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भागीरथपुरा हादसे के पीड़ितों को आर्थिक और रोजगार राहत देने की मांग जोर पकड़ रही

इंदौर  देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों और जान गवाने वालों के परिजन को न्याय दिलाने की मांग उठाते हुए कांग्रेस ने शहर के राजबाड़ा पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन 32 लोगों के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए, जिनकी मौत उल्टी-दस्त से ग्रस्त होने से हुई है। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि, सरकार पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए मुआवजा दें। नगर निगम में परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। अगर ये मांग पूरी नहीं होती है तो 8 दिन के बाद कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जनता से निवेदन कर पूरा इंदौर बंद कराएगी। इंदौर में बनाई जाएं दो वाटर लैब शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि, दो वाटर लैब हर तैयार की जाए। कार्यकर्ता का यह दायित्व है कि घर-घर जाकर उस पानी के सैंपल लेकर जांच कराएं। भागीरथपुरा में रहने वाले छह माह के अव्यान साहू की मां ने कहा, इंदौर के दूषित पानी ने मेरे बेटे की जान ले ली। अन्य परिवारों ने भी उनकी परेशानी बताई। कई परिवारों ने कहा कि, अभी तक सहायता तक नहीं मिल सकी। धरना स्थल पर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना सेतिया, विपिन वानखेड़े, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, उषा नायड़, अधिवक्ता प्रमोद द्विवेदी, शेख अलीम, पंडित कृपा शंकर शुक्ला, सत्यनारायण पटेल समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, हर परिवार की अपनी वेदना है। शहरवासियों ये महसूस करो कि, हमारे घर ये त्रासदी आ जाती तो क्या होता? जिन्हें हमने कुर्सी दी, वोट दिया उनसे सवाल करना जरूरी है। अब पानी से किसी की मौत न हो इसके लिए सभी को जागना जरूरी है। संसद तक इस मामले कि गूंज उठ चुकी है। देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री, सुमित्रा महाजन और शिवराज सिंह चौहान ने सवाल क्यों नहीं पूछा? जिस पानी को हम जीवन देने का माध्यम मानते हैं, उस पानी का जहर इंदौर नगर निगम ने लोगों को पिला दिया। ये सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, व्यवस्था का पतन है। सवाल पूछा तो बोले- इंदौर को बदनाम कर रहे हैं पटवारी ने कहा- भागीरथपुरा में जो हुआ वो पूरे इंदौर और पूरे प्रदेश के पानी की स्थिति है। जनता का जीवन इतना सस्ता है कि, दो लाख रुपए देकर सबने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर दिया। उन परिवारों को लालच दिया गया कि, आवाज मत उठाना, एक भी शब्द कहा तो सहायता नहीं मिलेगी। सज्जन सिंह वर्मा और प्रतिनिधि मंडल को काले झंडे दिखाए गए। आखिर कैसा शहर बन रहा है हमारा इंदौर ? जब हम सवाल पूछते हैं तो मंत्री कहते हैं- इंदौर को बदनाम कर रहे हैं। दो हजार करोड़ रुपए की बन गई नकली फाइल जीतू पटवारी ने कहा, निगम में 2 हजार करोड़ रुपए की नकली फाइल बन गई। उनके पैसे भी निकल गए। कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, लेकिन आरोपी कोई नहीं है। एक भी राजनीतिक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं। महापौर की साइन से फाइल बनती है। एमआइसी की साइन से फाइल बनती है। पार्षद फाइल पर साइन कर आगे बढ़ाते हैं। अधिकारी उसे आगे बढ़ाते हैं तो राजनीतिक लोगों की 2 हजार करोड़ रुपए के घोटाले में कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं? ये रुपए जनता के ही थे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग वहीं, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि, हमने इंदौर की जनता से आह्वान किया था कि, न्याय के लिए आएं। इस दौरान उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा देने की मांग की। साथ हीये भी कहा कि, कांग्रेस न्याय के लिए हमेशा लड़ती रहेगी। जिस शहर के सीएम खुद प्रभारी, वहां नहीं रुक रहीं मौतें- रीना सेतिया महिला प्रदेश अध्यक्ष रीना सेतिया ने कहा कि, 9 विधायक, 2 मंत्री, महापौर भाजपा के हैं। सीएम खुद इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं, बावजूद इसके शहर को जहरीला पानी मिला। इंदौर में लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम इन पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त करते हैं और उनके न्याय के लिए लंबी लड़ाई भी लड़नी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे।

