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नीतीश कुमार ने दारोगा दीक्षांत परेड की ली सलामी, खुली जीप में परेड निरीक्षण बना आकर्षण

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) आज नालंदा जिला स्थित बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर (Bihar Police Academy, Rajgir) में प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक के दीक्षांत परेड समारोह (Convocation parade ceremony) में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने खुली जीप में सवार होकर दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। साथ ही प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों का उत्साहवर्द्धन किया।  नीतीश कुमार ने कहा कि समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। आप सभी ने अच्छे ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुझे भरोसा है कि आप अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी, संवेदनशीलता और अनुशासन के साथ करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों को पुरस्कृत किया। इस दौरान अंकित कुमार को बेस्ट प्रोवेशनर ओवरऑल, रुपेश कुमार को बेस्ट प्रोवेशनर आउटडोर, अंकित कुमार को बेस्ट प्रोवेशनर इंडोर एवं मीना कुमारी को बेस्ट प्रोवेशनर परेड कमांडर के रूप में पुरस्कृत किया गया। दीक्षांत परेड कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों को शपथ दिलाई गई। ध्वजरोही वाहकों ने राष्ट्रीय ध्वज और एकेडमी ध्वज को लेकर परेड में प्रदर्शन किया। साथ ही प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों ने बेहतर परेड का प्रदर्शन कर लोगों का मन जीत लिया। वहां उपस्थित लोगों ने ताली बजाकर उनका उत्साहवर्द्धन किया।    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर की निदेशक आर. मलार विजी ने प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। दीक्षांत परेड कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस अकादमी का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार द्वारा अकादमी के विस्तार हेतु अकादमी परिसर से सटे 22 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति दी गयी है। इस भूमि की अधिग्रहण की कार्रवाई जिला प्रशासन, नालंदा द्वारा की जा रही है। इस अतिरिक्त भूमि में नया प्रशासनिक भवन, परेड मैदान, अधिकारियों के लिए आवास एवं अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूर्व में कई बार इस पुलिस अकादमी का भ्रमण किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को जल्द पूरा करें।    ज्ञातव्य है कि 2023 बैच के 1218 पुलिस अवर निरीक्षकों का बुनियादी प्रशिक्षण आज पूरा हो गया है जिनमें 436 महिलाएं भी शामिल हैं। इसमें पहली बार नियुक्त 03 ट्रान्स जेन्डर पुलिस अवर निरीक्षकों का भी प्रशिक्षण कराया गया है। इन सभी पुलिस अवर निरीक्षकों को प्रशिक्षण के उपरांत विभिन्न जिलों में पदस्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार पुलिस अकादमी का गठन वर्ष 2008 में हुआ था तथा इसके लिए 133 एकड़ भूमि राजगीर में उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री द्वारा इस अकादमी के परिसर का उद्घाटन दिनांक 03 दिसंबर, 2018 को किया गया।   बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण, बिहार पुलिस सेवा के अधिकारियों तथा पुलिस अवर निरीक्षकों का प्रशिक्षण कराया जाता है। बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण भवन, पुस्तकालय, क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला, सीनियर पुलिस ऑफिसर मेस, 05 जूनियर पुलिस ऑफिसर मेस, अधिकारियों के लिए आवास, स्वीमिंग पुल एवं परेड मैदान बनाया गया है। इसके अलावा 1100 लोगों की क्षमता का कॉन्फ्रेन्स भवन निर्माणाधीन है जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जायेगा। इसके साथ-साथ अकादमी परिसर में 08.49 एकड़ भूमि में 4000 सिपाहियों के लिए आवासन हेतु बैरक एवं क्लास रूम का निर्माण किया जा रहा है। 

SSP कार्तिकेय शर्मा का सख्त संदेश: ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत 12 SHO लाइन हाजिर, 46 थानों में नई तैनाती

