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महागठबंधन का घोषणापत्र जारी, बिहार में नए एजेंडे के तहत ‘तेजस्वी प्रण’

पटना  महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है. इसका नाम 'तेजस्वी प्रण' रखा गया है. इस घोषणापत्र के कवर फोटो पर तेजस्वी यादव का ही फोटो छपा है. बता दें कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन की ओर से सीएम फेस हैं. महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव, पवन खेड़ा, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी मौजूद हैं. 'हमें बिहार को पटरी पर लाना है' कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'महागठबंधन ने सबसे पहले अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा की. हमने अपना घोषणापत्र भी सबसे पहले जारी किया. इससे पता चलता है कि बिहार को लेकर कौन गंभीर है. हमने पहले दिन से ही तय कर लिया था कि हम बिहार के लिए क्या करेंगे. हमें बिहार को पटरी पर लाना है. आज का दिन बहुत ही शुभ है क्योंकि बिहार राज्य इस 'प्रण' का इंतजार कर रहा था.' तेजस्वी का प्रण नाम से घोषणा पत्र जारी किए जाने के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि महागठबंधन ने सबसे पहले सीएम फेस घोषित किया और सबसे पहले मेनिफेस्टो भी किया जारी. उन्होंने कहा कि आज बहुत पावन दिन है जिसमें हम यह संकल्प पत्र जारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार 20 साल पीछे चला गया है. सीपीआई राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने बयान दिया कि बिहार के इतिहास में पहला घोषणा पत्र है जिसमें सरकार हर परिवार के सदस्य को नौकरी और 5 डिसमिल जमीन देगी. महागठबंधन के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने बयान दिया कि ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग इस घोषणा पत्र में है. युवाओं को नौकरी, रोजगार समेत सभी वायदों को हम पूरा करेंगे. शिक्षकों,स्वास्थ्यकर्मियों समेत सभी की मांगे पूरी होंगी. पहले दिन से ही हम घोषणा पत्र के हिसाब से काम करेंगे. '30-35 वर्ष बिहार की सेवा करेंगे' इस मौके पर वीआईपी प्रमुख और महागठबंधन के डिप्टी सीएम चेहरे मुकेश सहनी ने कहा, '…आज हमने एक नए बिहार के लिए संकल्प पत्र लॉन्च किया है. अगले 30-35 वर्षों तक हम बिहार के लोगों की सेवा के लिए काम करेंगे. हम जनता की सभी आकांक्षाओं को पूरा करेंगे. हम जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे. राज्य की जनता महागठबंधन के समर्थन में खड़ी है और हम बिहार में सरकार बना रहे हैं. दूसरी ओर, एनडीए के पास कोई 'संकल्प' नहीं है.'

बहन है मेरी…’ कहकर रेस्टोरेंट में हंगामा करने वाले पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई, कटिहार में मचा हड़कंप

कटिहार  बिहार का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. साथ ही वीडियो ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर भी प्रश्न खड़े कर दिए हैं. दरअसल कटिहार जिले के बारसोई रास चौक स्थित BR-11 रेस्टोरेंट में भाई-बहन खाने के लिए गए थे. इस दौरान बारसोई थानाध्यक्ष वहां पहुंच गए और वर्दी की धौंस दिखाते हुए बहुत ही गलत तरीके से युवक से पूछा कि ये कौन है? इस पर युवक ने कहा कि मेरी बहन है.  युवक का जवाब सुनकर थानाध्यक्ष और गुस्से में आ गए और कहने लगे कि बहन है तो ऐसे बोलेगा. इस पर लड़के ने कहा कि आप खुद गलत तरीके से पूछ रहे हैं. इस दौरान साथ मौजूद दूसरे भाई से भी पुलिस की बहस हो गई. जिसके बाद थानाध्यक्ष ने कहा है कि मेरा काम पूछना है, ज्यादा गर्मी मत दिखाओ. इस पर युवक ने कहा कि गर्मी आप दिखा रहे हैं, हम तो आपके पूछने पर जवाब दे रहे हैं. फिलहाल थानाध्यक्ष के इस अड़ियाल बर्ताव की वजह से रेस्टोरेंट में बैठे लोग भी डर गए. कुछ देर बाद वहां से थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ चले गए. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि थानाध्यक्ष के साथ कई महिला पुलिसकर्मी और अन्य पुलिसवाले भी मौजूद हैं. वहीं मामला संज्ञान में आने के बाद थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही इस मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक,(मुख्यालय) कटिहार द्वारा कराई जा रही है. असामाजिक तत्वों के बैठने की सूचना पर पहुंचे थे थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष को जानकारी मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व रेस्टोरेंट में बैठे हैं. जिसके बाद वह फोर्स के साथ पहुंचे गए. इस दौरान होटल में बैठे एक-एक लोगों से पूछताछ करने लगे.  वीडियो पर पुलिस विभाग ने क्या कहा  पुलिस उपाधीक्षक,(मुख्यालय) कटिहार द्वारा जारी की गई रिलीज में कहा गया है कि 24 अक्टूबर को हुए मामले को लेकर थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया है. जांच के क्रम में यह पाया गया कि थानाध्यक्ष बारसोई द्वारा रेस्टोरेंट में बैठे व्यक्यिों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है. जो की उनके कर्तव्यहीनता, मनमानोपण को दर्शाता है. उनके इस व्यवहार से पुलिस की छवी भी धूमिल हो रही है. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.  

