samacharsecretary.com

अश्विनी चौबे की सलाह या चुनौती? प्रशांत किशोर के आरोप PM तक क्यों हैं अहम

पटना बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पुराने नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के सूत्रधार प्रशांत किशोर को एक ऐसी चुनौती भरी सलाह दे दी है, जो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आरोपों की बौछार झेल रहे नेताओं के लिए मुसीबत बढ़ा भी सकती है। अश्विनी चौबे ने कहा है कि प्रशांत किशोर सिर्फ आरोप लगाकर बड़े राजनेता नहीं बन सकते। चौबे ने कहा है कि बात सिर्फ पेपर (अखबार) तक ही क्यों सीमित है, कागज को तो राज्यपाल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक जाना चाहिए। अश्विनी चौबे ने भाजपा के नेताओं पर लगे आरोपों को लेकर एक डिजिटल चैनल से बातचीत में कहा- “प्रशांत किशोर आरोप लगाकर बड़े राजनेता नहीं हो सकते। पेपर तक ही क्यों सीमित हैं। आप जाइए ना। कोर्ट है, राज्यपाल का दरवाजा है, राष्ट्रपति का दरवाजा है, प्रधानमंत्री का दरवाजा है। उनके पास क्यों नहीं जा रहे हैं आप। वो कागज वहां तक तो जाना चाहिए। जाइए, आपको कौन मना किया है।” उन्होंने कहा कि भाजपा में गलत लोग और जो आयातित चेहरे हैं, वो सदा के लिए पार्टी की चाबी नहीं हैं। कुछ दिन के लिए भले गलत काम हो जाए किसी से, सदा के लिए नहीं। इन आरोपों पर पार्टी नेतृत्व के संज्ञान के सवाल पर चौबे ने कहा- “केंद्रीय नेतृत्व की निगाह हर चीज पर रहती है। बिहार में चुनाव हो रहा है तो एक-एक सूक्ष्म चीज पर नेतृत्व की पैनी निगाह है। वो सब कुछ देख रहे हैं, उनको सब कुछ मालूम है। जो सही होगा, अंत में वो आएगा।” चौबे ने कहा कि जिन पर आरोप लगे हैं, उन्होंने सफाई दी है। उनकी सफाई या इनका आरोप, कौन सही है, ये न्यायालय तय कर सकता है, गवर्नर कर सकते हैं, जज कर सकते हैं, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कर सकते हैं। याद दिला दें कि प्रशांत किशोर ने भाजपा के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री मंगल पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और सांसद संजय जायसवाल पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए हैं। चुनाव से पहले इन आरोपों ने पटना के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा रखा है। अश्विनी चौबे ने भागलपुर से 2015 में विधानसभा चुनाव लड़े और हारे अपने बेटे अर्जित शाश्वत को टिकट देने का खुद ही विरोध करने की बात भी बताई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कोर ग्रुप में तब के पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अर्जित को भागलपुर से लड़ाने की बात कही तो उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि इससे उनकी बदनामी होगी। चौबे ने बताया कि अमित शाह ने कहा कि अर्जित ने बिहार में सबसे ज्यादा मेंबरशिप की है और इसको चुनाव लड़ाया जाएगा, चाहे वो आपका बेटा ही क्यों ना हो। चौबे ने कहा कि उन्होंने तब सलाह दी कि भागलपुर अगर इतना महत्वपूर्ण है तो सुशील मोदी को लड़ा दीजिए।  

