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यूपी में वन्यजीव संकट: बाग के तार बने जानलेवा, तेंदुए की मौत से मचा हड़कंप

 लखनऊ यूपी के बलरामपुर के सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत बनकटवा रेंज क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों को भी झकझोर कर रख दिया। तुलसीपुर–सिरसिया मार्ग पर स्थित चौधरीडीह गांव के दक्षिण जंगल से भटककर निकली करीब तीन वर्ष की एक मादा तेंदुआ आम के बाग में लगाए गए तार में फंस गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। रविवार सुबह करीब आठ बजे गांव के बाहर स्थित आम के बाग में रखवाली कर रहे लोगों ने एक तेंदुए को छटपटाते हुए देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि मादा तेंदुए की गर्दन बाग में लगे लोहे के तार में बुरी तरह फंस गई थी। तेंदुआ काफी देर तक खुद को छुड़ाने का प्रयास करता रहा, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। लगातार संघर्ष और दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को जानकारी दी। सूचना पाकर बनकटवा रेंज के रेंजर शत्रुघ्न लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की टीम ने मृत तेंदुए को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है। खेतों और बागों में सुरक्षा के लिए लगाए गए तार वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। इस संबंध में उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) मनोज कुमार ने बताया कि मादा तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की पैनल टीम द्वारा बनकटवा रेंज में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला तार में फंसने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। वन विभाग की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए जंगल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। तेंदुआ घुसने से गांव में दहशत उधर, बहराइच वन्यजीव प्रभाग के चकिया वन रेंज अंतर्गत मौजीपुरवा गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेंदुआ अचानक ग्रामीण के घर में घुस गया। तेंदुए के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुट गई। सुबह करीब 7 बजे मौजीपुरवा गांव निवासी मोहम्मद अहमद के घर में अचानक जंगल से भटककर एक तेंदुआ घुस आया। घर के लोगों ने तेंदुए को देखते ही शोर मचाया और किसी तरह जान बचाकर बाहर भागे। शोर सुनकर आसपास के काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ती देख तेंदुआ घर के अंदर बने एक कमरे में घुसकर छिप गया। इस दौरान तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश के बीच वह अचानक उग्र हो गया और उसने गांव निवासी नसीम, फजलू रहमान तथा जुबेर पर हमला कर पंजा मार दिया, जिससे तीनों घायल हो गए। घायलों का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया।

सिक्किम हाईकोर्ट की जज मिनाक्षी एम. राय को पटना हाईकोर्ट की कमान

पटना पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिलने वाला है।। मिनाक्षी एम राय पटना उच्च न्यायालय की नई चीफ जस्टिस होंगी। सिक्किम हाईकोर्ट की जज रह चुकीं मिनाक्षी एम राय पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बन जाएंगी। सिक्किम के पूर्व गृह सचिव के घर 12 जुलाई 1964 को जन्मी मीनाक्षी एम राय ने वर्ष 1980 में दसवीं पास कर इंटर में दाखिला ली थी। मार्च 1983 में बारहवी पास कर उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति शास्त्र से स्नातक की थी। उसके बाद दिल्ली के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की डिग्री लेकर मिनाक्षी ने खुद को दिल्ली बार काउंसिल में वकालत करने के लिए इनरोलमेंट कराया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट एंव सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की थी। 11 दिसम्बर1990 को सिक्किम में बतौर न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर बहाल हुई थीं। 15 अप्रैल 2015 को सिक्किम हाई कोर्ट में पहली महिला जज के रूप में नियुक्त हुई थीं। बताया जा रहा है कि मिनाक्षी मदन राय के पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सिक्किम के लोगों के लिए गौरव भरा पल है। अपने बयान में सिक्किम के मुख्यमंत्री ने कहा कि मिनाक्षी एम राय का पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में चुने जाने एक ऐतिहासिक क्षण है। वो सिक्किम से पहली महिला जज हैं तो इतने उच्च पद पर आसीन हुई हैं। मुख्यमंत्री ने न्यायिक प्रक्रिया में मिनाक्षी एम राय के योगदान को सराहनीय और अतुल्नीय बताया है। सीएम ने सिक्किम की जनता और सरकार की तरफ से मिनाक्षी एम राय को बधाई दी है। सीएम ने कहा कि मिनाक्षी एम राय के द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में दिए गए योगदान को सिक्किम तथा देश के लोग याद रखेंगे। मिनाक्षी एम राय के आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्किम में हाईकोर्ट के जज के तौर पर मिनाक्षी एम राय ने जिस तरह से निष्पक्षता से अपने न्यायिक दायित्वों को निभाया उसका लाभ अब पटना हाईकोर्ट को भी मिलेगा।

