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भोपाल गुरुद्वारा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर बाल दिवस पर शहादत को दी श्रद्धांजलि

भोपाल गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की महान शहादत को समर्पित “वीर बाल दिवस” के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका और शबद कीर्तन श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने साहिबजादों के जीवन, त्याग और अद्वितीय वीरता पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह महाराज जी के चारों साहिबजादों को नमन करते हुए कहा कि धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान युगों तक मानव समाज को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि साहिबजादों का त्याग केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए साहस, निष्ठा और धर्म रक्षा का अनुपम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी और उनके परिवार की शहादत से जुड़े गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि बच्चे और युवा अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को समझ सकें। उन्होंने 26 दिसंबर को शासकीय स्तर पर वीर बाल दिवस के रूप में मनाने और इससे जुड़े विषयों को शिक्षा प्रणाली से जोड़ने का उल्लेख किया। सीएम मोहन यादव ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी भूमि और आवश्यक व्यवस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने उज्जैन में गुरु नानक देव जी के आगमन से जुड़े स्थलों और परंपराओं को मान्यता और सम्मान देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरु साहिबानों की शहादत, बलिदान और मानवता के संदेश को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए निरंतर कार्य करेगी। उन्होंने सनातन संस्कृति और सिख परंपरा के साझा मानवतावादी मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्पष्ट किया कि गुरुजी के इतिहास, आयोजनों और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े सभी विषयों में प्रदेश सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।  

राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अस्पताल में मरीजों से मिलकर बिछाई चादर, किया हालचाल जाना

सतना  मध्य प्रदेश के सतना में कोदो की रोटी खाने से एक ही परिवार के 6 लोग बीमार हो गए थे. जिन्हें देखने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी जिला अस्पताल पहुंची और मरीजों का हाल जाना. इस दौरान राज्य मंत्री ने देखा की मरीज के बिस्तर पर चादर सिमटी हुई थी. जिसे उन्होंने अपने हाथों से ठीक किया फिर खुद जमीन पर बैठ गई. फुटेज में राज्य मंत्री का मानवीय चेहरा नजर आ रहा है. उन्होंने सभी के समुचित इलाज के लिए अस्पताल के सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. कोदो की रोटी खाने से 6 लोग बीमार सतना जिले के सिंहपुर कस्बे के ग्राम खनगढ़ में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार के 6 लोग अचानक उल्टी-दस्त का शिकार हो गए. परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए नागौद के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां से उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय सतना रेफर कर दिया गया. बीमार हुए सदस्यों का नाम रामबेटू कोल (उम्र 45 वर्ष), फगुना कोल (65 वर्ष), चुनवदा कोल (उम्र 55 वर्ष), सुनीता कोल (उम्र 15 वर्ष), भंडारी कोल (उम्र 17 वर्ष) सहित एक मासूम कल्लू कोल (उम्र 8 वर्ष) है. बीमार लोगों से मिलने अस्पताल पहुंची प्रतिमा बागरी सभी पीड़ित परिवार को जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया. खबर मिलने पर पीड़ित परिवार को देखने के लिए मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी जिला अस्पताल पहुंची और सभी मरीजों का हाल जाना. इसके साथ ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन एवं डॉक्टर को मरीज के समुचित इलाज के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए है. इस दौरान राज्य मंत्री का अनोखा रूप सामने आया, जिसे देख हर किसी ने उनकी तारीफ की. राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मरीज के बिस्तर पर अपने हाथों से चादर बिछाई. मरीज के परिजनों को भी राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि आपको समुचित इलाज मिलेगा, चिंता की कोई बात नहीं. डॉक्टर इलाज कर रहे हैं सभी लोग जल्द ठीक हो जाएंगे. राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि, ''ग्राम खनगढ़ में कुछ लोगों ने कोदो की रोटी खा ली थी, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. सभी को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं.'' जिला चिकित्सालय सतना के सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने बताया कि, ''कोदो की रोटी खाने के बाद कुछ लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था. सभी का बेहतर से बेहतर इलाज किया जा रहा है. सभी मरीजों को जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.''