राज्यपाल और CM पहुंचे डिप्टी CM के घर, NDA-INDIA गठबंधन में राजनीतिक रार बढ़ी

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर नवरात्रि के अवसर पर महाआरती एवं फलाहार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, जनक राम, केदार गुप्ता आदि शामिल हुए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनडीए गठबंधन के जन प्रतिनिधि एवं NDA गठबंधन के प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों द्वारा भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़े कई प्रस्तुतियां हुई. असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मां काली के द्वारा महिसासुर मर्दन की अलौकिक प्रस्तुति भी हुई. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज का यह आयोजन सभी सनातन परिवारों में ऊर्जा का संचार करेगा और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस आयोजन में उपस्थित होकर बिहार के आमजनों को सनातन-संस्कृति के विचारों को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया है. बिहार विधानसभा का चुनाव निकट है. ऐसे में मां दुर्गा सभी आसुरी शक्तियों का नाश करेंगी और NDA को आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिलेगी. चुनाव के वक्त लगता है ऐसा आरोप, शांभवी का जवाब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर द्वारा मंत्री अशोक चौधरी और अन्य लोगों पर लगाये गये आरोप के बाद अशोक चौधरी की पुत्री और समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने अपना बयान दिया. शांभवी ने कहा कि विशेष रूप से जब चुनाव आता है. आरोप और प्रत्यारोप हर समय, हर किसी के ऊपर लगता है. यह कोई नहीं बात नहीं है. जो आरोप प्रशांत किशोर ने लगाया है. मेरे पिताजी और मेरी मां, दोनों लोग अपना अपना पक्ष दे चुके हैं. उनके आराेप का कोई आधार नहीं है. यह सब बेबुनियाद है. सारे आरोप झूठे हैं. शांभवी ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पर्सनल अटैक किया है. ससुर, सास का भी नाम उन्होंने लिया है. ट्रस्ट के बारे में भी उन्होंने बोला है. हमारे ससुर पर पर्सनल अटैक किया है. हमारे ससुर, सास कोई राजनीतिक परिवार से नहीं है, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई देंगे. ट्रस्ट में कुछ भी गलत नहीं हुआ है. बोलने को बहुत कुछ बोल सकते हैं, लेकिन हम इधर से बोलेंगे, वह उधर से बोलेंगे. इसका कोई अंत नहीं होगा. जहां तक ट्रस्ट का बात है. ट्रस्ट अपना पक्ष रखेगी.पहले भी हम लोग मीडिया में आ चुके हैं, जो आरोप लगे वह बेबुनियाद और झूठे हैं. पीके बहेलिया और राजनीतिक नटवरलाल: बीजेपी भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को घेरते हुए कहा कि पीके बहेलिया है और राजनीतिक नटवरलाल है. प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति के सबसे बड़ा फ्रॉड हैं और अपने बयानों को लेकर यही कर रहे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि प्रशांत किशोर हर उस आदमी पर सवाल उठा रहे हैं, जो लालू के जंगलराज के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है. सही अर्थों में कहें तो वे महागठबन्धन की सरकार बनाने में लगे हुए हैं. यही कारण है कि वे अनाप शनाप आरोप लगा रहे हैं. भाजपा के नेता ने सीधा सवाल करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन खुद पर लगे आरोपों का जवाब नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें यह तो बताना होगा कि उनकी पार्टी को मिले पैसे उनके निजी खाते में कैसे जमा हुए हैं? कांग्रेस-राजद ने पिछड़ा-अति पिछड़ा समाज को ठगा: बीजेपी बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता प्रेम कुमार ने राजद और कांग्रेस पर पिछड़े और अति पिछड़े समाज को ठगने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब दोनों दल सत्ता में रहे, तो इस समाज को न अधिकार देने का काम किया, न कभी सम्मान दिया. मंत्री प्रेम कुमार ने राजद के ‘कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार सम्मेलन’ को लेकर कहा कि इसमें तेली, कानू, दांगी और चौरासिया जाति के लिए नो एंट्री कर दी जाती है. तेली समाज से राजद के बड़े नेता और ‘बिहार तैलिक साहू समाज’ के अध्यक्ष, विधायक रणविजय साहू और कानू समाज के नेता और राजद व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता को इस कार्यक्रम से लौटा दिया गया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव आज ‘जननायक’ के नाम पर अतिपिछड़ा का वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं और उनके पिता लालू यादव कर्पूरी ठाकुर को हमेशा अपमानित करते रहे हैं. अति-पिछड़ों से लालू यादव को इतनी घृणा थी कि वो कर्पूरी ठाकुर को ‘कपटी ठाकुर’ कहते थे. सम्राट चौधरी के मामले पर नेतृत्व चुप क्यों? राजद राजद ने प्रशांत किशोर द्वारा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर लगाये गये आरोप पर बयान दिया है. पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि सम्राट चौधरी पर जो आरोप लगे हैं, उस संबंध में वह पब्लिक के बीच आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें, क्योंकि उन पर जो हत्या के मामले में बरी होने कि बातें सामने आई है, उसमें फर्जी तरीके से दस्तावेज लगाकर बरी होने का मामला सामने आया है. यह बहुत ही गंभीर मामला है. इस तरह के मामले पर मुख्यमंत्री और भाजपा का शीर्षस्थ नेतृत्व चुप क्यों है? यह बात समझ से परे है.  