छात्रों-शिक्षकों को बड़ी राहत, बिहार सरकार ने स्कूलों में पुरानी हाफ-डे व्यवस्था लौटाने का लिया फैसला

पटना बिहार के सरकारी स्कूलों के समय और कार्यदिवसों को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहे विवाद पर अब सम्राट सरकार पूर्णविराम लगाने जा रही है. राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों और शिक्षकों के हित में एक और बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार को आधे दिन के कार्यदिवस वाली पुरानी व्यवस्था फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है. सूत्रों के अनुसार, नए निर्णय के के तहत अब बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को ‘हाफ डे’ यानी आधे दिन की पढ़ाई होगी. बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक और नए शेड्यूल की गहन समीक्षा के बाद इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बन गई है, और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी जल्द ही इस नई व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा करेंगे।  पौने छह लाख शिक्षकों और करोड़ों छात्रों को मिलेगी राहत बता दें कि पिछले कुछ समय से राज्य के पौने छह लाख सरकारी शिक्षक और विभिन्न शिक्षक संघ लगातार यह मांग उठा रहे थे कि शनिवार को फुल डे की जगह हाफ डे की व्यवस्था दोबारा शुरू की जाए. खासकर मई महीने की इस भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच पूरे दिन स्कूल संचालन से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा था. इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के करोड़ों छात्र-छात्राओं को राहत मिलेगी, बल्कि मानसिक तनाव से जूझ रहे शिक्षकों को भी वीकेंड पर अपने जरूरी कार्यों को निपटाने का समय मिल सकेगा।  31 मई तक जारी हो जाएगी आधिकारिक अधिसूचना शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए स्कूल शेड्यूल और समय सारिणी यानी टाइम टेबल (Time Table) को लेकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है. विभाग आगामी 31 मई तक इस संबंध में विधिवत अधिसूचना जारी कर देगा. सम्राट सरकार का यह फैसला इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ शिक्षकों और छात्रों के अनुकूल माहौल तैयार करने की कोशिशों में जुटी है. माना जा रहा है कि जून महीने में स्कूल खुलने के साथ ही यह व्यवस्था पूरी तरह से जमीन पर प्रभावी हो जाएगी।   

सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर विधान परिषद में नेता, सचेतक और उपनेता नियुक्त

पटना  मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर बिहार विधान परिषद में सत्‍ता पक्ष के 6 नेताओं को नई जिम्‍मेदारी दी गई है। संसदीय कार्य विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। 15 मई से प्रभावी इस फैसले के तहत नेता, उपनेता, मुख्य सचेतक और उपमुख्य सचेतक के पदों पर मनोनयन किया गया है। ललन एवं राजेंद्र बने उपनेता अधिसूचना के अनुसार ललन कुमार सर्राफ एवं प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्‍ता को उपनेता का बनाया गया है। इन्‍हें मंत्री पद की सुविधा प्रदान की गई है। जदयू के विधान पार्षद संजय कुमार सिंह को मुख्‍य सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी मंत्री की सुविधा प्राप्‍त हो गई है। वहीं जनक राम उपमुख्‍य सचेतक बनाए गए हैं। इन्‍हें राज्‍य मंत्री की सुविधा प्रदान की गई है। इनके अलावा नीरज कुमार एवं रीना देवी को सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी राज्‍य मंत्री की सुविधा मि‍ली है।   राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयन समित‍ि का पुनर्गठन इससे एक दिन पूर्व राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयण समिति का पुनर्गठन राज्‍य सरकार ने किया। सीएम सम्राट चौधरी इसके अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। इनके अलावा उपमुख्‍यमंत्री व‍िजय कुमार चौधरी कार्यकारी अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। समिति में संजय सरावगी एवं उमेश सिंह कुशवाहा को उपाध्‍यक्ष बनाया गया है।   उपाध्‍यक्ष के पद पर ललन कुमार मंडल भी रखे गए हैं। समिति में विधायक चेतन आनंद, संगीता कुमारी, भरत बिन्द, मुरारी प्रसाद गौतम तथा सिद्धार्थ सौरव सहित कई नेताओं को सदस्य बनाया गया है। इसके अतिरिक्त प्रहलाद यादव, नीलम देवी, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह भी सदस्‍य बनाए गए हैं। दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया जाएगा, जबकि सभी सदस्यों को राज्य के उप मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। बिहार विधान मंडल के सदस्य अपने वर्तमान वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाएं पूर्ववत प्राप्त करते रहेंगे।

