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बिहार में नई सरकार की उलटी गिनती: शपथ ग्रहण की तैयारी पूरी, CM नाम का इंतजार

पटना.  बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीएम के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की अंतिम रूपरेखा सामने आ गई है। मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार (कल) दोपहर 2 बजे से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक दल की बैठक सीएम आवास पर बुलाई है। भाजपा ने 3 बजे विधायकों की बैठक बुलाई है, जहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विधायक दल के नेता यानी राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे। जेडीयू और भाजपा की बैठकों के बाद शाम 4 बजे विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें भाजपा विधायक दल के नेता को गठबंधन का नेता चुना जाएगा। नीतीश की जगह पर आगे राजपाट चलाने के लिए यही नेता सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन जाएगा या जाएगी। बिहार में भाजपा के नेतृत्व में बन रही पहली एनडीए सरकार 15 अप्रैल को शपथ लेगी। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर आज एनडीए के नेताओं की बैठकों का दौर चल रहा है। जेडीयू के नेता संजय झा और ललन सिंह ने उनसे करीब 40 मिनट मुलाकात की। फिर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी पहुंचे थे। इस समय सरकार गठन की गतिविधियों का केंद्र नीतीश का सीएम आवास और सम्राट चौधरी का डिप्टी सीएम आवास बना हुआ है। भाजपा विधायक दल के नेता को सीएम बनना है, जिसके लिए पर्यवेक्षक बनाए गए शिवराज सिंह चौहान कल सुबह पटना पहुंचेंगे। पांच महीने पहले विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पर्यवेक्षक बनाया गया था। अभी भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप-नेता विजय सिन्हा हैं। दोनों नेता नीतीश कैबिनेट में डिप्टी सीएम हैं, जिसकी आखिरी बैठक 14 अप्रैल को होगी। कैबिनेट बैठक के बाद गठबंधन के विधायक दल के नेता नीतीश त्यागपत्र देने राजभवन जाएंगे और अगली सरकार के गठन को औपचारिक रास्ता देंगे। राजभवन से इस्तीफा देकर लौटने के बाद दोपहर 2 बजे नीतीश कुमार जदयू के विधायक दल की बैठक करेंगे, जिसका मौजूदा नेता रहने के कारण वो सीएम हैं। भाजपा के पास तो विकल्प है कि वो विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी या उप-नेता विजय कुमार सिन्हा को ना भी बदले, लेकिन जदयू के विधायकों को सांसद बन चुके नीतीश की जगह पर कोई नया नेता चुनना ही होगा, जो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हो।

