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कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने की दिशा में आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 अहम कदम साबित होगा : मंत्री टेटवाल

आईटीआई संबद्धता मानदंड-2025 पर हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला नई दिल्ली, म.प्र. और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि हुए शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उसे सीधे रोजगार और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना रोजगारोन्मुख कौशल विकास संभव नहीं है। नवीन आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इसी दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है, जो प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और उद्योग-उपयोगी बनाएगा। यह बात राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने ग्लोबल स्किल पार्क में आईटीआई संबद्धता-2025 पर आयोजित कार्यशाला में कही। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए संबद्धता मानदंडों से प्रशिक्षण प्रणाली में एकरूपता आएगी और संस्थानों के संचालन में स्पष्टता सुनिश्चित होगी। इससे न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कौशल प्रशिक्षण केवल संख्या तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी गुणवत्ता और उद्योग से प्रासंगिकता भी सुदृढ़ हो। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने राज्य संचालनालयों, शासकीय एवं निजी आईटीआई प्रबंधन तथा उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इन संबद्धता मानदंडों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनाएं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर यह राज्य-स्तरीय कार्यशाला मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोज़गार निर्माण बोर्ड द्वारा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को नवीन संबद्धता मानदंडों की स्पष्ट, व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यशाला में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि संशोधित मानदंडों के माध्यम से आईटीआई संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। नए आईटीआई की स्थापना, ट्रेड एवं यूनिट की स्वीकृति, नवीनीकरण, निरीक्षण व्यवस्था और मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं स्पष्ट किया गया है, जिससे संस्थानों को अनावश्यक प्रक्रियागत जटिलताओं से राहत मिलेगी। कार्यशाला में प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कौशल विकास को वास्तविक रोजगार से जोड़े जाने पर सार्थक संवाद हुआ। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इस समन्वय को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनेंगे। कार्यशाला में केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (डीजीटी) नई दिल्ली, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, शासकीय एवं निजी आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत से जुड़े हितधारकों की सहभागिता रही। महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), नई दिल्ली के प्रतिनिधियों द्वारा संबद्धता मानदंडों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें प्रक्रियाओं और प्रावधानों की चरणबद्ध रूप से जानकारी दी गई।  

यूपीआई टेक्स में मध्यप्रदेश के 12 उद्यमों ने की सहभागिता

भोपाल उ.प्र. की राजधानी लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो यूपीआई टेक्स में एमएसएमई विभाग के सहयोग से मध्यप्रदेश की 12 चयनित एमएसएमई इकाइयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन इकाइयों द्वारा फैब्रिक्स, पर्ल (मोती) निर्माण, पैकेजिंग, बांस आधारित उत्पाद तथा मसाला उद्योग सहित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। मध्यप्रदेश के इन मंडपों की आगंतुकों एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों द्वारा सराहना की गयी। सहभागी 12 एमएसएमई इकाइयों में से 2 महिला उद्यमियों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जो महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा एक्सपो में भाग लेने वाली सभी इकाइयों के लिए स्टॉल स्थापना सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं। इस प्रकार की प्रदर्शनियों में सहभागिता से प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को नए बाजार, व्यापारिक संपर्क तथा निर्यात के अवसर प्राप्त होते हैं। मध्यप्रदेश एमएसएमई विभाग भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।  