चुनाव आयोग अलर्ट मोड में, चीफ इलेक्शन कमिश्नर करेंगे ग्राउंड रिपोर्ट की जांच

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया है. इसी क्रम में आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. यह बैठक सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर शाम 3 बजे तक चलेगी. इसमें राज्य के सभी कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी शामिल होंगे. दो सत्रों में आयोजित होगी बैठक बैठक दो सत्रों में आयोजित हो रही है. पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से प्रारंभ हुआ जबकि दूसरा सत्र दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा. इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राज्य में सुरक्षा बलों की जरूरत का आकलन करेंगे और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी. चुनावी दृष्टिकोण से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि बिहार जैसे बड़े राज्य में शांति और निष्पक्षता के साथ मतदान सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है. 4 अक्टूबर को पटना का दौरा कर सकते हैं चीफ इलेक्शन कमिश्नर सूत्रों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त आगामी 4 अक्टूबर को पटना का दौरा भी कर सकते हैं. इस दौरान वे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और उनकी चिंताओं और सुझावों पर चर्चा करेंगे. इसके अगले दिन यानी 5 अक्टूबर को वे बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिलाधिकारियों, आईजी और एसएसपी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदनशील बूथों की पहचान जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. आज जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट तेज हो चुकी है. चुनाव आयोग मतदाता सूची से लेकर सुरक्षा इंतज़ाम तक हर स्तर पर सक्रिय है. आज मंगलवार को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी किया जाएगा और अब सुरक्षा पर गहन मंथन हो रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि आयोग का यह कदम चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. 

रावण दहन समारोह: HEC धुर्वा में होगी भव्य उत्सव, सीएम हेमंत समेत कई दिग्गज शामिल

रांची झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं विजयादशमी रावण दहन समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दुबे ने बताया कि इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार 2 अक्टूबर को शालीमार बाजार, एचईसी धुर्वा में भव्य विजयादशमी रावण दहन समारोह आयोजित होगा। यह समारोह 1968 से निरंतर चल रहा है और झारखंड एवं रांची का सबसे पुराना रावण दहन मंच है, जिसमें हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन में रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर असत्य, अहंकार एवं अन्याय पर सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया जाता है। दूबे ने बताया कि यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रावण दहन समारोह में आयोजित आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की भव्यता को और बढ़ा देते हैं। समिति के अध्यक्ष संजीत यादव और पदाधिकारियों ने झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर उन्हें रावण दहन समारोह में आमंत्रित किया। दोनों मंत्रियों ने कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपिका पांडे सिंह और लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव सहित कई विशिष्ट अतिथियों को भी समारोह में आमंत्रित किया जा रहा है। दूबे ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन सुविधाओं को पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने बताया कि हालांकि बारिश का मौसम आयोजकों के लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन प्रशासन और समिति के संयुक्त प्रयास से इस बार का रावण दहन समारोह और भी भव्य रूप से आयोजित होगा। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से 28 सितंबर को डोरंडा छप्पन सेट में मां दुर्गा का पट खोलने का पावन कार्य और पूजा पंडाल का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह आयोजन भी श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है। दूबे ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस पवित्र अवसर पर शामिल होकर विजयादशमी के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि यह त्यौहार असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है और इससे समाज में एकता और सछ्वावना बढ़ती है।  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खोला विकास का पिटारा, 20,658 योजनाओं की दी सौगात

