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पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा चार सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को भावभीनी विदाई

पुलिस महानिदेशक ने सभी को स्‍मृति चिन्‍ह भेंट किए भोपाल  पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह दिसंबर में सेवानिवृत्‍त चार कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा नेबुधवार को भावभीनी विदाई दी। डीजीपी ने सभी को प्‍लांट एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍न स्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंसहॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार, पुलिस महानिरीक्षक श्री अंशुमान सिंह एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍तमान सेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा श्री भगवानदास विधानी, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक सीआईडी श्रीमती कल्‍पना शर्मा मिश्रा, सूबेदार (एम) विशेष शाखा श्री ओम नारायण द्विवेदी तथा प्रधान आरक्षक (एम) विशेष शाखा श्रीमती स्‍वराजवती वर्मा को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने बुधवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुश्री इरमीन शाह ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

आरडीएसएस अंतर्गत पश्चिम मप्र का 86वां सब स्टेशन ऊर्जीकृत

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि शासन की महत्वपूर्ण रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र का 86वां 33/11 केवी सब स्टेशन इंदौर संभाग के खरगोन जिले के बलसगांव पाडल्या में ऊर्जीकृत किया गया है। पांच एमवीए के इस ग्रिड से हजारों उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा गुणवत्ता से बिजली मिलेगी। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया योजना में प्रदेश का पहला ग्रिड इंदौर जिले के ईमलीखेड़ा में तैयार हुआ था। अब तक इंदौर शहर वृत्त और इंदौर ग्रामीण वृत्त में कुल 13 सब स्टेशन तैयार कर बिजली वितरित की जा रही है। उज्जैन जिले में 12, शाजापुर 8, रतलाम 9, देवास 5, खरगोन 6, बड़वानी 4, खंडवा 8, बुरहानपुर 7, झाबुआ 5, धार 2, मंदसौर 3, नीमच में एक सब स्टेशन तैयार होकर विद्युत आपूर्ति सेवा प्रदान कर रहे है। श्री सिंह ने बताया कि आरडीएसएस अंतर्गत 5 एमवीए क्षमता के इन ग्रिडों से कंपनी की विद्युत वितरण क्षमता 430 एमवीए बढ़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनवरी माह के अंत में करेंगे भैरवनाथ लोक का लोकार्पण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भैरवनाथ मंदिर को मिला भव्य दिव्य स्वरूप रूद्राभिषेक कर मंदिर परिसर में पीपल के वृक्ष का किया रोपण भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के गुढ़ में स्थित भैरवनाथ मंदिर में भगवान आशुतोष की पूजा अर्चना की और रूद्राभिषेक किया। उन्होंने भैरवनाथ की पूजा भी की। प्रयागराज के वैदिक आचार्यों ने विधि विधान से पूजा अर्चना संपन्न कराई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भैरवनाथ लोक का लोकार्पण जनवरी माह के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस धार्मिक स्थल को आकर्षक बनाने के प्रयास किये गये हैं। ग्यारह सौ वर्ष पुरानी आस्था को नया स्वरूप मिला है। यह स्थल धार्मिक स्थल के साथ ही पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित होगा। श्रृद्धालुओं के लिये धर्मशाला व अन्य सुविधायें भी उपलब्ध रहेंगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भैरवनाथ मंदिर की पहाड़ी में पीपल के 100 पौधे लगाये जा रहे हैं। पीपल आक्सीजन का सबसे बड़ा स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि पीपल का धार्मिक महत्व भी है। भगवान कृष्ण ने कहा था कि वृक्षों में मैं पीपल हूँ अत: यह सबसे पूज्य वृक्ष भी है। पूर्ण परिसर को आकर्षक व हरीतिमायुक्त बनाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पीपल के पौधे का रोपण किया। इस दौरान विधायक गुढ़ श्री नागेन्द्र सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नव वर्ष पर मंत्री काश्यप ने दी शुभकामनाएं

भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की मंगल कामनाएं और बधाई दी है। मंत्री श्री काश्यप ने प्रदेश वासियों के सुख समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। मंत्री श्री काश्यप ने नववर्ष के शुभकामना संदेश में नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि आगामी वर्ष में मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन में कीर्तिमान स्थापित होगा तथा बड़ी संख्या में उद्योग लगेंगे। 

