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मध्यप्रदेश में गेहूं की MSP और बोनस पर खरीद की शुरुआत, रजिस्ट्रेशन वाले किसानों को मिलेगा फायदा

शहडोल : MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है. गेहूं की कटाई, गहाई के बाद अब शासन किसानों का गेहूं खरीदने की तैयारी में है. जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल के मुताबिक, '' रबी सीजन में MSP पर गेहूं खरीदी का काम 2026-27 के तहत 15 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 12 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।  मध्य प्रदेश में गेहूं पर इतना MSP और बोनस जिला आपूर्ति नियंत्रक ने कहा, '' इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रु प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिस पर मध्यप्रदेश शासन 40 रु प्रति क्विंटल बोनस भी दे रहा है. इस तरह से किसानों को कुल 2625 रु प्रति क्विंटल की दर से एमएसपी का भुगतान किया जाएगा और उनकी फसल इस नई दर पर खरीदी जाएगी।  शहडोल में इतने किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल ने जानकारी दी है कि MSP पर गेहूं की खरीदी सिर्फ पंजीकृत किसानों से ही की जाएगा, जिले में कुल 9,526 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है, जिनमें से 13 अप्रैल 2026 तक 418 किसानों की स्लॉट बुकिंग की जा चुकी है. यानी साफ है कि जिन किसानों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, शासन उनसे एमएसपी पर गेहूं की खरीद नहीं करेगा. यानी बिना पंजीकरण वाले किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।  स्लॉट बुकिंग का ध्यान रखें किसान जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल ने अपील करते हुए कहा है कि जिन किसानों का गेहूं एमएसपी पर बेचने के लिए तैयार हो चुका है, वे शीघ्र अतिशीघ्र स्लॉट बुक कर निर्धारित तिथि पर अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र पहुंच जाएं. स्लॉट के हिसाब से किसान पहुंचकर अपना गेहूं बेच सकते हैं. किसानों की सुविधा के लिए शनिवार एवं रविवार को भी पूरे दिन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।  पूरा फायदा लेने के लिए इस बात का रखें ध्यान साथ ही जिला आपूर्ति नियंत्रक ने कहा है कि किसान अगर एमएसपी का पूरा लाभ लेना चाहते हैं, तो वे अपने साथ साफ-सुथरा, सूखा व अच्छी गुणवत्ता का गेहूं ही उपार्जन केंद्रों पर लाएं. इससे उनका अनाज अमानक या लो क्वालिटी का घोषित नहीं होगा और बिना किसी परेशानी के खरीदी प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। 

महाराष्ट्र में मदरसों पर कटनी पुलिस की कार्रवाई, बिहार से मांगी गई सामाजिक जांच रिपोर्ट

कटनी महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में धार्मिक शिक्षा के लिए बिहार से बच्चों को ले जाने के मामले में इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) भी सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर रविवार को ट्रेन में 163 बच्चों को ले जाते गिरफ्तार किए गए आठों आरोपितों के बारे में पड़ताल की जा रही है। उनके किसी कट्टर धार्मिक संगठन से जुड़े होने की आशंका है। ऐसे में, आईबी एवं जीआरपी के अधिकारियों ने सोमवार को देर रात तक आरोपितों और बिहार से बुलाए गए बच्चों के अभिभावकों से जानकारी जुटाई। वहीं, आठों आरोपितों बच्चों को लातूर और विदर्भ के जिन दो मदरसों में ले जा रहे थे, वहां की जानकारी जुटाने के लिए कटनी पुलिस की टीमें रवाना हो गई है। जांच में पता चलेगा किस तरह की शिक्षा दी जाती है पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लातूर के मदरसा जामिया अशरफिया अंजूमने इस्लामिया उद्गीर और विदर्भ के दारुल उलूम इमदादिया मदरसा के नाम बताए हैं। इनमें पड़ताल के बाद पता चलेगा कि वहां पर बच्चों को किस तरह की धार्मिक शिक्षा दी जाती है या कोई अन्य कारण से बच्चे भेजे जा रहे थे। वहीं, महिला बाल विकास विभाग ने बिहार के अररिया प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद बच्चों को बिहार भेजा जाएगा। स्वयं को शिक्षक बता रहे हैं आरोपी बिहार के अररिया जिले से बच्चों को ले जाने वाले आठों लोग स्वयं को मदरसों में शिक्षक बता रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपने जिले के बच्चों को वर्ष 2016 से मदरसों में धार्मिक शिक्षा देने के लिए ले जा रहे हैं। इनकी भूमिका पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि बिहार में भी मदरसे संचालित हैं। फंडिंग की भी जांच की जा रही निश्शुल्क शिक्षा देने के लिए कौन सा संगठन फंडिंग कर रहा है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही हैं। इस संबंध में आरोपितों में शामिल सद्दाम का कहना था कि मदरसों को समाज की ओर से चंदे के रूप में धार्मिक शिक्षा देने के लिए फंड मिलता है और इससे ही बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आरोपियों को समाज को किया सुपुर्द जीआरपी ने आरोपित बनाए गए अररिया क्षेत्र निवासी सद्दाम, अमान उल्ला, मो. जाहिर, आमिर खान, हाफिज अबू तालिम, मो. इस्लाम, नौसाद और राशिद को कटनी में मुस्लिम समुदाय के सुपुर्दगी कर दिया है। मामले की जांच तक आठों को पूछताछ के लिए जीआरपी में उपस्थित होना होगा। वहीं, मंगलवार को लगभग 54 बच्चों के अभिभावक कटनी पहुंचे और उनकी मुलाकात आश्रय गृह में बच्चों से कराई गई। उनके बयान भी दर्ज किए गए।