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात रिफ्रेशर कोर्स, निरीक्षक से आरक्षक तक अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण

सड़क दुर्घटना रोकने के लिये यातायात रिफ्रेशर कोर्स यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षण भोपाल  सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिये दुर्घटना विहीन सफर की ओर एक सार्थक प्रयास पुलिस परिवहन शोध संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा मध्यप्रदेश के यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्तर के अधिकारी/ कर्मचारियों को यातायात रिफ्रेशर कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार की पहल पर जिसमें सड़क उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना जिसमें पदयात्रियों तथा सायकिल चालकों को प्राथमिकता दी गयी हो तथा भविष्य में शून्य सड़क दुर्घटना मृत्यु का लक्ष्य प्राप्त करना। सड़क सुरक्षा को मूलभूत यातायात सेवा में अविभाज्य अंग के रूप में मान्यता देना। प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ पर उप पुलिस महानिरीक्षकपीटीआरआई टी.के. विद्यार्थी द्वारा 4ई के प्रमुख सूत्रों जैसे एजुकेशन, इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट एवं इमरजेंसी केयरकी जानकारी दी गई। इस दौरान पीटीआरआई के सहायक पुलिस महानिरीक्षक अभिजीत कुमार रंजन, विक्रम रघुवंशी, उपुअ हिमांशु कार्तिकेय तथा अन्य प्रशिक्षण टीम के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस सत्र में सडक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रथमतः गोल्डन आवर के दौरान घायल व्यक्ति को बचाये जाने के लिए राहवीर, केशलेस जैसी बहुपयोगी योजनाओं कि विस्तृत जानकारी उनि. श्रीमती संध्या सिंह द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को दी गई। साथ ही उमनि पीटीआरआई द्वारा वैश्विक स्तर पर जारी सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को प्रशिक्षणार्थियों सामने रखा गया तथा प्राथमिक उपचार से संबंधी सीपीआर/बीएलएस का प्रशिक्षण भी डेमोन्सट्रेशन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा के द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में डॉ. मयंक दुबे तथा एस.एस. लल्ली (सेवा निवृत अपुअ) द्वारा यातायात प्रबंधन से संबंधी सड़क अभियांत्रिकी व प्रवर्तन की कार्यवाही तथा उनि. श्रीमती पूजा त्रिपाठी द्वारा संशोधित मोटर यान अधिनियम से संबंधी प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें पुलिस अधिकारी की भूमिका को समझाया गया।  

महाकाल मंदिर में भक्तों की आस्था और दान बढ़ा, 13 करोड़ रुपये के आभूषण और 1 अरब रुपये से अधिक दान प्राप्त

