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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- जल है तो कल है का नहीं है कोई विकल्प, बूंद-बूंद बचाने के करेंगे हर संभव प्रयास

म.प्र. नदियों का मायका, जल आत्मनिर्भरता से ही बनेगा समृद्ध प्रदेश नववर्ष प्रतिपदा पर शिप्रा तट उज्जैन में होगा राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ वृहद् अभियान के लिए सरकार कर रही व्यापक तैयारियाँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है। इसे बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हम हर गांव, हर शहर और हर नागरिक को जल संरक्षण के कार्यों से जोड़ना चाहते हैं। समाज और सरकार जब साथ मिलकर काम करेंगे, तो मध्यप्रदेश समृद्धि की दिशा में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। प्रदेश के नागरिकों को पानी बचाने के लिए सक्रिय रूप से जुड़ना होगा, इससे मध्यप्रदेश जल संचयन और प्रबंधन में देश का एक मॉडल स्टेट बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संबंधी जरूरतों की पूर्ति और भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की सुरक्षा की मंशा से प्रदेश सरकार एक बार फिर बड़े पैमाने पर जल गंगा संवर्धन अभियान शुरु करने जा रही है। भारतीय नववर्ष प्रतिपदा (गुढ़ी पड़वा) के शुभ अवसर पर 19 मार्च को उज्जैन की शिप्रा नदी तट से इस राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 30 जून तक अनवरत् चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण एक सामाजिक आंदोलन बनाना है। प्रदेश की जनता, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न शासकीय विभागों की साझेदारी से यह अभियान प्रदेश में जल संवर्धन की नई मिसाल स्थापित करेगा। जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण की परम्परा सदियों पुरानी है। प्राचीन काल से ही तालाब, कुएं और बावड़ियां सिर्फ़ जल के स्रोत न होकर सामाजिक जीवन का केंद्र हुआ करते थे। सरकार उसी परम्परा को आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के जरिए पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य नई जल संरचनाएं बनाने के साथ ही प्रदेश में जल संरक्षण की संस्कृति को समृद्ध करना भी है। अभियान से गांव-गांव में लोगों को यह समझाया जाएगा कि वर्षा जल का संरक्षण, भूजल का पुनर्भरण और जल स्रोतों का संरक्षण जीवन और विकास दोनों के लिए अनिवार्य है। जनभागीदारी है अभियान की सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान की सफलता का सबसे बड़ा आधार जनभागीदारी है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जल संरक्षण के इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करे। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में श्रमदान कर तालाब और कुओं की सफाई की जाए। वर्षा जल के संचयन की व्यवस्था घरों में भी करने के उपाय करे। जल स्रोतों के आस-पास स्वच्छता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर काम करेंगे, तो प्रदेश जल समृद्ध राज्य बन सकता है। जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण को तो बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही इसके दूरगामी पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ भी होंगे। इस अभियान से भू-जल स्तर में सुधार, किसानों को सिंचाई के लिए और अधिक पानी, जल अभाव/अल्प वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों को राहत, पर्यावरण-संरक्षण को बल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही भविष्य के लिए बेहतर जल प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। जलवायु परिवर्तन और अनियमित वर्षा की चुनौती के दृष्टिगत जल प्रबंधन आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। मध्यप्रदेश सरकार का यह अभियान इसी दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। पहले चरण में बनीं 2.79 लाख से अधिक जल संरचनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2024 में राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान का पहला चरण प्रारंभ किया गया था। इसमें जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए गए। पहले चरण में कुल 2.79 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया। इनमें प्रमुख रूप से तालाब निर्माण एवं पुनर्जीवन, कुएं और बावड़ियों की मरम्मत नहर निर्माण, सूखी नदियों का पुनर्जीवन एवं जल संरक्षण से जुड़ी अन्य संरचनाएं शामिल हैं। इन कामों से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल भी उपलब्ध हुआ है। दूसरे चरण के काम भी हो रहे तेजी से वर्ष-2025 में चलाए गए जल संरक्षण अभियान के दूसरे चरण में भी व्यापक स्तर पर कार्य हुए। इस चरण में प्रदेश में 72 हजार 647 से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 64 हजार 395 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य अभी भी प्रगति पर है। इन कार्यों में खेत तालाब, चेक डैम, स्टॉप डैम, नहर, कुएं, बावड़ियां तथा अन्य जल संचयन संरचनाएं बनाई जा रही हैं। इन परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी रूप से बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।  