मोरहाबादी से बीआईटी मेसरा तक PNG कनेक्शन की तैयारी, संजय सेठ ने की समीक्षा बैठक

 रांची  राजधानी रांची के मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, एचईसी क्षेत्र, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा इलाके में जल्द ही पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति शुरू होगी। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को रांची स्थित गेल (इंडिया) लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय में सिटी गैस वितरण परियोजना और पाइपलाइन गैस आपूर्ति (पीएनजी) कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को नेटवर्क विस्तार में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि वर्तमान में अशोक नगर, हरमू, हीनू, अरगोड़ा, पुंदाग, बरियातू, कांके, कोकर, तातीसिलवे, नामकुम और खेलगांव सहित कई इलाकों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है। वहीं मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, एचईसी क्षेत्र, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा में पाइपलाइन विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सुरक्षित, सस्ती और पर्यावरण अनुकूल गैस सुविधा उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक घरों तक पाइपलाइन गैस पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन कर युद्धस्तर पर पीएनजी कनेक्शन देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि रांची में अब तक 854 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन और 70 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। शहर में 28 सीएनजी स्टेशन संचालित शहर में 28 सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे हैं, जहां प्रतिदिन 38 हजार से 42 हजार किलोग्राम सीएनजी की बिक्री हो रही है। पीएनजी परियोजना के तहत अब तक 79,071 घरेलू अवसंरचना विकसित की गई है, जबकि 23,628 घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपलाइन गैस से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा 165 वाणिज्यिक और 16 औद्योगिक उपभोक्ता भी इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। बैठक में झिरी स्थित पांच टीपीडी क्षमता वाले कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट नगर निगम के ठोस अपशिष्ट को हरित ईंधन और जैव उर्वरक में बदल रहा है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और सतत अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है। समीक्षा बैठक के बाद रक्षा राज्य मंत्री ने दो फायर बाइक का उद्घाटन भी किया। गेल अधिकारियों ने बताया कि संकरी गलियों और ऐसे मोहल्लों में, जहां दमकल की बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं, वहां इन फायर बाइक का उपयोग पाइपलाइन से संबंधित आग बुझाने में किया जाएगा। बाइक में पानी और अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रहेंगे। मंत्री ने गेल की इस पहल की सराहना की। बैठक में रांची की मेयर रौशनी खलखो, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू, चेंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से जुड़े अजय भंडारी और विनय टिबरेवाल तथा होटल एसोसिएशन के चंद्रकांत रायपत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

बकरीद पर गांधी मैदान में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, अस्थायी थाना और CCTV से निगरानी

 पटना बकरीद पर्व इस वर्ष 28 मई को संभावित है। इसे लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को डीएम त्यागराजन एसएम  एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने के साथ अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारी द्वय ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बंध-पत्र भरवाने, नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने व सभी अनुमंडलों में समय रहते शांति समिति की बैठक आयोजित की जाए। डीएम-एसएसपी ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया मानिटरिंग सेल को सतत सक्रिय रखें और किसी भी अफवाह का तत्काल खंडन करें। जनभावनाओं को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। बैठक में सभी पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, नगर निगम, पीएचईडी, बिजली विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। गांधी मैदान में बनेगा अस्थायी थाना, सीसीटीवी से निगरानी डीएम ने कहा कि 28 मई को संभावित बकरीद पर गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचेंगे। इसे देखते हुए गांधी मैदान में प्रवेश व निकास व्यवस्था को सुचारू रखने, पार्किंग, पेयजल, प्रकाश, सफाई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिए गांधी मैदान में अस्थायी थाना सक्रिय रहेगा व सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा नगर निगम को गांधी मैदान व आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई, हाईमास्ट लाइट चालू रखने और आवारा पशुओं की आवाजाही रोकने का निर्देश दिया गया। पीएचईडी को वाटर टैंकर व वाटर एटीएम की व्यवस्था करने, ट्रैफिक पुलिस को पार्किंग स्थल चिह्नित करने व स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस, डाक्टर और जीवनरक्षक दवाओं के साथ मेडिकल टीम तैनात रखने को कहा गया है। मौके पर फायर दस्ता भी तैनात रहेगा।  

