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मध्यप्रदेश को विकास की नई रफ्तार: 830 करोड़ की 973 सड़कों का तोहफा

सीहोर रविवार 10 मई को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को 25 साल पूरे हुए। इसी उपलक्ष में मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरुंदा में रजत जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एमपीवासियों को बड़ी सौगात देंगे। यहां सीएम और केंद्रीय मंत्री प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण की शुरुआत करेंगे। एमपी में होगा 973 सड़कों का निर्माण पीएम ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अंतर्गत एमपी में 2117 किलोमीटर 973 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी जाएगी। इस सड़कों के बनने के बाद राज्य की 987 बसाहटों और गांवों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान योजना (PM-JANMAN) के तहत 384 किलोमीटर से अधिक के सड़क निर्माण प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी जाएगी जिससे करीब 168 पिछड़े इलाकों तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी। गौरतलब है कि साल 2026-27 के पीएम ग्राम सड़क योजना के लिए केंद्र सरकार 18907 करोड़ रुपए आवंटित करेगी। बताया जा रहा है कि इसमें से लगभग 830 करोड़ रुपए मध्य प्रदेश के विकास कार्यों के निर्धारित किए जाएंगे। सीहोर जिले में बनेगी 81 सड़कें इस योजना के तहत चौथे चरण में सीहोर जिले की 81 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इन सड़क की लंबाई करीब 209 किलोमीटर है, जिससे जिले की 85 बसाहटों को लाभ मिलेगा। सरकार इन सड़कों के निर्माण पर करीब 165 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके साथ ही साल 2026-27 में पीएम जनमन योजना (वर्ष 2026-27) के तहत 261 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 168 नई सड़कें बनाई जाएंगी। इनकी लंबाई 384 किलोमीटर होगी और इनसे प्रदेश की 168 बसाहटों को लाभ पहुंचेगा। भैरुंदा में कार्यक्रम की तैयारियां तेज भैरूंदा के दशहरा मैदान स्कूल परिसर में प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। डोम बनकर तैयार हो गया है, जिला प्रशासन की तरफ से करीब 5 हजार व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। बुधवार को कलेक्टर बालागुरु के. और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निज सचिव प्रवीण सिंह ने कार्यक्रम स्थल का दौरा किया। कलेक्टर बालागुरु के. ने अफसरों को कार्यक्रम से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। ये जर्जर सड़कें बनेंगी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के चौथे चरण में सीहोर जिले की 81 सड़क बनेगी। इन सड़कों में कई ऐसी हैं जो इस समय चलने लायक नहीं हैं। बारिश के सीजन में दोपहिया वाहन तक नहीं निकल पाते हैं। कई बार तो रास्ते में इतना कीचड़ हो जाता है कि बीमार व्यक्तियों को खटियां पर डालकर लाना पड़ता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनाा के तहत बनने वाली सड़कों में मुहाली से टिकली बंजारी, हथियाखेड़ा से बुगलीवाली, रावनखेड़ा-पानबिहार रोड से पठार, सेमरादांगी से छेवटा मोहल्ला, सिराडी से मानाटोला, सोंठी से पुरा, श्यामपुर-बिछिया रोड से अचारपुरा, पाटन से आमखजूर, चांदबड़-मगरखेड़ा रोड से पतलोन, गोपालपुरा से राम नगर, बरखेड़ी दोराहा से हरिपुरा, मुंडलाकलां से खारचा बस्ती, दोराहा-खाईखेड़ा रोड से राम नगर कॉलोनी, मुरख्तारनगर से पहिया टोला और अहमदपुर-पारासोन रोड से झिरी गुर्जर मोहल्ला तक के मार्ग शामिल हैं।

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे, एमपी में बड़े ऐलानों की तैयारी में मोहन सरकार

