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दावोस में CM मोहन के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शुरू करेगा वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम-2026 में निवेश अभियान

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश एक बार फिर वैश्विक निवेश केंद्र वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को राज्य की विकास नीति का केंद्र बनाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते एक वर्ष में देश-विदेश में निरंतर निवेश संवाद किया है। अब जनवरी में दावोस दौरे के माध्यम से मध्यप्रदेश मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक उद्योग जगत से संवाद कर म.प्र. आमंत्रित किया जायेगा। इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की थीम “A Spirit of Dialogue” रखी गई है, जो सहयोग और साझेदारी पर आधारित विकास मॉडल को रेखांकित करती है। इसी भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश अपनी सहभागिता के साथ दावोस में निवेश-केंद्रित संवाद, नीति प्रस्तुतिकरण और रणनीतिक साझेदारियों पर फोकस करेगा। लगभग पांच वर्षों बाद राज्य सरकार की औपचारिक भागीदारी को वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की नई आर्थिक ऊर्जा और प्रशासनिक तत्परता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, त्वरित निर्णय प्रणाली और भूमि-आवंटन की सरल प्रक्रिया को दावोस में वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। राज्य का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी विकसित करना है। दावोस में मध्यप्रदेश की सहभागिता के दौरान एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, पर्यटन विभाग और नीति सलाहकार सक्रिय रूप से वन-टू-वन मीटिंग्स, सेक्टोरल राउंडटेबल्स और कॉर्पोरेट सत्रों में भाग लेंगे। वैश्विक सीईओ और अध्यक्षों के साथ बैठकों में औद्योगिक विस्तार, निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन पर चर्चा होगी। मीडिया इंटरैक्शन के माध्यम से मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्राथमिकताओं और निवेश-अनुकूल वातावरण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश विशेष रूप से कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, बायोटेक-फार्मा-हेल्थकेयर, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन उद्योग, टेक्सटाइल एवं गारमेंट, रियल एस्टेट, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, होल्डिंग कंपनियों, शिक्षा और खेल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश संवाद करेगा। “लोकल टू ग्लोबल” रणनीति के तहत मध्यप्रदेश अपने संसाधनों और कुशल मानव-शक्ति को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेगा। दावोस एजेंडे में ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में अडानी समूह के साथ मुरैना विद्युत वितरण से जुड़े एमओयू, अडानी डिफेंस के साथ रक्षा उत्पादन में सहयोग, स्विट्ज़रलैंड की शिवाग एजी को औद्योगिक भूमि आवंटन, डीपी वर्ल्ड (यूएई) के साथ स्ट्रेटेजिक लॉजिस्टिक्स हब और फ्रांस की सानोफी द्वारा भोपाल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सहयोग से मध्यप्रदेश में सेंटर फॉर फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन (C4IR) की स्थापना का प्रस्ताव भी इस दौरे का प्रमुख आकर्षण है। कृषि-प्रौद्योगिकी, फूड प्रोसेसिंग, जलवायु अनुकूलन और सतत विकास पर केंद्रित इस केंद्र को लेकर 19 जनवरी को एमपीआईडीसी और वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के बीच एमओयू हस्ताक्षर प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश की दावोस सहभागिता का केंद्र बिंदु राज्य के प्राथमिक फोकस सेक्टर्स को वैश्विक निवेश मानचित्र से जोड़ना है। कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग, हेल्थकेयर, रियल एस्टेट और निर्यात उन्मुख उद्योगों में निवेश के अवसरों को रणनीतिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे निवेश को आकर्षित करना है जो तकनीक, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दे। दावोस में यह सहभागिता मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद, नीति-स्थिर और दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मध्य प्रदेश में ओवररेटिंग और कर चोरी पर शिकंजा, शराब की हर बोतल पर लगेगा स्मार्ट होलोग्राम