उज्जैन  उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर लंबे समय से भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। हमेशा से ही यहां भक्तों का तांता लगा रहता है लेकिन जब से महाकाल लोक का निर्माण हुआ है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला है। देश-विदेश जाने वाले श्रद्धालु दर्शन तो कर ही रहे हैं दिल खोलकर दान भी दे रहे हैं। पहले मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन 40 से 50 हजार हुआ करती थी। अब ये आंकड़ा डेढ़ से 2 लाख श्रद्धालुओं तक पहुंच गया है। भक्तों की संख्या बढ़ने के साथ मंदिर में आने वाले दान में भी वृद्धि हुई है। सोना चांदी से लेकर नगदी मंदिर में दान किया जा रहा है। बढ़ते श्रद्धालु और बढ़ता दान अभी तक 11 महीने में 5.50 करोड़ श्रद्धालु महाकाल मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। इस दौरान मंदिर समिति को 43 करोड़ 43 लाख रुपए नगद मिला है। वहीं 13 करोड़ रुपए से ज्यादा के सोने चांदी के आभूषण प्राप्त हुए हैं। मंदिर में अलग-अलग जगह पर दान पेटियां लगी हैं, जिनमें से 43 करोड़ 43 लाख की आय हुई है। शीघ्र दर्शन व्यवस्था से हुई आय 64 करोड़ 50 लाख रुपए है। इस तरह से कुल आय का आंकड़ा 107.93 करोड़ है। यह आंकड़ा 1 जनवरी 2025 से 15 दिसंबर तक का है। महाकाल लोक बनने से पहले मंदिर में प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर रोजाना करीब डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं तक पहुंच गई है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु सोना-चांदी के साथ-साथ नगदी भी दान कर रहे हैं। महाकाल मंदिर में बीते 11 महीनों में 5.50 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। इस दौरान भक्तों ने करीब 13 करोड़ रुपए मूल्य का सोना-चांदी दान किया है, जबकि नकद दान के रूप में 43 करोड़ 43 लाख रुपए मंदिर समिति को प्राप्त हुए हैं। इस वर्ष 1 जनवरी से 15 दिसंबर तक कुल 5.5 करोड़ श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर लगी दान पेटियों से महाकाल मंदिर समिति को 43 करोड़ 43 लाख रुपए का दान प्राप्त हुआ है। वहीं शीघ्र दर्शन व्यवस्था से मंदिर समिति को करीब 64 करोड़ 50 लाख रुपए की आय हुई है। पिछले वर्ष 2024 में भेंट पेटी और शीघ्र दर्शन से महाकाल मंदिर को कुल 92 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इस वर्ष, पिछले साल की तुलना में करीब 15 करोड़ रुपए अधिक दान भगवान महाकाल को प्राप्त हुआ है। दान में क्या मिला महाकाल मंदिर में अब तक मिले दान में 1483.621 ग्राम सोना, 592.366 किलोग्राम चांदी, दान पेटियां से 43 करोड़ 43 लाख रुपए, शीघ्र दर्शन व्यवस्था से 64 करोड़ 50 लाख रुपए। श्रद्धालुओं ने जो सोने के आभूषण दान किए हैं उनकी कीमत 1 करोड़ 82 लाख और चांदी की कीमत 11 करोड़ 85 लाख के आसपास बताई जा रही है। श्रद्धालुओं ने कुल मिलाकर 13 करोड़ से ज्यादा के आभूषण दान किए हैं। पिछले वर्ष कितना था दान इस वर्ष आए दान की तुलना साल 2024 से करें तो पिछली बार सोना अधिक दान किया गया था। 1 जनवरी 2024 से 13 दिसंबर 2024 तक 399 किलो चांदी और 1533 ग्राम सोना दान में आया था। इस वर्ष सोना चांदी की कीमत में भारी अंतर आया है, जिसका असर दान पर भी हुआ है। एक अरब 7 करोड़ दान पेटी और शीघ्र दर्शन से आय इस बार भेंट पेटी और शीघ्र दर्शन से महाकाल मंदिर को 11 माह 15 दिन में 107 करोड़ 93 लाख रुपए की आय हुई है। अभी 15 दिन शेष हैं जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के महाकाल मंदिर पहुंचने की उम्मीद है। महाकाल मंदिर में अन्य स्त्रोताें से होने वाली आय जैसे भस्म आरती बुकिंग,अभिषेक पूजन की आय, अन्न क्षेत्र से आय, धर्मशाला बुकिंग आय,फोटोग्राफी मासिक शुल्क आय, भांग एवं ध्वजा बुकिंग से आय,उज्जैन दर्शन बस सेवा से होने वाली आय शामिल नहीं। इस वर्ष अब तक यह दान मिला     सोना 1483.621 ग्राम।     चांदी 592.366 किग्रा।     दान पेटियों से 43 करोड़ 43 लाख रुपए।     शीघ्र दर्शन व्यवस्था से 64 करोड़ 50 लाख। 13 करोड़ से अधिक के आभूषण दान आए महाकाल मंदिर में एक जनवरी 2025 से लेकर पंद्रह दिसंबर 2025 तक के बीच में श्रद्धालुओं ने 592.366 किग्रा चांदी और 1483.621 ग्राम सोना बाबा महाकाल को दान किया है। दान आए आभूषणों में सोने की कीमत करीब 1 करोड़ 82 लाख रुपए तो चांदी की कीमत 11 करोड़ 85 लाख रुपए के आसपास है। महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने एक वर्ष से भी कम समय में 13 करोड़ रुपए से अधिक के तो सिर्फ आभूषण ही दान कर दिए। पिछले वर्ष की तुलना में 193 किलो चांदी अधिक भक्तों ने वर्ष 2024 में इस वर्ष की तुलना में सोना अधिक दान किया था। इस वर्ष चांदी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक दान में मिली है। साल 2024 में 1 जनवरी से 13 दिसंबर 2024 तक भक्तों ने 399 किलो चांदी और 1533 ग्राम सोना बाबा महाकाल को दान किया था। हालांकि पिछले वर्ष और इस वर्ष सोने और चांदी की कीमत में काफी अंतर आने से बाबा महाकाल को मिलने वाले दान की कीमत में करीब 10 करोड़ रुपए का अंतर आ गया। साल 2024 में 64 किलो आभूषण ऐसे थे जो दानपेटी से निकले थे, जिसमें हीरे की अंगूठी, कीमती घड़ी, डॉलर सहित अन्य देशों की मुद्रा भी शामिल थे। 15 दिसंबर तक 5.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे वर्ष 2025 खत्म होने को है इससे पहले महाकाल मंदिर से मिले आंकड़ों को देखें तो सामान्य दिनों में मंदिर दर्शन के रोजाना 1.20 लाख श्रद्धालु आ रहे हैं। वीक एंड में डेढ़ से पौने दो लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि एक जनवरी से दिसंबर माह के शुरुआत तक मंदिर में अब तक पांच करोड़ पचास लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच चुके है। 25 दिसंबर से 31 जनवरी तक करीब 6 लाख श्रद्धालुओं के मंदिर में पहुंचने की संभावना है। दो … Read more

