samacharsecretary.com

पंजाब में भगवंत मान की शुकराना यात्रा का आगाज: गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून पर जताएंगे आभार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 6 मई से 9 मई 2026 तक चार दिवसीय ‘शुकराना यात्रा’ पर निकल रहे हैं। यह यात्रा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ के पारित होने के बाद प्रदेश की संगत के प्रति आभार प्रकट करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री इस दौरान राज्य के प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होंगे और जगह-जगह लोगों से संवाद भी करेंगे। यात्रा की शुरुआत 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होगी। यहां अरदास के बाद मुख्यमंत्री अमृतसर के लिए रवाना होंगे, जहां वे श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकेंगे। पहले दिन का कार्यक्रम धार्मिक आस्था के केंद्रों के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा गया है, ताकि यात्रा की शुरुआत श्रद्धा और धन्यवाद के भाव के साथ हो सके। दूसरे दिन 7 मई को मुख्यमंत्री तलवंडी साबो पहुंचेंगे, जहां तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होंगे। इसके बाद उनका काफिला फरीदकोट पहुंचेगा। स्थानीय विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के अनुसार, फरीदकोट में भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया जाएगा और वे यहां संगत से संवाद करेंगे। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री दर्शन करेंगे। इसके बाद वे पटियाला पहुंचेंगे। पटियाला में 8 और 9 मई को गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में कार्यक्रम तय किया गया है। यहां भी मुख्यमंत्री अरदास करेंगे और लोगों से मुलाकात करेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय स्तर पर स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। चार दिवसीय इस यात्रा का समापन 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में होगा। ऐतिहासिक महत्व के इस स्थल पर मुख्यमंत्री अंतिम अरदास कर यात्रा का समापन करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों और कस्बों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और ट्रैफिक को लेकर भी एडवाइजरी जारी की जा सकती है। सरकार का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के साथ सीधे संवाद का भी माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री विभिन्न स्थानों पर रुककर संगत की समस्याएं सुन सकते हैं और सरकार की योजनाओं की जानकारी भी साझा करेंगे।

पराली पर कंट्रोल की तैयारी: फरीदकोट प्रशासन ने जारी किए नए निर्देश, सख्त निगरानी होगी

फरीदकोट. डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर ने फरीदकोट जिले में गेहूं की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासनिक अधिकारियों जैसे विभिन्न विभागों के साथ मीटिंग की। इस मौके पर एस.एस.पी., फरीदकोट डॉ. प्रज्ञा जैन खास तौर पर मौजूद थीं। मीटिंग में मौजूद अधिकारियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने अधीन क्लस्टर और नोडल अधिकारियों के साथ मीटिंग करें और उन्हें गांवों में जाकर किसानों को गेहूं की पराली न जलाने के बारे में जागरूक करने के लिए मजबूर करें। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए आने वाले कुछ दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने एग्रीकल्चर डिपार्टमैंट के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे किसान ट्रेनिंग कैंप, नुक्कड़ मीटिंग, प्रचार वैन, सोशल मीडिया वगैरह के जरिए किसानों को खेतों में गेहूं के डंठल उगाने के लिए मोटिवेट करें। डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से अपील की कि वे गेहूं के डंठलों में आग न लगाकर माहौल बचाने में अपना योगदान दें। इस मौके पर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर संदीप मल्होत्रा, पुनीत शर्मा सब डिविजनल मैजिस्ट्रेट फरीदकोट, कुलवंत सिंह चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर फरीदकोट, गुरप्रीत सिंह एग्रीकल्चर ऑफिसर फरीदकोट, लखवीर सिंह एग्रीकल्चर डिवैल्पमैंट ऑफिसर फरीदकोट, रवि दीप सिंगला एनवायरनमैंटल इंजीनियर फरीदकोट, शुभकरमन सिंह असिस्टैंट एनवायरनमैंटल इंजीनियर पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड फरीदकोट मौजूद थे।

विदेश से वापसी की कहानी: 2 साल पहले कनाडा गए युवक को किया Deport, खुलासा हैरान करेगा