534 सीएचसी को मिलेगा स्पेशियलिटी अस्पताल का दर्जा, राज्य स्वास्थ्य समिति ने जारी किया निर्देश

 समस्तीपुर सात निश्चय- 3 अंतर्गत सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन के तहत राज्य के 36 जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और 534 प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक और दूरगामी कार्ययोजना तैयार की है। योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भरता से राहत दिलाना है। इन अस्पतालों में हार्मोन रोग, तंत्रिका रोग, हृदय रोग, मूत्र रोग और गुर्दा रोग से संबंधित विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पत्र के बाद समस्तीपुर जिले में तैयारी को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर हुए बिना अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिल सके। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि राज्य स्तर से पत्र जारी किया गया है। इस दिशा में रिपोर्ट देने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्टिंग के लिए जारी किया गया दिशा-निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति ने दो अलग-अलग प्रारूप जिलों को भेजे हैं। प्रखंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जानकारी में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, उपलब्ध चिकित्सक, बेड, भवन, उपकरण, जांच सुविधा और जनसंख्या कवरेज शामिल है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या, आपरेशन थिएटर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलाजी, आक्सीजन, एंबुलेंस और दवा भंडारण जैसी सुविधाओं का ब्योरा देना अनिवार्य है। जिला अस्पतालों के लिए सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सक जैसे मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग, शिशु रोग, फिजियोथेरेपिस्ट, निश्चेतक, नेत्र रोग, हड्डी रोग, आंख-कान-गला रोग, हृदय रोग विशेषज्ञ और नेफ्रोलाजिस्ट की संख्या बताना आवश्यक है। इसके अलावा ब्लड बैंक, आईसीयू, एनआईसीयू, पीकू, ट्रामा सेंटर, माड्यूलर आपरेशन थिएटर, आधुनिक जांच मशीनें और बेड क्षमता का विवरण भी शामिल करना होगा। बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की योजना यह पहल वर्ष 2025-30 के दौरान विकासात्मक और लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण को मजबूत करने की दृष्टि से की जा रही है। राज्यभर में रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को अपने जिले में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जाएगी।  

भीषण गर्मी के बीच झारखंड सरकार सख्त, सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त पानी की व्यवस्था अनिवार्य

 रांची झारखंड में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित पंचायत प्रतिनिधियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने जनहित को सर्वोपरि बताते हुए साफ किया है कि इस संकट की घड़ी में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करें, ताकि राज्य के किसी भी नागरिक को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े. सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त पानी की व्यवस्था का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी उपायुक्तों (DC), पुलिस अधीक्षकों (SP), थाना प्रभारियों, अंचलाधिकारियों (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और पंचायत प्रतिनिधियों को कड़ा निर्देश जारी किया है. इसके तहत सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आम जनता और राहगीरों के लिए पेयजल (पीने के पानी) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पानी की व्यवस्था वाली जगहों पर स्पष्ट सूचना (साइनबोर्ड) भी प्रदर्शित की जाए, ताकि राहगीरों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके और उन्हें भीषण गर्मी में राहत मिले. जल संकट वाले इलाकों में तुरंत चापाकल मरम्मत के आदेश झारखंड में गहराते जल संकट पर काबू पाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों को सीधी जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने आदेश दिया है कि जहां कहीं भी पानी की किल्लत या संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है, वहां बिना किसी देरी के तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही गांवों और शहरों में खराब पड़े चापाकलों की तुरंत मरम्मत कराने और अन्य वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा- ‘पानी की कमी न हो सोशल मीडिया पर जारी अपने इस महत्वपूर्ण निर्देश में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि झारखंड के किसी भी गांव, टोला या मोहल्ले में पेयजल की कमी के कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए और इसे सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस भीषण गर्मी के दौर में आम जनता के हितों की रक्षा करना और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

