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स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति: 184 करोड़ से अस्पतालों का अपग्रेड, सुविधा अब पास-पड़ोस में

ग्वालियर स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 184 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भोपाल भेज दिया है। यह प्रस्ताव वर्ष 2026-27 के एन्युअल प्लान के अंतर्गत तैयार किया गया है, जिसके लागू होने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर के शहरों दिल्ली-मुबंई की यात्रा काफी हद तक कम हो जाएगी। डिजिटल क्रांति से बढ़ेगी पारदर्शिता और दक्षता प्रस्ताव में डिजिटल गवर्नेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिला अस्पताल सहित प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक कंम्प्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। मरीजों का पंजीकरण, इलाज का रिकॉर्ड, रिपोर्टिंग और रेफरल सिस्टम पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। इससे समय की बचत के साथ पारदर्शिता बढ़ेगी।   डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को तकनीक- आधारित प्रशिक्षण भी मिलेगा। सीएमएचओ कार्यालय में 20 कंम्प्यूटरों वाली विशेष कंम्प्यूटर लैब बनाई जाएगी, जहां स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा एंट्री होगी। जननी सुरक्षा योजना और प्रसूता सहायता जैसी योजनाओं के भुगतान में गति और पारदर्शिता आएगी। बुनियादी ढांचे का मजबूत उन्नयन प्रस्ताव में अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, वार्डों का विस्तार, साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार और मरीजों की अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। डॉ. सचिन श्रीवास्तव, सीएमएचओ, ग्वालियर ने बताया कि यह प्रस्ताव स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए तैयार किया गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा, जिससे जिले की स्वास्थ्य तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।   नए एनआरसी केंद्र स्थापित होंगे जिले में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए विशेष फोकस किया गया है। भितरवार और बरई में दो नए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है। इन केंद्रों में कुपोषित बच्चों को विशेषज्ञ देखरेख, पोषण आहार और उचित इलाज मिलेगा। यह पहल ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों के लिए विशेष रूप से लाभदायक साबित होगी।

शिक्षा विभाग की सख्ती: 70% कॉलेजों में CCTV नहीं, परीक्षा अब होगी कैमरे की निगरानी में

भोपाल मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के सरकारी और निजी कॉलेजों में होने वाली बी.कॉम, बी.एससी, एम.कॉम और एम.एससी की परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे नकल और अनियमितताओं पर रोक लग सके। विभाग के इस फैसले ने कॉलेज प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी है, क्योंकि प्रदेश के 70 फीसद कॉलेजों में सीसीटीवी लगे ही नहीं है, जबकि फरवरी से परीक्षाएं शुरू होनी है। ऐसे में सीसीटीवी में परीक्षाएं कराने की संभावना कम ही है। बीयू ने भी संबंध कॉलेजों में सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कहीं भी व्यवस्था नहीं है।   राजधानी के कॉलेजों का हाल राजधानी में 13 पारंपरिक सरकारी कॉलेज है। इसके अलावा 50 से अधिक निजी कॉलेज भी हैं। इनमें से कई सरकारी कॉलेजों में सीमित संख्या में कैमरे लगे हैं, जो केवल मुख्य प्रवेश द्वार या कार्यालय तक ही सीमित है। वहीं, निजी प्राइवेट कॉलेजों में सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं है। बता दें कि उच्च शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 1300 से अधिक सरकारी एवं निजी कॉलेज में 14 लाख से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थी पढ़ते हैं। कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि जल्द ही सीसीटीवी की व्यवस्था की जाएगी। सीसीटीवी की करनी होगी व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी से परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी होगी और विद्यार्थियों में अनुशासन बढ़ेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कालेजों को जल्द कैमरे लगाने के निर्देश निर्देश दिए गए है और इसकी निगरानी भी की जाएगी।

राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य: घड़ियालों की सुरक्षा में जुटी मध्य प्रदेश सरकार

