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प्रदेश में फार्म-6 प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी, अब तक 4 लाख 6 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त

भोपाल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संपूर्ण प्रदेश में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा फार्म-6 प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि 1 अक्टूबर से अब तक प्रदेश में कुल 4 लाख 6 हजार 338 फार्म-6 प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 आयु वर्ग के 1 लाख 92 हजार 851 फार्म शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया है कि फार्म-6 प्राप्त करने के लिए प्रदेशभर में विभिन्न स्थानों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।  

किसानों को रबी सीजन के लिये बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

वरिष्ठ अधिकारी जन-प्रतिनिधियों से सतत संवाद करें भोपाल किसानों को रबी सीजन के लिये बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जन-प्रतिनिधियों से सतत संवाद कर बिजली की उपलब्धता एवं अन्य कठिनाइयों की जानकारी देते रहें। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश सोमवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि एमडी पॉवर जनरेशन कम्पनी यह सुनिश्चित करें कि सभी प्लांट पूरी क्षमता के साथ बिजली का उत्पादन करें। कोयले की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करें। एमडी श्री मंजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी प्लांटों में कोयले का पर्याप्त भण्डारण है। तोमर ने एमडी ट्रांसमिशन कम्पनी श्री सुनील तिवारी को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिये। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली की माँग का आंकलन अग्रिम रूप से करें और उसकी आपूर्ति की सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध नवकरणीय ऊर्जा के संबंध में भी जानकारी ली। किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली की आपूर्ति करने पर भी चर्चा हुई। तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के एमडी ने रबी सीजन के लिये विद्युत उपलब्धता के संबंध में की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी दी। बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री मनीष सिंह, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी श्री विशेष गढ़पाले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। विभिन्न कम्पनियों के एमडी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।  

टाइम ऑफ डे टैरिफ से 10 लाख उपभोक्ताओं को राहत

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के भोपाल एवं ग्वालियर रीजन के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए सितंबर माह लाभदायक रहा। कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ व्यवस्था के तहत सोलर आवर्स (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) में बिजली की खपत पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट का लाभ दिया जा रहा है। इसी क्रम में सितंबर 2026 में कंपनी के कार्यक्षेत्र के कुल 10 लाख 11 हजार 291 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनके बिजली बिलों में कुल 10 करोड़ रुपये से अधिक की ToD छूट का लाभ मिला। इनमें भोपाल रीजन के 8 लाख 17 हजार 227 उपभोक्ताओं को 7 करोड़ 33 लाख 47 हजार रुपये तथा ग्वालियर रीजन के 1 लाख 94 हजार 64 उपभोक्ताओं को 2 करोड़ 66 लाख 76 हजार रुपये की छूट प्रदान की गई। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगवाएं। स्मार्ट मीटर न केवल ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर नियंत्रण रखने और आर्थिक बचत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर आवर्स (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) बिजली उपयोग करने पर ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर में 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता 1912 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा कैलाश कुमार चौधरी, प्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही Smartmeteringcellbhopal@gmail.com पर ई-मेल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपभोक्ताओं को घरेलू स्मार्ट मीटर से मिलने वाले फायदे 1. ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है। 2. बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। 3. ऐप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं। 4. ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं। 5. ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है। 6. ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  

