samacharsecretary.com

2025 में झारखंड पुलिस का अभियान: नक्सल और साइबर अपराध पर मजबूत कार्रवाई

रांची झारखंड पुलिस ने वर्ष 2025 के जनवरी से सितंबर माह तक नक्सल विरोधी अभियानों और साइबर अपराध नियंत्रण में जबरदस्त सफलता हासिल की है। आईजी अभियान माइकल राज एस ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में कुल 157 हथियार बरामद हुए हैं। इनमें 58 हथियार पुलिस से लूटे गए थे जिसे बरामद करने में कामयाबी मिली है। आईजी ने कहा कि जनवरी से सितंबर तक नक्सलियों के कब्जे से 11,950 गोलियां, 18,884 डेटोनेटर, 394.5 किलोग्राम विस्फोटक और 39.53 लाख रुपए की लेवी राशि जब्त की गई है। इसके अलावा नक्सलियों द्वारा लगाए गए 228 आईईडी विस्फोटकों को नष्ट किया गया और 37 नक्सली बंकर ध्वस्त किए गए। इस अभियान में कुल 266 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस-नक्सली मुठभेड़ों में 32 नक्सली मारे गए, जिनमें दो सेंट्रल कमिटी के बड़े सदस्य विवेक उर्फ प्रयाग मांझी और अनुज उर्फ सहदेव सोरेन शामिल है। इन पर एक करोड़ रुपये का इनाम भी था। साथ ही 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर साहेब राम मांझी उर्फ राहुल भी मुठभेड़ में मारा गया। माइकल ने साइबर अपराध के मामलों में भी बड़ी कार्रवाई का ब्यौरा दिया। अगस्त और सितंबर के बीच साइबर अपराध के 128 मामलों में 105 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 139 मोबाइल फोन, 166 सिम काडर्, 60 एटीएम कार्ड और 2.81 लाख रुपए नकद बरामद हुए। माइकल ने बताया कि साल 2025 के पहले 9 महीनों में कुल 12,651 वारंट निष्पादित किए गए और 4,186 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 413 वाहनों, 136 हथियारों और 1221 गोलियों को भी जब्त किया गया। अमन साहू गिरोह के सक्रिय अपराधी सुनिल कुमार उफर् मयंक सिंह को अजरबैजान से भारत प्रत्यर्पित कर लाया गया, जिससे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इसके अलावा रांची में कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर अवैध हथियार व रसायन जब्त किए गए। रामगढ़ डकैती मामले में चार आरोपियों को चार अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया। खूंटी में 838.33 किलोग्राम डोडा जब्त किया गया। वहीं, रांची में जाली नोट के कारोबार में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जिनके पास 3.25 लाख रुपये के जाली नोट पाए गए। आईजी अभियान माईकल राज एस ने जनता से सहयोग की अपील की और आश्वस्त किया कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ कड़ी कारर्वाई करने में पीछे नहीं हटेगी।  

JMM केंद्रीय समिति का बड़ा फैसला: दिवंगत रामदास सोरेन के पुत्र होंगे घाटशिला उम्मीदवार

घाटशिला घाटशिला से दिवंगत मंत्री और घाटशिला के पूर्व विधायक रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन चुनाव लड़ेंगे। झामुमो ने इसकी घोषणा कर दी है। घाटशिला विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए झामुमो ने सोमेश सोरेन पर भरोसा जताया है। पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से सोमेश सोरेन को उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला लिया गया। केंद्रीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया। पार्टी का मानना है कि सोमेश अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं और स्थानीय जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ है। मालूम हो कि शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा सीट खाली हुई है। वहीं, भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन चुनाव लड़ेंगे। घाटशिला विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर बाबूलाल सोरेन पर भरोसा जताया है। बाबूलाल सोरेन ने 2024 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था जिसमें वह दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन से पराजित हो गये थे।

नीतीश का सीधा वार चिराग पर, JDU की पहली लिस्ट में उठा सियासी खेल; NDA में खलबली?

