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सीमांचल दौरे पर अमित शाह बनाएंगे बंगाल चुनाव की रणनीति

पूर्णिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर पहुंच रहे हैं। 25 से 27 फरवरी तक के अपने इस दौरे में वे किशनगंज, अररिया व पूर्णिया जिले में सीमा सुरक्षा से संबंधित अलग-अलग बैठकों में भाग लेंगे और फिर कई कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। इस दौरान 25 फरवरी को किशनगंज तो 26 को पूर्णिया में रात्रि विश्राम होगा। नेपाल व बांग्लादेश की सीमा से सटे इस इलाके में उनकी यह यात्रा सामरिक दृष्टिकोण से काफी अहम है। उनके इस प्रवास के दौरान प्रदेश के कई दिग्गज पार्टी नेताओं के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बड़े पार्टी नेताओं का जमावड़ा भी यहां लगेगा और व्यस्त शिडयूल के बीच इन नेताओं से भी उनकी बातचीत होनी तय है। बंगाल विधानसभा चुनाव की बनेगी रणनीति राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि देश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले इस दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को आकार देंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल का बड़ा इलाका सीमांचल से जुड़ता है। कभी गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर चर्चित इस इलाके पर भाजपा की पहले से भी पैनी नजर रही है। पहले के चुनावों में उनका प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। हालांकि गत विधानसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम भाजपा को नहीं मिल पाया था। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री के तीन दिवसीय सीमांचल प्रवास को उस नजरिए से भी देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के इस परिक्षेत्र के कई बड़े नेता की मुलाकात भी केंद्रीय गृहमंत्री से संभव है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि उन नेताओं को चुनाव को लेकर गंभीर मंत्र भी मिलेंगे और फिर तय कार्ययोजना पर पार्टी काम करेगी। यह इसलिए भी अहम है कि गत बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन इस इलाके में रहे और मुस्लिम बाहुल्य इस इलाके के 24 विधानसभा क्षेत्र में भी महागठबंधन हाशिए पर चला गया था। भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों के संबंधित मुद्दों पर होगी बैठक पूर्णिया। तय कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सात बजकर बीस मिनट पर अररिया से पूर्णिया पहुंचेंगे। यहां वे मे फेयर होटल में रात्रि विज्ञाम करेंगे। 27 फरवरी को वे दोपहर 12 बजे से एक घंटे के लंच ब्रेक के साथ शाम चार बजे तक होटल में ही भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों से संबंधित मुद्दों पर अहम बैठक करेंगे। शाम चार बजे बीस मिनट पर वे पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। एक दिन पहले से ही बढ़ायी गई सुरक्षा केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन अभी से अलर्ट मोड में है। मंगलवार से ही एयरपोर्ट जाने वाले विभिन्न रास्तों के साथ-साथ शहरी परिक्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बिहार में पुलिस जवानों को हर रोज लगानी होगी दौड़