दो दिवसीय सुरक्षित वाहन चालन कोर्स संपन्न

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से पीटीआरआई में हुआ आयोजन भोपाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री मो. हम्मीद शाहिद अबसार के निर्देशन पर पुलिस परिवहन शोध संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा मध्यप्रदेश में सड़क पर होने वाली वाहन दुर्घटनाओं एवं दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के उद्देश्य से निरीक्षक (चालक) से आरक्षक (चालक) स्तर के अधिकारी/ कर्मचारियों को सुरक्षित वाहन चालन कोर्स के माध्यम से दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना, जिसमें पदयात्रियों तथा सायकिल, वाहन चालकों को प्राथमिकता दी गयी हो और भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या एवं सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के लक्ष्य को प्राप्त करना है । सड़क सुरक्षा को मूलभूत यातायात सेवा में अविभाज्य अंग के रूप में मान्यता देना है। प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ पर उप पुलिस महानिरीक्षक पीटीआरआई श्री टी.के. विद्यार्थी द्वारा 4-ई” के प्रमुख सूत्रों जैसे एजुकेशन, इंजीनियरिंग, इनफोर्समेंट एवं एमरजेंसी केयर की तथा सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता को प्रशिक्षणार्थियों के सम्मुख रखा। उनके द्वारा आरक्षक चालक को सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से विभाग की बैकबोन के रूप में उनकी जिम्मेदारी से अवगत कराया गया। इस दौरान पीटीआरआई के सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिजीत कुमार रंजन, श्री राजेश मिश्रा, श्री विक्रम रघुवंशी, उपुअ श्री हिमांशु कार्तिकेय तथा अन्य प्रशिक्षण टीम के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस सत्र में सुरक्षित वाहन चालन को दृष्टिगत रखते हुए कोर्स के प्रथम दिन वाहन से सम्बन्धी जानकारियों में एडवांस टेक्नोलॉजी एण्ड सिस्टम ऑफ व्हीकल के सम्बन्ध में विशेषज्ञ व्याख्याता पुलिस आईटीआई श्री लोकेश कुमार राठौर द्वारा जानकारी प्रदाय की गयी। उप-निरीक्षक, सेवानिवृत्त श्री राशीद खान आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा भी वाहन चालन सुरक्षा एवं उससे सम्बन्धी सावधानियों की बारीकियां बताई और व्याख्यान के दौरान प्रशिक्षणार्थियों द्वारा किये गए प्रश्नों का तथ्यात्मक उत्तर देकर संतुष्ट किया गया। प्रशिक्षण से सम्बन्धी मुख्य जानकारी विषयक व्ही.आई.पी. सिक्यूरिटी से सम्बन्धी संकेतकों के प्रयोगों एवं कारकेड के दौरान कर्तव्यों के वहन का व्याख्यान उपुअ. श्री हर्ष शर्मा द्वारा लिया गया। इसके बाद वाहन के दैनिक रखरखाव की जानकारी विशेषज्ञ श्री राजन बी. लक्ष्मण द्वारा दी गयी। कोर्स के समापन के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को उप पुलिस महानिरीक्षक पीटीआरआई श्री टी.के. विद्यार्थी द्वारा उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओं सहित प्रमाण- पत्र प्रदाय किया गया।  

मताधिकार पर हमला! भोपाल में फर्जी आवेदन से वोटरों को हटाने की कोशिश – कमलनाथ

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने चुनाव आयोग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि फर्जी आवेदनों के जरिए मतदाताओं के मताधिकार को छीनने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। राजधानी भोपाल में नाम कटवाने के लिए फर्जी आवेदनों का मामला सामने आने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर फर्जीवाडा रुकने का नाम नहीं ले रहा है।  मध्य प्रदेश में ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं जहां लोगों ने दूसरों के नाम से फॉर्म सात भरके मतदाता सूची में मौजूद नाम काटने के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि अकेले भोपाल में ही इस तरह के नौ हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। फॉर्म सात के जरिए इस तरह से नाम कटने के फर्जी आवेदन देश के मतदाता के अधिकार को छीनने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा की गई व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि जब चुनाव आयोग द्वारा तैनात बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता की जांच कर रहे हैं तो उन्हीं को सुनिश्चित करना चाहिए कि कौन वहां रह रहा है या नहीं। उन्होंने आगे कहा कि गैर सरकारी व्यक्तियों को किसी का भी नाम कटवाने का आवेदन देकर चुनाव आयोग ने वैध मतदाता के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। वोट चोरी के षड्यंत्र को हर हाल में खत्म करने की जरूरत है। दरअसल, राजधानी में लगभग नौ हजार ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें फर्जी आवेदनों के जरिए मतदाता के नाम काटने को कहा गया है। इसे प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है और पूरे मामले की जांच की बात कही है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर एक तरफ चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं, वहीं वोट चोरी को लेकर भाजपा को घेरने की कोशिश की है।

मंदसौर में आज सीएम मोहन यादव का विशेष कार्यक्रम, श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण

मंदसौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंदसौर में श्री पशुपनिनाथ लोक का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में दूसरी बार बदलाव किया गया है। इससे पहले 28 जनवरी को जारी हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मल्हारगढ़ के कार्यक्रम में ही शामिल होने वाले थे। बाद में कार्यक्रम में बदलाव हुआ। वे दोपहर 1:30 बजे मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में प्रदेश के 7 लाख किसानों के खाते में भावांतर राशि का सिंगल क्लिक से भुगतान करेंगे। साथ ही मल्हारगढ़ के बीच से निकल रहे महू-नीमच राजमार्ग पर फोरलेन फ्लाई ओवर का भूमिपूजन भी करेंगे। साथ ही पिपलियामंडी में अंडरपास, मल्हारगढ़ में रेलवे स्टेशन रोड पर पुलिया का भी भूमिपूजन करेंगे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी रहेंगे। दोपहर में मल्हारगढ़ पहुंचेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में मल्हारगढ़ पहुंचेंगे। इसके बाद वह पहेड़ा रोड पर शासकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां पर वह प्रदेश स्तरीय भावांतर भुगतान योजना के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे जिले को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री द्वारा मल्हारगढ़ से भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत प्रदेश के 7.10 लाख किसानों के खातों में कुल 1492 करोड़ रुपये उनके खातों में भेजेंगे। इसमें मंदसौर जिले के 27 हजार 500 किसान भी शामिल होंगे। इन किसानों ने कुल 47,283.03 टन सोयाबीन का विक्रय किया है इसके बदले में किसानों के खातों में 43 करोड़ रुपये भावांतर राशि भेजी जाएगी।

शिक्षा में तकनीकी क्रांति: CM मोहन ने घोषणा की 200 नए सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत, AI-Coding पर फोकस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएमश्री विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ एवं सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता कोकिला सेन, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास, किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया। कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था।  कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, 'हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ' नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया।  हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं।  विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ 'सहकार' भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है।  कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही। 

डांसिंग कॉप रंजीत सिंह को सजा, इंदौर पुलिस ने किया डिमोशन, विवादित चैट मामले में कार्रवाई

इंदौर  डांसिंग कॉप के नाम से प्रसिद्ध ट्रैफिक पुलिस आरक्षक रंजीत सिंह को वापस से आरक्षक बना दिया गया है. पिछले दिनों उनके काम को देखते हुए उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पदस्थ किया गया था, लेकिन लखनऊ की एक महिला द्वारा जिस तरह से उन पर गंभीर आरोप लगाए गए, उसको देखते हुए उनको वापस से आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों ने पदस्थ कर दिया है. जो की एक बड़ी सजा मानी जा रही है. डांसिंग कॉप पर महिला ने लगाए आरोप इंदौर के हाईकोर्ट चौराहे पर अपने अनोखे डांस स्टेप के जरिए ट्रैफिक को कंट्रोल करने को लेकर सुर्खियों में आए थे. उनका ट्रैफिक को कंट्रोल करने और नियमों का पालन करने का तरीका सभी को पसंद आया था. इसे देखते हुए इंदौर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ किया था, लेकिन इसी बीच डांसिंग कॉप रंजीत को लेकर लखनऊ की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए. इंदौर पुलिस लाइन में थे पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 146 रंजीत सिंह वर्तमान में रक्षित केंद्र इंदौर में पदस्थ थे। विभागीय अनुशासनात्मक प्रक्रिया के आधार पर उनका प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार वापस लेते हुए उन्हें मूल पद पर भेज दिया गया है। इस संबंध में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के कार्यालय से मीडिया को जानकारी उपलब्ध कराई गई है। मुंबई की युवती ने लगाए थे आरोप गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राधिका सिंह नाम की एक युवती ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। युवती का कहना था कि रंजीत ने उसे दोस्ती का ऑफर दिया इंदौर बुलाने की बात कही और फ्लाइट टिकट व होटल बुक कराने की बात कही थी । राधिका ने वीडियो में कहा कि इस तरह का व्यवहार उसे पसंद नहीं आया इसलिए उसने सोशल मीडिया पर वीडिया डालकर आपत्ति जताई थी। मिलने के लिए बुलाया था इंदौर वीडियो सामने आने के बाद ट्रैफिक हवलदार रंजीत सिंह ने अपनी सफाई में कहा था कि लगभग डेढ़ साल पहले एक युवती ने खुद को उनका फैन बताते हुए उनसे लाइव ड्यूटी देखने की इच्छा जताई थी। उस दौरान उन्होंने मजाक में कहा था कि अगर वह इंदौर आती हैं तो वे फ्लाइट और होटल की व्यवस्था कर देंगे ताकि वह उन्हें लाइव ड्यूटी करते देख सकें। महिला ने लगाए थे कई आरोप रंजीत सिंह की सफाई के बाद राधिका सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक अन्य वीडियो शेयर की। इसमें रंजीत सिंह के बारे में उल्टी सीधी बातें की थी। महिला डांसिंग कॉप के बारे में कहती है कि भाई तू कॉन्स्टेबल है, तेरे को कौन देखना चाहेगा, शक्ल देखी है अपनी…तुमसे एक बात समझ में आ गई है कि मर्द समाज में डर का माहौल है। लोगों को बुरा लग रहा है। वही लोग तुम्हें डिफेंड कर रहे हैं। राधिका सिंह ने कहा कि कुछ लोगों को मेरे सिगरेट पीने और मेरे छोटे कपड़े पर सवाल उठा रहे हैं। क्या सिगरेट पीने से मेरा चरित्र खराब हो जाएगा। कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद से हटे डांसिंग कॉप मामला बढ़ता देख रंजीत सिंह के खिलाफ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एक विभागीय जांच बैठाई. जहां विभागीय जांच में कई तरह की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची. इन सब चीजों को देखते हुए वापस से रंजीत सिंह को आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया. जिसे एक तरह से अधिकारियों द्वारा दी उन्हें सजा माना जा रहा है. मामले में एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह का कहना है कि "पिछले कुछ दिनों से लगातार उनके काम की मॉनिटरिंग की जा रही थी. जिस तरह से उनके काम को देखते हुए कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनाया गया था, लेकिन कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनने के बाद वह उस स्तर पर पुलिस का काम नहीं कर रहे थे. जिसके चलते उन्हें वापस से आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है." बताया जा रहा है कि इंदौर पुलिस द्वारा लगातार ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है, जो अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं. पूर्व में भी ऐसी कई सजा अन्य पुलिसकर्मियों को भी मिल चुकी है.