भाजपा को घाटशिला में बड़ा झटका, हेमंत साहू ने छोड़े सभी पद

जमशेदपुर घाटशिला उपचुनाव नजदीक है। इसके चलते भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने घाटशिला उपचुनाव के लिए आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। वहीं, इसी बीच जमशेदपुर महानगर जिला कार्यसमिति के सदस्य हेमंत साहू ने भाजपा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता व सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। साहू ने अपना त्यागपत्र भाजपा जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा को सौंपा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वे पार्टी के प्रत्येक दायित्व और प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रहे हैं और उनके इस्तीफे को स्वीकार किया जाए। हेमंत साहू ने अपने त्यागपत्र में इस्तीफे का कोई विशेष कारण नहीं बताया है। वहीं, पार्टी नेतृत्व की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। बता दें कि घाटशिला उपचुनाव 11 नवंबर को होगा। ऐसे में हेमंत साहू का सभी पदों से इस्तीफा देना इसके पीछे जरूर कोई बड़ा कारण छुपा हो सकता है। अभी तक पार्टी नेतृत्व की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।  

छठ की तैयारी में दर्दनाक घटना: भागलपुर में गंगा ने चार बच्चों को निगला

भागलपुर लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों के बीच भागलपुर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। नवगछिया अनुमंडल के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव में छठ घाट बनाने के दौरान गंगा नदी में डूबने से चार बच्चों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, सोमवार की दोपहर गांव के कुछ बच्चे गंगा किनारे छठ घाट तैयार करने पहुंचे थे। घाट की सफाई और सजावट के बाद चारों बच्चे नदी में स्नान करने लगे। इस दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए बाकी तीनों बच्चे भी नदी में उतर गए, लेकिन वे सभी तेज धारा में बह गए और देखते ही देखते पानी में समा गए। स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर गोताखोरों की मदद से सभी को किसी तरह बाहर निकाला और आनन-फानन में इस्माइलपुर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान नवटोलिया गांव निवासी मिथिलेश कुमार का पुत्र प्रिंस कुमार (11) और किशोरी मंडल का पुत्र नंदन कुमार (10) के रूप में हुई है। अन्य दो बच्चे पास के छठठु टोला के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही इस्माइलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। वहीं, गोपालपुर के निर्दलीय प्रत्याशी गोपाल मंडल भी अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। माताएं अपने बच्चों के शवों से लिपटकर बिलखती रहीं। छठ की खुशियां मातम में बदल गईं और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।  

बच्चों को संक्रमित खून देने पर बाबूलाल मरांडी का हमला — इसे कहा राज्य प्रायोजित हत्या

रांची  झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चाईबासा सदर अस्पताल में बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बाबूलाल मरांडी ने इसे लापरवाही नहीं बल्कि राज्य संपोषित हत्या का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ति 5 मासूम बच्चों को 'संक्रमित खून' चढ़ाया गया और अब सभी बच्चे एचआईवी पॉज़िटिव पाए गए। अगर इन बच्चों की भविष्य में मृत्य हो जाती है तो, यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि राज्य प्रायोजित हत्या कहलायेगी। मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, यह सवाल सिर्फ डॉक्टरों या तकनीशियनों पर नहीं है बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र की विफलता और आपकी सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। मरांडी ने कहा कि डॉक्टरों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। झारखंड को उसके सबसे अयोग्य और निष्क्रिय स्वास्थ्य मंत्री से मुक्त कीजिए और एक जिम्मेदार, संवेदनशील मंत्री दीजिए। मरांडी ने कहा बच्चों की जिंदगी के साथ हुआ यह खिलवाड़ माफ़ी से नहीं, जवाबदेही से सुधरेगा।  