मध्य प्रदेश में LPG संकट: गैस की कमी से ठंडी पड़ी रसोई, होटल-ढाबे बंद होने के कगार पर, 3 दीनदयाल रसोई हुई बंद

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस का गंभीर संकट सामने आ गया है। घरेलू रसोई से लेकर होटल-ढाबों तक चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। एक ओर घरेलू गैस सिलेंडर के लिए आम लोग घंटों लाइन में खड़े हैं, तो दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद होने से होटल-रेस्टोरेंट और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस संकट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात को माना जा रहा है। Strait of Hormuz में तनाव और समुद्री मार्ग प्रभावित होने से भारत के एलपीजी आयात पर असर पड़ा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश के कई शहरों-भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन-से गैस की किल्लत और आम लोगों की परेशानी की खबरें सामने आ रही हैं। राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा परेशानी राजधानी भोपाल में गैस संकट ने लोगों की रसोई पर सीधा असर डाला है। जहांगीराबाद, बोगदा पुल, कोहेफिजा, टीटी नगर और शिवाजी नगर जैसे इलाकों में सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है। जहांगीराबाद की निवासी शीबा खान बताती हैं कि 13 मार्च को मोबाइल पर गैस डिलीवरी का मैसेज आया था, लेकिन तीन दिन बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि मजबूरी में रिश्तेदारों के यहां खाना बनाना पड़ रहा है और बच्चों को भी परेशानी हो रही है। इसी तरह बोगदा पुल निवासी मोहम्मद रियाज ने गैस नहीं मिलने पर इंडक्शन चूल्हा खरीद लिया। उनका कहना है कि तीन दिन तक घर में गैस नहीं थी, इसलिए बिजली से खाना बनाना पड़ रहा है। शहर में इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है और दुकानदारों के अनुसार बिक्री में लगभग 70-80 प्रतिशत तक उछाल आया है। एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। कई जगह ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी दबाव के कारण धीमा या क्रैश हो रहा है। लोगों का कहना है कि पहले जहां सिलेंडर 2-3 दिन में मिल जाता था, अब 5-7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा नए नियम के अनुसार अब सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। कमर्शियल सिलेंडर संकट से होटल-ढाबे संकट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग ठप होने से होटल और ढाबों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। प्रदेश में 19 किलो वाले सिलेंडर की सप्लाई पिछले कई दिनों से प्रभावित बताई जा रही है। ऑयल कंपनियों-Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum-के अनुसार उपलब्ध सीमित स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, रेलवे, सेना और अन्य आपात सेवाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली का कहना है कि राजधानी में करीब 1500 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना हजारों कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत होती है। जिनके पास थोड़ा स्टॉक है, वे कुछ दिन काम चला रहे हैं, लेकिन अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो कई होटल बंद हो सकते हैं। ग्वालियर में गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण चार में से तीन दीनदयाल रसोई बंद हो गई हैं। इससे जरूरतमंदों को मिलने वाले भोजन की थालियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहले जहां औसतन 3700 थालियां वितरित होती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 1300 रह गई है। वर्तमान में केवल अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर स्थित दीनदयाल रसोई ही चालू है। यहीं से सीमित मात्रा में भोजन तैयार कर इंटक मैदान भेजा जा रहा है। झांसी रोड बस स्टैंड की रसोई भी पूरी तरह बंद हो चुकी है। यदि सिलेंडर की आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो अंतरराज्यीय बस स्टैंड की रसोई भी बंद हो सकती है। कई छोटे ढाबों और चाय-नाश्ते की दुकानों ने लकड़ी या कोयले के चूल्हे का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन यह तरीका महंगा और असुविधाजनक है। अन्य शहरों में भी बढ़ी परेशानी सिर्फ भोपाल ही नहीं, बल्कि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी कमर्शियल गैस की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं। व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। सरकार का दावा: घरेलू गैस की कमी नहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उनके अनुसार पैनिक बुकिंग और अफवाहों के कारण वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में भोपाल में एक बंद गोदाम से सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए। जिला कलेक्टरों को भी स्टॉक की निगरानी और अवैध बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आम आदमी और छोटे कारोबार पर असर एलपीजी संकट का असर सबसे ज्यादा आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर दिखाई दे रहा है।     कई घरों में खाना पकाने में मुश्किल     महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित     चाय-नाश्ता और छोटे ढाबों की कमाई ठप     ब्लैक मार्केट में सिलेंडर की कीमत कई गुना तक बढ़ी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। संकट सिर्फ गैस का नहीं, रोजी-रोटी का एलपीजी की यह किल्लत अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रही। यह लाखों परिवारों की रोजी-रोटी और छोटे कारोबार की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने लगी है। लोग अब इंडक्शन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन यह अस्थायी समाधान ही है। अगर वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में गैस संकट और गहरा सकता है।