सीमेंट कंटेनर एवं ट्रक में छिपाकर ले जाई जा रही अवैध शराब बरामद

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अलीराजपुर पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 1,913 पेटी एवं 16,712 बल्क लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। साथ ही शराब परिवहन में प्रयुक्त सीमेंट कंटेनर एवं ट्रक को भी पुलिस ने जब्त किया है। इस कार्रवाई में कुल पुलिस ने लगभग 2 करोड़ 17 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह भदौरिया के निर्देशन में थाना चांदपुर पुलिस एवं थाना उदयगढ़ पुलिस द्वारा की गई। सीमेंट कंटेनर से 1,426 पेटी शराब जब्त थाना चांदपुर पुलिस को मुखबिर से राजस्थान पासिंग सीमेंट कंटेनर के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध शराब परिवहन की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खंडवा-बड़ौदा हाईवे पर वाहन को रोककर जांच की। कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब की पेटियां मिलीं। पुलिस ने कंटेनर से कुल 1,426 पेटी एवं 12,505 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में पुलिस ने कंटेनर सहित लगभग 1 करोड़ 62 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की।   प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि अवैध शराब को पंजाब-हरियाणा बॉर्डर के नरवाना क्षेत्र से भरकर राजस्थान के जयपुर, दौसा, कोटा, चित्तौड़गढ़ एवं मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार, मांगोद, मनावर एवं कुक्षी होते हुए गुजरात के बड़ौदा तक ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ग्राम बमरला, तहसील सेड़वा, जिला बाड़मेर, राजस्थान निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा शराब के स्रोत, परिवहन से जुड़े व्यक्तियों तथा इसके आगे के नेटवर्क के संबंध में भी विस्तृत जांच की जा रही है। ट्रक से 487 पेटी अवैध शराब जब्त थाना उदयगढ़ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम तलावद की ओर से आ रहे ट्रक की घेराबंदी की। पुलिस को देखकर चालक ट्रक को ग्राम जवानिया स्थित तालाब के किनारे छोड़कर फरार हो गया। ट्रक की तलाशी लेने पर प्लांट कर बेसमेट बनाकर छिपाई गई अवैध शराब की पेटियां मिलीं। पुलिस ने ट्रक से कुल 487 पेटी एवं 4,207 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में पुलिस ने ट्रक सहित लगभग 54 लाख 97 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध प्रदेश में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध शराब के परिवहन से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा सूचना तंत्र, वाहन चेकिंग एवं मैदानी निगरानी को प्रभावी बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  

3500 बेटियों ने मिलकर उकेरी मां की ममता, रंगोली में जीवंत हुआ मां-बच्चे का वात्सल्य

बच्चे को दुलारती मॉ की बनाई आकर्षक मानव रंगोली, दिया मातृशक्ति के सशक्तिकरण का संदेश ‘सशक्त मां-सशक्त भारत’ की थीम पर झाबुआ में बनी भव्य ह्यूमन रंगोली भोपाल   आमतौर पर रंगोली रंगों से सजती है, लेकिन झाबुआ में नजारा कुछ ऐसा था कि रंगों की जगह इंसान ही रंग बन गए। करीब 3500 स्कूली छात्राओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर मां की गोद में दुलार पाते बच्चे की ऐसी आकर्षक मानव रंगोली रची कि मातृत्व का भाव मैदान में साकार हो उठा। पीजी कॉलेज ग्राउंड में सजी इस अनूठी रंगोली ने देखने वालों को चौंकाया भी और मां-बच्चे के रिश्ते की आत्मीयता का अहसास भी कराया। ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस सामूहिक प्रस्तुति का संदेश स्पष्ट था—मां सशक्त होगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में ‘सशक्त मां-सशक्त भारत’ की थीम पर हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ निर्धारित आकार में बैठकर मां और बच्चे की आकृति बनायी। इतने बड़े समूह का एक साथ, एक ही डिजाइन में ढलना अपने आप में आकर्षण का केंद्र रहा। जनजातीय बहुल झाबुआ में यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, सामूहिक एकता और जनभागीदारी की प्रभावशाली मिसाल बना। सशक्त मां ही सशक्त राष्ट्र की नींव – मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मानव रंगोली के लिए चयनित प्रदेश के छह जिलों में झाबुआ का शामिल होना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मां परिवार की आधारशिला है। शिक्षित, स्वस्थ और जागरूक मां बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के साथ सशक्त समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।  3500 प्रतिभागियों का तालमेल बना आयोजन की असली ताकत कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने छात्राओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आयोजन से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों का एक साथ मानव रंगोली बनाना अनुशासन, टीमवर्क और बेहतर समन्वय का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दर्शाता है कि सामूहिक सहभागिता से बड़े उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है। मानव रंगोली की डिजाइन पीटीआई अमजद खान ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमती सुप्रिया बिसेन और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री मोनिका बघेल के मार्गदर्शन में तैयार की। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्कूली, छात्राओं के अलावा कॉलेज और छात्रावास की 3500 छात्राओं ने दो घंटे तक संयमित होकर आकृति बनाने में सहयोगी रही। कला से आगे बढ़कर मातृत्व और महिला सशक्तिकरण का संदेश कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आत्मनिर्भरता से जुड़ा विषय है। हजारों प्रतिभागियों से बनी मां-बच्चे की आकृति ने मातृत्व के सम्मान और सामूहिक जिम्मेदारी को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष भानु भूरिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

