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वंदे भारत पर हमला! उज्जैन में उत्पातियों ने की पत्थरबाजी, यात्रियों में दहशत

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में रेल्वे स्टेशन से 200 मीटर की दूरी पर वंदे भारत ट्रेन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अचानक एक के बाद एक पथराव होने लगे. देखते ही देखते उत्पातियों ने ट्रेन के 4 कोच के कांच फोड़ दिए. पथराव इतनी तेज था कि कोच के कांच तड़क गए. गनीमत रही इस दौरान यात्री सुरक्षित रहे किसी को कोई चोट नहीं लगी।  ग्लास टूटने की तस्वीरें आईं सामने जैसे ही घटना की जानकारी सामने आई मामले में रेल्वे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए RPF थाने में FIR दर्ज करवाई. रेलवे पुलिस अब CCTV फुटेज व अन्य साक्ष्य के आधार पर उत्पातियों की तलाश में जुट गई है. घटना के बाद यात्री सहम उठे. वहीं जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची रेलवे पुलिस ने जांच पड़ताल और पूछताछ शुरू कर दी है. घटना सोमवार देर शाम की है. जिसको लेकर अब FIR दर्ज की गई है. वहीं ट्रेन के ग्लास टूटने की तस्वीरे बुधवार सुबह सामने आई हैं।  अचानक होने लगा वंदे भारत ट्रेन पर पथराव पूरा मामला सोमवार देर शाम लगभग 07:30 बजे के आस पास का है. वंदे भारत ट्रेन भोपाल के रास्ते उज्जैन आ रही थी. उज्जैन स्टेशन से 200 मीटर दूरी पर गदा पुलिया के पास नीलगंगा क्षेत्र में अचानक ट्रेन पर पथराव होने लगा. कुल 4 कोच इस दौरान क्षतिग्रस्त हुए हैं. देखते ही देखते ट्रेन में मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया. यात्री कुछ समझ पाते कि ट्रे स्टेशन पर पहुंच गई. जहां यात्रियों ने पुलिस से शिकायत की. जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की. घटना को लेकर रेलवे पीआरओ मुकेश कुमार ने कहा, ''संबंधित अधिकारी मामले को देख रहे हैं. सभी यात्रि सुरक्षित हैं।  पुलिस ने की आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज RPF थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया, ''सभी यात्री सुरक्षित है. उज्जैन में वंदे भारत ट्रेन में ऐसा पहली बार हुआ है. आगे से एसी घटना ना हो इसके लिए उत्पातियों को दबोचकर कड़ी कार्रवाईं की जाएगी. शिकायत पर FIR दर्ज कर अज्ञात उत्पातियों के विरुद्ध जांच एवं तलाश शुरू कर दी है। 

IPS अफसर के घर मातम, बेटी की मौत के बाद मोबाइल खंगाल रही पुलिस

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक आईपीएस अधिकारी की 16 वर्षीय बेटी ने खुदकुशी कर ली. यह दिल दहला देने वाला हबीबगंज थाने क्षेत्र में चार इमली स्थित सरकारी बंगले का है, जहां नाबालिग ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस की टीम को वहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. ऐसे में बच्ची ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह सामने नहीं आ सकी है।  बताया जा रहा है कि घर के हेल्पर ने लड़की को दुपट्टे से बने फंदे पर झूलते देखा और चीख-पुकार मच गई. फिलहाल, पुलिस ने मृतक लड़की का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने आखिरी बात किससे की थी या फिर मैसेज आदि में ऐसी कोई वजह मिले जिसकी वजह से लड़की यह कदम उठा सकती है।  AIG हैं मृतक लड़की के IPS पिता बता दें, मृतक नाबालिग लड़की के IPS अधिकारी पिता पुलिस हेडक्वॉर्टर्स (PHQ) में असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (AIG) पद पर पोस्टेड हैं. लड़की की मां रजिस्ट्रार गैस राहत के पद पर हैं।  घर में अकेली थी लड़की   जब लड़की ने यह खौफनाक कदम उठाया, उस समय घर में उसके अलावा और कोी मौजूद नहीं था. बुधवार (27 मई) की सुबह माता-पिता दोनों ऑफिस गए हुए थे. उनका एक बड़ा बेटा भी है जो उस समय घर के बाहर था. अब पुलिस मृतक लड़की के परिजनों, दोस्तों, स्कूल में टीचर्स आदि से बात कर यह समझने की कोशिश करेगी कि सुसाइड के पीछे की वजह क्या है. वहीं, नाबालिग के कमरे में उसके फोन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक चीजों की भी जांच की जाएगी।  अंबुज पांडेय, 2012 से सक्रिय  पत्रकारिता में हैं. वर्तमान में ABP न्यूज़ में बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पॉडेंट, भोपाल मध्य प्रदेश में कार्यरत हैं. न्यूज़ पॉइंट, NNIS न्यूज़ एजेंसी, APN न्यूज़, ANI, और PTI में बतौर राजनैतिक संवाददाता काम किया . पॉलिटिकल रिपोर्टिंग के साथ-साथ, जन सरोकारों से जुड़ी खबरें, सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें और विषम परिस्थिति में प्राकृतिक आपदाएं कवर करने का अनुभव है। 