भोपाल  मध्य प्रदेश में शराब के कारोबार को माफिया के चंगुल और अनियमितताओं से मुक्त करने के लिए आबकारी नीति में डिजिटल का समावेश कर ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली को अनिवार्य कर रहे है। इसके तहत शराब की हर बोतल पर एक ऐसा स्मार्ट यूनिक होलोग्राम लगाया जाएगा, जिससे बोतल की डिस्टिलरी से निकलने से लेकर ग्राहक के हाथ में पहुंचने तक की पूरी यात्रा को ट्रैक (Liqour Bottle Tracking) किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से न केवल नकली शराब और कर चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि सालों से जारी 'ओवररेटिंग' के खेल को भी खत्म किया जा सकेगा। हालांकि क्यूआर कोड और ट्रैकिंग सिस्टम की बातें पिछले साल भी हुई थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर सिस्टम वैसा ही पुराना और मैनुअल बना रहा, जिसका फायदा उठाकर ठेकेदार मनमानी करते रहे। डिस्टिलरी से दुकान तक काम करेगा सिस्टम नई व्यवस्था के तहत वितरण, भंडारण और बिरी की पूरी प्रक्रिया को एक ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। हर बोतल पर लगा होलोग्राम (Smart Hologram), क्यूआर कोड स्कैन करते ही विभाग के सर्वर पर डेटा फ्लैश होगा कि शराब किस डिस्टिलरी में बनी, किस वेयरहाउस से सप्लाई हुई. और किस दुकान से किस समय बेची गई। 18 हजार करोड़ के राजस्व पर नजर प्रदेश में वर्तमान में करीब 3,500 शराब दुकानें संचालित हैं। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 18,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि ऑनलाइन ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सफल रही, तो राजस्व में भारी उछाल आएगा और लीकेज पूरी तरह बंद हो जाएगा। इनका पालन सख्ती से नहीं आबकारी विभाग का पिछला रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी कहता है। वर्ष 2025-26 की नीति में हर दुकान पर पॉइंट ऑफ सेल मशीन अनिवार्य की गई थी ताकि हर बोतल का बिल कटे और डिजिटल रिकॉर्ड रहे। लेकिन एक साल बाद भी यह नियम कागजों से बाहर नहीं निकल सका।  अवैध बिक्री पर लगेगी रोक आबकारी विभाग का फोकस अब पूरी तरह पारदर्शिता पर है। नई व्यवस्था में हर बोतल पर यूनिक होलोग्राम रहेगा, जिससे उसकी पूरी मूवमेंट ट्रैक होगी। इससे अवैध बिक्री, ओवररेटिंग और टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण होगा। उड़नदस्तों को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है। – संदीप शर्मा, उपायुक्त, संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी, आबकारी विभाग

गोपाल भर्गव का अनोखा कदम: भोपाल में मरीजों के लिए बनाया सरकारी बंगला, परिवार के लिए नहीं

 भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और रहली सीट से बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने अपने भोपाल स्थित सरकारी बंगले को पूरी तरह से मरीजों और उनके परिजनों के लिए समर्पित कर दिया है. पिछले 23 साल से जारी यह मिशन अब और आधुनिक और सुविधायुक्त हो गया है. भार्गव की पुत्रवधु शिल्पी भार्गव ने इस आवास में एक अनोखा बदलाव किया है. उन्होंने दिल की बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए एक खास किड्स गेस्ट रूम डिजाइन करवाया है, जो प्ले स्कूल की तरह दिखता है. यही नहीं, दीवारों पर कार्टून पेंटिंग्स, खिलौने और झूले लगाए गए हैं ताकि गंभीर बीमारी के बीच भी बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे.  गोपाल जी की रसोई' और रुकने का इंतजाम फ्री  बंगले में मरीजों के लिए सिर्फ छत ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक भोजन की भी व्यवस्था है. बंगले के बड़े हिस्से में 70 नए बेड, फ्रेश चादर, तकिया और कंबलों का इंतजाम भी है. इसके अलावा, यहां रुकने वाले मरीज और उनके परिजनों के लिए 'गोपाल जी की रसोई' भी बनाई गई है. इसमें मटर पनीर, मलाई कोफ्ता से लेकर दलिया और खिचड़ी तक, घर जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन दिया जाता है. ठहरने से लेकर नाश्ता और दोनों समय का भोजन पूरी तरह मुफ्त है.  बच्चों के लिए प्ले स्कूल की तरह बनाया गेस्ट रूम गोपाल भार्गव की पुत्रवधु शिल्पी भार्गव ने बीमार बच्चों विशेषकर जिन्हें दिल से जुड़ी बीमारियां हैं उनके ठहरने के लिए एक खास गेस्ट रूम प्ले स्कूल की तर्ज पर तैयार कराया है। इस किड्स गेस्ट रूम में बच्चों के लिए झूला, खिलौने से लेकर बच्चों के लिए स्पेशल बेड की व्यवस्था की है। बीमार बच्चों का मूड ठीक रखने के लिए दीवारों पर कार्टून और आकर्षक पेंटिंग्स बनवाई हैं। मरीजों के लिए 50 बिस्तर गोपाल भार्गव के बंगले में बीमार मरीजों के लिए 50 बिस्तरों के तीन हॉल रेनोवेट कराए गए हैं। इस बंगले में मरीजों के रुकने से लेकर आने-जाने के लिए एम्बुलेंस, भोजन और राजधानी के अस्पतालों में इलाज कराने के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं। मरीजों के लिए खास मेन्यू भार्गव के बंगले में इलाज के पहले और बाद में रुकने वाले मरीजों के लिए सुबह नाश्ते, चाय के साथ दो टाइम फ्री भोजन की व्यवस्था है। इसे गोपाल जी की रसोई नाम दिया है। इस किचन में अलग-अलग दिनों में मरीजों के लिए मलाई कोफ्ता, मटर पनीर, पालक पनीर, शाही पनीर, बैगन भर्ता, बैगन मसाला, सेव टमाटर, आलू टमाटर, आलू पालक, भिंडी, आलू मैथी की भाजी, कढ़ी-पकौड़ा, बूंदी रायता, दाल तड़का, दाल फ्राइ, दाल मखनी, मूंग दाल, दलिया, जीरा राइस, हलवा, खिचड़ी, गरम रोटियों के साथ अचार, पापड़, चटनी और सलाद परोसा जाता है। हर रविवार को तीन एम्बुलेंस से भोपाल पहुंचते हैं मरीज गोपाल भार्गव के गृह नगर गढ़ाकोटा स्थित निज निवास गणनायक से तीन एम्बुलेंस हर रविवार को भोपाल के लिए मरीजों को लेकर रवाना होती हैं। जिन मरीजों को भोपाल में इलाज के लिए आना होता है वे गढ़ाकोटा आवास पर रजिस्ट्रेशन कराते हैं। रविवार सुबह 10 बजे तक गढ़ाकोटा पहुंचने के बाद मरीजों को एम्बुलेंस से भोपाल रवाना कर दिया जाता है। भोपाल में भार्गव के बंगले पर पहुंचते ही कर्मचारी मरीजों का पंजीयन करते हैं। इसमें मरीज का आधार कार्ड, बीमारी की जानकारी लेकर मरीज से इलाज के लिए अस्पताल का नाम पूछते हैं। फिर जांचें कराकर इलाज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती करा दिया जाता है। आने-जाने, रुकने-खाने और इलाज सब फ्री गोपाल भार्गव के क्षेत्र के मरीजों को गढ़ाकोटा, रहली से भोपाल तक आने-जाने की व्यवस्था फ्री है। भोपाल में रुकने और भोजन भी निशुल्क है। इलाज की व्यवस्था आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री सहायता से कराई जाती है यदि इन माध्यमों से भी इलाज में मदद नहीं मिल पाई तो गोपाल भार्गव अपने निजी फंड से इलाज की व्यवस्था करते हैं। 'फ्री एंबुलेंस' की सुविधा   हर रविवार सुबह 11 बजे गढ़ाकोटा (सागर जिला) स्थित 'गणनायक' निवास से एंबुलेंस मरीजों को लेकर करीब 250 किमी का सफर कर भोपाल आती है. भोपाल में मरीजों को अस्पताल ले जाने और वापस लाने के लिए निजी वाहन और एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रहते हैं. बंगले पर प्राथमिक इलाज, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और इमरजेंसी के लिए सेवक मौजूद रहते हैं.  निजी खर्च और आयुष्मान का साथ गोपाल भार्गव के अनुसार, सरकारी बंगले का ढांचा भले ही सरकारी हो, लेकिन अंदर की तमाम व्यवस्थाएं, बिस्तर, एंबुलेंस का ईंधन और भोजन का खर्च वह खुद के निजी फंड से वहन करते हैं. पहले आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री सहायता निधि से मदद ली जाती है, अगर वहां से संभव न हो तो भार्गव स्वयं इलाज का खर्च उठाते हैं. भार्गव ने बताया कि दुर्भाग्यवश यदि किसी मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम तक पहुंचाने के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था भी निशुल्क है.  विधायक गोपाल भार्गव ने बताया कि यह मिशन 2004 से निरंतर जारी है. अब तक तकरीबन 30 हजार गरीब मरीज इस व्यवस्था का लाभ उठा चुके हैं. उनका मानना है कि यह सब इंतजाम इसलिए किए जा रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव में इलाज से वंचित न रहे और न ही इलाज के बोझ तले कर्जदार बने.

