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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सह आरोपी लोकेंद्र तोमर और बलबीर अहिरवार को मिली जमानत

 इंदौर/शिलांग  राजा रघुवंशी हत्या में शिलांग की निचली अदालत में केस चल रहा है। हर तरफ एक ही सवाल है कि क्या सोनम रघुवंशी को सजा मिली और मिलेगी तो भी कैसी? राज कुशवाह का क्या होगा? वहीं कुछ लोगों को तो अब भी भरोसा नहीं हो रहा है कि सोनम ही इतने बड़े कांड की मास्टरमाइंड है। इस बीच, मामले में सह अभियुक्त लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को जमानत मिल गई है। पिछले दिनों की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ दोनों को जमानत दी।     शिलांग कोर्ट ने लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार की जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने कड़ी शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। हालांकि, इन शर्तों के बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों ने जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग किया था और वे वास्तविक अपराध में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। दोनों से अनजान में और डर के कारण गलतियां हुईं। लोकेंद्र ने प्रॉपर्टी ब्रोकर शिलोम जेम्स की मदद से अपनी बिल्डिंग का एक फ्लैट सोनम को किराए पर दिया था। राजा की हत्या के बाद सोनम यहां रुकी थी। राज कुशवाह भी यहां कई बार आया। मामले सामने आने के बाद लोकेंद्र ने शिलोम पर फ्लैट खाली करने का दबाव डाला। फ्लैट खोला तो रुपयो से भरा बैग मिला, जिले लोकेंद्र अपने साथ ले गया। फिर शिलोम ने बिल्डिंग के चौकीदार बलबीर से फ्लैट की सफाई करवा कर सबूत नष्ट कर दिए। शिलोम भी शिलांग जेल में कैद है। वह भी जमानत के लिए कोशिश कर रहा है। अभी 14 दिन की रिमांड पर है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में उसे भी जमानत मिल जाएगी। Sonam Raghuvanshi को वकील मिलेगा या नहीं सोनम रघुवंशी का केस कौन लड़ेगा, इस पर अभी संदेह है। सोनम का परिवार अपना रुख साफ कर चुका है। उसके पिता और भाई कह चुके हैं कि पहले हम सोनम से मिलेंगे, उसके बाद तय करेंगे। भाई गोविंद का कहना है कि यदि Sonam Raghuvanshi कहती है कि उसने राजा की हत्या नहीं की है, तो वह उसके लिए वकील करेंगे और रिहा करने का पूरा प्रयास करेंगे। लेकिन यदि हत्याकांड कबूलती है, तो वकील नहीं करेंगे। इस बीच, Sonam Raghuvanshi के परिवार ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि सोनम को जेल से फोन करने की अनुमति मिली, तो उससे पहला फोन परिवार को किया।

इंदौर-देवास बायपास मामले में याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई में ही दिया फैसला

इंदौर  इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर मार्ग की जर्जर हालत को लेकर दायर जनहित याचिका को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने पहली ही सुनवाई में निराकृत कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इसी विषय पर पूर्व से ही एक जनहित याचिका विचाराधीन है, ऐसे में नई याचिका की आवश्यकता नहीं है। यदि याचिकाकर्ता चाहें तो अपनी बात पूर्व याचिका में रख सकते हैं। यह याचिका नरेंद्र जैन द्वारा एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने बायपास की खराब हालत, लगातार लग रहे जाम और फ्लाइओवर निर्माण के चलते उत्पन्न ट्रैफिक समस्या को आधार बनाया था। याचिका में उठाए गए मुख्य मुद्दे इंदौर-देवास बायपास पर हाल ही में लगातार 36 घंटे लंबा ट्रैफिक जाम लगा, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। याचिकाकर्ता के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पहले से इस संभावित स्थिति की जानकारी थी, फिर भी कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किया गया। अर्जुन बड़ौद क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लाइओवर के चलते सड़क पर लंबे जाम की स्थिति पैदा हो रही है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूल बसें और आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कोर्ट की टिप्पणी सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर पहले से ही एक जनहित याचिका लंबित है। शासन की ओर से यह जानकारी अदालत को दी गई। इस पर न्यायालय ने नई याचिका को निरस्त कर दिया और याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे अपनी बात पहले से लंबित याचिका में ही रखें। बायपास की हालत बनी चिंता का विषय इंदौर-देवास बायपास और इंदौर-सांवेर रोड की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। बारिश के मौसम में गड्ढों और निर्माण कार्य के कारण हालात और बिगड़ जाते हैं। हालिया जाम की स्थिति ने प्रशासन और NHAI की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया पर सक्रिय समूहों की मांग है कि- निर्माण कार्य की स्पष्ट टाइमलाइन जारी की जाए। वैकल्पिक मार्गों की ठोस योजना बनाई जाए। NHAI और जिला प्रशासन समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूर्ण करें।  