कांग्रेस की दो महिला पार्षदों के खिलाफ एफआईआर, बीएनएस धारा 196 के तहत मामला दर्ज

इंदौर  इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अनादर करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच के बाद एमजी रोड पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों, रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस ने यह कदम भाजपा पार्षदों की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर उठाया है।एमजी रोड थाना पुलिस ने बीते सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपी पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। थाने में दोनों से घंटों तक सघन पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए।इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बिगाड़ना) के तहत दोनों पार्षदों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम् गीत के अपमान को लेकर उपजा विवाद अभी भी जारी है। सभापति और भाजपा के कई पार्षद विरोध स्वरूप थाने में बयान दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के बाद पार्षद रुबीना खान के भी बयान लिए। अब एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साढ़े चार घंटे चली पूछताछ दर्ज किए बयान एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि इस मामले में भाजपा पार्षद दल ने एमजी रोड थाने में आकर शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में पार्षद फौजिया शेख अलीम के सोमवार को बयान दर्ज किए गए थे। मंगलवार को पार्षद रूबिना इकबाल खान के बयान दर्ज किए गए है। इसके साथ ही उनसे मामले को लेकर सवाल-जवाब भी किए गए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा- सभी पार्षद मेरे भाई हैं, मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे इससे पहले एमजी रोड पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम तो मंगलवार को कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के बयान लिए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा कि सभी पार्षद मेरे भाई हैं। मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे, इसके लिए खेद प्रकट करती हूं। मैं वंदे मातरम् का सम्मान करती हूं, अब कान पकड़ लिए, ऐसा नहीं होगा। मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया, मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी रुबीना ने मीडिया से कहा, वे लोग (विपक्षी पार्षद) मुझे उकसा रहे थे। उस समय मैंने कहा था कि आपके बाप में दम हो और दूसरा शब्द था-कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ये दोनों शब्द आपत्तिजनक थे। जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया। मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी। एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, करीब साढ़े चार घंटे बयान चले, पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, थाने में करीब साढ़े चार घंटे बयान चले। पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। हालांकि अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। रुबीना ने की थी आपत्तिजनक टिप्पणी कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम विवाद को लेकर सदन में आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। उन्होंने कहा था कि किसी के बाप में दम हो तो वे हमने गवा कर दिखाए। इसके अलावा उन्होंने खुद की पार्टी के पार्षदों द्वारा वंदे मातरम विवाद में कुछ न बोलने पर भाड़ में जाए कांग्रेस जैसी टिप्पणी भी की थी। इसे लेकर उनके निष्कासन का प्रस्ताव शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा है।

पन्ना की प्रतिभा ने 499 अंक हासिल कर किया इतिहास रचने का काम, प्रदेशभर में बेटियों का राज

