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राज्यसभा की दौड़ में नथवाणी की एंट्री, भाजपा नेताओं की मौजूदगी में भरा पर्चा

रांची. झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। सोमवार को उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी। नामांकन के दौरान भाजपा के कई विधायक उनके साथ विधानसभा पहुंचे। झरिया से भाजपा विधायक रागिनी सिंह समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी ने उनके प्रति भाजपा के समर्थन के संकेत और मजबूत कर दिए। विधानसभा में नथवाणी को लेकर हटिया विधायक नवीन जायसवाल पहुंचे।  परिमल नथवाणी झारखंड से वर्ष 2008 और 2014 में राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। वर्तमान में वे आंध्र प्रदेश से राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने अपना आधिकारिक उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है और नथवाणी को समर्थन देने की रणनीति बनाई है। बताया जा रहा है कि भाजपा के साथ-साथ सहयोगी दलों जदयू, लोजपा और आजसू के विधायकों को भी उनके प्रस्तावक बनने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में उनकी दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है। हेमंत सोरेन से मुलाकात बनी चर्चा का विषय नामांकन से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और परिमल नथवाणी की मुलाकात भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि दोनों पक्षों ने इसे केवल शिष्टाचार भेंट बताया है। वहीं JMM ने स्पष्ट कर दिया है कि वह नथवाणी के प्रस्तावक की भूमिका में नहीं है। बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नथवाणी के चाहने वाले झामुमो में भी हैं। कारण कि झारखंड के लिए उनका कार्यकाल अच्छा रहा है। मैं पुराना झारखंडी हूं … मैं पुराना झारखंडी हूं। मुझे विश्वास है कि मुझे जीत मिलेगी। सत्तापक्ष का भी साथ मिलेगा। मेरे दो कार्यकाल के काम को पूरा झारखंड देखा है। सबसे लेंगे सहयोग। सबसे मिलना आवश्यक है। हमने झारखंड के लिए जो काम किया है, उसके भरोसे वोट मांगेगे। -परिमल नथवाणी, राज्यसभा प्रत्याशी, झारखंड दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मीडिया सलाहकार प्रणव झा को मैदान में उतारा है। महागठबंधन के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन कांग्रेस के विधायकों को एकजुट बनाए रखना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्रॉस वोटिंग होती है तो चुनाव के नतीजों पर इसका असर पड़ सकता है। झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून को होना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि परिमल नथवाणी को भाजपा और उसके सहयोगी दलों का पूरा समर्थन मिलता है, तो उनकी जीत की संभावनाएं काफी बढ़ सकती हैं। उन्हें जीत के लिए केवल कुछ अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी। नामांकन प्रक्रिया के साथ ही राज्यसभा चुनाव के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी गणित, संभावित क्रॉस वोटिंग और अंतिम समय में बनने वाले नए समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में और भी दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। स्थानीयता और राज्य के मुद्दे पर भी हैं.. नामांकन करना और जीतना दोनों अलग है। भाजपा के ही सभी विधायकों का भी उन्हें समर्थन मिलेगा, यह भी कहा नहीं जा सकता। स्थानीयता और राज्य के मुद्दे पर भी हैं। भाजपा ने किसी दलित को राज्यसभा नहीं भेजा?  -सुप्रियो भट्टाचार्य, महासचिव, झामुमो