‘नारी शक्ति’ कार्यक्रम में सिमडेगा की संतोषी का जलवा

 सिमडेगा झारखंड के सिमडेगा जिले की बेटी संतोषी कुमारी आज नारी शक्ति की एक सशक्त पहचान बनकर उभरी हैं. जलडेगा क्षेत्र से आने वाली संतोषी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा सिमडेगा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है. संतोषी का चयन “नारी शक्ति विकसित भारत की आवाज” कार्यक्रम के तहत आयोजित वूमेन मॉक यूथ पार्लियामेंट और भारत बजट क्वेस्ट 2026-27 के लिए हुआ, जिसमें उन्होंने झारखंड का नेतृत्व किया. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्चुअल संवाद किया. यह मंच युवाओं को नीति निर्माण, बजट और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान करता है. शिक्षा के साथ सपनों की उड़ान संतोषी कुमारी सिमडेगा महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्रा हैं और अपने पिता सुरजीत साहू की प्रेरणा से लगातार आगे बढ़ रही हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखा. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया है, जहां से वे पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रभावशाली वक्तव्य कार्यक्रम के दौरान संतोषी कुमारी ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर अपने विचार बेहद प्रभावशाली तरीके से रखे. उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल महिलाओं के प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास की नई दिशा को दर्शाता है. उनके विचारों ने वहां मौजूद सभी प्रतिभागियों और निर्णायकों को प्रभावित किया. प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल संवाद का अवसर इस आयोजन का एक खास आकर्षण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल संवाद रहा. संतोषी कुमारी को इस संवाद में भाग लेने का अवसर मिला, जहां उन्होंने अपने विचार साझा किए. यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा और उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई मिली. महिलाओं की भूमिका पर दिया मजबूत संदेश अपने संबोधन में संतोषी ने कहा कि आज की महिलाएं सशक्त बनने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि वे खुद बदलाव की अगुवाई कर रही हैं. उन्होंने इसे “शांत क्रांति” का नाम देते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. लोकतंत्र की असली पहचान तब होती है, जब वह सभी वर्गों को समान अवसर देता है. जिले के लिए गर्व और युवाओं के लिए प्रेरणा संतोषी कुमारी की इस उपलब्धि से सिमडेगा जिले में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने उनकी सफलता की सराहना की है. उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है. पहले भी दिखा चुकी हैं अपनी प्रतिभा यह पहली बार नहीं है जब संतोषी ने अपने जिले का नाम रोशन किया है. इससे पहले भी वे कई मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं. उनकी लगातार उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि वे भविष्य में और भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं. भविष्य की उम्मीद और प्रेरणादायक कहानी संतोषी कुमारी की सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए यह संदेश है कि मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर वे भी बड़े सपनों को साकार कर सकती हैं. उनकी कहानी आने वाली पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है.

गोविंदपुर सड़क दुर्घटना में कोहराम, तेज रफ्तार वाहन बना हादसे की वजह

नवादा नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक स्कूली बच्ची की मौत हो गई, जबकि 20 से 25 बच्चे घायल हो गए। यह दुर्घटना कमलापुर रोड स्थित बेलाटांड़ के पास उस समय हुई, जब बच्चों को लेकर जा रहा एक स्कूल पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 20 फीट नीचे गिर गया और कई बार पलट गया। कैसे हुआ हादसा स्कूली वाहन बच्चों को लेकर मगध सेंट्रल स्कूल, गोविंदपुर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था और अचानक संतुलन बिगड़ने से करीब चार बार पलट गया। आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सभी घायलों को नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृत बच्ची की पहचान इस हादसे में पांचवीं कक्षा की छात्रा आरोही कुमारी की मौत हो गई। वह अमित कुमार की पुत्री थी। हादसे में उसकी बहन आरुषि कुमारी भी गंभीर रूप से घायल हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह वाहन मगध सेंट्रल स्कूल का था और इसमें निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। जहां 12 से 15 बच्चों की अनुमति थी, वहीं 20 से 25 बच्चों को बैठाया गया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन तेज रफ्तार में चल रहा था। लोगों का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। घटना के बाद आक्रोश हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीण स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी और विधायक प्रतिनिधि अमित सरकार अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। जदयू के जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद दांगी ने घटना की जांच और स्कूल वाहनों की सख्त निगरानी की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृत बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे से आक्रोशित हैं।  

25 लाख का गांजा बरामद, जमशेदपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ छापेमारी कर 50 किलोग्राम गांजा के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार होने वालों में भीम यादव और राजकुमार पाल शामिल है. भीम यादव सोनारी का रहने वाला है जबकि राजकुमार बिहार के भोजपुर जिले का निवासी है. पुलिस ने दोनो को जेल भेज दिया बरामद 50 किलोग्राम गांजा की कीमत लगभग 25 लाख रुपए है. गिरफ्तार होने वाले दोनों आरोपी से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने दोनो को जेल भेज दिया. इस संबंध में ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी. ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उड़ीसा की ओर से एक कार (JH 05DS 6333) बहरागोड़ा की ओर गांजा लेकर आ रही है. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम का गठन किया गया. इस दौरान पुलिस ने बहरागोड़ा के कालियाडिंगा चौक के पास चेकिंग लगाकर वाहनों की जांच शुरू की. जिस दौरान उक्त कार को रोक कर जांच किया गया तो उसमें अलग-अलग पॉकेट में लपेटकर भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया. गिरफ्तार आरोपी ने बताया गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वे लोग उड़ीसा के चिल्का झील के पास से बारकुल स्थान के रहने वाले दादा नाम के व्यक्ति से खरीद कर ला रहे हैं. वे लोग गांजा को बिहार लेकर जा रहे थे. हालांकि शहर में भी कुछ गांजा को उतारने कि तैयारी थी. ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि नशा के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है इस प्रकरण में इस बात की जानकारी भी हुई है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी उड़ीसा में कहां से गांजा लेकर आ रहे थे.

