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थाने जाने की जरूरत खत्म! बिहार में डिजिटल पुलिसिंग, घर बैठे मिलेंगी सभी सेवाएं

पटना. किराएदार, घरेलू सेवक या वाहन चालक का सत्यापन कराना हो, लापता-अपहृत या अज्ञात व्यक्ति का विवरण देना हो अथवा खोई-पाई संपत्ति की जानकारी देनी हो, अब थाने का चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। आम लोगों से जुड़ी ऐसी तमाम सुविधाएं अब घर बैठे नागरिक सेवा पोर्टल पर एक क्लिक में उपलब्ध होंगी। इसके लिए सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस के तहत बिहार पुलिस को और भी स्मार्ट बना दिया है। सरकार ने इसके लिए स्मार्ट नागरिक सेवा पोर्टल जारी किया है। इस स्मार्ट पोर्टल https://citizenservices.bihar.gov.in की खासियत यह है कि इसमें लॉग इन किए बिना भी प्राथमिकी की प्रति प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा कोई भी गुप्त जानकारी दे सकता है। साथ ही उद्घोषित या इनामी अपराधी की जानकारी देख सकते हैं। यह सेवा पारदर्शिता बढ़ाने व नागरिकों को त्वरित सूचना देने के लिए शुरू की गई है। लॉग इन करने पर मिलेंगी दो तरह की सेवाएं ऑनलाइन प्राथमिकी की सुविधा देने वाला स्मार्ट नागरिक पोर्टल पुलिस व जनता के बीच दूरी कम करने में काफी कारगर साबित हुआ है। अब इसमें नई सेवाएं जुड़ने से यह पोर्टल और भी अधिक उपयोगी हो जाएगा। इसका विस्तार कर दिया गया है। citizenservices.bihar.gov.in वेबसाइट पर लॉग इन करने के बाद लोगों को 11 तरह की अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। अभी तक तमाम मामलों में लोगों को थाने का चक्कर लगाना पड़ता था। इस बात की लगातार शिकायते मिलती रहती हैं कि पीड़ित को थाने से लौटा दिया गया। उसकी शिकायत नहीं सुनी गई। छोटे-छोटे मामलों में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही कार्रवाई की उम्मीद जगती थी। अब इस पोर्टल लॉग इन करने के बाद लापता या अपहृत व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज करना, खोई वस्तु की जानकारी देना, अज्ञात व्यक्ति या शव की पहचान से जुड़ी जानकारी देखना, वांछित या गिरफ्तार अपराधियों का विवरण प्राप्त करना और ई-शिकायत दर्ज करना जैसी सेवाएं काफी सहज हो जाएंगी। ऐसी सूचनाएं हासिल करने मे स्थानीय पुलिस का हस्तक्षेप न्यूनतम होगा। सत्यापन व पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं भी इस पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आमजन चालक का चरित्र सत्यापन, किराएदार या घरेलू सहायक के चरित्र का सत्यापन, वरिष्ठ नागरिकों का ऑनलाइन पंजीकरण, खोई या बरामद संपत्ति की जानकारी प्राप्त करना आदि सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इससे आमजन को अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए थाने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

ऑनलाइन तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: Amazon पैकेट में मछली दाने की जगह निकली 314 लीटर शराब

समस्तीपुर. बिहार के समस्तीपुर जिले में मुफस्सिल थाने की पुलिस ने शनिवार को अमेजन (ऑनलाइन शापिंग कंपनी) के डिलीवरी सर्विस पार्सल पार्टनर विंग के आफिस में छापा मारकर शराब की खेप बरामद की। यहां मछली दाना की बुकिंग की आड़ में शराब की तस्करी की जा रही थी। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई। इस संबंध में तीन लोगों पर प्राथमिकी की गई है। शराब की यह खेप शराब कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लदौरा पंचायत भवन के समीप वीरेंद्र कुमार के यहां डिलीवर होनी थी। इसे प्लास्टिक की 20 बाल्टियों में पैक किया गया था। जितवारपुर स्थित वेयर हाउस में पार्सल से शराब की गंध आने के बाद कूरियर कंपनी ने इसकी सूचना अमेजन के प्रतिनिधि और पुलिस को दी। पार्सल खोला तो पुलिस के उड़े होश मौके पर पहुंची पुलिस ने पार्सल को खोला तो होश उड़ गए। बोरे के भीतर प्लास्टिक की बाल्टी में मछली दाना की जगह शराब भरी थी। पुलिस टीम ने एक-एक कर सभी 20 बंद पैकेट को खोलकर देखा और जब्त कर लिया। कुल 252 लीटर बीयर और 62 लीटर अंग्रेली शराब मिली। बोतलों को बाल्टी के अंदर रखकर उसे जूट के बोरे से इस तरह पैक किया गया था कि पता नहीं चल सके। इस दौरान एक पैकेट से शराब जैसी महक आने पर कूरियर कर्मी ने टीम लीडर को सूचना दी। मुंबई से भेजा गया था पार्सल जांच में पता चला कि मुंबई के रहने वाले सेलर आदर्श कुमार और गुंजेश कुमार ने यह पार्सल रांची से भेजा था। इसकी सप्लाई वीरेंद्र कुमार को होनी थी। इन तीनों के खिलाफ कूरियर कंपनी के चैनल टीम लीडर केशव कुनाल सिन्हा ने प्राथमिकी कराई है। एफआइआर में मोबाइल नंबर और पैन कार्ड की जानकारी भी कंपनी ने पुलिस को दी है। थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि शराब जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ऑनलाइन शापिंग साइट का उपयोग कर शराब मंगाना कानून का गंभीर उल्लंघन है। इस नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है।