19,024 फीट पर बिहार का परचम, शिवेंद्र का कमाल

बांकेबाजार गयाजी जिले के बांकेबाजार प्रखंड के फुलवरिया गांव निवासी शिवेंद्र वर्मा ने साहस, जुनून और दृढ़ संकल्प का अद्भुत परिचय देते हुए विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है. उन्होंने बाइक से कठिन हिमालयी मार्गों को पार कर दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रे उम्लिंग ला पास तक पहुंचने का गौरव हासिल किया है. पांच दिनों तक लगातार बाइक चलाकर हासिल की मंजिल शिवेंद्र वर्मा ने लगातार पांच दिनों तक बाइक से सफर करते हुए लेह-लद्दाख क्षेत्र की कई दुर्गम और ऊंची चोटियों को पार किया. 3 जून को उन्होंने समुद्र तल से लगभग 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित उम्लिंग ला पास पहुंचकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रे तक बाइक से पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. BRO ने किया सम्मानित उनकी इस असाधारण उपलब्धि को मान्यता देते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) ने उन्हें मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. यह सम्मान शिवेंद्र वर्मा की मेहनत, साहस और समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है. गांव से लेकर जिले तक खुशी का माहौल शिवेंद्र वर्मा की सफलता की खबर मिलते ही फुलवरिया गांव समेत पूरे बांकेबाजार और गया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है. अमेरिकी कंपनी में हैं मैनेजर शिवेंद्र वर्मा वर्तमान में फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. पर्वतीय क्षेत्रों और साहसिक यात्राओं के प्रति उनकी विशेष रुचि रही है. इसी जुनून और तैयारी के दम पर उन्होंने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. युवाओं के लिए बने प्रेरणा शिवेंद्र वर्मा की यह सफलता युवाओं को यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उनकी उपलब्धि ने गया ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार का गौरव बढ़ाया है.

बड़ी पुलिस कार्रवाई! मंत्री काफिला हमला मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत 7 आरोपी गिरफ्तार

मधुबनी. खजौली थाना क्षेत्र के ठाहर गांव में मंत्री अरुण शंकर के काफिले पर हुए हमले और हिंसक बवाल के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया है कि घटना के बाद चलाए गए विशेष अभियान में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित सुनील कुमार सिंह भी शामिल है। एसपी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार देर रात सदर एसडीएम, चार एसडीपीओ तथा दस थानों की पुलिस टीम के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। रात 11 बजे से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान ठाहर एवं उसके आसपास के गांवों में एक साथ दबिश दी गई।  तड़के तक चले अभियान में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं।  मामला पूरी तरह सुनियोजित साजिश  एसपी योगेन्द्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पूरी तरह सुनियोजित साजिश का प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपित सुनील कुमार सिंह पर भीड़ को भड़काने तथा मंत्री के आगमन की सूचना प्रसारित कर लोगों को एकत्रित करने का आरोप है। पुलिस को मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। एसपी के अनुसार छापेमारी के दौरान आरोपितों के पास से छह मोबाइल फोन, लाठी-डंडे, पेट्रोल से भरी बोतलें तथा कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।  कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही बरामद मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, जिससे घटना के पीछे सक्रिय लोगों और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि युवक की मौत के बाद उत्पन्न जनाक्रोश का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल को भड़काने का प्रयास किया।  उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। ज्ञात हो कि ठाहर गांव में सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश था। इसी बीच मंत्री अरुण शंकर पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे थे।  घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव आरोप है कि इसी दौरान उग्र भीड़ ने काफिले को घेर लिया और वाहनों में तोड़फोड़ की। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। एसपी योगेन्द्र कुमार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भीषण गर्मी के बीच राहत के आसार, पटना समेत 7 जिलों में बारिश की चेतावनी

पटना बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम के मिजाज बदलने के आसार हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक अगले दो से तीन घंटों में सात जिलों के 51 प्रखंडों में बारिश के साथ तेज हवा बहने से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस दौरान मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की ओर से लोगों खासकर किसानों को सचेत रहने की चैतावनी दी है। मौसम विभाग की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि राजधानी पटना के साथ खगड़िया, जमुई, नालंदा, बांका, भागलपुर, मुंगेर जिलों में अगले दो से तीन घंटों में बारिश होगी। इस दौरान करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की दर से तेज हवा भी चलेगी। बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात गिरने के भी आसार हैं। खगड़िया के दो प्रखंडों, जमुई के एक, पटना के आठ, नालंदा के 13 प्रखंडों में बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल जाएगा। इन जिलों में आसमान का रंग बदल गया है। इसके अलावे बांका के साथ, भागलपुर के 11 और मुंगेर के 9 प्रखंडों में बारिश के आसार जताए गए हैं। बिहार बीते कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में है। दिन में 11 बजे से दो बजे के बीच बाहर निकलना काफी खतरनाक हो सकता है। तापमान लगभग चालीस डिग्री सेल्सियस के आस पास देखा जा रहा है। कई जिलों में जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। गर्मी के कारण आग लगने की संभावना भी काफी बढ़ गई है। राज्य के पूर्णिया जिले में तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर होते-होते गर्मी का असर इतना बढ़ गया कि बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई। भीषण गर्मी के कारण अधिकांश लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे, जबकि आवश्यक कार्यों से बाहर निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सुबह के समय आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे धूप और छांव का सिलसिला चलता रहा। इसके बावजूद उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। राहगीरों को शुद्ध पेयजल की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ा और कई लोगों को दुकान से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी।

