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Punjab DA Case: मुख्य सचिव पर आपराधिक अवमानना का मामला, हाईकोर्ट में आज होगी अहम सुनवाई

चंडीगढ़  पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) के बकाये से जुड़े मामले में आज (12 अक्टूबर) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की बेंच ने इस मामले को नियमित अवमानना केस से अपग्रेड कर आपराधिक अपराध की तरह सुनवाई।  इस दौरान पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के लिखित माफीनामे पर फैसला हो सकता है। उन्होंने कोर्ट में लिखित रूप से बिना शर्त माफी का प्रस्ताव दिया है। पिछली बेंच ने इस माफीनामे को स्वीकार करने या खारिज करने का फैसला नई बेंच पर छोड़ दिया था। आज नई बेंच यह तय करेगी कि मुख्य सचिव की माफी को स्वीकार कर उनके खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई को यहीं बंद किया जाए? या कोर्ट को गुमराह करने और गलत तथ्य रखने के लिए उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए? 9 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव केएपी सिन्हा अदालत में पेश हुए थे। मामले में मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई का मुद्दा भी उठा था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि अदालत की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। वहीं, पंजाब सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा था कि मुख्य सचिव का अदालत को गुमराह करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि अदालत चाहे तो मुख्य सचिव बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं। पिछली सुनवाई में क्या-क्या हुआ, 5 पॉइंट में पढ़िए     सुप्रीम कोर्ट में मामला सूचीबद्ध नहीं हुआ: कर्मचारियों की ओर से सीनियर एडवोकेट संजय कौशल ने कहा कि DA के बकाये से जुड़े हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन यह मामला अब तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुआ है।     वकील बोले- सुनवाई में इतनी देरी क्यों हो रही: संजय कौशल ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए सरकार ने तुरंत अपील दायर की और उस पर सुनवाई भी तय हो गई। एडवोकेट ने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि लाखों कर्मचारियों के बकाये के मामले में इतनी देरी क्यों हो रही है?     सरकार बोली- पिछली सरकारों का है बकाया: पंजाब सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पक्ष रखते हुए कहा कि कर्मचारियों का DA बकाया मौजूदा सरकार के समय का नहीं, बल्कि पिछली सरकारों के कार्यकाल से जुड़ा है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि फैसला देने से पहले अदालत पूरे मामले के रिकॉर्ड की जांच कर चुकी है।     गलत जानकारी देने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी: हाईकोर्ट ने साफ कहा कि सरकार को अपने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, अपील करने के बाद अदालत को गलत जानकारी देना स्वीकार नहीं किया जा सकता।     अपील की कमियां अब तक दूर क्यों नहीं हुई?: कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील की कमियां अब तक दूर क्यों नहीं की गईं? इसी मामले में अदालत ने आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया था। हाईकोर्ट ने कहा कि आपराधिक अवमानना के मामले की सुनवाई तय रोस्टर के अनुसार संबंधित पीठ ही करेगी। मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, जानिए     8 अप्रैल 2026: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में कर्मचारियों की याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई शुरू हुई, जिसमें पंजाब सरकार द्वारा केंद्रीय पैटर्न पर बढ़े हुए DA को रोकने की नीति को चुनौती दी गई थी।     3 अगस्त 2026: पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच (जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर) ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने सरकार की वित्तीय तंगी की दलीलें खारिज कीं और करीब 8 लाख कर्मचारियों व पेंशनर्स के बकाये को 15 दिनों के भीतर जारी करने का आदेश दिया। इसी दिन कोर्ट ने सख्त निर्देश दिया कि जब तक बकाया नहीं चुकाया जाता, सरकार अपने प्रचार-प्रसार के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापन (प्रिंट/सोशल मीडिया) जारी नहीं कर सकती।     31 अगस्त 2026: हाई कोर्ट की ओर से अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए मुख्य सचिव को दी गई अंतिम समयसीमा समाप्त हो गई, लेकिन सरकार भुगतान करने में विफल रही।     1 सितंबर 2026: पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के इस कड़े आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और वहां एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की।     10 सितंबर 2026: हाई कोर्ट ने अनुपालन न होने पर सरकार से दोबारा जवाब मांगा। राज्य सरकार ने बताया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर किया जा चुका है। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की अपील में मौजूद कमियों को 10 दिन में दूर करने का समय दिया।     1 अक्टूबर 2026: एडवोकेट जनरल और मुख्य सचिव के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में कमियों को दूर कर अपील को दोबारा फाइल किया गया।     6 अक्टूबर 2026: हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से स्टेटस रिपोर्ट मंगवाई, जिसमें यह खुलासा हुआ कि पंजाब सरकार की अपील अभी भी कमियों के कारण अटकी हुई है और सूचीबद्ध होने के योग्य नहीं है। कोर्ट ने इसे गलत जानकारी देकर गुमराह करना माना और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को आपराधिक अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी कर 9 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का हुक्म दिया।     9 अक्टूबर 2026: मुख्य सचिव निजी तौर पर कोर्ट में पेश हुए। उनके वकील ने अदालत से बिना शर्त माफी मांगने की पेशकश की। हालांकि, चीफ जस्टिस की बेंच ने राज्य के इस आचरण को बेहद पीड़ादायक बताया और माफी स्वीकार करने से मना करते हुए पूरे मामले को आपराधिक अवमानना से जुड़ी रोस्टर डिवीजन बेंच के पास ट्रांसफर कर दिया।

पंजाब के बठिंडा में अस्पताल पर ED का शिकंजा, दस्तावेजों की जांच और कर्मचारियों से पूछताछ जारी

 पटियला / बठिंडा पंजाब में सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पार्क अस्पताल की सभी ब्रांचों पर एक साथ रेड की। पटियला और बठिंडा में टीम सुबह करीब 9 बजे स्थानीय पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान अस्पताल के प्रशासनिक कार्यालयों और दस्तावेजों की जांच की गई। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की गई। हालांकि, ED ने अभी तक छापेमारी के कारण और इससे जुड़े मामले को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच जांच के दौरान अस्पताल के वित्तीय लेन-देन, कर भुगतान और सरकारी योजनाओं के तहत किए गए दावों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। टीम कंप्यूटर, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। इसके अलावा, बिलिंग रिकॉर्ड, बैंक खातों के विवरण और अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं या नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की जा सकती है। हालांकि, ED की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी किस मामले या प्राथमिकी (FIR) के तहत की जा रही है।

पंजाब में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, मंडियों में जमा 15 लाख टन धान की खरीद और उठान प्रभावित

चंडीगढ़  पंजाब में बारिश ने धान की फसल पर दोहरी मार की है। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा और पानी से प्रभावित हुई है तो मंडियों में बिकने के इंतजार में पड़ा धान भीगकर खराब होने के खतरे में है। कहीं मंडियों में तीन फीट तक पानी भर गया तो कहीं खुले में रखी धान की बोरियां पानी में डूब गईं।  खेतों में जलभराव के कारण कंबाइन से कटाई नहीं हो पा रही। दूसरी ओर, उठान की धीमी रफ्तार ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश की मंडियों में करीब 15 लाख मीट्रिक टन धान उठान के इंतजार में बताया जा रहा है। किसानों ने प्रभावित क्षेत्रों में गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है। मंडियों में भीगा धान, उठान की रफ्तार धीमी बारिश के बीच मंडियों में धान की आवक जारी है, लेकिन उठान उस गति से नहीं हो रहा, जितनी जरूरत है। खुले में रखी बोरियों को तिरपाल से ढकने के बावजूद कई जगह पानी धान तक पहुंच गया। मंडियों में पर्याप्त ढके हुए स्थान और जलनिकासी की कमी ने परेशानी बढ़ा दी है। धान में नमी बढ़ने से खरीद के निर्धारित 17 प्रतिशत मानक को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। एक दिन में मंडियों में तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक धान पहुंचा, जबकि उठान दो लाख मीट्रिक टन से कम रहा। इससे मंडियों में धान का ढेर बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार केंद्र से उठान तेज करने की मांग कर रही है। पिछले साल का करीब 10 लाख मीट्रिक टन धान और गेहूं भी उठान के इंतजार में बताया जा रहा है। ऐसे में नई फसल के लिए मंडियों में जगह की कमी का संकट गहराने लगा है।  

पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल, राजा वड़िंग बोले- पायलट साहब मेरा टिकट भी काट सकते हैं, मैं राहुल का सिपाही

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को एक बयान में कहा कि भले ही पार्टी हाईकमान या पंजाब प्रभारी सचिन पायलट उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट न दें, लेकिन वह राहुल गांधी के एक वफादार सिपाही के रूप में कांग्रेस का झंडा हमेशा बुलंद रखेंगे। रविवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान वडिंग के इन बयानों ने राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा बटोरी है। शक्त्ति प्रदर्शन और खुलकर सामने आई आंतरिक कलह पदभार ग्रहण समारोह से पहले राजा वडिंग ने पार्टी मुख्यालय के पास एक किराए के मकान में अपने समर्थकों और कई वरिष्ठ नेताओं (ब्रह्म मोहिंद्रा, राणा केपी सिंह, सुरिंदर डावर, अनिल जोशी, सिमरजीत सिंह बैंस, हरदयाल कंबोज और मालविका सूद) के साथ एक बैठक की, जिसे उनके शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया। 'नहीं करुंगा किसी का विरोध' वडिंग ने स्वीकार किया कि जब वे पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब पार्टी के कई लोगों ने उनका विरोध किया था और हो सकता है कि आगे भी करें, लेकिन वे किसी का विरोध नहीं करेंगे। परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान का हर फैसला उन्हें स्वीकार है और वे नए अध्यक्ष के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे। सचिन पायलट और टिकट को लेकर बड़ा बयान समारोह के दौरान सचिन पायलट की मौजूदगी में वडिंग ने तंज कसते हुए कहा कि पायलट साहब अगली बार मेरा टिकट भी काट सकते हैं, लेकिन मैं राहुल गांधी का सिपाही बना रहूंगा और हमेशा कांग्रेस के साथ रहूंगा। गौरतलब है कि पिछले महीने पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन के बाद कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व हॉकी कप्तान और विधायक परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस बदलाव से पहले पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह और चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं का विरोध खुलकर सामने आया था। दोनों गुटों के एक दूसरे को दिए गए अहम मैसेज, जानिए… राजा वड़िंग का पावर शो: राजा वड़िंग ने अपने समर्थक नेताओं को ताजपोशी समारोह से पहले अपने पास बुलाया। करीब दो घंटे तक राजा वड़िंग ने उनके साथ बैठक की और उन्हें कहा कि वो डटकर कांग्रेस पार्टी के लिए काम करें। वो उनके लिए राहुल गांधी से बात करके आए हैं। राहुल गांधी से क्या बात हुई इसका खुलासा वो ताजपोशी समारोह के मंच से करेंगे। ताजपोशी समारोह से पहले राजा वड़िंग ने अपने समर्थक नेताओं को बुलाकर पावर शो किया और सचिन पायलट समेत विरोधी गुट को साफ कह दिया कि आज भी नेताओं का बड़ा गुट उनके साथ है और वो पार्टी में उनकी अनदेखी होने नहीं देंगे। सचिन पायलट समेत चन्नी को दिखाया आयना: राजा वड़िंग ने ताजपोशी समारोह में सचिन पायलट, चरणजीत सिंह चन्नी व प्रधान परगट सिंह को स्पष्ट मैसेज दे दिया कि ये सब मिलकर भी उनका और उनके समर्थकों का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। राजा