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया उपयोग पर कड़े नियम लागू

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आचरण को और अधिक अनुशासित एवं जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 में संशोधन करते हुए नई बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 लागू कर दी है। यह नियमावली राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी और इसका विस्तार पूरे राज्य में होगा। संशोधित नियमावली के तहत सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के उपयोग को लेकर कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। अब कोई भी सरकारी सेवक, चाहे अपने नाम से हो या छद्म नाम से, बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकेगा। कर्मचारियों को शालीन भाषा का प्रयोग करना होगा बिहार सरकार की ओर से प्रकाशित गजट में स्पष्ट कहा गया कि सरकारी ई-मेल या मोबाइल नंबर का उपयोग निजी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने या संचालित करने के लिए प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी कर्मचारी या अधिकारी ऐसा कोई भी कंटेंट पोस्ट नहीं करेंगे, जिससे सरकार की छवि को ठेस पहुंचे। कर्मचारियों को शालीन भाषा का प्रयोग करना होगा। भड़काऊ या अश्लील सामग्री से बचें और इसे पोस्ट न करें। बातचीत को सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाई गई है सरकार की ओर से स्पष्ट कहा गया कि है कि सरकारी सेवक सोशल मीडिया पर किसी भी राजनीतिक दल, व्यक्तियों, मीडिया संस्थानों या कानूनी मामलों का समर्थन या आलोचना नहीं करेंगे। इसके अलावा, सरकारी नीतियों, योजनाओं या न्यायालयों के फैसलों पर व्यक्तिगत राय व्यक्त करना भी वर्जित होगा। नियमावली के तहत गोपनीय या संवेदनशील जानकारी साझा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, कार्यस्थल से जुड़े वीडियो, रील्स या लाइव प्रसारण करने और किसी शिकायतकर्ता के साथ बातचीत को सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाई गई है। अन्य माध्यमों से आय अर्जित नहीं कर सकेंगे नियम में यह भी कहा गया कि सरकारी कर्मचारी अब किसी भी प्रकार की कोचिंग, वेबिनार, लाइव प्रसारण या अन्य माध्यमों से आय अर्जित नहीं कर सकेंगे। व्यक्तिगत लाभ के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने, उत्पाद या सेवाओं के प्रचार-प्रसार में भाग लेने और अपने या परिचितों के हित साधने पर भी पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न पीड़ितों या किशोर अपराधियों की पहचान उजागर करने, जाति या धर्म के आधार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुचित टिप्पणी करने पर भी सख्त रोक रहेगी।