रांची में भाजपा बैठक, शीर्ष नेताओं ने आगामी रणनीति पर की चर्चा

 रांची  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय झारखंड दौरा संपन्न कर रविवार को दिल्ली लौट गए. प्रस्थान से पहले उन्होंने रांची और झारखंड को अपना दूसरा घर बताते हुए कहा कि यह पावन धरती भाजपा के लिए बेहद उज्ज्वल भविष्य लेकर आएगी. उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि राज्य में भाजपा की जड़ों को फिर से उसी ऐतिहासिक मजबूती के साथ खड़ा किया जाएगा, जैसा वह पहले थीं. भाजपा प्रदेश कार्यालय से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ हुए संवाद को बेहद उत्साहजनक बताया. कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है. अपने इस प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं तथा आगामी राजनीतिक रणनीति व सांगठनिक विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की. राजनीतिक गलियारों में उनके इस दो दिवसीय दौरे को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रदेश अध्यक्ष के पैतृक आवास पर जुटे दिग्गज अपने झारखंड प्रवास के दूसरे दिन रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ओरमांझी के कुच्चू स्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के पैतृक आवास पहुंचे. यहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के परिवारजनों से मुलाकात की और अल्पाहार किया. इसके बाद आदित्य साहू के आवास पर ही एक उच्च स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड भाजपा के तमाम दिग्गज नेता और रांची के तीनों जिलों के कार्यसमिति सदस्य शामिल हुए. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और हालिया चुनाव के प्रत्याशियों ने हिस्सा लिया. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती, आगामी चुनौतियों और भाजपा के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया. साथ ही, उन्होंने ‘विकसित झारखंड और विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया. बैठक में झारखंड भाजपा के इन बड़े चेहरों की रही मौजूदगी इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और संजय सेठ मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इनके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, दीपक प्रकाश, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, सांसद बीडी राम, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, विधायक पूर्णिमा साहू, पुष्पा देवी, रामचंद्र चंद्रवंशी, अमर कुमार बाउरी और रांची की पूर्व मेयर रोशनी खलखो सहित दर्जनों वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे. भाजपा प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और राज्य में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी.

प्री-मानसून ने पकड़ी रफ्तार, झारखंड में मौसम बदला, येलो अलर्ट जारी

रांची  झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कई स्थानों पर बारिश भी हो रही है. इस बीच गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम वज्रपात की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक क्रमु कुमार की मौत हो गई. रामगढ़ के गंडके पाहन टोला निवासी की 30 वर्षीय युवक राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. पिछले 24 घंटे ऐसा रहा तापमान झारखंड में कई स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई, जबकि एक स्थान पर भारी बारिश भी हुई. सबसे अधिक 70.3 मिमी वर्षा सिमडेगा के थर्थाइटांगर में रिकॉर्ड की गई. वहीं, राज्य का सबसे अधिक उच्चतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस लातेहार-AWS में रिकॉर्ड किया गया. कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी), रांची केंद्र ने झारखंड में आगामी दिनों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक बना ट्रफ सक्रिय है, जिसके प्रभाव से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है. कल रांची और आसपास में बारिश के संकेत 9 जून को रांची, बोकारो, रामगढ़, गुमला और खूंटी सहित दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में मेघगर्जन और तेज हवा के साथ वर्षा होने के संकेत हैं. रांची में 10 और 11 जून को भी मेघगर्जन के साथ वर्षा की संभावना है.