भागलपुर. बिहार पुलिस सुनते ही एक तस्वीर उभरती थी- थुलथुल काया और उस पर वर्दी। अब यह तस्वीर बदलने वाली है। अब बिहार पुलिस के जवान और पदाधिकारी स्मार्ट दिखेंगे। चुस्त-दुरुस्त काया और उस पर सलीके से पहनी हुई वर्दी। पुलिस मुख्यालय ने अब स्मार्ट पुलिसिंग के लिए पुलिस जवान और अधिकारियों को स्मार्ट बनाने का निर्णय लिया है। जी हां, अब पुलिस जवान और आफिसरों की प्रत्येक दिन सुबह में पुलिस केंद्र के मैदान पर हाजिरी लगेगी, जहां वे अपने बाडी को फिट रखने के लिए एक घंटे तक पसीना बहाएंगे। रेंज के भागलपुर, नवगछिया और बांका के पुलिस केंद्र में सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ लगा कर पुलिस जवान और अधिकारी थुलथुल काया से निजात पाकर खुद को फिट बनाएंगे। लापरवाह पुलिस कर्मियों पर होगी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले सिंथेटिक ट्रैक मुहैया कराने को हरी झंडी मिल गई है। बहुत जल्द सारी सुविधाएं पुलिस मुख्यालय पुलिस केंद्र में मुहैया करा दी जाएगी। पुलिस केंद्र में अब सिर्फ जिम खोलना ही मकसद नहीं है, बल्कि रोजाना जवानों को वहां उपस्थित हो वर्क-आउट भी करना है, जिसकी मानीटरिंग एसएसपी, एसपी, डीएसपी, सार्जेंट मेजर करेंगे। सुबह यदि पुलिसकर्मी बैरक या क्वार्टर में रहकर खर्राटे लेते रहेंगे या आराम तलबी दिखाएंगे तो उनका यह कृत्य लापरवाही की श्रेणी में लाया जाएगा और उनपर जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वरीय पुलिस पदाधिकारी भी पहुंचने लगे हैं अभ्यास में भागलपुर रेंज में जवानों की संख्या करीब चार हजार है। जिसमें हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक, इंस्पेक्टर को जोड़ दें तो यह संख्या पांच हजार के पार हो जाएगी। भागलपुर में जहां एसएसपी प्रमोद कुमार यादव, सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार समेत कई पदाधिकारी भी नियमित अभ्यास में पुलिस जवानों के बीच पहुंच रहे हैं। नवगछिया और बांका जिले में भी कमोवेश सक्षम पुलिस अधिकारियों की ऐसी उपस्थिति जवानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करेगी। वजन होगा कम, मांसपेशियों को मिलेगी मजबूती पालीयूरेथेन या लैटेक्स से तैयार की जाने वाली सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने से कई फायदे होते हैं। इस पर दौड़कर पुलिसकर्मी न सिर्फ अपनी वजन कम कर सकेंगे बल्कि उनकी मांसपेशियां भी मजबूत बन जाएगी। बैड कालेस्ट्रोल से उन्हें मुक्ति मिलेगी। उच्च रक्तचाप, हृदय स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ते समय यदि पुलिसकर्मी गिर जाएं तो भी उन्हें चोटें कम आएगी। पुलिस मुख्यालय की तरफ से अभिनव प्रयोग चुस्त-दुरुस्त शरीर स्मार्ट पुलिसिंग का सबसे प्रमुख हिस्सा है। पुलिसकर्मी-पदाधिकारियों की टीम तभी बेहतर प्रदर्शन कर सकती जब वो पूरी तरह फिट और चुस्त-दुरुस्त हों। पुलिस मुख्यालय की तरफ से यह अभिनव प्रयोग पुलिसिंग को और बेहतर बना देगा। – विवेक कुमार, रेंज आईजी, भागलपुर।

CSBC पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर भर्ती के 1 मार्च से स्टार्ट होंगे आवेदन

पटना/नई दिल्ली. केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती (CSBC) की ओर से राज्य में पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली गई है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 मार्च से स्टार्ट की जाएगी जो निर्धारित अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तक जारी रहेगी। जो भी उम्मीदवार पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं और भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे इसमें शामिल होने के लिए ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकेंगे। योग्यता एवं मापदंड इस भर्ती में भाग लेने के लिए उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 (इंटरमीडिएट/ विज्ञान) या इसके समकक्ष उत्तीर्ण किया है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने गणित, भौतिक विज्ञान एवं रसायन विज्ञान में न्यूनतम 50%, एससी/ एसटी ने न्यूनतम 45 फीसदी अंक प्राप्त किये हों। शारीरिक मापदंड एसआई पदों के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम लंबाई सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग की न्यूनतम लंबाई 165 सेमी और सीना बिना फुलाए 81 एवं फुलाकर 86 सेमी होना चाहिए। अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी वर्ग की न्यूनतम लंबाई 160 सेमी और सीना बिना फुलाए 81 एवं फुलाकर 86 सेमी होना चाहिए। एससी/ एसटी के लिए सीना बिना फुलाए 79 एवं फुलाकर 84 सेमी होना चाहिए। महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 155 सेमी एवं न्यूनतम वजन 48 किलोग्राम होना आवश्यक है। चयन प्रक्रिया इस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को प्रथम चरण में लिखित परीक्षा से होकर गुजरना होगा। रिटेन टेस्ट में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करने वाले उमीदवारो को द्वितीय चरण शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) से गुजरना होगा। इसके बाद तृतीय चरण में डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन किया जायेगा। सभी चरणों के संपन्न होने के बाद अभ्यर्थियों की फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी। इस भर्ती के माध्यम से कुल 993 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। वेतन बिहार पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर पदों पर चयनित होने वाले युवाओं को वेतनमान लेवल 3 के अनुसार 21,700— 69,100 रुपये प्रतिमाह सैलरी प्रदान की जाएगी भर्ती से जुड़ी विस्तृत डिटेल के लिए अभ्यर्थी ऑफिशियल नोटिफिकेशन का अवलोकन कर सकते हैं।