सरकारी कर्मचारियों के लिए चेतावनी: ट्रांसफर के 6 महीने बाद घर नहीं छोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश में शासकीय आवासों को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी। राजधानी भोपाल से तबादला होने के बाद अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय तक सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रख सकेंगे। गृह विभाग ने शासकीय आवास नियमों में संशोधन करते हुए सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है, जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी पर समान रूप से लागू होगी। 6 माह की सीमा, उसके बाद कड़ा एक्शन नए आदेश के अनुसार, भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में शासकीय सेवक अधिकतम 6 माह तक ही सरकारी आवास रख सकेगा। इस अवधि में सामान्य किराया लिया जाएगा 6 माह के बाद आवास खाली नहीं करने पर दंडात्मक किराया वसूला जाएगा.. साथ ही जबरन बेदखली की कार्रवाई की जाएगी..दंडात्मक किराया 90 हजार रुपये तक हो सकता है। कैबिनेट के फैसले के बाद मचा हड़कंप यह फैसला पहले ही कैबिनेट में लिया जा चुका है। इसके बाद कई विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। कुछ अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि उनके बच्चे भोपाल में पढ़ रहे हैं, इसलिए समय दिया जाए, लेकिन गृह विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीमित राहत सेवानिवृत्ति की स्थिति में कर्मचारियों को कुल 6 माह की सशर्त अनुमति मिलेगी— पहले 3 माह: सामान्य किराया अगले 3 माह: सामान्य किराए का 10 गुना 6 माह बाद भी आवास नहीं छोड़ा तो दंडात्मक किराया और बेदखली इस्तीफा या सेवा से पृथक होने पर सिर्फ 3 माह यदि कोई कर्मचारी— त्यागपत्र देता है सेवा से पृथक होता है. या अनधिकृत पाया जाता है, तो उसे केवल 3 माह तक ही सरकारी आवास में रहने की अनुमति होगी। इसके बाद तत्काल बेदखली और दंडात्मक वसूली की जाएगी। सरकार का मकसद साफ गृह विभाग का कहना है कि इन संशोधित नियमों का उद्देश्य — शासकीय आवासों के दुरुपयोग को रोकना वास्तविक जरूरतमंद अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना.. अब मियाद खत्म होते ही सख्त कार्रवाई तय है, किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। सरकारी आवास पर अनावश्यक कब्जा अब भारी पड़ेगा। तबादला, रिटायरमेंट या सेवा समाप्त—हर स्थिति में तय समय पर आवास खाली करना अनिवार्य होगा, वरना जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

करोड़ों की ठगी का खुलासा: इंदौर में लग्जरी कार रेंटल के नाम पर आरोपी गिरफ्तार, 39 कारें जब्त

 इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में लग्जरी कारों के नाम पर की जा रही करोड़ों रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने आरोपी संजय कालरा को गिरफ्तार कर अब तक 39 महंगी और लग्जरी कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है. आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं और जांच लगातार आगे बढ़ रही है. दरअसल, पिछले दिनों एक फरियादी की शिकायत पर आरोपी संजय कालरा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में पुलिस ने मामला दर्ज किया था. जब आरोपी की गिरफ्तारी हुई तो उसके बाद कई लोग एक के बाद एक थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ आवेदन दिए. इसमें बताया गया कि संजय कालरा उनकी महंगी और लग्जरी कार किराए पर ले लेता था और हर महीने उन्हें मोटा मुनाफा देने का लालच भी देता था लेकिन कई महीनों तक आरोपी द्वारा कार का किराया तक नहीं दिया गया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थान से 24 लग्जरी कार बरामद कीं.  साथ ही पुलिस ने आरोपी को रिमांड में लिया जिसमें और भी खुलासे हुए. वहीं कालरा पर दो और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है जिसके बाद पुलिस ने कुल 39 महंगी और लग्जरी कारें बरामद कर ली हैं. फिलहाल आरोपी की रिमांड अवधि और भी बढ़ाई जाएगी जिससे मामले का खुलासा हो सके. वहीं शिकायतकर्ताओं का थाने पहुंचना अब तक जारी है. आरोपी से जब्त की गई कारों की कीमत 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है जो उसने किराए पर ली थीं और उन्हें कहीं और  गिरवी रख दिया था.

