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कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर डिपार्टमेंट के कामों की प्रोग्रेस का किया रिव्यू

चंडीगढ़. पंजाब के डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर मिनिस्टर श्री मोहिंदर भगत ने शुक्रवार शाम पंजाब सेक्रेटेरिएट में डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर डिपार्टमेंट के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू करने के लिए टॉप अधिकारियों के साथ एक खास मीटिंग की। इस मौके पर डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुमेर सिंह गुर्जर, डायरेक्टर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (रिटायर्ड) खास तौर पर मौजूद थे। मीटिंग के दौरान, अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि एक्स-सर्विसमैन और उनके परिवारों से जुड़े मामलों में काफी प्रोग्रेस हुई है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग युद्धों के दौरान शहीद हुए ज़्यादातर सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार ने पहले ही मुआवजा दे दिया है। इसके अलावा, बाकी मामलों और उनकी मौजूदा स्थिति पर भी डिटेल में चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि खाली पोस्ट भरने के लिए भी तेज़ी से कार्रवाई की जा रही है। इस मौके पर डिपार्टमेंट के बजट और दूसरे ज़रूरी मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने डिफेंस सर्विसेज़ वेलफेयर डिपार्टमेंट के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू किया, पंजाब सरकार एक्स-सर्विसमैन और उनके परिवारों की भलाई के लिए कमिटेड है कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने डिफेंस सर्विसेज़ वेलफेयर डिपार्टमेंट के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू किया, मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए, मंत्री श्री भगत ने अधिकारियों को एक्स-सर्विसमैन और उनके परिवारों से जुड़े सभी मामलों को प्रायोरिटी के आधार पर लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार देश की रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले बहादुर सैनिकों का पूरा सम्मान और सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार एक्स-सर्विसमैन और उनके परिवारों की भलाई के लिए पूरी तरह से कमिटेड है और उन्हें हर मुमकिन मदद देने की लगातार कोशिश की जा रही है।

ED छापेमारी के बाद सियासी घमासान: CM भगवंत मान ने केंद्र सरकार को घेरा

लुधियाना. पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी की कार्रवाई समाप्त हो गई है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की टीम शुक्रवार सुबह अचानक लुधियाना स्थित मंत्री के आवास पर पहुंची। टीम ने पहुंचते ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की गहन जांच शुरू की। ईडी की तरफ से बयान नहीं हुआ जारी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और लेन-देन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की गई। हालांकि, अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे जांच को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, मंत्री संजीव अरोड़ा या उनके कार्यालय की तरफ से भी इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। सीए मान लगा चुके केंद्र पर आरोप  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है, वहीं विपक्ष इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। फिलहाल, छापेमारी समाप्त होने के बाद भी इस मामले को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों और संबंधित पक्षों की ओर से स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