बच्चों की समस्याओं का हल करने वाला छात्र, CM ने साझा किए यादगार किस्से, स्कूल में पसंद थी बायोलॉजी

भोपाल  हमेशा अनुशासन में रहने वाला कक्षा 9 का छात्र हमारे पास अक्सर अन्य बच्चों की समस्याएं लेकर आता था। उसके दोस्तों को भी यदि शिक्षकों तक कोई बात पहुंचानी होती थी, तो वे उसी को आगे करते थे। आज वही छात्र मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने स्कूल के दिनों से ही डॉ. मोहन यादव में नेतृत्व क्षमता देखी थी। न तो वे बदमाशी करते थे और न ही शिक्षकों से बचते थे। पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय रहते थे और शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव रखते थे। इन्हीं गुणों ने उन्हें आगे चलकर राज्य की सबसे बड़ी कुर्सी तक पहुंचाया।’ बुधवार को राजधानी भोपाल में प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी शिक्षिका कोकिला सेन का सम्मान किया। सम्मान समारोह के बाद उनकी शिक्षिका कोकिला सेन ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। स्कूल में ही दिखने लगी थी नेतृत्व क्षमता उज्जैन की शासकीय जीवाजीगंज स्कूल में 1979 से 1981 तक शिक्षिका कोकिला सेन ने फिजिक्स पढ़ाया। वह बताती हैं कि कक्षा 9 से 12 तक मोहन यादव पढ़ाई में गंभीर और व्यवहार में जिम्मेदार छात्र रहे। यदि किसी दोस्त को टीचर तक कोई बात पहुंचानी होती, तो बाकी बच्चे उसी को आगे करते थे। शांत, विनम्र और अनुशासित बदलने की जरूरत ही नहीं पड़ी कोकिला सेन बताती हैं कि मोहन यादव कभी शोरगुल या शरारत नहीं करते थे। क्लास में समय पर बैठना, ध्यानपूर्वक सुनना और टीचर्स का सम्मान करना उनकी आदतों में शामिल था। वे हंसते हुए कहती हैं कि ऐसे बच्चों को शिक्षक बदलते नहीं, बल्कि प्रोत्साहित करते हैं। स्पोर्ट्स और अन्य गतिविधियों में भी आगे शिक्षिका के अनुसार, डॉ. मोहन यादव केवल पढ़ाई में ही नहीं बल्कि खेल और अन्य गतिविधियों में भी हिस्सेदारी करते थे। वे मैदान में भी सक्रिय थे और लैब में भी। यह संतुलन बहुत कम बच्चों में देखने मिलता है। बायोलॉजी थी पसंदीदा विषय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फिजिक्स से ज्यादा रुचि बायोलॉजी में दिखाई। कोकिला सेन बताती हैं कि बायोलॉजी लैब फिजिक्स लैब के बगल में थी, जहां वे अक्सर जाकर मॉडल और प्रैक्टिकल देखते। “फिजिक्स और मैथ्स को बच्चे अकसर ‘डरावना’ विषय मानते हैं, लेकिन मोहन हर विषय को सीखने का प्रयास करते थे।” शिक्षिका ने कहा था- बहुत कुर्सियां इंतजार कर रही हैं कोकिला सेन ने एक रोचक किस्सा बताते हुए कहा कि जब वे शिक्षा मंत्री बने थे, एक कार्यक्रम में मेरी उनसे मुलाकात हुई। उन्होंने कहा मैं शिक्षा मंत्री हूंं। मैंने जवाब दिया कि अभी तो यह शुरुआत है, आगे बहुत कुर्सियां बेटा आपका इंतजार कर रही हैं। आज वह बात सच हो चुकी है। हम लोग बच्चों में जो गुण देखते हैं, वह जीवन भर उनके साथ रहता है। स्कूल के दिनों से लेकर आज तक, शिक्षकों के प्रति सम्मान उनकी आदत का हिस्सा रहा है। कोकिला सेन कहती हैं कि जब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी मुझसे मुलाकात हुई, तो उनका व्यवहार वही था जो स्कूल में था।

