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बिहार समेत कई राज्यों के यात्रियों को राहत, मुंबई-कटिहार और कानपुर-गुवाहाटी स्पेशल ट्रेनें हुईं विस्तारित

पटना  त्योहारों के इस मौसम में घर जाने की सोच रहे यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे के पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) जोन ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट की समस्या से निपटने के लिए दो जोड़ी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की सेवाओं का विस्तार कर दिया है। रेलवे के इस महत्वपूर्ण फैसले से बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और मुंबई के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को आवागमन के लिए बेहतर और सुविधाजनक विकल्प मिल सकेंगे, साथ ही प्रमुख व्यस्त रूटों पर अत्यधिक भीड़भाड़ का दबाव भी कम होगा। ​ मुंबई-कटिहार और कानपुर-गुवाहाटी रूट पर राहत ​एनएफआर द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन दो प्रमुख गाड़ियों के फेरे बढ़ाए गए हैं, उनमें ट्रेन संख्या 09189/09190 मुंबई सेंट्रल कटिहार मुंबई सेंट्रल फेस्टिवल स्पेशल और ट्रेन संख्या 04127/04128 कानपुर सेंट्रल गुवाहाटी कानपुर सेंट्रल फेस्टिवल स्पेशल शामिल हैं। ये सभी स्पेशल ट्रेनें अपने पुराने निर्धारित समय, ठहराव (स्टॉपेज), कोच कंपोजिशन और तयशुदा शेड्यूल के अनुसार ही पटरियों पर दौड़ेंगी, जिससे यात्रियों को किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। ​ट्रेन संख्या 09189/09190 (मुंबई सेंट्रल कटिहार) की नई तिथियां ​मुंबई सेंट्रल से कटिहार के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 09189 फेस्टिवल स्पेशल इस त्योहारी सीजन में कुल सात अतिरिक्त फेरे लगाएगी। यह गाड़ी 5 और 12 सितंबर, 17, 24 और 31 अक्टूबर, तथा 7 और 14 नवंबर 2026 को अपनी यात्रा शुरू करेगी। ​वहीं, वापसी की दिशा में कटिहार से मुंबई सेंट्रल जाने वाली ट्रेन संख्या 09190 फेस्टिवल स्पेशल भी सात अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। यह वापसी सेवा 8 और 15 सितंबर, 20 और 27 अक्टूबर, और साथ ही 3, 10 और 17 नवंबर 2026 को यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी। ​ ट्रेन संख्या 04127/04128 (कानपुर सेंट्रल गुवाहाटी) का विस्तारित शेड्यूल ​कानपुर सेंट्रल और गुवाहाटी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को इस बार लंबी अवधि की राहत दी गई है। कानपुर सेंट्रल से गुवाहाटी के लिए चलने वाली ट्रेन संख्या 04127 स्पेशल को 10 सितंबर से 10 दिसंबर 2026 तक कुल 14 अतिरिक्त फेरों के लिए बढ़ाया गया है। ​इसके विपरीत दिशा में, गुवाहाटी से कानपुर सेंट्रल लौटने वाली ट्रेन संख्या 04128 स्पेशल 11 सितंबर से 11 दिसंबर 2026 तक 14 अतिरिक्त फेरों के साथ अपनी सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के बीच संपर्क और मजबूत होगा। ​ यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण पर जोर ​पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों में अचानक बढ़ने वाली भारी भीड़ को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इन अतिरिक्त फेरों के संचालन से यात्रियों को यात्रा करने के लिए अधिक विकल्प प्राप्त होंगे और व्यस्त मार्गों पर यात्रियों का दबाव घटेगा। रेलवे का मुख्य उद्देश्य हर यात्री को इस व्यस्त समय में एक आसान, सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना है।  