साइबर ठगी का खुलासा, रतलाम पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रतलाम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 55 लाख रुपये की साइबर ठगी के प्रकरण का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की राशि में से लगभग 20 लाख रुपये होल्ड कराने में सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो आरोपियों को हैदराबाद तथा एक आरोपी को धारवाड़, कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। प्रकरण में फरियादी, जो कुवैत में मोटर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं और वर्तमान में रतलाम में रह रहे थे, को 15 सितंबर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर स्वयं को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया गया। कॉल करने वाले ने मोबाइल नंबर के कथित आपराधिक उपयोग तथा पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े व्यक्ति से बातचीत जैसे गंभीर आरोप लगाकर फरियादी को भयभीत किया। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से स्वयं को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों ने फरियादी को उसके विरुद्ध FIR दर्ज होने की बात कही। आरोपियों ने आधार कार्ड एवं पैन कार्ड संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। अगले दिन आरोपियों ने कॉल को कथित रूप से ATS विभाग में ट्रांसफर करने का नाटक किया। व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस वर्दी पहने व्यक्तियों से बात कराई गई तथा हथियारों से संबंधित तस्वीरें भेजकर पूछताछ की गई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के लेटरहेड पर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज भेजकर फरियादी को यह विश्वास दिलाया कि उसके विरुद्ध गंभीर कानूनी कार्रवाई चल रही है। आरोपियों ने फरियादी को बताया कि जांच एवं सत्यापन के लिए निर्धारित बैंक खातों में राशि जमा करनी होगी और सत्यापन के बाद पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर फरियादी से कुल 55 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में RTGS के माध्यम से जमा करवा लिए गए। शिकायत पर थाना माणकचौक में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना माणकचौक एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर बैंक खातों, ट्रांजेक्शन एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस द्वारा ठगी की राशि का लगातार पता लगाया गया और विभिन्न स्तरों पर उपयोग किए गए बैंक खातों की जानकारी एकत्र की गई। विवेचना के दौरान फरियादी द्वारा जमा कराई गई 35 लाख रुपये की राशि एक बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आई। खाते से संबंधित कंपनी एवं अन्य बैंकिंग विवरण के आधार पर पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची, जहां से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आगे की विवेचना में प्राप्त बैंकिंग एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने धारवाड़, कर्नाटक से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त दूसरे स्तर के बैंक खाते में 5 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आने पर एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया। पुलिस की साइबर सेल एवं थाना माणकचौक की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि में से करीब 20 लाख रुपये संबंधित बैंक खातों में होल्ड करवाए हैं। पुलिस द्वारा राशि के प्राप्त होने, निकाले जाने एवं आगे अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने की कड़ियों की जांच की जा रही है। प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तथा बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के माध्यम से अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों एवं ठगी की राशि के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि पुलिस, CBI, ED, न्यायालय अथवा किसी अन्य सरकारी एजेंसी के नाम पर वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कही जाए तो उस पर विश्वास न करें। कोई भी वैध सरकारी जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच या सत्यापन के नाम पर किसी बैंक खाते में धनराशि जमा कराने को कहती है। ऐसे किसी भी कॉल, संदेश या वीडियो कॉल की स्थिति में तत्काल कॉल काटें, किसी भी व्यक्ति के साथ बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और साइबर अपराध की सूचना 1930 हेल्पलाइन अथवा cybercrime.gov.in पर दें। त्वरित सूचना से ठगी की राशि को समय रहते होल्ड कराने में पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।  

