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झारखंड निकाय चुनाव 2026 के चुनाव में बीजेपी को बढ़त

रांची. झारखंड में नगर निकाय चुनावों के नतीजे (Jharkhand Nikay Chunav result 2026 winner and loser list) अब सामने आ गए हैं। नगर निकाय चुनावों में बीजेपी को काफी बढ़त दिखाई दे रही है। वहीं, जेएमएम समर्थित उम्मीदवारों ने देवघर और गिरिडीह जैसे महत्वपूर्ण महापौर पदों पर सेंध लगाने में सफलता हासिल की है। बता दें कि राज्य में कुल 48 नगर निकायों के लिए 23 फरवरी तो मतदान हुआ था। कुल 62 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया था। धनबाद नगर निगम (Dhanbad Nagar Nigam Result) को छोड़कर बाकी सभी जगह के नतीजे सामने आ गए हैं। नगर निगम / पंचायत     कौन जीता      कौन हारा मेदिनीनगर नगर निगम      अरुणा शंकर      नम्रता त्रिपाठी हजारीबाग नगर निगम      अरविंद राणा      मो. सरफराज गिरिडीह नगर निगम      प्रमिला मेहरा      डॉक्‍टर शैलेंद्र कुमार चौधरी देवघर नगर निगम      रवि कुमार रावत      रीता चौरसिया धनबाद नगर निगम      र‍िजल्‍ट आना बाकी       र‍िजल्‍ट आना बाकी चास नगर निगम     भोलू पासवान      अविनाश कुमार रांची नगर निगम      रोशनी खलखो      रमा खलखो आदित्यपुर नगर निगम      संजय सरदार      भुगलू सोरेन मानगो नगर निगम      सुधा गुप्‍ता      संध्‍या स‍िंंह गढ़वा नगर परिषद      आशीष कुमार सोनी      संतोष कुमार केशरी विश्रामपुर नगर परिषद      गीता देवी      चंद्रावती देवी चतरा नगर परिषद      अताउर रहमान      अमन कुमार झुमरीतिलैया नगर परिषद      रमेश हर्षधर       राजेंद्र कुमार मधुपुर नगर परिषद      दरक्शां परवीन       मीति कुमारी गोड्डा नगर परिषद      सुशील रमानी      कामरान अशरफी साहेबगंज नगर परिषद     रामनाथ पासवान     कपिल देव दास पाकुड़ नगर परिषद     शबरी पाल     शेख सेलिना सुल्ताना दुमका नगर परिषद      अभिषेक चौरसिया      अजय कुमार झा मिहिजाम नगर परिषद      जयश्री देवी      कविता देवी चिरकुण्डा नगर परिषद      सुनीती देवी      शुक्ला राय फुसरो नगर परिषद      निर्मला देवी      ममता देवी रामगढ़ नगर परिषद (वर्ग-क)      कुसुमलता कुमारी       प्रिया करमाली लोहरदगा नगर परिषद     अनिल उरांव     पावन एक्का गुमला नगर परिषद     शकुंतला उरांव     टोप्पो सिमडेगा नगर परिषद      ओल‍िवर लकड़ा       चक्रधरपुर नगर परिषद      सन्नी उरांव      विजय सिंह चाईबासा नगर परिषद      नितिन प्रकाश      रमेश खिरवार कपाली नगर परिषद       परवेज आलम      सरवर आलम जुगसलाई नगर परिषद      नौशीन खान      रिंकू सिंह श्री वंशीधरनगर नगर पंचायत      साधना देवी       लता देवी  मझिआंव नगर पंचायत      सुमित्रा देवी        मारुतनंदन सोनी हुसैनाबाद नगर पंचायत     अजय भारती     शशि कुमार हरिहरगंज नगर पंचायत     कुमारी शीला चौधरी     आशा कुमारी छत्तरपुर नगर पंचायत     अरविंद कुमार गुप्ता     मोहन कुमार  लातेहार नगर पंचायत     महेश सिंह     बिलासी टोपनो कोडरमा नगर पंचायत     साजिद हुसैन लल्लू     राजेश सिंह उर्फ राजू डोमचांच नगर पंचायत     उमेश वर्मा     पप्पू मेहता बड़कीसरैया नगर पंचायत      शोभा देवी      सुनीता देवी धनवार नगर पंचायत     विनय कुमार संथालिया     रोबिन कुमार महागामा नगर पंचायत      प्रबोध सोरेन      राकेश सोरेन राजमहल नगर पंचायत     केताबुद्दीन शेख     भावना गुप्ता बरहरवा नगर पंचायत     अर्पिता दास     बबीता कुमारी बासुकीनाथ नगर पंचायत      वीणा देवी      मधुमिता देवी जामताड़ा नगर पंचायत      आशा गुप्ता      रीना कुमारी बुण्डू नगर पंचायत     जितेंद्र उरांव     राजेश उरांव खूंटी नगर पंचायत     रानी टूटी     बोदरा  सरायकेला नगर पंचायत      मनोज कुमार चौधरी      राजा प्रताप आदित्य सिंह देव चाकुलिया नगर पंचायत     सोमवारी सोरेन     चंदना मुर्मू