कनाडा में उज्जैन के युवक की हत्या, पहले पीटा फिर कार से रौंदा, सीएम ने जताया शोक

 उज्जैन   उज्जैन शहर के बेकरी कारोबारी के बेटे की कनाडा में बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना 14 मार्च को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में हुई, जहाँ कॉलेज के छात्रों ने पहले गुरकीरत सिंह मनीचा (24) की पिटाई की और फिर उस पर कार चढ़ा दी। गंभीर घायल गुरकीरत की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरकीरत देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के निवासी थे। वह कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। वह पढ़ाई के साथ वॉलमार्ट में काम भी करते थे। घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है। गुरकीरत के बड़े भाई प्रबकोरत सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी कनाडा में रह रहे गुरकीरत के दोस्त ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात फोन कर दी। बताया गया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज के कुछ छात्र गुरकीरत को अपने साथ ले गए। वहीं पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान 10-12 युवकों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में उस पर गाड़ी चढ़ा दी। परिवार के मुताबिक स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच में 7-8 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। हालांकि बाद में उनके वकील के पहुंचने पर छोड़ दिया गया। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पिता को अफसोस, वह आखिरी बातचीत हो गई परिजनों के मुताबिक घटना से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को गुरकीरत सिंह मनोचा की पिता गुरजीत सिंह मनीचा से फोन पर बात हुई थी। उस समय गुरजीत सिंह दिल्ली में आयोजित फूड एग्जीबिशन से उज्जैन लौट रहे थे। दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। परिवार वालों का कहना है कि उसके पिता को अफसोस है। वह बार बार कह रहे है कि क्या पता था कि बेटे से आखिरी बातचीत हो रही है। परिवारजन ने बताया कि गुरकीरत ने कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई करने के बाद विक्रम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया था। करीब सवा साल पहले उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गया था। वहीं नॉदर्न लाइट्स कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट का पोस्ट डिग्री डिप्लीमा कर रहे थे। पढ़ाई के साथ गुरकीरत कनाडा में वॉलमार्ट स्टोर में मैनेजर के रूप में काम कर रहा था क्योंकि कनाडा का नियम है कि अगर कोई छात्र वहां रह रहा है, ती तीन दिन काम करना जरूरी है। कनाडा जाने से पहले गुरकीरत अपने पिता के फूड सप्लाई और बेकरी कारोबार में हाथ चंटाता था। भविष्य में विदेश में ही अपना करियर बनाने का सपना देख रहा था। परिवार ने विदेश मंत्री से लगाई गुहार गुरकीरत का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें करीब तीन सप्ताह लगने की संभावना है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से शब जल्द भारत लाने में मदद की मांग की है। गुरकीरत के परिवार वालों ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राज्य सरकार से अपील की है कि औपचारिकताएं जल्द पूरी कर गुरकीरत का पार्थिव शरीर शीघ्र उज्जैन पहुंचाने में मदद करें ताकि परिवार अंतिम दर्शन कर सके। इसके साथ ही उसकी हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही और सजा करवाने के अपील की।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की महत्वपूर्ण भेंट

प्रधानमंत्री  मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की भेंट किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर लिया मार्गदर्शन भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत कर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी के साथ प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही राज्य में किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों तथा प्रदेश की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में कई पहलें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया।  

गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में सामूहिक पुंसवन संस्कार, संस्कारवान पीढ़ी के लिए मातृशक्ति की अनूठी पहल

संस्कारवान पीढ़ी की दिशा में अनूठी पहल : गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में सामूहिक पुंसवन संस्कार में उमड़ी मातृशक्ति भोपाल  अखिल विश्व गायत्री परिवार के आध्यात्मिक केंद्र शांतिकुंज के तत्वावधान तथा गायत्री शक्तिपीठ भोपाल के मार्गदर्शन में संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण के उद्देश्य से 15 मार्च को भव्य सामूहिक पुंसवन संस्कार का आयोजन किया गया।इस आयोजन में भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों—कोलार,अन्ना नगर, श्यामला हिल्स, एमपी नगर, मीनाल, अयोध्या नगर, बैरागढ़ और मंडीदीप सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में मातृशक्तियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन महिला प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। लगभग 200 मातृशक्तियों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया था, जो उत्साहपूर्वक पूर्ण हुआ और कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम के दौरान गर्भ संस्कार एवं भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने के महत्व पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। मुख्य अतिथियों में वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता सिंह डीन गांधी मेडिकल कालेज, डॉ. वरुणा पाठक, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री चतुर्वेदी जी उपस्थित रहे। डाक्टर अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि गर्भकाल के दौरान माता के विचार, भावनाएं और जीवनशैली का सीधा प्रभाव आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व और संस्कारों पर पड़ता है, इसलिए सकारात्मक वातावरण और श्रेष्ठ संस्कारों का संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। अतिथि ओ पी चतुर्वेदी जी  ने शासन की योजना के अंतर्गत जो सुविधा गर्भवती महिला को दी जाती है उसकी संपूर्ण जानकारी दी और उनका लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में वैदिक विधि-विधान के साथ पुंसवन संस्कार AGSP जोन समन्वयक मधु श्रीवास्तव तथा रमा देशमुख दीदी के द्वारा संपन्न कराया गया तथा मातृशक्तियों को गर्भावस्था के दौरान मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज निर्माण के लिए परिवारों को सजग रहने का संदेश भी दिया गया। इसी दौरान शक्तिपीठ के ऊपरी सभागार में युवा प्रकोष्ठ द्वारा युवा व्यक्तित्व परिष्कार सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने जीवन की चुनौतियों और उनके समाधान पर सार्थक संवाद किया। अनुभव आधारित इस सत्र में युवाओं ने दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और ऊर्जा संतुलन को अपनाने का संकल्प लिया। युवा प्रकोष्ठ टीम के समन्वय तथा महिला प्रकोष्ठ समन्वयक मधु श्रीवास्तव दीदी के मार्गदर्शन में सम्पन्न यह आयोजन संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

मोनालिसा की शादी पर CM मोहन यादव से शिकायत करेगा परिवार, कहा- फरमान बहन कहता था

खरगोन  मध्यप्रदेश के महेश्वर की निवासी मोनालिसा के विवाह प्रकरण के मामले में फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा भोंसले के परिवार से मुलाकात की और उसकी शादी को 'सुनियोजित लव जिहाद' का हिस्सा बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कल इस मामले में कहा कि वे जल्द ही मोनालिसा के परिवार के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और कार्रवाई के लिये पूरे मामले को उनके सामने रखेंगे। परिवार के लोगों का कहना है कि मोनालिसा नाबालिग है और कुछ दिन पहले तक फरमान उसे बहन कहकर संबोधित करता था। परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य का नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेगा। उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय लेने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मोनालिसा के परिवार के साथ जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे सकें। उन्होंने कहा कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित तरीके से युवती को फंसाने का मामला है। धर्म परिवर्तन पर फिल्म इसलिए बनाया गया निशाना: सनोज मिश्रा मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन बेरोजगार युवकों को फंडिंग कर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं, ताकि 'सनातन' को बदनाम किया जा सके। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था। इस फिल्म का विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया और मोनालिसा का ब्रेनवॉश कर उसे फंसा लिया गया, जिससे उसके पिता के सपने भी टूट गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोनालिसा से जुड़ा पूरा घटनाक्रम मानो किसी स्क्रिप्ट की तरह लिखा और क्रियान्वित किया गया हो। लड़की मुस्लिम होती तो क्या किया जाता इस तरह प्रचारित: डायरेक्टर फिल्म निर्देशक ने यह भी सवाल उठाया कि शादी वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, कोई अन्य राज्य नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और उसके पति फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। मिश्रा ने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती तो क्या उसी तरह इस रिश्ते को प्रचारित किया जाता। मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उसकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार का कहना है कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में काफी अपमान का सामना करना पड़ रहा है। चाचा ने कहा- नाबालिग है मोनालिसा, परिवार ने कहा- फरमान कहता था बहन मोनालिसा के चाचा विजय भोंसले ने दावा किया कि मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था और वह अभी नाबालिग है। उनका आरोप है कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी बताया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का उपयोग भी करता था।