सरकारी स्कूलों में 18.34 लाख किताबें छापने की तैयारी, टेंडर प्रक्रिया शुरू

रांची  राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले कक्षा नौ के विद्यार्थियों को वर्तमान शैक्षणिक सत्र में जुलाई-अगस्त में एटलस, शब्दकोष, ग्रामर तथा सामान्य ज्ञान की पुस्तकें मिल पाएंगी इस बार विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान की दो पुस्तकें सामान्य ज्ञान-पार्ट वन तथ सामान्य ज्ञान-पार्ट टू के रूप में मिलेंगी। पुस्तकें 3,67,692 विद्यार्थियों के बीच निश्शुल्क वितरित की जाएंगी। कुल 18.34 लाख पुस्तकें छपेंगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने इन पुस्तकों के प्रकाशन को लेकर मुद्रक के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत मुद्रक को कार्य आदेश जारी होने के 120 दिनों के भीतर प्रखंड स्तर पर पुस्तकें पहुंचानी होगी। वहां से प्रखंड संसाधन केंद्र द्वारा पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। चयनित मुद्रक को दो प्रतिशत रायल्टी जेसीईआरटी को देनी होगी। सभी पुस्तकें 21 गुना 27 सेमी साइज में होगी। एटलस 172 पेज, शब्दकोष 660 पेज, ग्रामर 228 पेज तथा सामान्य ज्ञान की पुस्तकें प्रत्येक पुस्तक 228 पेज की होगी। निश्शुल्क वितरित होनेवाली सभी पुस्तकों पर जेसीईआरटी द्वारा निश्शुल्क वितरण के लिए प्रकाशित, क्रय-विक्रय अपराध लिख होगा। ओपन मार्केट में भी पुस्तकें बेच सकेंगे प्रकाशक स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्णय के अनुसार, चयनित मुद्रक ये पुस्तकें ओपन मार्केट में भी बेच सकेंगे। इसके लिए उन्हें न केवल जेसीईआरटी से मंजूरी लेनी होगी, बल्कि दो प्रतिशत रायल्टी भी प्रदान करेगी।

झारखंड में रेल नेटवर्क होगा मजबूत, 68 किमी रूट के दोहरीकरण की तैयारी

 रांची  झारखंड के रेल विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरने वाली हैमुरी-चांडिल रूट पर ट्रेनों के लिए आने-जाने की अलग-अलग पटरियां (Double Line) बिछाने को बहुत जल्द रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिल सकती है. इस परियोजना के स्वीकृत होने से राज्य के रेल नेटवर्क में बहुत सुधार होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुगम व प्रभावी बनेगी. 800 करोड़ की लागत और 68 किमी का दायरा दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने जानकारी दी कि मुरी से चांडिल तक लगभग 68 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के दोहरीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है. वर्तमान में सिंगल लाइन होने के कारण इस रूट पर ट्रेनों के क्रॉसिंग और परिचालन में काफी समय नष्ट होता है. डबल लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही तेज, सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित हो जाएगी. बाइपास और ओवर रेल लाइन से मिलेगी मजबूती परियोजना के तहत सिल्ली बाइपास लाइन का निर्माण भी किया जाना है, जो रूट की क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. इसके साथ ही गुंडा विहार से चांडिल तक प्रस्तावित रेल ओवर रेल लाइन के निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है. इन तकनीकी सुधारों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और मालगाड़ियों व यात्री ट्रेनों के दबाव को संतुलित करना आसान होगा. सांसद प्रदीप वर्मा का प्रयास और फंड आवंटन इस परियोजना को गति देने के लिए सांसद प्रदीप वर्मा ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर विशेष फंड आवंटन की मांग की थी. उम्मीद जताई जा रही है कि इसी माह के भीतर फंड आवंटन और प्रशासनिक स्वीकृति के सकारात्मक परिणाम सामने आ जाएंगे. अरुण जोशी ने कहा कि यह परियोजना झारखंड के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी.