धर्मांतरण रोकने के लिए कानून की मांग तेज, बिहार विधानसभा में 18 विधायकों का जोरदार उठान

पटना बिहार में 'धर्मांतरण' के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग उठी है। इस संबंध में बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के कई सदस्यों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया। मैथिली ठाकुर, मिथिलेश तिवारी, वीरेंद्र कुमार, जनक सिंह, संजय कुमार सिंह, जीवेश कुमार, तार किशोर प्रसाद और बैद्यनाथ प्रसाद समेत सत्ताधारी गठबंधन के 18 विधायकों ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने दूसरे राज्यों की तरह ही बिहार में 'धर्मांतरण' के खिलाफ कानून बनाने की मांग की। विधायकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों ने धर्म बदलने के खिलाफ कानून लागू किए हैं। इन कानूनों में धोखाधड़ी से धर्मांतरण, बाल विवाह या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के मामलों में एक से 10 वर्ष या कुछ मामलों में 20 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। सत्तापक्ष के विधायकों ने यह भी दावा किया कि बिहार के कुछ हिस्सों में डेमोग्राफी बदली है, जिसे देखते हुए कानूनी दखल की जरूरत है। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के हालात पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन हो रहा है। भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा, "उत्तर प्रदेश में सख्त कानून हैं और बिहार में भी ऐसा ही कानून बनना चाहिए। अकेले बक्सर में 1,000 दलित परिवारों ने धर्म परिवर्तन किया है। इसलिए, इस धर्मांतरण विरोधी कानून की जरूरत है। सरकार को इस पर सोचना चाहिए।" कुछ विधायकों ने बिहार में आबादी बढ़ने और चर्च बनने के आंकड़ों का हवाला दिया। इसके साथ ही आरोप लगाया कि लालच देकर धर्म परिवर्तन हो रहे हैं। कुछ सदस्यों ने धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण के फायदों पर भी सवाल उठाए और अपनी दलीलों में संवैधानिक नियमों का जिक्र किया। पर्यटन और कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने विधानसभा में जवाब दिया कि बिहार सरकार के पास अभी धर्म परिवर्तन से जुड़ा कानून लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्री ने सदन में कहा, "इस समय इससे जुड़ा कोई कानून बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।" वहीं, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है और जरूरत पड़ने पर सरकार मामले की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आगे कोई चर्चा नहीं होगी।