 पन्ना   मध्य प्रदेश में लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। Madhya Pradesh Board  ने कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम एक साथ जारी कर दिया है। परिणाम की घोषणा मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने औपचारिक रूप से की। रिजल्ट जारी होते ही पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल देखा गया। इस वर्ष के परिणामों में एक बार फिर बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मार ली है। मेरिट सूची में छात्राओं की संख्या अधिक रही, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में उनके बढ़ते प्रदर्शन को मजबूती मिली है। पन्ना की प्रतिभा बनीं टॉपर कक्षा 10वीं में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने इतिहास रचते हुए 500 में से 499 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में टॉप किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया है। जिलेवार प्रदर्शन और मेरिट सूची इस बार अनूपपुर जिले का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जहां 98.8 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया है। कुल 378 छात्रों की मेरिट सूची में 143 छात्र और 235 छात्राएं शामिल हैं। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि बालिकाओं ने इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कुल परिणामों का विवरण इस वर्ष 10वीं कक्षा का कुल परिणाम 73.42 प्रतिशत रहा, जबकि 12वीं कक्षा का परिणाम 76.01 प्रतिशत दर्ज किया गया। जनजातीय जिलों का प्रदर्शन भी अपेक्षाकृत बेहतर रहा है, जिससे शिक्षा के प्रसार की सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। सरकार का बयान स्कूल शिक्षा मंत्री Uday Pratap Singh ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और गहन जांच के साथ पूरा किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छात्रों के भविष्य और हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र-छात्राएं अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं और अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकते हैं।

MP Board Result 2026: लड़कियों ने मारी ‘हैट्रिक’, लड़कों को पछाड़कर मेरिट लिस्ट में किया दबदबा