डिजिटल अरेस्ट से करोड़ों की ठगी, पटना में एक्टिव गैंग

पटना पटना में औसतन हर माह करीब 206 लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। शहर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग गिरोह खुद को कभी सीबीआई अधिकारी तो कभी मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके उनकी पूंजी पर हाथ साफ कर रहे हैं। ठग शेयर मार्केट में निवेश, क्रिप्टोकरेंसी सहित अन्य झांसे देकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। खास बात यह भी है कि ठगी करने वाले लोग कम शिक्षित होने के बावजूद डॉक्टरों और प्रोफेसरों को शिकार बना रहे हैं। ठग अच्छे कम्युनिकेशन स्किल के कारण अपने इरादों में कामयाब हो जाते हैं। कई पेशेवर बने ठगी के शिकार पटना में हुईं ठगी की वारदातों पर नजर डालें तो पीड़ितों में से बहुत सारे डॉक्टर, प्रोफेसर, बड़े कारोबारियों के अलावा आईआईटी के छात्र तक शामिल हैं। इन उच्च शिक्षित वर्ग के लोगों को मैट्रिक और 11वीं तक शिक्षित शातिर बदमाश जाल में फंसा रहे हैं और लाखों रुपये हड़प रहे हैं। पटना की साइबर पुलिस ने जिन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया, उनमें से अधिकतर कम शिक्षित हैं। जाल में फंसाने वाला कम्युनिकेशन स्किल बताया जाता है कि कम औपरचारिक शिक्षा लेने के बावजूद ठगों के कम्युनिकेशन स्किल अच्छे होते हैं। वे हिंदी के साथ अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में भी फर्राटे से बातचीत करते हैं। उनके प्रभाव में आकर लोग उनके जाल में फंस जाते हैं। पटना में हाल ही में साइबर ठगों ने पटना यूनिवर्सिटी की रिटायर महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाया और उनसे 3.07 करोड़ रुपये हड़प लिए। वे अलग-अलग झांसे देकर डॉक्टरों, अधिकारियों, कारोबारियों के साथ-साथ आईआईटी के छात्रों को भी शिकार बना चुके हैं। हर माह साइबर ठगी की 206 वारदातें साइबर पुलिस के मुताबिक पटना में हर माह औसतन 206 लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। सन 2025 में साइबर थाने में साइबर ठगी के 2602 केस दर्ज हुए थे। जारी साल में जनवरी और फरवरी में 284 केस दर्ज हुए हैं। साइबर पुलिस ने पिछले साल 139 और इस साल अब तक 35 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कुल मामलों में से करीब 30 प्रतिशत मामलो में ठगी शेयर मार्केट में निवेश और एपीके फाइल भेजकर की गई है। पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क बताया जाता है कि, बिहार में साइबर ठग नालंदा, नवादा, शेखपुरा और जमुई के हैं। वे पटना में किराए के फ्लैटों और मकानों से गिरोह चला रहे हैं। दक्षिणी पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क तेजी से फैला है। वे रामकृष्ण नगर, पत्रकार नगर और बेऊर इलाके को अपना ठिकाना बना रहे हैं। बीते दो सालों में 80 प्रतिशत मामलों में अपराधी इन्हीं क्षत्रों से गिरफ्तार किए गए हैं। पिछले माह साइबर पुलिस ने एक गिरोह के छह ठगों को गिरफ्तार किया था। यह सभी मैट्रिक तक शिक्षित हैं। सोशल मीडिया से सीख रहे ठगी के गुर पता चला है कि ज्यादातर ठग किशोर और युवा हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए ठगी के तरीके सीखते हैं। यू-ट्यूब और टेलीग्राम जैसी सोशल मीडिया साइटों पर साइबर ठगी को अंजाम देने के तरीके सिखाने वाले कई वीडियो उपलब्ध हैं। वे इन्हीं वीडियो से ठगी के गुर सीखते हैं। ये साइबर ठग ठगी के लिए सॉफ्टवेयर आईटी पेशेवरों की मदद से तैयार कराते हैं।

बिरसा स्टेडियम में छऊ नृत्य और लोककलाओं की भव्य प्रस्तुति, देर रात तक चला कार्यक्रम