किराए पर ली कारें गिरवी रखी, फर्जी एग्रीमेंट बनाकर विभागों को चकमा दिया—पुलिस ने 17 कारें जब्त की

ग्वालियर  ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने विभागों में लग्जरी वाहनों के अटैचमेंट के नाम पर फर्जी एग्रीमेंट कर कारें हायर करके हड़पने वाले 23 वर्षीय जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए पास है और दो साल पहले तक टिफिन सेंटर चलाता था। इसके बाद उसने विभागों में गाड़ियों का अटैचमेंट कराने के नाम पर ठगी शुरू की। आरोपी अभय भदौरिया खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताकर लोगों पर इंप्रेशन डालता था। फर्जी दस्तावेज बनाकर कंपनियों और विभागों के नाम पर लग्जरी कार हायर करने के बाद वह इन्हें दो से पांच लाख रुपए में गिरवी रख देता था। इसके लिए वह फेक मालिक बनाकर दस्तावेज तैयार करता था। एक 7 सीटर कार का वह 85 हजार रुपए तक किराया देता था। इस तरह अब तक उसने 50 से अधिक कारें ठगने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 17 कारें बरामद की हैं। कारों का किराया नहीं दिया तो पता चली ठगी शहर के शताब्दीपुरम फेस-1 निवासी भास्कर शर्मा ने सोमवार क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। भास्कर अपने ट्रेवल एजेंसी श्री मधुवन जी ट्रेवल्स के माध्यम से अन्य लोगों को वाहन सेवाएं देते हैं। उनके अनुसार, अभय भदौरिया ने खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताकर उन्हें 7 सीटर कार के बदले 85 हजार रुपए और 5 सीटर कार के बदले 50 हजार रुपए देने का लालच दिया। भास्कर ने आरोपी को 19 कारें किराए पर दी, लेकिन अभय ने कारें सर्विस पर नहीं भेजीं और किराया भी नहीं दिया। जब भास्कर ने कंपनी में जाकर सत्यापित किया, तो पता चला कि अभय भदौरिया नाम का कोई भी व्यक्ति वहां काम नहीं करता है। बाद में भास्कर को पता हुआ कि अभय ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी कारें अन्य व्यक्तियों को गिरवी रखवा दी हैं। काफी दबाव डालने पर आरोपी ने कुछ कारें वापस की। इसी तरह रघुवीर रजक ने भी 20 कारें ठगे जाने की शिकायत की। पुलिस ने 1.5 करोड़ की कारें बरामद की है। पुलिस ने 1.5 करोड़ की कारें बरामद की है। 24 घंटे में गिरफ्तारी, 17 कारें बरामद मामला दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी की लोकेशन और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस मंगलवार को घटना का खुलासा किया। पहले आरोपी ने अपनी कहानी जारी रखी, लेकिन ट्रेवल एजेंसी के संचालक को सामने खड़े करने पर वह चुप हो गया। पुलिस ने जीपीएस ट्रैकिंग के माध्यम से 17 कारें बरामद की, जिनकी कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपए बताई गई है। आरोपी ने कुल 39 कारें ठगी का दावा किया है, पुलिस को संदेह है कि 50 से अधिक कारों से उसने ठगी की है।     भास्कर शर्मा की कारें: मारूति अर्टिगा, टाटा अल्ट्रोज, मारूति सियाज, टोयोटा अर्बन क्रूजर, महिंद्रा बोलेरो, मारूति स्विफ्ट, महिंद्रा स्कॉर्पियो – कुल 8 वाहन     रघुवीर रजक की कारें: मारूति स्विफ्ट, रेनॉल्ट ट्रायवर, मारूति अर्टिगा, महिंद्रा बोलेरो – कुल 7 वाहन     कुल बरामद वाहन: 15, कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपए कार का मालिक बताने वालों पर भी होगी कार्रवाई एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने कारें गिरवी रखीं, वे भी एक तरह से पीड़ित हैं। उनके साथ भी ठगी हुई है। कुछ लोगों ने खुद को कार का मालिक बताया था। उनके दस्तावेज जुटाकर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा कार्यालय मंडला में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई संत रविदास जयंती