राजनीतिक विवाद: RJD ने उठाया सीएम घेरने वालों की संपत्ति पर सवाल

पटना राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विधान पार्षद सुनील सिंह ने विधानमंडल सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को सबसे भ्रष्ट पार्टी करार देते हुए आरोप लगाया कि सीएम के आस-पास रहने वाले तीन-चार लोगों के पास छोटे राज्यों के बजट से अधिक संपत्ति है। उन्होंने जेडीयू पर कंपनियों से करोड़ों रुपया का चंदा लेकर उन्हें बेजा फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। राजनीतिक दलों को चंदा पर यह बवाल विधान परिषद में जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार के उस आरोप के बाद शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजद ने शराब कंपनियों से चंदा लिया है। सदन के अंदर भी सुनील सिंह और नीरज कुमार में इस मसले पर नोंक-झोंक हुई थी। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के सदन में दिए बयान पर राजद एमएलसी सुनील सिंह ने शुक्रवार को विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत में जेडीयू के चंदों के कथित दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि जदयू ने कई वर्षों तक किंग महेंद्र (दिवंगत राज्यसभा सांसद महेंद्र प्रसाद) से हर महीने 99 लाख रुपये चंदा लिया और कुल 146 करोड़ का डोनेशन हासिल किया। सुनील सिंह ने पूछा कि जेडीयू को लोगों ने अपनी औकात से ज्यादा चंदा कैसे दिए, जिस कंपनी का टर्नओवर 27 करोड़ था, उसने 24 करोड़ का चंदा ही कैसे दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह तो बैंक खाता में है, इससे कई गुना ज्यादा पैसा इनलोगों ने कच्चा (काला धन) में लिया है। सुनील सिंह ने कहा कि समाजवादी चोला ओढ़कर ईमानदार बन रही पार्टी को यह बताना चाहिए। सुनील ने आरोप लगाया कि बिजली के स्मार्ट मीटर में यूनिट उठता है 100, पैसा लेता है 200 का, वैसे लोगों से करोड़ों का चंदा लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिस आदमी की क्षमता नहीं है, उससे करोड़ों रुपया लिया गया है। सुनील सिंह ने एक कंपनी एटूबीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर का नाम लेकर कहा कि इसका सालाना टर्नओवर 27 करोड़ था और इसने 24 करोड़ चंदा जेडीयू को दे दिया। सुनील ने कहा कि वो सरकार से जानना चाहते हैं कि इतनी छोटी कंपनी ने जदयू को 24 करोड़ चंदा कैसे दे दिया। उन्होंने बताया कि जेडीयू ने खुद कबूल किया है कि 2020 से 2022 में 93 करोड़ रुपया चंदा वसूल किया, जिसमें सिर्फ 2 जगह से 39 करोड़ आया। सुनील ने कहा कि दवा कंपनी से 27 करोड़ चंदा लिया गया है और बिहार की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। शराब कंपनी से चंदा लेने के आरोप पर राजद का बचाव करते हुए सुनील सिंह ने कहा कि जो पार्टी 20 साल से विपक्ष की राजनीति कर रही हो, उसको कोई भी चंदा नहीं देता है। उन्होंने दावा किया कि राजद के पास जो भी चंदा है, वो बैंक खाते में है, सदस्यता का है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बिहार तबादला उद्योग चल रहा है। उन्होंने जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर के इसी तरह के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सीओ-बीडीओ से लेकर डीएम-एसपी तक बिना पैसा लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होता है, यह पूरा बिहार जानता है।

दलाल-मुंशी सिस्टम पर लगेगी रोक, भू-माफियाओं को नहीं मिलेगी राहत: विजय सिन्हा की दो टूक चेतावनी

पटना बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व प्रशासन की इकाइयों में दलालों एवं मुंशियों के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और भू-माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कारर्वाई के निर्देश जारी किए हैं।        विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी समाहर्ताओं को पत्र जारी कर स्पष्ट कहा है कि राजस्व प्रशासन में किसी भी प्रकार की बिचौलिया संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की‘समृद्धि यात्रा'तथा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद'कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न जिलों के भ्रमण में यह तथ्य सामने आया कि नगर क्षेत्रों में कार्य की अधिकता के नाम पर हल्का कर्मचारियों द्वारा अनौपचारिक रूप से ‘सहायक मुंशी' रखे गए हैं। पटना महानगर क्षेत्र में तो संपतचक में समानांतर कार्यालय संचालित होने की जानकारी भी सामने आई। प्रधान सचिव ने इसे प्रशासनिक निरीक्षण एवं नियंत्रण की कमी का संकेत बताते हुए कहा है कि राजस्व प्रशासन पर भू-माफियाओं द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध‘रूल ऑफ लॉ'के तहत सख्त न्यायिक एवं आपराधिक कारर्वाई की जाएगी। निर्देशानुसार सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा राशि आवंटित की जा चुकी है। उद्देश्य है कि कार्यालयों की कार्यप्रणाली पारदर्शी हो तथा दलालों का प्रवेश पूरी तरह निषिद्ध किया जा सके।

