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मध्यप्रदेश पुलिस की क्रिप्‍टो निवेश, एटीएम फ्रॉड, खेत में गड़ा सोना निकालने, किसानों को ऑर्गेनिक खाद एवं शासकीय सब्सिडी का झांसा देकर ठगी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाही

विगत दो दिनों में 33 लाखसे अधिक की अवैध संपत्ति जप्त भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नागरिकों, वरिष्ठजनों एवं किसानों के साथ हो रही ठगी की घटनाओं के विरुद्ध सतत, संगठित और सख़्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में त्वरित एवं तकनीकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप एटीएम कार्ड बदलकर ठगी, खेत में गड़ा सोना निकालने के नाम पर धोखाधड़ी तथा किसानों को पॉलीहाउस, ऑर्गेनिक खाद एवं शासकीय सब्सिडी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलताएँ दर्ज की गई हैं। देवास- क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी करने वाला संगठित गिरोह गिरफ्तार औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर भारी लाभ दिलाने का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले 05 शातिर बदमाशों के संगठित गिरोह को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। फरियादी चेतनसिंह सोलंकी निवासी आनंद विहार कॉलोनी, देवास द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार व्हाट्सएप के माध्यम से अज्ञात आरोपियों ने क्रिप्टो निवेश में मुनाफे का झांसा देकर किश्तों में कुल 1लाख 04 हजार 100 रुपये की ठगी की थी। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं डिजिटल ट्रेल का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए जिन बैंक खातों में ठगी की राशि ट्रांसफर हुई थी, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया। साक्ष्यों के आधार पर पाँच शातिर आरोपियों गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया। उनके कब्जे से ठगी गई संपूर्ण राशि 1लाख 4हजार 100 रुपये तथा 06 एंड्रॉइड मोबाइल फोन सहित कुल 2लाख 33हजार 100 रुपये की संपत्ति जप्तकी है। दमोह – एटीएम फ्रॉड का पर्दाफाश दमोह के थाना पथरिया क्षेत्र में एक वरिष्ठ नागरिक से ₹17,000 की एटीएम फ्रॉड घटना दर्ज हुई थी।प्रकरण दर्ज होते ही पुलिस द्वारा त्वरित जांच प्रारंभ की गई। पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर एक संदिग्ध वाहन की पहचान की गई। तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हरियाणा राज्य के जिला रोहतक अंतर्गत ग्राम इंदरगढ़ से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जिसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। टीकमगढ़ जिला – नकली सोना निकालने के नाम पर ठगी जिले के थाना देहात क्षेत्र में खेत में गड़ा सोना निकालने एवं पूजा-पाठ के नाम पर 70 हजार रूपए एवं नकली पीतल के बिस्‍कुट थमाकर ठगी करने की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 24हजार रूपएनगद एवं 16 नकली पीतल के बिस्कुट जब्त किए हैं। राजगढ़ – ‘ऑपरेशन किसान रक्षक’ के अंतर्गत अंतर्राज्यीय ठग गिरोह पर बड़ीकार्रवाई राजगढ़ में किसानों को पॉली हाउस, ऑर्गेनिक खाद व सरकारी सब्सिडी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के विरुद्ध पुलिस ने ‘ऑपरेशन किसान रक्षक’ चलाया। थाना करनवास, खुजनेर एवं नरसिंहगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 30 लाख 52 हजार रूपए की संपत्ति जब्त कर 15 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन, वरिष्ठ नागरिकों एवं किसानों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की ठगी या वित्तीय धोखाधड़ी को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्यों, अंतर्राज्यीय समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। नागरिकों से अपील है कि एटीएम लेन-देन, लालचपूर्ण योजनाओं अथवा अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दी जा रही झूठी पेशकशों से सावधान रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन 1930 पर दें।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भाजपा के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन से सौजन्य मुलाकात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली के बिहार निवास में नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष भाजपा नितिन नबीन से सौजन्य मुलाकात कर उनको बधाई दी। मुलाकात के बाद डॉ. मोहन यादव ने बताया की नई पौध को प्रयास करके आगे लाना सच्चे अर्थों में लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्व में सबसे युवा देश है और पूरे विश्व में भाजपा सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनना सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और प्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। यह सब बाबा महाकाल की कृपा है। मध्यप्रदेश गरीब महिलाओं और युवाओं के साथ हमेशा खड़ा है और आगे बढ़ रहा है।  