मध्यप्रदेश में जुलाई में बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 17 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है. जुलाई के महीने में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, अब तक प्रदेश में 18 इंच बारिश हो चुकी है. सोमवार को कई जिलों में बारिश दर्ज की गई. मंगलवार को भी प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बारिश के कारण नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। प्रदेश में 16 जून से मानसून एंटर हुआ था। तभी से तेज बारिश का दौर चल रहा है। इस वजह से कोटे की आधी यानी औसत 18 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में तो 103% तक पानी गिर चुका है। मंडला, टीकमगढ़ में भी बारिश का कोटा 75% तक फुल हो गया है। अगले 4 दिन यानी 18 जुलाई तक तेज बारिश का दौर चलेगा। शिवपुरी में अटल सागर डैम के 6 गेट खोले, श्योपुर में बाढ़ सोमवार को मंडला में 9 घंटे में 2 इंच बारिश हो गई। वहीं, खरगोन में डेढ़ इंच पानी गिरा। टीकमगढ़-उमरिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसी के चलते सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे बांध के 6 गेट खोल दिए गए। करीब 1500 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। श्योपुर जिले के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से आगरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। वहीं, बड़ौदा में बाढ़ जैसे हालात रहे। यहां दुकानों-मकानों के अलावा अस्पताल में भी पानी भर गया। शिवपुरी जिले के रन्नौद क्षेत्र में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यहां कई लोगों के घरों में पानी भर गया। टीकमगढ़ में मकान गिर गया। इससे 3 भैंसों की मौत हो गई। मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया। रायसेन में उफनते नालों के बीच मड रैली हुई। जिसमें गाड़ियां दौड़ाई गई। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश का दौर चला। लगातार बारिश का दौर जारी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में हफ्तेभर से बारिश का दौर जारी है. इन जिलों में लगातार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात हैं. लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है.  17 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार को 17 जिलों में भारी बारिश अलर्ट जारी किया है. नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है. अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है. प्रदेश में हल्की बारिश वहीं मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के बाकी बचे जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है. इन जिलों में सामान्य बारिश हो सकती है, या फिर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं.  अगले चार दिन होगी बारिश मौसम विभाग की माने तो एमपी से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है. इसके साथ ही कम दबाव का क्षेत्र भी एक्टिव है. यही वजह है कि लगातार बारिश का दौरा जारी है. अगले चार दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है. कई जिलों में चार दिन का बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.  सोमवार को हुई बारिश सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश हुई.  अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर बढ़ने से अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए. वहीं श्योपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता बंद हो गया. मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया. भोपाल में तेज बारिस का दौर जारी रहा. 