बिहार सरकार का दावा- खजाना खाली नहीं, होली से पहले मिलेगी तनख्वाह

पटना बिहार के सरकारी कर्मचारियों को फरवरी महीने की सैलरी होली से पहले ही खाते में मिल जाएगी। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को विधान परिषद में यह घोषणा की। उन्होंने बिहार का खजाना खाली होने के आरोप को भी पूरी तरह खारिज कर दिया। दरअसल, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समेत अन्य विपक्षी दलों के नेता आरोप लगा रहे हैं कि बिहार का सरकारी खजाना खाली है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा था कि आने समय में सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं होंगे। विधान परिषद के बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को दूसरी पाली में बिहार विनियोग विधेयक (संख्या 2) 2026 पर चर्चा हुई। विनियोग विधेयक सदन से पारित कर दिया गया। इस विधेयक पर बोलते हुए वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा, “विपक्ष के जो लोग कह रहे हैं कि खजाना खाली है, तो सरकार ने निर्णय लिया है कि फरवरी महीने का वेतन होली से पहले ही दे दिया जाएगा।” उन्होंने विपक्षी सदस्यों की चुटकी लेते हुए यह भी कहा, “हम कोशिश करेंगे कि फरवरी में विरोधी दल का तनख्वाह नहीं मिले।” वित्त मंत्री की इस बात पर सत्ता पक्ष के सदस्य ठहाके लगाने लगे। तेजस्वी ने क्या कहा था दरअसल, आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि बीते 21 साल से जनता ने एनडीए सरकार को मौका दिया। इस दौरान बिहार सबसे गरीब और बेरोजगार राज्य बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 21 सालों में केवल अपराध, भ्रष्टाचार, तानाशाही का राज रहा। भ्रष्टाचारियों ने सरकार का खजाना खाली कर दिया। कुछ दिनों बाद कर्मचारियों को पैसा देने की भी स्थिति बिहार सरकार की नहीं रहेगी। तेजस्वी ने दावा किया कि सरकार में कोई कार्रवाई और सुनवाई नहीं हो रही है। आरजेडी ने पूछा- विशेष राज्य के दर्जे का क्या हुआ, मंत्री ने दिया जवाब आरजेडी के एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दिकी ने मंगलवार को सदन में मुद्दा उठाया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का कोई उल्लेख बजट में नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्पेशल इकॉनोमिक जोन का पैसा गुजरात में चला जाता है, बिहार को नहीं मिलता है। इस पर, वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद देश की इकॉनमी दुनिया में तीसरे नंबर पर जा रही है। अब कोई स्पेशल कैटगरी का राज्य नहीं होता है। केंद्र सरकार की ओर से बिहार को नेशनल हाईवे समेत अन्य योजनाओं में बहुत अधिक राशि दी जा रही है। केंद्र की इस मदद से बिहार काफी विकास कर रहा है।  

झारखंड हादसा: ‘घर आकर खाना खाऊंगा’ कहने वाले पायलट की दर्दनाक मौत, आखिरी कॉल ने रुलाया