पटना बिहार की राजनीति में आज नई हलचल देखी गई जब नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) ने विधानसभा चुनाव 2025 के लिए पहली 57 उम्मीदवारों की सूची जारी की। इस सूची ने चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कुछ प्रमुख दावों पर सीधे चुनौती दी, जिससे गठबंधन के भीतर तनाव और नाराजगी की स्थिति बन सकती है। चिराग पासवान के लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पांच प्रमुख दावों वाली सीटों – मोरवा, सोनबरसा, राजगीर, गायघाट और मटिहानी पर जेडीयू ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसा बताया जा रहा था कि ये सीटें पहले चिराग की झोली में जाने वाली थीं। एनडीए में बढ़ेगा तनाव? पिछले चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि मोरवा और गायघाट पर 2020 में आरजेडी का दबदबा था, राजगीर और सोनबरसा पर जेडीयू जीता था, जबकि मटिहानी पिछली बार लोक जनशक्ति पार्टी ने जीती थी, लेकिन विजयी राजकुमार सिंह बाद में जेडीयू में शामिल हो गए थे। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के चलते इन सीटों पर सियासी निगाहें खास हैं और उम्मीदवारों की हर चाल का चुनावी मायने बढ़ गया है। इन सीटों पर जेडीयू का उम्मीदवार उतारना गठबंधन में संतुलन बदल सकता है और चिराग समर्थक ताकतों के साथ टकराव के अवसर बढ़ा सकता है जिससे एनडीए की मौजूदा स्थिति जटिल हो सकती है। जेडीयू की लिस्ट में 3 बाहुबली भी शामिल जेडीयू के उम्मीदवारों की सूची में तीन बाहुबली और कई अनुभवी नेता शामिल हैं। विशेष रूप से, मौजूदा सरकार के पांच कैबिनेट मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों से फिर मैदान में उतारे गए हैं। इसमें ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार (नालंदा), जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी (सरायरंजन), सूचना व जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी (कल्याणपुर), समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी (बहादुरपुर) और मद्य निषेध मंत्री रत्नेश सदा (सोनबरसा) शामिल हैं। जेडीयू ने 30 नए चेहरों को उतारा गौरतलब है कि जेडीयू की पहली सूची में 30 नए चेहरे और 27 पुराने प्रत्याशी शामिल हैं। चार महिला उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा गया है, जिनमें मधेपुरा से कविता साहा, गायघाट से कोमल सिंह, समस्तीपुर से अश्वमेध देवी और विभूतिपुर से रवीना कुशवाहा का नाम शामिल है।  

चौंकाने वाली सूची: भाजपा में मुस्लिम उम्मीदवारों का नाम भी किया गया शामिल

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए पहली लिस्ट जारी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने चार राज्यों में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए भी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में एक मुस्लिम चेहरा भी शामिल है। इससे पहले भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के लिए जो राज्यसभा चुनाव की लिस्ट जारी की थी उसमें भी एक मुस्लिम कैंडिडेट को मैदान में उतारा है। आज भाजपा ने चार राज्यों की पांच सीटों पर उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने जम्मू-कश्मीक के बडगाम सीट से आगा सैयद मोहसिन को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, नगरोटा से देवयानी राणा भाजपा उम्मीदवार घोषित हुई हैं। भाजपा ने झारखंड की घाटशिला (एसटी) सुरक्षित सीट से उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है। यहां से बाबूलाल सोरेन को उपचुनाव के लिए मैदान में उतारा है। भाजपा ने ओडिशा और तेलंगाना की एक-एक सीट के लिए भी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। भगवा पार्टी ने ओडिशा की नुआपाड़ा सीट से जय ढोलकिया और तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट से लंकाला दीपक रेड्डी को कैंडिडेट बनाया है। आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की भी लिस्ट जारी की थी। उस लिस्ट में तीन उम्मीदवारों के नाम थे। भगवा पार्टी ने गुलाम मोहम्मद मीर, राकेश महाजन और सत पाल शर्मा को मैदान में उतारा है। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने चार सीटों के लिए चुनाव के लिए तीन अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं।