प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक टॉयलेट

प्रदेश के 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक टॉयलेट स्वच्छ भारत मिशन में 100 करोड़ रूपये निवेश की योजना भोपाल  प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिशन पिंक टॉयलेट प्रारंभ किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 183 नगरीय निकायों में 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मिशन में 100 करोड़ रूपये के निवेश की कार्ययोजना तैयार की है। मिशन के माध्यम से प्रदेश के सभी निकायों में मिशन पिंक टॉयलेट तैयार किये जायेंगे।  

नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी सीएमओ निलंबित

भोपाल दतिया जिले के नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव को अपने कर्त्तव्यों में लापरवाही बरतने पर नगरीय प्रशाासन विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे के निर्देश पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय कार्यालय ग्वालियर निर्धारित किया गया है। नगर परिषद इंदरगढ़ में तालाब का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण के दौरान बरसात के मौसम में तालाब में पानी का भराव हुआ। सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरतते हुए निर्माण कार्य के दौरान रेलिंग व बेरिगेटिंग की व्यवस्था नहीं गई। व्यवस्था के अभाव में छोटी बच्चियों के डूबने की घटना हुई। इसी के साथ प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने अपने कार्यकाल में नियम विरूद्ध कर्मचारियों की स्थापना में प्रशासनिक कार्य किये। जांच में प्रभारी नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव दोषी पाये गये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर दुःख जताया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के दिग्गज मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर गहन संवेदना व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति एवं परिजन एवं प्रशंसकों को दु:ख सहने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि 114 वर्ष की आयु में भी सक्रिय और सेहत के लिए सतर्क रहने वाले फौजा सिंह खेल गतिविधियों के अतिरिक्त दुनिया में फिटनेस के लिए ख्याति प्राप्त कर चुके थे।  

संजीव सचदेवा बने MP हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस, विवेक कुमार को भी मिली नई जिम्मेदारी

जबलपुर  जस्टिस संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। जस्टिस विवेक कुमार सिंह को भी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे हाईकोर्ट में जजों की संख्या 34 हो गई है। जस्टिस सचदेवा 24 मई 2025 को एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए थे और उन्होंने जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद यह पद संभाला। जस्टिस विवेक कुमार सिंह का मद्रास से मध्य प्रदेश ट्रांसफर हुआ है। पूर्व चीफ जस्टिस एसके कैत की लेंगे जगह वे तत्कालीन चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद से चीफ जस्टिस का दायित्व संभाल रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने 9 जुलाई 2024 से 24 सितंबर 2024 तक प्रदेश के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का दायित्व भी संभाला था। 30 मई 2024 को जस्टिस संजीव सचदेवा का दिल्ली हाईकोर्ट से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुआ था। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक और जज दिया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की मध्यप्रदेश में नियुक्ति की गई है। वे अभी मद्रास हाईकोर्ट में हैं, जिनका ट्रांसफर जबलपुर किया गया है। अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई हैं। एमपी हाईकोर्ट में अभी भी 29 जजों की कमी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। अभी भी 29 जजों की हाईकोर्ट में कमी है। जस्टिस सचदेवा को भोपाल में राज्यपाल शपथ दिलाएंगे। हालांकि, शपथ की तारीख अभी तय नहीं हुई है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह को जबलपुर में ही जस्टिस सचदेवा शपथ दिलाएंगे। हाईकोर्ट में कुल 34 जज इसके साथ-साथ केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक और नए जज जस्टिस विवेक कुमार सिंह की नियुक्ति की है, जो अभी फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट में पदस्थ हैं. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में स्थानांतरण किया गया है. उनकी नियुक्ति के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. हालांकि हाईकोर्ट में कुल 53 जजों के पद स्वीकृत हैं. ऐसे में अब भी 19 जजों के पद खाली हैं.  राज्यपाल दिलाएंगे शपथ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा को भोपाल में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल शपथ दिलाएंगे. हालांकि अभी शपथ ग्रहण समारोह की तारीफ तय नहीं हुई है. वहीं जस्टिस विवेक कु्मार सिंह का शपथ ग्रहण जबलपुर में होगी, जहां नवनियुक्त चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा खुद उन्हें शपथ दिलाएंगे. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में नई नियुक्तियों से न्यायिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.  जस्टिस सचदेवा के बारे में  1. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस कौन बने? (जस्टिस संजीव सचदेवा) 2. जस्टिस संजीव सचदेवा का जन्म कहां हुआ था? (दिल्ली में 26 दिसंबर 1964 को हुआ था.) 3. नए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहां से पढ़ाई की थी? (दिल्ली कॉलेज से कॉमर्स से ग्रेजुएट किया है.) 4.  दिल्ली बार काउंसिल के अधिवक्ता के रूप में कब नामांकित हुए थे. ( सन 1988 ) 5. सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के रूप में कब योग्यता प्राप्त की. ( सन 1995 ) 6. जस्टिस सचदेवा ने कहां कहां पर वकीलों को प्रशिक्षण दिया था. (आंध्र प्रदेश से लेकर दिल्ली हाईकोर्ट, रांची समेत अन्य जगहों पर ) 7. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस कब नियुक्त किए गए. (14 जुलाई 2025) 