गंभीर धाराओं में FIR के बाद भी खान सर गिरफ्त से दूर, बढ़ा विवाद

पटना  खान सर लापता हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। लेकिन खान सर का कुछ भी पता नहीं चल सका है। आखिर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज होने के बाद खान सर कहां अंडरग्राउंड हो गए हैं और पुलिस उन्हें क्यों नहीं गिरफ्तार कर पा रही है? ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी ने यह गंभीर सवाल उठाए हैं। एकेडमी प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि जिस तरह से ज्ञान बिंद् के डायरेक्टर रौशन आनंद को गिरफ्ताार करने में पुलिस ने त्वरित ऐक्शन दिखाया आखिर उस तरह का ऐक्शन खान सर को अरेस्ट करने में क्यों नहीं दिखाया गया? ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने खान सर की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर आमरण अनशन की धमकी तक दे दी है। ज्ञान बिंदु के शिक्षक वरुण ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में सवाल उठाते हुए कि रौशन सर की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह से प्रशासन ने तत्परता दिखाई वैसी तत्परता वो आज क्यों नहीं दिखा रही है? खान की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? 4 तारीख को एफआईआऱ दर्ज कराई गई थी और अब 8 तारीख हो गया है। केस दर्ज होने के बाद वो अपने क्लासरूम में डिजीटल बोर्ड पर सीसीटीवी फुटेज को चला कर कह रहे हैं कि इस व्यक्ति की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। जबकि खुद उस व्यक्ति (खान सर) पर ऐसी-ऐसी धाराएं लगी हैं कि उसकी तो उसी समय गिरफ्तारी होनी चाहिए थी ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने आगे कहा कि जो शख्स उस वक्त वहां नहीं थे यानी रौशन सर की इसमें कोई संलिप्ता नहीं है उसे आपने गिरफ्तार कर रखा है। जिस शख्स पर प्रत्यक्ष एफआईआर है आज वो आसानी से और आराम से अपना जीवन जी रहा है। हमारी मांग है कि उनकी (खान सर) गिरफ्तारी अविलंब होनी चाहिए। टीचर वरुण ने कहा कि हमलोगों ने पहले भी कहा है कि जो गार्ड इस मामले में है वो कैंपस का गार्ड है, खान का गार्ड नहीं है। गार्ड ने खुद कहा कि हम कैंपस के गार्ड हैं। उस गार्ड को सुरक्षाा मिलनी चाहिए। अगर उस गार्ड के साथ कुछ भी गलत होता है तो उसका सारा बोझ रौशन सर पर डाल दिया जाएगा इसलिए उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए। वरुण ने आगे कहा कि अगर खान सर गिरफ्तार नहीं होते हैं तो हम आमरण अनशन करेंगे। हमने न्यायालय से भी गुहार लगाई है कि जल्द इस प्रक्रिया को देख कर रौशन सर को बेल दी जाए और जो दोषी है उसपर कार्रवाई करने का आदेश प्रशासन को दिया जाए। बहरहाल आपको बता दें कि खान सर के वकील कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स ऐक्ट के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 2 जून को खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में हुए बवाल के बाद खान सर पर बीएनएस की धारा 109 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25(9), 27 और 35 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं बेहद कड़ी हैं और इनसे खान सर की मुश्किलें निश्चित तौर से बढ़ सकती हैं।

एमएलसी चुनाव को लेकर पटना में हलचल तेज, NDA-RJD की रणनीति पर नजर

पटना बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए आज यानी सोमवार को उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। विधानसभा सचिव के कमरे में सभी उम्मीदवार सुबह 11 बजे से दोपहर बाद 3 बजे के बीच अपना पर्चा भरेंगे, और आपको बता दें कि नामांकन दाखिल करने की यह आखिरी तारीख है। इस चुनाव को लेकर एनडीए ने अपने 9 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान पहले ही कर दिया है, लेकिन विपक्षी महागठबंधन यानी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से रविवार की देर रात तक अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की गई थी। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि आज नामांकन के दौरान पटना विधानसभा परिसर में दिग्गजों का भारी जमावड़ा लगने वाला है। 9 सीटों पर मुख्य चुनाव और एक पर उपचुनाव विधान परिषद की कुल 10 सीटों में से 9 सीटों पर सामान्य चुनाव हो रहा है, जबकि 1 सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। इस चुनाव के गणित को समझें तो प्रत्येक सीट पर जीत हासिल करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 25 विधायकों के वोटों की जरूरत होगी। इस लिहाज से एनडीए के घटक दलों के खाते में 9 में से 8 सीटों पर सीधी और निश्चित जीत तय मानी जा रही है। वहीं, बची हुई 10वीं सीट भी संख्या बल के हिसाब से एनडीए के पाले में ही जाती दिख रही है। जानकारों का कहना है कि अगर इन सीटों के लिए कुल 10 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तभी 18 जून को वोटिंग कराई जाएगी, वरना सभी का निर्विरोध चुना जाना तय है। दीपक प्रकाश के नामांकन पर सस्पेंस बरकरार इस पूरे चुनाव में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा रालोमो नेता और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के नामांकन को लेकर चल रही है। दरअसल, दीपक प्रकाश अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए मंत्री पद पर बने रहने के लिए उनका चुना जाना जरूरी है। हालांकि, उनके नाम को लेकर रविवार देर रात तक एनडीए में स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो सकी थी, लेकिन माना जा रहा है कि वे आज एनडीए की तरफ से पर्चा भर सकते हैं। इस संबंध में जब रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से पूछा गया, तो उन्होंने सस्पेंस बनाए रखते हुए कहा, "अभी थोड़ा इंतजार कीजिए, सोमवार को इसकी जानकारी सभी को हो जाएगी। हमारी बातचीत अंतिम दौर में चल रही है और हम हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