भाजपा कार्यालय मंडला में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई संत रविदास जयंती   मंडला भारतीय जनता पार्टी जिला मुख्यालय में रविवार महान संत, समाज सुधारक एवं समता के प्रणेता संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उईके एवं भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा संत रविदास जी के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने विचारों और कृत्यों से समाज को समानता, बंधुत्व और मानवता का मार्ग दिखाया। उनका जीवन हमें जाति, भेदभाव और असमानता से ऊपर उठकर एक समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार संत रविदास जी के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल मिश्रा ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के लिए आशा की किरण है। भारतीय जनता पार्टी उनके विचारों से प्रेरणा लेकर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। आज की युवा पीढ़ी को संत रविदास जी के आदर्शों को अपनाकर सामाजिक समरसता को मजबूत करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने एवं समाज में समरसता, समानता और सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ संजय कुशराम, नगर अध्यक्ष रानू राजपूत, किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री उमेश शुक्ला, वरिष्ठ कार्यकर्ता विनय मिश्रा, सुधीर कसार, मंडल अध्यक्ष ललित लोधी, शशि पटेल, अंशुमाली शुक्ला,सौरभ गुप्ता, मयंक विश्वकर्मा, बसंत चौधरी, दिनेश चौधरी, सचिन शर्मा,उमा यादव, बबीता अधिकारी, ज्योति मलिक,रितु भांगरे,नरेश सिंधिया, सावन चौरसिया,सत्यम मिश्रा, अंकित चौरसिया,विकास यादव, सुदीप चौरसिया,कैलाश जैन, सुरेंद्र क्षत्री ऋषभ सिन्हा सहित भाजपा कार्यकर्तागण उपस्थिति रहे ।

मध्य प्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा पर NGT का सख्त रुख, पर्यावरण सचिव से रिपोर्ट तलब

भोपाल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की भोपाल बेंच ने पर्यावरण के प्रधान सचिव को नर्मदा नदी को साफ रखने के लिए दिए गए निर्देशों पर एक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। यह रिपोर्ट विभिन्न एजेंसियों, विभागों, जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों से संकलित की जाएगी। NGT ने यह निर्देश एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। नर्मदा को जीवन रेखा बनाए रखने के लिए निर्देश NGT ने नर्मदा नदी के बाढ़ क्षेत्र को चिह्नित करने, उस क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, नदी में बिना उपचारित सीवेज और ठोस कचरा बहाने पर रोक लगाने, अवैध रेत खनन बंद करने और पूरे साल नदी के प्रवाह को स्थिर रखने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश नर्मदा नदी को मध्य प्रदेश की जीवन रेखा बनाए रखने के लिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई यह अनुपालन रिपोर्ट 1 सितंबर, 2025 को NGT द्वारा जारी आदेश के अनुसार तैयार की जानी है। यह रिपोर्ट याचिकाकर्ता कीर्ति कुमार सदाशिव भट्ट की याचिका पर आधारित है। रिपोर्ट को NGT के रजिस्ट्रार को सौंपा जाएगा, जो इसे ट्रिब्यूनल के सामने पेश करेंगे। इसके बाद, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निष्पादन याचिका पर सुनवाई NGT ने यह टिप्पणी जबलपुर की सामाजिक कार्यकर्ता पी.जी. नज्पांडे द्वारा दायर एक निष्पादन याचिका पर सुनवाई करते हुए की। NGT यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके द्वारा जारी किए गए निर्देशों का ठीक से पालन हो रहा है या नहीं। इसी के लिए NGT ने अब मुख्य सचिव (पर्यावरण) को इस मामले में निर्देशित किया है।  

केंद्रीय बजट जनता के प्रति सरकार के कर्तव्यों को पूरा करने वाला डॉक्यूमेंट – डॉ. महेन्द्र सिंह