पटना कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से पटना जिले में पुलिस प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. शुक्रवार (12 दिसंबर) को जिले के 46 थानों में नए थानाध्यक्षों की तैनाती की गई है, जबकि 12 थानाध्यक्षों को लाइन हाजिर कर दिया गया. हवाई अड्डा, कोतवाली, कदमकुआं, सचिवालय और श्रीकृष्णापुरी जैसे अहम थानों में भी नए प्रभारी भेजे गए हैं. यह कार्रवाई एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा की सख्त पहल के रूप में देखी जा रही है. दरअसल, पुलिस विभाग का मानना है कि लंबे समय से जमे अधिकारियों और कमजोर कार्यप्रणाली के कारण पुलिसिंग प्रभावित हो रही थी जिसे सुधारने के लिए यह कदम जरूरी था. कानून-व्यवस्था सुधार के नाम पर एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने एक साथ दर्जनों थानों में बदलाव कर सख्त संदेश दिया है. एसएसपी की अनुशंसा पर लगी अंतिम मुहर बता दें कि एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने 12 दिसंबर को पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय क्षेत्र पटना को पत्र भेजकर थानाध्यक्षों के तबादले और लाइन हाजिरी की अनुशंसा की थी. शुक्रवार शाम इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. पटना पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों को लाइन हाजिर किया गया है, उनमें कई लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थ थे, जबकि कुछ के खिलाफ कर्तव्य पालन में गंभीर खामियां और शिकायतें सामने आई थीं. इन 12 थानाध्यक्षों पर गिरी गाज लाइन हाजिर किए गए थानाध्यक्षों में खगौल के राजकुमार सिंह, मोकामा के संतोष कुमार शर्मा, सचिवालय के बलरामलाल देव, मेहदीगंज के किशोर कुणाल झा, महिला थाना की राजरंजनी कुमारी, एससी-एसटी थाना के राजकुमार, अगमकुआं के नीरज कुमार पांडेय, मसौढ़ी के अनिल कुमार, धनरुआ के आलोक कुमार, बेलछी के अनिल कुमार सिंह, बिक्रम के विनोद कुमार और आईआईटी अमहरा के शिवशंकर शामिल हैं। सभी अधिकारियों को पटना पुलिस केंद्र में योगदान देने का निर्देश दिया गया है.

नीतीश कुमार ने किए विभागों का वितरण, सुनील को मिला उच्च शिक्षा, संजय टाइगर को रोजगार कौशल

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में गठित किए गए तीन नए विभागों का कैबिनेट में बंटवारा कर दिया है। सीएम ने सिविल विमानन अपने पास रखा है। वहीं, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर को रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद नीतीश सरकार ने इन तीन नए विभागों का गठन किया था। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने नए विभागों के मंत्रियों के बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। नीतीश सरकार में जेडीयू कोटे से मंत्री सुनील कुमार के पास अब कुल 3 विभाग हैं। शिक्षा के अलावा वे विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री का जिम्मा पहले से संभाल रहे हैं। उन्हें उच्च शिक्षा विभाग भी मिल गया है। वहीं, भाजपा कोटे से मंत्री संजय सिंह टाइगर के पास अब कुल दो विभाग हो गए हैं। उनके पास श्रम संसाधन विभाग पहले से था, जिसका हाल ही में नाम बदलकर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग किया गया है। अब उन्हें युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का मंत्री भी बना दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन विभाग पहले से है। अब उनके पास सिविल विमानन विभाग भी आ गया है। साथ ही ऐसे सभी विभाग जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं हैं, उनकी जिम्मेदारी भी सीएम के पास ही है। बता दें कि पिछले महीने राज्य में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद नीतीश कुमार ने अपने सबसे अहम माने जाने वाला गृह विभाग छोड़कर भाजपा को दे दिया था। भाजपा ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को बिहार का नया गृह मंत्री बनाया था। बीते दो दशक से यह विभाग सीएम के पास ही रहा था।

ऊर्जा इतिहास का नया अध्याय: पटना में खुलने जा रहा देश का पहला ‘पावर म्यूज़ियम’

