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खैर की अवैध तस्करी के खिलाफ सख्ती, वन व पुलिस विभाग ने की बड़ी कार्रवाई

भोपाल. अवैध खैर की लकड़ी की तस्करी के विरुद्ध वन और पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई मंदसौर जिले के गरोठ थाना अंतर्गत मुखबिर की सूचना पर 3 फरवरी को अवैध खैर की लकड़ी की तस्करी के विरूद्ध वन और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। अवैध खैर की लकड़ी ट्रक में भरकर दिल्ली की ओर ले जायी जा रही थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन संरक्षक उज्जैन श्री आलोक पाठक, वन मंडलाधिकारी श्री संजय रायखेरे के मार्गदर्शन में उप वनमंडलाधिकारी गरोठ और वन परिक्षेत्र अधिकारी भानपुरा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम और गरोठ पुलिस की टीम ने तत्काल संयुक्त मोर्चा संभाला। शामगढ़ नाका और फोरलेन-एटलेन चौकड़ी पर सघन घेराबंदी की गई। घेराबंदी देख ट्रक चालक ने वाहन को बर्डीया अमरा के रास्ते भगाने का प्रयास किया, लेकिन संयुक्त टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया। ट्रक की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में बेशकीमती खैर (Acacia catechu) की अवैध लकड़ी बरामद हुई। वाहन चालक के पास लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। टीम ने मौके से आरोपी चालक खालिद पिता अजीम पठान (निवासी नोह, हरियाणा) को हिरासत में ले लिया। अग्रिम वैधानिक कार्रवाई लकड़ी अवैध होने के कारण वन विभाग द्वारा वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। वर्तमान में जब्त ट्रक वन विभाग की सुपुर्दगी में है। 

विगत 10 दिनों में ग्‍वालियर एवं इंदौर में की गई बड़ी कार्यवाही

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेश के ग्वालियर एवं इंदौर जिलों में वाहन किराये पर लेकर उन्हें गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है। इस में पुलिस ने विगत 10 दिनों में 06 करोड़ 50 लाख रूपए से अधिक के 54 वाहन जब्‍त किए हैं। ग्वालियर में 15 वाहन जब्‍त क्राईम ब्रांच पुलिस ने किराए पर ली गई 4 पहिया गाड़ियों को फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा स्वयं को एक निजी कंपनी का मैनेजर बताकर ट्रेवल्स संचालकों से बड़ी संख्या में वाहन किराए पर लेता था तथा वाहनों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर अवैध रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त करता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 15 चार पहिया वाहन कीमती लगभग 01 करोड़ 50 लाख रुपये को विधिवत जब्त किया। इंदौर- 39 चार पहिया वाहन जब्‍त इंदौर जिले में भी थाना अन्नपूर्णा पुलिस ने किराए पर ली गई कारों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी वाहन मालिकों से 11 माह का लिखित एग्रीमेंट कर कारें किराए पर लेता था। प्रारंभ में 2–3 माह किराया देने के बाद वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रख देता था। आरोपी वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम हटाकर वाहन मालिकों को किराया देना बंद कर देता था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अन्नपूर्णा में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान थाना अन्नपूर्णा पर करीब 40 से अधिक वाहन मालिकों द्वारा आरोपी के विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिससे आरोपी द्वारा संगठित एवं बड़े स्तर पर वाहन धोखाधड़ी करना उजागर हुआ।विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 39 चार पहिया वाहन जप्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ से अधिक है। मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा ग्वालियर एवं इंदौर जिलों में की गई इन संयुक्त कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप कुल 54 चार पहिया वाहन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 6 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक है। मध्यप्रदेश पुलिस की समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही से न केवल संगठित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है, बल्कि बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को भी आर्थिक क्षति से राहत प्राप्त हुई है।  

स्टेट फॉरेस्ट कॉल सेंटर स्थापित – शिकायतों पर होगी त्वरित कार्यवाही

भोपाल . प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन एवं वन बल प्रमुख श्री बी.एन. अम्बाडे द्वारा 26 जनवरी 2026 को वन विभाग से संबंधित शिकायतों पर क्विक एक्शन और उनके त्वरित निराकरण के लिये स्टेट फॉरेस्ट कॉल सेंटर वन मुख्यालय, वन भवन तुलसीनगर भोपाल में स्थापित किया गया। कॉल सेंटर के दूरभाष नंबर 0755-2524000, 2524200 पर नागरिक वन विभाग से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव से की सौजन्य भेंट