रांची झारखंड विमान हादसे को लेकर सामने आ रही पीड़ित परिवारों की आपबीती बेहद दर्दनाक है। इस हादसे ने 7 परिवारों की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। हादसे में मारे गए पायलट विकास भगत के पिता डीएस भगत ने बताया कि उसकी चाची उसका रात 11 बजे तक खाने पर इंतजार करती रहीं झारखंड विमान हादसे को लेकर सामने आ रही पीड़ित परिवारों की आपबीती बेहद दर्दनाक है। इस हादसे ने 7 परिवारों की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। हादसे में मारे गए पायलट विकास भगत के पिता डीएस भगत ने बताया कि उसकी चाची उसका रात 11 बजे तक खाने पर इंतजार करती रहीं क्योंकि उसने फोन कर खुद कहा था कि वह खाना घर पर ही खाएगा। अपने बेटे के बारे में बात करते-करते पिता की आंखें नम हो गई। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने कई लोगों की जिंदगी बचाई लेकिन आज खुद जिंदगी की जंग हार गया। उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा, मेरे बेटा एयर एंबुलेंस चलाता था, कई लोगों की जान बचाई, आज खुद चला गया। मेरा एक ही बेटा था। आंसू पोंछते हुए उन्होंने कहा, विकास ने आखिरी बार अपनी मां से बात की थी और कहा था कि अगर हो सका तो रांची आऊंगा। दिल्ली में उसकी चाची रहती हैं। उसने चाची से कहा कि मैं रात 9 बजे तक दिल्ली पहुंच जाऊंगा और घर पर ही खाना खाऊंगा। उसकी चाची खाना बनाकर रात 11 बजे तक उसका इंतजार करती रही। तब तक बेटा गुजर चुका था। उन्होंने आगे कहा, कल रात हम चतरा में थे और मेरा फोन साइलेंट हो गया था। बहुत सारे लोगों ने फोन किया था लेकिन साइलेंट की वजह से देख नहीं पाए। रात को ढाई बजे बाथरूम जाने के लिए उठा तो देखा फोन की लाइट जल रही है। फोन चेक किया तो घटना के बारे में पता चला। इसके बाद घटनास्थल पर गया। मैंने बेटे की डेड बॉडी देखी। एक ही बेटा था मेरा कैसे हुआ हादसा 'रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम को सिमरिया के जंगली इलाके में स्थित बरियातु पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो पायलट सहित विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि विमान ने रांची हवाई अड्डे से शाम सात बजकर 11 मिनट पर उड़ान भरी थी और लगभग साढ़े सात बजे लापता हो गया। उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान का वायु यातायात नियंत्रण विभाग से संपर्क टूट गया। रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम दुर्घटना का एक संभावित कारण हो सकता है, हालांकि सटीक कारण विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार इस बात की जांच करेगी कि खराब मौसम में विमान को उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इस दुर्घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि खराब मौसम इसका एक कारण हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद होगी। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में मृतकों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया। गंगवार ने कहा, ''एयर एम्बुलेंस दुर्घटना की खबर बेहद दुखद है। इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।''

डबल हादसे से दहला भागलपुर, बस से गिरने के बाद ट्रक की चपेट में आए मजदूर

बिहपुर (भागलपुर)  एनएच-31 पर झंडापुर थाना क्षेत्र के दयालपुर और बगड़ी ओवरब्रिज के बीच जुगाड़ गाड़ी से जा रहे मजदूरों को बस ने टक्कर मार दी। इसके बाद मजदूरों की गाड़ी से टकरा कर ऑटो भी पलट गया। फिर पीछे से आ रहे ट्रक ने मजदूरों को रौंद दिया। इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य कर रही है। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर समेली कटिहार के रहने वाले थे। वहीं, मृतकों में एक बच्चा खगड़िया जिले के मानसी का रहने वाला था। इस संबंध में अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।  