फर्जी सॉफ्टवेयर बिलों के जरिए करोड़ों का भुगतान, लोकायुक्त को मिली हार्ड डिस्क, भोपाल निगम के डाटा एनालिसिस से और नाम होंगे उजागर

भोपाल  भोपाल नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकालने के मामले में लोकायुक्त की टीम ने की गई छापेमारी के दौरान सर्वर रूम से हार्ड डिस्क जब्त की है। इसका परीक्षण कराया जाएगा, जिससे यह साफ होगा कि फर्जी बिलिंग कर करोड़ों रुपए हड़पने के खेल में अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवतकर के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा फर्जीवाड़ा किस तरह किया जाता था। डाटा एनालिसिस के आधार पर अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की उम्मीद है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी की गिरफ्तारी की जाएगी। शिकायतकर्ता ने गुणवंत सेवतकर के खिलाफ नामजद शिकायत की थी, इसलिए प्राथमिकी में उन्हें आरोपी बनाया गया है। उनसे अभी पूछताछ नहीं हो सकी है। जल्द ही नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। शुरुआती जांच में सेंट्रल वर्कशॉप द्वारा भी बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग पास कराने के साक्ष्य लोकायुक्त के हाथ लगे हैं। इसके बाद रविवार सुबह माता मंदिर के पास स्थित सेंट्रल वर्कशॉप कार्यालय में नगर निगम की टीम ने छापा मारा और यहां से अहम दस्तावेज जब्त किए गए। यहां के जिम्मेदार अधिकारियों को भी लोकायुक्त टीम नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। दस साल का रिकॉर्ड जब्त कर चुकी है लोकायुक्त लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने नगर निगम के डाटा सेंटर समेत कई शाखाओं में छापेमारी कर पिछले करीब 10 साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त कर लिया। निगम में फर्जी भुगतान की शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को मिली थी। प्रारंभिक जांच में तथ्य सही पाए जाने पर 9 मार्च को आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की गई। सॉफ्टवेयर से फर्जी बिल तैयार कराए लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल तैयार कराए गए और बिना काम कराए ही परिचितों व रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान कराया गया।

मध्य प्रदेश में 2 दिन तेज गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश, ग्रीन नेट से धूप से बचाव, सड़कों पर सन्नाटा

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ कई जिलों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ शहरों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले दो दिन तेज गर्मी महसूस होगी, जबकि 18 और 19 मार्च को कई इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।  इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखा गया। यहां बादल छाए रहे। इससे तापमान में 1.7 डिग्री तक की गिरावट हुई। मौसम विभाग की माने तो यह सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है। इस वजह से 16 और 17 मार्च को कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसका एमपी में 18-19 मार्च को असर दिखाई देगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर हुआ कमजोर रविवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला था। कई जगह बादल छाए रहे, जिसके कारण तापमान में करीब 1.7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, इसलिए 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का विशेष असर नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च के दौरान बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है। कुछ शहरों में राहत, कुछ जगह गर्मी बरकरार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री दर्ज किया गया। कई स्थानों पर शाम तक बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी कमी महसूस हुई। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। वहीं प्रमुख शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मार्च में ही बदला गर्मी का ट्रेंड आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद बढ़ती है, लेकिन इस बार शुरुआत से ही तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार मार्च में ही गर्मी का ट्रेंड बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।   गर्मी से राहत…नर्मदापुरम में पारा लुढ़का, लू का असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर में रविवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री, बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन जिलों में मौसम में बदलाव होने की बात कही थी। शाम तक बारिश तो दर्ज नहीं की गई, लेकिन बादल जरूर छाए रहे। इस वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पिछले 3 दिन से तीव्र लू के प्रभाव वाले नर्मदापुरम में पारा लुढ़ककर 38.9 डिग्री पर आ गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया।