विधानसभा चुनाव में CM नीतीश की रणनीति: कल से होगा प्रचार अभियान शुरू

पटना  जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल से चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत करेंगे। संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल से चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत करने के लिए समस्तीपुर और दरभंगा का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)एकजुट है और राजग का उद्देश्य नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने राजग सरकार के विकास कार्यों को देखा है और अब वे पीछे मुड़ कर नहीं देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजग के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे और उनके द्वारा लड़ी जाने वाली सीटों को लेकर कोई मतभेद नहीं है। जदयू नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार और जदयू दोनो की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में और जदयू में जो भी निर्णय होता है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनुमति और सहमति के बाद ही होता है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेते हैं, सभी से चर्चा करते हैं, सभी का मंन्तव्य लेते हैं, उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में राजग प्रचंड बहुमत से 2010 का रिकार्ड भी पीछे छोड़ देगा। संजय झा ने कहा कि विपक्ष को भी पता है कि इस बार आम जनता, महिलाओं और युवाओं का मूड कैसा है। इसलिए भविष्य में आने वाले परिणामो की आहट से पूरा विपक्ष दहशत में है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निराधार खबरें चला कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बिहार की जनता से आग्रह किया कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और केवल अधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचना पर ही विश्वास करें। 

प्रशांत किशोर: चुनाव नहीं लड़ूंगा, जनसुराज की जीत पर भ्रष्ट नेताओं-नौकरशाहों पर होगा एक्शन

पटना जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को एलान किया कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी ने उसके व्यापक हित में लिया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर जन सुराज पार्टी बिहार चुनाव जीतती है, तो इसका राष्ट्रव्यापी असर होगा। राष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदल जाएगी। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी ने फैसला किया है कि मैं विधानसभा चुनाव न लड़ूं, और इसी कारण राघोपुर से तेजस्वी यादव के खिलाफ हमने किसी और उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। यह फैसला पार्टी के व्यापक हित में लिया गया है। अगर मैं चुनाव लड़ता, तो जरूरी संगठनात्मक कार्यों से मेरा ध्यान भटकता। सरकार बनने के एक महीने के भीतर यह कानून बनाया जाएगा प्रशांत किशोर ने कहा कि हमने बिहार को भू-माफिया, बालू माफिया और तमाम तरह के माफियाओं से मुक्त करने का वादा किया है। इसी दिशा में हमने छह बड़े वादे किए हैं, जिनमें फर्जी शराबबंदी नीति को खत्म करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के एक महीने के भीतर एक कानून बनाया जाएगा, जिसके तहत 100 सबसे भ्रष्ट नेताओं और अफसरों की पहचान की जाएगी। मुझे पूरा यक़ीन है कि ये लोग अभी से पूजा-पाठ कर रहे होंगे कि हम सत्ता में न आएं। इन भ्रष्ट लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा और उनकी अवैध संपत्ति जब्त कर राज्य के खजाने में जमा की जाएगी, ताकि बिहार के विकास में उसका इस्तेमाल हो सके। यह वही विकास है जो इन लोगों की वजह से रुका पड़ा है, हम या तो भारी जीत दर्ज करेंगे या पूरी तरह हार जाएंगे जब उनसे उनकी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को लेकर सवाल किया गया, तो 48 वर्षीय प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि हम या तो भारी जीत दर्ज करेंगे या पूरी तरह हार जाएंगे। मैंने पहले भी कहा है कि हमें या तो 10 से कम सीटें मिलेंगी या 150 से ज्यादा। बीच का कोई रास्ता नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि अगर बिहार में त्रिशंकु विधानसभा बनती है, तो क्या जन सुराज एनडीए या इंडिया गठबंधन को समर्थन देगा, इस पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि त्रिशंकु जनादेश की कोई संभावना नहीं है। पीके ने यह भी कहा कि अगर हमें 150 से कम सीटें मिलती हैं। अगर जनसुराज को 120 या 130 सीटें भी आती हैं तो वह मेरी नजर में हार होगी। अगर हम अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो हमें बिहार को देश के 10 सबसे विकसित राज्यों में शामिल करने का जनादेश मिलेगा। लेकिन, अगर जनता ने हमारे ऊपर पर्याप्त भरोसा नहीं जताया। हम अपनी सड़क और समाज की राजनीति को आगे बढ़ाते रहेंगे। बिहार में सत्ताधारी एनडीए की हार तय है जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार में सत्ताधारी एनडीए की हार तय है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब सत्ता में वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन की सीटों और उम्मीदवारों को लेकर असमंजस की स्थिति से साफ है कि हालात उनके पक्ष में नहीं हैं। पीके ने दावा किया एनडीए की विदाई तय है और नीतीश कुमार अब दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। पिछली विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले ही बगावत कर दी थी और नीतीश कुमार की पार्टी के खिलाफ कई उम्मीदवार उतार दिए थे, जिनमें से अधिकांश प्रभावशाली नहीं थे, लेकिन इसका नतीजा यह हुआ कि जदयू की सीटें घटकर 43 पर आ गई थीं। 