30 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर- मंत्री सिंह30 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर- मंत्री सिंह

स्कूलों में नामांकन दर को बढ़ाने एवं ड्रॉपआउट दर को घटाने के लिये किये गये ठोस प्रयास 30 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएं शैक्षणिक सत्र समय पर कराई गई उपलब्ध विकास और सेवा के 2 वर्ष पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि इस वर्ष शैक्षणिक सत्र में बच्चों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली बार 'प्रवेशोत्सव' का आयोजन अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही शुरू किया था। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सराहनीय रही है। स्कूलों में कक्षा एक, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। कक्षा 6 में प्रवेश के लिये प्रधानाध्यापक और माध्यमिक शाला में कक्षा 9 में प्रवेश के लिये प्राचार्य को जिम्मेदारी दी गई। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, परिवहन विभाग के सचिव श्री मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त श्री विवेक शर्मा, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह एवं विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा परिणाम मार्च में घोषित मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कक्षा एक में कुल नामांकन वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में 19.6 प्रतिशत एवं शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत अधिक रहा है। प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही हो, इसके लिये कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा के परिणाम मार्च माह में ही घोषित कर दिये गये। उन्होंने बताया कि शासकीय योजनान्तर्गत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र परिवारों के लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति पूर्णत: ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की गई। पिछले 3 वर्षों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है। वर्ष 2024-25 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है। समग्र आईडी के माध्यम से 90 प्रतिशत बच्चों की ट्रेकिंग पूर्ण की गई है। प्रोत्साहन एवं अन्य योजनाएं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई गईं और उनकी छपाई गुणवत्ता में सुधार किया गया। 94 हजार 300 प्रतिभाशाली बच्चों को लेपटॉप और 7 हजार 800 विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई। पहली बार साइकिल वितरण का कार्य अगस्त माह में ही कर लिया गया। आगामी शैक्षणिक सत्र से अप्रैल 2026 में ही साइकिल वितरण का कार्य किया जायेगा। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति, गणवेश, छात्रावास एवं छात्राओं के सेनिटेशन एवं हाइजीन के लिये डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित की गई। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान की तीसरी किश्त के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने वाला देश का तीसरा एवं पहला बड़ा राज्य मध्यप्रदेश है। प्रदेश में पहली बार अतिथि शिक्षक की व्यवस्था 1 जुलाई को पूर्ण की गई। वर्तमान में 76 हजार 325 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण, शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में किया गया। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में भेजा गया। उल्लेखनीय उपलब्धि              प्रदेश में 80 प्रतिशत नियमित शिक्षकों की एवं 96 प्रतिशत अतिथि शिक्षकों की 'हमारे शिक्षक' जियो टेग आधारित ऐप में दर्ज की जा रही है। इस ऐप में अवकाश प्रबंधन और शिकायत निवारण सुविधा भी 1 जनवरी 2026 से लागु कर दी जायेगी।              18 जिला एवं प्रशिक्षण संस्थानों का उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकास।              आगामी शैक्षणिक वर्ष से पूर्णत: ऑनलाइन छात्रावास प्रबंधन एवं प्रवेश के लिये सॉफ्टवेयर।              पहली बार जिलों को सरकारी स्कूल भवन मरम्मत, पेयजल एवं बिजली व्यवस्था के लिये निधि आवंटित।              अगले वर्ष तक सभी सरकारी हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी एवं मिडिल स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था।              प्रदेश के 275 सांदीपनि एवं 799 पीएमश्री विद्यालयों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित करने की योजना। प्रदेश के 275 सांदीपनि विद्यालयों में से 79 भवन पूर्ण और 126 सांदीपनि भवनों का कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य।              वर्तमान में 3367 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा। पिछले वर्षों में 690 विद्यालयों में कृषि संकाय प्रारंभ। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 6 लाख हुई।              वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा प्रतिशत 56 प्रतिशत से बढ़कर 76.22 प्रतिशत हुआ। इसमें लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तीर्ण प्रतिशत 63 प्रतिशत से बढ़कर 74.56 प्रतिशत हुआ। इसमें 12 प्रतिशत वृद्धि हुई। द्वितीय बोर्ड परीक्षा का संचालन माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा किया गया। द्वितीय परीक्षा उपरांत अंतिम उत्तीर्ण प्रतिशत कक्षा 10 के लिये 87.52 प्रतिशत तथा कक्षा 12 के लिये 82.53 प्रतिशत रहा।              राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये टास्क फोर्स की बैठक नियमित। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 49 पाठ्य पुस्तकों का हिन्दी एवं स्थानीय भाषा में प्रकाशन। पुस्तकें 89 ट्राइबल विकासखंड शालाओं को भेजी गई।              निजी विद्यालयों की मान्यता निरीक्षण एवं अपील प्रक्रिया के लिये 'एण्ड टू एण्ड' ऑनलाइन पोर्टल को इस वर्ष शुरू किया जायेगा। स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालयों को एक ही भवन और परिसर में लाने के लिये 20 मंजिल के कार्यालय भवन का निर्माण प्रस्तावित। परिवहन विभाग की उपलब्धियां परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पत्रकार वार्ता में परिवहन विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के परमिट तथा ड्राइविंग लाइसेंस आदि सेवाओं को पोर्टल … Read more

समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिये बालिकाओं के साथ बालकों को भी जागरूक करें : मंत्री सुश्री भूरिया

महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री सुश्री भूरिया समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिये बालिकाओं के साथ बालकों को भी जागरूक करें : मंत्री सुश्री भूरिया मंत्री सुश्री भूरिया की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रथम अनुश्रवण समिति की बैठक भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में आज अनुश्रवण समिति की प्रथम बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक में महिलाओं के उत्थान और उनकी आजीविका को बेहतर बनाने के लिये 21 विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा कर आगामी कार्य-योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि बाल विवाह रोकने के सार्थक प्रयास में विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को भी इसकी समझाइश दी जाये उन्हें समाज की कुरीतियों को दूर करने और उनके रोकने के लिये जागरूक किया जाये । विमुक्त घुमंतू जातियों के उत्थान के लिये करें विशेष प्रयास उद्योग एवं आदिम जाति विभाग के संयुक्त प्रयास से वर्किंग वीमेन हॉस्टल की हर जिले में स्थापना की जाये ताकि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को और बेहतर किया जा सके । मंत्री सुश्री भूरिया ने बैठक में कहा कि महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित अनुश्रवण किया जाए। बैठक में पोषण अभियान, आंगनवाड़ी सेवाएं, किशोरी बालिका योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री ने योजनाओं में आ रही चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। सुश्री भूरिया ने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से नवाचार आधारित प्रयासों को बढ़ावा देने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव आयुक्त, महिला एवं बाल विकास सुश्री निधि निवेदिता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

बड़वाह-धामनोद 4 लेन मार्ग मय पेव्हड शोल्डर के निर्माण कार्यों के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये स्वीकृत तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केन्द्र एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापना के लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बड़वाह-धामनोद 4-लेन मार्ग मय पेव्हड शोल्डर (लंबाई 62.795 किमी) के साथ हाइब्रिड एज्युटी मॉडल के अंतर्गत भू-अर्जन सहित उन्नयन एवं निर्माण के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना अंतर्गत 10 बायपास, 5 वृहद पुल, 23 मध्यम पुल, 12 VUP/SVUP, 7 वृहद जंक्शन एवं 56 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जायेगा। निर्माण की लागत का 40 प्रतिशत हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60 प्रतिशत राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा। सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमो को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमो को भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मापदण्ड के अनुक्रम में 16वां वित्त आयोग निर्धारित अवधि वर्ष 2026-27 से 2030-31 में आगामी 05 वर्षों की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस योजना में आंगनवाड़ी सेवा योजना (पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, शाला पूर्व शिक्षा, आंगनवाड़ी भवन निर्माण सक्षम आंगनवाड़ी सहित), पोषण अभियान, किशोरी बालिकाओं के लिए योजना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आदि सम्मिलित है। यह योजना प्रदेश के सभी 55 जिलों की 453 बाल विकास परियोजनाओं अंतर्गत 97 हजार 882 आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से संचालित की जाती है। मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। द्वतीय चरण के अंतर्गत एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, कुलगुरु और कुल सचिव आवास तथा 12 मल्टीस्टोरी स्टाफ क्वार्टर्स, कैंपस बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण किया जाएगा। इस विधि विश्वविद्यालय में BA LLB (Hons), LLB(Hons) एवं PhD पाठ्यक्रम में 1,272 सीट्स स्वीकृत हैं और वर्तमान में 720 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केन्द्र एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित के लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के WINDS (वेदर इंर्फोमेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम) कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक तहसील स्तर पर स्वचालित वेदर स्टेशन और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित रेनगेज स्थापित किए जायेंगे। मंत्रि-परिषद् ने इसके लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। WINDS कार्यक्रम के संचालन से मौसम आधारित आंकडे उपलब्ध होंगे, जिससे प्रदेश के कृषकों के हित में फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन तेज गति से किया जा सकेगा। मौसम के उच्च गुणवत्ता आंकड़े एकल डिजिटल प्लेटफार्म पर भारत सरकार को उपलब्ध कराए जाएँगे। पाँच वर्षों की योजना पर अनुमानित व्यय 434 करोड़ 58 लाख रुपये संभावित है।  

मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया

मध्यप्रदेश को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस के लिए एमपी ट्रांसको को मिला सम्मान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दी बधाई भोपाल  मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पुरस्कार प्रदेश की मजबूत ट्रांसमिशन व्यवस्था, तकनीकी दक्षता और सतत सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम ट्रांसमिशन लॉस के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त इस प्रतिष्ठित मंच से एमपी ट्रांसको की ओर से कार्यपालन अभियंता लोकेश द्विवेदी ने यह सम्मान प्राप्त किया। मूल्यांकन का आधार पुरस्कार के लिए यूटिलिटीज़ का चयन केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) के डेटा तथा विभिन्न राज्य विद्युत कंपनियों की आधिकारिक रिपोर्टों के आधार पर किया गया। अवॉर्ड की श्रेणियों में सबसे अधिक लाइन लेंथ मे वृद्धि, ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी में वृद्धि, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस जैसे महत्वपूर्ण मानक शामिल रहे। ट्रांसटेक इंडिया–2025 में हुआ सम्मान यह सम्मान नई दिल्ली स्थित यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, द्वारका में आयोजित ‘ट्रांसटेक इंडिया–2025’ कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया। यह कॉन्फ्रेंस विद्युत मंत्रालय से मान्यता प्राप्त एक प्रमुख राष्ट्रीय मंच है, जहां नीति निर्माता, रेगुलेटरी संस्थाएं, डेवलपर्स, मैन्युफैक्चरर्स और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स आपसी समन्वय के साथ भाग लेते हैं। इस आयोजन में देशभर से 2500 से अधिक ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।  

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: टाइगर रिज़र्व में रिसॉर्ट्स और होटलों में नए साल पर अलाव पर रोक

भोपाल सुप्रीम कोर्ट ने वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए कोर एरिया में मोबाइल फोन के बाद अब टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के आसपास के इलाकों में लकड़ी के 'अलावा' जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। PCCF स्तर से इस आशय का आदेश जारी किया गया है। जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्ड लाइफ शुभ रंजन सेन ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क व वन्य प्राणी अभयारण्य के लिए आदेश जारी किया है, जिसमें उल्लेख है कि इनके आसपास लकड़ी के 'अलाव' जलाना प्रतिबंधित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में यह आदेश दिया गया गया है। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि ईको सेंसिटिव जोन में होटल, रिसोर्ट और बिजनेस सेंटर्स में लकड़ी के अलाव नहीं जलाए जा सकेंगे। यहां लकड़ी जलाने पर पूरी तरह मनाही है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कमर्शियल उपयोग के लिए फायरवुड जलाने पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसमें पर्यटकों के नाम पर व्यावसायिक सेंटर में होने वाले आयोजनों में अलाव भी प्रतिबंधित रहेगा। किचिन में भी लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाएगा। प्रदेश में टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क और वन्य प्राणी अभयारण्य के अधिकारियों को इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। क्रिसमस और न्यू ईयर पार्टियों में खूब अलाव जलते हैं बता दें कि क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क के अधीन बने होटल-रिसोर्ट में विशेष आयोजन रखे जाते हैं, पार्टियों का भव्य आयोजन होता है। इसमें अलाव भी खूब जलाए जाते हैं। लेकिन अब प्रतिबंध के बाद लकड़ी नहीं जलाई जा सकेगी।

भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना: NHAI ने जताई जन-सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता

भोपाल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को सुरक्षित, सुगम एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। NHAI का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित न होकर आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास को गति मिले। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल शहरी विस्तार, नए आवासीय क्षेत्रों के विकास तथा यातायात गतिविधियों में निरंतर वृद्धि के साथ एक प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो रही है। इस परिप्रेक्ष्य में शहर की प्रमुख सड़कों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक पहल है। वर्तमान में अयोध्या बायपास की यातायात वहन क्षमता लगभग 40,000 वाहनों प्रतिदिन है, जबकि इस मार्ग पर वर्तमान में ही लगभग 45,000 वाहन प्रतिदिन आवागमन कर रहे हैं। आसपास विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों से यातायात सीधे मुख्य मार्ग पर आने के कारण इस खंड पर यातायात दबाव बढ़ता जा रहा है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग पर वर्तमान में तीन ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं। यह परियोजना आम नागरिकों के लिए क्यों आवश्यक है ? * अयोध्या बायपास पर चिन्हित तीन प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स का सुधार एवं निराकरण किया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी एवं जन-सुरक्षा सुनिश्चित होगी। * सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे कॉलोनियों से आने-जाने वाले स्थानीय वाहनों को पृथक मार्ग उपलब्ध होगा और मुख्य कैरिज-वे पर यातायात दबाव कम होगा। * पूरे बायपास को छह लेन में विकसित किया जा रहा है। इसका डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह वर्ष 2050 तक के अनुमानित यातायात दबाव को सुचारु रूप से संभाल सके। * बेहतर एवं चौड़ी सड़क उपलब्ध होने से यात्रा समय में कमी, ईंधन की बचत तथा प्रदूषण में कमी आएगी। * उन्नत लेआउट एवं सुरक्षित डिज़ाइन से वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी।  पर्यावरण संरक्षण के प्रति NHAI की संवेदनशीलता एवं ठोस पहल  NHAI का यह प्रयास केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास एवं पर्यावरण संतुलन को समान प्राथमिकता देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्राधिकरण प्रारंभ से ही ग्रीन हाईवे की अवधारणा में विश्वास रखता है। परियोजना के अंतर्गत जिन वृक्षों की कटाई प्रस्तावित है, उनमें से लगभग 5,000 वृक्ष टिम्बर श्रेणी के हैं। वृक्ष कटाई के विकल्पों एवं प्रतिपूरक उपायों के संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति (CEC) को NHAI द्वारा विभिन्न विकल्प प्रस्तुत किए गए हैं।  