बालाघाट पुलिस की पहल: आत्मसमर्पित नक्सली सिलाई और ड्राइविंग सीख रहे, 14 परिवारों को मिली सरकारी नौकरी

बालाघाट  बालाघाट पुलिस ने नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने और नक्सली हिंसा के पीड़ितों की मदद के लिए एक खास मुहिम शुरू की है। इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सली अब हथियार छोड़कर सिलाई और ड्राइविंग जैसे काम सीख रहे हैं. पुलिस लाइन में फिलहाल 10 आत्मसमर्पित नक्सली (5 पुरुष और 5 महिला) सिलाई और ड्राइविंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने से चल रही इस ट्रेनिंग में ये लोग शर्ट-पेंट सिलना और जेसीबी चलाना सीख रहे हैं ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इनमें सुनीता ओयाम, सुरेंद्र, राकेश और सलीता जैसे कई पूर्व नक्सली शामिल हैं। पीड़ित परिवारों को मिला सहारा पुलिस ने उन 14 परिवारों की भी मदद की है जिनके सदस्यों को नक्सलियों ने 'मुखबिरी' के शक में मार दिया था। इन परिवारों के सदस्यों को आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नौकरी दी गई है। सुमित उईके के पिता की हत्या 2002 में हुई थी। सुमित बताते हैं कि उन्हें पहले पुलिस की नौकरी से डर लगता था, लेकिन अब वे खुश हैं। संजय कुमार पुसाम सिर्फ 8वीं तक पढ़े हैं, इन्होंने कभी सोचा नहीं था कि पिता की मौत के बाद उन्हें पुलिस विभाग में काम करने का मौका मिलेगा। पुलिस अधीक्षक की पहल एसपी आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में चल रही इस पहल का मकसद हिंसा से प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है। नौकरी पाने वालों में तेजाबसिंह, अनिल मेरावी, निशा राउत और डिलेश्वरी जैसे 14 लोग शामिल हैं, जो अब पुलिस बल का हिस्सा बनकर समाज की सेवा कर रहे हैं।

भोपाल में कृषि वर्ष पर मंथन, सीएम की मौजूदगी में प्रेजेंटेशन और खेती को ‘फायदे का धंधा’ बनाने पर चर्चा

भोपाल  सीएम डॉ मोहन यादव आज अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कृषि कल्याण वर्ष के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम होगा। जिसमें किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से साझा की जाएगी। खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य "कृषि वर्ष" के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिनभर चलने वाले इस मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर खेती को वास्तविक रूप में 'फायदे का धंधा' कैसे बनाया जाए। भोजन अवकाश के बाद दोपहर में कृषि और उससे संबद्ध विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने अपनी कार्ययोजना का प्रजेंटेशन देंगे। विभागवार होंगे प्रजेंटेशन     कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।     उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन के जरिए आय दोगुनी करने का रोडमैप।     सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा। आज के कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा     विशेष तकनीकी सत्र (सुबह 11:00 – 12:30): कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन।     सवालों का निराकरण (दोपहर 03:10): विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं और खेती से जुड़े सुझाव सीधे विभाग के बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे।     मंत्रीगणों का संबोधन (दोपहर 03:20): संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।     मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन (दोपहर 03:30): डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर अपनी बात रखेंगे। सक्रिय सहभागिता को लेकर मंथन किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित इस 'अभिमुखीकरण' कार्यक्रम के जरिए सरकार चाहती है कि हर जिले का जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के किसानों को सीधे योजनाओं से जोड़ने में मदद करे, ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके।