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सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी प्रदर्शनी : मंत्री सारंग

सहकारी सप्ताह के अंतर्गत राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी का शुभारंभ सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी प्रदर्शनी : मंत्री सारंग प्रधानमंत्री मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश निरंतर अग्रसर भोपाल सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी का शुभारंभ गुरुवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंत्री सारंग ने फीता काटकर प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं, राष्ट्रीय सहकारी संगठनों, शासकीय विभागों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं उत्पादक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित उत्पादों, नवाचारों एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा सहकारिता आधारित आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। मंत्री सारंग ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में विकास, जनकल्याण और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर नए-नए प्रकल्पों पर कार्य कर रहे हैं। सहकारिता इस विकास यात्रा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयाम है। इसी दृष्टि से प्रधानमंत्री मोदी ने देश में पृथक सहकारिता मंत्रालय का गठन किया तथा देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। आज सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 29 जून से 5 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में ‘सहकारी सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सहकारिता की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी भी इसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण आयोजन है। मंत्री सारंग ने कहा कि यह प्रदर्शनी सहकारिता से जुड़े सभी प्रमुख आयामों की व्यापक झलक प्रस्तुत करती है। इसके माध्यम से प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, उपलब्धियों, नवाचारों और योजनाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएँ नवाचार के माध्यम से जो गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं, उनका प्रदर्शन भी इस प्रदर्शनी में किया जा रहा है। इससे सहकारी संस्थाओं को नए बाजार उपलब्ध होंगे, उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा तथा प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूती मिलेगी। मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता प्रधानमंत्री मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, कारीगरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहकारी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सहकारिता के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सहकारी संस्थाओं से नवाचार, गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जनसहभागिता को प्राथमिकता देते हुए अपने उत्पादों एवं सेवाओं को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ सहकारी संस्थाओं को विपणन का प्रभावी मंच उपलब्ध कराने के साथ उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच विश्वास को सुदृढ़ करती हैं तथा नई पीढ़ी को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं। मंत्री सारंग ने हस्तशिल्प कारीगरों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन स्वरूप सिलाई मशीन सहित विभिन्न टूल किट एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया। साथ ही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा उत्पादक संगठनों द्वारा कृषि, दुग्ध, बीज, उर्वरक, मत्स्य, वनोपज, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, महिला सशक्तिकरण, हस्तशिल्प, उद्यमिता विकास, एफपीओ, सौर ऊर्जा तथा ग्रामीण आजीविका से संबंधित उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन (सांची), मार्कफेड, इफको, कृभको, नेफेड, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक), जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी), नाबार्ड सहित अनेक प्रमुख सहकारी संस्थाओं ने अपने स्टॉल स्थापित किए हैं। कार्यक्रम में प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ अभिजीत अग्रवाल, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक महेंद्र दीक्षित, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक संघ सहित विभिन्न विभागों एवं सहकारी संस्थाओं के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएँ, कृषक, उद्यमी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी 4 जुलाई 2026 तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में सहकारी संस्थाओं द्वारा निर्मित उत्पादों, नवाचारों एवं सेवाओं का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति प्रदान करने तथा “सहकार से समृद्धि” के राष्ट्रीय अभियान को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।  

दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान, 30 जुलाई वोटिंग और 3 अगस्त को मतगणना