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आज, 15 अप्रैल को जारी कर दिया है. बता दें कि इस साल एमपी बोर्ड में 10वीं के लिए 9 लाख से ज्यादा और 12वीं के लिए 7 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था. छात्र अपना परीक्षा परिणाम ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं।  माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश ने वर्ष 2026 की 10वीं (हाईस्कूल) परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस बार कुल 73.42% नियमित छात्र पास हुए हैं।पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। हाई स्कूल परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 के बीच हुई थी। इसमें कुल 8,97,061 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 7,87,733 नियमित और 1,09,328 प्राइवेट परीक्षार्थी थे। छात्राओं का प्रदर्शन बेहतर इस बार भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। छात्राओं का पास प्रतिशत 77.52% रहा, जबकि छात्रों का 69.31% दर्ज किया गया। सरकारी स्कूल आगे, परिणाम 76.80% शासकीय स्कूलों का परिणाम 76.80% रहा, जो निजी स्कूलों के 68.64% से अधिक है। इससे सरकारी स्कूलों के बेहतर प्रदर्शन का संकेत मिलता है। टॉपर्स में छात्राओं का दबदबा मेरिट लिस्ट में 378 विद्यार्थियों ने जगह बनाई, जिनमें 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं। जिलावार प्रदर्शन: अनूपपुर 93.85% के साथ पहले स्थान पर जिलावार परिणाम में अनूपपुर 93.85% के साथ पहले और आलीराजपुर 92.14% के साथ दूसरे स्थान पर रहा। पूरक की जगह द्वितीय अवसर परीक्षा इस वर्ष पूरक परीक्षा की जगह द्वितीय अवसर परीक्षा का प्रावधान किया गया है। मुख्य परीक्षा में फेल, अनुपस्थित या अंक सुधारने वाले छात्र 7 मई 2026 से होने वाली इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। 2.89 लाख छात्र फेल कुल 2,89,693 छात्र फेल घोषित किए गए हैं, जबकि परीक्षा के दौरान 47 नकल के मामले सामने आए। इतने छात्र हुए पास मध्य प्रदेश बोर्ड ने इस साल का पास प्रतिशत भी जारी कर दिया है. पिछले साल के मुकाबले इस बार नतीजों में सुधार देखने को मिला है: 10वीं बोर्ड: 78.14% छात्र पास हुए. 12वीं बोर्ड: 76.22% छात्र सफल रहे।  यहां पर भी चेक कर सकते हैं रिजल्ट mpbse.nic.in mpbse.mponline.gov.in mpresults.nic.in डिजिलॉकर (DigiLocker) और MPBSE मोबाइल ऐप पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड (12वीं बोर्ड) इस साल (2026) का कुल पास प्रतिशत 76.22% रहा है. पिछले सालों का रिकॉर्ड इस प्रकार है: 2026: 76.22%  2025: 74.48% 2024: 64.48% 2023: 55.28% 2022: 72.72% 2021: (कोविड-19 की वजह से प्रमोटेड) 2020: 68.81% मंत्री बोले- रिजल्ट 'फुलप्रूफ' रखा गया स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार, रिजल्ट से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट 'फुलप्रूफ' रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो। 16 लाख से ज्यादा छात्र हुए शामिल इस वर्ष प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा संचालन के लिए प्रदेशभर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। MP Board 10th Result 2026: स्टूडेंट्स का पास प्रतिशत विद्यार्थी एमपी बोर्ड पास प्रतिशत रेगुलर स्टूडेंट्स कितने पास हुए 76.01% रेगुलर छात्रों का पास प्रतिशत 72.39% रेगुलर छात्राओं का पास प्रतिशत 79.41% कुल पास प्राइवेट स्टूडेंट्स 30.60% प्राइवेट छात्रों का पास परसेंट 31.27% प्राइवेट छात्राओं का पास परसेंट 30% कितने बच्चों ने दिया था पेपर एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा इस साल कुल 897061 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। इसमें से रेगुलर बच्चे 787733 और स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की संख्या 109328 थी। रिट लिस्ट में कितने स्टूडेंट्स मध्य प्रदेश हाई स्कूल रिजल्ट 2026 की मेरिट लिस्ट में इस बार 235 छात्राओं और 143 छात्रों ने जगह बनाई है। कुल मिलाकर 378 स्टूडेंट्स टॉप पर रहे हैं। जिनमें लड़कियां लड़कों से ज्यादा हैं।  हाई स्कूल टॉपर प्रतिभा के मार्क्स कितने? एमपी बोर्ड 10वीं कक्षा में इस साल सरस्वती ज्ञान मंदिर हाई स्कूल गुनौर पन्ना की कुमारी प्रतिभा सिंह सोलंकी ने पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने 500 में से 499 अंक प्राप्त किए हैं। ऐसे चेक करें रिजल्ट  सबसे पहले बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in पर जाएं. होमपेज पर 'HSC (Class 10th)' या 'HSSC (Class 12th)' रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें. अपना 9 अंकों का रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करें. कैप्चा कोड भरने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक करें. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर होगा, इसे डाउनलोड करें.फेल होने पर निराश न हों, आ गई 'सेकंड मुख्य परीक्षा' बता दें कि मध्य प्रदेश बोर्ड के नियमों के अनुसार हर सब्जेक्ट में पास होने के लिए 33 प्रतिशत मार्क्स (पहले 35% का चर्चा थी, लेकिन बोर्ड नियम 33% है) लाने होंगे. जो छात्र एक या दो विषयों में असफल रहे हैं, उनके लिए 7 मई 2026 से 'सेकंड मुख्य परीक्षा' (पूरक परीक्षा का नया रूप) आयोजित की जाएगी. इसके लिए छात्र आज से ही आवेदन कर सकते हैं।  एक्सपर्ट की सलाह- तनाव से बचें छात्र परीक्षा के दौरान छात्रों की सेहत को लेकर भी विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक रूप से सहयोग दें। सही दिनचर्या, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से बेहतर प्रदर्शन संभव है।  

प्रदेश में 8 वन स्टॉप सेंटर, UCC के लिए बनेगी विशेष कमेटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और कानूनी सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। महिला सुरक्षा हेतु 8 नए वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए राज्य में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने की मंजूरी दी गई है। ये सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार के मनावर व पीथमपुर, इंदौर के लसूड़िया व सांवेर और झाबुआ के पेटलावद में स्थापित किए जाएंगे। यहां पीड़ितों को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थाई आश्रय जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला हेल्पलाइन-181 जैसी योजनाओं के लिए वर्ष 2031 तक ₹240 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए समिति का गठन उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। कैबिनेट ने इसके लिए एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है। यह समिति सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कार्य करेगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, कानून विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। समिति 60 दिनों के भीतर उत्तराखंड और गुजरात के मॉडलों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बुनियादी ढांचे और सिंचाई के लिए भारी निवेश राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए लोक कल्याणकारी कार्यों हेतु ₹19,810 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा, लगभग ₹10,801 करोड़, सड़क और पुल निर्माण के लिए रखा गया है। इसमें एन्यूटी भुगतान और 'बनाओ, चलाओ और सौंपो' (BOT) मॉडल के तहत सड़कों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना को ₹286.26 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिससे क्षेत्रीय किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