पटना  बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार जनोपयोगी और विकास योजनाओं का उपहार प्रदेशवासियों को दे रहे हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित विज्ञान, प्राविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, पशु एवं मत्स्य संसाधन, समाज कल्याण, परिवहन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित अन्य विभाग के भवनों के निर्माण से संबंधित 997 करोड़ रुपये लागत की 97 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ तथा 2,467 करोड़ की लागत से 137 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत छूटे हुए टोलों में पेयजल आपूर्ति तथा बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं से संबंधित 5,190 करोड़ रुपये की लागत की 15,670 योजनाओं का शिलान्यास एवं 1,377 करोड़ रुपये की लागत की 4,312 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक भवन, अनुमंडलीय अस्पताल, औषधि भंडार गृह एवं स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से संबंधित 1,121 करोड़ रुपये की लागत की 281 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ एवं 272 करोड़ की लागत की 144 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के अंतर्गत 497 करोड़ की लागत से पर्यटन के विकास से संबंधित 17 विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, लघु जल संसाधन विभाग के तहत मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के 13,716 लाभार्थियों के खाते में 81 करोड़ 29 लाख रुपये का डीबीटी के माध्यम से अंतरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी संबद्ध विभागों को बधाई देते हुए कहा कि इन योजनाओं के शुरू होने से राज्य में विकास कार्यों को नई गति और दिशा मिलेगी। इसका प्रत्यक्ष लाभ लोगों को मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर और बेहतर होगा। कार्यक्रम के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि एवं लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।

लिव-इन प्रेमी की निर्मम हत्या: प्रेमिका ने रूम में किया सिर कुचलने का जुर्म, पुलिस ने की जांच शुरू

पटना  बिहार की राजधानी पटना में एक शादी शुदा महिला ने अपने लिव इन प्रेमी को दर्दनाक मौत की सजा दी। घर के सिलवट्टे से सिर कुचलकर उसे मार दिया और खुद पुलिस को फोन कर जानकारी दी। घटना कंकड़बाग थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात की है। मृतक की पहचान मुरारी कुमार के रूप में की गयी। पुलिस ने आरोपित महिला पूजा कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी महिला मुरारी पर शादी का दबाव बना रही थी। पति को छोड़कर वह मुरारी के साथ पांच सालों से रहती थी। पहले पति से उसकी एक बेटी भी है। मुरारी कुमार सुल्तानपुर मोकामा का निवासी था और बैंगलुरु में चालक का काम करता था। वह पहले से शादी शुदा था। पूजा कुमारी मूलरूप से गौरीचक लखना खैरा गांव की रहने वाली हैं। दोनों के बीच पांच वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मुरारी लगातार शादी से इनकार कर रहा था, जबकि पूजा उससे विवाह करना चाहती थी। कंकड़बाग थानेदार ने बताया कि हत्या के अन्य बिन्दुओं की गहन जांच हो रही है। हत्या की रात दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस झगड़े में शादी के दबाव के साथ-साथ पैसों का मामला भी शामिल था। मृतक के भाई मनोज यादव ने बताया कि मुरारी ने अपनी बहन से बात करते हुए कहा था कि उनके पास 20 लाख रुपये हैं, जिन्हें पटना में जमीन खरीदने में लगाना है। इसके लिए मुरारी ने एक लाख रुपये मदद के रूप में मांगने की बात कही थी। परिवार वालों का आरोप है कि पूजा ने पैसे हड़पने के लिए हत्या की साजिश रची थी। भाई के मुताबिक मुरारी पूजा से संपर्क के बाद परिवार और घर वालों से दूर रहने लगा था। वह बेंगलुरु से आने पर पूजा के साथ ही रहता था। शादी और पैसों के विवाद के कारण प्रेम प्रसंग खूनी संघर्ष में बदल गया।  