वड़िंग ने सचिन पायलट के सामने साफ कह दिया कि उनके नेता सिर्फ राहुल गांधी हैं और अपने समर्थकों की बात वो राहुल गांधी से करके आए हैं। वड़िंग ने ऐसा कहकर प्रधान, प्रभारी व अन्य नेताओं को साफ कर दिया कि उनके समर्थकों की अनदेखी करना उनके लिए आसान नहीं होगा। चन्नी गुट से खुद को अलग दिखाया: राजा वड़िंग के लिए ताजपोशी समारोह में मंच पर कुर्सी लगी थी। राजा वड़िंग जब मंच पर आए तो उन्होंने सिर्फ परगट सिंह व सचिन पायलट से हाथ मिलाया। ऐसा उन्होंने प्रोटोकॉल के तहत किया। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, विजय इंदर सिंगला समेत कई बड़े नेता मंच पर थे लेकिन राजा वड़िंग ने उनके साथ हाथ तक नहीं मिलाया औार उसके बाद मंच पर लगी कुर्सी पर नहीं बैठे। वो वहां से नीचे उतर कर कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गए। अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला उन्हें मनाने गए लेकिन वो मंच पर चन्नी, सचिन पायलट व अन्य नेताओं के साथ बैठने को राजी नहीं हुए। ऐसा करके उन्होंने अपने समर्थकों को मैसेज दिया कि जो लोग उनके साथ मंच पर नहीं बैठना चाहते थे अब वो भी उनके साथ मंच पर नहीं बैठेंगे। परगट ने वड़िंग को खिलाड़ियों की सूची से बाहर रखा: परगट सिंह हॉकी कैप्टन के अंदाज में अपनी टीम के बारे में बता रहे थे तो उन्होंने सुखपाल खैहरा का नाम लेकर अपनी टीम के खिलाड़ियों की खूबियां बतानी शुरू की। परगट सिंह ने सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, राणा केपी समेत अन्य नेताओं के नाम लिए। इसी बीच उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी को टीम का ऐसा खिलाड़ी बताया जो कि रणनीति बनाकर जीत हासिल करता है। अपनी इस टीम में उन्होंने राजा वड़िंग का कहीं नाम नहीं लिया, जिससे साफ है कि परगट सिंह राजा वड़िंग को अपनी टीम से दूर ही रखना चाहते हैं। चन्नी ने खुद को दिखाया पावरफुल: चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने भाषण के दौरान राजा वड़िंग का नाम ही नहीं लिया। ऐसा चन्नी ने चंडीगढ़ में धरने के दौरान भी किया था। इस पर राजा वड़िंग ने अपने भाषण में जब चन्नी का नाम लिया तो यहां तक कहा कि कोई मेरा नाम ले या न ले मैं सब का नाम लूंगा। चन्नी ने वड़िंग का नाम न लेकर उन्हें यह मैसेज दिया कि उनकी वड़िंग से दूरी अब भी बरकरार है। कंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन नियुक्त होने के बाद पहली बार चन्नी ने हाईकमान का धन्यवाद किया। चन्नी ने अब खुद को कंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन मान लिया है। युवाओं को टिकट देने की मांग राहुल गांधी के साथ अपनी हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए राजा वडिंग ने कहा कि उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की लड़ाई लड़ने वाले युवाओं को 50 प्रतिशत से अधिक टिकट दिए जाएं। वडिंग ने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब में अगली कांग्रेस सरकार का गठन करना है और इसके लिए वे पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।  

पंजाब के अमृतसर में मिला असॉल्ट राइफल, मिलिट्री इंटेलिजेंस के अलर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