Avalanche Tragedy: लद्दाख में शहीद हुआ नालंदा का जवान, अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़

नूरसराय/नालंदा. देश की सरहदों की रक्षा करते हुए बिहार के नालंदा जिले के एक वीर सपूत ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के मोकरमपुर मिर्चायगंज निवासी जेसीओ सुमन कुमार सिंह उर्फ पंकज (45) लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन (एवलांच) की चपेट में आ गए थे। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। जैसे ही देर रात उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बर्फ में दबने से बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत जानकारी के अनुसार, 26 मार्च को लद्दाख में तैनाती के दौरान अचानक आए भीषण हिमस्खलन में सुमन कुमार सिंह बर्फ के नीचे दब गए। सेना के बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 27 मार्च को डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि वे पहले से पीलिया और ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी जूझ रहे थे। परिवार का सहारा थे सुमन, सेना से जुड़ा है घराना सुमन कुमार सिंह अपने परिवार के मजबूत स्तंभ थे। वे दो भाइयों में बड़े थे, जबकि उनके छोटे भाई वर्तमान में सीआईएसएफ में कार्यरत हैं। अपने पीछे वे पत्नी नीलम सिंह, दो बेटियां स्नेहा और सलोनी तथा दो बेटे अंश राज और यशराज छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी इंटर और छोटी बेटी मैट्रिक की छात्रा है। पिता के बलिदान की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ‘अमर रहें’ के नारों के बीच दी गई अंतिम विदाई शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, पूरा इलाका ‘शहीद सुमन कुमार अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। प्रशासन और सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में बाढ़ के उमानाथ घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मां की आंखें नम, आखिरी बातचीत को किया याद शहीद की मां ने बताया कि 13 मार्च को बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। उसने कहा था, “आप चंडीगढ़ चली जाइए, बच्चों का ख्याल रखिएगा।” उन्होंने बताया कि बेटे ने दवा भी मंगवाकर दी थी और खुद का ख्याल रखने को कहा था। मंत्री श्रवण कुमार ने दी श्रद्धांजलि बलिदान की सूचना मिलते ही बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार शहीद के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश ने एक वीर योद्धा खोया है, लेकिन हमें उनके बलिदान पर गर्व है।

Hemant Soren in Assam: JMM का चुनावी बिगुल आज, सोरेन संभालेंगे कमान

रांची. असम विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार शाम असम पहुंच गए, जहां वे 28 मार्च से पार्टी के चुनावी प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। उनका पहला कार्यक्रम कोकराझार जिले के गोसाई गांव विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित है, जहां वे एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। झामुमो के लिए यह चुनाव महज विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री अगले कुछ दिनों तक असम में ही रहेंगे और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में लगातार सभाएं करेंगे। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में अभियान को धार पार्टी अध्यक्ष के रूप में हेमंत सोरेन खुद पूरे चुनावी अभियान की कमान संभाल रहे हैं। झामुमो ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह असम में अपने दम पर चुनाव लड़ रही है और इसके लिए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया गया है। पार्टी महासचिव विनोद पांडेय असम में लगातार कैंप कर रहे हैं और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उनके नेतृत्व में स्थानीय समीकरणों और मुद्दों के आधार पर प्रचार की रूपरेखा तैयार की जा रही है। स्टार प्रचारकों की तैनाती, संगठन हुआ सक्रिय झामुमो ने अपने 20 स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है। इसमें हेमंत सोरेन के अलावा डा. सरफराज अहमद, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा मांझी, दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा, कल्पना मुर्मू सोरेन, अभिषेक प्रसाद और डा. महुआ माजी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। पार्टी के कई मंत्री और विधायक जैसे दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा और आलोक सोरेन, एमटी राजा पहले ही असम पहुंचकर स्थानीय स्तर पर चुनावी गतिविधियों को गति दे रहे हैं। चुनिंदा क्षेत्रों पर फोकस, स्थानीय मुद्दों पर जोर झामुमो की रणनीति असम के चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रभाव को मजबूत करने पर केंद्रित है। पार्टी स्थानीय सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता देते हुए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हेमंत सोरेन की सभाएं झामुमो कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के साथ-साथ पार्टी को नए क्षेत्रों में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Education Revolution: बिहार के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी AI, बच्चों को मिलेगी टेक्नोलॉजी की नई ताकत