चंडीगढ़. कनाडा में पंजाबी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे डिपोर्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार जबरन वसूली और फिरौती गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पंजाब के युवक की फोटो जारी की है। आरोप है कि करीब 2 साल पहले कनाडा गया 20 वर्ष का प्रभजोत सिंह नामक युवक फिरौती मांगने के मामले में शामिल था। पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार किया गया था। कनाडा पुलिस का कहना है कि सरे सहित कई अन्य इलाकों में जबरन वसूली और फिरौती मांगने की घटनाए बढ़ रही है। इस संबंध में कार्रवाई के दौरान पुलिस को पता चला था कि प्रभजोत सिंह इन मामलों में शामिल है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था और बाद में उसे डिपोर्ट कर दिया गया। वहीं, अब उसकी फोटो जारी कर लोगों से अपील की जा रही है कि अगर लोगों को उक्त युवक के बारे में जानकारी है तो वह बताएं ताकि मामले की जांच की जा सके।

निकाय चुनाव की तैयारी तेज: कांग्रेस ने पंजाब के कई जिलों में ऑब्जर्वर किए तैनात

गुरदासपुर. पंजाब की राजनीति से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आने वाले म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपल काउंसिल और नगर पंचायतों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मंजूरी के बाद अलग-अलग जिलों और शहरों के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के तहत गुरदासपुर के बटाला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए अनिल जोशी को ज़िम्मेदारी दी गई है, जबकि पठानकोट में जसबीर सिंह डिम्पा और कपूरथला में कुलदीप सिंह वैद को ऑब्जर्वर, होशियारपुर में सुनील दत्ती और मोगा में सिमरजीत सिंह बैंस और रमिंदर आवला को जिम्मेदारी दी गई है। बठिंडा, फाजिल्का, SAS नगर समेत कई अहम जिलों में भी सीनियर नेताओं को तैनात किया गया है। इसके अलावा, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए भी बड़ी संख्या में ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। नकोदर, नवांशहर, खन्ना, जगराओं, आनंदपुर साहिब, राजपुरा, नाभा, मलेरकोटला, सुनाम, खरड़, जीरकपुर और डेरा बस्सी जैसे इलाकों में अलग-अलग नेताओं को नियुक्त किया गया है। सूची में मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर, फरीदकोट और अमृतसर के इलाके भी शामिल हैं।  आधिकारिक आदेशों में यह साफ किया गया है कि सभी ऑब्जर्वर संबंधित सांसदों, विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों और ब्लॉक स्तर के नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे। उनकी मुख्य जिम्मेदारी चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करना, योग्य उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करना और पूरे चुनाव प्रोसेस पर नजर रखना होगा। इसके साथ ही, ऑब्जर्वर को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने तय इलाकों में जाकर जमीनी हकीकत समझें और पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क करके उनसे फीडबैक भी लें। यह पूरी रिपोर्ट 12 मई तक PPCC ऑफिस में जमा करनी होगी।

महिला अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर: जनगणना ड्यूटी में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

चंडीगढ़. जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों को आ रही बढ़ती समस्याओं के बीच संयुक्त शिक्षक एसोसिएशन (JTA) और प्रशासन के बीच हुई बैठक से कुछ राहत मिली है। प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए महिला शिक्षकों की सुरक्षा और दोहरी ड्यूटी के मुद्दे पर ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में शिक्षकों को राहत मिल सकती है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को चंडीगढ़ के डीसी निशांत यादव से मुलाकात कर जनगणना ड्यूटी के दौरान शिक्षकों को आने वाली समस्याओं को उठाया। बैठक में महिला शिक्षकों की सुरक्षा, फील्ड में आने वाली दिक्कतें और स्कूल ड्यूटी के साथ दोहरे कार्यभार जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। प्रशासन ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) अमनदीप भट्टी के साथ बैठक में महिला शिक्षकों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। महिला शिक्षकों की सुरक्षा के मद्देनजर फील्ड ड्यूटी के दौरान बीट पुलिस कर्मियों को उनके साथ तैनात किया जाएगा। इसके अलावा वार्ड काउंसिलरों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे प्रत्येक शिक्षक के साथ एक स्थानीय सहायक उपलब्ध कराएं, ताकि फील्ड में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि जनगणना का कार्य स्कूल ड्यूटी के साथ जोड़ना व्यवहारिक नहीं है। इस पर डीसी ने भरोसा दिया कि इस मुद्दे को तुरंत शिक्षा सचिव और जनगणना विभाग के समक्ष उठाया जाएगा।

