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राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छोड़ी एमएलसी की सदस्यता

बिहार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद सदस्य यानी एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया है. नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं और नियमानुसार एमएलसी पद छोड़ना जरूरी है. सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया सुबह सवा 10 बजे इसकी आधिकारिक पुष्टि हो गई है. उनके इस इस्तीफे को लेकर सुबह से गहमा-गहमी का माहौल बना हुआ था. पहले JDU की ओर से कहा गया था कि उनका इस्तीफा हमारे पास है. बाद में JDU नेता इस्तीफा लेकर सभापति के पास पहुंचे. उन्होंने कहा- सभापति आएंगे तो इस्तीफा उन्हें सौंपा जाएगा. सामने आया है कि नीतीश के इस्तीफ़े वाला लेटर लेकर एमएलसी संजय गांधी विधान परिषद पहुंचे थे और विधान परिषद में इस्तीफे का पत्र दिया. जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि, जेडीयू एमएलसी संजय गांधी इस्तीफे का पत्र लेकर परिषद पहुंचे हैं. उन्होंने मीडिया के सामने इस्तीफे वाला लेटर भी दिखाया था. नीतीश कुमार आगे आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा देंगे. हालांकि नियम के तहत वह अभी छह महीने सीएम रह सकते हैं. क्यों बना हुआ है सस्पेंस? असल में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने पर सस्पेंस बना हुआ है. राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के बाद नियम के मुताबिक उन्हें परिषद की सदस्यता छोड़नी होती है. एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद भी नीतीश कुमार छह महीने तक मुख्यमंत्री रह सकते है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी तक बिहार विधान परिषद के सदस्य थे. वह हाल ही में राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हो चुके हैं. ऐसे में नीतीश कुमार को नियमानुसार एमएलसी पद से इस्तीफा देना अनिवार्य था. वह राज्यसभा की सदस्यता को अपने पास रखेंगे. मुख्यमंत्री पद कब छोड़ेंगे यह सवाल बना हुआ है. बता दें कि सीएम नीतीश कुमार का एमएलसी पद से इस्तीफा देने की बात से रविवार शाम से ही बिहार की राजनीति में चर्चाएं होने लगी थीं. उनसे मिलने जेडीयू के कई नेता मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री विजेंद्र यादव मंत्री, अशोक चौधरी सीएम हाउस पहुंचे थे.

बिहार में सियासी हलचल तेज: Nitish Kumar 30 मार्च को MLC पद छोड़ेंगे, 13 अप्रैल के बाद CM कुर्सी पर संकट

पटना बिहार में राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 अप्रैल को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 13 अप्रैल के बाद वे कभी भी मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। नीतीश कुमार, जो अभी बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं, ने 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में पहले ही जीत हासिल की। नियमों के अनुसार, नीतीश कुमार को संसद के लिए चुने जाने के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल से इस्तीफा देना होता है। इस स्थिति में राज्य विधानसभा या विधान परिषद सदस्य न होने की स्थिति में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा देना होगा। राज्यसभा की सदस्यता को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के 5 चरणों के दौरान इस मामले पर एक भी शब्द नहीं कहा। यह यात्रा 26 मार्च को पटना में समाप्त हुई थी। समृद्धि यात्रा के दौरान, बिहार के मुख्यमंत्री ने 32 जिलों में 32 जनसभाओं को संबोधित किया, लेकिन कहीं भी राज्यसभा जाने या मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का जिक्र नहीं किया था। हालांकि, हाल में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में उन्होंने नामांकन दाखिल किया और पहली बार उच्च सदन के सदस्य के रूप में चुने गए। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 30 अप्रैल को इस्तीफा देने की सूचना है। इसके बाद वे अपनी राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।" नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे की चर्चाओं पर बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "उनका सदन से जाना पूरे बिहार के लिए अखरेगा। समय और परिस्थितियों के साथ यह उनका (नीतीश कुमार) का निर्णय है। हम लोग नहीं चाहते हैं कि वे दिल्ली जाएं, लेकिन राजनीति में परिस्थितियों के अनुसार उन्होंने अपना फैसला लिया है। सदन का सदस्य रहना या नहीं रहना यह कोई बात नहीं, बल्कि वह व्यक्ति राज्य के लिए कितना इफेक्टिव है, यह मायने रखता है।"

अब गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन के लिए दिल्ली मुंबई जाने की जरूरत नहीं बिहार बनेगा मेडिकल हब