पटना. राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रोग्राम लागू करने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है। यह प्रोग्राम एनसीईआरटी के तैयार मॉडल पर आधारित होगा। इस मॉडल में दीक्षा प्लेटफार्म में आई से वीडियो सर्च और रीड-अलाउड टूल जैसी सुविधाएं हैं, जो छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी हैं। कक्षा आठ से 12 के छात्र-छात्राओं को एआइ और डिजिटल कौशल सिखाता है, ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हों। स्कूली छात्रों को एआई एजुकेशन उपलब्ध कराने की पहल शिक्षा विभाग के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रसार दुनिया भर में तेजी से हो रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आई एजुकेशन प्रोग्राम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने भी स्कूली छात्रों को एआई एजुकेशन उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। इस उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय स्तर पर स्किलिंग फार एआइ रीडनेस प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के माध्यम से कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को एआइ एजुकेशन उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रोग्राम के तहत कक्षा छह से 12 तक के स्कूली छात्रों को कई महत्वपूर्ण बातें सिखाई जाएंगी। इसमें मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क, एआई के जिम्मेदाराना उपयोग जैसी बुनियादी बातें शामिल हैं। इसके करिकुलम को ग्लोबल मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। एआई प्रोग्राम के तीन मॉडल स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम में स्कूली छात्रों के लिए तीन माड्यूल बनाए गए हैं, जो प्रत्येक 15 घंटे का है।इसमें एआई टू बी अवेयर, एआई टू एक्वायर और एआई टू एस्पायर शामिल है। इसी तरह स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम है।  इस प्रोग्राम में जनरेटिव एआई, एआई की मूल बातें, प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत, दैनिक जीवन में एआई, साइबर सुरक्षा और एआइ में करियर के अवसर जैसी अवधारणाएं शामिल हैं।

राजगीर दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, 31 मार्च को नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल

राजगीर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मार्च को बिहार में राजगीर के दौरे पर आएंगी, जहां वह नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। यह अवसर नालंदा विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि नव-निर्मित स्थायी परिसर में आयोजित होने वाला यह पहला दीक्षांत समारोह होगा। इस परिसर का उद्घाटन जून 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। पुनरुद्धार के बाद यह विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह है; पहला समारोह वर्ष 2016 में आयोजित हुआ था। विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक राष्ट्रपति इस अवसर पर दीक्षांत भाषण देंगी, विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगी तथा मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित भी करेंगी। इसके साथ ही वह विश्वविद्यालय के नवनिर्मित 2,000 सीटों वाले सभागार "विश्वमित्रालय" का उद्घाटन भी करेंगी। कुल 10 PHD उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक किए जाएंगे प्रदान दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों के सभी विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से डिग्री प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है। ये विद्यार्थी अर्जेंटीना, वियतनाम, भूटान, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, म्यांमार, सर्बिया, घाना, थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे सहित विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। समारोह में कुल 10 पीएचडी उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाते हैं। इस अवसर पर "मंजिरी" नामक एक विशेष पत्रिका का भी विमोचन किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय के मौजूदा छात्रों द्वारा तैयार की गई है। कई गणमान्य अतिथि होंगे शामिल इसमें प्रथम बैच से लेकर अब तक के पूर्व छात्रों की यात्राओं, अनुभवों और उपलब्धियों को संकलित किया गया है। इसके अतिरिक्त, दिन के उत्तरार्ध में दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस केंद्र की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22वें आसियान–भारत शिखर सम्मेलन के दौरान की थी। करीब नौ वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हो रहे इस दीक्षांत समारोह में देश-विदेश से आए छात्र, उनके परिजन और कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। प्रमुख अतिथियों में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन शामिल रहेंगे।  