CM हेमंत सोरेन ने झारखंडवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं, जानें क्या कहा

रांची आज छठ पूजा का तीसरा दिन है। समापन कल यानी मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ होगा। आज छठव्रती महिलाएं डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य देंगी। वहीं, सीएम हेमंत ने छठ पूजा की सभी को शुभकामनाएं दी हैं। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। आज छठव्रती माताएं-बहनें डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य देंगी। प्रकृति की महानता को दर्शाता छठ का हर अनुष्ठान हमें सिखाता है कि जीवन में उगते सूर्य के प्रति कृतज्ञता और अस्त होते प्रकाश के प्रति धैर्य सच्ची साधना और समर्पण का मार्ग है। छठी मैया और भगवान भास्कर आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें। जय छठी मैया! जय भगवान भास्कर!  

सियासी भूचाल: BJP ने एक झटके में 4 नेताओं को दिखाया दरवाज़ा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अनुशासनहीनता का बम फट पड़ा है। पार्टी ने अपने चार वरिष्ठ नेताओं को निष्कासित कर यह साफ कर दिया है कि NDA के साझा उम्मीदवारों के खिलाफ जाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। चुनावी मौसम में यह कार्रवाई बीजेपी के अंदर बढ़ती असंतोष की आवाज़ों को शांत करने की रणनीति मानी जा रही है। पार्टी लाइन से हटे, तो हुई कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक, जिन चार नेताओं पर गाज गिरी है, उनमें वरुण सिंह, अनूप कुमार, पवन यादव और सूर्य भान सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये चारों नेता NDA समर्थित उम्मीदवारों के विरुद्ध अलग-अलग सीटों से स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर गए थे। पार्टी नेतृत्व ने इसे सीधी अवज्ञा मानते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। कहां-कहां से थे उम्मीदवार वरुण सिंह बहादुरगंज, अनूप कुमार गोपालगंज, पवन यादव कहलगांव और सूर्य भान सिंह बड़हरा विधानसभा सीट से चुनावी अखाड़े में थे। इन चारों पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के फैसले और अनुशासन का उल्लंघन करते हुए गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ ताल ठोंकी। JDU ने भी की सख्ती इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यू) ने भी बागी सुर अपनाने वाले 16 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था। पार्टी के प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह ने उनके निष्कासन की घोषणा की थी। JDU का कहना था कि गठबंधन के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ना या संगठन को कमजोर करना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। कौन-कौन हुए बाहर जिन नेताओं पर कार्रवाई हुई, उनमें कई पूर्व विधायक, मंत्री और एमएलसी शामिल हैं — जैसे मुंगेर के पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, सीवान के श्याम बहादुर सिंह, भोजपुर के रणविजय सिंह, शेखपुरा के सुदर्शन कुमार, और गोपालपुर के विधायक नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल आदि। इन सभी को पार्टी से बाहर कर गठबंधन में एकता का संदेश देने की कोशिश की गई है। चुनावी रणनीति पर बड़ा असर बीजेपी और जेडीयू दोनों की यह सख्ती इस बात का संकेत है कि NDA इस बार बगावती सुरों को किसी भी कीमत पर दबाना चाहता है। अमित शाह के हालिया बिहार दौरे के बाद यह स्पष्ट है कि पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मज़बूत करने और विरोधी खेमे को एकजुटता का संदेश देने की रणनीति पर काम कर रही है।  

बिहार के बाहुबली उम्मीदवारों की संपत्ति का खुलासा, अमीरी-गरीबी का चौंकाने वाला अंतर!