दूषित बयान से गरमाई सियासत: फूल सिंह बरैया पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ वरिष्ठ नेत्रियों की कड़ी प्रतिक्रिया, सड़कों पर उतरी भाजपा

भोपाल कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के महिलाओं को लेकर दिए दूषित बयान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल एवं पार्टी की वरिष्ठ नेत्रियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कडी आलोचना की है। इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर सहित पूरे प्रदेश मेंं भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी एवं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर बरैया से सार्वजनिक माफी एवं कांग्रेस से निष्कासन की मांग की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने समाज में जहर घोलने वाला बयान दिया है। विधायक बरैया का यह बयान कांग्रेस पार्टी की महिला और दलित विरोधी सोच को उजागर करता है। बरैया ने अपने बयान से सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम किया है, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। राहुल गांधी ने इंदौर में विधायक फूल सिंह बरैया के साथ मंच साझा किया। राहुल गांधी का यह कदम क्या बरैया के बयानों को मौन सहमति व स्वीकारोक्ति मानी जाए? राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी विधायक बरैया पर कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर निकालें। बरैया के खिलाफ राहुल गांधी कोई कार्रवाई नहीं करते तो यह माना जाएगा कि अन्य समाजों को लेकर उनके मन में कोई सम्मान नहीं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि महिलाओं को लेकर शर्मनाक बयान देने वाले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के साथ राहुल गांधी ने मंच साझा कर कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता प्रदर्शित की है। बरैया का बयान कांग्रेस की विचारधारा और मातृशक्ति के प्रति निम्न स्तरीय संस्कार का प्रतिबिंब है। सोनिया व प्रियंका की चुप्पी कांग्रेस की कथनी और करनी उजागर करती है।  कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करे कि वह बरैया के बयान से सहमत है या नहीं-डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का बयान समाज में जहर घोलने वाला है। सामाजिक विद्वेष फैलाने वाला बयान देने वाले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया को राहुल गांधी तुरंत पार्टी से बाहर करें। राहुल गांधी मध्यप्रदेश में विधायक फूल सिंह बरैया के साथ मंच साझा करते हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या कांग्रेस पार्टी ऐसे बयान देने वाले नेताओं के साथ खड़ी है ? यदि कांग्रेस वास्तव में सामाजिक सद्भाव, समानता और सम्मान में विश्वास करती है, तो उसे यह स्पष्ट करना होगा कि फूलसिंह बरैया के बयान को लेकर क्या विचार है? केवल बयान देना पर्याप्त नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मैं फूलसिंह बरैया के इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं। इस प्रकार की भाषा और सोच समाज को बांटने वाली है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ऐसे लोगों को सार्वजनिक जीवन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। भारतीय जनता पार्टी समाज को जोड़ने, सम्मान और समरसता की राजनीति में विश्वास करती है, जबकि कांग्रेस बार-बार ऐसे बयानों के माध्यम से समाज में तनाव और विभाजन पैदा करने का काम करती रही है। अब समय आ गया है कि कांग्रेस नेतृत्व अपनी कथनी और करनी में अंतर समाप्त करे। नारी सम्मान कांग्रेस के लिए मूल्य नहीं, सिर्फ़ वोट बैंक-श्री हेमंत खण्डेलवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी मंचों से महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बातें करती हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी के विधायक द्वारा दिए गए महिला विरोधी और अमर्यादित बयानों पर उनकी चुप्पी बहुत कुछ कहती है। यह चुप्पी स्पष्ट करती है कि यह कोई व्यक्तिगत भूल नहीं, बल्कि कांग्रेस की नीति और मानसिकता का हिस्सा है। कांग्रेस के लिए नारी सम्मान कोई मूल्य नहीं, बल्कि केवल एक वोट बैंक बनकर रह गया है। यह मामला केवल महिलाओं का नहीं, बल्कि दलित समाज की अस्मिता, संविधान की आत्मा और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है? क्या ऐसे बयानों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी उनकी सहमति मानी जाए? उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की स्पष्ट मांग है कि श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। यदि ऐसा नहीं होता, तो कांग्रेस को महिला सम्मान, दलित अधिकार और सामाजिक न्याय की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। महिलाओं को लेकर रोज सवाल उठाने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को भी इस मामले में अपनी और अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का सार्वजनिक रिकॉर्ड बताता है कि यह बयान एक सुनियोजित और लगातार चलने वाली विकृत मानसिकता का हिस्सा है। नारियों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस विधायक का बयान समाज को आपस में लड़ाने वाला है – सुश्री निर्मला भूरिया मध्यप्रदेश शासन की मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान पर कहा कि भाजपा सरकार और हमारी पार्टी के नेता महिला सशक्तिकरण, सम्मान और सुरक्षा के लिए निरंतर हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके विपरीत कांग्रेस के कुछ नेता और विधायक फूल सिंह बरैया जैसे लोग महिलाओं को लेकर शर्मनाक और विवादित बयान दे रहे हैं। मैं ऐसे बयानों की घोर भर्त्सना और कड़ी निंदा करती हूं। फूल सिंह बरैया का बयान न केवल सभी समाज की महिलाओं का अपमान है। उनका बयान समाज में विद्वेष फैलाने और समाज को आपस में लड़ाने की कांग्रेस की मानसिकता को भी उजागर करता है। बरैया जैसे नेताओं का मकसद केवल विभाजन की राजनीति करना है। कांग्रेस भी अंग्रेजों की तर्ज पर बांटो और राज करो की नीति पर चलने वाली पार्टी है। राहुल गांधी आज मध्यप्रदेश में आए हैं। मेरी राहुल गांधी से स्पष्ट मांग है कि वे इस तरह के बयान देने वाले नेताओं को तत्काल पार्टी से निष्कासित करें।  महिलाओं के खिलाफ अपराध पर ऐसी घिनौनी टिप्पणी अस्वीकार्य – श्रीमती अर्चना चिटनिस भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान को अत्यंत शर्मनाक बतातते हुए कहा कि कोई जनप्रतिनिधि महिलाओं के साथ हो रहे अपराध और बलात्कार जैसे जघन्य विषय पर इतनी घिनौनी टिप्पणी कर सकता है। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया एक जनप्रतिनिधि हैं। … Read more