मध्य प्रदेश में राशन वितरण के लिए चेहरा पहचानने की नई व्यवस्था, जल्द लागू होगा फेस रिकग्निशन

सागर   अब तक राशन के पात्र परिवारों को बाॅयोमेट्रिक वेरिफिकेशन के आधार पर राशन मिलता है, लेकिन साल के अंत तक राशन फेस रिकग्निशन की व्यवस्था के तहत मिलेगा. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि साल के अंत तक पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकानों से फेस रिकग्निशन के माध्यम से राशन वितरण की योजना है. ये व्यवस्था दिसंबर 2026 तक प्रदेश भर में लागू कर दी जाएगी।  अभी तक लागू है बाॅयोमैट्रिक वेरिफिकेशन व्यवस्था सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए बाॅयोमेट्रिक वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र परिवारों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के आधार पर राशन वितरित किया जा रहा है. व्यवस्था के तहत पीओएस मशीन में फिंगर और थंब इंप्रेशन सही पाए जाने पर राशन मिलता है. ऐसे में जो वृद्ध और दिव्यांगजन राशन दुकान तक नहीं पहुंच पाते हैं और उनका बाॅयोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो सकता है या विफल रहता है. ऐसे हितग्राहियों को उनके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर राशन दिया जाता है।  ऐसे प्रदेश में 44 हजार 671 राशन हितग्राही हैं, जिनके परिवार के सदस्यों को नॉमिनी बनाकर राशन दिया जा रहा है. अब दिसंबर 2026 से फेस रिकग्निशन व्यवस्था के तहत राशन मिलेगा, जिसमें हितग्राही के फेस पैटर्न को एआई टूल्स के जरिए पहचानकर राशन वितरण किया जाएगा।  15 अप्रैल तक होगा राशन वितरण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, '' मार्च 2026 में 2 लाख 72 हजार मीट्रिक टन राशन एक करोड़ 24 लाख 34 हजार परिवारों को वितरित किया जा चुका है. जो परिवार या हितग्राही अब तक राशन नहीं ले पाए हैं, उनको 15 अप्रैल तक राशन वितरण किया जाएगा.'' मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आगे बताया, '' मध्यप्रदेश के 36 हजार 486 परिवार अन्य राज्यों में राशन लेते हैं. वहीं, अन्य राज्यों के 7 हजार 252 परिवार मध्यप्रदेश में राशन लेते हैं. वहीं अंतर जिला पोर्टेबिलिटी के तहत 18 लाख 55 हजार 554 परिवारों द्वारा अन्य जिले/अन्य दुकान से राशन लिया है. इस प्रकार तय दुकान से राशन लेने की बाध्यता न होकर अपनी पसंद और पास की दुकान से राशन लेने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. सभी पात्र परिवारों को सुविधाजनक तरीके से राशन वितरण किया जा रहा है। 

पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश, 14 दिन में प्रारंभिक जांच पूरी नहीं की तो होगी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने राज्यभर के पुलिस अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि यदि किसी मामले में प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry-PE) आवश्यक समझी जाती है, तो उसे अधिकतम 14 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।   पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के भीतर यह तय करना जरूरी होगा कि मामले में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए या नहीं। दरअसल अक्सर देखने में आता है कि कुछ मामलों को जांच के नाम पर लंबित रखा जाता है और इस दौरान अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए मुख्यालय ने सख्ती दिखाई है। जारी निर्देश के अनुसार, थाना प्रभारी केवल उन्हीं मामलों में प्रारंभिक जांच शुरू कर सकते हैं, जिनमें सजा तीन से सात साल के बीच निर्धारित हो, और इसके लिए भी उन्हें पहले डीएसपी स्तर के अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।  हाल ही में एक मामले में जिला पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं कर उसे केवल जांच के दायरे में रखा गया था, जिस पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ‘ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ का हवाला देते हुए दोहराया गया है कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच केवल सीमित परिस्थितियों में ही की जा सकती है और उसे तय समयसीमा में पूरा करना होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 11 बजे घोषित करेंगे एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं के परीक्षा के परिणाम