पंजाब में दिल दहला देने वाली घटना: संगरूर में 10वीं के छात्र का मर्डर, सफर बना मौत का रास्ता

संगरूर/पटियाला. संगरूर के पटियाला गेट की कृष्णा बस्ती में युवकों के बीच हुई लड़ाई ने खूनी रूप धारण कर लिया। यहां कुछ युवकों ने एक 15 साल के लड़के की तेजधार हथियार से हत्या कर दी। वहीं मृतक का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मीडिया को जानकारी देते हुए परिवार के सदस्यों ने बताया कि गली में किसी बात को लेकर दो बच्चों के बीच आपसी तकरार हो गई और 2 युवकों द्वारा लड़के की तेजधार हथियार से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस दैरान लड़के की मौके पर ही मौत हो गई। उसे संगरूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे युवक को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे नकोदर जा रहे थे, लेकिन उक्त युवकों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला हमला कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए डॉ. निकिता ने बताया कि दो लड़कों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से एक की मौत हो गई और दूसरे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटियाला रेफर कर दिया गया है। 

दिल्ली में भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘पंजाब में ऑपरेशन लोटस नहीं’, द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात

चंडीगढ़.  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब कोई ट्रक नहीं है, जिसकी बारी आएगी और कोई भी आकर उसे चला लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसदों के पार्टी बदलने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसे “संविधान की हत्या” बताते हुए कहा कि अचानक कुछ सांसद इकट्ठे होकर खुद ही यह ऐलान कर देते हैं कि वे अब इस पार्टी में नहीं हैं और दूसरी पार्टी में मर्ज हो गए यह पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पार्टी विलय और दल-बदल के स्पष्ट नियम हैं, लेकिन यहां उन नियमों को दरकिनार कर राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे लगातार यह कह रहे हैं कि अब पंजाब का नंबर है। आखिर किस चीज का नंबर? पंजाब का कोई नंबर नहीं है। यह उनकी गलतफहमी और राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हर संकट में देश का साथ दिया है और आगे भी देता रहेगा, लेकिन राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार पर एजेंसियों और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास पंजाब में महज दो विधायक हैं, लेकिन राज्यसभा में संख्या बढ़ना जनादेश के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा पंजाब के अधिकारों में कथित दखल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कभी बीबीएमबी (बीबीएमबी) को लेकर विवाद खड़ा किया जाता है, कभी भाखड़ा डैम पर दावा किया जाता है। पानी के बंटवारे में भी पंजाब के हक को नजरअंदाज करने की कोशिश होती है।” इसके अलावा उन्होंने चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भी आपत्ति जताई। आर्थिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा आर्थिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएम एनएचएम) और आरडीएफ (आरडीएफ) जैसे महत्वपूर्ण फंड रोके जा रहे हैं, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि गणतंत्र दिवस की झांकी पर भी सवाल उठाना पंजाब की अनदेखी को दर्शाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और पंजाब सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए। द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद बोले राघव चड्ढा  वहीं, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने कहा कि आप अब डेंजरस गेम खेल रही है और इसका अंजाम खतरनाक होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी बदले की राजनीति कर रही है और विरोधियों को निशाना बना रही है। कुल मिलाकर, पंजाब की सियासत इस समय टकराव के चरम पर है। एक ओर मुख्यमंत्री मान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमे से लगातार पलटवार हो रहा है।