अमृतसर  में लुहारका रोड के पास एक प्लॉट से असॉल्ट राइफल बरामद की गई है। मिलिट्री इंटेलिजेंस अमृतसर के कर्मचारियों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हथियार बरामद किया। थाना कंबो में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 11 अक्टूबर को एएसआई सरवन सिंह पुलिस के साथ इलाके में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के संबंध में मीराकोट खुर्द में मौजूद थे। उनके पास मिलिट्री इंटेलिजेंस अमृतसर के कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने सूचना दी कि लुहारका रोड पर कैम्ब्रिज स्कूल के पास स्थित प्लॉट में घातक हथियार या असलहा छिपाकर रखा हो सकता है। बताए गए स्थान पर तलाशी अभियान चलाया सूचना मिलने पर ASI सरवन सिंह ने पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस के कर्मचारियों के साथ बताए गए स्थान पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कैम्ब्रिज स्कूल के पास स्थित प्लॉट की जांच की गई। तलाशी के दौरान वहां से पीले रंग का एक लिफाफा बरामद हुआ। जांच करने पर असॉल्ट राइफल मिली लिफाफे की जांच करने पर उसके अंदर से एक असॉल्ट राइफल मिली। राइफल की बॉडी पर CAL 223 BORE S/A लिखा हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बरामद राइफल के साथ मैगजीन और रॉड नहीं मिली। हथियार को कब्जे में लेकर उसकी वीडियोग्राफी भी की गई। उपलब्ध रिकॉर्ड में कोई जानकारी नहीं इस मामले में थाना कंबो में 11 अक्टूबर 2026 को भारतीय आर्म्स एक्ट की धारा 25(8), 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले में अज्ञात आरोपी का उल्लेख किया गया है। फिलहाल, हथियार किसने और किस मकसद से प्लॉट में छिपाकर रखा था, इस संबंध में उपलब्ध रिकॉर्ड में कोई जानकारी नहीं दी गई है।  

पंजाब में ड्रोन की हलचल से उड़ानों पर असर, अमृतसर में 3 फ्लाइट डायवर्ट होने से यात्री परेशान