संभागायुक्त सिंह का आह्वान: महिलाएं और बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा में आंगनबाड़ी निभाए महत्वपूर्ण भूमिका

समाज में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा में आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं – संभागायुक्त सिंह   संभाग के सभी जिलों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति की समीक्षा  की टीएल बैठक संपन्न   भोपाल          संभागायुक्त संजीव सिंह ने समाज में महिलाओं एवं बच्चों के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा में  आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी नियत समय-सीमा में निर्माण कार्य को पूर्ण कर संबंधित विभाग को जानकारी दे। इसके लिए सीईओ जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास एवं आरईएस के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों का संयुक्त दल निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में टीएल बैठक में संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ, महिला एवं बाल विकास डीपीओ, आरईएफ के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर्स के साथ सभी जिलों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति की व्हीसी के माध्यम से समीक्षा की।                संभागायुक्त  सिंह को इंजीनियर ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग श्री आर के शर्मा ने जानकारी दी कि भोपाल संभाग के सभी जिलों में कुल 666 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत किए गए जिसमें से 365 पूर्ण कर लिए गए हैं एवं शेष आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्य निर्माणाधीन प्रक्रिया में हैं। संभागायुक्त श्री सिंह ने सभी जिलों के कार्यपालक इंजीनियर (आरईएस) से व्हीसी के माध्यम से एक-एक आंगनबाड़ी केन्द्र की प्रगति की जानकारी ली एवं एक माह में निर्माण पूर्ण करने के लक्ष्य निर्धारित किए। उन्होंने लंबित कार्यों पर अप्रसंन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।        संभागायुक्त  सिंह ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तेजी से किया जाए। जो शिकायतें 100 दिवस से अधिक समय से लंबित हैं, उन पर विशेष ध्यान देकर निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों द्वारा सड़कों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रो-एक्टिव एवं रुचि लेकर हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।                  संभागायुक्त सिंह ने कलेक्टर्स- कमिश्नर्स कांफ्रेंस के बिंदुओं पर अधिकारियों से प्राथमिकता से कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने किसान एवं कल्याण विभाग, उद्यानिकी, पशुपालन, एवं मत्स्य पालन विभाग को विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से मकान क्षति, पशु हानि संबंधी प्रकरणों में आर्थिक सहायता राशि देने का कार्य समय से करें।       समीक्षा बैठक के दौरान व्हीसी के माध्यम से संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायत सीईओ शामिल हुए। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता, संयुक्त संचालक श्रीमती नकी जहां कुरैशी, संभागीय अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