14 मई तक अंतिम मौका: पंजाब में अध्यापकों के लिए शिक्षा विभाग की कड़ी चेतावनी

अमृतसर. पंजाब के शिक्षा विभाग ने अध्यापकों, कंप्यूटर फैकल्टी और नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। ट्रांसफर प्रक्रिया 2026 को लेकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी ने निर्धारित समय के भीतर अपना डेटा अपडेट नहीं किया, तो उसे ट्रांसफर प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। 14 मई तक रिकॉर्ड अपडेट करना अनिवार्य  जारी निर्देशों के अनुसार 4 से 14 मई तक सभी कर्मचारियों को ई-पंजाब स्कूल पोर्टल पर अपनी जनरल डिटेल परिणाम और सर्विस रिकॉर्ड अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही “अप्रूव डेटा” बटन दबाना भी जरूरी है, अन्यथा डेटा अधूरा माना जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी के डेटा में कोई त्रुटि हो, तो वह उसे रिमार्क्स में दर्ज कर सकता है लेकिन अंतिम निर्णय विभाग का ही होगा। एक बार डेटा अप्रूव हो जाने के बाद उसमें कोई संशोधन नहीं किया जा सकेगा।स्पैशल और एग्जेम्प्ट कैटेगरी से संबंधित कर्मचारियों के लिए अपने दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि दस्तावेज अपलोड नहीं किए गए तो उन्हें इस श्रेणी का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग ने अपना सख्त रुख स्टेशन चॉइस को लेकर भी विभाग ने सख्त नियम लागू किए हैं। केवल वही कर्मचारी स्टेशन चॉइस भर सकेंगे, जिनका डेटा पूरी तरह अपडेट और अप्रूव होगा। बिना डेटा अपडेट किए यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। ए.सी.आर. को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिन कर्मचारियों की 2024-25 की ए.सी.आर. भरी नहीं है, उन्हें पहले उसे पूरा करना होगा, तभी वे आगे की प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित तिथि तक डेटा अपडेट न करने वालों की कोई सुनवाई नहीं होगी और वे ट्रांसफर प्रक्रिया से वंचित रह सकते हैं। कुल मिलाकर शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर नियम पहले, राहत बाद में वाला सख्त संदेश दे दिया है। 

तूफानी रात से बेहाल मुक्तसर: अंधेरे में गुजरी रात, मंडियों में भीगा अनाज

श्री मुक्तसर साहिब/चंडीगढ़. मुक्तसर जिले में रात करीब साढ़े नौ बजे बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। जिस कारण बिजली की तारों व खंभों को नुकसान पहुंचा है जिससे बिजली सप्लाई रातभर ठप रही। वहीं, अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं की फसल वर्षा से भीग गई है। वहीं मजदूरों ने रोष व्यक्त किया है। हालांकि जो फसल भीगी है उसमें अधिकांश की खरीद हो चुकी है। बारिश का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ। मुक्तसर की मुख्य अनाज मंडी समेत विभिन्न मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं भीग गई। मंडी बोर्ड ने पहले ही तिरपाल का इंतजाम करने के निर्देश दिए थे, मगर खरीद एजेंसियों और आढ़तियों की लापरवाही सामने आई है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों में फरीदकोट, लुधियाना,मालेरकोटला,मोगा व मुक्तसर में विभिन्न स्थानों पर बिजली की गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। फिलहाल मंडियों में भीगी गेहूं को सुखाने का काम शुरू हो गया है।

दिल्ली में अहम बैठक: भगवंत मान ने द्रौपदी मुर्मू से मिलने का किया रुख, बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग तैयार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए दिवील्ली रवाना हो गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उनसे पहले आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा सुबह करीब 11 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री की मुलाकात दोपहर 12 बजे तय है। मुख्यमंत्री भगवंत मान विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं और इस दौरान वे बागी सांसदों से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर सरकार का पक्ष राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। वहीं, राघव चड्ढा अपने साथियों के साथ राष्ट्रपति से मिलकर पंजाब सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि 24 अप्रैल को आप के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। इनमें संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संजीव अरोड़ा और विक्रमजीत साहनी समेत अन्य नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने इसे सामूहिक निर्णय बताते हुए नियमों के तहत कदम उठाने का दावा किया था। आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया इसके बाद 25 अप्रैल से पंजाब में आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई जगहों पर नारेबाजी और प्रदर्शन हुए। इसी बीच हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने का मामला भी सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया। 30 अप्रैल को पीपीसीबी (पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की टीमों ने कुछ औद्योगिक इकाइयों में कार्रवाई की, जिसे भी इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया। 2 मई को आप छोड़ने वाले सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने भ्रष्टाचार और एक महिला के शोषण के आरोपों में गैर-जमानती एफआईआर दर्ज की। पुलिस टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वे पहले ही वहां से निकल चुके थे। वहीं, 1 मई को पंजाब विधानसभा में सरकार ने फ्लोर टेस्ट भी पास कर लिया। 117 सदस्यीय सदन में आप के 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और राघव चड्ढा की राष्ट्रपति से अलग-अलग होने वाली मुलाकातों को अहम माना जा रहा है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और घटनाक्रम से जुड़े मुद्दे सामने रखेंगे।