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मई 2026 में अपने 12 साल पूरे कर 13वें में प्रवेश करने जा रही है। भाजपा और एनडीए शासित राज्य इस उपलिब्ध को अपने-अपने अंदाज में जनता से साझा करने की तैयारी कर रहे हैं।मध्यप्रदेश की मोहन सरकार भी मप्र की जनता से केंद्र के कामों, योजनाओं को इस मौके पर साझा करने का रोडमैप बना रही है। जनहित योजनाओं का खाका तैयार करने का आदेश सूत्रों के मुताबिक सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने टॉप अफसरों से कहा है कि जनहित योजनाओं का खाका तैयार कर उनके विस्तार पर योजना तैयार करें। इनमें कि सान और आदिवासी सरकार की फोकस में होंगे। बता दें, मई में मोहन सरकार के भी ढाई साल पूरे होंगे। सरकार इस मौके को खास बनाना चाहती है।   जनता को ये सौगात दे सकते हैं मुख्यमंत्री     दुग्ध उत्पादकों को दिए जाने वाले लाभों का दायरा बढ़ा सकते हैं।     आदिवासियों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाने में तेजी।     सड़क, सिंचाई व बिजली से वंचित क्षेत्रों में नई योजना की शुरु आत।     महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, आर्थिक गतिविधियों से जोडऩा।     लघु उद्योगों की स्थापना के लिए अतिरिक्त छूट दी जा सक ती है।     कृषि आधारित उद्योगों में किसानों व उनके परिवारों को जोडऩे के प्रयास। मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के लिए होगी बैठक बता दें कि प्रदेश में जहां एक ओर निगम मंडलों, प्राधिकरणों में राजनैतिक नियुक्तियां की जा रहीं हैं वहीं प्रदेश मंत्रि-मंडल मेें विस्तार भी संभावित है। इधर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार का 13 मई को ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके लिए सीएम मोहन यादव द्वारा सभी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री ने बैठकों की डेडलाइन भी तय कर दी है जिससे कई मंत्रियों की परेशानी बढ़ गई है। सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा ​है कि समीक्षा बैठकें 8 मई से 10 मई के बीच विभागवार होंगी। भोपाल में राजनैतिक अटकलें तेज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव(CM Mohan Yadav) शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सीएम मोहन यादव ने उन्हें अंगवस्त्रम ओढ़ाया और भेंट किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के संबंध में ट्वीट भी किया। सीएम मोहन यादव ने दिल्ली में हुई इस भेंट की तस्वीरें अपने एक्स हेंडल पर पोस्ट की हैं। इधर सीएम के दिल्ली दौरे पर भोपाल में राजनैतिक अटकलें तेज हो गई हैं। बीजेपी में खासी गहमागहमी है।

अब ‘कमांडो स्टाइल’ में तैयार होंगे आबकारी अधिकारी, हथियार संचालन की विशेष ट्रेनिंग शुरू

इंदौर अवैध शराब कारोबारियों के बढ़ते नेटवर्क और अपराधियों की नई-नई तकनीकों ने अब आबकारी विभाग की कार्यशैली भी बदल दी है। शराब माफिया जिस तरह संगठित तरीके से काम कर रहे हैं, उसे देखते हुए अब आबकारी निरीक्षकों और अधिकारियों को भी पुलिस की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए उन्हें हथियार चलाने, शारीरिक प्रशिक्षण, साइबर अपराध की जांच और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की विशेष ट्रैनिंग दी जाएगी। अब तक आबकारी अधिकारियों को 60 दिन का सामान्य प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन नए पाठ्यक्रम के तहत यह अवधि बढ़ाकर 90 दिन कर दी गई है। नया पाठ्यक्रम तैयार किया प्रशिक्षण जवाहर लाल नेहरू पुलिस अकादमी (जेएनपीए), सागर में होगा, जहां पुलिस उप निरीक्षक और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को ट्रैनिंग दी जाती है। हाल ही में भर्ती हुए 45 आबकारी अधिकारियों से इसकी शुरुआत होगी। पुलिस मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा ने नया पाठ्यक्रम तैयार किया है।   इसमें आबकारी अधिकारियों को पुलिस उप निरीक्षकों की तरह मैदानी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान वे एसएलआर और पिस्तौल चलाना सीखेंगे, परेड करेंगे और फिजिकल ड्रिल भी करेंगे। ट्रेनिंग में साइबर अपराध की जांच, ई-फाइलिंग, सीपीआर देने और तकनीकी मामलों की जानकारी भी दी जाएगी। फिजिकल ट्रैनिंग के 47 पीरियड आबकारी अधिकारियों को फिजिकल ट्रैनिंग के तहत पांच किमी दौड़, 12 किमी रोड वॉक, क्रोकोडाइल वॉक और डग वॉक जैसे कठिन अभ्यास कराए जाएंगे। इसके लिए 47 पीरियड निर्धारित किए गए हैं। साथ ही योग और ध्यान को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है ताकि अधिकारी मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहें। बुनियादी प्रशिक्षण के साथ आबकारी अधिनियम भी बुनियादी प्रशिक्षण के साथ आबकारी अधिनियम 1915, एनडीपीएस एक्ट, एमपी बीयर एवं शराब अधिनियम 2000, विदेशी शराब भंडारण, टेंडर प्रक्रिया, बिक्री और आबकारी शुल्क से जुड़े विषय भी पढ़ाए जाएंगे। विभाग का मानना है कि इस नए प्रशिक्षण मॉडल से आबकारी अधिकारी अवैध शराब कारोबार और उससे जुड़े अपराधों पर अधिक प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे। शराब माफिया पर शिकंजा बीते दिनों पहले ही मध्यप्रदेश पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान तेज करते हुए उज्जैन और इंदौर में दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 1.05 करोड़ से अधिक की शराब और वाहन जब्त किए हैं। जानकारी के मुताबिक उज्जैन में नानाखेड़ा क्षेत्र स्थित निनोरा टोल प्लाजा के पास पुलिस ने एक ट्रक को रोककर तलाशी ली, जिसमें 900 पेटी (21,600 केन) अवैध बीयर बरामद हुई। इंदौर में भी 43 पेटी अवैध विदेशी शराब जब्त की गई।