शहर के साथ गाँव-गाँव में मिलेगी सुगम लोक परिवहन सेवा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नव वर्ष में शीघ्र ही प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके तहत प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन होगा, जिससे गाँव-गाँव तक सस्ती और सुविधाजनक बस सेवा नागरिकों को मिलेगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में लग्जरी बसे भी चलाई जायेंगी। प्रदेश में नगर वाहन सेवा सहित अंतर्शहरी बस सेवा को सुगम बनाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा को प्रारंभ करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। यात्री परिवहन सेवा प्रारंभ करने के लिये 101 करोड़ 20 लाख रूपये की अंशपूंजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिये कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों के साथ संभागीय कंपनी के रूप में मर्ज किये जाने का भी निर्णय लिया गया है। 7 कंपनियों के नियंत्रण के लिये राज्य स्तर पर होल्डिंग कंपनी का गठन प्रदेश में परिवहन व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिये 7 कंपनियों के एकीक्रत नियंत्रण के लिये राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन करने का भी निर्णय लिया गया है। कैबिनेट मीटिंग में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। बस परिवहन अधोसंरचना के लिये पीपीपी मोड पर होगा काम मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा संचालन के लिये बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदंडों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिये सुविधाओं का‍निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिये पीपीपी मोड प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संचालित किया जायेगा। परिवहन सेवा की निगरानी के लिये आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन की स्थापना करते हुए बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आईटी प्लेटफार्म स्थापित करते हुए उस पर नोटिफाइड रूट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। साथ क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय के स्रोत निर्माण के लिये इस योजना में विशेष इंतेजाम किये गये हैं। नवीन परिवहन योजना का सबसे अधिक लाभ यात्रियों को होगा। बस ऑपरेटर्स को बेहतर माहौल और उन्हें कंटिन्यूअज बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नवीन परिवहन सेवा योजना में किया गया है।  

वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योगों के विकास वर्ष के रूप में मनायेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

शुभागमन – 2026 पर प्रदेशवासियों को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 के शुभ आगमन पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैलेंडर वर्ष 2026 नई ऊर्जा, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का संकल्प लेकर आया है। इसे हम मध्यप्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों के समग्र विकास वर्ष के रूप में मनायेंगे। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष 2025 में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में हमें जो उपलब्धियां मिलीं, वे प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। वर्ष 2026 इसी बुनियाद को और भी मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार, समाज और जवाबदेह प्रशासन सबके संयुक्त प्रयासों से मध्यप्रदेश विकास, संस्कृति, नवाचार और कल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर है। विरासतों को सहेजकर हम किसानों, युवाओं, माताओं-बहनों और गरीब वर्ग के सशक्तिकरण के साथ 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प को साकार करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान करते हुए कहा है कि आइए, हम सब एकजुट होकर मध्यप्रदेश की विकास यात्रा को नये क्षितिज और नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।  