नीतीश और भाई वीरेंद्र ‘सरकार नहीं चलेगी’ पर आए आमने-सामने

पटना. बिहार विधानसभा का मंगलवार का सत्र हंगामेदार रहा। कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बर्बरता की गई। राजद विधायकों ने कहा कि ऐसी सरकार नहीं चलेगी। सदन में विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल कुछ ही मिनटों में पूरी तरह गरमा गया। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी जवाब देने खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की सुनेगा कौन। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से उठे। उन्होंने राजद विधायक भाई वीरेंद्र से कहा, 'आप बैठिए, आपकी संख्या कितनी कम है।' सीएम ने यह भी कहा कि विपक्ष ने अपने कार्यकाल में कोई ठोस काम नहीं किया। इस पर विपक्षी विधायक और अधिक आक्रामक हो गए। सदन में तेज हुई नोकझोंक राजद विधायकों के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी जवाब देने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ही नहीं चलेगी तो चौकीदारों और आम लोगों की समस्याएं कौन सुनेगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से उठ गए और सीधे भाई वीरेंद्र की ओर मुखातिब होते हुए कहा, 'हमलोग 2002 हैं, आपलोग कितने हैं, बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए। आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया।' हालांकि एनडीए को इस बार 202 सीटें मिली हैं, लेकिन बोलते वक्त सीएम से 2002 कहने की जुबानी चूक हो गई, जिस पर सदन में हल्की हलचल भी हुई। वेल में पहुंचे विधायक, मार्शल तैनात सीएम के बयान के बाद राजद विधायक वेल की ओर बढ़ गए। ‘नीतीश होश में आओ’ के नारे लगाए गए। स्पीकर के बार-बार अनुरोध के बावजूद हंगामा जारी रहा। स्थिति बिगड़ती देख मार्शलों को बुलाया गया। विधायकों की तख्तियां हटवाई गईं। काफी देर बाद विपक्ष अपनी सीटों पर लौटा। सरकार का बचाव और विपक्ष का आरोप विजय चौधरी ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन को रोका नहीं। उन्होंने दावा किया कि मांगों पर विचार किया जाएगा। सत्ता पक्ष ने लाठीचार्ज को कानून-व्यवस्था से जुड़ा कदम बताया। वहीं विपक्ष ने इसे दमनात्मक कार्रवाई करार दिया। राजद ने न्यायिक जांच की मांग दोहराई। दोनों पक्षों के रुख से टकराव और गहरा गया। बजट सत्र में अन्य मुद्दे भी चर्चा में हंगामे के बीच शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दे भी उठे। राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव आया। शिक्षा मंत्री ने संबंधित संस्थानों को निर्देश देने की बात कही। स्कूलों में 40 करोड़ रुपये से सेनेट्री वेंडिंग मशीन लगाने की घोषणा हुई। इन मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा के बाद फिर सियासी बयानबाजी हावी रही। सदन का फोकस विकास से ज्यादा टकराव पर रहा। अमित शाह के दौरे पर भी बयानबाजी सत्र से पहले पोर्टिको में भी विपक्ष ने प्रदर्शन किया। अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने तीखा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने आ रहे हैं। पत्रकारों के सवाल पर वह भड़कते भी नजर आए। साफ है कि विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासत चरम पर है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

महिलाओं से लेकर किसानों तक पर मेहरबान झारखंड सरकार, 1.58 लाख करोड़ के बजट में क्या-क्या खास?