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से संसद भवन में बुधवार को सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश में रेल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित एवं प्रगतिरत रेलवे परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।  

कॉन्ट्रैक्टर शिलोम संग सोनम का बैग ठिकाने लगाने के आरोप में पुलिस की थ्योरी फेल, गार्ड और बिल्डिंग मालिक बरी

इंदौर  इंदौर के बहुचर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस केस में आरोपी बनाए गए गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। सबूतों की कमी के कारण इन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने पहले इन्हें साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन मामले की गहन जांच में हत्याकांड से इनका कोई सीधा संबंध साबित नहीं हो पाया।  चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में कोर्ट ने गार्ड और बिल्डिंग मालिक को दोषमुक्त कर दिया है। शिलॉन्ग पुलिस द्वारा सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए बलवीर सिंह अहिरवार और लोकेंद्र सिंह तोमर को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर राहत दी गई है। कोर्ट के इस फैसले से जांच एजेंसियों की शुरुआती थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बरी किए गए आरोपियों में लसूड़िया क्षेत्र की एक बिल्डिंग का गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और भवन मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर शामिल हैं। पुलिस का आरोप था कि दोनों ने कॉन्ट्रैक्टर शिलॉम के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी का बैग और अन्य सबूत ठिकाने लगाने में मदद की। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के शामिल होने को लेकर ठोस सबूत नहीं बिजली बिल और अन्य तकनीकी तथ्यों की जांच के बाद पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता के ठोस सबूत नहीं मिले। शिलॉन्ग की ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने बताया कि शुरुआती परिस्थितियों और मिली जानकारियों के आधार पर गिरफ्तारी की गई थी। बाद में जांच और वेरिफिकेशन में उनकी भूमिका साबित नहीं हो सकी। इसी कारण दोनों को दोषमुक्त कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह सहित अन्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच में क्यों कमजोर पड़ी पुलिस की दलील? विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता से जुड़े ठोस सबूत नहीं मिले। बिजली बिल, किराया एग्रीमेंट और अन्य तकनीकी दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गार्ड या बिल्डिंग मालिक ने जानबूझकर किसी साक्ष्य को नष्ट किया हो। शिलॉन्ग के ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने अदालत में बताया कि शुरुआती परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद की जांच में आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। शिलॉन्ग में खाई में मिला था राजा का शव इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम के साथ शादी हुई थी। 20 मई को राजा और सोनम हनीमून के लिए इंदौर से मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को दोनों सोहरा की यात्रा पर निकले थे। उन्होंने एक एक्टिवा भी किराए पर ली थी। पेड़ काटने वाले हथियार से की गई राजा की हत्या 24 जून को राजा-सोनम से परिवार का संपर्क टूट गया था। 27 मई से दोनों की सर्चिंग शुरू की गई। 29 मई को तेज बारिश के कारण सर्चिंग रोकनी पड़ी थी। इसके बाद 30 मई को दोबारा सर्चिंग शुरू की गई। 2 जून को खाई में राजा का शव मिला। 3 जून को राजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले हथियार से की गई थी। सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में जुट गई। 9 जून को सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली थी। इसके बाद परत-दर-परत मामले में कई खुलासे हुए। इन खुलासों ने रघुवंशी परिवार सहित सभी को चौंका दिया था। इसमें मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। कहां रुके थे सोनम और विशाल? पुलिस जांच में सामने आया था कि राजा की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी और विशाल चौहान कुछ समय के लिए इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र स्थित एक बिल्डिंग में ठहरे थे। यह बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर शिलॉम जेम्स के किराए की बताई गई थी, जिसे ब्रोकर के माध्यम से लिया गया था। कमरे का एग्रीमेंट विशाल चौहान के नाम पर हुआ था। इसी कड़ी में गार्ड और बिल्डिंग मालिक की भूमिका की जांच की गई, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम से शादी हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए। 22 मई को वे सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र घूमने निकले, जहां 2 जून को राजा का शव एक खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले धारदार हथियार से की गई थी। मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह और अन्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।