झारखंड में सौर ऊर्जा को बढ़ावा, 3500 भवनों पर 82 मेगावाट के रूफटॉप प्लांट

रांची  झारखंड में सरकारी भवनों की छतों का इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा रहा है. राज्य के 3500 से अधिक सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा चुके हैं. इनकी कुल उत्पादन क्षमता करीब 82 मेगावाट है. 617 सोलर मिनी ग्रिड से 30 हजार घरों में पहुंची बिजली वहीं, सुदूर और दुर्गम ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने के लिए 617 से अधिक सोलर मिनी ग्रिड स्थापित किए गए हैं. इनकी कुल क्षमता करीब 10.60 मेगावाट है. इन मिनी ग्रिड के जरिए 30 हजार से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचने का दावा किया गया है. अब इन सभी सौर ऊर्जा परियोजनाओं की निगरानी और उनके प्रदर्शन का आकलन डिजिटल तकनीक के जरिए करने की तैयारी है. IoT से होगी सोलर प्लांट की निगरानी झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JREDA) इसके लिए एक एजेंसी का चयन करने जा रही है. यह एजेंसी IoT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित सिस्टम तैयार करेगी. इसके तहत सोलर प्लांट की स्थिति, उत्पादन, प्रदर्शन और तकनीकी समस्याओं की जानकारी डिजिटल तरीके से मिल सकेगी. इसके अलावा एसेट और इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम तथा IT आधारित परफॉर्मेंस मॉनीटरिंग और इवैल्यूएशन फ्रेमवर्क भी तैयार किया जाएगा. तीन साल का व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध चयनित एजेंसी सिस्टम के डिजाइन, डेवलपमेंट, इंप्लीमेंटेशन, होस्टिंग और संचालन का काम करेगी. राज्यभर की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए तीन साल का व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध भी किया जाएगा. इससे सोलर प्लांट का समय-समय पर मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जा सकेगा. 66 से 70 करोड़ रुपये की बचत का दावा JREDA के अनुसार सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने से बिजली के खर्च में कमी आई है. इससे राज्य को हर साल करीब 66 से 70 करोड़ रुपये की बिजली बचत होने का दावा किया गया है. डिजिटल निगरानी भी जरूरी JREDA के एमडी केके वर्मा के अनुसार, एजेंसी का फोकस केवल सरकारी भवनों की छत पर सोलर प्लांट लगाने तक सीमित नहीं है. प्लांट से कितना बिजली उत्पादन हो रहा है, उसकी स्थिति कैसी है, परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड क्या है और रखरखाव ठीक से हो रहा है या नहीं, इसकी डिजिटल निगरानी भी जरूरी है. हर प्लांट की स्थिति पर रहेगी नजर नई डिजिटल व्यवस्था से सौर परियोजनाओं की परिसंपत्तियों और इन्वेंट्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन तैयार किया जा सकेगा. IoT आधारित सिस्टम के माध्यम से हर प्लांट के प्रदर्शन की लगातार निगरानी और उसका मूल्यांकन किया जाएगा. इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा सोलर प्लांट अपनी निर्धारित क्षमता के अनुसार बिजली पैदा कर रहा है और कहां तकनीकी खराबी या उत्पादन में कमी आ रही है. सोलर परियोजनाओं के रखरखाव और प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी भी एक ही डिजिटल सिस्टम में उपलब्ध रहेगी. इससे खराबी की पहचान और उसके समाधान में तेजी आने की उम्मीद है. साथ ही राज्य में चल रही सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रबंधन को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा.  

बिहार के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश के आसार

 पटना बिहार में कल यानी 6 सितंबर 2026 को मौसम कई इलाकों में बदला हुआ रह सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधि देखने को मिल सकती है. कुछ जिलों में तेज हवा के साथ मौसम खराब होने की संभावना है. उत्तर और उत्तर-पूर्व के कई जिलों को ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कई जिलों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है. इन सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट कल उत्तर-पूर्वी बिहार के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं. इन जिलों में मौसम खराब होने के साथ गरज-चमक और तेज बारिश हो सकती हैं. बारिश और आंधी-तूफान के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है. खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को भी विशेष रूप से मौसम पर नजर रखने की जरूरत है. येलो अलर्ट भी कई जिलों में जारी येलो अलर्ट वाले जिलों की संख्या अधिक है. इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं. इन जिलों में भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. बक्सर, भोजपुर, पटना, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, गया, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में कोई चेतावनी नहीं दी गई है. पिछले 24 घंटे के दौरान कैसा रहा मौसम मौसम विभाग के 5 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश सामान्य रही. राज्य में अब तक 524.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य बारिश 812.2 मिमी होनी चाहिए थी. इस तरह बारिश में 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. 4 सितंबर को कैमूर के भभुआ में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. 5 सितंबर को पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा. पिछले 24 घंटे में सीवान के नौतन में 80.8 मिमी बारिश सबसे अधिक दर्ज की गई. इसके बाद सीवान के गोरियाकोठी में 80.2 मिमी और सीवान के भगवानपुर हाट में 78.6 मिमी बारिश दर्ज हुई.