लाखों शिक्षकों की बल्ले-बल्ले! बिहार सरकार प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में

पटना बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने प्रमोशन को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाने का संकेत दिया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में घोषणा की कि चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान एमएलसी प्रो. संजय कुमार सिंह ने शिक्षकों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिलने का प्रश्न उठाया। इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग आवश्यक तैयारियां पूरी कर रहा है और वित्तीय वर्ष के समापन के बाद पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष (मार्च 2026) के समाप्त होते ही, यानी अप्रैल महीने से प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले से न केवल शिक्षकों के पदोन्नति होगी बल्कि उनके वेतन में भी अच्छी खासी वृद्धि होगी।

मौसम का यू-टर्न! झारखंड में बारिश ने बढ़ाई ठंड, दिनभर चलती रहीं तेज हवाएं

रांची झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बीते बुधवार को दिनभर तेज हवाओं का असर रहा, जबकि शाम होते ही तापमान में गिरावट देखने को मिली। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह को कुहासा रहेगा और दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 24 घंटों में राज्य में न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद 27 फरवरी से 2 मार्च तक तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा हुई। सबसे ज्यादा बारिश 9 मिमी पूर्वी सिंहभूम के गुराबंधा में दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस जगन्नाथपुर में रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 26.6 और न्यूनतम 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी में गर्मी का असर कम हुआ पिछले सोमवार को तेज हवाओं और बूंदाबांदी के बाद रांची का तापमान दो-तीन डिग्री तक गिर गया था। अब राजधानी में गर्मी का असर कम हुआ है और सुबह-शाम ठंडक महसूस हो रही है।  

शादी के दो दिन भी नहीं टिक पाया रिश्ता! सुहागरात के बाद दुल्हन ने दिखाए असली रंग, परिवार हैरान

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी जिले में एक नई नवेली दुल्हन ने सुहाग के महज दो दिन बाद ही अपने पति और ससुराल वालों को उस वक्त गहरा सदमा दिया, जब वह कॉलेज जाने का बहाना बनाकर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया, बल्कि क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। घटना के बाद से दूल्हा पक्ष सदमे में है और पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, संग्रामपुर थाना क्षेत्र के इन्द्रगछि गांव की लक्की कुमारी की शादी 20 फरवरी को तुरकौलिया थाना क्षेत्र के मझार गांव निवासी भानु शर्मा के साथ धूमधाम से हुई थी। 21 फरवरी को विदाई के बाद दुल्हन ससुराल पहुंची थी। अगले ही दिन, 22 फरवरी को दुल्हन ने एक सोची-समझी साजिश के तहत पति से कहा कि उसकी कॉलेज में परीक्षा है। पति उसे छोड़ने के लिए मोतीहारी स्थित कॉलेज लेकर पहुंचा। कॉलेज गेट पर पति को बाहर खड़ा कर वह अंदर गई, लेकिन वहां से वह वापस नहीं लौटी। आरोप है कि वह कॉलेज के अंदर से ही अपने मायके के एक युवक (प्रेमी) के साथ फरार हो गई। नकदी और जेवर लेकर हुई फरार ससुराल पक्ष का आरोप है कि जाते-जाते दुल्हन अपने साथ मायके से मिले उपहारों के अलावा ससुराल के सभी कीमती आभूषण और घर में रखे करीब एक लाख रुपये नकद भी ले उड़ी।  इस घटना के बाद दूल्हा पक्ष ने तुरकौलिया थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि दुल्हन की मां एक आंगनबाड़ी सेविका है और लक्की कुमारी शादी से पहले एक निजी स्कूल में पढ़ाती थी, जहां से उसके प्रेम संबंधों की शुरुआत होने की बात सामने आ रही है। पुलिस फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन में जुटी है। इस घटना ने आसपास के इलाकों में रिश्तों की मर्यादाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चंपई सोरेन के पोते का निधन, अंतिम यात्रा में पहुंचे CM हेमंत सोरेन; पूरे गांव में मातमी सन्नाटा

