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भोपाल में बनेगा सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर, “शौर्य संकल्प” से सुरक्षा बलों तक पहुंचेंगे युवा : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को विंध्याचल भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है। यह प्रस्ताव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक, प्रेरित और वैज्ञानिक सोच से जोड़ना है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित स्पेस सेंटर में मिसाइल और सैटेलाइट के क्रमिक विकास के डिजाइनों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही अंतरिक्ष के समान जीरो ग्रेविटी वातावरण में स्पेस स्टेशन का सिम्युलेटरी अनुभव देने के लिये विशेष अधोसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे बच्चे यह देख और महसूस कर सकें कि उपग्रह के भीतर अंतरिक्ष यात्री किस तरह रहते और कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाएगा और स्पेस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें प्रेरित करेगा। राज्यमंत्री ने कहा कि यह नवाचार उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा, जो अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासु हैं और भविष्य में इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इसके माध्यम से ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक उन्नयन के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पत्रकार वार्ता में मंत्री श्रीमती गौर ने अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए प्रस्तावित ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना–2025’ को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हर वर्ष करीब 4000 युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण देकर सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस, होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। शारीरिक प्रशिक्षण के साथ सैद्धांतिक मार्गदर्शन देकर युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध विकसित किया जाएगा। आदर्श छात्रावास और पहली बार मेस सुविधा राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेशभर में ओबीसी छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिम, वाचनालय, पुस्तकालय, वाई-फाई, कंप्यूटर कक्ष और खेल सुविधाओं से युक्त इन छात्रावासों के उन्नयन पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग बनने के बाद पहली बार छात्रावासों में निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जिसका शुभारंभ 26 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कर कमलों से होने की संभावना है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत साढ़े सात लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शी बनाकर हर वर्ष 50 विद्यार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। वहीं बेरोजगार युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार दिलाने की पहल की जा रही है। सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के तहत आगामी समय में 600 युवाओं को विदेश भेजा जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए जन अभियान परिषद के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इनकी गणना तीन माह में पूर्ण की जाएगी, जिससे योजनाओं का लाभ लक्षित रूप से पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि ऐसी पहल करने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि डॉ. कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर जैसे नवाचार और शौर्य संकल्प जैसी योजनाओं के माध्यम से हम प्रदेश के युवाओं को विज्ञान, सुरक्षा और राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। यही विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा है।  

महिला सशक्तिकरण से बाल संरक्षण तक: मध्यप्रदेश ने दो वर्षों में रचा विकास का नया अध्याय