इमिग्रेशन नियमों का असर: कनाडा में पंजाबी युवाओं की वापसी के आसार, नोटिस जारी

चंडीगढ़. कनाडा में लागू किए गए नए इमिग्रेशन कानून के बाद वहां रह रहे हजारों पंजाबी युवाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कनाडा में इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने नए C-12 बिल के पास होने के बाद करीब 30 हजार ऐसे लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जो वर्क परमिट खत्म होने के बाद शरणार्थी के तौर पर रह रहे थे। इनमें लगभग 9 हजार पंजाबी स्टूडेंट्स और वर्कर्स बताए जा रहे हैं, जिन पर अब डिपोर्टेशन की कार्रवाई की आशंका मंडरा रही है। यह कदम सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने और वास्तविक जरूरतमंदों को ही शरण देने के लिए उठाया गया है। इस फैसले के विरोध में पंजाबी स्टूडेंट्स समेत कई देशों के छात्रों ने विनिपेग में प्रदर्शन कर सरकार से राहत की मांग की। प्रदर्शन कारियों का कहना है कि अचानक नियम बदलने से हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। कनाडा सरकार द्वारा लागू किए गए नए इमिग्रेशन नियमों को वर्ष 2025 से प्रभावी माना गया है। इस बदलाव के चलते वे विदेशी नागरिक भी कानून के दायरे में आ गए हैं, जो पहले से ही कनाडा में रहकर काम कर रहे थे। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे पंजाबी स्टूडेंट्स शामिल हैं, जिन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्क परमिट या शरण के आधार पर वहां काम करना शुरू किया था। नए नियमों के बाद इन स्टूडेंट्स की स्थिति असमंजस में पड़ गई है। शरण से जुड़ी प्रक्रिया सख्त होने के कारण भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के विरोध में भारतीय स्टूडेंट्स लगातार अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से राहत देने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अचानक नियम बदलने से उनका करियर और मेहनत दोनों खतरे में पड़ गए हैं। वहीं बता दें कि जिन शरणार्थियों को नोटिस जारी किया गया है उन्हें एक मौका दिया जाएगा ताकि वह उक्त नए कानून के तहत अपनी योग्यता साबित कर सकें। शरणार्थी को जिस दिन नोटिस पर लिखी तारीख मिलती है उसके 21 दिन के अंदर उन्हें अपना जवाब देना होगा। वहीं उन्हें सलाह दी जाती है कि किसी इमीग्रेशन वकील से सलाह-मशविरा करके ही जवाब दें। इस नए नियम के तहत कनाडा आने के एक साल के अंदर ही आवेदन करना होगा। अगर साल के बाद आवेदन किया जाता है तो उसे अयोग्य करार दिया जाएगा।

सीमावर्ती क्षेत्र में विकास की नई लहर: अमृतसर के अटारी में 121 सड़कों के कायाकल्प की शुरुआत

अमृतसर.  अटारी में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के लिए विकास का नया सवेरा हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने क्षेत्र की मुख्य और लिंक सड़कों को शानदार बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 57.80 करोड़ रुपये की लागत से 121 सड़कों का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यह सड़कें लगभग 137 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं, जो न केवल स्थानीय यातायात को सुगम बनाएंगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेंगी। सीमावर्ती क्षेत्रों की ऐतिहासिक अनदेखी का अंत परियोजना का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अटारी जैसे सामरिक महत्व वाले सीमावर्ती क्षेत्रों को दशकों तक विकास की मुख्यधारा से बाहर रखा गया। मान के अनुसार, पिछली सरकारों की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय हुआ और वे पलायन करने पर मजबूर हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर उस कोने तक विकास पहुँचाना है, जो लंबे समय से उपेक्षित रहे हैं। नहरी पानी और कृषि विकास पर जोर विकास कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा था, जो अब बढ़कर 71 प्रतिशत हो गया है। आगामी धान के सीजन तक इस आंकड़े को 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों की नलकूपों पर निर्भरता कम होगी और भूमिगत जल स्तर को बचाने में मदद मिलेगी। नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई सड़क निर्माण के अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य को नशामुक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग्स की सप्लाई लाइन को पूरी तरह तोड़ दिया गया है और तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासकों ने अपने स्वार्थ के लिए नशे के व्यापार को संरक्षण दिया था, लेकिन वर्तमान प्रशासन पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। रोजगार और सरकारी सेवाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ने पंजाब के युवाओं को योग्यता के आधार पर दी गई 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियों का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि अब सरकारी विभागों में पद केवल सिफारिश पर नहीं बल्कि मेरिट के आधार पर भरे जा रहे हैं। बुनियादी ढांचे के विकास, मुफ्त बिजली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे कदमों के माध्यम से सरकार आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास कर रही है। अटारी की इन सड़कों के निर्माण से पर्यटन और व्यापार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।  

चुनावी माहौल में ED का एक्शन: 3 दिन में दो बड़े आप नेताओं के घर छापेमारी, सीएम मान ने बताया ‘चुनावी खेल’