मुरैना में नकली शराब का बड़ा खुलासा, 600 लीटर स्प्रिट, राइफल और कारतूस समेत कई सामान बरामद

मुरैना  माता बसैया थाना पुलिस ने नाका गांव में आसन नदी किनारे बीहड़ क्षेत्र में नकली शराब बनाने का प्लांट पकड़ा है। यहां बड़ी मात्रा में अवैध शराब और नकली शराब बनाने की सामग्री मिली है। पुलिस ने मौके से सात आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। माता बसैया थाना प्रभारी अरुण कुशवाह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। आसन नदी किनारे बीहड़ के सुनसान क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर अवैध शराब बनाने का कारोबार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी। 1000 लीटर अवैध शराब बरामद मौके से 1000 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। इसके अलावा 600 लीटर ओपी (स्प्रिट) केमिकल भी मिला है, जिससे नकली शराब बनाई जा रही थी। आरोपितों के पास से 12 बोर की राइफल और चार कारतूस भी बरामद किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जाता था यहां तैयार की जाने वाली नकली शराब को ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जाता था। शराब नकली न लगे, इसके लिए उसे हूबहू उन्हीं कार्टनों में पैक किया जाता था, जिनमें आबकारी विभाग के ठेकों की शराब आती है। सातों आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।  

लिज्जत पापड़ की संस्थापक पुष्पा बेरी का निधन, हजारों महिलाओं को रोजगार देने वाली महिला उद्योगपति