रांची झारखंड सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। 24 फरवरी (मंगलवार) को झारखंड की हेमंत सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विधानसभा में बजट पेश किया। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने विधानसभा में कहा, ‘‘ मैं सदन के पटल पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट रखता हूं। किशोर ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग.. गरीब, किसान, आदिवासी और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। यह बजट हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा इकोनॉमिक रोडमैप है, जिसे ‘अबुआ दिशोम बजट’ भी कहा जाता है। बजट का मकसद राज्य के ओवरऑल डेवलपमेंट, सोशल वेलफेयर और इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ करना है। राज्य सरकार ने खर्च की इफेक्टिवनेस और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए हाउस में एक आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट भी पेश किया। जारी रहेगी मुख्‍यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट में मुख्‍यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए भी बड़ी रकम का प्रावधान किया है। बता दें, मईंया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये प्रति महीने मिलता है। सरकार ने मइया सम्मान के लिए 14 हज़ार 65 करोड़ 57 लाख का बजट दिया है। कैंसर के इलाज के लिए बजट में 200 करोड़ का अलग से प्रावधान राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि झारखंड सरकार ने बजट में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए 200 करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की है, जिससे राज्य में कैंसर के इलाज की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। झारखंड में कुल 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे राधाकृष्ण किशोर ने बजट में ऐलान किया कि झारखंड में कुल 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे। धनबाद में 2, पलामू, लातेहारलातेहार और गढ़वा में 1-1 बनेंगे। साथ ही शहीद के आश्रितों के लिए आदर्श विद्यालय, महिला किसानों के लिए ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू की गई है। महिलाओं को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़ने के लिए तकनीक की मदद दी जाएगी।  महिला एवं बाल विकास के लिए 22 हजार करोड़ का प्रावधान मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि सरकार ने आधी आबादी और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, उनके पोषण और सर्वांगीण विकास के लिए बजट में 22,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह राशि महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगी। पर्यटन कला और संस्कृति के लिए कितना बजट अनुसूचित जनजाति- अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा जनकल्याण के लिए 3 हज़ार 568 करोड़ 19 लाख, नगर विमानन के लिए 138 करोड़ 63 लाख प्रस्तावित है। वहीं ऊर्जा के लिए 5 हज़ार 405 करोड़, उद्योग विभाग के लिए 541 करोड़ 30 लाख, पर्यटन कला संस्कृति एवं खेलकूद के लिए 361 करोड़ 67 लाख, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवरनेंस के लिए 328 करोड़ 99 लाख, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन 11 हज़ार 38 करोड़ 53 लाख, योजना एवं विकास के लिए 539 करोड़ 94 लाख रुपये प्रस्तावित किये गए हैं। झारखंड में खोले जाएंगे 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। बजट भाषण के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यभर में 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे।  किसानों को ऋण से मुक्त करने का लक्ष्य वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, राज्य की आर्थिक-संस्कृति मुख्यतः खेती-किसानी पर आधारित होने के कारण हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्त करना, कृषि में समग्र विकास को बढ़ावा देना और सबसे महत्वपूर्ण किसानों की आय में वृद्धि करना रही है। महोदय, इसका असर भी दिखने लगा है। अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण के अनुसार कृषि प्रक्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत गत तिमाही में 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है।

जमशेदपुर में 100 करोड़ से बनने वाले श्री जगन्नाथ मंदिर का राष्ट्रपति 26 को करेंगी शिलान्यास

जमशेदपुर. श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चर चैरिटेबल सेंटर की ओर से मरीन ड्राइव क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इस मंदिर का शिलान्यास 26 फरवरी को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाएगा। उक्त जानकारी ट्रस्ट के चेयरमैन सह आरसीबी ग्रुप इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक एसके बेहरा ने आयोजन स्थल पर मंगलवार दोपहर प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि यह भव्य मंदिर लगभग ढाई एकड़ भूमि पर बनेगा। इसमें डेढ़ एकड़ क्षेत्र में मुख्य मंदिर परिसर विकसित किया जाएगा, जबकि एक एकड़ भूमि पर आध्यात्मिक केंद्र का निर्माण होगा। मंदिर की संरचना उड़ीसा के श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी की तर्ज पर की जाएगी, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा सहित सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित होंगी। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य लगभग चार वर्षों में पूर्ण होगा, जबकि आध्यात्मिक केंद्र दो वर्षों में तैयार हो जाएगा। आध्यात्मिक केंद्र का मुख्य उद्देश्य युवाओं का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास करना है। इसके तहत गीता और भागवत जैसे धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को जीवन मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मंदिर से 200 से 250 किलोमीटर के दायरे में स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहां 25-15 दिनों मर आमंत्रित किया जाएगा, ताकि उनके भीतर नैतिकता, अनुशासन और आत्मबल का विकास हो सके। उद्देश्य यह है कि युवा जीवन में आने वाली कठिनाइयों का साहसपूर्वक सामना कर सकें और समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक बनें। शिलान्यास समारोह में राष्ट्रपति के अलावा झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति भी रहेगी। कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोपहर 12:20 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी और 1:20 बजे अपने संबोधन के पश्चात रवाना होंगी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए भोग-प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि जमशेदपुर को एक नई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी देगा। आने वाले समय में यह स्थल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