सिंहस्थ 2028 में शिप्रा स्नान का मिलेगा दिव्य लाभ, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

सिंहस्थ: 2028, श्रद्धालुओं को मिलेगा माँ शिप्रा के जल से स्नान का पुण्य लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरिमामय रहा शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन समारोह सुगम संगीत संध्या में दरभंगा की सुश्री मैथिली ठाकुर ने दी संगीतमयी प्रस्तुति भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 में 30 किलोमीटर से अधिक लंबाई में निर्मित शिप्रा के घाट श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान का लाभ प्रदान करेंगे। मां शिप्रा के स्वच्छ जल की उपलब्धता आयोजन को पावन बनाएगी। लगभग छह दशक बाद यह संभव होगा जब श्रद्धालु सिर्फ माँ शिप्रा के प्रवाहमान जल से सिंहस्थ के लिए पहुंचकर स्नान कर सकेंगे। गत सिंहस्थ : 2016 में माँ नर्मदा के जल से स्नान की सुविधा प्राप्त होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने कामना की थी कि मां शिप्रा का जल पूरी तरह से प्रवाहित हो और स्नान लाभ ले सकें। श्रद्धालुओं की आकांक्षा को पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार ने आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। बाबा महाकाल और संतों के आशीर्वाद से श्रेष्ठ प्रबंध कर हम सिंहस्थ: 2028 को यादगार बनाएंगे। सिंहस्थ के आयोजन से नए कीर्तिमान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां शिप्रा के आशीर्वाद से समारोह में अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहे हैं। दीपामलिकाएं देखकर लगता है जैसे दीप पर्व आ गया हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि सभी को यश प्राप्त हो। त्रिवेणी से सिद्धनाथ तक शिप्रा जी के घाट पवित्र माने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से अनेक कार्य संचालित हैं, जो सिंहस्थ के आयोजन को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने का कार्य करेंगे। भारत की मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी हो रहा है। हाल ही में हुए न्यायालय के निर्णय भी परिपालन की दृष्टि से स्वर्णकाल का आभास करवाते हैं। देश के नागरिक सभी निर्णयों पर भरोसा करते हुए परस्पर सहयोग और समरसता का परिचय दे रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के भूमि-पूजन और लोकार्पण में ऐसे सभी लोग उपस्थित हुए जिन्होंने मंदिर के संबंध में वर्षों तक न्यायालय में मुकदमा लड़ा। हमारे देश में मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा है। राजभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजाभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध है। धार में भोजशाला में मां वागदेवी की प्रतिमा स्थापित होगी। न्यायालय के निर्णय के बाद यह मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का शासन काल सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल की याद दिलवाता है, जिसमें प्रत्येक नागरिक का हित सर्वोपरि रहा। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने तीन माह से अधिक अवधि के जल गंगा संवर्धन अभियान में कुओं- तालाबों, नदियों, पोखर, जलाशय और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण संवर्धन के कार्यों का संचालन किया है। इसमें जनता की भागीदारी भी हो रही है। मध्यप्रदेश नदी जोड़ो अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी बना है। समारोह में दरभंगा से कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए आई गायिका और बिहार विधानसभा की सदस्य सुश्री मैथिली ठाकुर ने भजन प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व सुश्री ठाकुर का मध्यप्रदेश आगमन पर स्वागत किया।  