3 नई अमृत भारत ट्रेनों समेत 7 ट्रेनों का बिहार में स्वागत, जानें रूट और टाइमिंग

पटना  बिहार को तीन नई अमृत भारत ट्रेनों (तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली से कनेक्टिविटी) और चार नई पैसेंजर ट्रेनों की सौगात मिली है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन तीनों ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है.रेल मंत्रालय की इस पहल को बिहार के यात्रियों के लिए नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है. यह न केवल लोगों की यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि प्रदेश के कई हिस्सों को देश के बड़े शहरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इस दौरान पटना जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री नितिन नवीन सहित कई सांसद ने पटना जंक्शन से खुलने वाली चार पैसेंजर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने घोषणा किया कि पटना और भागलपुर में रिंग नेटवर्क का निर्माण को लेकर जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी। वही नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा की नवादा मेन लाइन से जोड़ने के लिए नवादा और पावापुरी के बीच रेल लाइन निर्माण की रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसकी आधिकारिक तौर पर घोषणा की जाएगी।यह दीपावली और छठ से पहले बिहार वासियों के लिए बड़ी सौगात है। यह सभी ट्रेनें बिहार को मिलीं मुजफ्फरपुर से चर्लपल्ली (हैदराबाद), दरभंगा से मदार (राजस्थान) और छपरा से आनंद विहार (दिल्ली) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन होगा। वहीं पटना से बक्सर, नवादा से पटना, झाझा से दानापुर और पटना से इस्लामपुर के बीच नई पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा है। इन सभी ट्रेन का शुभारंभ हुआ है। लेकिन, नियमित परिचालन अक्टूबर से शुरू होगा। अभी इन रूटों पर दौड़ रही हैं ट्रेनें बता दें कि बिहार से चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का नेटवर्क लंबा है. दरभंगा, सहरसा, सीतामढ़ी, गया, राजेंद्र नगर, मोतिहारी और जोगबनी जैसे बड़े स्टेशनों से यह ट्रेन चल रही है. इनमें कुछ ट्रेनें दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों तक जाती हैं,  जबकि कुछ दक्षिण भारत और पंजाब जैसे राज्यों तक पहुंचती हैं. दरभंगा से आनंद विहार और गोमतीनगर, सहरसा से लोकमान्य तिलक टर्मिनस और अमृतसर, राजेंद्र नगर से नई दिल्ली, गया से दिल्ली और मोतिहारी से आनंद विहार तक ट्रेनें अभी चल रही हैं. जबकि मालदा, जोगबनी और सीतामढ़ी से भी लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन जारी है. क्या है खासियत अमृत भारत एक्सप्रेस को खासतौर पर मध्यम और सामान्य वर्ग के यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसमें मिलने वाली सुविधाएं प्रीमियम ट्रेन की तरह है. यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता यात्रियों की सुविधा को देखते हुए कोचों में कई आधुनिक बदलाव किए गए हैं. सीटें पहले से ज्यादा आरामदायक हैं, स्नैक्स टेबल फोल्डेबल है और मोबाइल रखने के लिए होल्डर भी लगे हैं. कोचों में रेडियम फ्लोर स्ट्रिप्स लगी हैं, ताकि रात में भी रास्ता साफ दिखे. पैसेंजर ट्रेन रविवार को छोड़ एक अक्टूबर से नियमित चलेगी 53203 झाझा-दानापुर पैसेंजर झाझा से 4.0 बजे खुलने के बाद जमुई, लखीसराय, बड़हिया, बाढ़, बख्तियारपुर होते हुए 9.0 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 53204 दानापुर-झाझा पैसेंजर दानापुर से 17.25 में खुलने के बाद पटना, बख्तियारपुर, बाढ़, मोकामा, लखीसराय, जमुई होते हुए 22.30 में झाझा पहुंचेगी। 53202 बक्सर-पटना पैसेंजर 6.30 में बक्सर से खुलने के बाद 9.10 में पटना जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में 53201 पटना-बक्सर पैसेंजर पटना जंक्शन से 17.45 में खुलकर 8.35 में बक्सर पहुंचेगी। 75272 नवादा-पटना डीएमयू नवादा से 5:15 से खुलेगी और 9.30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में 75271 पटना-नवादा डीएमयू पटना से 16.15 में खुलेगी और 21.0 बजे नवादा पहुंचेगी। 75274 पटना-इस्लामपुर डीएमयू पटना जंक्शन से 9:45 में खुलेगी जो 12 बजे इस्लामपुर पहुंचेगी। वापसी में 75273 इस्लामपुर-पटना डीएमयू इस्लामपुर से 12.30 बजे खुलेगी। यह 15.55 बजे पटना पहुंचेगी। लोगों को नवादा और इस्लामपुर जाने में सुविधा और सहूलियत होगी। अमृत भारत का 14 अक्टूबर से नियमित परिचालन होगा 15293 मुजफ्फरपुर-चर्लपल्ली साप्ताहिक अमृत भारत मुजफ्फरपुर से मंगलवार को 10.40 में खुलेगी। अगले दिन 23.50 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी। इसका नियमित परिचालन 14 अक्टूबर से होगा। वापसी में 15294 चर्लपल्ली-मुजफ्फरपुर साप्ताहिक अमृत भारत गुरुवार को 4.05 बजे चर्लपल्ली से रवाना होगी। अगले दिन 17.00 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। इसका नियमित परिचालन 16 अक्टूबर से होगा। छपरा-आनंद विहार अमृत भारत सप्ताह में दो दिन 15133 व 15134 छपरा-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस सप्ताह में 2 दिन चलेगी। हालांकि रेलवे द्वारा नियमित परिचालन को लेकर अबतक तिथि और समय सारणी की घोषणा नहीं की गई है। इसके साथ ही 19623 और 19624 मदार-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस का भी समय सारणी अब तक जारी नहीं हुई है।

