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बिहार कर्मचारियों का DA बढ़ा, 1 जनवरी 2026 से मिलेगा 60% महंगाई भत्ता

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार के कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इस बैठक में 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए इलेक्ट्राॅनिक कार से सचिवालय पहुंचे। वहीं कई मंत्रियों ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। कई मंत्री सिर्फ एक वाहन से सचिवालय पहुंचे। 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कैबिनेट की बैठक के बाद विभागीय सचिव ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से की गई है। फिलहाल कर्मचारियों को 58 फीसदी का महंगाई भत्ता मिलता है। इसे बढ़ाकर 60 फीसदी तक किया जा रहा है। इसके अलावा भी नौकरी और रोजगार को लेकर कैबिनेट की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य कर्मचारियों को 5 महीने का एरियर मिलेगा बिहार सरकार की ओर से राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से बढ़ोतरी की गई है, ऐसे में उन्हें पांच महीने का एरियर भी मिलेगा। कैबिनेट सचिव ने बताया कि सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को अब 58 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वहीं छठे केंद्रीय वेतनमान में वेतन-पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को1 जनवरी 2026 के प्रभाव से अब 257 प्रतिशत के स्थान पर 262 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। जबकि 5वें केंद्रीय वेतनमान में वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को भी 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से 474 महंगाई भत्ता के स्थान पर 483 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। किशनगंज में सीआईएसएफ ट्रेनिंग सेंटर के लिए 110.12 एकड़ जमीन कैबिनेट की बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में किशनगंज में सीआईएसएफ ट्रेनिंग सेंटर के लिए 110.12 एकड़ जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को निशुल्क ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई। 5 जिलों में ग्रामीण एसपी के पद का सृजन राज्य सरकार ने अपराध और सांप्रदायिक रूप से अत्यंत संवेदनशील पांच जिलों में ग्रामीण एसपी के पद सजृन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिला शामिल है। इसके अलावा तीन डिग्री काॅलेजों के लिए शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के 132 पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। शिक्षा क्षेत्र में सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत पिपरासी, भितहा और टेटिया बम्बर में तीन नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। बैठक में ‘द आर्यभट्ट दृष्टि’ परियोजना के लिए 209 करोड़ रुपये तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के लिए 110 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अलावा वैशाली में खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए भूमि हस्तांतरण और वित्तीय अनियमितता के आरोप में भोजपुर के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को बर्खास्त करने का निर्णय भी लिया गया।  