 प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में समग्र भारत के चतुर्दिक विकास का बजट प्रस्तुत किया गया  केंद्रीय बजट जनता के प्रति सरकार के कर्तव्यों को पूरा करने वाला डॉक्यूमेंट   240 कल्याणकारी योजनाओं के साथ 145 करोड़ जनता के हितों के लिए कार्य कर रही केन्द्र सरकार  – डॉ. महेन्द्र सिंह भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने मंगलवार को सागर में केंद्रीय बजट को लेकर व्यापारी व प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया भोपाल/सागर   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने मंगलवार को सागर जिले के होटल वरदान में केंद्रीय बजट-2026 को लेकर आयोजित व्यापारी व प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में समग्र भारत के चतुर्दिक विकास का बजट प्रस्तुत किया है। केंद्रीय बजट 2026 देश की जनता के प्रति सरकार के कर्तव्यों को पूरा करने वाला डॉक्यूमेंट है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 240 कल्याणकारी योजनाओं के साथ केंद्र सरकार देश की 145 करोड़ जनता के हितों के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के बाद यह पहला बजट है जब कर्तव्य भवन में बैठकर तीन कर्तव्यों वाला बजट बनाया गया है। कार्यक्रम को प्रदेश शासन के मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री व विधायक श्री गोपाल भार्गव, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन एवं जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी ने भी संबोधित किया। इस दौरान पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री गौरव रणदिवे मंचासीन रहे।  प्रधानमंत्री जी भारत के पुराने वैभव को वापस दिलाने, विश्व गुरू बनाने के लिए कार्य कर रहे भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भारत के पुराने वैभव को वापस दिलाने, देश को विश्व गुरू बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के देश पढ़ना नहीं जानते थे, तब भारत में तक्षशिला विश्वविद्यालय था। दुनिया में सबसे पहले भारत में वेदों की रचना की गई। सनातन काल से भारत व्यापार में अग्रणी रहा है, इसीलिए भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्रिक देश भारत है। विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हमारे देश के प्रभारी श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं। प्रधानमंत्री जी भारत की अर्थव्यवस्था को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना चुके हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्त में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।  भारत विश्व के सबसे संपन्न देशों से विकास में सीधा मुकाबला कर रहा है भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत विश्व के सबसे आर्थिक संपन्न व विकसित राष्ट्रां का विकास में सीधा मुकाबला कर अपना स्थान वैश्विक स्तर पर बना रहा है। अमेरिका में भारत से कई गुना अधिक खेती की जमीन है। इसके साथ ही अमेरिका की जनसंख्या भी भारत से बहुत कम है। भारत की जनसंख्या लगभग 145 करोड़ है, जबकि अमेरिका की जनसंख्या लगभग 35 करोड़ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदृष्टि और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की उनकी परिकल्पना से हमारा देश आज विश्व के सबसे बड़े और विकसित देशों का विकास के मामले में सीधा मुकाबला कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में भारत का बजट 16.65 लाख करोड़ का प्रस्तुत किया गया था। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने 17.95 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। इस साल 53 लाख 50 हजार करोड़ का बजट केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह बजट राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। पद्मश्री भगवानदास रैकवार के निवास पहुंचकर किया सम्मान भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार हेतु चयनित श्री भगवानदास रैकवार से उनके निवास पर भेंटकर उन्हें आत्मीय बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने इससे पहले प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री व विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के निवास पहुंचकर भगवान श्री हनुमान जी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा एवं श्री रामकथा में शामिल होकर श्रवण किया। 