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बतायी विभाग की उपलब्धियां भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरोन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 विजन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और पोषण के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने पत्रकार वार्ता में विभाग की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि प्रदेश में Women Led Development की अवधारणा को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इसका सकारात्मक प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक दिखाई दे रहा है। लाड़ली बहना योजना बनी आर्थिक आत्मनिर्भरता की रीढ़ मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। जून 2023 से दिसंबर 2025 तक योजना की 31 किस्तों का नियमित भुगतान किया गया है। वर्तमान में 1 करोड़ 26 लाख से अधिक महिलाएं योजना से लाभान्वित हैं और अब तक 48,632 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। इस योजना को देश भर में सराहा जा रहा है और कई राज्यों ने मध्यप्रदेश के मॉडल को अपनाया है। बेटियों के भविष्य को सुरक्षित कर रही लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 52 लाख से अधिक बालिकाओं का पंजीयन किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में 6.40 लाख बालिकाओं को 350 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। आगामी वर्षों में लाखों और बालिकाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से बदली सोच, सशक्त हुई बेटियां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत मध्यप्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में व्यापक स्तर पर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के लिए पिंक ड्राइविंग लाइसेंस अभियान चलाया गया, जिसके तहत अब तक 6,134 महिलाओं एवं बालिकाओं को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए गए हैं। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सुरक्षित परिवहन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। समाज में बेटियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से विभाग ने 1,794 सफल बालिकाओं एवं महिलाओं को ‘जेंडर चैंपियन’ के रूप में चिन्हित किया है। ये जेंडर चैंपियन न केवल अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं, बल्कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर समाज में जागरूकता भी फैला रही हैं। योजना के अंतर्गत सशक्त वाहिनी कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। विगत वर्षों में 7 हजार से अधिक बालिकाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित किया गया है, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इसके साथ ही आगामी तीन वर्षों में शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत इच्छुक बालिकाओं को मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा दिलाकर उनकी स्कूली शिक्षा पूर्ण कराई जाएगी। वहीं जो बालिकाएं आगे पढ़ाई जारी नहीं रखना चाहतीं, उनके लिए कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। महिलाओं की सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन 181 प्रदेश में संचालित 57 वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए सुरक्षा और सहारे का मजबूत केंद्र बन चुके हैं। बीते दो वर्षों में 54,627 से अधिक संकटग्रस्त महिलाओं को यहां स्वास्थ्य, परामर्श, विधिक एवं पुलिस सहायता उपलब्ध कराई गई। वहीं, महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से 2.36 लाख से अधिक महिलाओं को त्वरित सहायता दी गई। कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास की बड़ी सौगात मंत्री ने बताया कि कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पहली बार 284 करोड़ रुपये की लागत से 5121 सीट क्षमता वाले 8 नए वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, जो अगले तीन वर्षों में पूरी तरह संचालित होंगे। बाल विवाह और कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण समन्वित प्रयासों से प्रदेश में बाल विवाह के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। NFHS-4 में जहां बाल विवाह की दर 32.4 प्रतिशत थी, वहीं NFHS-5 में यह घटकर 23.1 प्रतिशत रह गई है। कुपोषण के खिलाफ चलाए गए अभियानों का भी सकारात्मक असर दिखा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार कम वजन, ठिगनापन, दुबलापन और गंभीर कुपोषण — सभी संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। डिजिटल नवाचारों से सेवाओं में पारदर्शिता आंगनवाड़ी सेवाओं में सम्पर्क ऐप, पोषण ट्रैकर और फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम जैसे डिजिटल नवाचारों से निगरानी और पारदर्शिता को नई मजबूती मिली है। प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां इन तकनीकों का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। विकसित मध्यप्रदेश 2047 की ओर निर्णायक कदम महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी महिला या बच्चा विकास से वंचित न रहे। महिला सशक्तिकरण, सुरक्षित बचपन और सुपोषण के माध्यम से मध्यप्रदेश विकसित भारत 2047 में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

यातायात पुलिस का रोड सेफ्टी 4E’s आधारित दो दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स संपन्न

सड़क दुर्घटनाओं में कमी एवं संवेदनशील यातायात प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल भोपाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री शाहिद अबसार के मार्गदर्शन एवं विशेष पहल पर पुलिस परिवहन शोध संस्थान (PTRI) द्वारा 23 दिसंबर से 24 दिसंबर तक यातायात पुलिस रिफ्रेशर कोर्स का राज्य स्तरीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेशभर के यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्‍तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को “रोड सेफ्टी 4E’s मॉडल”—Education (शिक्षा), Engineering (अभियांत्रिकी), Enforcement (प्रवर्तन) और Emergency-Care (आपातकालीन देखभाल) पर आधारित आधुनिक, व्यावहारिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में उप पुलिस महानिरीक्षक श्री टी.के. विद्यार्थी द्वारा 4E’s के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए गोल्डन आवर के दौरान घायल व्‍यक्ति को बचाये जाने के लिए राहवीर एवं कैशलैस उपचार योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा द्वारा CPR/BLS (बेसिक लाइफ सपोर्ट) का लाइव प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) कर व्यावहारिक रूप से जीवन-रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के समापन सत्र में डॉ. मयंक दुबे एवं श्री एस.एस.लल्‍ली द्वारा यातायात प्रबंधन से संबंधी सड़क अभियांत्रिकी व प्रवर्तन की कार्यवाही एवं संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में पुलिस की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर PTRI के सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिजीत कुमार रंजन, श्री विक्रम रघुवंशी, उप पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु कार्तिकेय सहित अन्य प्रशिक्षण टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश के छात्रों को राहत, 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित

भोपाल प्रदेश के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए शीतकालीन अवकाश को लेकर बड़ी और स्पष्ट जानकारी सामने आई है। राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार इस वर्ष प्रदेश भर के सरकारी और निजी स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। यह अवकाश सभी बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा, जिससे छुट्टियों को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है। शासन के निर्देशों के अनुसार ही होगी छुट्टी इस बार राज्य सरकार ने शीतकालीन अवकाश को लेकर सख्ती बरती है और साफ निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल शासन द्वारा घोषित तिथियों का ही पालन करेंगे। इसी कारण मिशनरी स्कूलों सहित कई निजी स्कूलों ने अपने पुराने नियमों में बदलाव किया है और अब अवकाश की अवधि शासन के आदेश के अनुरूप रखी गई है।   मिशनरी स्कूलों ने बदला पुराना पैटर्न दरअसल, प्रदेश में CBSE से संबद्ध स्कूलों में मिशनरी संस्थानों की संख्या अधिक है। बीते वर्षों में अधिकांश मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 23 दिसंबर से 2 जनवरी तक घोषित कर दिया जाता था, जो कि शासन द्वारा निर्धारित छुट्टियों से अलग था। लेकिन इस बार शिक्षा विभाग की सख्ती और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के चलते मिशनरी स्कूलों ने भी अपने पुराने लंबे अवकाश के नियम को बदल दिया है और शासन की घोषित तारीखों के अनुसार ही छुट्टी देने का निर्णय लिया है। 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक रहेगा अवकाश राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में एपमी बोर्ड (MP Board) से संबद्ध स्कूलों और सभी सरकारी स्कूलों में 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। इसके अलावा 4 जनवरी रविवार होने के कारण सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस तरह छात्रों को लगातार पांच दिनों की छुट्टी का लाभ मिलेगा। 5 जनवरी से खुलेंगे स्कूल शीतकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद प्रदेश के सभी स्कूल 5 जनवरी (सोमवार) से दोबारा नियमित रूप से खुलेंगे। शिक्षण कार्य पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार शुरू होगा। अभिभावकों और छात्रों को राहत एक समान अवकाश व्यवस्था लागू होने से अभिभावकों और छात्रों दोनों को राहत मिली है। अब अलग-अलग बोर्डों और स्कूलों की छुट्टियों को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे शैक्षणिक कैलेंडर में भी अनुशासन बना रहेगा और पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। कुल मिलाकर, इस बार शीतकालीन अवकाश को लेकर शासन का रुख साफ है सभी स्कूलों के लिए एक समान नियम और एक समान तारीखें।

कस्‍तूरबा छात्रावास अधीक्षकों का प्रशिक्षण

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर तैयार की गई प्रशिक्षण मार्गदर्शिका भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बालिकाओं की स्‍कूली शिक्षा के लिए संचालित कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की पहचान केवल आवासीय विद्यालय के रूप में ही नहीं है, ये छात्रावास सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित समुदायों की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिये विशेष छात्रावास के रूप में पहचाने जाते हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए इन दिनों यहॉ की छात्रावास अधीक्षकों को सशक्तिरण के लिये राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा राष्ट्रीय शैक्षणिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (नीपा) के सहयोग से केजीबीवी वार्डन के सशक्तिकरण के लिये राष्‍ट्रव्‍यापी प्रशिक्षण प्रारंभ किया है। नीपा नई दिल्‍ली ने इसके लिए राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों और मूल भावनाओं के अनुरूप एक प्रशिक्षण मार्गदर्शिका भी तैयार की है, जिसमें वार्डन की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन एवं उपयोग, लैंगिक संवेदनशीलता, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा तथा सामाजिक भावनात्मक विकास जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के अपर संचालक डॉ. अरूण सिंह ने बताया कि प्रत्येक कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय केन्द्र में वार्डन होती है, वार्डन छात्रावास में रह कर अध्‍ययन कर रही बालिकाओं की एक मार्गदर्शक, अभिभावक, संरक्षक, प्रशासक के रूप में छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रशिक्षण के बाद वार्डन की कार्यक्षमता में और वृद्धि होगी और वे कुशलतापूर्वक कार्य कर सकेंगी। 207 कस्तूरबा छात्रावास प्रदेश में वर्तमान में 207 कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 40 हजार बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं को आवास सुविधा के साथ भोजन, स्पोटर्स, आत्मरक्षा, उपचारात्मक शिक्षा, करियर कॉउंसिल भी शामिल हैं।  