अमृतसर अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आने के बाद रविवार रात सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के आसमान में दो से तीन ड्रोन उड़ते देखे जाने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर रनवे का संचालन रोक दिया गया। इसके चलते अमृतसर आने वाली तीन उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। अचानक उड़ानों का मार्ग बदलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने परिसर और आसपास के आसमान में संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और एहतियातन हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। तीन उड़ानों को किया गया डायवर्ट  ड्रोन गतिविधि के कारण दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-855 को वापस दिल्ली भेज दिया गया। मुंबई से अमृतसर आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई-5028 को चंडीगढ़ और कुआलालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच-118 को दिल्ली डायवर्ट किया गया। उड़ानों का मार्ग बदले जाने से कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। अचानक टिकट रद्द होने और उड़ानों के प्रभावित होने से यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ यात्रियों ने अधिकारियों से जानकारी मांगी, लेकिन शुरुआत में उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया। हालांकि, रात करीब 10:30 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने लगी। सितंबर में भी सामने आई थी ड्रोन गतिविधि अमृतसर एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन गतिविधि का मामला पहले भी सामने आ चुका है। छह सितंबर की रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास आसमान में संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे गए थे। उस समय सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट का संचालन करीब 90 मिनट तक रोकना पड़ा था। इसके चलते अमृतसर आने वाली सात व्यावसायिक उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था।  रात 9:30 बजे दिखे संदिग्ध ड्रोन जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने परिसर और उसके आसपास आसमान में दो से तीन ड्रोन को उड़ते देखा। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। सितंबर में भी प्रभावित हुई थीं 7 उड़ानें इससे पहले सितंबर में भी एयरपोर्ट के पास ड्रोन गतिविधि सामने आई थी। उस समय भी 7 उड़ानें प्रभावित हुई थीं। 6 सितंबर को रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच, एयरपोर्ट के रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास आसमान में कुछ संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे थे। इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से एयरपोर्ट प्रशासन ने करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक हवाई अड्डे का संचालन पूरी तरह से रोक दिया था। इस दौरान अमृतसर आने वाली 7 कमर्शियल उड़ानों (जिसमें मलेशिया एयरलाइंस, एयर इंडिया, और इंडिगो की उड़ानें शामिल थीं) का मार्ग बदलकर उन्हें दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था। बााद में पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में सामने आया कि ये कोई सुरक्षा चूक या जासूसी ड्रोन नहीं थे, बल्कि एयरपोर्ट के पास के एक गांव में चल रहे स्पोर्ट्स टूर्नामेंट (खेल प्रतियोगिता) के दौरान उड़ाए जा रहे ड्रोन थे। पंजाब-चंडीगढ़ में ये विमान दुर्घटनाएं हुईं     एअर इंडिया का विमान PAK एयरस्पेस में घुसा: दो महीने पहले एअर इंडिया की एक फ्लाइट रात में रास्ता भटककर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में जा घुसी। इसे पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी ने चेतावनी देकर वापस भेजा। विमान ने दिल्ली से उड़ान भरी थी और इसे अमृतसर लैंड होना था।   एयर स्पेस से जब फ्लाइट लौटी तब तक अमृतसर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, ऐसे में इसे वापस दिल्ली भेज दिया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया है कि तकनीकी खराबी के कारण यह फ्लाइट रास्ता भटक गई थी।     चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में धमाका और धुआं: 6 मई 2026 को हैदराबाद से चंडीगड़ एयरपोर्ट पर उतरी इंडिगो की फ्लाइट (6E 108) के रनवे पर लैंड करते ही केबिन के पिछले हिस्से में अचानक धुआं भर गया। जांच में पता चला कि एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट हुआ था। विमान में मची अफरातफरी और इमरजेंसी स्लाइडर से यात्रियों को बाहर निकालने के दौरान 5 से 6 यात्री घायल हो गए, जिनमें से एक महिला का पैर फ्रैक्चर हो गया।     बठिंडा में सैन्य विमान दुर्घटना: बठिंडा जिले के अकलियां कलां गांव में 7 मई 2025 रात करीब 1:30 बजे एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर गेहूं के खेतों में गिर गया। विमान गिरने के बाद उसमें जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। इस हादसे में मलबे की चपेट में आने और आग बुझाने की कोशिश के दौरान 2 नागरिकों की मौत हो गई और 9 अन्य लोग घायल हो गए। पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट करने में कामयाब रहा था।     अपाचे हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: 13 जून 2025 को भारतीय वायु सेना (IAF) के एक अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण पठानकोट जिले के एक गांव के खुले खेतों में एहतियातन उतारना पड़ा। इस घटना में हेलीकॉप्टर और चालक दल दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहे और कोई नुकसान नहीं हुआ।

पंजाब में पुलिसवालों को निशाना बना रहे हमलावर, एक साल में 5 पुलिसकर्मियों की हत्या से मचा हड़कंप