जागरूकता के लिए क्रिएटिव कदम, इंदौर में वेस्ट मटेरियल से बनाया विशाल हेलमेट

इंदौर वाहन चालकों को हेलमेट के प्रति जागरूक करने के लिए इंदौर की ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोजाना अलग-अलग तरह के जतन किए जा रहे हैं. जहां इंदौर के विभिन्न चौराहों पर पुलिस द्वारा हेलमेट नहीं लगाने वाले वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है. वहीं दूसरी ओर हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में अब इंदौर पुलिस द्वारा वेस्ट मटेरियल के माध्यम से हेलमेट बनाए गए हैं. जिसे लेकर पुलिस जनता को जागरूक कर रही है. वेस्ट मटेरियल से बनाया हेलमेट इंदौर पुलिस हेलमेट के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए रोजाना अलग-अलग तरह के अभियान चला रही है. इसी कड़ी में इंदौर की ट्रैफिक पुलिस ने तकरीबन 6 से 7 फीट ऊंचा एक हेलमेट बनाया है. इस हेलमेट की खासियत यह है कि इसे वेस्ट मटेरियल के माध्यम से तैयार किया गया है. इसे बनाने के लिए वेस्ट मटेरियल में मुख्य रूप से कार और बाइक में से निकले हुए विभिन्न तरह के उपकरणों का प्रयोग किया गया है. इसे बनाने में तीन से चार लोगों की टीम के द्वारा दो से तीन सप्ताह में बनाया गया है. चौराहों पर लगाया जाएगा हेलमेट इसे पूरी तरीके से हेलमेट की तरह बनाया गया है, फिलहाल इस वेस्ट मटेरियल से तैयार हेलमेट को इंदौर के पलासिया चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए रखा गया है. आने वाले दिनों में इसे अन्य चौराहों पर भी लगाया जाएगा. वाहन चालकों को इसके माध्यम से भी हेलमेट लगाने के प्रति जागरूक किया जाएगा. इंदौर ट्रैफिक पुलिस का अनूठा प्रयास इंदौर में पुलिस हेलमेट के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए रोज चालानी कार्रवाई करने के साथ ही उन्हें जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है. इसी कड़ी में इंदौर की ट्रैफिक पुलिस के द्वारा इस तरह का अनूठा प्रयास किया है. इंदौर की ट्रैफिक पुलिस के इस तरह के प्रयास करने से अब वाहन चालक हेलमेट के प्रति कितने जागरूक होते हैं यह देखने लायक रहेगा.

पसीना ही बताएगा रोग! IIIT DM छात्र की नई खोज ने मेडिकल दुनिया में लगाई क्रांति

जबलपुर  आजकल यूथ एक से बढ़कर एक एक्सपेरीमेंट कर रही है, जो सफल भी हो रही है. खास बात यह है कि उनका यह इनोवेशन आम लोगों के लिए भी होता है. जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में काम कर सकता है. कुछ इसी तरह का कमाल जबलपुर ट्रिपल आईटी डीएम (IIITDM) कॉलेज के एक छात्र ने कर दिखाया है. छात्र ने आम एलाइनमेंट स्वेट बैंड बनाया है. यह डिवाइस पसीने में होने वाले परिवर्तन से शरीर में होने वाली बीमारी की जानकारी दे देगा. छात्र की इस खोज को पेटेंट भी मिल गया है. पसीने से बीमारी पता लगाने वाली डिवाइस का आया ख्याल जबलपुर में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफर्मेशन टेक्नोलॉजी डिजाइन इन मैन्युफैक्चरिंग (IIITDM) जबलपुर केंद्र सरकार के इस कॉलेज में इंजीनियरिंग के 2700 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं. इसी संस्थान के एक छात्र मयूर पाटील ने एक आइडिया तैयार किया. जिसमें मयूर ने देखा कि अभी तक मानव शरीर में बीमारियों की जांच के लिए खून का इस्तेमाल किया जाता है. मयूर ने मेडिकल की कुछ पुस्तक पढ़ी थी. जिसमें उसने पाया था कि बीमारी के दौरान जिस तरह खून में परिवर्तन होता है. उसी तरह का परिवर्तन पसीने में भी आता है और पसीने के माध्यम से भी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है. इसके बाद मयूर पाटील ने जानकारी ली कि क्या अभी कोई ऐसी डिवाइस है, जिसे पसीने के जरिए शरीर में होने वाले परिवर्तन का पता लगाया जा सके. मयूर का आइडिया आया पसंद मयूर पाटील ने यह बात कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अविनाश रविराजन से चर्चा की. मयूर पाटील ने एक सिनॉप्सिस जमा की. जिसमें उन्होंने एक स्वेट बैंड के बारे में जानकारी दी. वह एक इस तरह का स्वेट बैंड बनाना चाहते हैं. जिसे शरीर पर लगाने के बाद वह पसीने के आधार पर एक डेटाबेस तैयार करेगा. उसके बाद यदि पसीने में कोई परिवर्तन होता है, तो उसकी जानकारी मिलेगी और शरीर में होने वाले हार्मोनल चेंज भी इसके जरिए देखे जा सकेंगे. मयूर पाटील का आइडिया डॉक्टर अविनाश रवि राजन को पसंद आया. उन्होंने एक टीम के जरिए तैयारी शुरू की. मयूर पाटील ने बताया कि "हमने लंबी तैयारी के बाद एक घड़ीनुमा बेल्ट और कई सेंसर लगाए, जिनमें नैनो तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इन्हें शरीर के उसे हिस्से पर लगाया गया. जहां का पसीना हमें टेस्ट करना है. लंबी मेहनत के बाद स्वेट बैंड तैयार हो गया." R एलाइनमेंट बैंड डॉ अविनाशा रवि राजन ने बताया कि "हमने इस बैंड का नाम आर एलाइनमेंट बैंड रखा है. इसमें 3 लेयर तैयार की गई है, इसमें लगे कैपेसिटर पसीने से चार्ज होते हैं. फिर उससे मिले डाटा को मैग्नीफाइंग डिवाइस में डालकर पहले से प्रूवन डाटा से मैच किया जाता है. इसमें पसीने की पीएच वैल्यू भी देखी जाती है. हमने इसे आर्म के लिए तैयार किया था, लेकिन इस शरीर के किसी भी दूसरी ग्रंथि के लिए तैयार किया जा सकता है, क्योंकि हर ग्रंथि से अलग किस्म का पसीना निकलता है. बिना नुकसान पहुंचाए, शरीर की परेशानी बताएगा बैंड उन्होंने बताया कि यह एक किस्म का प्रेडिक्शन मॉडल है, लेकिन इसमें शरीर को बिना हानि पहुंचाए इस्तेमाल किया जा सकता है. यदि इससे निकलने वाली किसी जानकारी से शरीर के किसी परिवर्तन का पता लगता है, तो उसकी जांच आगे की जा सकती है. सामान्य लोगों के साथ ही यह एथलीट के लिए बहुत काम का है. मयूर पाटील का कहना है कि बैंड बनाने के बाद हमने इसका मेडिकल टेस्ट भी शुरू किया. जबलपुर के कई जाने-माने डॉक्टर के साथ इसका टेस्ट किया गया. उन सभी ने हमें जो रिपोर्ट दी, उसने हमारा हौसला बढ़ाया. बैंड का मिला पेटेंट डॉ अविनाश रवि राजन ने बताया कि "बैंड तैयार होने के बाद इसे पेटेंट के लिए भेजा गया. बहुत जल्दी ही हमारी इस खोज को पेटेंट भी मिल गया." मयूर पाटील ने बताया कि "इस आर्म एलाइनमेंट बैंड की वजह से उन्हें बहुत इज्जत मिली. देश के कई जाने-माने प्रोफेसर ने उनकी खोज की सराहना की. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज बेंगलुरु से इस खोज को सेकंड प्राइज मिला है. इसके साथ ही डीआरडीओ के डायरेक्टर ने भी इस खोज की सराहना की है. फिलहाल यह बैंड लगभग ₹30000 की लागत में तैयार हुआ था, लेकिन अब भी इसकी लागत कम करने वाले हैं, हालांकि अभी उनकी पढ़ाई चल रही है, लेकिन उनकी कोशिश इसे एक स्टार्टअप बनाने की है. यह बैंड स्वस्थ आदमी को पहले ही अलर्ट कर देगा कि उसके शरीर में कोई तकलीफ आने वाली है."