भोपाल राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियालों के घोंसलों की सुरक्षा और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार चंबल नदी का विशेष सर्वेक्षण शुरू करने जा रही है। चंबल नदी में 2,462 घड़ियाल हैं और कई दुर्लभ प्रजातियों के कछुए भी पाए जाते हैं। घड़ियालों के घोंसलों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग फरवरी से चंबल नदी में सर्वे शुरु कराएगा। नदी की बाढ़ के कारण केवल तीन प्रतिशत बच्चे जीवित बच पाते हैं, जिसे देखते हुए यह सर्वे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।   घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं बता दें कि घड़ियाल भी अंडे देने के लिए घोंसला बनाते हैं। इसके लिए वह नदी के किनारे रेत में गहरा गड्डा खोदते हैं। खनन और अन्य मानवीय गतिविधियों से घड़ियालों के घोंसलों को हमेशा खतरा बना रहता है। नदी में बाढ़ आने पर भी घोंसले नष्ट हो जाते हैं। इनकी रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए वन विभाग सर्वेक्षण का कार्य करेगा। चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य हो रहा है इसमें घड़ियालों की नए सिरे से गणना के साथ उनके घोंसलों को चिह्नित कर उनकी रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य हो रहा है। चंबल नदी में डॉल्फिन भी हैं। इनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत चंबल में व्यापक शोध और निगरानी कार्य जारी है। त्रिराज्यीय निगम बनाने का भी प्रयास त्रिराज्यीय निगम बनाने का भी प्रयास है ताकि पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर घड़ियालों का संरक्षण किया जा सके। घड़ियालों की नेस्टिंग साइट को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। चंबल नदी के तटीय इलाकों में सर्वेक्षण कर घड़ियालों के घोंसलों को चिह्नित किया जाएगा, ताकि उन्हें संरक्षित किया जा सके।   चंबल नदी दुनिया के 80 % से अधिक घड़ियालों का घर घड़ियालों के बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिवर्ष लगभग 200 अंडे एकत्र कर देवरी पुनर्वास केंद्र में लाए जाते हैं, जहां उन्हें तीन साल तक सुरक्षित पालने के बाद नदी में छोड़ दिया जाता है। चंबल नदी दुनिया के 80 प्रतिशत से अधिक वयस्क घड़ियालों का घर है। सरकार ने घड़ियालों की घटती संख्या को देखते हुए 10 नए घड़ियाल भी हाल ही में छोड़े हैं और नई घड़ियाल संरक्षण परियोजना शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

अब ऑफिस के चक्कर खत्म: पुलिसकर्मी बटन दबाकर कर सकेंगे छुट्टी

भोपाल प्रदेश के एक लाख से अधिक पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी खबर है। छुट्टी और डेपुटेशन आदि के लिए अब उन्हें आवेदन लेकर नहीं घूमना होगा, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम (एचआरएमआइएस) के माध्यम से वह कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसकी प्रगति देख सकेंगे। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने एचआरएमआइएस बनाया है, जिसके पहले चरण का काम इस माह पूरा हो जाएगा। इसमें उनकी सेवा पुस्तिका भी स्कैन करके ऑनलाइन की जा रही है। इसके कई मॉड्यूल हैं। इसमें पुलिसकर्मियों को कई सुविधाएं हो जाएंगी। जैसे वे अपनी सालाना गोपनीय रिपोर्ट ऑनलाइन देख सकेंगे। बता दें कि इसके पहले पुलिस में वर्ष 2015 से पर्सनल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) चलता था, लेकिन इसे अपडेट नहीं किया गया। नई आवश्यकताओं की दृष्टि से तकनीकी तौर पर बहुत अच्छा साबित नहीं हो रहा था, जिससे बंद कर दिया गया।   पीआईएस की कमियों को किया गया दूर इस कारण उसकी जगह एचआरएमआईएस लाया गया है। पीआईएस में जो कमियां थीं, उन्हें इसमें दूर किया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक एक लाख से अधिक पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। लगभग दो लाख का शेष है। सर्विस रिकॉर्ड में वह अपने पुरस्कार, सजा, ली गईं और बकाया छुट्टियों का विवरण ऑनलाइन देख सकेंगे। बता दें स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सहित कई विभागों में पहले से ही एचआरएमआईएस लागू है। कर्मचारियों की उपस्थिति को भी इससे जोड़ा गया है। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों में लगभग 70 हजार मैदानी पदस्थापना वाले हैं। उनके लिए एचआरएमआईएस से बड़ी सुविधा हो जाएगी।