चंडीगढ़ पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने महज तीन दिनों के भीतर आम आदमी पार्टी के दो प्रमुख नेताओं के आवासों पर छापेमारी की। इस अचानक हुई कार्रवाई से राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जहाँ एक तरफ एजेंसियां इसे अपनी नियमित जांच का हिस्सा बता रही हैं, वहीं सत्ताधारी दल इसे सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मान रहा है। मुख्यमंत्री मान का केंद्र पर तीखा हमला इन छापों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा अपनी हार के डर से केंद्रीय जांच एजेंसियों को आगे कर देती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि एक 'चुनावी खेल' है जिसका मकसद आम आदमी पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोकना और नेताओं के मनोबल को तोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी धमकियों से उनकी सरकार और पार्टी झुकने वाली नहीं है। लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने इस मुद्दे को लोकतंत्र की गरिमा से जोड़ते हुए कहा है कि विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का अनुचित प्रयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तीन दिनों के भीतर दो नेताओं को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि एजेंसियां किसके इशारे पर काम कर रही हैं। पार्टी का तर्क है कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। इस घटनाक्रम ने पंजाब में केंद्र और राज्य सरकार के बीच के तनाव को और गहरा कर दिया है। चुनावी समीकरणों पर छापों का असर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन छापों का असर आने वाले चुनावों के प्रचार और समीकरणों पर पड़ना तय है। जहाँ आम आदमी पार्टी इसे 'विक्टिम कार्ड' के रूप में पेश कर जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल भ्रष्टाचार के मुद्दों को हवा देंगे। फिलहाल, राज्य में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद पंजाब की सियासत को और अधिक गरमा सकता है।

मरीजों के लिए बड़ी राहत: PGI में आधुनिक सुविधाएं, न्यूरो विभाग नए सेंटर में शिफ्ट

चंडीगढ़. PGI ने मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। संस्था ने 20 अप्रैल, 2026 से अपनी न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी OPD सर्विस (ट्रॉमा OPD को छोड़कर) को एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर में शिफ्ट करने का फैसला किया है। PGI प्रशासन के मुताबिक नए ओ.पी.डी. ब्लॉक में इस समय चल रही ये सेवाएं 18 अप्रैल को दोपहर बाद बंद कर दी जाएंगी ताकि नई जगह पर उचित कार्रवाइयों को सुविधाजनक बनाया जा सके। नई OPD एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर के लेवल 2 पर काम करेगी। PGI के डायरेक्टर प्रो. विवेक लाल ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ जगह का बदलाव नहीं है, बल्कि मरीजों को एक ही छत के नीचे कंसल्टेशन, डायग्नोसिस और एडवांस्ड ट्रीटमेंट देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे इलाज प्रक्रिया में तेजी आएगी और मरीज को बेहतर अनुभव मिलेगा। OPD का समय और दिन वही रहेंगे। न्यूरोलॉजी आउटपेशेंट डिपार्टमेंट OPD सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी, जबकि गुरुवार को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक स्पेशल क्लिनिक लगेगा। न्यूरोसर्जरी आउटपेशेंट डिपार्टमेंट मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक काम करेगा। मरीज़ गेट नंबर 3 के जरिए एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर जा सकेंगे। प्रशासन का दावा है कि मरीज़ों की सुविधा के लिए ज़रूरी इंतज़ाम किए गए हैं। 

सिख सेवा ने जीता न्यूजीलैंड वासियों का दिल: माओरी समुदाय ने जत्थेदार का किया भव्य स्वागत