ओला और बारिश ने बढ़ाई ठंड, मध्य प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा, पचमढ़ी सबसे ठंडा

 भोपाल मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश का दौर थमने के बाद सर्दी का असर एक बार फिर तेज हो गया है। गुरुवार सुबह प्रदेश के बड़े हिस्से घने कोहरे की चपेट में रहे। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और इंदौर सहित 20 से अधिक जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया। कई स्थानों पर सुबह 9 से 10 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर और दतिया में सबसे घना कोहरा रिकॉर्ड किया गया, जहां दृश्यता बेहद कम रही। कोहरे के चलते हाईवे और शहरों की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। कई इलाकों में सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पंचमढ़ी सबसे ठंडा, तापमान 6.2 डिग्री दर्ज एमपी में कड़ाके की ठंड के बीच आज प्रदेश में पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. जहां तापमान 6.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. वहीं, मंदसौर में 7.3 डिग्री, धार/शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में राजगढ़ में 9.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इसके साथ ही नीमच के मरूखेड़ा में तापमान 9.9 डिग्री दर्ज हुआ है. सर्द हवाओं का बना रहेगा सितम, 31 से फिर गिरेगा मावठा मौसम विभाग के अनुसार इस समय वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में कम विजिबिलिटी बनी रहेगी. इसके साथ ही सर्द हवाओं का सितम भी जारी रहेगा. ऐसा प्रदेश के आस-पास सक्रिय चक्रवात के कारण हो रहा है. इतना ही नहीं अगले दो दिन बारिश और 31 जनवरी से प्रदेश में मावठा गिरने के साथ ही बारिश का भी अनुमान जताया जा रहा है. एमपी में अगले दिन दिन इन जिलों में अलर्ट 30 जनवरी को मौसम विभाग ने प्रदेश के उत्तरी इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है. फिलहाल बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। दिन और रात दोनों समय ठंड का असर थोड़ा बढ़ सकता है. 31 जनवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में कोहरे का असर रहने की संभावना है. 1 फरवरी को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, सागर, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर और रीवा सहित कई जिलों में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है. पचमढ़ी में सबसे कम तापमान रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा मंडला, उमरिया, शहडोल, रीवा और सागर जैसे इलाकों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण रात की ठंड बढ़ी है। जबलपुर समेत कई शहरों में देर से निकली धूप जबलपुर में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। करीब 10.30 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। कोहरे के कारण सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही प्रभावित रही। हालांकि धूप निकलते ही बाजार और दफ्तरों में सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू हो गईं। अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।     30 जनवरी: प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में सुबह के समय कोहरा छा सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन और रात दोनों समय ठंड का असर बढ़ सकता है।     31 जनवरी: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में कोहरा छाने की संभावना है।     1 फरवरी: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित मध्य और उत्तर मध्य प्रदेश के करीब 30 से अधिक जिलों में सुबह के समय कोहरा रह सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सुबह और रात के समय सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासकर हाईवे पर चलने वाले वाहनों को धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का उपयोग करने को कहा गया है। ठंड बढ़ने के कारण बुजुर्गों और बच्चों को भी विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।