ग्रामीण सड़कों के विकास पर अटकी योजना, 319 सड़कें जमीन विवाद में फंसीं

 पटना  ग्रामीण इलाके में बनने वाली सड़कें भी राष्ट्रीय उच्च पथ (NH) और स्टेट हाईवे (SH) के निर्माण से जुड़ी आधारभूत समस्या को झेल रही हैं। यह समस्या जमीन की उपलब्धता से संबंधित है। ग्रामीण कार्य विभाग के एक आकलन के अनुसार अगले पांच वर्षों में बिहार के ग्रामीण इलाके में सड़क निर्माण को 3600 करोड़ रुपए अकेले जमीन अधिग्रहण मद में खर्च कर करने होंगे। इस राशि का आकलन प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि को जोड़कर किया गया है। 319 सड़कों के लिए जमीन की जरूरत ग्रामीण कार्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 319 सड़कों का मामला जमीन अधिग्रहण के पेच में फंसा है। इनमें 51 स्थायी पट्टा से संबंधित मामले हैं। इस बारे में ग्रामीण कार्य विभाग का कहना है कि अलग-अलग विभागों से समन्वय कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। समस्या समाधान के लिए हर माह संबंधित विभागों के साथ संयुक्त रूप से साइट मीटिंग आयोजित की जाएगी। यह भी योजना बन रही कि जहां तक संभव हो वैसी परियाेजनाएं प्राथमिकता के आधार पर ली जाएं जिसमें किसी तरह के जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़े। फाॅरेस्ट क्लियरेंस का भी पेच जिस तरह से एनएच और एसएच का निर्माण फारेस्ट क्लियरेंस में अटक जाता है उसी तरह का मामला ग्रामीण कार्य विभाग के भी सामने आ रहा। इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 47 सड़कों का मामला वन स्वीकृति हासिल नहीं होने की वजह से अटका पड़ा है। बहुत से मामले ऐसे हैं जहां एलायनमेंट के तहत बिजली पोलों को हटाया जाना है। इस बारे में जानकारी दी गई कि बिजली के जाे पोल संबंधित सड़क के एलायनमेंट के बाहर हैं उसके लिए किसी तरह का शुल्क देय नहीं होगा। इसी तरह पुराने जर्जर बिजली पोल के स्थानांतरण के लिए नई दर का भुगतान नहीं होगा। नए प्रोजेक्ट में कमिश्नर व डीएम की अनुशंसा आवश्यक ग्रामीण कार्य विभाग ने तय किया है कि अतिरिक्त परियोजनाओं के समावेशन के प्रस्तावों की गहन जांच और स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी की विधिवत अनुशंसा संबंधित प्रस्ताव पर दर्ज होगी। इसके बाद ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।  