वेलिंगटन न्यूजीलैंड की धरती पर सिख कौम ने एक बार फिर अपनी सेवा भावना से मानवता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। सुप्रीम सिख सोसाइटी ऑफ न्यूजीलैंड द्वारा गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब टाकाजीनी में आयोजित 'फ्री फूड ड्राइव' में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने अरदास के साथ इस सेवा कार्य का शुभारंभ किया, जिसमें स्थानीय जरूरतमंदों के बीच एक हजार से अधिक भोजन की किट बांटी गईं। ऐतिहासिक 'सच्चा सौदा' की याद भोजन वितरण के अवसर पर जत्थेदार गड़गज्ज ने गुरु नानक देव जी द्वारा शुरू किए गए 'सच्चा सौदा' के सिद्धांत को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने 20 रुपयों से जिस लंगर की परंपरा शुरू की थी, उसकी बरकत आज पूरे विश्व में दिखाई दे रही है। न्यूजीलैंड की सिख सोसाइटी ने कोविड-19 के कठिन समय में भी मानवता की सेवा की थी, जिसकी सराहना वहां की सरकार ने भी की थी। यह सेवा बिना किसी भेदभाव के हर जाति और रंग के व्यक्ति के लिए समानता का प्रतीक है। माओरी समुदाय का विशेष सम्मान इस यात्रा के दौरान स्थानीय माओरी समुदाय ने जत्थेदार गड़गज्ज का अपनी सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार गर्मजोशी से स्वागत किया। माओरी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे सिख परंपराओं का गहरा सम्मान करते हैं और कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा की गई घटनाओं का उनके समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने सिखों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकल्प दोहराया। सम्मान के प्रतीक के रूप में, उन्होंने जत्थेदार को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया, जो दोनों समुदायों के बीच बढ़ते भाईचारे को दर्शाता है। स्थानीय नेताओं और सांसदों की सराहना न्यूजीलैंड के संसद सदस्य ग्रेग फ्लेमिंग ने भी इस आयोजन में भाग लिया और सिखों की उदारता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्वार्थ के मानवता की सेवा करना सिखों की पहचान है। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। जत्थेदार ने न्यूजीलैंड में बसे सभी सिखों और अन्य समुदायों की प्रगति के लिए प्रार्थना की और विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों को एकजुट होकर अकाल तख्त साहिब से जुड़े रहने का संदेश दिया।

पैडल मारकर भगाएंगे नशा: जालंधर जिला प्रशासन की अनोखी पहल, युवाओं ने ली पंजाब को नशामुक्त बनाने की शपथ

जालंधर  पंजाब सरकार के 'नशे के विरुद्ध युद्ध' अभियान के तहत जालंधर जिला प्रशासन ने एपीजे स्कूल के सहयोग से 'साइक्लोथॉन 4.0' का आयोजन किया। इस मेगा इवेंट का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को नशीले पदार्थों के खिलाफ लामबंद करना और युवाओं को एक स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। इस आयोजन में लगभग 2000 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जो नशामुक्त पंजाब के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ। डीसी ने खुद संभाली कमान डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने एपीजे स्कूल से हरी झंडी दिखाकर साइक्लोथॉन को रवाना किया। खास बात यह रही कि डीसी ने न केवल इस कार्यक्रम की शुरुआत की, बल्कि खुद भी अन्य अधिकारियों के साथ साइकिल चलाकर लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार नशे के खिलाफ जंग लड़ रही है, लेकिन कोई भी लड़ाई बिना जन-सहयोग के नहीं जीती जा सकती। जालंधर के लोगों ने इस कार्यक्रम में भारी संख्या में पहुँचकर यह साबित कर दिया है कि वे इस बुराई को खत्म करने के लिए सरकार के साथ हैं। तीन श्रेणियों में हुआ रोमांचक सफर यह साइक्लोथॉन तीन अलग-अलग श्रेणियों—5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर—में आयोजित की गई थी। 21 किलोमीटर की मुख्य दौड़ एपीजे स्कूल से शुरू होकर गीता मंदिर, शहीद मेजर कपिल विनायक चौक और शाहपुर कैंपस जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस स्कूल पर समाप्त हुई। रास्ते में प्रतिभागियों का लोगों ने जोरदार स्वागत किया। प्रतिभागियों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, जिससे एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बहुआयामी रणनीति और समाज सुधार प्रशासन केवल जागरूकता तक ही सीमित नहीं है। डीसी वालिया ने स्पष्ट किया कि जहां एक ओर नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर नशे की लत के शिकार मरीजों का मुफ्त इलाज और उनके पुनर्वास के प्रयास भी जारी हैं। पीड़ितों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले साइकिल चालकों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया, जबकि लोक गायक दलविंदर दयालपुरी ने गीतों के माध्यम से युवाओं को नशों से दूर रहने का आह्वान किया।