नगरीय विकास के नए अवसरों, आधुनिक तकनीक और निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित हो आयोजन : आयुक्त भोंडवे

इंदौर में 28 अक्टूबर को आयोजित अर्बन कॉन्क्लेव की तैयारियों की समीक्षा भोपाल नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने आगामी 28 अक्टूबर को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले 'अर्बन कॉन्क्लेव' की पूर्व तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयुक्त भोंडवे ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन, अंतर-विभागीय समन्वय तथा व्यवस्थागत पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए समस्त दायित्वों एवं प्रबंधों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए। आयुक्त संकेत भोंडवे ने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले विषय-विशेषज्ञों, उद्योगपतियों, निवेशकों तथा प्रतिष्ठित नीतिगत संस्थाओं के प्रतिनिधियों की गरिमामयी एवं प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन के माध्यम से प्रदेश में नगरीय विकास के नवीन आयामों, अत्याधुनिक तकनीकी अनुप्रयोगों तथा सतत् निवेश की अपार संभावनाओं पर गंभीर एवं परिणामन्मुखी विचार-विमर्श होना चाहिए, जिससे राज्य के शहरी परिदृश्य को वैश्विक मानकों के अनुरूप नई दिशा मिल सके। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में आयोजित इस बहुआयामी अर्बन कॉन्क्लेव में टियर-2 शहरों के सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास, री-डेंसिफिकेशन नीतियों, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, वैज्ञानिक भूमि उपयोग तथा आधुनिक शहरी विकास मॉडल पर देश-विदेश के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा गहन मंथन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रूपांतरित करना तथा नागरिकों को विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नवाचारों एवं नवीन संभावनाओं को गति प्रदान करना है।  

काफिला रुकवाकर स्कूल पहुंचे CM यादव, बच्चों से किया संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंडला जिले के टाटरी में स्कूल के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ आत्मीयता से सहज संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाटरी हेलीपेड जाते समय एक निजी पब्लिक स्कूल में अपना काफिला रुकवाया और वहां प्रार्थना सभा में शामिल विद्यार्थियों से मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे और उनके टीचर्स प्रसन्न हुए। स्कूल में उस समय बच्चों की रुटीन असेम्बली चल रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को परमपिता परमेश्वर से सबके कल्याण की प्रार्थना करते देखा, तो वे उनके बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके नाम पूछे और यह भी जाना कि वे किस कक्षा में पढ़ते हैं तथा उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है ? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को दुलारते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ उनका संवाद सहज, आत्मीय और अपनत्व से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अप्रत्याशित उपस्थिति से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया।  

रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय को मिलेगा नया स्वरूप, जागेश्वर नाथ लोक का भी होगा विकास