कॉपियों के बंडल में छिपाकर ले जा रहे थे शराब, मुजफ्फरपुर में ऑटो चालक गिरफ्तार

 मुजफ्फरपुर शराब की तस्करी करने को लेकर धंधेबाज नए-नए आइडिया अपना रहे हैं। धंधेबाजों ने किताब-कापी को भी नहीं छोड़ा है। उत्पाद विभाग की कार्रवाई में पहली बार चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, अहियापुर के भिखनपुर से उत्पाद विभाग की टीम ने एक आटो को पकड़ा। इसकी तलाशी लेने पर कापियों का बंडल मिला। जब इसे खोला गया तो पाया कि कापियों को काटकर इसके बीच में शराब की बोतलों को छिपाया गया है। गिनती करने पर यह 360 बोतल पाई गई। उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने बताया कि कांटी के आटो चालक सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। उसके विरुद्ध अभियाेग दर्ज कर जेल भेजने की कवायद की जा रही है। सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा उन्होंने बताया कि ऑटो से शराब की आपूर्ति करने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर एएसआई राजा जन्मेजय के साथ छापेमारी की गई। ऑटो को रोककर तलाशी लेने पर शराब मिली। जब्त शराब की बोतलों पर उत्तर प्रदेश निर्मित लिखा है। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह नकली प्रतीत हो रहा है। इसलिए इसका सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि बोरियों के बंडल में कापियां रखी गई थी। इसे इस प्रकार की पैकिंग किया गया था कि बाहर से देखने पर संदेह नहीं हो रहा था, लेकिन सटीक सूचना के आधार पर बोरियों के बंडल को खोला गया तो कापियों से 180 एमएस वाली प्लास्टिक की शराब की बोतल मिली।

गंगा उफान पर, बिहार के 11 जिलों में 10 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित; मंत्री संभालेंगे मोर्चा

पटना बिहार में भारी बारिश और प्रमुख नदियों में उफान के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की निगरानी का काम सौंपा है। उनके साथ प्रभारी सचिवों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बक्सर से पटना, समस्तीपुर और भागलपुर तक कई इलाके जलमग्न हैं। पटना में बाढ़ के चलते अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। सीएम सम्राट लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाके के हवाई सर्वे पर निकले हैं। शनिवार को वह भागलपुर में बाढ़ से राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। बिहार सरकार की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की सघन निगरानी का काम प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को सौंपा है। जिन 13 जिलों के लिए निर्देश जारी हुए हैं, उनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव संबंधित जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और जमीन पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करेंगे। पटना में बाढ़ से हाई अलर्ट सीएम सम्राट ने पटना के शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर की विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं। पटना में तटबंध और आसपास के क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। गंगा नदी का जलस्तर पटना में गांधी घाट के पास गंगा नदी खतरे के निशान ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज साइट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 1.93 मीटर ऊपर है। नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है। अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की चेतावनी दी है। बिहार बाढ़ की स्थिति बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने ली। वह शनिवार को फिर पटना में सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। अधिकारियों को तटबंधों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए। बिहार बाढ़ से 10 लाख आबादी प्रभावित- सरकार आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को कहा कि बिहार के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में 10.28 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इन जिलों में बाढ़ की निगरानी करेंगे प्रभारी मंत्री-     बक्सर – नंद किशोर राम     भोजपुर – अरुण शंकर प्रसाद     पटना – विजय चौधरी     सारण – बिजेंद्र प्रसाद यादव     वैशाली – निशांत कुमार     बेगूसराय – रामकृपाल यादव     समस्तीपुर – दामोदर रावत     लखीसराय – सुनील कुमार     खगड़िया – मदन सहनी     मुंगेर – संजय पासवान     भागलपुर – नीतीश मिश्रा     कटिहार – प्रमोद चंद्रवंशी