पटना बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जाएगी। वहीं, इस बार बड़े बाहुबली या उनके परिवार के कोई सदस्य चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।  तो आइए जानते हैं कि बाहुबली उम्मीदवारों में कौन सबसे ज्यादा अमीर और कौन सबसे ज्यादा गरीब है। जानें अनंत सिंह का नेटवर्थ बिहार के सबसे अमीर बाहुबली उम्मीदवारों की सूची में पहले नंबर पर मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार अनंत सिंह हैं, जिनकी संपत्ति 37.88 करोड़ रुपये है। बाहुबली की छवि वाले सिंह के खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अनंत सिंह को उनके समर्थक ‘छोटे सरकार' के नाम से पुकारते हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, अनंत सिंह के पास 26.66 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 11.22 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। उनकी पत्नी नीलम देवी के पास 13.07 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 49.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। हलफनामे में जानकारी दी गई है कि अनंत सिंह के पास 15.61 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 34.60 लाख रुपये नकद हैं। सिंह के नाम कई बैंक खाते और करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण हैं, जबकि नीलम देवी के पास 76.61 लाख रुपये के सोने के आभूषण हैं। सिंह के पास तीन लग्जरी एसयूवी वाहन हैं जिनकी कीमत 3.23 करोड़ रुपये है, वहीं उनकी पत्नी के पास तीन कारें हैं जिनकी कीमत 77.62 लाख रुपये बताई गई है। इनके अलावा उनकी संपत्ति में घोड़े और गायें भी शामिल हैं। बाहुबली लल्लू मुखिया की संपत्ति वहीं, दूसरे स्थान पर बाढ़ से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार व बाहुबली कर्णवीर सिंह उर्फ लल्लू मुखिया हैं। उनके पास 17.72 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है। कितनी संपत्ति की मालकिन हैं वीणा देवी? वहीं, मोकामा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रत्याशी वीणा देवी और उनके पति सूरजभान सिंह भी करोड़पति हैं। वीणा के पास 8.67 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें चल संपत्ति 1.72 करोड़ रुपये है, जबकि 6.95 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। करोड़ों के मालिक हैं बाहुबली हुलास पांडेय वहीं, बात करें बक्सर जिले के ब्रह्मपुर सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उम्मीदवार बाहुबली हुलास पांडेय की तो उनके पास 12.19 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें  चल संपत्ति 3.74 करोड़ रुपए और अचल संपत्ति 8.45 करोड़ रुपए है। सबसे गरीब मुन्ना शुक्ला की बेटी वहीं, लालगंज से बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला आरजेडी की प्रत्याशी हैं। उनके पास 21.28 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि कर्ज 36.57 लाख रुपए है। शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब के पास कितनी संपत्ति? इन करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में बिहार के चर्चित दबंग नेता रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब भी शामिल हैं। वह रघुनाथपुर विधानसभा सीट से राजद उम्मीदवार हैं। ओसामा शहाब के पास 2.31 करोड़ रुपए की संपत्ति है। चल संपत्ति 66.65 लाख और अचल संपत्ति 1.65 करोड़ रुपए की है। वहीं, नबीनगर विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद के पास 1.46 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

भाजपा के स्टार प्रचारक बने बॉलीवुड सितारे, घाटशिला में करेंगे रोड शो

पटना  घाटशिला उपचुनाव नजदीक है। इसके चलते भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने घाटशिला उपचुनाव के लिए आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। भाजपा सीमावर्ती निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को लुभाने के लिए फिल्म स्टार मिथुन चक्रवर्ती और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी समेत पश्चिम बंगाल के अपने कई दिग्गजों को मैदान में उतारने की तैयारी में है। भाजपा ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की सूची भाजपा ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिनमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, मधु कोड़ा और चंपई सोरेन, सांसद विद्युत बरन महतो, प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू और कई अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक मिथुन चक्रवर्ती घाटशिला शहर में एक रोड शो करेंगे, जबकि नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी कुछ चुनावी रैलियां करेंगे। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और जी किशन रेड्डी भी घाटशिला में रैलियों को संबोधित करेंगे जहां तांबे और यूरेनियम की खदानें हैं। विधायक अग्निमित्र पॉल, लॉकेट चटर्जी और बंगाल के कुछ अन्य नेता घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में रैलियों को संबोधित करेंगे, जिसकी सीमा पश्चिम बंगाल से लगती है।  

चुनाव से पहले बड़ा झटका! JDU ने 5 शीर्ष नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया

पटना  बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) ने विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) से पहले बड़ा एक्शन लिया है। पार्टी ने अपने विवादित बयानों और गतिविधियों के लिए सुर्खियों में रहने वाले विधायक गोपाल मंडल (Gopal mandal) समेत कुल पांच नेताओं को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जेडीयू ने जारी किया आधिकारिक पत्र जेडीयू के प्रदेश महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी चंदन कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इन नेताओं ने पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक आचरण के विपरीत कार्य किए हैं। पार्टी-विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण इनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है। निष्कासित नेताओं की सूची     नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, विधायक, गोपालपुर (भागलपुर)     हिमराज सिंह, पूर्व मंत्री, कदवा (कटिहार)     संजीत श्याम सिंह, पूर्व विधायक, गया जी     महेश्वर प्रसाद यादव, पूर्व विधायक, गयाघाट (मुजफ्फरपुर)     प्रभात किरण, गयाघाट, मुजफ्फरपुर