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को समत्व भवन, भोपाल से एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं एवं विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डी.पी.एस.ई.) मुख्य परीक्षा 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित करेंगे। यह परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विभिन्न वेबसाइटों पर परिणाम देखने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट मोबाइल ऐप, डिजिलॉकर के माध्यम से भी अपना परीक्षा परिणाम आसानी से देख सकेंगे। विद्यार्थी इन वेबसाइटों पर देख सकेंगे परीक्षा परिणाम https://mpbse.mponline.gov.in https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers https://www.jagranjosh.com https://education.indianexpress.com https://www.fastresult.in https://www.hindustantimes.com/education www.livehindustan.com https://toi.in/mpbseresult_class12 https://toi.in/mpbseresult class10 https://www.tv9hindi.com/education https://www.news9live.com https://www.ndtv.in https://arivihan.com/search-mp-board-result मोबाइल ऐप पर भी देख सकेंगे परिणाम कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम विद्यार्थी और अभिभावक मोबाइल पर भी देख सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को Google Play Store पर जाकर MPBSE MOBILE App अथवा MP Mobile App Download करना होगा। फिर Know Your Result आप्शन का चयन कर विद्यार्थी को अपना अनुक्रमांक (Roll Number) और आवेदन क्रमांक (Application Number) डालकर (submit) करना होगा। इसके अलावा विद्यार्थी Digilocker के माध्यम से अपना परीक्षा परिणाम देख सकेंगे।  

मंदसौर की महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन के तहत महानगरों में बिखेरी मिठास

नारी शक्ति वंदन: मंदसौर की महिलाओं ने घोल दी महानगरों में मिठास ग्राम पिपल्या कराड़िया महाराणा समूह बना स्व-रोजगार की मिसाल आत्मनिर्भरता का रचा मॉडल, दूसरों को भी दिया रोजगार मंदसौर प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी से ग्रामीण आजीविका मिशन सक्रियता से कार्य कर रहा है। मिशन की प्रभावी पहल से मंदसौर जिले के ग्राम पिपल्या कराड़िया की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक कहानी लिखी है। ‘महाराणा स्व-सहायता समूह’ आज न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहा है। समूह की महिलाएं प्राकृतिक और स्वादिष्ट जूस एवं शेक निर्माण में दक्ष हो चुकी हैं। इनके उत्पादों में लेमन, जीरा, जिंजर लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस के साथ-साथ मिल्क शेक, बादाम शेक, राजभोग और शाही गुलाब शेक शामिल हैं, जो ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मंदसौर जिले के इस समूह को आगे बढ़ने के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 5 लाख का बैंक ऋण, डेढ़ लाख की सामुदायिक निवेश निधि तथा 10 हजार की चक्रीय राशि प्रदान की गई। इस सहयोग ने समूह को अपने व्यवसाय को मजबूती देने और विस्तार करने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया। दिल्ली और चंडीगढ़ तक पहुँची उत्पादों की गूंज आजीविका मिशन के मार्गदर्शन और सहयोग से समूह ने स्थानीय स्तर से आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उज्जैन, भोपाल, दिल्ली, नोएडा, सूरत, बड़ौदा, चंडीगढ़ और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में आयोजित मेलों में सहभागिता कर समूह ने अपने उत्पादों की विशेष पहचान स्थापित की है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ प्रति माह 25 हजार से 30 हजार की शुद्ध आय अर्जित कर रहा है, जिससे वार्षिक आय लगभग 4 लाख तक पहुंच रही है। यह समूह अपनी 10 महिला सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, वहीं दस अन्य लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है। ‘महाराणा समूह’ आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है, जो यह संदेश देता है कि सही मार्गदर्शन और शासन के सहयोग से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रदेश में इन प्रकल्पों में आगे हैं महिलाएं मध्यप्रदेश में दीदी कैफे संचालन, होम स्टे संचालन, अनेक लघु उद्योगों और व्यवसायों के संचालन के साथ ही टोल टैक्स पर दायित्व निभाकर महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं। लगभग 5 लाख स्व-सहायता समूहों के संचालन में सार्थक भूमिका निभाते हुए 62 लाख से अधिक बहनें आत्मनिर्भर बनी हैं। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के अभियान को अच्छी सफलता मिली है। जहाँ शहरों की बेटियां पायलट बनकर हवाई जहाज उड़ा रही हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों और पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियों में शामिल होकर पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रौशन कर रही हैं।