हर किसान के खेत तक पहुँचेगा सिंचाई के लिए जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य सिंचाई के रकबे में हो रही है निरंतर वृद्धि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की किसानों की खुशहाली की परिकल्पना को साकार करते हुए मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा प्रदेश को दी गई तीन बड़ी परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर तक करने में सफलता मिलेगी। साथ ही प्रदेश की अन्य निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाऍ भी लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होंगी। प्रदेश में गत दो वर्षों में सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। किसानों की तरक्की और खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि के अतिरिक्त पेयजल, उद्योगों, विद्युत उत्पादन आदि के लिए जल की उपलब्धता कराये जाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो अभियान के सपने को साकार करने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। इस परियोजना से पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदल जाएगी। इस परियोजना से न केवल सिंचाई अपितु पेयजल एवं विद्युत उत्पादन का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की दूसरी महत्वपूर्ण पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना है। इससे प्रदेश के बड़े हिस्से में सिंचाई, पेयजल, उद्योगों आदि के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध हो सकेगा। प्रदेश में आकार ले रही तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना है, जो कि विश्व में अपने आप में एक अनूठा प्रयास है। इस परियोजना अंतर्गत वर्षा के दौरान ताप्ती नदी के अतिरिक्त जल को नियंत्रित तरीके से भू-जल भरण के लिए उपयोग किया जाकर भू-जल स्तर में वृद्धि की जाएगी। परियोजना के क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों के मध्य सहमति बन चुकी है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी की "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सिंचाई प्रबंधन में मध्यप्रदेश देश में सर्वोच्च स्थान पर है। प्रदेश में सिंचाई के रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही है। माइक्रो सिंचाई पद्धति में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। जल संरक्षण एवं संवर्धन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये म.प्र. को राष्ट्रीय जल अवार्ड भी मिला है। केन-बेतवा राष्ट्रीय परियोजना परियोजना की लागत 44 हजार 605 करोड़ रूपये है। इससे सिंचाई 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर में हो सकेगी। परियोजना से बुन्देलखण्ड के 10 जिले छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ, निवाडी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 2 हजार ग्रामों के 7 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। साथ ही 44 लाख आबादी को पेयजल मुहैया हो सकेगा। परियोजना से 103 मेगावॉट विद्युत (जल विद्युत) और 27 मेगावॉट सौर उर्जा का उत्पादन होगा। भू-जल की स्थिति में सुधार, औद्योगीकरण, पर्यटन एवं रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने परियोजना का भूमि-पूजन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसम्बर 2024 को किया। परियोजना का कार्य प्रांरभ हो चुका है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय परियोजना परियोजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ रूपये है। इसमें मध्यप्रदेश का हिस्सा 35 हजार करोड़ रूपये का है। परियोजना से मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 13 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर मालवा, शाजापुर, श्योपुर, ग्वालियर एवं भिण्ड में 6.16 लाख हेक्टेयर में नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। साथ ही लगभग 2 हजार 94 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी। मध्यप्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनायें इसमें शामिल की गई हैं। मेगा तापी रीचार्ज परियोजना पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भू-गर्भ जल पुनः भरण वाली इस परियोजना की कुल लागत 19 हजार 244 करोड़ रूपये है। इसे 10 मई 2025 को महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के मध्य राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्मित किये जाने की सहमति प्रदान की गई। परियोजना से बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की 1 लाख 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। अटल भू-जल योजना से भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के 06 जिलों सागर- दमोह छतरपुर- टीकमगढ़-पन्ना एवं निवाडी के 09 विकासखंडों की 670 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में जन सहभागिता से जल सुरक्षा योजना तैयार करने हेतु भारत सरकार की सहायता से 314.44 करोड़ राशि की योजना 2020 से अक्टूबर 2025 तक क्रियान्वित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सभी राष्ट्रीय एवं राज्यीय परियोजनाओं से प्रदेश में सिंचाई के रकबे को बढ़ाने और हर खेत तक पानी पहुँचाने में सफलता मिलेगी। राज्य सरकार ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना भी बनाई है, जिसे अमल में लाना शुरू कर दिया है।  

जबलपुर की गन कैरिज फैक्टरी का नया कदम: पेश होगी 52 कैलिबर धनुष माउंटेन गन तोप

 जबलपुर  देश की एकमात्र रक्षा क्षेत्र में तोप का निर्माण करने वाली फैक्ट्री जीसीएफ नए साल में सेना को अत्याधुनिक नई धनुष तोप 52 कैलिबर में माउंटेन गन में बना कर देगी। इस तोप के उत्पादन के साथ धनुष की मारक क्षमता तीन से पांच किलोमीटर बढ़ जाएगी। अभी गन कैरिज फैक्टरी (जीसीएफ) 45 कैलिबर में धनुष तोप का उत्पादन कर रही है जिसकी मारक क्षमता 40 से 42 किलोमीटर है। महत्वपूर्ण है कि जीसीएफ नई अत्याधुनिक धनुष तोप के निर्माण में तेजी लाने जा रही है और ट्रायल के बाद 300 गन बनाने का प्रस्ताव है। रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी के बाद प्रतिस्पर्धा में टिके रहने निर्माणी नए प्रोजेक्ट पर तेजी लाने जा रही है। 42 किमी तक हमला किया जा सकता है इससे पूर्व जीसीएफ में बनी धनुष तोप को पाकिस्तान और चीन की सीमा पर तैनात किया गया है। यह तोप अभी 38 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसमें 52 कैलिबर की बैरल लगने के बाद इससे आसानी से 42 किलोमीटर तक हमला किया जा सकता है। अब नई तोप 52 कैलिबर में माउंटेन गन के रूप में कार्य करेगी। जिससे इसकी मारक क्षमता में 5 किलोमीटर तक इजाफा हो जाएगा। निर्माणी के इस बेहतरीन प्रयास से सेना की ताकत में और इजाफा होगा और दुश्मन पर अधिक सटीक वार करने में सफलता मिल सकेगी। 1600 करोड़ के रक्षा उत्पादन पर फोकस जीसीएफ इस साल 1600 करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन पर तेजी से कार्य कर रही है। जिसमें धनुष तोप का नया वर्जन सहित एलएफजी, प्रमुख गन के कलपुर्जे शामिल हैं। पूर्व के मुकाबले निर्माणी की ताकत में बढ़ी है। हरेक साल रक्षा उत्पादन में वृद्धि से उसकी साख भी कायम है। माउंटेन गन की प्रमुख बातें माउंटेन गन व्हीकल के ऊपर लोड होगी। जबकि पूर्व की तोप जमीन के ऊपर 360 डिग्री में घूमकर वार करती थी। माउंटेन गन व्हीकल का उत्पादन नगर के ही वीएफजे कर सकता है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने माउंटेड गन सिस्टम तैयार किया है। यह सिर्फ 80 सेकंड में फायरिंग के लिए तैयार हो जाती है। एक मिनट में यह छह गोले दाग सकती है। धनुष की खूबियों को जानें धनुष तोप जो कि बोफोर्स गन का उन्नत और स्वदेशी वर्जन है। इसे जीसीएफ में तैयार किया जा रहा है और यह पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसकी मारक क्षमता भी ज्यादा है और यह हाई-एंगल फायरिंग, इनबिल्ट नेविगेशन सिस्टम, इलेक्ट्रानिक गन अलाइनमेंट और आटोमैटिक फायर कंट्रोल जैसे अत्याधुनिक फीचर्स से लैस है।