Ranchi Traffic Update: वीआईपी मूवमेंट के कारण कई सड़कों पर एंट्री बंद, जानें नए रूट

रांची. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के 28 मार्च को प्रस्तावित रांची दौरे को लेकर जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू कर दी है। उनके आगमन, एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक आवागमन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के प्रवेश और परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक (यातायात) कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक रांची शहर के भीतर बड़े और छोटे मालवाहक वाहनों, बसों तथा अन्य वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। भारी वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रिंग रोड का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। ट्रैफिक को डायवर्ट या पूरी तरह से रोका भी जा सकता है ट्रैफिक प्लान के तहत रांची से खूंटी और कांके की ओर जाने वाले वाहनों को रिंग रोड के जरिए अपने गंतव्य तक भेजा जाएगा। वहीं, शहर के अंदर प्रवेश करने वाले वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर विभिन्न मार्गों पर थोड़े समय के लिए ट्रैफिक को डायवर्ट या पूरी तरह से रोका भी जा सकता है। रामपुर चौक तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक शहर के प्रमुख चौक-चौराहों—हिनू चौक, बिरसा चौक, अरगोड़ा चौक, किशोरगंज चौक, न्यू मार्केट चौक, कचहरी चौक, होटल चौक, राम मंदिर चौक, एटीआई मोड़ और राधाकृष्ण चौक पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य सवारी वाहनों के परिचालन पर भी आवश्यकता अनुसार प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके अलावा नया सराय रिंग रोड से रामपुर चौक तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। जमशेदपुर और बुंडू की ओर से आने वाले वाहनों को रिंग रोड से डायवर्ट करते हुए शहर में प्रवेश कराया जाएगा, जबकि रांची से जमशेदपुर जाने वाले वाहनों को दुर्गा सोरेन चौक से टाटीसिलवे होते हुए रिंग रोड के रास्ते भेजा जाएगा। यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी लेकर निकलें खूंटी रोड स्थित ओटीसी और सदाबहार चौक के बीच भी बड़े वाहनों, बसों और सवारी गाड़ियों के परिचालन पर रोक लागू रहेगी। प्रशासन ने बताया कि आकस्मिक सेवा वाले वाहन जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि को सभी प्रतिबंधों से छूट रहेगी।  प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी लेकर ही घर से निकलें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि अनावश्यक जाम की स्थिति से बचा जा सके। सुरक्षा एजेंसियों और ट्रैफिक पुलिस को हर प्रमुख प्वाइंट पर तैनात किया जाएगा, जिससे वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।

Bhagalpur ROB Update: तकनीकी स्वीकृति मिली, अगले साल शुरू होगा सुगम सफर

भागलपुर. भागलपुर शहर सहित बाइपास को जोड़ने वाले भागलपुर-गोराडीह मार्ग में बौंसी रेल पुल संख्या-टू पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए रेलवे ने बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन को मंजूरी दे दी है। पूर्व रेलवे के मुख्य ब्रिज इंजीनियर (CBE) ने मंजूरी दी है। इस स्वीकृति के साथ इस परियोजना के तकनीकी पहलू को हरी झंडी मिल गई है। बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन में पुल पर पड़ने वाले भार और दबाव का आकलन किया जाता है। अभियंता (Engineer) यह सुनिश्चित करते हैं कि संरचना ट्रेन के दबाव को सुरक्षित रूप से सह सके। अधिकारियों के अनुसार, रेलवे ब्रिज में लगे बेयरिंग का काम पुल पर पड़ने वाले भार को सुरक्षित तरीके से नीचे तक पहुंचाना होता है। इसके लिए अभियंता यह गणना करते हैं कि ट्रेन गुजरने के दौरान कितना दबाव पड़ेगा और क्या संरचना उसे सुरक्षित रूप से संभाल सकती है। इस कैलकुलेशन के सही पाये जाने के बाद ही निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाता है। 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य इधर, रेलवे की मंजूरी से परियोजना की सुरक्षा और मानकों की पुष्टि भी हो गई है। यह स्वीकृति परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी चरण माना जा रहा है। रेलवे की मंजूरी मिलने से अब ROB निर्माण कार्य को गति मिलेगी। पांचवें पिलर को खड़े करने का काम चल रहा है। पिलर के कैब की ढलाई की गई है। अब तक 30 प्रतिशत फाउंडेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह कार्य शत प्रतिशत पूरा होने के बाद सब स्ट्रक्चर व सुपर स्ट्रक्चर का कार्य कराया जाएगा। 2027 तक आरओबी का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। शहर की कनेक्टिविटी में होगा सुधार मिरजानहाट शीतला स्थान से भीखनपुर गुमटी नंबर तीन के बीच बन रहे भोलानाथ फ्लाइओवर से यह आरओबी जुड़ेगा। कचहरी चौक से भोलानाथ आरओबी होते हुए बाइपास तक सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। जिससे लोगों को बिना किसी परेशानी के कचहरी चौक से बाइपास रोड तक पहुंचना आसान होगा। इसके साथ ही आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा और मुख्य शहर से दक्षिणी इलाके की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो जाएगी।