IR कोड लागू होने की तैयारी तेज, यूनियन राजनीति में बड़ा बदलाव संभव

धनबाद  कोल इंडिया में ट्रेड यूनियनों की मान्यता और प्रतिनिधित्व का पूरा ढांचा बदलने जा रहा है. 8 मई को औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के केंद्रीय नियमों की आधिकारिक अधिसूचना के बाद कंपनी और यूनियन हलकों में हलचल तेज हो गई है. कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा गठित उच्चस्तरीय कमेटी ने आइआर कोड लागू करने की ठोस सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. यदि सिफारिशें लागू होती हैं, तो वर्षों से चली आ रही “हम सबसे बड़ी यूनियन” वाली दावा राजनीति पर विराम लग जाएगा और यूनियनों की ताकत सीधे कर्मचारियों के वोट से तय होगी. मान्यता का नया फॉर्मूला : चेक-ऑफ नहीं, अब वोट से ताकत     51% या अधिक वोट पाने वाली यूनियन बनेगी एकमात्र वार्ताकार यूनियन     51% नही होने पर 20% वोट पाने वाली यूनियनों की वार्ताकार परिषद बनेगी     20% से कम वोट पाने वाली यूनियनों की पांच वर्षों तक मान्यता नहीं     केवल कट-ऑफ डेट तक मतदाता सूची में दर्ज कर्मचारी ही वोट करेंगे     पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त सत्यापन अधिकारी की निगरानी में होगी     चुनाव से मिली मान्यता पांच वर्षों तक वैध रहेगी कोल इंडिया स्तर पर प्रतिनिधित्व की नई शर्त कंपनी स्तर के मंचों पर प्रतिनिधित्व के लिए किसी यूनियन को कम-से-कम पांच अनुषंगी कंपनियों में 20 प्रतिशत वोट हासिल करना अनिवार्य होगा. तभी उन्हें वार्ताकारी परिषद में जगह मिलेगी. 90 दिनों का चुनाव कैलेंडर (ड्राफ्ट का खाका)     पहला दिन : कट-ऑफ डेट, मतदाता निर्धारण     दिन 0-03 : यूनियनों के आवेदन     दिन 03-14 : दस्तावेजों की स्क्रूटनी     दिन 15-18 : प्री-बैलेट मीटिंग, चुनाव चिह्न आवंटन     दिन 20 : मतदाता सूची प्रकाशन     दिन 71-75 : सीक्रेट बैलेट वोटिंग     दिन 76-80 : मतगणना, परिणाम     दिन 82-89 : प्रोजेक्ट/एरिया/सब्सिडियरी/सीआइएल स्तर पर मान्यता आदेश चार-स्तरीय वार्ता प्रणाली लागू होगी     कोल इंडिया मुख्यालय स्तर पर : वेतन समझौता, कैडर-ग्रेड, स्टैंडिंग ऑर्डर, ट्रांसफर पॉलिसी     सब्सिडियरी स्तर : कंपनी-विशिष्ट मुद्दे     एरिया स्तर : क्षेत्रीय/संचालन संबंधी समस्याएं     प्रोजेक्ट/यूनिट स्तर : स्थानीय कार्यस्थल के मुद्दे इसके अलावा, वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण कमेटी का गठन अनिवार्य होगा, जिनमें महिलाओं को अनुपातिक प्रतिनिधित्व देना होगा. इन समितियों में सदस्य केवल मान्यता प्राप्त वार्ताकार यूनियन/परिषद से नामित होंगे. क्या बदलेगा यूनियन राजनीति में?     सबसे बड़ी यूनियन का दावा नहीं, वोट से वैधता     पांच साल की स्थिर मान्यता     नेगोशिएशन का स्पष्ट दायरा     जमीनी स्तर से मुख्यालय तक लोकतांत्रिक संरचना मजबूत होगी नियम लागू होने की टाइमलाइन 21 नवंबर 2025 से आइआर कोड प्रभावी है. केंद्रीय नियमों का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी हुआ. सलाह और सुझाव 28 फरवरी 2026 तक लिए गए. 1 अप्रैल 2026 से यह लागू होना प्रस्तावित था, लेकिन पांच राज्यों के चुनाव के कारण इसमें देरी हुई. 8 मई 2026 को अधिसूचना जारी होने के बाद अब निगाहें इस पर हैं कि कोल इंडिया में इसे कब से लागू किया जा रहा है. प्रबंधन और यूनियनों के बीच जल्द रणनीतिक बैठक की बात कही जा रही है. महिलाओं का प्रतिनिधित्व : अब अनिवार्य प्रावधान 1मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया में 19,135 महिला कर्मी काम करती हैं. अब तक यूनियनों में उनका प्रतिनिधित्व औपचारिक समितियों तक सीमित रहा है, पर आइआर कोड के तहत वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण समिति में अनुपातिक भागीदारी अनिवार्य होगी.