नगर परिषद मौ के वार्ड-4 के पार्षद पद के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित

भोपाल राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर परिषद मौ जिला भिण्ड के वार्ड क्रमांक-4 के पार्षद पद के उप निर्वाचन का संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने का कार्य 26 दिसम्बर से शुरू हो चुका है। नाम निर्देशन पत्र 2 जनवरी तक लिये जायेंगे। नाम निर्देशन पत्रों की जाँच 3 जनवरी को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 5 जनवरी, 2026 है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा। मतदान 16 जनवरी को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक होगा। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 19 जनवरी को सुबह 9 बजे से होगी। 

मध्‍यप्रदेश पुलिस की नकबजनी, लूट और ठगी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्यवाही तीन दिनों में 1 करोड़ 64 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों (चोरी, लूट, नकबजनी एवं धोखाधड़ी) के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तीन दिनों में महत्‍वपूर्ण सफलता दर्ज की गई है। प्रदेश के गुना, इंदौर, खरगोन, जबलपुर, सागर, छतरपुर और कटनी पुलिस ने नकबजनी, लूट और ठगी के नेटवर्क पर त्वरित कार्रवाही कर न केवल शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया, बल्कि उनके कब्जे से कुल 1 करोड़ 64 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति बरामद की है। गुना: दो बड़ी सफलता कुल 88 लाख 53 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त थाना विजयपुर एसआईटी ने गेल टाउनशिप में हुई नकबजनी घटना का पर्दाफाश किया है। तकनीकी विवेचना से एक शातिर नकबजन को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से 84 लाख 03 हजार रूपए मूल्‍य के सोने के आभूषण एवं नगदी बरामद की है। इसी प्रकार थाना कोतवाली पुलिस ने ज्वैलर्स की दुकान से चोरी करने वाले  आरोपी को गिरफ्तार कर 4 लाख 50 हजार रूपए के जेवर और नगदी जब्त की है। इंदौर: ‘बंटी-बबली’ स्टाइल में चोरी का पर्दाफाश राऊ थाना पुलिस ने फिल्म से प्रेरित होकर ज्वेलरी शॉप में हुई चोरी का मात्र 48 घंटे में पर्दाफाश‍किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर उनके कब्‍जे से 16 लाख 17 हजार रूपए के सोने-चांदी के आभूषण व घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किए है। सागर: लूट का त्वरित खुलासा जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुई 14 लाख की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 10 लाख 40 हजार रूपए नगद और घटना में प्रयुक्त वाहन सहित कुल 11 लाख 90 हजार की संपत्ति जब्त की है। जबलपुर: 30 से अधिक अपराध करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार थाना माढ़ोताल पुलिस ने एक आदतन अपराधी अज्जू उर्फ गणेश (जिस पर 31 अपराध पूर्व से दर्ज हैं) को गिरफ्तार कर 8 चोरियों का खुलासा किया। आरोपी से सोने-चांदी के जेवर, एलईडी टीवी और एक्टिवा सहित कुल 9 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। छतरपुर: सूने मकान की चोरी का खुलासा थाना किशनगढ़ पुलिस ने ग्राम कुपी में हुई चोरी का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, तीन मोबाइल और मोटरसाइकिल सहित कुल 7 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। खरगोन (₹20 लाख): अंतर्राज्यीय ठग गिरोह पकड़ा गया बेड़िया थाना पुलिस ने नकली सोना थमाकर असली जेवर व नकदी ठगने वाले यूपी और हरियाणा के अंतर्राज्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 17 लाख रूपए नगद और 3 लाख रूपए के आभूषण बरामद किए। कटनी: सस्ते सोने के नाम पर डकैती करने वाला गिरोह गिरफ्तार कोतवाली पुलिस ने सस्ते सोने' के नाम पर ठगी और लूट करने वाले अंतर्राज्यीय पारधी गिरोह को गिरफ्तार किया है। छिंदवाड़ा निवासी फरियादी को आरोपियों ने सस्ते दाम में 7-8 किलो सोना देने का झांसा देकर कटनी बुलाया। जब पीड़ित 8 लाख रूपए लेकर पहुंचे, तो पारधी गिरोह के सदस्यों ने चाकू अड़ाकर रुपयों से भरा बैग और मोबाइल लूट लिए और फरार हो गए। गईं। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर कैलवारा बायपास के पास घेराबंदी कर 4 पुरुषों और 2 महिलाओं (कुल 6 आरोपी) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई 8 लाख रूपए नगद, घटना में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिल, 4 चाकू, 6 मोबाइल फोन और ठगी के लिए इस्तेमाल नकली सोने की गिन्नियां (वजनी 250 ग्राम) सहित कुल 11 लाख 45 हजार रूपए की संपत्त्ति जब्‍त की है। इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ राजनेता और त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष श्री बिस्वा बंधु सेन के देवलोक गमन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री सेन को विनम्र श्रद्धांजलि दी एवं बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को संबल देने के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री बिस्वा बंधु सेन ने त्रिपुरा के विकास और जनसेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साहिबजादों की शहादत को किया नमन

सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शामिल किया जायेगा शैक्षणिक पाठ्यक्रम में भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रथम गुरु गुरुनानक देव से लेकर 10वें गुरु तक सिख धर्म के सभी गुरु महाराज और उनके परिवारों ने देश की रक्षा के लिए कुर्बानियां दीं। भारतीय इतिहास में सिख वीरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वीर बाल दिवस, 10वें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह के छोटे बेटों की असाधारण वीरता और शहादत की याद दिलाता है। साहिबजादा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत पर हर वर्ष वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की। बहुत छोटी उम्र में साहिबजादों ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार कर दिया और धर्म व सच्चाई की रक्षा के लिए महान साहस दिखाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चाई, हिम्मत और आत्मसम्मान सबसे बड़ी ताकत हैं। आज का दिन भारतीय युवाओं को वीरता, ईमानदारी और दृढ़ता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। सच्चाई और धर्म की रक्षा के लिए वीर साहिबजादों के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार गुरु गोविंद सिंह और सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत को समर्पित वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारा हमीदिया रोड पहुंच कर माथा टेका तथा संगत को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारे में मौजूद बच्चों के साथ बैठकर कीर्तन का श्रवण किया और बच्चों को दुलार भी किया। गुरुद्वारा हमीदिया रोड के आयोजन में संपूर्ण व्यवस्थाओं का संचालन बच्चों ने किया। गुरुद्वारे में बच्चों द्वारा कीर्तन दरबार का संचालन किया गया और चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के आयोजन के लिए राज्य सरकार द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रथम गुरु नानक देव जी की उज्जैन यात्रा और उज्जैन स्थित गुरुद्वारा इमली साहब का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख गुरुओं ने सदैव मानवता का मार्ग दिखाया है, उनके आदर्श हमारे लिए प्रेरणा के केंद्र रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "वीर बालक दिवस" पर पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचकर दशम गुरु साहिब श्री गुरु गोविंदसिंह के साहिबजादों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। संत सिपाहियों द्वारा अखाड़ा गत्तका प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि देश की आजादी में सिख वीरों ने कुर्बानियां दी हैं। वीर बाल दिवस के माध्यम से युवा पीढ़ी को धर्म और देश की रक्षा के लिए प्रेरणा मिलती है। भारत वीर साहिबजादों के बलिदान को सदैव याद रखेगा। अरेरा कॉलोनी गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष श्री पजिंदर सिंह ने ऐतिहासिक रूप से धर्म संस्कृति की रक्षा में सिख वीरों द्वारा दिए गए योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख धर्म गुरुओं ने मुगलों का मुकाबला करने के लिए सिख वीरों की फौज बनाई। गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की शुरुआत की। नामधारी सिखों ने गौमाता की रक्षा के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया। आजाद हिंद फौज की स्थापना में भी खालसा पंथ ने अहम भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष तथा वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, जिलाध्यक्ष श्री रवीन्द्र यती, वरिष्ठ समाजसेवी सुश्री नेहा बग्गा सहित समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पोस्टर लांच

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार की शाम समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान का पोस्टर लांच किया। यह अभियान 12 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक संचालित होगा। पोस्टर विमोचन के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री संजय कुमार शुक्ला और परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड उपस्थित थे।