वर्कशॉप के बाहर भीषण आग: मोगा में कटर की चिंगारी से कई वाहन जले

मोगा. पंजाब के मोगा शहर के बुगीपुरा चौक के निकट शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक वर्कशॉप के बाहर कटर से काम करते समय निकली चिंगारी ने भीषण आग का रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में वर्कशॉप के बाहर खड़ी कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं और देखते ही देखते जलकर राख हो गईं। इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार बुगीपुरा चौक स्थित मेडिसिटी के पास सिंह मोटर नाम की वर्कशॉप में शनिवार को रोजाना की तरह काम चल रहा था। इसी दौरान एक कर्मचारी पुरानी गाड़ी की मरम्मत के लिए कटर से कटिंग कर रहा था। अचानक कटर से निकली चिंगारी ने पास में मौजूद ज्वलनशील सामान को पकड़ लिया और आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने लिया विक्राल रूप शुरुआत में आग छोटी थी, लेकिन तेज हवा और आसपास खड़ी गाड़ियों के कारण कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वहां मौजूद लोग घबरा गए। अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते आग ने पास खड़ी कई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घंटों प्रयास के बाद बुझी आग आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसे काबू करने में काफी समय लग गया। खबर लिखे जाने तक दमकल कर्मी आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। गनीमत यह रही कि घटना के समय सड़क पर आवाजाही जारी थी, लेकिन समय रहते लोगों ने दूरी बना ली, जिससे कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी लोगों ने हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया, जिससे नुकसान कुछ हद तक कम हो सका। प्रशासन द्वारा घटना के कारणों की जांच की जा रही है, वहीं स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद भय का माहौल बना हुआ है।

मानसून से पहले एक्शन में पंजाब सरकार: नदियों की डीसिल्टिंग के लिए कैबिनेट का अहम फैसला

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य की प्रमुख नदियों, सहायक नदियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई यानी डीसिल्टिंग के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य नदियों के तल में जमा सिल्ट और कचरे को हटाना है, ताकि पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके और आस-पास के इलाकों में जलभराव का खतरा टल सके। खेती और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा नदियों और नालों की समय पर सफाई न होने के कारण हर साल पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश के दौरान पानी खेतों और रिहायशी इलाकों में घुस जाता है। इससे फसलों को भारी नुकसान होता है और सार्वजनिक संपत्ति भी क्षतिग्रस्त होती है। कैबिनेट के इस नए फैसले के बाद, सिंचाई और जल संसाधन विभाग को उन संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं जहाँ गाद जमा होने के कारण बहाव बाधित हो रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से किसानों की भूमि को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक का उपयोग डीसिल्टिंग की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने आधुनिक मशीनों और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के उपयोग पर जोर दिया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सफाई का काम मानसून की दस्तक से पहले अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से की गई डीसिल्टिंग न केवल बाढ़ को रोकेगी, बल्कि नदियों की प्राकृतिक जल संग्रहण क्षमता को भी पुनर्जीवित करेगी। प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम कैबिनेट द्वारा दी गई इस मंजूरी के बाद संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। स्थानीय निकायों और ड्रेनेज विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि काम की गुणवत्ता और समय सीमा के साथ कोई समझौता न हो। पंजाब सरकार का यह प्रयास राज्य के बुनियादी ढांचे को आपदाओं के प्रति अधिक लचीला बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।