खरीफ कर्मशाला 2026: सूखे की आशंका पर सरकार की तैयारी तेज

 रांची  कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों के हित के लिए जो काम करेंगे, उनको सम्मान दिया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिल्पी नेहा तिर्की मंगलवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026 के दूसरे दिन कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर कर रही थीं। किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश के आसार है जिस कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सुखाड़ की आशंका को देखते हुए सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को अपने अपने जिले में कांटिजेंट प्लान बनाने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए समय महत्वपूर्ण होता है। उसे यदि सही समय पर बीज न मिले, सिंचाई की सुविधा न मिले तो हमारी सारी मेहनत बेकार है। कृषि मंत्री ने सूखे की संभावित आशंका को देखते हुए दिया एक्शन प्लान मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग एक सेना के रूप में किसानों के लिए काम करेंगे। जिला में नोडल पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी रहेंगे और कृषि प्रभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी मिलकर एक्शन मोड पर काम करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 मई को जिला स्तरीय बैठक बुलाए, जिसमें प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसकी रिपोर्ट राज्य के नोडल पदाधिकारी को भेजेंगे। 20 मई को हर जिला में खरीफ मेला का आयोजन होगा। जिसमें 500 प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। इसमें हर प्रखंड से भागीदारी हो इसे सुनिश्चित करेंगे। मेला में मृदा जांच काउंटर भी उपलब्ध करायेंगे। कर्मशाला में जो बातें आपने सीखी है उसे सरल तरीके से किसानों को समझाना होगा। कृषि विभाग से क्या मदद मिल सकती है उसकी जानकारी भी दें। 22 मई को प्रखंड स्तर भी खरीफ मेला का आयोजन करें और पंचायत स्तर भागीदारी सुनिश्चित करें। हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें। बीज का वितरण एसएचजी और एफपीओ के जरिए हो इसे भी सुनिश्चित करेंगे। पशुओं की दवाई का वितरण समय से हो कृषि मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पशुओं के दवाई का वितरण समय पर होने के लिए निविदा समय पर निकाली जाए। मई अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य समाप्त हो जाना चाहिए। जिला मत्स्य पदाधिकारी मत्स्य बीज का आंकलन कर निदेशालय को भेज दें और मई अंत तक वितरण हो इसे सुनिश्चित करें। इसके अलावे उन्होंने भूमि संरक्षण, सोलर पंप वितरण, ड्रिप इरीगेशन, मधुमक्खी पालन आदि पर सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया। बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति एससी दुबे ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में काम करना होगा। किसान आय के अन्य उपायों को भी अपनाने पर जोर दें, इसके लिए उन्हें प्रेरित करना होगा। जिला कृषि पदाधिकारी को अपने जिले की कृषि से संबंधित सभी जानकारी रखनी होगी।  

जल्द जारी होंगे एडमिट कार्ड, अभ्यर्थियों को वेबसाइट चेक करने की सलाह

रांची  सेना भर्ती कार्यालय रांची ने अग्निवीर भर्ती वर्ष 2026 के लिए काॅमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन की तिथियों की घोषणा कर दी है। परीक्षा 1 जून से 15 जून तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा उन सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए होगी जिन्होंने अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। भर्ती कार्यालय के अनुसार सभी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जल्द ही ज्वाइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट चेक करने और एडमिट कार्ड जारी होते ही उसे डाउनलोड करने की सलाह दी गई है। परीक्षा का आयोजन एडमिट कार्ड में अंकित तिथि, समय और परीक्षा केंद्र के अनुसार किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को प्रिंटेड एडमिट कार्ड, मूल फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो तथा एडमिट कार्ड में उल्लिखित अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा। भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित रिपोर्टिंग समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। दलालों से सावधान रहने की चेतावनी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए अभ्यर्थी रांची स्थित आर्मी आफिस से संपर्क कर सकते हैं अथवा जेएलएक पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत या प्रश्न दर्ज कर सकते हैं। सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को दलालों और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय सेना में चयन पूरी तरह मेरिट आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।

कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से जुड़ेगी सड़क, पटना से समस्तीपुर सफर होगा आसान