प्रतिपूरक,विकल्प एवं अतिरिक्त पौधारोपण के प्रमुख बिंदु :  * वृक्ष कटाई के प्रतिपूरक उपाय के रूप में कुल 81,000 पौधों का रोपण किया जाएगा। * ये पौधे भोपाल शहर एवं इसके आसपास विभिन्न चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे। * अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना के साथ-साथ 10,000 पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत एवेन्यू प्लांटेशन का पुनः सघनीकरण (Re-densification) किया जाएगा, जिसमें छायादार, फलदार एवं शेड-बेयरिंग प्रजातियों के वृक्ष दोनों ओर रोपे जाएंगे। * इन सभी पौधों की 15 वर्षों तक देखरेख, संरक्षण एवं अनुरक्षण की पूर्ण जिम्मेदारी NHAI द्वारा वहन की जाएगी, जिस पर लगभग ₹20 करोड़ का अनुमानित व्यय प्रस्तावित है। इस संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है। * इसके अतिरिक्त, नगर निगम के सहयोग से 10,000 अतिरिक्त पौधों का रोपण किया जाएगा। नगर निगम द्वारा NHAI को विभिन्न पार्क, रिक्त भूमि एवं सड़क किनारे की उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां स्थानीय, छायादार एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।  झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में वृहद पौधारोपण :  * पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत, भोपाल जिला प्रशासन द्वारा झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराई गई है। * यह भूमि राजस्व वन (Revenue Forest) की है, जो वर्तमान में रिक्त अवस्था में है। * यहां 61,000 से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा तथा इस क्षेत्र को विकसित वन क्षेत्र (Developed Forest Area) के रूप में विकसित किया जाएगा। * इस संबंध में भी केंद्रीय अधिकार समिति को जानकारी प्रदान की जा चुकी है। समिति के निर्देशानुसार जून 2026 तक सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी, ताकि अगले मानसून  के दौरान पौधारोपण कार्य समयबद्ध रूप से किया जा सके। NHAI यह भी स्पष्ट करता है कि वृक्षों की कटाई को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से परियोजना के डिज़ाइन में आवश्यक संशोधन किए गए हैं, जिससे पहले की तुलना में कम वृक्षों की कटाई की जा रही है। यह सीमित कटाई यातायात एवं सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक है।  पूर्व में किए गए पौधारोपण कार्य  यह उल्लेखनीय है कि NHAI निरंतर पौधारोपण करता रहा है और इसे अपनी सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी मानता है। पिछले मानसून सत्र में भोपाल के समीप झिरनिया ग्राम के पास सोनकच्छ टोल प्लाज़ा क्षेत्र में लगभग 50,000 पौधे मियावाकी तकनीक से लगाए गए, जो वर्तमान में 10–12 फीट तक विकसित हो चुके हैं। यह पौधारोपण कम्पेन्सेटरी अफॉरेस्टेशन का भाग नहीं, बल्कि ग्रीन हाईवे पहल के अंतर्गत NHAI की नियमित जिम्मेदारी के तहत किया गया था। यह तथ्य इस बात का प्रमाण है कि NHAI पर्यावरण संरक्षण को केवल नीतिगत स्तर पर नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी प्रभावी रूप से लागू करता है। NHAI यह स्पष्ट करता है कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की योजना बनाते समय हरित आवरण का विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता होती है। परियोजना के क्रियान्वयन से पूर्व एवं उसके साथ-साथ अफॉरेस्टेशन, पौधारोपण एवं हरियाली विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। NHAI का मानना है कि सड़क विकास के साथ-साथ ग्रीन हाईवे का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। NHAI आम नागरिकों को आश्वस्त करता है कि अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे जन-सुरक्षा सुनिश्चित हो, यात्रा सुगम बने, समय की बचत हो और पर्यावरण संरक्षित रहे।