जमशेदपुर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन का गुरुवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनका अंतिम संस्कार जमशेदपुर के पास सरायकेला-खरसावां जिले के जिलंगगोड़ा गांव में हुआ। अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कई विधायक-सांसद, समर्थक और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए मनाली गए थे। जानकारी के अनुसार वे 22 फरवरी को मनाली पहुंचे थे और सिमसा के एक होम स्टे में ठहरे थे। 23 फरवरी को उन्होंने सोलंग और सेथन इलाके में घूमने गए थे। 24 फरवरी की दोपहर करीब 12:30 बजे वे घूमकर कमरे में लौटे और सिर में तेज दर्द की शिकायत की। दोस्तों ने ऑनलाइन दवा मंगाकर उन्हें दी, जिसके बाद वे आराम करने लगे। करीब 2:30 बजे कमरे से गिरने की आवाज आई। दोस्त अंदर पहुंचे तो देखा कि वीर सोरेन फर्श पर अचेत पड़े हैं। उन्हें तुरंत गाड़ी से मनाली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अस्पताल ले जाते समय उनके मुंह से झाग निकल रहा था। गांव पहुंचते ही माहौल हुआ गमगीन गुरुवार दोपहर जब वीर सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव जिलंगगोड़ा पहुंचा तो पूरा गांव शोक में डूब गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। सभी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अंतिम संस्कार से पहले चंपाई सोरेन के आवास पहुंचे और वीर सोरेन को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाया। सिंहभूम की सांसद जोबा माझी भी गांव पहुंचीं और वीर सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने चंपाई सोरेन से मुलाकात कर इस दुख की घड़ी में परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि यह क्षति न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए दुखद है।  

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का झारखंड आगमन, पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्य सरकार ने किया अभिनंदन

रांची  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को अपने निर्धारित दौरे पर झारखंड की राजधानी रांची पहुंचीं। उनका स्वागत बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर भव्य तरीके से किया गया। राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने भव्य जगन्नाथ मंदिर का किया शिलान्यास राष्ट्रपति के आगमन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रोटोकॉल के अनुसार पुलिस और विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए, ताकि कार्यक्रम सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। स्वागत समारोह के बाद राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर के जरिए जमशेदपुर के लिए रवाना हो गईं। राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उनके साथ थे। जमशेदपुर प्रशासन ने भी सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी कर ली थी। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुआ भूमि पूजन जमशेदपुर के कदमा मरीन ड्राइव पहुंचकर राष्ट्रपति ने भव्य जगन्नाथ मंदिर का शिलान्यास किया। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच विधि-विधान से भूमि पूजन संपन्न हुआ। यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनेगा।  