पटना जेपी गंगा पथ की तरह भद्रघाट से दीदारगंज तक फोरलेन सड़क दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगी। इस सड़क का लगभग 35 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसकी लंबाई 8.5 किलोमीटर है और 158.40 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण हो रहा है। जानकारी के अनुसार पथ निर्माण विभाग का लक्ष्य दिसंबर तक इसे तैयार करने का है। जनवरी से इसपर आवागमन शुरू होने की संभावना है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार जैसे-जैसे जमीन मिल रही, उस मुताबिक काम किया जा रहा है। हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से गंगा किनारे चित्रगुप्त घाट से कंगन घाट तक अतिक्रमण हटाया गया है। कच्ची दरगाह-बिदुपर पुल से जुड़ेगी सड़क उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफलाइन कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल से भद्रघाट-दीदारगंज सड़क जुड़ेगी। इसके जुड़ने से पटना सिटी से लोग समस्तीपुर का सफर कर सकेंगे। यह सफर तीन घंटे से कम होकर 1 घंटे का हो जाएगा। पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस पुल के चालू होने से गांधी सेतु और जेपी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा। पटना सिटी के लोगों को आवागमन के लिए जेपी गंगा पथ के अलावा एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे खासतौर पर तख्त श्री हरिमंदिरजी, पटना साहिब जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि यह मार्ग यात्रा को सुगम और तेज बनाएगा। मालवाहक वाहन फोरलेन सड़क से मंडी तक पहुंच सकेंगे मारूफगंज मंडी के लिए यह सड़क बहुत लाभकारी साबित होगी। फोरलेन सड़क के निर्माण के बाद मालवाहक वाहनों को पटना सिटी के भीतरी क्षेत्र में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे फोरलेन सड़क से होकर मंडी तक पहुंच सकेंगे, जिससे जाम की समस्या भी कम होगी और समय की बचत होगी। वर्तमान में, मंडी तक पहुंचने वाले वाहनों को शहर के भीतर से गुजरना पड़ता है, जिससे जाम और समय लगता है। छठ महापर्व पर गंगा तक पहुंच होगी आसान इस सड़क में ग्रीन फील्ड 2.25 किमी है। छठ और अन्य धार्मिक आयोजनों में गंगा तक लोग सुगमतापूर्वक पहुंच सकेंगे। सड़क का निर्माण उस अनुरूप होगा। दरअसल, गंगा से सटा हुआ भद्रघाट से दीदारगंज तक इलाका है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा बहाल की जा रही है। ताकि पर्व-त्योहार में घाटों तक पहुंचने में लोगों को परेशानी नहीं हो।

बिहार में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, लोगों से पैनिक न होने की अपील

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के लोगों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर ही चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करें। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उसके इस्तेमाल पर जोर दिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की अभी पर्याप्त उपलब्धता है। इसलिए लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि कॉलोनी व अपार्टमेंट में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने पर तेजी से काम करें। हमारी प्राथमिकता है कि आमलोगों को अधिक से अधिक सुविधा मिले। इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। लोक सेवक आवास में हुई बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार में पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और एलपीजी का स्टॉक, खपत एवं आपूर्ति की वर्तमान स्थिति के संबंध में सीएम को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में अब-तक एक लाख 12 हजार पीएनजी कनेक्शन काम कर रहे हैं। इसके लिए 25,813 लोगों ने आवेदन भी दिया है। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंदर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय सिंह सहित तेल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे। निजी स्कूल मनमानी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सहूलियतों का ख्याल रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। साथ ही निजी विद्यालयों की ओर से पुनर्नामांकन शुल्क और अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही अभिभावकों से स्कूलों की ओर से अनावश्यक शुल्क लेने पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी कर इस निर्णय की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर यह पहल की गई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने तथा छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि निजी विद्यालयों को सभी तरह के फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी अनिवार्य होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब निजी स्कूल के छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पुस्तकें एवं पठन-पाठन समेत अन्य सामग्री खरीद सकते हैं। संबंधित निजी विद्यालय निर्देशित दुकान और निर्देशित ब्रांड का सामान खरीदने के लिये बाध्य नहीं कर सकता है। साथ ही अब अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीद सकते हैं।