पटना बिहार की राजधानी पटना में देश का पहला ऊर्जा संग्रहालय (पावर म्यूजियम) स्थापित करने की दिशा में काम तेज हो गया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार और बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में इस परियोजना की समयसीमा, विस्तृत योजना और एजेंसी चयन प्रक्रिया की समीक्षा की गई।  बयान के अनुसार, ऊर्जा विभाग के सचिव एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) मनोज कुमार सिंह तथा नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार की उपस्थिति में अधिकारियों ने प्रस्तावित ऊर्जा संग्रहालय पर विस्तृत प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) दी। बिहार म्यूजियम परिसर में हुई बैठक के दौरान महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने ऊर्जा संग्रहालय की परियोजना अवधि, विकास योजना और चयनित एजेंसी की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।  देश का पहला और दुनिया का चौथा पावर म्यूजियम बयान के अनुसार, पटना के करबिगहिया स्थित थर्मल पावर प्लांट की करीब तीन एकड़ भूमि को बीएसपीएचसीएल आधुनिक ऊर्जा संग्रहालय के रूप में विकसित करेगा, यह संग्रहालय ऊर्जा क्षेत्र के विकास, तकनीकी नवाचार और ऊर्जा विरासत के संरक्षण को प्रदर्शित करेगा। बयान के अनुसार प्रस्तावित ऊर्जा संग्रहालय देश में अपनी तरह का पहला और दुनिया का चौथा समर्पित ऊर्जा संग्रहालय होगा। इसका उद्देश्य शैक्षणिक शोध, पर्यटन को बढ़ावा देना और ऊर्जा क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करना है। 

पटना जू में एंट्री हुई महंगी: टिकट रेट में 3 गुना उछाल, क्या बदल गया?

पटना  बिहार में संजय गांधी जैविक उद्यान पटना जू लोगों की पसंदीदा पर्यटन स्थल है। वहीं नए साल पर यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पार्क प्रबंधन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पटना जू में न्यू ईयर पर टिकटों के दाम बढ़ा दिए गए है। संजय गांधी जैविक उद्यान में लगेंगे 10 अतिरिक्त टिकट काउंटर बता दें कि टिकट बिक्री के लिए जहां  आम दिनों में जहां चार टिकट काउंटर संचालित होते हैं, वहीं 1 जनवरी को भीड़ को ध्यान में रखते हुए 10 अतिरिक्त काउंटर लगाए जाएंगे। कुल मिलाकर 14 काउंटरों से टिकट की बिक्री की जाएगी ताकि लोगों को लंबी कतारों में लगकर समय बर्बाद न करना पड़े। उनको आसानी से टिकट उपलब्ध हो।  एंट्री फीस में 3 गुना इजाफा वहीं 1 जनवरी 2026 को संजय गांधी जैविक उद्यान पटना जू की एंट्री फीस में 3 गुना इजाफा किया गया है। वयस्कों के टिकट के दाम 50 रुपये से बढ़ाकर 150 कर दिए गए जबकि 5 से 12 वर्ष तक के बच्चों का टिकट 60 रुपये मिलेगा जो कि सामान्य दिनों में 20 रुपए में मिलता है। यह बढ़े हुए दाम केवल 1 जनवरी को ही लागू होंगे।  अन्य पार्को में भी बढ़े टिकट के दाम नए साल पर इको पार्क में वयस्कों का टिकट 20 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए और बच्चों का टिकट 10 रुपए से बढ़ाकर 25 रुपए कर दिया गया है। वीर कुंवर सिंह पार्क में वयस्कों के लिए टिकट 25 रुपए और बच्चों के लिए 10 रुपए में मिलेगा।  बोरिंग रोड स्थित चिल्ड्रन पार्क में वयस्कों को 25 रुपए और बच्चों को 10 रुपए का टिकट देना होगा. वहीं नवीन सिन्हा पार्क और शिवाजी पार्क में वयस्कों से टिकट के 20 रुपए और बच्चे 10 रुपए लिए जाएंगे।