UN में भारत की आवाज: केंद्रीय राज्यमंत्री ने साझा किया ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य

धार   संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार जिले से सांसद सावित्री ठाकुर ने सामाजिक न्याय, समावेशन एवं सतत विकास से जुड़े वैश्विक विषयों पर भारत का सशक्त पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, भारत का विकास दृष्टिकोण 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना पर आधारित है, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सांसद सावित्री ठाकुर ने महिलाओं, बच्चों, वंचित वर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नीतिगत पहलों और नवाचारों को साझा किया। मंत्री ठाकुर ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का संकल्प सिर्फ आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर, लैंगिक समानता और मानवीय गरिमा के साथ हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा मंत्री ठाकुर ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भारतीय दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अपने समावेशी विकास के अनुभवों को विश्व समुदाय के साथ साझा कर वैश्विक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत मानता है कि सतत और समावेशी विकास ही विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि का आधार है। अंत में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के मंच पर सामाजिक विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और मानव कल्याण को केंद्र में रखकर वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा।  

फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान

फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान कलेक्टर की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न बड़वानी  शासन द्वारा किसानों को समय पर एवं पारदर्शितापूर्वक उर्वरक उपलब्ध हो इस हेतु नवीन उर्वरक वितरण प्रणाली अंतर्गत ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन) लागू की गयी है। आगामी खरीफ सीजन में कृषकों को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन द्वारा उर्वरक वितरण किया जाना, जिसके अनुरूप    कृषकों की फ़ॉर्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाए । ताकि किसी भी कृषक को खाद प्राप्त करने में असुविधा न हो।      उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह बुधवार कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्याे की विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान दिए।  बैठक में जिले के शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए, साथ ही स्पष्ट किया कि आगामी बैठक में लक्ष्य अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेहिता तय कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।     प्राकृतिक कृषि को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों को रसायनों का उपयोग कम करने और जैविक खाद अपनाने हेतु प्रेरित करें। आत्मा योजना के अंतर्गत ब्लॉक लेवल पर पदस्थ बीटीएम साथ समन्वय कर नियमित रूप से फील्ड पर जाय एवं कार्य योजना को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।पीएम कृषक सूर्य मित्र योजना के अंतर्गत किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार एव नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। सोलर पंप के माध्यम से किसान न केवल सिंचाई की लागत कम कर सकेंगे, बल्कि ऊर्जा संरक्षण में भी योगदान देंगे।      बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री रवि वर्मा उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विभाग श्री केसी वास्कले, एसएलआर श्रीमती शीतल सोलंकी सहित कृषि विभाग का समस्त मैदानी अमला उपस्थित रहा।

जनकपुर मण्डल में शुभम सिंह बने नए अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा में खुशी की लहर

जनकपुर  जनकपुर मण्डल के भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त मण्डल अध्यक्ष शुभम सिंह जी को बनाये जाने से युवावों मे काफ़ी खुशी की लहर नजर आ रहीं हैँ समस्त युवा मोर्चा एवं मण्डल पदाधिकारियो द्वारा शुभम जी को बधाई शुभकामनायें दिया गया जिनकी सफर पूर्व मे बूथ सचिव, के दायित्व मे रहकर अपने कार्य का निर्वाहन करते आ रहे थे साथ ही बजरंग सेना के ब्लॉक अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू परिषद मे गौ रक्षा प्रमुख के दायित्व मे रहकर लोगो के बीच सुख दुख मे हमेशा तात्पर्य रहकर युवाओ के चहेते भी बन चुके हैँ ऐसे शुभम सिंह जी भाजपा संगठन के हर कार्य बैठक मे अपनी उपस्थिति व निष्ठाभाव से संगठन का कार्य करते नजर आ रहे थे जिन्हे देखते हुए सम्मानीय जिलाध्यक्ष श्रीमति चम्पादेवी पावले जी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष श्री अंकित शर्मा जी, मण्डल अध्यक्ष नरेश यादव एवं मण्डल के समस्त वरिष्ठ जनो के नेतृत्व मे युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष का दायित्व शुभम सिंह जी को सौंपा गया जिसके लिए शुभम सिंह जी द्वारा समस्त जिला पदाधिकारी एवं मण्डल पदाधिकारियो व समस्त वरिष्ठ कारकर्ताओ का आभार व्यक्त करते हुए कहा की जिस तरह भाजपा संगठन मुझ पर भरोसा कर मण्डल अध्यक्ष का दायित्व सौंपा हैँ मै भरोसा दिलाता हूँ की मै पूर्ण निष्ठा भाव. एवं ईमानदारी से वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन के साथ अपने युवा मोर्चा के सभी साथियो के साथ मिलकर काम करूँगा।

