लेआउट में बदलाव किए गए। अरोड़ा ने कहा कि उनके कार्यकाल में विभाग में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी सरकार के कार्यकाल में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम और अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में लिए गए फैसलों के आधार पर होनी चाहिए। धालीवाल ने भी साधा भाजपा पर निशाना पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी पत्रकार वार्ता कर ईडी पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं को ईडी के मामलों में फंसाकर बदनाम करने की कोशिश की गई और बाद में सच सामने आया। धालीवाल ने आरोप लगाया कि अब पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने ईडी से अपना अधिकारी भेजकर साक्ष्य पेश करने को कहा था, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। धालीवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों के दबाव से आम आदमी पार्टी न डरेगी और न झुकेगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी अंततः सच सामने आएगा।

2027 के मेनिफेस्टो पर मंथन, चंडीगढ़ में आज जनता से सुझाव लेगी कांग्रेस की राष्ट्रीय टीम

चंडीगढ़. पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपना चुनावी होमवर्क तेज कर दिया है। पार्टी हाईकमान की ओर से प्रदेश नेताओं को तैयारियों के निर्देश दिए जाने के बाद अब जमीनी स्तर पर फीडबैक जुटाने और चुनावी मुद्दों को धार देने की कवायद शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में एआइसीसी की मीडिया टीम बुधवार को चंडीगढ़ पहुंच रही है। एआइसीसी के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक हरि शंकर गुप्ता, समन्वयक विंग कमांडर अनूमा आचार्य, ईशान त्यागी, हरनाम सिंह और विक्रम लोहिया तथा पंजाब कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अर्शप्रीत खडियाल चंडीगढ़ में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का पक्ष सामने रखेंगे। सर्वे का काम लगातार जारी टीम के दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस की ओर से पंजाब में चुनावी माहौल को लेकर सर्वे का काम भी लगातार जारी है। वहीं, 2027 के चुनावी मेनिफेस्टो को लेकर मेनिफेस्टो कमेटी की दो बैठकें हो चुकी हैं। कमेटी के चेयरमैन डाॅ. अमर सिंह की अगुवाई में पंजाब कांग्रेस भवन में हुई बैठक में मेनिफेस्टो तैयार करने की प्रक्रिया और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। फीडबैक से तैयार होगा 2027 मेनिफेस्टो पार्टी की योजना पंजाब के सभी जिलों में विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं का फीडबैक लेने की है। इसी आधार पर 2027 का मेनिफेस्टो तैयार किया जाएगा। कांग्रेस अब चुनावी तैयारियों को संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ जनता के मुद्दों पर केंद्रित करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।