औद्योगिक क्षेत्र बगरोदा भोपाल के लिये एमपी ट्रांसको ने उर्जीकृत किया अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि भोपाल के औद्योगिक इकाइयों को विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 के.व्ही. सबस्टेशन बगरोदा भोपाल में एक अतिरिक्त 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उर्जीकृत किया है। इससे जहाँ अब बगरोदा (भोपाल) क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के लिये एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था हो गई है, वही अब दो ट्रांसफार्मर होने से मेनटेनेन्स के लिये शटडाउन लेने आदि की समस्या से भी निजात मिली है। इन क्षेत्रों को भी होगा फायदा एम पी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  प्रदीप राघव ने बताया कि बगरोदा में दूसरे पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना से औद्योगिक केंद्र विकास निगम रामाखेड़ी, उमरावगंज, सोलर इनर्जी, दुर्गास्टील 33 के.व्ही. फीडरो से जुड़े उपभोक्ताओं को लाभ होगा। अब उन्हें बेहतर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो जाऐगी। इस क्षमता वृद्धि से बगरोदा सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 90 एम.व्ही.ए. की हो गई है। भोपाल की ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी में वृद्धि  राघव ने जानकारी दी कि भोपाल जिले में एमपी ट्रांसको अपने कुल 18 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है, इसमें 400 के.व्ही. का एक, 220 के.व्ही के 4, 132 के.व्ही. के 13 सबस्टेशन शामिल हैं। इनकी कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर अब 4603 एम.व्ही.ए. की हो गई है।  

केंद्रीय बजट में महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए समावेशी दृष्टिकोण : सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। बजट में महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देना सरकार की संवेदनशील एवं दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी, पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाल संरक्षण से जुड़ी पहलों को मजबूती मिलने से जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इससे न केवल महिलाओं की सामाजिक–आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत होगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट ‘सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करेगा, साथ ही राज्यों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में प्रभावी क्रियान्वयन का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार केंद्रीय बजट के प्रावधानों को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।  

विकास और जनकल्याण को समर्पित बजट : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा है कि यह बजट विकास और जनकल्याण को समर्पित है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का यह बजट देश के समग्र विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण, कृषि एवं जल संसाधन प्रबंधन और आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में सकारात्मक पहल है। बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से राज्यों को लाभ पहुँचाने का स्पष्ट दृष्टिकोण दिखाई देता है, जिससे मध्यप्रदेश को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के विकास में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री  सिलावट ने कहा कि जल संरक्षण, सिंचाई, कृषि, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर केंद्र सरकार का विशेष फोकस प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इससे जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को नई गति प्राप्त होगी। मंत्री  सिलावट ने प्रधानमंत्री  मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सशक्त करता है।  सिलावट ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वय से केंद्रीय बजट के प्रावधानों का मध्यप्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।  

खेलकूद शारीरिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक ऊर्जा को देते हैं बढ़ावा : प्रधान मुख्य वन संरक्षक अम्बाडे

आईएफएस मीट–2026 के अंतर्गत खेलकूद प्रतियोगिताएँ हुईं उत्साहपूर्वक भोपाल आईएफएस मीट–2026 में शनिवार 31 जनवरी 2026 को एक दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन सफलतापूर्वक हुआ। खेल प्रतियोगिताएँ अत्यंत उत्साहपूर्ण, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुईं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाडे ने कहा कि खेलकूद आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आपसी सौहार्द, सहयोग और संगठनात्मक एकता को भी सुदृढ़ करते हैं। श्री अम्बाडे ने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन एवं निष्पक्षता की शपथ दिलाई। खेलकूद कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती डॉ. कल्पना अम्बाडे द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शपथ के दौरान प्रतिभागियों ने पूर्ण ईमानदारी, अनुशासन एवं खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने, सभी नियमों का पालन करने, निर्णायकों एवं आयोजकों का सम्मान करने तथा जीत–हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए आपसी सौहार्द, एकता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने का संकल्प लिया। खेल प्रतियोगिता में वॉलीबॉल, क्रिकेट, रस्साकशी, पतंगबाजी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें लेमन रेस, बोरा रेस, फ्रॉग रेस, म्यूजिकल चेयर, ट्रेजर हंट आदि शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों एवं उनके परिजन ने अत्यंत उत्साह एवं खेल भावना के साथ सहभागिता की। प्रतिभागियों के जोश और पारिवारिक सहभागिता ने पूरे आयोजन को जीवंत एवं स्मरणीय बना दिया। खेलकूद प्रतियोगिता में आईएफएस अधिकारी एवं उनके परिजन शामिल हुए  