किसानों के लिए राहत: ई-टोकन से खाद वितरण शुरू, अब लंबी कतारों में समय नहीं खोएंगे

जबलपुर  किसानों को रसायनिक खाद वितरण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए कृषि विभाग ने लगातार अनेक उपाय किए पर सफलता नहीं मिली। वितरण केंद्रों में खाद पाने किसानों की कतार लंबी होती गई। स्थाई समाधान की दिशा में कार्य करते हुए शासन ने एक अक्टूबर 2025 से खाद वितरण की नई व्यवस्था ‘ई-टोकन’ का प्रयोग किया। इसके बेहतर परिणाम सामने आए। किसानों से प्राप्त फीडबैक के बाद यह व्यवस्था अब एक जनवरी 2026 से प्रदेशभर में लागू की जा रही है। जबलपुर, विदिशा और शाजापुर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-टोकन व्यवस्था शुरू की गई थी। योजना का फायदा यह रहा कि खाद लेने के लिए किसानों को न तो कतार में खड़ा होना पड़ा, न ही दस्तावेज लेकर भटकने की जरूरत पड़ी। उन्होंने अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ई-टोकन पोर्टल पर वांछित जानकारी दर्ज की, जिसके साथ ही तय मात्रा में खाद बुक हो गई। उसके बाद किसानों ने अपनी सुविधा के मुताबिक वितरण केंद्र से खाद प्राप्त कर ली। विभाग ने खाद को घर तक पहुंचाने की वैकल्पिक सुविधा भी दी है। जबलपुर में तीन माह के भीतर 40 हजार से अधिक किसानों ने ई-टोकन के माध्यम से लगभग 20 हजार 770 टन खाद ली। रबी सीजन में लगभग 59 हजार से ज्यादा किसानों ने खाद लेने के लिए ई-टोकन प्रणाली में पंजीयन कराया है। कतार से राहत, समय की भी बचत ई-टोकन व्यवस्था से किसान तय तारीख और समय पर केंद्र पहुंचकर आसानी से खाद ले सकेंगे। इससे न समय की बचत होगी, बल्कि वितरण केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण लगेगा। ई-टोकन के साथ-साथ किसानों के घर तक खाद पहुंचाने की सुविधा भी शुरू की गई है, लेकिन यह व्यवस्था किसानों को खास पसंद नहीं आई। जबलपुर जिले में अब तक केवल तीन किसान ही घर-घर खाद वितरण योजना से जुड़े हैं। अधिकांश किसानों का मानना है कि केंद्र से सीधे खाद लेना अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद है। आंकड़ों पर नजर     01 अक्टूबर से जबलपुर सहित तीन जिलों में ई-टोकन की सुविधा शुरू हुई।     18 दिसंबर तक जबलपुर में 40 हजार किसानों ने 20 हजार 770 टन खाद ली-     59 हजार 732 किसानों ने रबी सीजन में ई-टोकन के जरिए खाद लेने पंजीयन कराया।     03 माह के भीतर चार हजार से अधिक किसानों को ई-टोकन से खाद दी गई। ऐसे ले सकते हैं ई पोर्टल से खाद     ई-टोकन पोर्टल पर किसान पंजीयन कराना जरूरी है।     इसके लिए ई-टोकन डट एमपीकृषि डाट ओआरजी ओपन करें।     ट्रस्ट/पट्टा/अन्य कृषक का पंजीयन पर क्लिक करें।     आधार नंबर दर्ज करें और आधार सत्यापन पर क्लिक करें।     ओटीपी प्रविष्ट करें एवं आधार सत्यापित पर क्लिक करें।     आधार सत्यापन के बाद स्वतः प्रदर्शित जानकारी दें।     किसान का नाम, मोबाइल और आधार नंबर व पते की जानकारी दें।     भूमि विवरण जोड़ने की प्रक्रिया में जाकर और कुल रकबा, सिंचित रकबा और खसरा नंबर दें।     स्थान विवरण चयन कर जिला, विकासखंड, ग्राम की जानकारी दें।     इसके बाद भूमि जोड़ें पर क्लिक करें।     अंत में चेक बाक्स में क्लिक कर अनुमोदन को प्रेषित करें। यह डाटा राजस्व विभाग के पास चला जाएगा। डा. एसके निगम, उप संचालक, कृषि ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-टोकन की व्यवस्था जबलपुर समेत प्रदेश के तीन जिलों में लागू की गई थी। इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। किसानों से फीडबैक लेने के बाद अब इसे प्रदेशभर में एक जनवरी 2026 से लागू किया जा रहा है।