पटना से दिल्ली तक BJP में हलचल, 18 से अधिक MLA के टिकट पर भारी विवाद

पटना  बिहार में एनडीए आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Elections) की तैयारी में जोरों से लगा है। इस बीच, सत्ता के गलियारे से एक बड़ी जानकारी सामने आई है। इस बार भाजपा (BJP) के 18 से ज्यादा विधायकों के टिकट पर संकट मंडरा रहा है। पार्टी सूत्रों ने बिहार में कई भाजपा विधायकों के टिकट (BJP Ticket Strategy) कटने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि भाजपा चुनाव में इस बार ऐसे विधायकों को मैदान में उतारने से बच रही है, जिनके खिलाफ क्षेत्र में विरोध की भावना है। 6 अक्टूबर के बाद हो सकती है उम्मीदवारों की घोषणा साथ ही यह जानकारी भी सामने आ रही है कि पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार कर ली है। जिसकी औपचारिक घोषणा 6 अक्टूबर के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी करने के बाद होने की संभावना है। बिहार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का हवाला हुए 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री और पार्टी के मुख्य रणनीतिकार अमित शाह ने 145-150 से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर विस्तार से चर्चा की है। इनमें बेतिया, समस्तीपुर, अररिया और सीमांचल क्षेत्र की कई सीटें शामिल हैं। बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा सीवान, सोनपुर, राघोपुर, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, भागलपुर, दानापुर और मनेर सहित लगभग 35 क्षेत्रों में मामूली अंतर से हारी थी। मनेर सीट से निखिल को मिल सकता है टिकट राघोपुर से फिलहाल बिहार में विपक्ष के नेता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव विधायक हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मनेर सीट से निखिल आनंद को चुनाव लड़ाने की तैयारी है। वह भाजपा के राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के महासचिव हैं। पिछले चुनाव में भी भाजपा ने निखिल को इस सीट से उतारा था। नए चेहरों का मिल सकता है मौका फिलहाल मनेर सीट से राजद के भाई बीरेंद्र विधायक हैं। निखिल भाजपा का टिकट मिलने से पहले ही क्षेत्र में लगातार जन-संपर्क अभियान चला रहे हैं। वहीं, भाजपा के अंदर यह भी चर्चा है कि क्षेत्र में जिन मौजूदा विधायकों के खिलाक लहर, उनकी जगह पर पार्टी नए चेहरों को मौका दे सकती है। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा इस बार नारी-शक्ति और युवा-शक्ति को ध्यान में रखते हुए टिकटों का बंटवारा कर सकती है। बिहार में अधिकांश सीटों पर महिलाओं और युवाओं को भाजपा कैंडिडेट बना सकती है। बिहार चुनाव के लिए ये है रणनीति भाजपा सूत्रों का यह भी दावा है कि इस बार बिहार चुनाव में भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव मॉडल को फॉलो कर सकती है। राज्य चुनाव में भाजपा इस बार मौजूदा और पूर्व सांसदों को भी मैदान में उतारने का विचार कर रही है। सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राम कृपाल यादव व आरके सिंह जैसे पूर्व सांसदों को इस बार विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। मंगल पांडे सहित राज्य के कई मंत्रियों को भी उनके क्षेत्र से मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है।

तलवार लिए नवरात्र डांस करती महिलाएं, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