सरायकेला  झारखंड के सरायकेला जिले के बिरसा स्टेडियम में कला संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसिय चैत्रपर्व के दूसरे दिन भी रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया . कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचारण संगीतमय आराधना के साथ हुआ. कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा. कार्यक्रम का शुभारंभ सरायकेला के कलाकारों द्वारा छऊ नृत्य प्रस्तुत कर किया गया. इस खास मौके पर डीसी नीतीश कुमार सिंह, एसपी मुकेश लुणायत, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, कलाकेंद्र के सचिव सह एसडीओ अभिनव प्रकाश, बीडीओ यस्मिता सिंह, डीपीआरओ अविनाश कुमार, डीटीओ गिरजा शंकर महतो, सहित कई पदाधिकारी,संगीत नाटक अकादमी के अवार्डी ब्रजेंद्र पट्टनायक, आर्टिस्ट एसोशिएसन के अध्यक्ष भोला महांती सहित काफी संख्या में कलाकार उपस्थित थे. दूसरे दिन भी मंगलाचरण के साथ हुई छऊ नृत्य चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव के दुसरे दिन छऊ नृत्य का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ किया गया. इसके बाद राजकीय छऊ कलाकेंद्र के कलाकारों द्वारा सरायकेला छऊ नृत्य प्रस्तुत किया गया. ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मानभूम शैली और खरसावां शैली छऊ के कलाकारों द्वारा छऊ नृत्य प्रस्तुत किया. कलाकारों ने सराईकेला छऊ के हर पार्वती नृत्य, देवदासी नृत्य, पताका नृत्य प्रस्तुत किया. महोत्सव में जीतराय हांसदा द्वारा रिंझा नृत्य प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में ओडिशा के सुप्रसिद्ध गोटीपुओ नृत्य,पश्चिम ओडिशा के आदिवासी नृत्य घुड़का,कथक नृत्य,नटुआ नृत्य सहित अन्य नृत्य प्रस्तुत कर समां बांधा. कलाकारों को किया जाएगा सम्मानित चैत्र महोत्सव का समापन 13 अप्रैल सोमवार यानी आज होगा. आंतिम दिन यानी समापन पर सरायकेला के कई कला केंद्र द्वारा रात्री जागरण करते हुए छऊ नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा. साथ ही कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा. इस संबंध में कलाकेंद्र के सचिव सह एसडीओ अभिनव प्रकाश ने बताया कि आंतिम दिन सरायकेला छऊ राजकिय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला शैली के ग्रामीण छऊ नृत्य दल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल, केदार आर्ट सेंटर, कुश कारवा छऊ नृत्य दल, ग्रामीण नृत्य में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दल सहित राजकिय छऊ कला केंद्र के कलाकारों द्वारा रात भर नृत्य प्रस्तुत करते हुए रात्री जागरण किया जाएगा.  

झारखंड में बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत की जमीनी हकीकत जानेंगे मंत्री

 बूढ़ा पहाड़ झारखंड के वित्तमंत्री राधा कृष्ण किशोर आज 13 अप्रैल को गढ़वा जिले के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में चल रही विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करेंगे. बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में विकास योजनाओं की लेंगे जानकारी झारखंड के वित्त, वाणिज्य-कर, योजना विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज गढ़वा जिले के सुदूरवर्ती और कभी नक्सलियों का गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में चल रही विकास योजनाओं की हकीकत जानेंगे. जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना के मुताबिक मंत्री क्षेत्र में संचालित योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे. समाहरणालय में सुबह 11:30 बजे होगी समीक्षा बैठक मंत्री श्री किशोर पूर्वाह्न 11:30 बजे समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) स्थित सभागार में एक समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के सभी गांवों में बुनियादी सुविधाओं जैसे- बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य की उपलब्धता की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी. बैठक में जिले के आला अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है. दोपहर 1 बजे मीडिया से करेंगे प्रेस वार्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक विकास कार्यों की समीक्षा के पश्चात अपराह्न 1:00 बजे मंत्री राधाकृष्ण किशोर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता करेंगे. इस दौरान वे क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की भावी योजनाओं और समीक्षा बैठक के निष्कर्षों पर जानकारी साझा करेंगे.