चुनाव से पहले RJD को झटका, विधायक का BJP में शामिल होना मचा रहा हलचल

पटना राष्ट्रीय जनता दल (RJD) विधायक भरत बिंद मंगलवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।       भाजपा प्रदेश मीडिया सेंटर में आयोजित मिलन समारोह में आज भरत बिंद पार्टी में शामिल हो गये। चर्चित लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने दोनों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई और उनका स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. जायसवाल ने कहा कि बिहार के मतदाता फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)की सरकार बनाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास कर रहा है। विपक्ष के पास आज कोई मुद्दा नहीं है। विपक्ष विकास को लेकर कोई बात नहीं कर सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, 'विपक्ष आज परेशान है कि राजग सौहार्दपूर्ण तरीके से सीट बंटवारे की घोषणा कर दी और आज से उम्मीदवारों की भी घोषणा शुरू हो गई है। विपक्ष हताशा में है और मीडिया को कुछ शिगूफा देने की कोशिश कर रहा है।' उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राजग में शामिल पांचों दल चट्टानी एकता के साथ चुनावी मैदान में चल दिए हैं। डा. जायसवाल ने कहा कि 'हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और विजयी भी होंगे।"  

बिहार चुनाव 2025: जेडीयू की पहली सूची घोषित, 57 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने 57 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जदयू के वरिष्ठ नेताओं ने इन नामों का ऐलान किया। इस सूची पर अंतिम मुहर खुद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने लगाई। पार्टी के अंदर कई दौर की चर्चाओं और मैराथन बैठकों के बाद उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। जदयू ने इस बार भी भाजपा और अन्य एनडीए घटक दलों के साथ समन्वय पर खास ध्यान दिया है। एनडीए में हुए सीट बंटवारे के मुताबिक, जदयू 101 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने वाली है। बाकी सीटों पर भाजपा और सहयोगी दलों के प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे।

नक्सलियों पर शिकंजा: झारखंड पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, सितंबर में 328 माओवादी गिरफ्तार या ढेर

रांची झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीते मंगलवार को कहा कि सितंबर के अंत तक राज्य में 266 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, 32 मारे गए हैं और 30 ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया है। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में भाकपा (माओवादी) और उसके अलग हुए समूहों से जुड़े दो क्षेत्रीय समिति सदस्य, एक जोनल कमांडर, दो सब-जोनल कमांडर और नौ एरिया कमांडर शामिल हैं। महानिरीक्षक (अभियान) और झारखंड पुलिस के प्रवक्ता माइकल राज एस. ने संवाददाताओं से कहा, “एक जनवरी से सुरक्षाबलों से हुईं मुठभेड़ में कुल 32 नक्सली मारे गए। विवेक उर्फ ​​प्रयाग मांझी और अनुज उर्फ ​​सहदेव सोरेन मुठभेड़ों में मारे गए प्रमुख नक्सली थे। दोनों भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य थे और उन पर एक-एक करोड़ रुपये का इनाम था।” बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त अधिकारी ने कहा कि इस अवधि के दौरान कुल 30 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) के जोनल कमांडर रवींद्र यादव और सब-जोनल कमांडर आनंद सिंह तथा झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) का सब-जोनल कमांडर लवलेश गंझू उर्फ ​​लोकेश गंझू भी शामिल था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक जनवरी से 30 सितंबर की अवधि के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया।  