योग्य मतदाताओं की 100% कवरेज सुनिश्चित करें: के. रवि कुमार की सख्त हिदायत

रांची  झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि अन्य राज्य के वैसे मतदाता जिनका विगत मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में झारखंड के मतदाता सूची में नाम नहीं था, वे अपना नाम संबंधित राज्य के विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से ढूंढकर अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता विगत गहन पुनरीक्षण में अपना अथवा अपने परिजनों के नाम ढूंढने के लिए 1950 पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिसियल वेबसाइट पर सर्चेबल फॉर्मेट में उपलब्ध है। कुमार ने शुक्रवार को निर्वाचन सदन से ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक करते हुए कहा कि राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के पूर्व तैयारियों के क्रम में मतदाताओं का विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग बीएलओ ऐप में की जा रही है। इस दौरान अन्य राज्य से आए मतदाताओं की मैपिंग मैनुअल रजिस्टर मेंटेन कर करें जिससे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को आसानी हो सके। गहन पुनरीक्षण के दौरान एक भी योग्य मतदाता छूटे नहीं इस बात को ध्यान में रखकर कार्य करना है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पैरेंटल मैपिंग एवं ए.एस.डी सूची बनाते समय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए नियमों का अक्षरश: पालन करें। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हर स्तर पर कार्यों के निरीक्षण की प्रक्रिया बनाई गई है, पदाधिकारी इसका अनुपालन करते हुए कार्य करें। कुमार ने पीपीटी के माध्यम से पदाधिकारियों को विगत एसआईआर से वर्तमान मतदाता सूची के मैपिंग में विभिन्न स्तर पर निरीक्षण के प्रमुख बिंदुओं के बारे में विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, प्रियंका सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, एचडीएम, कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित थे।  

बिहार में राशन कार्ड की सूची पर हो रही है छंटनी, 54 लाख से ज्यादा नाम हटाए जाने की संभावना

पटना  बिहार सरकार ने पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) में पारदर्शिता और पात्र लोगों तक ही लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अब तक की सबसे बड़ी वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू कर दी है. राज्यभर में पहले चरण में 54.20 लाख से अधिक नामों को राशन कार्ड सूची से हटाने की तैयारी है. यह कार्रवाई तब तेज हुई जब राशन कार्डों को आधार से लिंक किया गया और कई विभागों के रिकॉर्ड मिलान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं. राज्यभर में बड़े आंकड़े सामने आए ऑफिशियल रिपोर्ट बताती है कि सीतामढ़ी में करीब 99 हजार, मुजफ्फरपुर में 2.34 लाख और पूर्वी चंपारण में लगभग 1.5 लाख ऐसे लाभार्थी चिह्नित किए गए हैं, जो पात्रता के मानकों पर खरे नहीं उतरते. इन जिलों ने विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. पटना में 10.33 लाख एक्टिव राशन कार्ड हैं, जिनमें शहरी क्षेत्र के 2.30 लाख कार्ड शामिल हैं. चल रहे E-KYC वेरिफिकेशन के दौरान अनुमान लगाया गया है कि करीब 65 से 70 हजार नाम गलत दस्तावेजों या अयोग्य श्रेणी के कारण हटाए जा सकते हैं. डेटा मिलान में खुली गड़बड़ियां सप्लाई विभाग ने राशन कार्ड डेटा को रेवेन्यू एवं लैंड रिफॉर्म्स, ट्रांसपोर्ट, इनकम टैक्स और सिविल रजिस्ट्रेशन डेटाबेस से मैच किया. इसमें चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आईं.     कई लाभार्थियों के पास 2.5 एकड़ से अधिक जमीन पाई गई.     कई लोग चार पहिया वाहन के मालिक निकले.     इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले भी राशन सूची में शामिल मिले.     सरकारी रिकॉर्ड में मृत व्यक्तियों के नाम भी अब तक सक्रिय थे. इसके बाद जिलों के सप्लाई अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी नाम को हटाने से पहले फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से किया जाए. केंद्र के निर्देश के बाद प्रक्रिया में आई तेजी वन नेशन, वन राशन कार्ड स्कीम के लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अपडेटेड और साफ डेटा मांगा. इसके बाद बिहार में वेरिफिकेशन की रफ्तार और बढ़ गई. गलत दस्तावेज जमा करने वालों को विभाग नोटिस भेजेगा. 90 दिनों के भीतर उनकी पात्रता की दोबारा जांच होगी. अगर उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित नामों को स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा. 