गर्दन में चाकू फंसा, 46 किमी दूर अस्पताल तक पहुंचा नाबालिग; महिदपुर में विवाद में हिंसा

महिदपुर  मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील में बाइक टकराने के मामूली विवाद में समझाइश देने से नाराज 3 लोगों ने एक नाबालिग को घेरकर उस पर चाकू से हमला कर दिया। इस विवाद में चाकू नाबालिग की गर्दन में जा घुसा, जिसके बाद उसे गर्दन में फंसे चाकू के साथ ही इलाज के लिए उज्जैन लाना पड़ा। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें आरोपी नाबालिग पर चाकू से हमला करता दिख रहा है। वहीं एक अन्य वीडियो में उज्जैन के अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने के दौरान भी उसकी गर्दन में फंसा चाकू साफ नजर आ रहा है। यह घटना मंगलवार की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी आज सामने आया। वीडियो में 3 लोग नाबालिग पर हमला करते नजर आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियो पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह घटना उज्जैन से करीब 45 किमी दूर महिदपुर तहसील के दर्जी बाखल क्षेत्र में उस वक्त हुई, जब दो दोस्त एक किराना दुकान से सामान लेकर लौट रहे थे, इसी दौरान गाड़ी टकराने की बात को लेकर हुए विवाद में एक नाबालिग को चाकू मार दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दौरान अरशान खान और पीड़ित नाबालिग अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से बाइक सवार तीन युवक आ रहे थे और उनकी बाइक नाबालिग लड़के से टकरा गई। जिसके बाद नाबालिग ने उन बाइक सवार 3 लोगों से ध्यान से बाइक चलाने की बात कही, जिससे विवाद बढ़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने नाबालिग पर चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गए। हमले के दौरान चाकू नाबालिग की गर्दन में जा घुसा, और वहीं फंसा रह गया। जिसके बाद चाकू लगी हालत में उसे इलाज के लिए पहले महिदपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उज्जैन रेफर किया गया। गुरुवार को घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें विवाद के बाद आरोपी नाबालिग पर चाकू से हमला करते हुए और फिर फरार होते हुए नजर आ रहे हैं। साथ ही उज्जैन का भी एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नाबालिग इलाज के दौरान गर्दन में फंसे चाकू के साथ अस्पताल में खड़ा दिखाई दे रहा है और दर्द से कराहता नजर आ रहा है। पुलिस ने अरशान खान की रिपोर्ट पर तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश की जा रही है, फिलहाल युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, पचमढ़ी में पारा 4.2°C, 25 शहरों में 10°C से नीचे; कई जिलों में घना कोहरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। प्रदेश (MP Weather Update) के हिल स्टेशन पचमढ़ी में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 4.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9°C के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के कई जिलों में सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को अलाव और लाइट के सहारे चलना पड़ा। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में भी देरी का असर देखने को मिला। सड़कों पर चलने वाले वाहन दिन में भी हेडलाइट जलाने को मजबूर रहे। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि ठंड से राहत फिलहाल नहीं मिलने वाली। 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर 2 से 3 दिन के भीतर मध्य प्रदेश में दिखाई देगा। इसका मतलब है कि नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के साथ होगी। भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, शाजापुर और सीहोर समेत कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। भोपाल में 7, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9 डिग्री मिनिमम टेंपरेचर मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। पचमढ़ी के अलावा रीवा में 5.5 डिग्री, शिवपुरी और खजुराहो में 6 डिग्री, नौगांव और दतिया में 6.2 डिग्री तथा उमरिया में 6.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में पारा 7 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह अलाव का सहारा ठंड और कोहरे के चलते आम जनजीवन पर असर दिखने लगा है। कई इलाकों में सुबह लोग अलाव तापते नजर आए। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में रात का तापमान और गिर सकता है। पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे, कई शहरों में छाया घना कोहरा बुधवार-गुरुवार की रात प्रदेश में लगातार दूसरे दिन तापमान 4 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं खजुराहो, नौगांव, मंडला, रीवा, सतना, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और दमोह जैसे शहरों में घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे की मार,ट्रेनों की रफ्तार थमी कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर पड़ रहा है। दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी लेट हैं। शुक्रवार को भी हालात सामान्य होने के आसार कम हैं। 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे प्रदेश के 25 से अधिक शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। ग्वालियर में पारा 7 डिग्री, इंदौर में 7.5 डिग्री, भोपाल में 8.4 डिग्री और जबलपुर में 10 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ (5 डिग्री), रीवा (5.4), शाजापुर (5.5), शिवपुरी (6) और नौगांव (6.4) जैसे इलाके सबसे ज्यादा ठंडे रहे।रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री, ग्वालियर में 24.1, जबलपुर में 25.4 और इंदौर में 26 डिग्री रहा।बालाघाट का मलाजखंड दिन में भी सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान सिर्फ 21.2 डिग्री दर्ज किया गया। जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार ठंड के पीछे जेट स्ट्रीम की बड़ी भूमिका है। यह हवा जमीन से करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के साथ मिलकर यह ठंड को और तीखा बना रही है। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, सर्द हवाओं का असर और तेज हो सकता है। इस साल नवंबर और दिसंबर में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में नवंबर के महीने में लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया था। इंदौर में भी 25 साल बाद इतनी सर्द रात दर्ज की गई। 