टाइगर रिज़र्व सफारी के लिए धोखाधड़ी से बचने के लिए करें MPOnline.gov.in से बुकिंग

भोपाल  वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग केवलMPOnline के माध्यम से ही अधिकृत है। इसके अलावा किसी भी निजी वेबसाइट, मोबाइल ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म को सफारी बुकिंग की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे किसी भी प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही बुकिंग अवैध है। विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अत्यंत सतर्क रहें और केवल अधिकृत MPOnline पोर्टल के माध्यम से ही सफारी बुकिंग करें। विभाग की अपील है कि यदि किसी पर्यटक ने इन अनधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सफारी बुक कराई है और वह धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, इससे किसी प्रकार का नुकसान हुआ है अथवा बुकिंग संबंधी कोई अन्य शिकायत है, तो वह तत्काल संबंधित कार्यालय को इसकी सूचना दे। शिकायतों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिये राज्य साइबर पुलिस सेल को भेजा जाएगा। विभाग इस प्रकार की अनियमित और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के लिए तत्पर है। मध्यप्रदेश के टाइगर रिज़र्व में सफारी बुकिंग के लिये कुछ वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलते जुलते भ्रामक नामों से सेवाएं देने का दावा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ये वेबसाइट्स अनधिकृत हैं। इनसे बुकिंग कराने पर पर्यटकों को धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने कहा है कि पर्यटकों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी, सुरक्षित एवं वैधानिक सफारी बुकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के तहत मॉडल रेट 4345 रुपए किया घोषित

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4345 रुपए जारी भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए मॉडल रेट प्रतिदिन जारी किया जा रहा है। बुधवार 31 दिसंबर को 4345 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए, 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23 एवं 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया था। इसी तरह 1 दिसंबर को 4239 रुपए, 2 दिसंबर को 4235 रुपए, 3 दिसंबर को 4240 रुपए, 4 दिसंबर को 4235 रुपए, 5 दिसंबर को 4230 रुपए, 6 दिसंबर को 4217 रुपए, 7 दिसंबर को 4222 रुपए, 8 दिसंबर को 4219 रुपए, 9 दिसंबर को 4217 रुपए और 10 दिसंबर को 4210 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। इसी प्रकार 11 दिसंबर को 4207 रुपए , 12 दिसंबर को 4202 रुपए , 13 दिसंबर को 4204 रुपए , 14 दिसंबर को 4208 रुपए , 15 दिसंबर को 4208 रुपए , 16 दिसंबर को 4209 रुपए , 17 दिसंबर को 4205 रुपए , 18 दिसंबर को 4195 रुपए , 19 दिसंबर को 4201 रुपए , 20 दिसंबर को 4191 रुपए , 21 दिसंबर को 4193 रुपए , 22 दिसंबर को 4194 रुपए , 23 दिसंबर को 4209 रुपए और 24 दिसंबर को 4213 रुपए , 25 दिसंबर को 4235 रुपए , 26 दिसंबर को 4257 रुपए , 27 और 28 दिसंबर को 4271 रुपए , 29 दिसंबर को 4267 रुपए और 30 दिसंबर को 4296 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।