जबलपुर  प्रसिद्ध महिला उद्योगपति पुष्पा बेरी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लिज्जत पापड़ जैसा उद्योग स्थापित कर हजारों महिलाओं को रोजागर से जोड़ने वाली बेरी ने एक कमरे से कारोबार प्रारंभ कर देश-विदेश तक पहुंचाया। वे कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहीं थीं। स्थानीय अस्पताल में सुबह उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार स्थानीय गुप्तेश्वर मुक्तिधाम में हुआ। उनके पुत्र रसिम बेरी और असिम बेरी ने उन्हें मुखाग्नि दी। पंजाब के मोगा में 26 अगस्त 1934 को जन्मीं पुष्पा बेरी का विवाह जबलपुर निवासी कारोबारी सत्यपाल बेरी के साथ हुआ था। श्री महिला गृह उद्योग के अंतर्गत बनाए गए लिज्जत पापड़ और अचार की मांग देश के साथ अमेरिका और ब्रिटेन तक थी। उनके दोनों पुत्र सिंगापुर में कारोबारी हैं। बेरी के निधन पर जबलपुर सहित देशभर के उद्योगपतियों ने शोक जताया है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने संघर्षरत रहीं पुष्पा बेरी जो काम करे वह मालिक के ध्येय वाक्य को अपनाकर कारोबार को जमीन से आसमान तक पहुंचाने वाली प्रसिद्ध महिला उद्योगपति पुष्पा बेरी ने महिलाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पूरे जीवन संघर्ष किया। उनकी मेहनत का ही परिणाम था कि एक कमरे से शुरू किए गए कारोबार की ख्याति देश-विदेश तक पहुंची और करीब चार हजार महिलाओं का जीवन सबल बन सका। उनके दौर के कारोबारी बताते हैं कि पुष्पा बेरी हमेशा कहती थीं कि उन्होंने अपनी महिला साथियों को कभी कर्मचारी नहीं समझा, उनके हर सुख-दुख में बराबर से खड़ी होती थीं। जबलपुर के चौथा पुल स्थित आवास में उनसे मिलने बड़ी संख्या में महिलाएं आती थीं। राइट टाउन में पापड़ बनाने का कारोबार प्रारंभ किया। गुणवत्ता और समयबद्ध काम के चलते सतत सफलता मिलती चली गई और उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1952 में विवाह के बाद जबलपुर आईं     पुष्पा बेरी वर्ष 1952 में विवाह के बाद जबलपुर आ गई थीं। यहां उन्होंने श्री महिला गृह उद्योग की स्थापना कर कारोबार प्रारंभ किया था।     उनकी संस्था ने फरवरी 2024 में 50 वर्ष पूर्ण किए थे।     संस्था में होने वाला मुनाफा वे अपनी महिला साथियों में बराबर से बांटती थीं।     पंजाब के मोगा में जन्म हुआ और उनकी प्रारंभिक शिक्षा वहीं पूरी हुई।     वर्ष 1974 में दुर्ग (छग) के समाजसेवी शांतिलाल शाह ने उन्हें यह कारोबार करने की सलाह दी थी।     श्री महिला गृह उद्योग मुंबई से अनुमति लेकर जबलपुर में बुनियाद रखी।  

संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का आगमन रविवार को

जबलपुर प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी का रविवार 18 जनवरी को एक बजे नोहटा जिला दमोह से जबलपुर आगमन होगा। लोधी नोहटा से सीधे माँ त्रिपुर सुंदरी तिराहा भेडाघाट रोड तेवर स्थित आर्य रिसोर्ट मैरिज गार्डन पहुँचेंगे तथा यहॉं लोधी समाज युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल होंगे। वे दोपहर 2 बजे तेवर से कार द्वारा दमोह जिले के ग्राम बड़गुवां प्रस्थान करेंगे।