दतिया  मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की अधिसूचना छह जुलाई को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। इसके बाद तीन अगस्त को मतगणना होगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार, चार अगस्त तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण हो रहा उपचुनाव बता दें कि दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस के राजेंद्र भारती विधायक थे। उन्हें एक मामले में दो वर्ष से अधिक की सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसके बाद यह सीट रिक्त हो गई। अब इस सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशी आमने-सामने होंगे। आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार अब दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। मतदान सभी केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा। विजयवर्गीय बोले- बीजेपी ही जीतेगी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- दतिया उपचुनाव में निश्चित रूप से भाजपा ही जीतेगी।इस सवाल पर कि क्या बीजेपी के उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा ही होंगे, विजयवर्गीय बोले- ये कहना अभी जल्दबाजी होगी। जो उम्मीदवार आएगा, आपको बताया जाएगा। विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता खत्म हुई थी दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को दो वर्ष से अधिक की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट खाली घोषित कर दी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत संघ फैसले, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) के तहत की गई। जानें क्या था मामला? दतिया के भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़े 25 साल पुराने घोटाले में अदालत ने राजेंद्र भारती को दोषी पाया गया था। आरोप था कि बैंक अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 10 लाख रुपए की एफडी में हेरफेर कर अधिक ब्याज का लाभ लिया गया था। कोर्ट ने आईपीसी की धाराओं 120B, 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हुई थी हार गौरतलब है कि 2023 में दतिया की विधानसभा सीट हुए चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी ने राजेंद्र भारती ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर वो इस सीट से विधायक चुने गए थे। राजेंद्र भारती को 88977 वोट मिले थे। जबकि नरोत्तम मिश्रा को 81235 वोट ही मिले थे। बैंक एफडी से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला साल 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में एक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई। इसके आधार पर 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेन्द्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी भी थे। बाद में मामले की जांच हुई और आरोपपत्र दायर किया गया। 1 अप्रैल को कोर्ट ने राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 28 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया। दोषसिद्धि के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 2 अप्रैल 2026 को अदालत ने उन्हें 3 वर्ष के कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सजा के क्रियान्वयन पर 60 दिन की मोहलत दी, लेकिन उनकी दोषसिद्धि बरकरार रही। इसी दिन मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी। साथ ही दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी गई। विधानसभा ने तुरंत सीट रिक्त क्यों घोषित की? जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार किसी विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर वह अयोग्य हो जाता है। 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद ऐसी स्थिति में सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है। केवल अपील दायर करने से सदस्यता बहाल नहीं होती। इसके लिए उच्च अदालत को दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक लगानी होती है। अब जानिए क्यों हारे नरोत्तम मिश्रा और ढाई साल में राजेंद्र भारती ने क्या किया? पिछला चुनाव: क्यों नहीं दोहराया गया ‘बसई चमत्कार’ 2023 में नरोत्तम मिश्रा की हार में बसई का शहरी क्षेत्र सबसे बड़ी वजह रहा। 13 राउंड में से वे सिर्फ 3 राउंड में बढ़त बना पाए। 10वें राउंड तक राजेंद्र भारती 8 हजार वोटों से आगे थे। बीजेपी को 2018 जैसा 'चमत्कार' दोहराने की उम्मीद थी, जब बसई से मिले वोटों ने मिश्रा को जीत दिलाई थी। 2023 में 11वें और 12वें राउंड में वे क्रमशः 866 और 379 वोटों से पीछे रहे। आखिरी राउंड में 735 वोटों की बढ़त भी नाकाफी रही और नरोत्तम 7,742 वोटों से चौथा चुनाव हार गए। जनता की राय: ओवर कॉन्फिडेंस और भीतरघात बना हार का कारण एडवोकेट इतरत अली जैदी के अनुसार विकास कार्य हुए, लेकिन मिश्रा के करीबी लोगों की कार्यशैली से जनता नाराज थी। वे 2022 के नगर पालिका चुनाव में कथित धांधली और स्थानीय समस्याओं के समाधान में देरी को हार की प्रमुख वजह मानते हैं। उदाहरण के तौर पर ‘लाला का तालाब’ की टूटी दीवार अब तक नहीं बनने का मुद्दा आज भी लोगों में नाराजगी पैदा करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मिश्रा को संगठन के भीतर ही नुकसान पहुंचा। परसराम श्रीवास्तव और राजू त्यागी के अनुसार कार्यकर्ता जरूरत के मुताबिक जमीन पर सक्रिय नहीं रहे। वे अति आत्मविश्वास में रहे। बीजेपी कार्यालय प्रभारी रोहित दुबे भी मानते हैं कि कार्यकर्ता जीत को लेकर जरूरत … Read more

मध्य प्रदेश में बड़ा फैसला, घरों में कारोबार खोलने का रास्ता साफ; Combined Land Use लागू