खेत के पोखर में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत, स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने गए थे बच्चे

छतरपुर  जिले के लवकुश नगर थाना अंतर्गत हटवां गांव में तीन मासूम भाई-बहनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने खेत गए तीनों बच्चे खेत में बनी बंधी (तालाब) में डूब गए। जब परिजनों ने बच्चों को देर शाम तक नहीं देखा तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। बाद में बंधी में तीनों के शव नजर आए। इस घटना से गांव में मातम पसर गया है। स्कूल से लौटकर आम तोड़ने खेत गए थे बच्चे मृतक बच्चों की पहचान लक्ष्मी (10), तनु (8) और लोकेंद्र (4) के रूप में हुई है। तीनों सगे भाई-बहन थे। पिता प्रतिपाल सिंह ने बताया कि बच्चे स्कूल से सोमवार दोपहर को लौटे थे और आम का पेड़ देखने के बहाने खेत की ओर चले गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो उठे और गांव वालों के साथ उन्हें ढूंढने निकल पड़े। बंधी के पास फिसलने की आशंका परिजनों ने बताया कि खेत में आम का पेड़ तालाब के पास है। संभवतः बच्चे पेड़ के नीचे खेलते हुए बंधी के किनारे पहुंचे होंगे और फिसलकर पानी में गिर गए। जब तक परिजन पहुंचे, तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। रात 9:30 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई। तीनों बच्चों को तत्काल बारीगढ़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपे बीएमओ एसएस चौहान ने बताया कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम लवकुश नगर अस्पताल में किया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि हादसे की सभी कोणों से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई उसी आधार पर की जाएगी। तीन मासूमों की एक साथ मौत ने पूरे हटवां गांव को शोक में डुबो दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की दुबई के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश है निवेश के लिए श्रेष्ठ गंतव्य मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई निवेश यात्रा के दौरान सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों और औद्योगिक समूहों से वन-टू-वन चर्चा हुई, जिसमें मध्यप्रदेश में बहु-क्षेत्रीय निवेश की संभावनाओं पर व्यापक और सकारात्मक संवाद हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गल्फ इस्लामिक इन्वेस्टमेंट्स (GII) के सह-संस्थापक एवं सह-सीईओ श्री पंकज गुप्ता से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक रियल एस्टेट, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण एवं निर्माण क्षेत्र में संभावित निवेश पर चर्चा की। जीआईआई एक शरिया-संगत वैकल्पिक निवेश फर्म है जो वैश्विक स्तर पर विविध क्षेत्रों में निवेश करती है और अब मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाटा समूह के कॉरपोरेट अफेयर्स एवं ग्रोथ (MENA रीजन) प्रमुख श्री अंकुर गुप्ता से भी मुलाकात की। चर्चा में आईटी, ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोबाइल, एयरलाइंस, उपभोक्ता उत्पाद और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात हुई। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह को मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश केंद्र स्थापित करने हेतु आमंत्रित करते हुए राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों और त्वरित अनुमतियों की जानकारी दी। गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम (GMBF) के अध्यक्ष डॉ. सुनील मांजरेकर के साथ बैठक में GMBF द्वारा मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों से सीधे संवाद के लिए मंच प्रदान करने सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने GMBF की ग्लोबल कनेक्ट सीरीज़ के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीडीओ एज के हेड ऑफ एडवायजरी श्री शिवेंद्र झा ने भेंट कर भोपाल में 150-सीटर ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर की स्थापना और इंदौर में