CM डॉ. यादव आज करेंगे ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ, भारत भवन में होगा आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भारत भवन में सदानीरा समागम का करेंगे शुभारंभ जल संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर होगा राष्ट्रीय विमर्श भारत भवन में 27 मई से 2 जून तक चलेगा सात दिवसीय समागम देश-विदेश के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और कलाकार होंगे शामिल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, चित्रकला कार्यशाला और जल-केंद्रित प्रदर्शनियां होंगी मुख्य आकर्षण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बुधवार 27 मई को भारत भवन में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव “सदानीरा समागम” का शुभारंभ करेंगे। वीर भारत न्यास द्वारा जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति, पंचमहाभूतों तथा सतत विकास के विषयों पर केंद्रित यह गरिमामयी आयोजन 2 जून तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के विद्वान, पर्यावरण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और कलाकार सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर और संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस सात दिवसीय समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत-जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि-पर आधारित विभिन्न वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भूगर्भीय जल स्रोत, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण और पारंपरिक ज्ञान पर देश-विदेश के विशेषज्ञ गहराई से मंथन करेंगे। इस राष्ट्रीय विमर्श में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), आईआईएम बोधगया जैसी देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न कॉर्पोरेट घरानों के सीएसआर प्रमुख भी शामिल होकर अपने विचार साझा करेंगे। समागम में वैचारिक मंथन के साथ प्रतिदिन सायंकाल सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजनों की धूम रहेगी, जिसमें नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियां शामिल हैं। इस दौरान भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, 'गोवर्धन लीला' और 'गंगा यात्रा' की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही 'जल, जंगल, जीवन' पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला और पारंपरिक चित्र शैलियों में जल कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर के नामचीन कलाकार हिस्सा लेंगे। आयोजन स्थल पर म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय के सहयोग से जलचर जीवन, मध्यप्रदेश के जल गंगा संवर्धन अभियान, लघु चित्रों में जल और भूगर्भीय जल स्रोतों पर आधारित चार विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। कार्यक्रम में जल और संस्कृति पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिनमें वीर भारत न्यास और मैपकॉस्ट द्वारा प्रकाशित 'अंतर्जली यात्रा', 'पुरोवाक्', प्रेमशंकर शुक्ल की 'आत्मा की घाटी में पानी का संगीत' और राजेश्वर त्रिवेदी की 'जल, संस्कृति और स्थापत्य' शामिल हैं। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेस, सेज, एलएनसीटी और सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी सहित केन्द्रीय भूजल बोर्ड, नर्मदा समग्र जैसी अनेक संस्थाएं और जिला प्रशासन भोपाल सहयोगी के रूप में अपना सक्रिय योगदान देंंंगे।  

MP Power Generating Company का महा-रिकॉर्ड, 600 दिन बिना रुके चलती रही अमरकंटक यूनिट

चचाई पॉवर प्लांट का महा-रिकॉर्ड लगातार 600 दिनों से चल रही है अमरकंटक की यह यूनिट मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी इतिहास में पहली बार अमरकंटक मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। अमरकंटक थर्मल पॉवर स्टेशन चचाई की 210 मेगावॉट क्षमता वाली यूनिट ने लगातार 600 दिनों तक बिना किसी बाधा के निरंतर बिजली उत्पादन करने का एक अभूतपूर्व महा-रिकॉर्ड स्थापित किया है। कंपनी के इतिहास में आज तक किसी भी जनरेटिंग यूनिट ने इतने लंबे समय तक बिना बंद हुए उत्पादन नहीं किया है। प्लांट की यह ऐतिहासिक यात्रा 1 अक्टूबर 2024 से शुरू हुई थी, जो आज भी सफलतापूर्वक निरंतर जारी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्लांट के नेतृत्व और पूरी तकनीकी टीम को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने विश्वास जताया है कि अमरकंटक थर्मल पॉवर स्टेशन भविष्य में भी उत्कृष्टता की इस भावना को बनाए रखेगा और राज्य की प्रगति के लिए सफलता के कई नए कीर्तिमान गढ़ेगा। प्रदर्शन के बेमिसाल आंकड़े इस असाधारण संचालन अवधि के दौरान यूनिट ने तकनीकी और कार्यकुशलता के मोर्चे पर नए मानदंड स्थापित किए हैं। प्लांट उपलब्धता कारक 98.81% दर्ज किया गया, जो इसकी निरंतर उपलब्धता को दर्शाता है। प्लांट लोड फैक्टर 95.6% के बेहद उच्च स्तर पर रहा, जो बेहतरीन बिजली उत्पादन क्षमता का प्रमाण है। सहायक बिजली खपत मात्र 9.28% रही, जिससे बिजली की बचत और कार्यकुशलता प्रमाणित होती है। कुशल नेतृत्व और टीम के समर्पण का परिणाम बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी लंबी अवधि तक बिना किसी तकनीकी खराबी, ग्रिड ट्रिपिंग या फोर्स आउटेज के थर्मल प्लांट को चलाना एक असाधारण तकनीकी चुनौती होती है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय सूक्ष्म और सटीक योजना, मजबूत प्रिवेंटिव मेंटेनेंस (निवारक रखरखाव) प्रथाओं, लगातार की जा रही कड़ी डिजिटल निगरानी और चचाई प्लांट की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस टीम के कुशल नेतृत्व और अटूट समर्पण को दिया है। मध्यप्रदेश के उपभोक्ताओं को मिला सीधा लाभ इस उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल अमरकंटक पॉवर स्टेशन का नाम देश के अग्रणी बिजली घरों में शामिल हुआ है, बल्कि इससे मध्यप्रदेश के आम उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिली है। यूनिट के लगातार चालू रहने से राज्य को बिना किसी रुकावट के निरंतर और सस्ती बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने में बड़ी मजबूती मिली है। यह रिकॉर्ड प्रदर्शन अब मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग के अन्य बिजली उत्पादन केंद्रों के लिए भी एक अनुकरणीय मानदंड का काम करेगा।  