इंदौर में 2 साल में शुरू हुए 44,000 नए उद्योग, 1.70 लाख को मिला रोजगार

इंदौर  इंदौर जिला वर्तमान में औद्योगिक क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान इंदौर में औद्योगिक गतिविधियों में भारी उछाल आया है। महाप्रबंधक स्वप्निल गर्ग ने जानकारी दी है कि जिले में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से हजारों नए उद्यमियों को सहायता प्रदान की गई है। पिछले तीन वर्षों के भीतर इंदौर में पंद्रह नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें सात सौ से अधिक नई इकाइयां आकार ले रही हैं। इन नए उद्योगों के माध्यम से लगभग बीस हजार युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। औद्योगिक विस्तार और निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा इंदौर गर्ग ने कहा कि इंदौर अपनी बेहतर औद्योगिक संस्कृति, कुशल श्रमिकों की उपलब्धता और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला बनाने के बजाय नौकरी देने वाला उद्यमी बनाना है। इसके लिए प्रदेश में निरंतर उद्योग मित्र नीतियां लागू की जा रही हैं, जिससे निवेश की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हुई है। लॉजिस्टिक और रेलवे नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव आएगा आने वाले तीन से चार वर्षों में इंदौर देश के एक बड़े रेलवे हब के रूप में पहचाना जाएगा। वर्तमान में यहां से संचालित होने वाली ट्रेनों की संख्या सौ से कम है, जिसे बढ़ाकर तीन सौ तक करने की योजना है। छह अलग-अलग दिशाओं में सशक्त रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ सड़क नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। इंदौर की सात सौ किलोमीटर की परिधि में देश की साठ प्रतिशत आबादी के आने से लॉजिस्टिक लागत में बड़ी कमी आएगी। सरकार का लक्ष्य वर्तमान चौदह प्रतिशत की लॉजिस्टिक लागत को घटाकर सात से आठ प्रतिशत तक लाना है, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। महिला उद्यमिता में सकारात्मक नतीजे मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कुल नौ सौ चौंसठ उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। विशेष रूप से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई विभाग द्वारा किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप तीन सौ एक महिला उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कुल तीन सौ इकतालीस इकाइयों को तीन सौ अट्ठाइस करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बड़ा कदम है। शत-प्रतिशत उद्योग ग्राम पंचायत वाला जिला बना इंदौर इंदौर जिले ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024-25 की शुरुआत में जिले की एक सौ नवासी ग्राम पंचायतें उद्योग विहीन थीं। प्रशासन और उद्योग विभाग के समन्वित प्रयासों से इन सभी पंचायतों में सूक्ष्म उद्योग स्थापित किए गए हैं। अब इंदौर की सभी तीन सौ चौंतीस ग्राम पंचायतों में उद्योग संचालित हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर दो हजार से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिला है। उद्यम पंजीयन के क्षेत्र में भी जिले ने रिकॉर्ड बनाया है, जहां पिछले दो वर्षों में कुल चौवालीस हजार पांच सौ एक उद्यमों का पंजीयन हुआ है, जिनसे एक लाख सत्तर हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। जरूरी आंकड़े… 44 हजार 501 उद्यमों का पंजीयन इंदौर जिले में पिछले दो वर्षों के सफल कार्यकाल के दौरान किया गया है। 1 लाख 70 हजार 678 लोगों को निर्माण एवं सेवा क्षेत्र की गतिविधियों के विस्तार से रोजगार प्राप्त हुआ है। 15 नए इंडस्ट्रियल पार्क पिछले तीन वर्षों में इंदौर जिले की सीमाओं के भीतर स्थापित किए गए हैं। 328.50 करोड़ रुपये से अधिक का कुल अनुदान एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत विभिन्न इकाइयों को स्वीकृत हुआ है। 300 तक इंदौर में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है जो वर्तमान में 100 से भी कम है। 60 प्रतिशत देश की आबादी इंदौर के 700 किलोमीटर के सड़क नेटवर्क दायरे में भविष्य में आ जाएगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार

गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 40 साल पुराने रासायनिक कचरे का हुआ निष्पादन, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का होगा विकास परिसर की वायु पूर्ण स्वच्छ, मुख्यमंत्री ने बिना मास्क पहने किया मुआयना यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बनाएंगे भोपाल गैस त्रासदी स्मारक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2 और 3 दिसम्बर 1984 की दरमियानी रात भोपाल में मिथाइल आइसोसायनाइट (एमआईसी) गैस का रिसाव एक भीषण दुर्घटना थी। घटना में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। करीब 40 साल तक रासायनिक कचरा यहां पड़ा रहा। हमारी सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में बिना किसी पर्यावरण नुकसान और मानव हानि के यहां के रासायनिक कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम समाज के सभी वर्गों एवं प्रभावित पक्षों को विश्वास में लेकर यूनियन कार्बाइड परिसर का विकास करेंगे और माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में अब स्वच्छ हो चुके इस परिसर में भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में एक स्मारक' बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है। प्रभावितों के कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का गहनता से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से इस परिसर में स्मारक निर्माण के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार सक्सेना, संचालक गैस राहत स्वतंत्र कुमार सिंह, निगमायुक्त श्रीमती संस्कृति जैन और गैस त्रासदी राहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। फैक्ट्री परिसर के समुचित विकास के लिए करेंगे सभी जरूरी प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री परिसर में पड़े रासायनिक कचरे का माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में समुचित निष्पादन किया जा चुका है। अब हम भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया के निर्माण के साथ इस परिसर के भी समुचित विकास के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बिना किसी सेफ्टी मास्क के गए और फैक्ट्री के कोर एरिया का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव मध्यप्रदेश की ही नहीं, देश की सबसे भीषण गैस त्रासदी थी। वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात इस फैक्ट्री से गैस के दुष्प्रभाव के कारण भोपाल ने मौत का जो मंज़र देखा, वह हमारी स्मृतियों से कभी हटेगा नहीं। गैस त्रासदी के बाद तत्कालीन सरकार ने इस क्षेत्र को लावारिस छोड़कर बड़ी लापरवाही की। उन्होंने फैक्ट्री में फैले जहरीले कचरे को हटाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और इस भीषण त्रासदी के बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया। तत्कालीन सरकार के जिम्मेदारों ने फैक्ट्री के मालिक वॉरेन एंडरसन को यहां से भाग जाने में मदद की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र में यूपीए सरकार रहते हुए भी इस गैस प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारी सरकार ने कोर्ट के सभी निर्देशों पर अमल करते हुए पिछले साल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। यह दुनिया के लिए एक संदेश भी है कि किस प्रकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से जहरीले कचरे को बिना पर्यावरण/मानव हानि के खत्म किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने राजधानी के माथे से इस कलंक का मिटाने का कार्य किया है। इसके लिए गैस राहत विभाग सहित सभी संबंधित प्रभावित पक्ष भी बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी विकास और सुशासन की व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। अब हमारी सरकार माननीय न्यायालय के मार्गदर्शन में परिसर में स्मारक बनाने सहित अन्य विकास कार्यों के लिए सुझावों पर अमल करेगी। इसमें सभी पक्षों को चर्चा कर विश्वास में लिया जाएगा। राज्य सरकार इस क्षेत्र के नव निर्माण के लिए कार्य करेगी। प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। भोपाल सहित आस-पास के 6 जिले इस मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के दायरे में आएंगे। ऐसे में भोपाल शहर के विकास के लिए सभी बाधाओं को हरसंभव प्रयास कर दूर किया जा रहा है। हमारी सरकार विकास के कारवां को निरंतर गति दे रही है। मुख्यमंत्री ने महिला के अनुरोध पर रूकवाया अपना काफिला…. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का सघन मुआयना करने के बाद लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आरिफ नगर में पूजा कर रही एक महिला ने रोका। महिला के अनुरोध पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपना काफिला रूकवाया। मुख्यमंत्री से महिला ने अनुरोध किया कि भगवान भोलेनाथ को 2 अगरबत्ती लगा दीजिए। महिला ने अगरबत्ती जलाकर मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति पर महिला के आग्रह पर अगरबत्ती लगाकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने यहां क्षेत्रीय महिलाओं से आत्मीयता से पूछा कि सब ठीक है, लाड़ली बहना के पैसे मिल रहे हैं ? इस पर लाड़ली बहनों ने कहा कि हाँ, उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्कूल जा रहे बच्चों से भी बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूली बच्चों के साथ खुद सेल्फी लेकर उन सबको खुश कर दिया। आरिफ नगर में एक महिला श्रीमती मंजु बाई ने बताया कि उसके पति बीमार हैं। कुछ आर्थिक मदद कर दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती मंजु को दिलासा दी और एक अन्य महिला श्रीमती प्रभा बाई कुशवाहा सहित दोनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हज़ार रुपए मौके पर ही मंजूर कर दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम कमिश्नर भोपाल श्रीमती संस्कृति जैन को इन दोनों महिलाओं के बैंक खाता नंबर नोट कर जल्द से जल्द बीमारी सहायता राशि उन्हें पहुंचाने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर … Read more

टिमरनी में बच्चों द्वारा खोली गई पुस्तकालय, डॉ. श्रीकांत गंगवार ने किया उद्घाटन

टिमरनी टिमरनी में कुछ बच्चों ने मिलकर एक पुस्तकालय की स्थापना की, जिसका उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस पुस्तकालय का उद्घाटन डॉ. श्रीकांत गंगवार एवं मीनाक्षी यादव, शासकीय महाविद्यालय टिमरनी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान भग्या रच वेलफेयर फाउंडेशन,  जो कि डॉक्टरों की एक सामाजिक संस्था है, के द्वारा पुस्तकालय के लिए कॉपी व अन्य स्टेशनरी सामग्री दान की गई। साथ ही संस्था का यह मानना है कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है, इसी को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन द्वारा पुस्तकालय परिसर में डस्टबिन भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास समाज में शिक्षा और स्वच्छता दोनों को बढ़ावा देते हैं।  भग्या रच वेलफेयर फाउंडेशन, का यह कदम सामाजिक सरोकारों की दिशा में एक सराहनीय पहल है।