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दमोह जिले को नई सड़कों की सौगत मिल रही है। इनमें दमोह-कटनी और दमोह-सागर फोर लेन रोड शामिल हैं। इनकी संयुक्त लागत साढ़े छह हजार करोड़ रूपये से अधिक है। इसके अतिरिक्त बांदकपुर में देव जागेश्वर नाथ लोक के प्रथम चरण में 10 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य हो रहे हैं। रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को (संवाद भवन) मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दमोह लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों, विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास योजनाओं को लागू करने के लिए स्मृति चिन्ह भेंट करने के साथ पुष्पहार पहनाकर और साफा बांधकर अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती पर वीरों के शौर्य और आल्हा-ऊदल की वीरता के किस्से आज भी गली-गली में गूंजते हैं। सागर और दमोह केवल दो जुड़वाँ जिला मुख्यालय नहीं हैं, बल्कि ये बुंदेलखंड की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। बुंदेलखंड में पर्यटन, कृषि, व्यापार और उद्योग विकास की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। कनेक्टिविटी से विकास, सागर-दमोह के बीच बनेगा 4 लेन रोड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के प्रमुख नगरों और जिला मुख्यालयों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाई जा रही है। अच्छी सड़कें विकास की संभावनाओं को साकार कर देती हैं। क्षेत्र विकास के लिये दमोह-सागर, दमोह-कटनी मार्ग को फोरलेन करने के लिए मंजूरी दी गई। इससे दोनों जिला मुख्यालयों के बीच आवागमन की सुविधा बढ़ेगी। मड़ियादो- रजपुरा और मड़ियादो-बनार- किशनगढ़ मार्गों का निर्माण भी किया जाएगा। दमोह- बांदकपुर मार्ग सहित तीन आरओबी का कार्य भी शीघ्र पूरा हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में बेहतर सड़क, अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलें। सागर और दमोह के बीच लगभग 2 हजार करोड़ की लागत से वर्तमान 76.83 किलोमीटर मार्ग को चार लेन किया जाएगा। इस परियोजना में 4 बायपास भी बनाए जाएंगे। अच्छी सड़कें खोलेती है समृद्धि का मार्ग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी सड़कों से राज्य के किसानों को मंडी तक फसल ले जाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने जैसे कार्यों में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़कें केवल वाहनों के चलने का रास्ता नहीं होतीं, बल्कि रोजगार, निवेश, शिक्षा और समृद्धि का मार्ग भी खोलती हैं। हमारी सरकार एक ऐसे मध्यप्रदेश का निर्माण करना चाहती है, जहां विकास योजनाओं से अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी लाभान्वित हो। सच्चा वादा और पक्का काम हमारा मंत्र है। दमोह में 337.30 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दमोह जिले में सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक भी की जा चुकी है। सड़क और ओवर ब्रिज निर्माण के साथ ही जिले में कई शहरी विकास योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। दमोह के 6 विकास खंडों में सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो पूर्ण होने के करीब है। दमोह में 337.30 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज की शुरुआत होने जा रही है। यही नहीं, कृषि क्षेत्र में समृद्धि के लिए दमोह को विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और जल जीवन मिशन से जोड़ने का क्रम जारी है। पर्यटन बढ़ने से होगा क्षेत्र का विकास पर्यटन क्षेत्र को गति देने के लिए बांदकपुर में 10 करोड़ की लागत से देव जोगेश्वर नाथ लोक के प्रथम चरण का निर्माण किया जा रहा है। नौरादेही स्थित वीरांगना अवंतीबाई लोधी नेशनल पार्क में चीतों का आवास होने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। यह प्रदेश में चीतों का तीसरा रहवास क्षेत्र है। तीन सिंचाई परियोजनाओं का क्रियान्वयन करीब 280 करोड़ की लागत से हो रहा है। यह परियोजनाएं शीघ्र पूरी हो रही हैं। दमोह को विकास की सौगातें मिलती रहेंगी। उन्नत पशुओं की स्पर्धा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर लाने के उद्देश्य से उन्नत मवेशी पालन को प्रोत्साहित किया है। जिलों में उन्नत पशुओं की स्पर्धा अयोजित कर पशुपालकों को पुरस्कृत करने की पहल की गई है। सांसद राहुल सिंह लोधी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंन्द्र सिंह लोधी, पूर्व मंत्री द्वय जयंत मलैया, रामकृष्ण कुसमरिया सहित दमोह क्षेत्र के जनप्रतिनिधि,नागरिक उपस्थित थे।  