रांची में साइंस, एआई और रोबोटिक्स पर फोकस, राज्य में शुरू होंगी तीन नई योजनाएं

रांची  राज्य में रोबोटिक्स, इंटरनेट आफ थिंग्स, ब्लाक चेन, बायोटेक्नोलाजी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष तीन बड़ी योजनाएं शुरू होंगी। इनमें रोबोटिक्स फेस्टिवल तथा साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज के आयोजन से लेकर राष्ट्रीय गणित दिवस तथा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना सम्मिलित हैं। इन तीनों योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी झारखंड काउंसिल आफ साइंस टेक्नेालाजी एंड इनोवेशन (जेसीएसटीआई) को दी गई है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इन तीनों योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर संकल्प एवं दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज का आयोजन तीन श्रेणियों के विद्यार्थियों के बीच होगा। पहली श्रेणी में आठवीं से 10वीं कक्षा के स्कूली विद्यार्थी, दूसरी श्रेणी में 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थी के साथ आइटीआइ के विद्यार्थी तथा तीसरी श्रेणी के क्विज में पालीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। ऑनलाइन जीतें हजारों के पुरस्कार पहले चरण में ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता होगी, जबकि दूसरे एवं अंतिम चरण में में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता लिखित होगी। अंतिम चरण में प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। जिला स्तर पर प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह, प्रत्येक वर्ष 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस तथा 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के आयोजन के लिए ''सर जैनेंद्र चंद्र घोष स्कीम फार साइंस एंड टेनोलाजी इंपारटेंस योजना'' शुरू होगी। 24 अंगीभूत कालेजों, 15 तकनीकी संस्थानों तथा 34 पालीटेक्निक में इन दोनों दिवसों के आयोजन के लिए एक-एक लाख रुपये सभी चयनित संस्थानों को अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बाद में केंद्र से भी अनुदान मिल सकता है। इसी तरह, राज्य स्तर पर पहली बार रोबोटिक्स फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा। इसमें भी पुरस्कार से लेकर तकनीकी सहायता के प्रविधान योजना में किए गए हैं। तीनों योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए निदेशक, तकनीकी शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किस योजना पर कितनी राशि होगी खर्च     साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज : 30 लाख     राष्ट्रीय गणित दिवस तथा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन : 3.21 करोड़     रोबोटिक्स फेस्टिवल : 1.54 करोड़  

एआई कैमरों के जिक्र से लेकर अपराध पर सख्त संदेश तक, सम्राट चौधरी का संबोधन चर्चा में

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित एआई समिट 2026 के उद्घाटन सत्र के दौरान एक ऐसी बात कही कि माहौल हल्का हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोग मु्स्कुराते हुए ताली बजाने लगे। उन्होंने हरा गमछा रखने वालों का उदाहरण देते हुए कहा कि एआई से एक बार कह दिया जाए तो तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। हालांकि, सीएम ने सफाई भी दी कि किसी खास व्यक्ति या व्यक्तियों की ओर मेरा इशारा नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता और नेता हरे गमछा का इस्तेमाल करते हैं। अब गमछे का स्थान हरी टोपी ले रही है। शनिवार को पटना के उर्जा भवन में सूचना प्रवैद्यिकी डिपार्टमेंट(आईटी) की ओर से एआई समिट 2026 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका उद्घाटन किया जबकि विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने होस्ट किया। सीएम ने इस मौके पर बिहार के विकास में एआई की भूमिका को रेखांकित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि पटना में करीब चार हजार एआई कैमरे लगे हुए हैं। अगर एक बार एआई से कह दिया जाए कि हरा गमछा वालों को खोजो तो क्या होगा। तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। यह कहते हुए सीएम के चेहरे पर हल्की मुस्कान फूट रही थी। हालांकि, उन्होंने तुरंत सफाई दी और कहा कि मैं किसी की तरफ इशारा नहीं कर रहा। लगे हाथ मुख्यमंत्री बिहार में अपराधियों की जाति के मसले पर स्वीच कर गए। उन्होंने कहा कि मेरे लिए किसी अपराधी की कोई जाति नहीं है। हम पूछना चाहते हैं कि पुलिस अब अपराधी की जाति पूछ कर गोली मारेगी क्या? ऐसा करना सही होगा क्या? हमारी पुलिस को पूरी छूट है कि अपराधी को अपराधी की तरह ट्रीट करना है। अपराधी चाहे किसी जाति का या धर्म का हो, उसके साथ केवल अपराधियों जैसा व्यवहार करना है। अगर कोई भी आदमी बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था से कोई छेड़छाड़ करता है तो उसके लिए कोई जात और धर्म का अड़चन नहीं है। सभी लोग एकदम स्पष्ट रहिए कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना है।