प्रस्तावित दूसरा डिजिटल सेंटर की जानकारी साझा की। यह केंद्र डिजिटल व परामर्श सेवाओं में रोजगार सृजन करेगा। साथ ही अगले तीन वर्षों में 800-1000 उच्च-कुशल नौकरियों के सृजन का लक्ष्य है। शराफ डीजी ग्रुप के चेयरमैन श्री इब्राहिम शराफ के साथ हुई बैठक में मध्यप्रदेश में 30-50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से रेल साइडिंग लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिससे राज्य में 300 से 600 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एस्सार अल घुरैर इन्वेस्टमेंट के प्रतिनिधि श्री योसेफ अल गुरैर से मुलाकात कर खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य तेल शोधन इकाई और कोल्ड चेन वेयरहाउस परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया। समूह ने राज्य के किसानों से दीर्घकालिक अनुबंधों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की इच्छा जताई। कोनेरिस ग्रुप के सीईओ श्री भरत भाटिया ने मध्यप्रदेश में USD 75 मिलियन लागत से स्टील प्लांट की स्थापना की योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष रखी। कंपनी पहले से ही 26 देशों में स्टील उत्पाद भेजती है और भारत में अपनी उपस्थिति राज्य के माध्यम से बढ़ाना चाहती है। एतिसालात ग्रुप के सीईओ श्री खालिद मुर्शिद से स्मार्ट सिटी, 5G नेटवर्क, टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ और डिजिटल स्किल डवलपमेंट के क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव रखें। कंपनी 16 से अधिक देशों में कार्यरत है और मध्यप्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में रुचि रखती है। ब्रावो फार्मास्युटिकल्स के निदेशक श्री राकेश पांडेय ने फार्मा निर्माण और निर्यात को लेकर निवेश रुचि दिखाई, वहीं स्मार्ट स्टार्ट फंड के श्री प्रशांत गुलाटी ने आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े स्टार्टअप्स को मध्यप्रदेश में प्रोत्साहित करने की बात कही। अनलाह वेंचर पार्टनर्स के हितेश धनकानी ने म्यूचुअल फंड, बीमा और इक्विटी सेवाओं में निवेश की योजना साझा की और स्पैन कम्युनिकेशन्स के सीईओ श्री नरेश खेतरपाल ने राज्य में पर्यटन, नेचुरोपैथी रिसॉर्ट और क्रूज़ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने हेतु 500 करोड़ रूपये निवेश के साथ 100-150 रोजगार सृजन की संभावना जताई। वहीं, ब्लूवर्स इंडिया के श्री रुशांग शाह ने पर्यावरण-अनुकूल वाहन धुलाई तकनीक और जल संरक्षण आधारित समाधान लाने की योजना साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर संभव सहायता, नीति समर्थन और त्वरित अनुमतियाँ प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीतियाँ, प्रशिक्षित कार्यबल, प्राकृतिक संसाधन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। यह यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश नक्शे पर और सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।  

ग्वालियर विधानसभा में पहुंचे ऊर्जा मंत्री तोमर, लोगों से सीधा संवाद

 ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उप नगर ग्वालियर के विभिन्न  वार्डो में जनसम्पर्क कर जनसमस्याएं सुनी तथा उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। ऊर्जा मंत्री के साथ जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन तथा विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अलावा स्थानीय पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  ऊर्जा मंत्री तोमर ने सोमवार की सुबह उप नगर ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 16 पहुंचकर स्थानीय रहवासियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने नाली में गंदगी देख स्वयं सफाई भी की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने  मौजूद अधिकारियों को सड़क, पेयजल, सीवर तथा बिजली से सम्बंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से आव्हान किया कि अपनी दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने के अभियान के लिए समय दें।