हेलमेट नहीं तो जेब पर भारी मार! MP में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अर्थदंड बढ़कर 500 रुपये

भोपाल प्रदेश में हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। हेलमेट नहीं लगाने पर अब 300 की जगह 500 रुपये अर्थदंड लगाने का प्रस्ताव है। वाहन चालक हो या पीछे बैठने वाला दोनों के लिए 500-500 रुपये अर्थंदड का प्रविधान किया जाएगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसे शीघ्र ही स्वीकृति के लिए कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं अधिकारियों के अनुसार जनवरी, 2026 से नए प्रविधान लागू हो सकते हैं। एमपी में भी लगभग तीन वर्ष पहले अर्थदंड बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में आया था, पर कुछ मंत्रियों ने यह कहते हुए विरोध किया था कि इससे जनता की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इस कारण इसे स्वीकृति नहीं मिली थी। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें दोपहिया वाहन सवार जितने लोगों की मौत होती हैं, उनमें 80 प्रतिशत से अधिक बिना हेलमेट वाले होते हैं।   6541 लोग बिना हेलमेट के थे इस कारण अर्थदंड बढ़ाने की तैयारी है। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाने पर पहले से चालान 500 रुपये है। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 14 हजार 791 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान चली गई, जिनमें 6541 लोग बिना हेलमेट के थे। ये वाहन चालक या पीछे बैठने वाले थे। पड़ोसी राज्यों की तुलना में एमपी में हेलमेट नहीं पहनने पर अर्थदंड बहुत कम है। यूपी और बिहार में एक हजार और छत्तीसगढ़ में 500 रुपये अर्थदंड उत्तर प्रदेश और बिहार में एक हजार और छत्तीसगढ़ में 500 रुपये अर्थदंड लगाया जाता है। सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने भी इस वर्ष दो बार प्रदेश का दौरा किया, जिसमें नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा था। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 15-20 दिन के भीतर हेलमेट नहीं लगाने पर अर्थदंड बढ़ाने की अधिसूचना जारी हो सकती है।