नर्मदापुरम की बड़ी उपलब्धि, प्रदेश का इकलौता जिला जहां होता है चारों प्रकार का रेशम उत्पादन

नर्मदापुरम बना प्रदेश का एकमात्र जिला जहां चारों प्रकार का होता है रेशम उत्पादन मालाखेड़ी, पचमढ़ी, मढ़ई के रेशम केंद्रों से हजारों किसानों को हो रहा लाभ भोपाल  प्रदेश में रेशम उद्योग को नई पहचान मिल रही है। नर्मदापुरम जिले ने रेशम उत्पादन में प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। जिले में मलबरी, टसर, ईरी और मूंगा, चारों प्रकार का रेशम उत्पादित हो रहा है। नर्मदापुरम प्रदेश का पहला जिला है जहां चारों प्रकार के रेशम का उत्पादन होता है। जिले के रेशमी वस्त्र अब फ्लिपकार्ट और अमेज़न जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी बिक रहे हैं। मालाखेड़ी बना रेशम उत्पादन का मुख्य केंद्र जिले का मुख्य रेशम केंद्र मालाखेड़ी सिल्क कैंपस में संचालित है। यहाँ "फार्म से फेब्रिक" तक पूरी प्रक्रिया होती है।     वर्ष 2025 में मालाखेड़ी केंद्र में 742 किलोग्राम मलवरी रेशम धागा उत्पादन हुआ।     32 महिलाओं को 5.78 लाख रुपये की मजदूरी दी गई, जबकि 415 किलोग्राम धागे की ट्विस्टिंग में 10 महिलाओं को 2.50 लाख रुपये मिले।     मालाखेड़ी में मध्यप्रदेश की पहली ककून मंडी संचालित है। यहाँ से 13,781 किलोग्राम ककून पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के व्यापारियों को भेजे गए, जिससे किसानों को 51.99 लाख रुपये की आय हुई।     मालाखेड़ी में तैयार प्राकृत ब्रांड की साड़ियां और परिधान शोरूम में भी बिक रहे हैं। पचमढ़ी और मढ़ई में विस्तार     पचमढ़ी रेशम केंद्र में 5 एकड़ क्षेत्र में मूंगा रेशम का पौधरोपण कर 500 नग ककून उत्पादन किया जा रहा है।     मढ़ई रेशम उत्पादन केंद्र को सिल्क टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ पर्यटक रेशम पालन की प्रक्रिया देखने आते हैं। जिले में 28 केंद्र सक्रिय नर्मदापुरम में कुल 16 मलबरी रेशम केंद्र और 12 टसर रेशम केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इनसे हजारों किसान और स्थानीय महिलाएं जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। 2025 में जिले में मलबरी रेशम ककून उत्पादन 15,426.5 किलोग्राम रहा, जिससे 255 हितग्राहियों को लाभ मिला। टसर ककून उत्पादन में पिछले साल की तुलना में 2.68 लाख किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। रेशम से दवाइयाँ भी बन रहीं मालाखेड़ी रेशम विकास केंद्र में अब रेशम के धागे से दवाइयाँ और मेडिकल उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। फाई ब्रोहित कंपनी और सरदार वल्लभ भाई पटेल पॉलिटेक्निक कॉलेज के साथ अनुबंध कर यहाँ पाउडर, क्रीम, सेरी बैंडेज और सिजेरियन बैंडेज बनाए जा रहे हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर रेशम केंद्रों के फिर से शुरू होने से महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। जिससे लखपति दीदियों की संख्या में भी वृद्धि होगी। नर्मदापुरम की यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती दे रही है और जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।  