सासाराम  पूरे देश में इन दिनों नवरात्र और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम है और जगह-जगह डांडिया नाइट्स का आयोजन किया जा रहा है. इन्हीं उत्सवों के बीच रोहतास जिले के सासाराम में  रात एक अनोखा और साहसिक दृश्य देखने को मिला. शहर के शिव घाट पर आयोजित डांडिया नाइट कार्यक्रम में महिलाएं हाथों में डांडिया की जगह तलवार लेकर डांस करती नजर आईं. हाथों में डांडिया की जगह तलवार आम तौर पर डांडिया नृत्य में महिलाएं और पुरुष रंग-बिरंगे परिधानों में डांडिया स्टिक के साथ थिरकते हैं, लेकिन सासाराम की इस डांडिया नाइट ने परंपरा को नए अंदाज में पेश किया. जैसे ही महिलाएं मंच पर हाथों में चमचमाती तलवारों के साथ उतरीं, वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. दर्शक दांतों तले उंगलियां दबाते नजर आए, जबकि माहौल में उत्साह और जोश भर गया. महिलाएं निर्भीक होकर मंच पर पारंपरिक गीतों और ढोल-नगाड़ों की ताल पर नृत्य करती रहीं. तलवारों के साथ किए गए इस नृत्य ने न सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया बल्कि यह संदेश भी दिया कि महिलाएं साहस और संस्कृति दोनों को साथ लेकर चलती हैं. स्त्रियां शक्ति की प्रतीक: आयोजक  शिव घाट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. स्थानीय लोगों का कहना था कि दशहरा और दुर्गा पूजा के मौके पर यह आयोजन स्त्रियों की शक्ति और पराक्रम का प्रतीक बन गया. आयोजन समिति ने बताया कि इसका उद्देश्य महिलाओं के आत्मविश्वास और साहस को सामने लाना था, साथ ही पारंपरिक नृत्य को नए अंदाज में पेश करना. तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. लोग इसे 'अद्भुत दृश्य' और 'साहसिक डांडिया' कहकर साझा कर रहे हैं. कई दर्शकों ने कहा कि ऐसा नजारा उन्होंने पहली बार देखा है, जहां महिलाएं तलवार लेकर डांडिया कर रही हों. रोहतास की यह डांडिया नाइट इस साल की दुर्गा पूजा का खास आकर्षण बन गई है और इसकी चर्चा हर तरफ हो रही है.

नीतीश कुमार का बड़ा बयान – दो बार साथ लेकर गलती की थी

गोपालगंज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद पर हमला बोला है। पहले दो बार राजद के साथ सरकार बनाने पर नीतीश कुमार ने कहा कि उस समय हमसे गलती हो गई थी। अब इधर-उधर नहीं करेंगे। उन्होंने राजद पर हमला बोलते हुए कहा, "पहले कुछ नहीं था, चीजें गड़बड़ थीं। इसलिए इसे याद रखें। पहले यहां-वहां काम हो रहा था, और अब वे कई जगहों पर कुछ चीजें कर रहे हैं। आप जानते हैं कि गलती हुई थी, कुछ लोगों ने डेढ़ साल तक कुछ चीजों को हल्के में लिया, दो बार। बाद में मैंने उन्हें दोनों बार हटा दिया। उसके बाद, मैंने कहा कि अब से यहां-वहां कुछ नहीं किया जाएगा। जो शुरू से था, वह हमेशा रहेगा।" सीएम नीतीश कुमार ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम को घर से निकलने में डरते थे, लेकिन पिछले 20 सालों में बिहार ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में अब तक 5 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई नए मेडिकल कॉलेज खोले गए। आम जनता को राहत देते हुए 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त की गई। वहीं, वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी और महिलाओं को रोजगार देने पर भी सरकार ने जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस में जितनी महिलाओं की संख्या है, उतनी पूरे भारत के किसी भी राज्य में नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए बराबरी से काम किया है। मुस्लिम समुदाय के लिए कब्रिस्तान की घेराबंदी की गई तो मंदिरों की चाहरदीवारी भी बनवाई गई। पहले हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति होती थी, लेकिन अब सब खत्म हो गया है।" मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री बिहार के विकास में काफी मदद कर रहे हैं।