तीन दिन सीमांचल में अमित शाह, सियासी एजेंडे पर होगा मंथन

पटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय बिहार दौरे पर बुधवार शाम पहुंच चुके। पूर्णिया एयरपोर्ट पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी मंत्री लेशी सिंह और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उनका स्वागत किया। यहां से वह सड़क मार्ग से किशनगंज पहुंचे। यहां पर लैंड पोर्ट अथॉरिटी की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। किशनगंज में ही रात्रि विश्राम किया। आज यानी गुरुवार को गृह मंत्री अररिया में रहेंगे, जहां वह सुबह 11 बजे लेट्टी सीमा चौकी पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के जिला अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल सीमा से संबंधित मुद्दों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें सुरक्षा को लेकर बातचीत होगी। आज ही वह दूसरे चरण की वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे और फिर रात रुकने के लिए पूर्णिया लौटेंगे। शुक्रवार यानी 27 फरवरी को गृह मंत्री शाह पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक बार फिर अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। समीक्षा बैठकों के अंतिम दौर के समापन के बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। यह तो थी अमित शाह के कार्यक्रम की जानकारी आगे आपको बताते हैं अमित शाह के कार्यक्रम का एजेंडा क्या है? 'यह यात्रा मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को लेकर है' वरिष्ठ पत्रकार गिरिंद्र नाथ झा ने कहा कि गृह मंत्री की यह यात्रा मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को लेकर है। इसमें सिलिगुड़ी कॉरिडोर का मुद्दा प्रमुख है। दूसरी जो महत्वपूर्ण बात है वह यह कि केंद्र सरकार वाइब्रेंट विलेज के कार्यक्रम पर भी काम कर रही है। गृह मंत्री का इस कार्यक्रम पर काफी फोकस है। अररिया में वह वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इसके साथ ही वह सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा उपायों, प्रशासनिक तैयारियों और चल रही विकास पहलों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान वे भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। 'बंगाल के कुछ प्रमुख नेता मुलाकात करने आएंगे' गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे का बंगाल चुनाव से जोड़कर देखा जाए या नहीं? इस सवाल पर वरिष्ठ पत्रकार गिरिंद्र नाथ झा ने कहा कि बंगाल चुनाव से इसे नहीं जोड़ना उचित नहीं होगा। अगर बंगाल चुनाव मुद्दा रहता तो वह बंगाल में ही प्रवास करते हैं। वह सीमा सुरक्षा पर बातचीत करने आए हैं। हां, सीमावर्ती जिले जैसे उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर या अन्य जिलों के कुछ नेता गृह मंत्री से मुलाकात करने जरूर आएंगे। 'सीमांचल दौरे के दो मायने निकाले जा रहे' वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी कहते हैं कि अमित शाह के सीमांचल दौरे के दो मायने निकाले जा रहे हैं। पहला यह कि भारत सरकार सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। गृह मंत्री शाह ने हाल के वर्षों में कई बार सीमांचल का दौरा किया है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह कई बार घुसपैठियों का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप भी लगाया था कि क्षेत्र में अवैध प्रवासियों के माध्यम से वोट बैंक बनाने के प्रयास चल रहे हैं। सभी अवैध गतिविधियों को पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही थी। 'इन चीजों पर भी मंथन करेंगे अमित शाह' वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि दूसरी बात यह है कि सीमांचल के जिलों की सीमा पश्चिम बंगाल से सटती है। इस सीमवर्ती गांवों में सैकड़ों ऐसे लोग हैं जिनका संबंध बंगाल से भी है। उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर के विधानसभा सीटों पर भाजपा फोकस कर रही है। किशनगंज और पूर्णिया में रात्रि विश्राम के दौरान वह सीमावर्ती जिलों के कुछ प्रमुख नेताओं से मिलकर रणनीति बना सकते हैं। इसके अलावा घुसपैठियों का मुद्दा भी है। यह कॉमन मुद्दा है जो कि सीमांचल और बंगाल में दोनों जगहों पर है। इसके अलावा बार्डर पर सुरक्षा को कैसे मजबूत किया जाए? इन चीजों पर भी मंथन करेंगे। गृह मंत्री के दौरे पर भाजपा ने क्या कहा? भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से हमलोग गृह मंत्री का स्वागत करते हैं। गृह मंत्री का घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रूख है। वह घुसपैठियों को हर हाल में देश के बाहर करना चाहते हैं। आतंकवाद और आतंरिक सुरक्षा पर भी उनका काफी फोकस है। तीन दिवसीय दौरे पर वह इन्हीं मुद्दों पर फोकस करेंगे। तेजस्वी यादव गृह के सीमांचल दौरे पर क्या बोले? तेजस्वी यादव ने गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही राजनीतिक कवायद है। उन्होंने कहा कि घुसपैठ कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है और इससे पहले भी झारखंड व बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान इस मुद्दे को उठाया गया था। अब बंगाल चुनाव में इस मुद्दे को उठाकर जनता को भटकाने की कोशिश की जा रही है।