Property Alert: भोपाल के रियल एस्टेट में उछाल, कुछ इलाकों में कीमतें 20% तक बढ़ीं

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रॉपर्टी रेट में एक बार फिर बढ़ोतरी करने की तैयारी है। इस बार शहर के साथ-साथ जिलेभर की प्रापर्टी 15 से 20 फीसदी तक महंगी करने की तैयारी की जा रही है। इसे लेकर जिलेभर में जिन स्थानों पर अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां हुईं हैं, वहां के रिकॉर्ड पंजीयन विभाग ने राजस्व विभाग से मांगा है। इन क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों और प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त के आधार पर प्रापर्टी के नए दाम निर्धारित किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि, उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक मंगलवार को तय थी, लेकिन किसी कारण से बैठक नहीं हो सकी। ऐसे में जल्द ही बैठक आयोजित कर गाइडलाइन के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इसे अंतिम रूप देने के बाद जिला मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। इस तरह जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नई कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर रजिस्ट्रेशन और राजस्व विभाग के अफसरों द्वारा सर्वे जारी है। पटवारियों से तैयार कर मांगा गया रिकॉर्ड भोपाल जिले की नगरीय और ग्रामीण सीमा में आने वाले क्षेत्रों में इन दिनों जमकर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की गई है। ऐसे में इन इलाकों का रिकॉर्ड पटवारियों से तैयार कर मांगा गया है, जिससे पता चल सके कि, यहां कितनी जगह तय दाम से अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां हुईं हैं। अधिक दाम पर होने वाली रजिस्ट्रियों को ही दाम में वृद्धि करने का आधार बनाया जाएगा। इसके लिए हुजूर, कोलार, बैरसिया तहसील के एसडीएम, तहसीलदार द्वारा पटवारियों से सर्वे करवाकर जानकारी जुटाई जा रही है। इन इलाकों में खूब बिक रही प्रापर्टी भोपाल के कटारा हिल्स, अवधपुरी, खजूरी कलां, 11 मील, सहारा एस्टेट, सलैया, मिसरोद, समरधा, कोलार, नर्मदापुरम रोड, रातीबड़, नीलबड़, मुगालिया छाप, ईंटखेड़ी छाप, फंदा, खजूरी सड़क, भैंसाखेड़ी, कोलूखेड़ी, परवलिया सड़क, चंदूखेड़ी, गांधीनगर, जेल रोड, अयोध्या बायपास, आनंद नगर, बिलखिरिया, रायसेन रोड, कान्हासैया, ओंकारा सेवनियां, सूखी सेवनियां, भोपाल बायपास, जगदीशपुर, ईंटखेड़ी, लांबाखेड़ा, करोंद, पलाशी, मुबारकपुर, डोबरा, परेवाखेड़ा, अचारपुरा, पुरामनभावन, देवलखेड़ी, गोलखेड़ी, श्यामपुर समेत नगरीय और ग्रामीण सीमा में प्रापर्टी खरीदी जा रही है। फरवरी में तय होंगी नई दरें मीडिया रिपोर्ट्स में पंजीयन विभाग के एक अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने का हवाला देकर बताया कि, कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर तैयारियां चल रही हैं, कुछ ही दिन में प्रस्ताव तैयार होगा, जिसे उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रखा जाएगा। जिन क्षेत्रों में तय दाम से अधिक दाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं, वहां पर 15 से 20 फीसदी तक प्रापर्टी रेट में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके लिए राजस्व विभाग से जानकारी मांगी गई है।