JPSC घोटाले में एल खियांग्ते को राहत नहीं, कोर्ट ने जमानत से किया इनकार

रांची जेपीएससी नियुक्ति घोटाला मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को राहत नहीं मिली है। सीआईडी कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पूर्व, 3 सितंबर को दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने तर्क प्रस्तुत किया कि उनके मुवक्किल के विरुद्ध कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है। दोषी ठहराए जाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी द्वारा की गई छापेमारी में भी ऐसा कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या साक्ष्य नहीं मिला जो उन्हें दोषी ठहराए, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, सीआईडी की जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि एक ब्लैकलिस्टेड निजी कंपनी (टीडीपीएल) को परीक्षा आयोजित करने का काम दिलाने और इसके एवज में भारी कमीशन लेने में उनकी मुख्य भूमिका रही है। पूछताछ के दौरान साक्ष्य नष्ट करने की कोशिशों की बात सामने आने पर सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

पटना में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट, 13 जिलों की निगरानी के लिए मंत्रियों और सचिवों की तैनाती

 पटना बिहार में भारी बारिश और प्रमुख नदियों में उफान के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की निगरानी का काम सौंपा है। उनके साथ प्रभारी सचिवों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बक्सर से पटना, समस्तीपुर और भागलपुर तक कई इलाके जलमग्न हैं। पटना में बाढ़ के चलते अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। सीएम सम्राट लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाके के हवाई सर्वे पर निकले हैं। शनिवार को वह भागलपुर में बाढ़ से राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। बिहार सरकार की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की सघन निगरानी का काम प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को सौंपा है। जिन 13 जिलों के लिए निर्देश जारी हुए हैं, उनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव संबंधित जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और जमीन पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करेंगे। पटना में बाढ़ से हाई अलर्ट सीएम सम्राट ने पटना के शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर की विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं। पटना में तटबंध और आसपास के क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। गंगा नदी का जलस्तर पटना में गांधी घाट के पास गंगा नदी खतरे के निशान ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज साइट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 1.93 मीटर ऊपर है। नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है। अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की चेतावनी दी है। बिहार बाढ़ की स्थिति बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने ली। वह शनिवार को फिर पटना में सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। अधिकारियों को तटबंधों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए। बिहार बाढ़ से 10 लाख आबादी प्रभावित- सरकार आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को कहा कि बिहार के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में 10.28 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इन जिलों में बाढ़ की निगरानी करेंगे प्रभारी मंत्री-     बक्सर – नंद किशोर राम     भोजपुर – अरुण शंकर प्रसाद     पटना – विजय चौधरी     सारण – बिजेंद्र प्रसाद यादव     वैशाली – निशांत कुमार     बेगूसराय – रामकृपाल यादव     समस्तीपुर – दामोदर रावत     लखीसराय – सुनील कुमार     खगड़िया – मदन सहनी     मुंगेर – संजय पासवान     भागलपुर – नीतीश मिश्रा     कटिहार – प्रमोद चंद्रवंशी

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में AI की एंट्री, शिक्षक दिवस पर हेमंत सोरेन ने बताया भविष्य का रोडमैप

रांची शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा के तरीके में भी बदलाव जरूरी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत नई तकनीक विद्यार्थियों को उनकी जरूरत के मुताबिक बेहतर शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार दिया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर सरकार का फोकस हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर मौजूद कमियों को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी सुधार लाकर विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। AI से बदलेगा पढ़ाने का तरीका मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में AI और आधुनिक तकनीक शिक्षण प्रक्रिया को ज्यादा सहज और प्रभावी बना सकती है। तकनीक के इस्तेमाल से विद्यार्थियों की जरूरत और क्षमता के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक शिक्षा के साथ मूल्यों से जुड़ाव जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है। नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उसे अपने मूल्यों, संस्कृति और जड़ों से जोड़े रखना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि समाज और नई पीढ़ी के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