अमृतसर पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार, 11 अक्टूबर को तरनतारन के नौशेहरा पन्नुआं में पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में तैनात ASI इकबाल सिंह की हत्या कर दी गई. बाइक सवार हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि हमलावर एक सफेद स्विफ्ट गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए थे. इन हमलों में बाइक सवार हमलावर शामिल रहे हैं और ज्यादातर घटनाएं सीमावर्ती जिलों में हुई हैं।  इस साल पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमले की यह पांचवीं घटना है. इन हमलों में अब तक पांच पुलिसकर्मियों की जान जा चुकी है, जबकि दो पुलिसकर्मी गोलीबारी की घटनाओं में बाल-बाल बचे. ज्यादातर हमले पंजाब के पंजाब के सीमावर्ती जिलों जैसे अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर में हुए हैं. इन हमलों में बाइक सवार हमलावर रहे हैं।   2026 में कितनी घटनाएं हुई? फरवरी में गुरदासपुर स्थित डोरंगला इलाके के अधियान गांव में दो पुलिसकर्मियों ही हत्या कर दी गई थी. वहीं, मई में मजीठा के पास ASI जोहा सिंह की हत्या हुई. इसके बाद सितंबर में अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या कर दी गई, जबकि राजासांसी इलाके में ASI जसवंत सिंह गोलीबारी के हमले में बाल-बाल बचे।  अक्टूबर की शुरुआत में ही अजनाला इलाके में ASI सुखचैन सिंह घायल हो गए थे. वहीं, 11 अक्टूबर को तरनतारन के नौशेहरा पन्नुआं में ASI इकबाल सिंह की हत्या हो गई थी. इस हत्या ने पंजाब में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इस साल पंजाब में पुलिसकर्मियों पर कई टारगेटेड हमले हुए हैं।  मान सरकार पर विपक्ष हमलावर ASI इकबाल सिंह की हत्या को लेकर बीजेपी, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं. दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तरनतारन में दिनदहाड़े ASI इकबाल सिंह की हत्या ने कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के दावों की पोल खोल दी है।  वहीं, पंजाब कांग्रेस के कद्दावर नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इसे लेकर भगवंत मान सरकार को घेरा है. उन्होंने सवाल किया है कि आखिर भगवंत मान सरकार कब जागेगी. उन्होंने भगवंत मान से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। 

परगट सिंह ने भरी हुंकार, बोले- पंजाब में तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई रहेगी जारी

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में रविवार को पार्टी की एकजुटता और विधानसभा चुनाव की रणनीति का संदेश देते हुए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब का मौसम इतनी जल्दी बदल जाएगा और यहां की फिजाएं इस तरह बदलेंगी, इसकी उम्मीद नहीं थी। दिल्ली से रवाना होते समय मौसम कुछ और था, लेकिन चंडीगढ़ पहुंचने पर बारिश के बीच भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश देखकर उन्होंने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि गर्मी हो या बारिश,कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंजाब कांग्रेस का झंडा हमेशा ऊंचा रखा है। कार्यकर्ताओं ने आज इसे साबित कर दिया है। पायलट ने नए प्रधान परगट सिंह को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें शानदार टीम मिली है। ऐसी टीम किसी के पास नहीं है। यह टीम गोल करने में माहिर है और सभी का सहयोग मिलने से पंजाब में कांग्रेस को आगे बढ़ने में परेशानी नहीं होगी। अब नौजवानों को साथ लेकर पंजाब के हर गांव, हर शहर और हर पिंड तक पहुंचना है। साढ़े 4 साल में सरकार ने पंजाब को लूटा सचिन पायलट ने कहा कि अगले चार महीने केवल सत्ता हासिल करने या आम आदमी पार्टी की सरकार को हटाने का संघर्ष नहीं हैं, बल्कि पंजाब के भविष्य का चुनाव है। पंजाब की अहमियत और देश के विकास में पंजाबियों के योगदान को पूरा देश जानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल में भगवंत मान सरकार ने पंजाब को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्हें इस बात की भी परवाह नहीं है कि पंजाब के बच्चे नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। राजा वड़िंग की बात का दिया जवाब पायलट ने पूर्व प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग के कार्यकाल में पार्टी को मजबूत बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन समय में वड़िंग ने संगठन को मजबूती देने का काम किया। वड़िंग ने अपने संबोधन में उन कार्यकर्ताओं और नेताओं को नजरअंदाज नहीं करने की बात कही , जिन्होंने पिछले साढ़े चार साल में पार्टी के लिए मेहनत की। इस पर पायलट ने कहा कि जीवन में किसी की मेहनत कम नहीं पड़ती और न ही किसी की मेहनत बेकार जाएगी। उनके इस बयान पर पंडाल में जमकर तालियां बजीं। 12 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान पायलट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का उल्लेख करते हुए पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पंजाबियों से सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के विरोध कार्यक्रम में भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब को नया रास्ता दिखाना है और आने वाला समय नौजवानों का है। कांग्रेस युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ेगी और प्रदेश के हर गांव तथा शहर तक पहुंचकर जनता के बीच अपनी बात रखेगी।