मुकेश सहनी की VIP को RJD से 18 सीटें, गठबंधन में फॉर्मूला तय

पटना  बिहार में चुनाव है और महागठबंधन में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला सुलझने लगा है. आरजेडी और वीआईपी के बीच सीट बंटवारा हो गया है. मुकेश सहनी की पार्टी VIP को 18 सीटें दी गई हैं.सूत्रों के मुताबिक, देर रात तक चली मैराथन बैठकों के बाद वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) को 18 सीटों का अंतिम ऑफर मिला है. मुकेश सहनी और तेजस्वी यादव के बीच सीट बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहा गतिरोध अब खत्म हो गया है. सूत्रों के अनुसार, वीआईपी पार्टी 18 सीटों के इस समझौते से संतुष्ट है. मुकेश सहनी और तेजस्वी यादव के बीच देर रात आमने-सामने मुलाकात हुई और उसके बाद टेलीफोन पर भी बातचीत हुई. सूत्रों के मुताबिक, वीआईपी को 18 सीटें देने पर सहमति बन गई. इन सीटों के चयन में जातीय समीकरण और अन्य स्थानीय फैक्टर्स को ध्यान में रखा गया है. जो 18 सीटें फाइनल हुई हैं, उन पर मुकेश सहनी की पार्टी आज से ही टिकट वितरण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है. सूत्रों के अनुसार, तारापुर विधानसभा सीट को लेकर अभी भी मामला पूरी तरह सुलझा नहीं है. वीआईपी के नेता सकलदेव बिंद पहले ही तारापुर से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर चुके हैं. इधर, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के बीजेपी प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने के बाद आरजेडी की इस सीट में गहरी दिलचस्पी बढ़ गई है. अब आरजेडी और वीआईपी के बीच तारापुर सीट पर सहमति बनने की संभावना है. दरअसल, बिहार महागठबंधन में सीट बंटवारे पर बात नहीं बन पा रही है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस 60 से ज्यादा सीटों की मांग पर अड़ी है. कांग्रेस ने 65 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी की है. जबकि आरजेडी ने कांग्रेस के लिए 58 सीटों की लिमिट तय की है. सीटों की संख्या पर कांग्रेस-आरजेडी के बीच जबरदस्त तकरार है. कांग्रेस ने आरजेडी के लिए 138 सीट देने का फॉर्मूला रखा है. हालांकि, सीट बंटवारे पर तस्वीर साफ हुए बगैर कई दलों ने उम्मीदवारों को सिंबल जारी कर दिए हैं. आरजेडी ने अब तक कुल 71 उम्मीदवारों को सिंबल जारी कर दिया. भाकपा माले ने 18 सीटों पर उम्मीदवारों को सिंबल दिया. सीपीआई ने 6 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की. 4 अन्य सीटों पर सहमति के बाद उम्मीदवार उतारने का दावा किया है. सीपीएम से एक उम्मीदवार ने नामांकन किया. 16 अक्टूबर को दूसरे उम्मीदवार भी नामांकन करेंगे. मुकेश सहनी अपनी पार्टी की सीटों की संख्या लगातार कम होते देख बेचैनी में हैं. महागठबंधन में अब तक के हालात बताते हैं कि सीट शेयरिंग का मामला जल्द नहीं सुलझा तो कुछ सीटों पर घटक दलों के बीच फ्रेंडली फाइट की स्थिति बनेगी.