सरकारी अफसरों के लिए अलर्ट! मोहन सरकार ने रोक दी छुट्टियां, मुख्यालय से दूर रहने पर कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश में विधानसभा के बजट सत्र को लेकर सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त शिकंजा कस दिया है। सरकार ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय (Headquarters) नहीं छोड़ेगा। आदेशों का उल्लंघन करने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें राज्य का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने और विधानसभा प्रश्नों के समय पर जवाब सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ा तो एक्शन तय विधानसभा सत्र को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के जिला कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।  आदेश के मुताबिक— अधिकारी किसी भी हाल में बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे.. अपरिहार्य स्थिति में अपर कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य,अवकाश के लिए भी पूर्व स्वीकृति जरूरी,नियम तोड़ने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। विधानसभा प्रश्नों पर खास फोकस सरकार ने विधानसभा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए — नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश, विधानसभा प्रश्नों के तत्काल और सही उत्तर भेजने की जिम्मेदारी ,जिला कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं। स्पष्ट किया गया है कि प्रश्नों के जवाब में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का साफ संदेश सरकार का स्पष्ट संदेश है — बजट सत्र के दौरान प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। मुख्यालय से गैरहाजिरी अब नहीं चलेगी। लापरवाही पर सीधा एक्शन होगा।

मध्य प्रदेश की EVM राजस्थान निकाय चुनाव में, दोनों राज्यों के बीच समझौता

 ग्वालियर राजस्थान राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए मध्य प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें किराए पर लेगा. प्रदेश के चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि EVM की उपलब्धता के संबंध में राजस्थान और मध्य प्रदेश के राज्य चुनाव आयोगों के बीच एक अतिरिक्त MoU साइन किया गया है. उन्होंने कहा कि MoU के तहत, मध्य प्रदेश राज्य चुनाव आयोग शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में इस्तेमाल के लिए राजस्थान को किराए पर 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार बैलेट यूनिट देगा. उन्होंने कहा कि EVM की सप्लाई, इस्तेमाल, रखरखाव, सुरक्षा और वापसी से संबंधित सभी शर्तों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया- MOU के तहत मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को चुनावों के लिए कुल 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार बैलेट यूनिट किराए पर उपलब्ध कराई जाएंगी। स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए मध्यप्रदेश से मंगाई जाएंगी ईवीएम मशीन। (फाइल फोटो) इन्होंने कहा कि इन ईवीएम का उपयोग प्रदेश में नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में किया जाएगा। ईवीएम की आपूर्ति, उपयोग, रख-रखाव, सुरक्षा और वापसी से संबंधित सभी शर्तें भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सुनिश्चित की जाएंगी। ईवीएम के तकनीकी परीक्षण (एफ.एल.सी.), मरम्मत और आवश्यक तकनीकी सहयोग का काम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (ईसीआईएल), हैदराबाद के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा किया जाएगा। राजेश्वर सिंह ने यह भी कहा कि यह समझौता दोनों आयोगों के बीच EVM की उपलब्धता और इस्तेमाल पर पहले हुई सहमति का ही विस्तार है. चुनाव अधिकारी ने कहा कि EVM की सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और संचालन की व्यवस्था निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी और मशीनों के लिए टेक्निकल टेस्टिंग (फर्स्ट-लेवल चेकिंग), मरम्मत और जरूरी टेक्निकल सपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) हैदराबाद के इंजीनियर करेंगे.