भोपाल  प्रदेश सरकार अब हर तरह के लैंडयूज में उसके सभी प्रकार का इस्तेमाल और गतिविधियों की राह खोलने जा रही है। सिर्फ भूमि उपयोग के अनुसार, तय गतिविधियां ही प्रतिबंधित रहेंगी। भूमि और भवनों का मिश्रित उपयोग की अनुमति होगी, चाहे वो हॉरीजॉन्टल हो या वर्टिकल हो। इससे अब प्रतिबंधित को छोड़कर आवासीय क्षेत्र में कमर्शियल और औद्योगिक गतिविधियां भी चल सकेंगी। हालांकि आवासीय क्षेत्र में गोदाम, प्रदूषणकारी उद्योग, बूचडख़ाने, कबाडख़ाने, संक्रामक रोग अस्पताल, थोक व्यापार, सुअर पालन, दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, बड़े परिवहन टर्मिनल आदि को प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ एफॉर्डेबल हाउसिंग संबंधी नियमों में भी संशोधन कर इनके ज्यादा संछया में निर्माण का रास्ता खोला जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग इसके लिए भूमि विकास नियमों में संशोधन कर रहा है। संशोधन के ड्राट का गजट नोटिफिकेशन कर 15 दिन में सुझाव और आपढिायां मांगी गई हैं। इसके बाद इसे लागू किया जाएगा। प्रदेश में ज्यादा बनेंगे एफॉर्डेबल आवास सरकार अब ज्यादा एफॉर्डेबल आवास बनाने का रास्ता खोलने जा रही है। इसके लिए भूमि विकास नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इस ड्राफ्ट के अनुसार, एफॉर्डेबल आवासों का निर्माण तीन तरह से हो सकेगा। इसमें भूखंड विकास, छलैट, समूह गृह निर्माण के साथ अब एकल स्वामित्व वाले भूखंड पर ऊर्धवाधर वृद्धिशील आवास को भी जोड़ा जा रहा है। बनेंगी हाईराइज इमारतें संशोधन में उपलब्ध जमीन के अनुसार, प्रति हेलटेयर आवासीय इकाइयों के अधिकतम घनत्व संबंधी प्रावधान को खत्म किया जाएगा। इसके तहत अधिकतम चार हेलटेयर क्षेत्र में अधिकतम चार मंजिला भवन निर्माण और 350 ईडय्ल्यूएस और 260 एलआइजी आवास निर्माणों की ही अनुमति थी। लेकिन अब संख्या का बंधन खत्म हो जाएगा। एकल स्वामित्व वाले भूखंड में किसी मकान को ऊपर की ओर बढ़ाने की भी अनुमति मिल सकेगी। स्वतंत्र एफॉर्डेबल हाउस परियोजनाओं में आवासीय इकाई का अधिकतम निर्मित क्षेत्र 60 वर्ग मीटर तक हो सकेगा। इसके लिए एफएआर भी 3 तक मिलेगा। मकान और दुकान का होगा एक साथ उपयोग अब मकान और दुकान एक ही स्थान पर हो सकेंगे। राज्य सरकार ने टीएंडसीपी (Town and Country Planning) के नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत घरों में दुकानें और कार्यालय खोलने की मंजूरी दी जाएगी। किस तरह मददगार साबित होगा यह बदलाव टीएंडसीपी आयुक्त श्रीकांत बनोठ ने बताया कि सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं। इन बदलावों से व्यापारियों को नई मंजूरी मिलेगी। अब वे अपने घरों में कारोबार कर सकेंगे। इससे न केवल व्यापारियों, बल्कि आम जनता को भी लाभ होगा। रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। भूमि विकास नियम 2012 में अहम बदलाव टीएंडसीपी ने भूमि विकास नियम 2012 के नियम 36 में बदलाव किया है। इससे मिक्स लैंड यूज और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (Transit Oriented Development) को शामिल किया गया है। इसके अलावा, नियम 37 में भी बदलाव किया गया है। इससे अब आवासीय (residential) क्षेत्रों में लगाए गए प्रतिबंध (restrictions) को हटा दिया गया है। इसमें विद्युत, तेल, जल और अन्य मशीनी शक्ति के उपयोग शामिल है। ऐसे में अब यह संभावना बढ़ गई है कि आने वाले समय में मोहल्लों और कॉलोनियों में छोटे-मोटे उद्योगों का भी विस्तार हो सकता है। किस क्षेत्र में कौन सी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी -आवासीय क्षेत्र : हानिकारक और खतरनाक उद्योग, भारी विनिर्माण उद्योग, गोदाम, प्रदूषणकारी उद्योग, बूचड़ख़ाने, कबाड़ख़ाने, संक्रामक रोग अस्पताल और अन्य। -वाणिज्यिक क्षेत्र : भारी उद्योग, खतरनाक और विषाक्त रसायनों का भंडारण, विस्फोटक भंडारण, थोक भंडारण डिपो, हानिकारक और खतरनाक उद्योग और अन्य। -औद्योगिक क्षेत्र : पूरी तरह से आवासीय टाउनशिप, विद्यालय, हानिकारक और खतरनाक उद्योग, भारी विनिर्माण उद्योग, गोदाम, प्रदूषणकारी उद्योग कसाईखाना, तेल डिपो, पेट्रोलियम, संक्रामक बीमारी वाले अस्पताल व अन्य। -कृषि क्षेत्र : शहरी आवासीय अभिन्यास, शहरी वाणिज्यिक परिसर, बड़े वाणिज्यिक परियोजनाएं, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, बड़े मॉल और अन्य। -ग्रामीण आबादी, चारदीवारी शहरी क्षेत्र : हानिकारक-घातक उद्योग, असंगत भारी औद्योगिक गतिविधियों, हानिकारक और खतरनाक उद्योग भारी विनिर्माण उद्योग, गोदाम व अन्य। जल निकाय, तालाब क्षेत्र : भूमि भराव, स्थायी निर्माण, औद्योगिक अपशिष्ट, डंपिंग, अतिक्रमण, खनन गतिविधियां, सुअर पालन, दुग्ध एवं मुर्गी पालन, दाह संस्कार, श्मशान, विद्युत दाह संस्कार। वाणिज्यिक क्षेत्रों पर असर वाणिज्यिक क्षेत्रों में अब खतरनाक रेड और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को अनुमति नहीं मिलेगी। हालांकि, ग्रीन श्रेणी के उद्योगों को अनुमति मिल सकती है। इससे ट्रैफिक और पार्किंग की समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे पहले यूपी में मिली थी मंजूरी बता दें की माकान में व्यापार करने की मंजूरी इससे पहले यूपी में दी गई थी। यहां फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में लिया गया था। इसमें लोग बिना किसी बड़ी कानूनी प्रक्रिया के अपने घर के साथ व्यापार की मंजूरी दी गई थी।

Apple विवाद: ‘जय श्री राम’ पर जवाब नहीं, ‘सलाम वालेकुम’ पर प्रतिक्रिया के दावे से उज्जैन में विरोध प्रदर्शन

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में तकनीक और आस्था आमने-सामने आ गए हैं। यहां एप्पल की वॉइस असिस्टेंट फीचर सिरी (Siri) अब हिंदू संगठनों के निशाने पर है। आरोप है कि सिरी जय श्री राम या जय माता दी बोलने पर कोई जवाब नहीं देती, जबकि सलाम वालेकुम कहने पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है।ज्योतिषाचार्य, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने इसे धार्मिक भेदभाव बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। मांग की गई है कि एप्पल अपने फीचर्स में सुधार करे, अन्यथा आईफोन का बहिष्कार किया जाएगा। सिरी सलाम वालेकुम पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है- पवन पाठक दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल का वॉइस असिस्टेंट सिरी उज्जैन में विवादों में घिर गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित पवन पाठक का दावा है कि उन्होंने 10 से 15 आईफोन पर इसकी जांच की। उनका कहना है कि जय श्री राम या जय माता दी बोलने पर सिरी कोई स्पष्ट जवाब नहीं देती या शांत रहती है, जबकि सलाम वालेकुम पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है। वीएचपी के जिला अध्यक्ष राजेश आंजना ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र में इसे सुनियोजित जिहाद करार दिया है। साथ ही हिंदू मानदंडों और आस्था पर कुठाराघात बताया है। पत्र के जरिए प्रदेश भर में खुले एप्पल के स्टोर को बंद करने की मांग की गई है।  'एप्पल की डेटा फीडिंग में पक्षपात' पंडित पाठक ने इसे एप्पल की डेटा फीडिंग में पक्षपात बताया। उन्होंने कहा कि भारत एप्पल के लिए एक बड़ा बाजार है और यहां करोड़ों यूजर्स हैं। ऐसे में सभी धर्मों का समान सम्मान होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसमें सुधार नहीं किया गया तो उपभोक्ताओं से आईफोन का बहिष्कार करने की अपील की जाएगी। 'धार्मिक भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा' मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी महाराज ने भी इसका समर्थन किया। स्थानीय आईफोन यूजर्स में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि तकनीक में किसी भी प्रकार का धार्मिक भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद, जिला उज्जैन और बजरंग दल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।  फिलहाल इस पर एप्पल की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई  विहिप का कहना है कि जब तक एप्पल इस कथित तकनीकी खामी को दूर नहीं करता, तब तक प्रदेश में आईफोन के सभी स्टोर्स बंद कराए जाएं। फिलहाल एप्पल की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, उज्जैन से उठा यह विरोध अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है और बड़े आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।  

मध्य प्रदेश की नई G-RAM-G योजना, 125 दिन रोजगार, काम न मिलने पर भत्ता और मजदूरी में देरी पर मुआवजा

भोपाल  केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' (VB-G Ram-G) के तहत संशोधित मजदूरी दरों को लागू कर दिया है. नया कानून एक जुलाई से लागू हो गया है. इसमें मनरेगा में 100 की बजाय अब 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी.सरकार के अनुसार, नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़कर 327.4 रुपये रोजाना हो गई है. मनरेगा में पहले यह 298.8 रुपये प्रतिदिन थी. इसमें करीब 29 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि एक जुलाई से प्रभावी नई मजदूरी दरें सभी 34 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में बढ़ाई गई हैं.मंत्रालय ने बताया कि 300 रुपये प्रतिदिन की नयी अंतरिम आधार मजदूरी दर तय की गई है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत अधिसूचित कोई भी मजदूरी इससे कम न हो. सरकार के अनुसार, देशभर में औसतन मजदूरी दरों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।  रोजगार की गारंटी 125 दिन होगी मंत्रालय ने कहा कि नया अधिनियम पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन तक मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी देता है, जबकि मौजूदा ढांचे में यह सीमा 100 दिन थी. 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी. अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि की गई है। 15 दिन में मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर 16वें दिन से हर दिन की देरी पर 0.05% प्रतिदिन की दर से कंपनसेशन मिलेगा। योजना के प्रस्तावित नियम कैबिनेट में पेश किए जाने थे, लेकिन मंगलवार और बुधवार को कैबिनेट की बैठक नहीं हुई। इसलिए नियमों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया। मप्र सरकार जल संरक्षण और बांध जैसे बड़े प्रोजेक्ट में भी इसे लागू करने की तैयारी कर रही है। योजना का क्रियान्वयन 60:40 के अनुपात में होगा, यानी केंद्र 60 फीसदी पैसा देगा और राज्य सरकार को 40 फीसदी वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। 1. कितने दिन का रोजगार मिलेगा? योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन का अकुशल रोजगार मिलेगा। यह मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों से अधिक है। परिवार के वयस्क सदस्य स्वेच्छा से काम कर सकेंगे। 2. 15 दिन में काम नहीं मिला तो क्या होगा? यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक दैनिक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिन के लिए मजदूरी दर का 25 फीसदी और उसके बाद में 50 फीसदी भत्ता मिलेगा। 3. मजदूरी कब और कैसे मिलेगी? काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी साप्ताहिक आधार पर दी जाएगी। किसी भी स्थिति में काम करने की तारीख से 15 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। 4. मजदूरी में देरी हुई तो क्या होगा? यदि मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी नहीं मिलती, तो 16वें दिन से भुगतान होने तक बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05% की दर से मुआवजा (कंपनसेशन) दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। 5. आवेदन की प्रोसेस क्या होगी? रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित या डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत पोर्टल पर किया जा सकेगा। आवेदन की रसीद भी अनिवार्य रूप से मिलेगी। 6. कौन कर सकेगा आवेदन? जिस ग्रामीण परिवार का पंजीकरण होगा और जिसके वयस्क सदस्य का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा, वही योजना के तहत काम मांग सकेगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य आवेदन कर सकता है। 7. गांवों में किस तरह के काम होंगे? योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, सिंचाई, आजीविका बढ़ाने वाले कार्य, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना और जलवायु परिवर्तन से बचाव से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे। इनका उद्देश्य गांवों की स्थायी संपत्ति तैयार करना है। 8. मॉनिटरिंग कैसे और कौन करेगा? योजना में जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति, रियल-टाइम डेशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा रोकने, भुगतान की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया गया है। 9. कमजोर और वंचित वर्ग को प्राथमिकता राज्य सरकार वंचित और जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की आजीविका सुरक्षा को मजबूत करना है। 10. सिर्फ रोजगार नहीं, गांवों के विकास पर भी फोकस योजना का लक्ष्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' के तहत गांवों का समग्र विकास करना है। पंचायत स्तर की योजनाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विकास योजनाओं से जोड़कर दीर्घकालिक ग्रामीण विकास सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।

Bhopal-Jewar Flight: नई हवाई सेवा का शुभारंभ, शानदार स्वागत के बावजूद कम रहे यात्री

भोपाल  भोपाल से नोएडा के जेवर एयरपोर्ट तक सीधी उड़ान बुधवार से शुरू हो गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने वाटर सैल्यूट से उड़ान का स्वागत किया। यात्रियों को इस उड़ान का काफी समय से इंतजार था, लेकिन पहले दिन उड़ान को उम्मीद से कम यात्री मिले। उड़ान से मात्र नौ यात्री नोएडा से भोपाल पहुंचे। भोपाल से 36 यात्री रवाना हुए। इस रूट पर इंडिगो ने उड़ान प्रारंभ की है। कंपनी की पहली उड़ान संख्या 6-ई 7653 बुधवार को निर्धारित समय शाम 6.50 बजे राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड हुई। एयरपोर्ट अथॉरिटी किसी नए शहर तक हवाई कनेक्शन जुड़ने पर वाटर सैल्यूट से विमान का स्वागत करती है। इसी परंपरा के अनुरूप विमान पर फायर ब्रिगेड की दमकलों ने स्वागत किया। इस रूट पर 72 सीटों वाला विमान चला रही है। सीधी उड़ान शुरू होने से दिल्ली एनसीआर में आने वाले गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ एवं बुलंदशहर आदि जाने वाले हवाई यात्रियों को सुविधा होगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस उड़ान में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।  

6 जुलाई को खानूगांव में होगी बाढ़ प्रबंधन की मॉकड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों का होगा परीक्षण

6 जुलाई को खानूगांव में होगी बाढ़ प्रबंधन की मॉकड्रिल मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा; जलभराव रोकने, संवेदनशील जलस्रोतों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर मिश्रा के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न भोपाल  कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।   बैठक में अपर कलेक्टर सुमित पांडे ने आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने तथा आपदा प्रबंधन संबंधी निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   बैठक में बताया गया कि 6 जुलाई को खानूगांव में बाढ़ प्रबंधन की मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। अपर कलेक्टर पांडे ने मॉक ड्रिल के सफल एवं प्रभावी संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा की वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की विशेष सफाई के निर्देश   अपर कलेक्टर पांडे ने नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित जलभराव की स्थिति से बचाव के लिए ड्रेनेज सिस्टम तथा प्रमुख नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, नाव, लाइफ जैकेट तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही नगर निगम एवं एसडीआरएफ की बचाव टीमों को संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संसाधनों सहित तैनात रखने तथा सभी नियंत्रण कक्षों को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए। जलस्रोतों पर सुरक्षा जाली और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं     वर्षाकाल में पर्यटकों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपर कलेक्टर ने केरवा डैम,कलियासोत, अमरगढ़, महादेव पानी सहित जिले के अन्य संवेदनशील जलस्रोतों एवं पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।   उन्होंने गहरी खाइयों एवं जलस्रोतों के समीप सुरक्षा जाली लगाने, चेतावनी सूचक बोर्ड स्थापित करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वर्षाकाल में जलस्रोतों पर विशेष सावधानी बरतें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।  हर एसडीएम अपने क्षेत्र में गठित करेंगे आपदा प्रबंधन टीम        बैठक में सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में समर्पित आपदा प्रबंधन टीमों का गठन करें तथा विभागों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाई जाए, ताकि न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम के साथ राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जा सके। जर्जर भवनों, बंद खदानों और कोचिंग संस्थानों पर विशेष निगरानी जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपर कलेक्टर पांडे ने नगरीय निकायों को जिले के जर्जर एवं खतरनाक भवनों की सूची तैयार कर आवश्यकतानुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंद पड़ी खदानों के चारों ओर सुरक्षित फेंसिंग कराने तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा।        बैठक में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी कोचिंग संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।              बैठक में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निगम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

डॉक्टर्स डे पर इनर व्हील क्लब मुरैना ने चिकित्सकों का किया सम्मान, नई कार्यकारिणी का भी हुआ परिचय

इनर व्हील क्लब मुरैना ने डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों का किया सम्मान, नई कार्यकारिणी का भी हुआ परिचय मुरैना  इनर व्हील क्लब मुरैना द्वारा राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (डॉक्टर्स डे) के अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर क्लब की वर्ष 2026-27 की नई कार्यकारिणी का भी परिचय कराया गया। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष श्रीमती प्रतीक्षा बांदिल, सचिव श्रीमती मीनाक्षी माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष श्रीमती भावना मित्तल, आईएसओ डॉ. सुधा माहेश्वरी, सीसी श्रीमती रंजिता शिवहरे तथा संपादक श्रीमती आस्था मंगल को दायित्व सौंपा गया। कार्यक्रम में क्लब की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती करुणा जैन की गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉक्टर्स डे के अवसर पर जिन चिकित्सकों का सम्मान किया गया उनमें डॉ. हेमा सिंघल, डॉ. मीरा प्रेमी, डॉ. सुधा माहेश्वरी, डॉ. ऋतु राठी, डॉ. अनुभव माहेश्वरी, डॉ. सरोज गुप्ता, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. दीप्ति जैन, डॉ. मेघा गोयल तथा डॉ. दीक्षा गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम में क्लब की सदस्य श्रीमती पूजा मोदी, श्रीमती माधुरी मित्तल, श्रीमती मधु गुप्ता, श्रीमती राधिका माहेश्वरी, श्रीमती साक्षी गोयल, श्रीमती शिल्पी जैन, श्रीमती अंजलि जैन, श्रीमती शिल्पा बंसल, श्रीमती निशा शर्मा, श्रीमती पूजा मंगल एवं  श्रीमती भावना मंगल  सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सक मानव सेवा का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण हैं। अपने ज्ञान, समर्पण और सेवा भावना से वे समाज को स्वस्थ एवं सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्लब ने सभी सम्मानित चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज, 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; 7 संभाग पहले ही कवर

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। सागर और भोपाल संभाग के कई जिलों को कवर करने के बाद गुरुवार को इसके उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 40 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। गुरुवार को ही प्रदेश में अति भारी, भारी और तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में पानी गिरेगा मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गुरुवार को आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को इंदौर के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। वार्ड क्रमांक 80 में बारिश का पानी दुकानों में घुस गया, जबकि कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं। बारिश के दौरान एक थार नाले में गिर गई। वाहन में पूरा परिवार सवार था। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के अहीरखेड़ी-काकड़ इलाके में रपटा पार करते समय दो बाइक सवार तेज बहाव में बह गए। दोनों की उम्र 20 से 22 साल बताई जा रही है। इनमें मनीष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि महेश तेज बहाव में लापता हो गया। पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर उसकी तलाश में जुटी है। 5 जुलाई तक रहेगा तेज बारिश का दौर मौसम विभाग ने 5 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। 3 जुलाई को धार और बड़वानी तथा 4 जुलाई को खरगोन जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। जून में कमी, जुलाई से उम्मीद प्रदेश में अब तक करीब 100.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 28 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग का कहना है कि जून में बारिश अपेक्षा से कम रही, लेकिन जुलाई में मानसून के सक्रिय रहने से अच्छी बारिश होने की संभावना है। सामान्य तौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही दर्ज होता है।  भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश के आसार गुरुवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। 

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया सम्मानपूर्वक अभिनंदन

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया अभिनंदन 28वें एओएमएसआई मिड-टर्म कन्वेंशन एवं 14वें एओएमएसआई पोस्टग्रेजुएट कन्वेंशन—मिडकॉम्स 2026 में होंगे शामिल भोपाल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने गुरुवार को निवास कार्यालय, भोपाल में आत्मीय अभिनंदन किया। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. साहा और उप मुख्यमंत्री शुक्ल के मध्य विभिन्न समसामयिक विषयों और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को लेकर चर्चा हुई। इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती स्वप्ना साहा भी उपस्थित थीं। त्रिपुरा मुख्यमंत्री डॉ. साहा मध्यप्रदेश प्रवास पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. साहा भोपाल में आयोजित 28वें एओएमएसआई मिड-टर्म कन्वेंशन एवं 14वें एओएमएसआई पोस्टग्रेजुएट कन्वेंशन—मिडकॉम्स 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया, मध्यप्रदेश स्टेट चैप्टर तथा पीपुल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में यह राष्ट्रीय सम्मेलन 2 से 4 जुलाई 2026 तक पीपुल्स यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की थीम “क्रिएटिंग अ होलसम सर्जन” अर्थात “समग्र सर्जन का निर्माण” है। यह सम्मेलन ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अकादमिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश के प्रख्यात विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षक, शोधकर्ता तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। सम्मेलन में नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों, जटिल शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं तथा चिकित्सा शिक्षा के विविध आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।