कुपोषण पर सवाल: 2026 में भी 2017 की दरों पर चल रही पोषण योजना

इंदौर मध्य प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सवाल ये है कि, क्या 8 रुपए प्रतिदिन में किसी बच्चे को पोषण मिल सकता है? महंगाई के इस दौर में जब एक गिलास दूध की कीमत ही 10 से 12 रुपए है, तब सरकार कुपोषित बच्चों के लिए रोजाना मात्र 8 रुपए खर्च करके उन्हें पोषित करने का दावा कर रही है। खास बात ये है कि, 2026 में भी लागू ये दर 2017 में तय की गई थी और तब से अब तक इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की जा सकी है। खास बात ये है कि, एक तरफ जहां सरकार कुपोषण मुक्त मध्य प्रदेश का लक्ष्य पेश करती है तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी आंकड़े इस दावे को चुनौती देते नजर आते हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर संभाग में ही पिछले पांच साल के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि, इन चार बड़े क्षेत्रों में ही 5 लाख से ज्यादा बच्चे कृपोषित पाए गए हैं। इनमें एक लाख से ज्यादा बच्चे गंभीर कुपोषण की श्रेणी में हैं। सबसे चिंताजनक पहलू मौतों का है। अनुमान के मुताबिक, इन चार संभागों में पिछले 5 साल के दौरान 3500 से 4600 बच्चों की मौतें कुपोषण से जुड़ी परिस्थितियों में हुई हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानते हैं कि वास्तविक आंकड़े इससे ज्यादा हो सकते हैं, क्योंकि कई मामलों में मौत का कारण सीधे कुपोषण दर्ज नहीं होता। अब डबल क्राइसिस बन चुका कुपोषण स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब शहरों में पानी और स्वास्थ्य की समस्याएं भी इससे जुड़ जाती हैं। इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में दूषित पानी, डायरिया और संक्रमण के मामले कुपोषण को और बढ़ा रहे हैं, यानी कुपोषण अब सिर्फ भोजन की कमी नहीं, बल्कि डबल क्राइसिस बन चुका है।   जमीनी स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्लाई अनियमित, टेक-होम राशन की गुणवत्ता पर सवाल और मॉनिटरिंग की कमी जैसे कारण इस संकट को और गहरा कर रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्‍या 8 रुपए में पोषण संभव है या ये सिर्फ कागजों में चल रही योजना है? न्यूनतम संतुलित आहार के लिए 25 से 40 रुपए रोज जरूरी सरकारी व्यवस्था के तहत एक कुपोषित बच्चे के लिए केंद्र और राज्य मिलाकर करीब 8 रुपए प्रतिदिन खर्च किए जाते हैं, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि न्यूनतम संतुलित आहार के लिए कम से कम 25 से 40 रुपए प्रतिदिन जरूरी हैं, यानी सरकारी खर्च और वास्तविक जरूरत के बीच 4 से 5 गुना का अंतर है। कई राज्यों ने खुद बजट बढ़ाया, एमपी पीछे जब एक बच्चे के पोषण की कीमत बाजार में 30 से 40 रुपए है, जब 8 रूपए में कुपोषण खत्म करने का दावा-नीति नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का संकेत है। मध्य प्रदेश से आगे तो केरल और तमीलनाड राज्य हैं, जहां गंभीरता के साथ 20 से 30 रुपए के करीब पोषण पर खर्च किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया शुरू, यूजी-पीजी समेत डिप्लोमा कोर्स की पहली मेरिट लिस्ट 20 मई को