आत्मनिर्भर भारत के साथ विकसित MP का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के गौरवशाली, ऐतिहासिक एवं असाधारण 25 वर्ष पूर्ण होने पर साढ़े 8 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से मंत्रि-परिषद ने किया कृतज्ञतापूर्वक अभिनन्दन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। सुशासन, विकास एवं राष्ट्र-कल्याण को समर्पित देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के गौरवशाली, ऐतिहासिक एवं असाधारण 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ से अधिक जनता की ओर से मंत्रि-परिषद ने कृतज्ञतापूर्वक अभिनन्दन करते हुए संकल्प पारित किया। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2047 तक 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित मध्यप्रदेश' के निर्माण के महायज्ञ में, प्रधानमंत्री मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में कंधे से कंधा और कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का संकल्प सर्वसम्मति से पारित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक में पारित संकल्प के बारे में मीडिया को जानकारी दी। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लोक सेवा के 25 वर्षों में अनथक एवं अर्हनिश पुरुषार्थ के बल पर केवल संकल्प ही नहीं लिए बल्कि उन्हें सिद्ध करके भी दिखाया है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानसेवक के रूप में उनका यह कार्यकाल त्याग, समर्पण और लोक-कल्याण का अनुपम उदाहरण है। इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि पर मध्यप्रदेश राज्य मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी का कोटि-कोटि वंदन, आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बुनियादी ढांचे के विस्तार, आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण, डिजिटल क्रांति, विनिर्माण क्षमता को गति देने तथा देश के गरीबों, वंचितों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सर्वांगीण सशक्तिकरण से हर नागरिक के जीवन में जो सकारात्मक बदलाव आया है, वह अविस्मरणीय है।  प्रधानमंत्री मोदी के मंत्र 'वी विल डू इट' ने देश की सामूहिक शक्ति को किया जागृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'वी विल डू इट' का मंत्र देकर एक बार फिर देश की सामूहिक शक्ति को जागृत किया है। अपने सामर्थ्य और समर्पण से प्रधानमंत्री मोदी के इस मंत्र को अपना मिशन बनाकर हम विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश बनाएंगे। हमें पूर्ण विश्वास है कि वर्ष 2047 में भारत जब आजादी के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब हमारी पहचान आत्मनिर्भर और विकसित भारत के रूप में होगी। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के महामंत्र से समाज के अंतिम व्यक्ति को राष्ट्र-निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने, देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाने, भारत की प्राचीन समृद्ध विरासत का संवर्धन करने तथा 'ग्लोबल साउथ' के मुखर स्वर के रूप में विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रति प्रधानमंत्री मोदी का असीम स्नेह है। जितनी आत्मीयता प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश से है, मध्यप्रदेश उतनी ही आस्था प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति प्रकट करता है। प्रधानमंत्री मोदी 'देश के दिल' में बसे हैं। लोक सेवाओं के नित नये प्रतिमान रचने वाले प्रधानमंत्री मोदी हम सबके प्रेरणा स्त्रोत हैं। मंत्रि-परिषद के संकल्प के प्रमुख बिंदु मंत्रि-परिषद द्वारा लिए गए संकल्प में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया गया है। संकल्प में उल्लेख किया गया कि 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को निशुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन-धन, प्रधानमंत्री मुद्रा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, स्वामित्व, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना को अंत्योदय को सार्थक करने वाली योजनाएं बताया गया है। संकल्प में नोटबंदी, जीएसटी, तीन तलाक कानून, तीन नई न्याय संहिताएं और जन-विश्वास अधिनियम का उल्लेख है। योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग का गठन, प्रगति मंच पर परियोजनाओं की समीक्षा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और पीएम गति शक्ति भी इसमें शामिल हैं। संकल्प के अनुसार यूपीआई की पहचान देश और दुनिया में बढ़ी है और विश्व के लगभग 40 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन भारत में हो रहे हैं। सेमीकंडक्टर मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडिया एआई मिशन को नई तकनीक और अनुसंधान का आधार बताया गया है। दो लाख से अधिक स्टार्ट-अप युवाओं के उद्यमशीलता के सपनों को साकार कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना और जन औषधि केंद्रों का उल्लेख है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की दिशा को नारी सशक्तिकरण का प्रयास बताया गया है। संकल्प में अनुच्छेद 370 के उन्मूलन, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख है। आदित्य से चंद्रयान तक के मिशन, श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और एकात्म धाम के कायाकल्प को भी संकल्प में दर्ज किया गया है। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उसके गान को अनिवार्य करने का निर्णय भी इसमें शामिल है।