जनता के हित का बजट, छात्राओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और शहरों के विकास का बजट : खाद्य मंत्री राजपूत

खाद्य मंत्री ने कहा, केंद्रीय बजट में एमपी को बड़ी राहत, बेटियों से लेकर शहरों तक विकास की सौगात भोपाल केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने जनता को समर्पित, विकासोन्मुख और समावेशी बजट बताया है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि बजट में मध्यप्रदेश को मिली सौगातें राज्य के शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी विकास और रोजगार के नए द्वार खोलेंगी। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल निर्माण की घोषणा से विशेषकर जनजातीय और ग्रामीण अंचलों की छात्राओं को सुरक्षित आवास मिलेगा, जिससे वे बिना किसी बाधा के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। यह निर्णय बेटियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास हेतु किए गए बड़े आवंटन से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर जैसे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं, रोजगार और व्यापार के अवसर मिलेंगे।  राजपूत ने एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में स्कूलों एवं कॉलेजों में लैब स्थापना के निर्णय को युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह बजट नई पीढ़ी को तकनीक और नवाचार से जोड़ने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग, सभी को राहत देने वाला है और “विकसित भारत” के संकल्प को और मजबूत करता है।  

आर्थिक प्रगति को बढ़ाने, जन सामान्य की उम्मीदों को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास की भावना के अनुरूप है बजट

विकास को मिलेगी और अधिक गति गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलओं पर विशेष फोकस शहरी विकास, तीर्थ स्थल सुधार, महिला छात्रावास निर्माण, अस्पतालों के अपग्रेडेशन और टेक्सटाईल्स क्षेत्र की सौगातों से प्रदेश को मिलेगा विशेष लाभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कदम है। बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। यह बजट विकास को और अधिक गति देगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक अर्थव्यवस्था में उच्च स्थान दिलवाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आर्थिक प्रगति को बढ़ाना, जन सामान्य की उम्मीदों को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास बजट की मुख्य विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेली कॉलेज इंदौर में केंद्रीय बजट पर विषय-विशेषज्ञों से संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के बाद केन्द्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट की सभी क्षेत्रों में सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टैक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है। इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। केंद्र सरकार की वस्त्र उद्योग सेक्टर की दूरगामी नीतियों से संपूर्ण राष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश को भी विशेष लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में इनकम टैक्स में छोटे करदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान करने की व्यवस्था है। राजकोषीय घाटे का 4.3% का लक्ष्य रखा गया है। राज्यों के लिए एक लाख 40 हजार करोड़ रुपए का अनुदान रखा गया है, जिससे मध्यप्रदेश को भी लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत को बायोफार्मा हब बनाया जाएगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाएँ भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में विनिर्माण क्षेत्रों का रणनीतिक विकास करने को प्राथमिकता दी गई है, इससे भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और ए.आई. के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त गाइड उपलब्ध कराने की व्यवस्था से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। पुरातत्व की दृष्टि से संरक्षित स्थलों को खोलने के निर्णय से देश-विदेश के लोग हमारी समृद्ध प्राचीन विरासत से परिचित और प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों को टैक्स में दी गई राहत से वैश्विक स्तर पर पर्यटन के क्षेत्र में भारत का महत्व बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोदी सरकार 3.0 का तीसरा बजट सबका साथ- सबका विकास की भावना के अनुरूप है।