छतरपुर महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं में संचालित स्नातक , स्नातकोत्तर और विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया गया है। कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह एवं कुलसचिव श्री यशवंत सिंह पटेल के मार्गदर्शन में प्रवेश समितियों ने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। ऑनलाइन पंजीयन और महत्वपूर्ण वेबसाइट प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की जाएगी। पहली मेरिट लिस्ट और शुल्क भुगतान का समय अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं प्रवेश प्रभारी डॉ. आरएस सिसोदिया के अनुसार, प्रवेश के प्रथम चरण का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा। सीट आवंटन (मेरिट लिस्ट): स्नातक कक्षाओं के लिए पहली मेरिट लिस्ट 20 मई को जारी की जाएगी, जबकि स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए आवंटन पत्र 21 मई को जारी होंगे। प्रवेश शुल्क: जिन विद्यार्थियों का नाम मेरिट लिस्ट में आएगा, उन्हें स्नातक स्तर के लिए 20 से 26 मई तक और स्नातकोत्तर के लिए 21 से 26 मई के बीच अपना ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा। शुल्क समय से जमा करना जरूरी: यदि निर्धारित तिथि तक शुल्क जमा नहीं किया जाता है, तो छात्र का आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा और सीट अगले छात्र को दे दी जाएगी। दूसरे चरण की प्रक्रिया और सहायता केंद्र जो विद्यार्थी प्रथम चरण में आवेदन करने से चूक जाएंगे या जिन्हें सीट आवंटित नहीं होगी, उनके लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया स्नातक हेतु 21 मई और स्नातकोत्तर हेतु 22 मई से प्रारंभ कर दी जाएगी। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय परिसर में एक हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए छात्र अधिष्ठाता छात्र कल्याण कक्ष में संपर्क कर सकते हैं।

प्यासा हुआ बीना: भूजल 34 मीटर नीचे, पानी के लिए रोज लंबी दूरी तय करने की मजबूरी

सागर/ बीना गर्मी का मौसम आते ही क्षेत्र के कुछ गांवों में जल संकट गहराने लगता है। इसके बाद भी प्रशासन द्वारा पूर्व से तैयारियां नहीं की जाती हैं और ग्रामीण पानी के लिए भटकते हैं। इस वर्ष भी पिछले माह एसडीएम ने बैठक लेकर जल संकट से निपटने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। पीएचई के अनुसार बीना का जलस्तर 34 मीटर नीचे खिसक गया है। जानकारी के अनुसार ब्लॉक में गिरोल, हडक़ल जैन, उमरिया, जुगपुरा, सलिता में जल संकट गहराने लगा है। यहां जलस्तर गिरने से हैंडपंप, कुआं सूख गए हैं, जिससे ग्रामीणों को खेतों से पानी लाना पड़ रहा है। कई जगह ग्रामीण डेढ़ से दो किलोमीटर दूर से पानी लाने मजबूर हैं। गिरोल गांव के सरपंच हरगोविंद सिंह ने बताया कि गांव में पांच हैंडपंप हैं, जो सूख गए हैं और लोग खेतों से पानी लाने मजबूर हैं। जल संकट को लेकर कलेक्टर, एसडीएम से भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन पानी का परिवहन शुरू नहीं हुआ है। यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले समय में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेगी। इसी तरह अन्य चार गांवों में भी पानी के लिए ग्रामीण भटक रहे हैं। यह पांच गांव वह हैं, जो अधिकारियों ने चिंहित किए हैं, इसके अलावा कई गांव हैं, जहां पानी की समस्या गर्मियों में होती है। जल जीवन मिशन का कार्य अधूरा जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप लाइन डालने सहित टंकी निर्माण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी योजना चालू नहीं हो पाई है और अगले साल गर्मियों तक योजना के चालू होने की बात कही जा रही है। पीएचई की नलजल योजनाएं अधूरी ब्लॉक में पीएचई की 36 नलजल योजनाएं हैं, जिसमें 19 ही हैंडओवर हो पाई हैं। शेष में कार्य चल रहा है और अधिकारी जून माह तक इन योजनाओं के चालू होने की बात कह रहे हैं। यदि यह योजनाएं समय पर चालू हो जाती, तो ग्रामीणों को राहत मिलती। तत्काल सुधार रहे हैं हैंडपंप हैंडपंप बंद होने की सूचना मिलने पर तत्काल सुधार कराया जा रहा है। ज्यादा जलस्तर गिरने पर हैंडपंप में मोटर पंप डालकर पानी सप्लाई करते हैं। शेष रह गईं योजनाओं का कार्य तेजी से चल रहा है, जो जून माह तक पूरा हो जाएगा। -राहुल आरमो, एसडीओ, पीएचई, खुरई परिवहन के नहीं हैं आदेश ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के परिवहन के आदेश कलेक्टर से नहीं आए हैं। पंचायतों से जनसहयोग के साथ पानी की व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया है। साथ ही पीएचई के अधिकारियों से भी बात की गई है।- प्रदीप पाल, सीईओ, जनपद पंचायत, बीना

अल्माटी में ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया देश और प्रदेश का गौरव

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित म.प्र. राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी नीरू ढंडा ने कज़ाकस्तान के अल्माटी में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में कांस्य पदक अर्जित कर देश एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया। यह प्रतियोगिता 02 मई से 11 मई 2026 तक आयोजित की जा रही है। ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत को कांस्य पदक ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत की ओर से मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढंडा एवं विवान कपूर की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय टीम ने मुकाबले में उत्कृष्ट निशानेबाजी का प्रदर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत को पदक दिलाया। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विश्व स्तरीय खिलाड़ियों की सहभागिता ISSF वर्ल्ड कप 2026 में विभिन्न देशों के विश्व स्तरीय निशानेबाजों ने सहभागिता की। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय प्रदर्शन करते हुए शूटिंग खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि ने मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था एवं खिलाड़ियों की मेहनत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नीरू ढंडा को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतना प्रदेश एवं देश दोनों के लिए गर्व का विषय है। मंत्री  सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे। यह उपलब्धि प्रदेश में शूटिंग खेल के विकास, खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होगी।  

एमपी ट्रांसको ने सेमरी हरचंद सब स्टेशन पर किया तीसरा पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने नर्मदापुरम जिले की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 132 केवी सब स्टेशन सेमरी हरचंद में तीसरे पॉवर ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत कर दिया है।  तोमर ने बताया कि इस पॉवर ट्रांसफार्मर के चालू होने से विश्व प्रसिद्ध मड़ई वाइल्डलाइफ अभयारण्य सहित सेमरी हरचंद सबस्टेशन से जुड़े अनेक ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज पर अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। नर्मदापुरम जिले की पारेषण क्षमता हुई 2000 के पार एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस क्षमता वृद्धि के बाद सेमरी हरचंद सब स्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 100 एमवीए हो गई है। साथ ही नर्मदापुरम जिले की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढकर 2000 एमवीए के पार हो गई है। साथ ही 2015 एमवीए क्षमता के साथ जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनेगी। एमपी ट्रांसको द्वारा नर्मदापुरम जिले में 220 केवी के तीन प्रमुख सब स्टेशन नर्मदापुरम, इटारसी, एवं पिपरिया तथा 132 केवी के छह सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण किया जा रहा है। इनमें सेमरीहरचंद के अलावा पिपरिया, बनखेड़ी, सोहागपुर, मोहासा बाबई,एवं सिवनी मालवा सब स्टेशन शामिल हैं।  

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना ने पूरे किए जन-सुरक्षा के 11 वर्ष

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल सिद्ध हुई हैं। इन योजनाओं ने गरीब, वंचित, श्रमिक, किसान एवं निम्न आय वर्ग के करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-सुरक्षा की इन तीनों योजनाओं ने सफलतापूर्वक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के 11 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक कम लागत में बीमा और पेंशन सुविधाएं पहुंचाना है। मध्यप्रदेश में भी राज्य सरकार द्वारा बैंकिंग संस्थाओं, डाकघरों एवं संबंधित विभागों के समन्वय से योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। आम नागरिकों की विपत्ति का संबल बनी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से नागरिकों को अत्यंत कम प्रीमियम पर जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इस योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं। योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये है, जिसे ऑटो-डेबिट के माध्यम से खातों से जमा किया जाता है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अप्रैल 2026 तक के अंतर्गत देशभर में 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन हो चुके हैं तथा 10 लाख 75 हजार से अधिक दावों के लिए 21 हजार 512 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत 12.72 करोड़ महिलाओं तथा 8.09 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों का नामांतर हुआ है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने हादसों में संभाले गरीब परिवार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना की स्थिति में गरीब एवं सामान्य परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक संबल बनकर उभरी है। इस योजना में दुर्घटना से मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। योजना में 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं और इसका वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन किए जा चुके हैं तथा 1 लाख 84 हजार से अधिक दावों के लिए 3 हजार 667 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 27.45 करोड़ महिलाओं तथा 19.30 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों ने नामांकन कराया है। अटल पेंशन योजना बनी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों की आर्थिक सुरक्षा अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों एवं निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बैंक खाताधारक, जो आयकरदाता नहीं हैं, शामिल हो सकते हैं। योजना में किए गए अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद 1 हजार रुपये से 5 हजार रुपये तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत ग्राहक की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को पेंशन का लाभ मिलता है तथा उसके पश्चात संचित राशि नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। योजना में मासिक, त्रैमासिक और अर्धवार्षिक आधार पर अंशदान की सुविधा उपलब्ध है। अटल पेंशन योजना में अप्रैल 2026 तक 9.04 करोड़ से अधिक लोग नामांकन करा चुके हैं तथा योजना में महिलाओं की भागीदारी लगभग 49 प्रतिशत है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन जन-सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से नामांकन एवं दावा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जन-सुरक्षा योजनाएं आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। योजनाओं के मुख्य बिंदु प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना     यह सामाजिक सुरक्षा योजना वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई     योजना 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर     योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये     प्रीमियम राशि जमा करने के लिए बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की सुविधा     प्रतिवर्ष किया जा सकता है योजना का नवीनीकरण     देश में 29 अप्रैल 2026 तक 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन     10.75 लाख से अधिक दावों के लिए 21,512 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान     12.72 करोड़ से अधिक महिला हितग्राही योजना से जुड़ीं         प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना     योजना वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई     इस योजना में दुर्घटना बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है     योजना 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर     आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये की सहायता     वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये     प्रीमियम ऑटो-डेबिट सुविधा के माध्यम से जमा     29 अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन     1.84 लाख से अधिक दावों के लिए 3,667 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान     27.45 करोड़ से अधिक महिलाओं ने कराया नामांकन         अटल पेंशन योजना     यह योजना भी वर्ष 2015 में लागू की गई     असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं निम्न आय वर्ग के लिए पेंशन योजना     योजना 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     आयकरदाता इस योजना के पात्र नहीं     60 वर्ष की आयु … Read more

पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव: मध्य प्रदेश के कई IPS अफसर इधर से उधर

भोपाल. मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग मंत्रालय द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई है। इसमें बुरहानपुर में पुलिस अधीक्षक के पद पर नवीन पद स्थापना हो गई है।  मध्य प्रदेश भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों की स्थानांतरण सूची राकेश सगर 2010: उप पुलिस महानिरीक्षक सेनानी दूसरी वाहिनी विसबल ग्वालियर से उप पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल।  आशुतोष बागरी 2015: सेनानी 17वीं वाहिनी विसबल भिंड से पुलिस अधीक्षक जिला बुरहानपुर।  विधाता डागर 2021: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला ग्वालियर से सेनानी दूसरी वाहिनी विसबल ग्वालियर।