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, भोपाल में ड्रोन कैमरों से हो रही लाइव मॉनिटरिंग

भोपाल   मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अगर आप अपनी गाड़ी किसी व्यस्त सड़क किनारे पार्क करने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भोपाल पुलिस अब आसमान से आप पर नजर रख रही है। राज्य में अपनी तरह की इस पहली पहल में, ट्रैफिक पुलिस ने नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने वालों को पकड़ने और उनका चालान काटने के लिए ड्रोन-माउंटेड कैमरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस हाई-टेक मुहिम की शुरुआत सोमवार से औपचारिक रूप से कर दी गई है। सबसे ज्यादा फोकस एमपी नगर और वीआईपी रोड जैसे भारी ट्रैफिक वाले और संकरे रास्तों पर किया जा रहा है। इन इलाकों में भी बढ़ाई गई चौकसी ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, शहर की करीब एक-तिहाई सड़कें केवल अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों के कारण जाम रहती हैं। इसी को देखते हुए ड्रोन सर्विलांस का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब एमपी नगर और वीआईपी रोड के अलावा बागसेवनिया, मिसरोद और नर्मदापुरम रोड के कुछ हिस्सों पर भी ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पहले इन ड्रोन का इस्तेमाल केवल दुर्घटना स्थलों के दस्तावेज़ीकरण के लिए किया जाता था, लेकिन अब इनका उपयोग सीधे नियम तोड़ने वालों की पहचान करने और उनके वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए ई-चालान जेनरेट करने के लिए हो रहा है। कंट्रोल रूम से हो रही है लाइव मॉनिटरिंग अतिरिक्त आयुक्त मोनिका शुक्ला ने बताया कि औपचारिक चालान की कार्रवाई शुरू करने से पहले एक महीने तक इसका कड़ा ट्रायल किया गया था। फिलहाल विभाग के पास दो हाई-टेक ड्रोन हैं, जिनमें से एक का इस्तेमाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बड़ी सभाओं के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए भी किया जा रहा है। वहीं पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि इन ड्रोन से मिलने वाली लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम को ट्रांसफर होती है। इससे न सिर्फ नो-पार्किंग वालों पर कार्रवाई होगी, बल्कि कहीं भी जाम लगने पर तुरंत पुलिस बल को मौके पर भेजा जा सकेगा। साथ ही, ये ड्रोन क्षतिग्रस्त डिवाइडर जैसी सड़क इंजीनियरिंग की कमियों को पहचानने में भी मदद करेंगे।

आबकारी नीति के सख्त पालन के निर्देश, उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कलेक्टर्स को दिए आदेश

कलेक्टर्स आबकारी नीति का कड़ाई से कराएं पालन: उप मुख्यमंत्री देवड़ा नियमों का उल्लंघन करने वाली मदिरा दुकानों पर होगी सख्त कार्रवाई भोपाल  उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जिलों के कलेक्टर्स को आबकारी व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन ने वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के प्रावधानों को जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री देवड़ा निर्देश दिए हैं कि आबकारी विभाग अब अवैध रूप से संचालित शॉप बार, समय सीमा के उल्लंघन और ओवर रेटिंग जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य व्यापी विशेष अभियान चलाया जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले मदिरा ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश में राजपत्र में प्रकाशित नियमों के अनुसार आबकारी नीति का कड़ाई से पालन कराया जाएं। उन्होंने आबकारी विभाग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय ने सभी जिला अधिकारियों को बिंदुवार दिशा-निर्देश जारी कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार के इस कदम से अवैध रूप से मदिरा का विक्रय और उपभोग कराने वाले तत्वों पर शिकंजा कसेगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि नीतिगत प्रावधानों में प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह 'ऑफ श्रेणी' का घोषित किया गया है, जिसके तहत दुकान परिसर या उसके आसपास मदिरा सेवन की सुविधा उपलब्ध कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने नियमों के उल्लंघन करने की शिकायतों की सघन जांच के लिए विशेष दलों का गठन कर औचक निरीक्षण के बाद अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को बंद करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि इसके साथ ही, मदिरा दुकानों के निर्धारित समय से पहले खुलने और बंद होने के तय वक्त के बाद भी देर रात तक मदिरा की बिक्री किए जाने के मामलों को गंभीरता से लिया गया है। राजपत्र में निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से पालन कराने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें गश्त करेंगी। वहीं, उपभोक्ताओं से तय मूल्य से अधिक राशि वसूलने यानी ओवर रेटिंग की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक दुकान पर विक्रय दरों का प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मदिरा की वास्तविक दरों के सत्यापन के लिये दुकानों पर क्यूआर कोड चस्पा किए जाएं। कोई भी ठेकेदार यदि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर मदिरा बेचता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ राजपत्र के प्रावधानों के तहत भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएं। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा है कि प्रदेश के पवित्र घोषित किए गए नगरों और क्षेत्रों में मदिरा की अवैध बिक्री पर भी पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गये हैं। इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में पूर्व से ही मदिरा दुकानों को पूरी तरह बंद रखने के आदेश लागू हैं। अब वहां किसी भी प्रकार के शराब के अवैध परिवहन या बिक्री को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।  

5 से 21 जून तक BJP का मेगा जनसंपर्क अभियान, प्रबुद्ध और व्यापारियों के सम्मेलन भी होंगे

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 26 मई को 12 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर मध्य प्रदेश भाजपा '12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के' अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विशेष जनसंपर्क होगा, जिसमें प्रत्येक जिले में समाज के कम से कम 500 प्रबुद्ध व्यक्तियों (ओपिनियन मेकर्स) से सीधा संपर्क साधा जाएगा। सांसद अपनी लोकसभा की हर विधानसभा में और विधायक अपने क्षेत्र के हर मंडल में एक-एक दिन का समय बिताएंगे। इस दौरान वे मोदी सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रखेंगे। पदाधिकारियों को भी करनी होगी मुलाकात विधायकों, सांसदों से लेकर राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों को भी ओपिनियन मेकर्स से मुलाकात करनी होगी। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत प्रत्येक मंडल में सघन पौधरोपण किया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। सांसद और विधायक अपने क्षेत्रों में 'प्रगति पथ यात्रा' और 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' के जरिए जनता से जुड़ेंगे। स्वच्छता अभियान चलाकर प्लास्टिक कचरे की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होगा समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ अभियान का समापन होगा। इस दौरान पार्टी द्वारा प्रत्येक मंडल में स्थानीय योग अभ्यास समूहों के सहयोग से योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। जहां संभव होगा, वहां 1 सप्ताह का योग प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का समन्वय नंदिता पाठक, राघवेंद्र शर्मा और मानसिंह यादव करेंगे। उपलब्धियों की प्रदर्शनी एवं सभागार बैठकें 15 जून से 18 जून के बीच प्रत्येक जिले में मोदी सरकार की उपलब्धियों पर आधारित 3 दिवसीय प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान ऑन-द-स्पॉट चित्रकला प्रतियोगिता, वॉक्स पॉप वीडियो रिकॉर्डिंग और लाभार्थियों के अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम भी होंगे। साथ ही जिलों में प्रबुद्धजन और व्यापारी वर्ग की व्यापक उपस्थिति वाली सभागार बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं 19 जून से 20 जून तक किसानों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक जिले में दो स्थानों पर प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में विशेषज्ञों और अनुभवी व्यक्तियों द्वारा प्रत्यक्ष प्रदर्शन और व्याख्यान दिए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी अर्चना सिंह और जयपाल सिंह चावड़ा की टोली को सौंपी गई है।

वन विभाग में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने आईटी ट्रेनिंग हॉल का लोकार्पण

भोपाल  प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  शुभरंजन सेन ने भोपाल स्थित वन भवन में अत्याधुनिक आईटी ट्रेनिंग हॉल का लोकार्पण किया। यह पहल वन विभाग में नवाचार और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  सेन ने कहा कि बदलते समय के साथ शासन-प्रशासन में तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। आईटी ट्रेनिंग हॉल के माध्यम से विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिजिटल तकनीकों, ई-गवर्नेंस प्रणाली और आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित कार्यप्रणालियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे विभागीय कार्यों में दक्षता, पारदर्शिता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।  सेन ने कहा कि वन विभाग द्वारा तकनीक आधारित नवाचारों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिजिटल कार्य संस्कृति को सशक्त बनाने के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण हॉल तैयार किया गया है। इससे विभागीय कार्यों के बेहतर प्रबंधन, डेटा विश्लेषण तथा सूचना आदान-प्रदान में सुविधा होगी। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।