टूरिज्म को बढ़ावा: एमपी में तैयार हो रही टेंट सिटी, कच्छ स्टाइल का अनुभव

उज्जैन  गुजरात के कच्छ में रण उत्सव चल रहा है। इसमें दुनिया भर के लाखों लोग शामिल हो रहे हैं, जिन्हें टेंट सिटी मॉडल खूब लुभा रहा है। वहीं टेंट सिटी मॉडल को मप्र सरकार भी उज्जैन सिंहस्थ और राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए अपनाएगी। ताकि इन स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ठहरने की सुविधा और स्थानीय लोगों, कलाकारों, युवाओं, समुदायों के लोगों को स्वरोजगार तथा रोजगार से जोड़ा जा सके। सीेम मोहन यादव ने दी सहमति मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर सहमति दे दी है। वे सोमवार को रण उत्सव में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने बाहर से आने वाले लोगों की सुविधाओं के लिए की गई व्यवस्थाओं को देखा, इसके बाद राज्य के अधिकारियों से चर्चा की। गैस पीड़ितों की याद में बनाएंगे स्मारक गुजरात के भुज में भूकंप ने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया। वहां के पीड़ितों की स्मृतियों को सहेजने व मानवीय संवेदना को सहेजने के लिए स्मृति वन बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठीक उसी तरह भोपाल में भी गैस पीड़ितों की स्मृति में एक समर्पित संग्रहालय विकसित करेंगे।