पटना  बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अब एक डिजिटल और तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते प्रभाव ने गंभीर बीमारियों के उपचार को न केवल सुलभ, बल्कि अधिक सटीक और सुरक्षित बना दिया है। पटना में आयोजित दो दिवसीय IASG CON-2026 मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने साझा किया कि कैसे इन तकनीकों ने कैंसर और लिवर जैसी जटिल बीमारियों के सक्सेस रेट को बढ़ा दिया है। ​ बड़े शहरों पर निर्भरता हुई कम ​IGIMS के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में यह बात उभरकर आई कि आधुनिक सुविधाओं के कारण अब बिहार के मरीजों का दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन कम हो रहा है। एआई-आधारित सिस्टम अब शुरुआती चरण में ही बीमारियों की पहचान करने में सक्षम हैं, जिससे इलाज का समय पर शुरू होना संभव हो पा रहा है। ​ रोबोटिक सर्जरी: कम चीरा, जल्द रिकवरी ​अमेरिका से आए प्रसिद्ध रोबोटिक सर्जन डॉ. थैबम थंबी पिल्लै ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए बताया कि रोबोटिक तकनीक से सर्जन सूक्ष्म स्तर पर जाकर ऑपरेशन कर सकते हैं। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:     ​न्यूनतम चीरा: ऑपरेशन के दौरान स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है।     ​कम रक्तस्राव: पारंपरिक सर्जरी की तुलना में खून का रिसाव बहुत कम होता है।     ​संक्रमण का अभाव: छोटे घाव होने के कारण इंफेक्शन का खतरा न्यूनतम हो जाता है।     ​त्वरित रिकवरी: मरीज को कम दर्द होता है और वह बहुत जल्द अपने सामान्य जीवन में लौट आता है। ​मानवीय त्रुटियों में कमी और सटीक निर्णय ​IASG के अध्यक्ष डॉ. टी.डी. यादव और सचिव डॉ. सुजय पॉल ने स्पष्ट किया कि एआई तकनीक सर्जरी के दौरान रियल-टाइम डेटा प्रदान करती है, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाती है। विशेष रूप से पैंक्रियाज और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ऑपरेशन में, जहां पहले बड़े चीरे लगाने पड़ते थे, अब रोबोटिक आर्म्स की मदद से जटिल प्रक्रियाएं भी सरलता से पूरी की जा रही हैं। ​ आत्मनिर्भर बिहार की ओर कदम ​सम्मेलन में आयोजित 21 वैज्ञानिक सत्रों ने स्थानीय डॉक्टरों को वैश्विक मानकों से रूबरू कराया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एआई और रोबोटिक्स का दायरा और बढ़ेगा, जिससे बिहार चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा। यह बदलाव न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ा रहा है, बल्कि बिहार को एक मेडिकल हब के रूप में भी स्थापित कर रहा है।

बीजेपी ने तीसरी बार शैलेंद्र सिंह पर जताया भरोसा सरायकेला खरसावां के संगठन को मिलेगी मजबूती

सरायकेला सरायकेला खरसावां जिला के वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेंद्र कुमार सिंह को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने तीसरी बार पार्टी का प्रदेश मंत्री मनोनीत किया है. मनोनयन के बाद प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेवारी दी है, उस पर खरा उतरेंगे. संगठन की मजबूती के लिए पहले ही की तरह काम करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी के नीति सिद्धांतों के साथ साथ केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाएंगे. पार्टी के जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान समेत अन्य नेताओं ने उन्हें नई जिम्मेवारी के लिए बधाई दी है. 1992 से पार्टी में सक्रिय हैं शैलेन्द्र सिंह प्रदेश मंत्री शैलेंद्र कुमार सिंह ने स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वर्ष 1992 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. इसके बाद से ही वे पार्टी में सक्रिय है. भाजपा नेता शैलेंद्र सिंह को तीसरी बार बीजेपी के मंत्री बनाया गया है. दो बार रह चुके हैं प्रदेश मंत्री शैलेंद्र कुमार सिंह पूर्व में दो बार प्रदेश मंत्री और एक टर्म सरायकेला खरसावां जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. वर्ष 2007 से 2010 तक बीजेपी के सरायकेला खरसावां जिला अध्यक्ष थे. इसके बाद वर्ष 2010 से 2013 तक तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी के टीम में प्रदेश मंत्री का कार्य सफलता पूर्वक किया. इसके बाद वर्ष 2013 से 2015 तक तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ रविंद्र राय के कार्यकाल में दूसरी बार प्रदेश सचिव बने थे. 1993 में पहली बार बने थे वार्ड अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह वर्ष 1993 आदित्यपुर वार्ड संख्या 17 का वार्ड अध्यक्ष बने थे. 2000 में तत्कालीन जिलाध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव की टीम में जिला महामंत्री बने थे. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा के गुड फेथ में हैं. अच्छे संगठक और रणनीतिकार माने जाते हैं.

खराब मौसम और गीले मैदान ने रोकी चांडिल प्रखंड के अभ्यर्थियों की राह बदली गई भर्ती की तारीख

सरायकेला झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में बारिश के चलते होमगार्ड बहाली की प्रक्रिया पर असर पड़ा है. गीले मैदान और खराब मौसम के कारण निर्धारित तिथि पर होने वाली दौड़ को रद्द कर दिया गया है. अब अभ्यर्थियों के लिए यह दौड़ 8 अप्रैल को आयोजित की जाएगी, जिसमें वे शामिल होकर अपना प्रदर्शन करेंगे. कब होने वाली थी प्रक्रिया सरायकेला के बिरसा स्टेडियम में 28 मार्च 2026 (शनिवार) को होने वाली होमगार्ड बहाली प्रक्रिया बारिश के कारण प्रभावित हो गई. देर रात हुई भारी बारिश से मैदान पूरी तरह गीला हो गया, जिसके चलते अभ्यर्थियों की दौड़ कराना संभव नहीं हो सका. चांडिल प्रखंड के अभ्यर्थी नहीं दे सके दौड़ जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि चांडिल प्रखंड के युवाओं की शारीरिक परीक्षा के तहत दौड़ आयोजित होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे स्थगित करना पड़ा. अब 8 अप्रैल को होगी दौड़ अधिकारियों ने बताया है कि अब यह दौड़ 8 अप्रैल को आयोजित की जाएगी. इस दिन सभी अभ्यर्थी बहाली प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे और निर्धारित नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. अभ्यर्थियों के लिए बेहतर इंतजाम था भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया. उनके लिए पेयजल, शौचालय, पंडाल सहित सभी जरूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी. मौसम का ध्यान में रखते हुए छाया और बैठने की जगह भी थी जिससे किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा न हो.

तीन महीने बाद गंगा की लहरों पर लौटा रो-पैक्स क्रूज अब 250 रुपये में उठाएं सफर का लुत्फ

पटना शहर के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक शानदार खबर है। गंगा नदी की गोद में सुकून के पल बिताने का इंतजार अब खत्म हो गया है। तकनीकी मरम्मत और रखरखाव के कारण पिछले तीन महीनों से बंद पड़ा रो-पैक्स क्रूज आज से एक बार फिर अपनी यात्रा शुरू करने जा रहा है। दीघा के जनार्दन घाट से शुरू होने वाली यह सेवा नए उत्साह और कुछ बदलावों के साथ पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। ​ किराये में कटौती, समय में थोड़ा बदलाव ​पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस बार प्रबंधन ने किराये में राहत दी है। अब प्रति व्यक्ति सफर के लिए आपको 300 रुपये के बजाय केवल 250 रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, सैर की अवधि को 45 मिनट से घटाकर 40 मिनट कर दिया गया है। यह निर्णय पर्यटकों की भारी भीड़ और परिचालन की सुगमता को देखते हुए लिया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा का आनंद ले सकें। ​ विस्तार की योजना: अब गांधी घाट तक होगा सफर ​वर्तमान में यह क्रूज दीघा के जनार्दन घाट के आसपास ही संचालित होता है, लेकिन जल्द ही इसकी सीमाओं को बढ़ाने की तैयारी है। संचालक टीम इसे गांधी घाट तक ले जाने की योजना बना रही है, जिससे सैलानी गंगा में लगभग 15 किलोमीटर की लंबी सैर कर सकेंगे। इसके लिए अप्रैल माह में पर्यटन निगम और जिला प्रशासन को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। ​ गंगा की लहरों पर मनाएं खुशियों का जश्न ​यह क्रूज केवल सैर-सपाटे तक सीमित नहीं है। इसमें निजी कार्यक्रमों जैसे बर्थडे पार्टी, शादी की सालगिरह और सगाई के लिए एडवांस बुकिंग की विशेष सुविधा दी गई है।     ​क्षमता: एक बार में 300 पर्यटक सवार हो सकते हैं।     ​पैकेज: 1 घंटे से लेकर 8 घंटे तक के विशेष पैकेज उपलब्ध हैं।     ​शुल्क: इन आयोजनों के लिए 40 हजार रुपये से लेकर 2.20 लाख रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया गया है।     ​पटना की गंगा आरती और रिवर फ्रंट के दृश्यों को इस क्रूज से देखना वाकई एक यादगार अनुभव साबित होगा।  

छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, CBSE देगा प्रदर्शन सुधारने का दूसरा मौका

जमशेदपुर. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं के विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन में सुधार का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान किया है। यदि किसी छात्र को अपने परिणाम को लेकर थोड़ी भी शंका है, तो वह सेकंड बोर्ड परीक्षा (विशेष परीक्षा) के लिए आवेदन कर सकता है।  बोर्ड की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार, इस परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्रों को अपने-अपने स्कूलों के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है। ईमेल के जरिए बोर्ड को भेजें सूची सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इच्छुक विद्यार्थियों की सूची 31 मार्च की शाम पांच बजे तक ईमेल के माध्यम से बोर्ड को भेज दें। यह विशेष परीक्षा मई माह में आयोजित होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की परीक्षा का आयोजन सीबीएसई पहली बार कर रहा है। अब तक सप्लीमेंट्री परीक्षा के तहत छात्र केवल एक ही विषय में परीक्षा दे सकते थे, लेकिन इस नई व्यवस्था के तहत छात्र अधिकतम तीन विषयों में दोबारा परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार कर सकेंगे। इच्छुक छात्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें डीएवी बिष्टुपुर की प्रिंसिपल प्रज्ञा सिंह और जेपीएस बारीडीह की प्रिंसिपल नमिता अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में विद्यार्थियों को सूचित कर दिया गया है और इच्छुक छात्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर रहे हैं। यह विशेष परीक्षा केवल उन्हीं विद्यार्थियों के लिए होगी, जिन्होंने पहली बोर्ड परीक्षा दी है। स्कूलों द्वारा ही छात्रों की सूची (List of Candidates – LOC) तैयार कर बोर्ड को भेजी जाएगी। इसके माध्यम से बोर्ड को पहले से यह जानकारी मिल सकेगी कि कितने छात्र और किन-किन विषयों में परीक्षा देना चाहते हैं।  शेड्यूल की मुख्य बातें सीबीएसई द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण के मुख्य परिणाम घोषित होने के अगले दिन से पांच दिनों तक छात्रों को परीक्षा शुल्क जमा करना होगा। इसी अवधि में स्कूलों को छात्रों की सूची (LOC) और शुल्क बोर्ड को भेजना होगा।  यदि कोई स्कूल निर्धारित समयसीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाता है, तो परिणाम घोषित होने के सातवें दिन से अगले दो दिनों तक विलंब शुल्क के साथ यह कार्य किया जा सकेगा। सीबीएसई के प्रमुख निर्देश सभी पास और योग्य छात्र अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और भाषाओं में से अधिकतम तीन विषयों में सेकंड बोर्ड परीक्षा दे सकते हैं। जिन छात्रों ने पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में भाग नहीं लिया है, वे इस विशेष परीक्षा के लिए पात्र नहीं होंगे। ऐसे छात्र केवल अगले वर्ष फरवरी में आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।  जिन छात्रों का परिणाम कंपार्टमेंट आया है, वे सेकंड परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत शामिल हो सकते हैं। सेकंड परीक्षा के लिए LOC में नए नाम जोड़े नहीं जा सकते। विषय परिवर्तन केवल बोर्ड की निर्धारित नीति (विशेषकर गणित विषय के मामले में) के अनुसार ही संभव होगा। छात्र की व्यक्तिगत जानकारी में कोई बदलाव सेकंड परीक्षा के दौरान स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीबीएसई की यह पहल छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है, जिससे वे बिना एक साल गंवाए अपने अंकों में सुधार कर सकेंगे।

बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने ममता सरकार और बंगाल चुनाव पर साधा निशाना

बिहार  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया। इस विशेष संबोधन को सुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों में नेताओं और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। बिहार सरकार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी भाजपा कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के विचारों को सुना और इस कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। ​ देश की समस्याओं और उपलब्धियों का प्रतिबिंब ​उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की चुनौतियों और गौरवशाली उपलब्धियों पर चर्चा का एक सशक्त मंच है। उन्होंने साझा किया कि भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता पूरे महीने इस संबोधन का बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि इसमें जमीनी मुद्दों को वैश्विक मंच मिलता है। इस बार प्रधानमंत्री ने वॉटर हार्वेस्टिंग (जल संचयन) की आवश्यकता और मछुआरों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ​ वैश्विक संकट और भारत की एकजुटता ​मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में उपजे वर्तमान भू-राजनीतिक संकट पर बात करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भी देश के सामने ऐसी बाहरी चुनौतियां आती हैं, भारत के नागरिक अपनी वैचारिक भिन्नताओं को भूलकर एकजुट हो जाते हैं। संकट के समय देश की यह एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। ​ पश्चिम बंगाल चुनाव और ममता सरकार पर प्रहार ​पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए उद्योग मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में अब तक आतंक और धांधली के बल पर सत्ता हासिल की जाती रही है। उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों को वोट देने से रोका जाता था, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। जायसवाल के अनुसार, ममता बनर्जी की वर्तमान मनोदशा यह संकेत दे रही है कि बंगाल की जनता अब परिवर्तन के मूड में है और वहां तृणमूल कांग्रेस की वापसी की संभावनाएं धूमिल हो रही हैं।

झारखंड के साहिबगंज में शुरू हुआ विशेष टीकाकरण अभियान 14 साल की बेटियों को मिलेगी सुरक्षा

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले के संयुक्त स्वास्थ्य भवन सभागार में शनिवार को सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिले की 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी 14 हजार 394 बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए रविवार से एचपीवी टीका लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि टीका केवल उन बच्चियों को लगाया जायेगा, जिनकी आयु 15 वर्ष से अधिक नहीं है. जिले के सभी स्कूलों में अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बैठक कर जानकारी दे दी गयी है. अभिभावकों से सहमति-पत्र भी लिया जा रहा है, जिससे बच्चियों का टीकाकरण किया जा सके. प्रिंसिपल, क्लास टीचर और अभिभावकों की उपस्थिति में ही बच्चियों को वैक्सीन दी जाएगी. कैसे किया जाएगा टीकाकरण पहले चरण में साहिबगंज जिले के आठ सीएचसी में टीकाकरण किया जायेगा. इसके लिए मॉनिटरिंग कमेटी और रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान 30 मार्च से अगले तीन माह तक चलेगा. रविवार से शुरुआत साहिबगंज नगर परिषद क्षेत्र स्थित पटेल चौक के पास एमसीएच में 29 मार्च 2026 रविवार सुबह 11 बजे डीसी हेमंत सती समेत अन्य अधिकारी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर दिया है. टीकाकरण का लक्ष्य     सीएचसी बरहेट: 1551     सीएचसी बोरियो: 2181     सीएचसी पतना: 1030     अनुमंडल अस्पताल राजमहल: 2094     सीएचसी सदर: 2037     सीएचसी तालझारी: 979     सीएचसी उधवा:2251     कुल/ 14394  

सफलता की नई उड़ान बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजों में छात्रों से आगे निकलीं छात्राएं

बिहार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक (10वीं) का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बोर्ड कार्यालय से आधिकारिक रूप से नतीजे घोषित किए। इस साल कुल 12,35,743 विद्यार्थी सफल रहे हैं, जिससे कुल पास प्रतिशत 81.79% रहा। बिहार बोर्ड ने लगातार 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी कर अपना ही रिकॉर्ड कायम रखा है। ​ दो बेटियों ने किया स्टेट टॉप ​इस वर्ष मेरिट लिस्ट में लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। वैशाली की सबरीन प्रवीण और जमुई (सिमुलतला स्कूल) की पुष्पांजलि कुमारी ने संयुक्त रूप से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दोनों टॉपरों ने 500 में से 492 अंक हासिल किए हैं। राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार, स्टेट टॉपर को 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। ​ छात्रों से आगे निकलीं छात्राएं ​एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। जहां 6,01,390 छात्र सफल हुए, वहीं सफल छात्राओं की संख्या 6,34,353 रही। टॉप-10 की सूची में इस बार जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी गई है, जिसमें कुल 139 स्टूडेंट्स ने अपनी जगह बनाई है। इनमें से टॉप-5 में 13 विद्यार्थी शामिल हैं। मोबाइल पर ऐसे देखें परिणाम ​छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स biharboardonline.bihar.gov.in या results.biharboardonline.com पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना स्कोर जान सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में BIHAR10 टाइप कर 56263 पर भेजें।