झारखंड में 1.58 लाख करोड़ का बजट पेश, 100 एक्सीलेंस स्कूल खुलेंगे

रांची. झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में साल 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इसका नाम अबुआ दिशोम बजट दिया गया है। इस बजट में युवा, महिला और किसानों पर फोकस किया गया है। सरकारी विद्यालयों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण हेतु हेमन्त सरकार कृत संकल्पित है। इस सोच के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने धनबाद में 2 तथा पलामू, लातेहार एवं गढ़वा में 1-1 कुल 5 झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय के निर्माण का निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 नये उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार के विशेष पहल पर शहीद के आश्रितों के लिए एक आदर्श विद्यालय की स्थापना और संचालन की व्यवस्था की जाएगी। 17 पोलिटेकनिक संस्थान जे प्रगति योजना के तहत आइआइटी और एनआइटी के तहत विकसित होगा चतरा में आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। लातेहार, साहेबगंज तथा सरायकेला सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज के रूप में होंगे विकसित किसानों के लिए एलान उन्होंने कहा, "हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्त करना, कृषि में समग्र विकास को बढ़ावा देना और सबसे महत्वपूर्ण किसानों की आय में वृद्धि करना रही है।" उन्होंने बताया कि अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण (पी०एल०एफ०एस०) के अनुसार कृषि प्रक्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत गत तिमाही में 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है।  वित्तीय वर्ष 2023-24 में लागू बिरसा बीज उत्पादन, विनिमय वितरण एवं फसल विस्तार योजना में वित्तीय वर्ष के 95 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 145 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। बंजर भूमि राईस फैलो उपयोजना एवं जलनिधि उपयोजना अन्तर्गत सरकारी/निजी तालाबों का गहरीकरण/जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से कृषि कार्य हेतु अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए इस बार कुल 475 करोड 50 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव है। कृषि समृद्धि योजना के तहत सौर ऊर्जा चालित सिंचाई इकाईयों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई। आगामी वित्तीय वर्ष में इस हेतु 75 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध किया गया है। बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महिला के लिए एलान महिला किसान खुशहाली योजना: महिला किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़कर अद्यतन तकनीक की मदद दी जाएगी और ऑफलाइन एवं ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25 करोड़ का बजटीय उपबंध किया है। महिला किसान खुशहाली योजना: महिला किसानों को तकनीक और मार्केटिंग से जोड़ने हेतु 25 करोड़ रुपये । झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना: 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह की सहायता हेतु 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान। जेन्डर बजट: महिलाओं से संबंधित 232 योजनाओं के लिए 34,211.27 करोड़ रुपये का प्रावधान । अन्य घोषणाएं 750 अबुआ दवाखाना खोलेगी सरकार, जहां सस्ती दवाएं मिलेंगी। 5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PET & CT Scan मशीनें और 24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। अबुआ आवास योजना: गरीब परिवारों को तीन कमरों का पक्का मकान (2 लाख रुपये की सहायता)। इसके लिए 4,100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सर्वजन पेंशन योजना: लगभग 34 लाख लाभार्थियों के लिए 3,517.23 करोड़ रुपये आवंटित। पथ निर्माण: 785 कि॰मी॰ नए पथों का उन्नयन और 35 फ्लाईओवर्स/ROBs का निर्माण प्रस्तावित है। मुफ्त बिजली: घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली देना जारी रहेगा, जिसके लिए 5,405 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार पर सहयोग न करने का आरोप बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड का विकास अकेले राज्य के बस की बात नहीं है। इसमें केंद्र का आर्थिक सहयोग जरूरी है। वित्त मंत्री ने कहा कि अभी तक केंद्रीय करों में पांच हजार करोड़ और अनुदान का 11 हजार करोड़ अभी तक नहीं मिला। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की अविवेकपूर्ण निर्णयों के कारण झारखण्ड के ऊपर घोर आर्थिक बोझ पड़ रहा है अथवा पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि माल एवं सेवा कर के कर दर युक्तिकरण से झारखण्ड राज्य को प्रतिवर्ष 4 हजार करोड़ रुपये की क्षति हो रही है। इसी तरह मनरेगा का परिवर्तित नाम VB-G RAM G योजना के लिए केंद्र और राज्य के बीच 60:40 राशि के बंटवारे से झारखण्ड को लगभग प्रतिवर्ष 5 हजार 640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने वाला है।