उच्च स्तरीय समिति ने कई जिलों से दस्तावेजों की विस्तृत मांग की

 रांची जिलों के कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले में चल रही उच्च स्तरीय जांच समिति की जांच का दायरा अब बढ़ गया है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव वरिष्ठ आइएएस अधिकारी डा. अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय जांच समिति के पास बोकारो व हजारीबाग के अलावा रांची, रामगढ़, देवघर व चाईबासा में भी अवैध निकासी मामले की जांच की जिम्मेदारी मिल गई है। अब जांच समिति ने इन चारों जिलों से भी जांच से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज की मांग की गई है। समिति ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों से वहां के संबंधित विभाग में स्वीकृत व कार्यरत बल, बजट एवं आवंटन संचिका, जिला बल पंजी, मास्टर रोल पंजी, वेतन ज्ञापन, विपत्र पंजी, स्थापना मद से संबंधित दस्तावेज, डीडीओ तथा लिपिकों का विवरण, भुगतान एवं बैंक खाता का विवरण सहित कई अन्य बिंदुओं की जानकारी मांगी है। अब समिति अवैध वेतन निकासी के सभी प्रमुख बिंदुओं का सूक्ष्य अध्ययन व समीक्षा करेगी, ताकि आरोपितों पर कार्रवाई हो सके, कमियों को दूर कर भविष्य में इस तरह की होने वाली घटना को रोका जा सके। किस जिलें में अवैध वेतन निकासी का क्या है मामला बोकारो : बोकारो जिले में वहां के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में सबसे पहले अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया था। एजी की रिपोर्ट में खुलासे के बाद वित्त विभाग के आदेश पर पूरे मामले की जांच के बाद बोकारो में प्राथमिकी दर्ज हुई और लेखा शाखा से मुख्य आरोपित कौशल पांडेय को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। बाद में मामला सीआइडी के पास आया और सीआइडी ने तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया। इन तीन आरोपितों में लेखा शाखा का एएसआइ अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार व काजल मंडल शामिल हैं। बोकारो में अब तक की जांच में करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला उजागर हो चुका है। हजारीबाग : हजारीबाग में भी वहां के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में करीब 31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आ चुका है। इस मामले में पहले हजारीबाग पुलिस ने मुख्य आरोपित सिपाही शंभू कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में इस केस में शंभू कुमार सिंह की पत्नी काजल कुमारी, उसके सहयोगी सिपाही रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, रजनीश कुमार सिंह की पत्नी खुशबू कुमारी, सहयोगी धीरेंद्र कुमार सिंह, व रिश्तेदार सौरभ कुमार को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। चाईबासा : चाईबासा के एसपी कार्यालय के लेखा से अवैध वेतन निकासी मामले में चाईबासा मुफ्फसिल थाने की पुलिस ने मुख्य आरोपित देवनारायण मुर्मू के अलावा सरकार हेम्ब्रम, अरुण मार्डी व गोराचंद मांर्डी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। चाईबासा में करीब तीन करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। रांची : रांची के कोतवाली थाने में पशुपालन विभाग में 2.93 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला दर्ज हुआ था। इसमें इंस्टीच्यूट आफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन के दो कर्मचारी मुनिंद्र कुमार व संजीव कुमार पर हेराफेरी का आरोप लगा था। पुलिस ने मुनिंद्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, दूसरा आरोपित फरार है। रामगढ़ : रामगढ़ के जिला पशुपालन कार्यालय में अवैध वेतन निकासी मामले में करीब 34.25 लाख रुपये की अवैध व फर्जी निकासी का मामला सामने आ चुका है। इस मामले की भी जांच जारी है। देवघर : देवघर के सरवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 99 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी मामले का खुलासा हुआ है। देवघर डीसी की जांच में खुलासे के बाद इस मामले में मुख्य आरोपित स्वास्थ्य विभाग की पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी को फर्जी तरीके से रुपये निकालकर गबन करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। रिमांड पर पूछताछ के बाद CID ने शेष 7 आरोपितों को भी भेजा जेल 72 घंटे तक पूछताछ के बाद सीआइडी ने बोकारो व चाईबासा के भी सभी सातों आरोपितों को शनिवार को जेल भेज दिया। जिन्हें जेल भेजा गया है, उनमें बोकारो केस में एएसआइ अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार व सिपाही काजल मंडल तथा चाईबासा केस में सिपाही देवनारायण मुर्मू, सरकार हेम्ब्रम, अरुण मार्डी व गोराचंद मांर्डी शामिल हैं। सभी आरोपितों से पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर सीआइडी की एसआइटी अब आगे की पूछताछ करेगी।