डाकबंगला में रामनवमी का भव्य आयोजन, नीतीश कुमार की मौजूदगी में एक मंच पर दिखे पिता-पुत्र

पटना आज देशभर में रामनवमी का पावन पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटना में भी विभिन्न पूजा समितियों की तरफ से भव्य शोभायात्राओं का आयोजन किया गया है। ये सभी झांकियां धीरे-धीरे पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित श्रीराम चौक पर पहुंच रही हैं। समारोह के लिए डाकबंगला चौराहे पर एक विशाल मंच तैयार किया गया है, जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके पुत्र निशांत कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय चौधरी और संजय सरावगी समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता उपस्थित हैं। जय श्री राम के नारे से गूंजा क्षेत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंच पर मौजूद सभी नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नितिन नवीन द्वारा वहां पहुंच रही झांकियों को सम्मानित किया जा रहा है। नीतीश कुमार के मंच पर चढ़तेही जय श्री राम के नारे लगने लगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नितिन नवीन पहली बार इस भव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनकर झांकियों का स्वागत कर रहे हैं। मौसम ने ली करवट इस साल रामनवमी पर पटना की 52 पूजा समितियां अपनी मनमोहक झांकियां निकाल रही हैं। सुबह के वक्त तेज धूप से लोग बेहाल थे, लेकिन शोभायात्रा शुरू होने से ठीक पहले मौसम ने अचानक करवट ली। हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। मौसम मेहरबान होने की वजह से श्रीराम चौक पर भक्तों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। लगातार आ रहे श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यहां करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है। इस बार का आयोजन कई मायनों में बेहद खास है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रामानंद सागर की 'रामायण' में भगवान राम का अमर किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता अरुण गोविल हैं, जो मंच पर मौजूद हैं। उनके साथ-साथ दिग्गज भोजपुरी गायक और भाजपा नेता मनोज तिवारी भी इस समारोह में मौजूद हैं। इतनी बड़ी भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए हैं और चप्पे-चप्पे पर करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।  

चुनावी रण में CM हेमंत की कमान, असम में रहकर साधेंगे वोटरों को

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष हेमंत सोरेन असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सीधे चुनावी अभियान की कमान संभालेंगे। वे 28 मार्च से असम में रहकर पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे। पार्टी का लक्ष्य स्थानीय मुद्दों, आदिवासी अस्मिता और क्षेत्रीय अधिकारों को प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाना है। झामुमो ने अपने सभी स्टार प्रचारकों को निर्देश दिया है कि वे 27 मार्च तक असम पहुंच जाएं और चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। पार्टी की असम में सक्रियता केवल चुनावी उपस्थिति तक सीमित नहीं है। झामुमो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करना चाहती है और खासकर पूर्वोत्तर के आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। झारखंड मॉडल, जिसमें स्थानीय संसाधनों पर अधिकार, भूमि संरक्षण और सामाजिक न्याय शामिल हैं, असम में भी प्रचारित किया जाएगा। पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती पार्टी महासचिव विनोद पांडेय पहले से ही असम में रहकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। उनका काम स्थानीय संगठन को सक्रिय करना, बूथ स्तर तक नेटवर्क तैयार करना और उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाना है। झामुमो ने भारत निर्वाचन आयोग को 20 स्टार प्रचारकों की सूची भी सौंप दी है। इस सूची में हेमंत सोरेन के अलावा डॉ. सरफराज अहमद, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा मांझी, अभिषेक प्रसाद, पंकज मिश्रा, दीपक बिरुवा, विजय हांसदा और अन्य नेता शामिल हैं। असम में झामुमो की यह सक्रियता संकेत देती है कि पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती। हेमंत सोरेन का सीधा नेतृत्व इस अभियान को और मजबूत बनाता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि झामुमो का यह प्रयास चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है और पार्टी के लिए नए राजनीतिक अवसर खोलता है या नहीं।