पटना ब्लैकआउट ड्रिल 14 मई को, आपदा तैयारी का होगा अभ्यास

 पटना  राजधानी पटना में 14 मई की शाम 7 बजे सिविल डिफेंस ब्लैकआउट और मॉकड्रिल आयोजित किया जाएगा। हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी और तंत्र की प्रभावशीलता जांचने के लिए यह अभ्यास किया जा रहा है। जिलाध‍िकारी डॉ. त्‍यागराजन एसएम ने लोगों से अपील की है कि निर्धारित समय पर अपने घर, दुकान और प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें बंद रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पूर्व निर्धारित मॉकड्रिल है, वास्तविक खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। दो मिनट बजेगा सायरन, फिर होगा ब्लैकआउट 14 मई को निर्धारित समय पर हवाई हमले की चेतावनी के रूप में दो मिनट तक सिविल डिफेंस का सायरन बजाया जाएगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट शुरू होगा। इस दौरान फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, एनसीसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय, सिविल डिफेंस और पुलिस समेत आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों की तत्परता और समन्वय का परीक्षण किया जाएगा। इन इलाकों में होगा मॉक अभ्यास जिलाधिकारी ने बताया कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पटना नगर निगम क्षेत्र के अलावा दानापुर निजामत, खगौल और फुलवारीशरीफ में भी मॉकड्रिल और ब्लैकआउट कराया जाएगा। मॉक अभ्यास के लिए पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) को सिमुलेशन साइट के रूप में चिन्हित किया गया है। छह तरह के आपदा परिदृश्यों का होगा अभ्यास प्रशासन के अनुसार मॉकड्रिल के दौरान छह प्रमुख परिदृश्यों पर अभ्यास किया जाएगा। इनमें एयर रेड अर्ली वार्निंग सिस्टम, ब्लैकआउट व्यवस्था, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, मेडिकल रिस्पॉन्स और फायर फाइटिंग शामिल हैं। प्रत्येक सिमुलेशन स्थल पर अलग-अलग आपदा परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कराया जाएगा। आवश्यक सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मॉकड्रिल के दौरान आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। अस्पतालों में ब्लैकआउट के लिए खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दे या प्राइवेसी कर्टेन का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रचार-प्रसार और नागरिक सहभागिता पर जोर जिला प्रशासन ने स्कूलों, व्यवसायिक संस्थानों और सिविल सोसाइटी संगठनों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है ताकि अधिकतम नागरिक इस अभ्यास में भागीदारी कर सकें। 13 मई को पटना समाहरणालय में हवाई हमले पर आधारित टेबल-टॉप एक्सरसाइज भी आयोजित की जाएगी। कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय मॉकड्रिल के दौरान जिला आपातकालीन संचालन केंद्र और जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। किसी भी सूचना या सहायता के लिए लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:     जिला आपातकालीन संचालन केंद्र: 0612-2210118     जिला नियंत्रण कक्ष: 0612-2219810 / 2219234     आपातकालीन सेवा: 112 प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नागरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए इस तरह के अभ्यास साल में कम-से-कम दो बार आयोजित किए जाते हैं।  

कुचायकोट में छापेमारी के दौरान 16 संचालक गिरफ्तार, कई सबूत बरामद

गोपालगंज गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अड्डों पर छापेमारी की. इस दौरान 45 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया गया है. वहीं पांच युवतियों और 16 ऑर्केस्ट्रा संचालकों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस को मौके से किशोरियों के उत्पीड़न से जुड़े कई अहम सबूत भी मिले हैं. यह कार्रवाई एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर की गई. कुचायकोट थानाध्यक्ष दर्पण सुमन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कुचायकोट, बलिवन सागर और विंदवलिया भठवां इलाके में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया. राजस्थान से लापता किशोरी भी मिली पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बरामद किशोरियों में एक लड़की ऐसी भी मिली, जो पिछले पांच वर्षों से राजस्थान से लापता थी. वहां के थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज है. पुलिस ने पूछताछ के बाद उसके परिजनों को सूचना दे दी है ताकि वे आकर अपनी बेटी को घर ले जा सकें. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद लड़कियों में सबसे अधिक संख्या पश्चिम बंगाल की है. जबरन ऑर्केस्ट्रा में काम कराने का आरोप किशोरियों ने पूछताछ में आरोप लगाया कि उन्हें जबरन ऑर्केस्ट्रा में काम कराया जाता था. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है. गिरफ्तार युवतियों और संचालकों से लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है. NGO ने भी किया सहयोग इस अभियान में पटना पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के साथ ‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन’ और ‘नारायणी सेवा संस्थान’ की टीम ने भी सहयोग किया. दोनों संस्थाएं ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ नेटवर्क से जुड़ी हैं, जो देशभर में बाल संरक्षण पर काम करता है. यौन शोषण की आशंका एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि इस कार्रवाई ने नाबालिग लड़कियों की तस्करी और शोषण के बड़े नेटवर्क को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि कई बच्चियों को झांसा देकर इस धंधे में धकेला जाता है और उनके यौन शोषण तक की आशंका सामने आई है.