फर्जी कफ सीरप माफिया बेनकाब: झारखंड समेत कई राज्यों में ED की बड़ी कार्रवाई

रांची   प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कथित अवैध कफ सिरप के निर्माता से जुड़े धन शोधन के मामले में तीन राज्यों के 25 ठिकानों पर छापे मारे। ये छापे आज सुबह 7:30 बजे शुरू हुए और मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल, उसके सहयोगी आलोक सिंह और अमित सिंह, तथा चाटर्डर् अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल से संबंधित परिसरों पर कार्रवाई की गयी। ईडी उन आरोपी कफ सिरप निर्माताओं के ठिकानों पर भी कार्रवाई कर रही है जिन पर धोखाधड़ी करके कफ सिरप की आपूर्ति की और इसके अवैध व्यापार को बढ़ावा दिया। ये छापे उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर तथा पड़ोसी राज्य झारखंड की राजधानी रांची तथा गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में मारे गए। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें इन विभिन्न स्थानों पर वित्तीय लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉडर् और कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि ईडी ने पिछले दो महीनों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों लखनऊ, वाराणसी, सोनभद्र, सहारनपुर और गाजियाबाद में दर्ज 30 से अधिक प्राथमिकियों के आधार पर यह मामला दर्ज किया है। ये मामले कोडीन-आधारित कफ सिरप के अवैध भंडारण, परिवहन, व्यापार और सीमा पार तस्करी से संबंधित हैं। इस काले व्यापार से करीब एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय होने का अंदाजा लगाया गया है। ईडी अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल फरार है और माना जा रहा है कि वह दुबई में है। उसके पिता भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस अब तक कुल 32 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की समन्वित जांच के लिए एक विशेष जांच दल का भी गठन किया है।  

पार्टी में घमासान: उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ विधायक रामेश्वर महतो की खुली चुनौती

पटना  उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में भी दरार पड़ती नजर आ रही है। दरअसल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM के विधायक के सोशल मीडिया पोस्ट ने बिहार की सियासत में हड़कंप मचा दिया। दरअसल रामेश्वर महतो ने फेसबुक पोस्ट की। उनकी यह पोस्ट पार्टी के साथ चल रही उनकी नाराजगी का संकेत दे रही है।  "नीयत धुंधली और स्वार्थ की राजनीति…" रामेश्वर महतो ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सच्ची नीयत और दृढ़ नीति से मिलती है। जब नेतृत्व की नीयत धुंधली हो जाए और नीतियाँ जनहित से अधिक स्वार्थ की दिशा में मुड़ने लगें, तब जनता को ज्यादा दिनों तक भ्रमित नहीं रखा जा सकता। आज का नागरिक जागरूक है—वह हर कदम, हर निर्णय और हर इरादे को बारीकी से परखता है। सूत्रों के मुताबिक, रामेश्वर महतो को उम्मीद थी कि उन्हें नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद मिल सकता है। लेकिन कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया। इसके बाद से ही रामेश्वर महतो नाराज बताए जा रहे हैं। वहीं उनकी पोस्ट ने अटकलें तेज कर दी है।  हालांकि इस बयान पर पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। 

तेजस्वी पर टिप्पणी से मचा घमासान: सुनील सिंह ने शिवानंद तिवारी को बताया ‘अवसरवादी बाबा’

पटना  राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई राजद नेता सुनील कुमार सिंह ने नाम लिए बगैर शिवानंद तिवारी पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने शिवानंद तिवारी को अवसरवादी नेता बताया है। तेजस्वी यादव पर तिवारी के जुबानी हमले के जवाब में सुनील कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पलटवार किया है। उनके फेसबुक पोस्ट से बिहार की सियासत गरमा गई है।   लालू परिवार के बेहद करीबी सुनील कुमार सिंह तेजस्वी यादव के बचाव में शिवानंद तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेसबुक पर उन्होंने पोस्ट डाला है जिसमें कहा है कि तथाकथित अवसरवादी तिवारी बाबा को जब तक JDU या BJP कुछ बनाने का आश्वासन नहीं देगा,तब तक ये RJD के विरुद्ध रुदाली विलाप करते रहेंगे।