अमृतसर में अनोखी धार्मिक परंपरा, मन्नत पूरी होने पर बच्चे बने लंगूर, दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु

अमृतसर. पवित्र नगरी अमृतसर स्थित ऐतिहासिक श्री दुर्ग्याणा तीर्थ परिसर के बड़े हनुमान मंदिर में रविवार से प्रसिद्ध लंगूर मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में भाग लेने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ मंदिर पहुंच रहे हैं। लाल गोटेदार पोशाक, सिर पर शंकु आकार की टोपी और हाथ में छोटी छड़ी लिए नन्हे-मुन्ने बच्चे पूरे परिसर में बजरंगबली के स्वरूप में नजर आ रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा है। संतान प्राप्ति की मन्नत से जुड़ी है गहरी आस्था बड़े हनुमान मंदिर में लगने वाले इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं में अटूट श्रद्धा है। मान्यता है कि जिन निसंतान दंपतियों की मनोकामना श्री हनुमान जी के आशीर्वाद से पूरी होती है, वे नवरात्र के दौरान अपने बच्चे को यहां लेकर आते हैं और उसे लंगूर का बाना पहनाते हैं। इस अवधि में बच्चों को साक्षात बजरंगबली का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। 10 दिनों तक चलता है कठिन साधना का दौर धार्मिक परंपरा के अनुसार, लंगूर का रूप धारण करने वाले बच्चों को नवरात्र के पूरे 10 दिनों तक इसी विशेष वेशभूषा में रहना पड़ता है। इस दौरान बच्चों और उनके परिजनों को कई कड़े नियमों व धार्मिक मर्यादाओं का पालन करना होता है। जमीन पर सोना, सात्विक दिनचर्या और विशेष पूजा-अर्चना इस साधना का हिस्सा होती है। दशहरे के अगले दिन उतरता है चोला मंदिर परंपरा के मुताबिक, विजयादशमी (रावण दहन) के अगले दिन सुबह लंगूर बने बच्चे बड़े हनुमान मंदिर में नतमस्तक होते हैं। इसके पश्चात विधि-विधान से उनका यह चोला उतारा जाता है और इसी के साथ नवरात्र से शुरू हुई 10 दिवसीय धार्मिक साधना संपन्न होती है। विशिष्ट आस्था और अनूठी संस्कृति को समेटे इस मेले को देखने और बाल-लंगूरों का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।

परगट सिंह ने आनंदपुर साहिब में लिया आशीर्वाद, नई जिम्मेदारी से पहले कहा- पंजाब की सेवा करूंगा

चंडीगढ़. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं विधायक परगट सिंह ने पार्टी अध्यक्ष का पदभार संभालने से पहले अपनी पत्नी बरिंदर प्रीत कौर के साथ खालसा पंथ की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर माथा टेका। उन्होंने पंजाब की खुशहाली, शांति और सर्वजन के कल्याण के लिए अरदास की। एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने की कामना परगट सिंह ने इस अवसर पर पंजाब की एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव की भावना को और मजबूत बनाने की कामना की। उन्होंने कहा कि पंजाब की सेवा करना और प्रदेश के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने वाहेगुरु से पंजाब की सेवा करने और सभी को साथ लेकर चलने की शक्ति प्रदान करने की अरदास की। सब के साथ होगा पंजाब का विकास उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का पंजाब की मिट्टी, यहां के गौरवशाली इतिहास और भाईचारे की परंपरा के साथ गहरा रिश्ता रहा है। कांग्रेस ने हमेशा पंजाब के अधिकारों तथा किसानों, मजदूरों, युवाओं और समाज के हर वर्ग की आवाज बुलंद करने का प्रयास किया है। परगट सिंह ने संकल्प व्यक्त किया कि वह पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पंजाब की बेहतरी, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।