रामगढ़ के पतरातू प्लांट से अब 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन, गर्मी में मिलेगी राहत

रामगढ़ झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू स्थित पीवीयूएनएल प्लांट में 11 मई 2026 को शाम 7:15 बजे 800 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-2 का सफलतापूर्वक ट्रायल ऑपरेशन किया गया. इस सफलता के साथ यूनिट-2 के नियमित संचालन और कमर्शियल ऑपरेशन का मार्ग प्रशस्त हो गया है. इस यूनिट के शुरू होने से झारखंड सहित अन्य राज्यों में गर्मी के मौसम के दौरान बढ़ी हुई बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी. इससे बिजली संकट को कम करने में अहम भूमिका निभाई जाएगी. झारखंड को मिलेगा 85 प्रतिशत बिजली रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित पीभीयूएनएल का दूसरा यूनिट का सफलता पूर्वक ट्रायल हुआ इस यूनिट से 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. इससे पहले यूनिट 1 से 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. अब रामगढ़ जिले के पतरातू पीवीयूएनएल से 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा इसमें झारखंड राज्य को 1360 मेगावाट बिजली मिलेगा. गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ी हुई है अब पतरातू से बिजली झारखंड को मिलने के बाद पूरे राज्य को फायदा होगा. पतरातू प्लांट से उत्पादित कुल बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा झारखंड राज्य को उपलब्ध होगी, जिससे औद्योगिकीकरण और विकास को गति मिलेगी. अधिकारियों ने मनाया सफलता का जश्न इस अवसर पर पीवीयूएनएल के सीईओ ए के सहगल, सीजीएम प्रोजेक्ट अनुपम मुखर्जी, जीएम ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट मनीष खेतरपाल, जीएम जोगेश चंद्र पत्रा, जीएम विष्णु दत्ता दास और जीएम ओपी सोलंकी सहित पीवीयूएनएल, एनटीपीसी और बीएचईएल के अधिकारियों और कर्मचारियों खुशी जाहिर किया है. सीईओ ए के सहगल ने टीम को दी बधाई. सीईओ ए के सहगल ने सभी कर्मचारियों, अभियंताओं और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरी टीम की मेहनत, समर्पण और सामूहिक कोशिश का परिणाम है. यूनिट-1 के बाद यूनिट-2 भी संचालन के लिए तैयार सीईओ ए के सहगल ने बताया कि 5 नवंबर 2025 को यूनिट-1 के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा की गई थी और अब यूनिट-2 भी कमर्शियल ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार है. सहयोगी संस्थाओं का जताया आभार सीईओ ए के सहगल ने एनटीपीसी, झारखंड सरकार, जेबीवीएनएल और अन्य हितधारकों का उनके सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया.

धनबाद-निरसा में खुला नशे का कारोबार, स्कूल-कॉलेज के छात्र भी निशाने पर

रांची झारखंड के कई जिलों में नशे का कारोबार तेजी से युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उन हाथों में अब नशे का सामान दिखाई देने लगा है। कोयलांचल धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों ने पूरे समाज और प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। गुप्त कैमरे में कैद वीडियो और तस्वीरों में खुलेआम ब्राउन शुगर की पुड़िया तैयार करते हुए लोगों को देखा गया है। निरसा क्षेत्र में तेजी से फैल रहा नशे का कारोबार बताया जा रहा है कि निरसा अनुमंडल के कई ओपी और थाना क्षेत्रों में इन दिनों ब्राउन शुगर का कारोबार तेजी से फैल रहा है। गली-मोहल्लों से लेकर सुनसान ठिकानों तक युवाओं को धीरे-धीरे नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। छोटे-छोटे पैकेट बनाकर यह ज़हर युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है। कुछ पैसों के लालच में नशे के सौदागर पूरी युवा पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्र भी आ रहे चपेट में सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। अभिभावक जहां अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सपना देख रहे हैं, वहीं नशे का यह कारोबार उन सपनों को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पूरा इलाका नशे की गिरफ्त में जा सकता है। राजधानी रांची में भी फैल रहा नेटवर्क राजधानी रांची में भी कई गली-मोहल्लों और शिक्षण संस्थानों के आसपास चोरी-छिपे इस तरह के कारोबार की चर्चा आम है। आरोप है कि कुछ चाय-पान की दुकानों और मोबाइल एप के माध्यम से भी नशे का सामान युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है। पुलिस चला रही अभियान, फिर भी बरकरार है खतरा वहीं, रांची पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ब्राउन शुगर के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी रख रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर नशे का यह नेटवर्क लगातार कैसे फैलता जा रहा है।