झारखंड के 4 बड़े NH होंगे NHAI के हवाले, केंद्र ने ट्रैफिक के आधार पर लिया फैसला

 रांची  झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर अब व्यवस्था बदलने वाली है। राज्य के जिन हाईवे पर ज्यादा ट्रैफिक रहता है, उनके रखरखाव और निर्माण कार्य राज्य सरकार से हटाकर केंद्र की एजेंसी एनएचएआई को दी जाएगी। इन सड़कों का निर्माण, रखरखाव और विस्तार एनएचएआई की निगरानी में होगा। केंद्र के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों की ट्रैफिक के आधार पर समीक्षा की। 10 हजार से ज्यादा वाहन गुजरने वाले एनएच को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसी समीक्षा के बाद मंत्रालय ने 21 अगस्त को राज्य के मुख्य सचिव और एनएचएआई चेयरमैन को पत्र भेजकर नई व्यवस्था की जानकारी दी। पहले चरण में चार एनएच को एनएचएआई के को देने का फैसला हुआ है। इनमें एनएच-139, एनएच-522 और एनएच-114A को तुरंत एनएचएआइ को सौंपा जाएगा, क्योंकि इन मार्गों पर फिलहाल कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। एनएच-20 का एक हिस्सा राज्य के पास रहेगा। इसके 116 से 176 किलोमीटर के बीच चल रहे काम को पूरा कराया जाएगा और उसके बाद इस हिस्से की जिम्मेदारी भी एनएचएआई को दे दी जाएगी। हालांकि, सभी सड़कों की जिम्मेदारी अभी नहीं बदली है। एनएच-220 को फिलहाल झारखंड के पथ निर्माण विभाग के पास ही रखा गया है। वहीं, एनएच-419 के 49 से 65 किलोमीटर और एनएच-133 के 93 से 131 किलोमीटर वाले हिस्सों पर काम धनबाद स्थित सड़क परिवहन मंत्रालय के परियोजना कार्यान्वयन इकाई के जरिए जारी रहेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि केंद्र की नजर अब पूरे झारखंड के एनएच नेटवर्क पर है। मंत्रालय इस विकल्प पर भी विचार कर रहा है कि राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य सरकार की व्यवस्था से हटाकर सड़क परिवहन मंत्रालय के परियोजना कार्यान्वयन इकाई के जरिए संचालित किया जाए।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: इंजीनियरिंग-पॉलीटेक्निक का रिजल्ट 24 घंटे में, मैट्रिक परिणाम 7 दिन में

पटना बिहार में मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है। राज्य के करीब सात लाख से अधिक शिक्षकों के प्रशिक्षण और गुणवत्ता में सुधार के लिए एक अलग से विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी ये घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मंत्री शीला कुमारी मौजूद रहीं। 24 घंटे में इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक का रिजल्ट मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में लेटलतीफी पर चिंता जताते हुए कहा कि इंजीनियरिंग व पाॅलिटेक्निक का परिणाम 24 घंटे में जारी करने की व्यवस्था खड़ी की जाएगी। यदि किसी छात्र के अंक कम आते हैं, तो उसके लिए 15 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देकर तुरंत परिणाम पाने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। परीक्षा सुधार को लेकर पटना उच्च न्यायालय के एक 'सिटिंग जज' की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से आग्रह किया कि कॉपियों के मूल्यांकन को पूरी तरह से विकेंद्रीकृत कर सेंटर वाइज रिजल्ट जारी करने की दिशा में काम किया जाए नए विश्वविद्यालय में शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य में लगभग सात लाख से अधिक शिक्षक हैं। इनकी गुणवत्ता और सहूलियत के लिए सरकार एक नया विश्वविद्यालय बनाएगी, जो विशेष रूप से शिक्षकों के प्रशिक्षण का काम करेगा। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति को भी बेहद आसान बनाया गया है। अब महिला शिक्षक यदि अपनी वर्तमान पोस्टिंग से हटना चाहती हैं, तो उन्हें बगल की पंचायत में पोस्टिंग दी जाएगी। वहीं, पुरुष शिक्षक भी अपने पंचायत या प्रखंड के बगल में तबादला ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लाखों बच्चे कोटा जाकर तैयारी कर रहे हैं या एमिटी और लवली जैसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में बाहर जाकर पढ़ रहे हैं। इस पलायन को रोकने के लिए सरकार ने बिहार में ही प्राइवेट विश्वविद्यालयों को खोलने का रास्ता साफ कर दिया है। अभी चार प्राइवेट यूनिवर्सिटी को खोलने की अनुमति दी गई है। मदरसा और वित्त रहित शिक्षकों को मिला आश्वासन मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों का लंबित वेतन इसी सितंबर में भुगतान कर दिया जाएगा। वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संस्था के आंतरिक स्रोत और सरकारी अनुदान को मिलाकर उनके लिए एक नया वेतनमान तय करने की व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य में बीपीएससी के माध्यम से 33 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया जारी है। सरकार परीक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए गूगल, माइक्रोसाफ्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों का सहयोग लेने से भी पीछे नहीं हटेगी।