नितिन नवीन बने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, सीएम मोहन यादव ने किया स्वागत और बधाई

भोपाल  मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है। साथ ही सीएम ने उन्हें यशस्वी कार्यकाल के लिए बधाई भी दी है। नितिन नवीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद सीएम मोहन यादव की यह पहली मुलाकात है। इस मुलाकात को लेकर सीएम ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए जानकारी दी है। मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी में यह एक नए दौर की शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने नई पीढ़ी को अवसर दिया है। भारत युवाओं का देश है और विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष यदि युवा बनता है, तो इससे बड़ा सौभाग्य और क्या हो सकता है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और उसी दिशा में मध्यप्रदेश भी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस दौरान सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। वहीं, केंद्रीय विधि एवं न्याय और संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल से भी सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात की है।  

नया हवाई कनेक्शन: इंदौर-रीवा फ्लाइट आज से शुरू, पहले दिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हुए सवार

इंदौर/रीवा    रीवा से अब इंदौर का सफर तय करने के लिए 15 घंटे नहीं, बल्कि 2 घंटे ही लगेंगे. क्योंकि, इंदौर से रीवा के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू हो चुकी है. सोमवार को पहली फ्लाइट उड़ी. ऐसे में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है. इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट इंदौर से रीवा के बीच उड़ेगी, जहां पहले ही दिन फ्लाइट पूरी तरह फुल थी. माना जा रहा कि यह फ्लाइट सफल रहेगी, क्योंकि रीवा से इंदौर के बीच बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं. इंदौर से रीवा के बीच सीधी फ्लाइट का किराया 4700 रुपये रखा गया है. यह विमान 70 सीटर है, जिसके लिए बुकिंग लगातार चल रही है. क्योंकि रीवा से सतना, सीधी, सिंगरौली के साथ-साथ मैहर जाना भी आसान होगा. यहां के लोग भी रीवा से आसानी से आ जा सकते हैं. रीवा से इंदौर के बीच लंबे समय से सीधी उड़ान की मांग चल रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है. अब तक प्रदेश में इंदौर से जबलपुर के बीच ही सीधी फ्लाइट चलती थी, लेकिन अब रीवा ऐसा दूसरा जिला बन गया है, जिसके लिए इंदौर से सीधी प्लाइट सेवा शुरू हो गई है. विंध्य के विकास की नई उड़ान रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने इस उपलब्धि को विंध्य क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और विकास की एक बड़ी छलांग बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विमान का आगमन नहीं है, बल्कि यह रीवा के लिए "लक्ष्मी" लेकर आया है। इंदौर, जो मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है, अब सीधे रीवा से जुड़ गया है, जिससे पूरे विंध्य क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। जानें फ्लाइट का शेड्यूल रीवा से इंदौर के बीच चलने वाली सीधी फ्लाइट का शेड्यूल कुछ ऐसा रहेगा. सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर इंदौर से रीवा के लिए 6E 7363 फ्लाइट उड़ान भरेगी. यह फ्लाइट दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर रीवा पहुंच जाएगी. वहीं, वापसी में रीवा से दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर फ्लाइट 6E 7364 इंदौर के लिए उड़ान भरेगी और 3 बजकर 25 मिनट पर इंदौर पहुंच जाएगी. कैलाश विजयवर्गीय ने क्षेत्रीय नेता राजेंद्र शुक्ल और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें "जिद्दी नेता" बताया, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इस परियोजना को धरातल पर उतारा। उन्होंने कहा कि विंध्य अब "टेक ऑफ" कर रहा है और हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्र की प्रगति की गति कई गुना बढ़ जाएगी। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इस हवाई सेवा का सबसे बड़ा लाभ धार्मिक पर्यटन को मिलेगा। कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अब श्रद्धालु मैहर में शारदा माता के दर्शन और चित्रकूट में भगवान राम की तपोस्थली की परिक्रमा आसानी से कर सकेंगे। साथ ही, विंध्य के लोग भी अब उज्जैन के महाकाल, ओंकारेश्वर, मांडव और महेश्वर जैसे मालवा के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक सुगमता से पहुँच पाएंगे। यह सेवा माता शारदा और भगवान भोलेनाथ के भक्तों को जोड़ने का एक सेतु बनेगी। हवाई चप्पल वाले भी अब हवाई जहाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में घूमे" के विजन को चरितार्थ करते हुए, इस पहली उड़ान में 40 ऐसे बुजुर्गों और नागरिकों को लाया गया जिन्होंने कभी विमान की यात्रा नहीं की थी। बुजुर्ग यात्रियों ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे अपने जीवन में हवाई जहाज में बैठ पाएंगे । भविष्य की संभावनाएं और वैश्विक कनेक्टिविटी राजेंद्र शुक्ल ने इस अवसर पर बताया कि रीवा एयरपोर्ट का निर्माण एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले जब उन्होंने इसके लिए पत्र लिखा था, तब इसे असंभव माना जाता था । लेकिन अब यह सपना हकीकत है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रीवा की कनेक्टिविटी अब केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। इंडिगो की वेबसाइट पर अब रीवा से सीधे सिंगापुर, दुबई और मैनचेस्टर जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों की बुकिंग की संभावनाएं भी दिखने लगी हैं। आने वाले समय में यहां से बॉम्बे, हैदराबाद, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे शहरों के लिए भी 4-5 घंटे के भीतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इस हवाई सेवा की शुरुआत से न केवल व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विंध्य अब हिंदुस्तान के सबसे विकसित इलाकों में शामिल होने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुका है। 70 सीटर विमान, 4700 रुपए किराया यह फ्लाइट 70 सीटर विमान से संचालित की जा रही है। इसका किराया करीब 4700 रुपए रखा गया है। इस हवाई सेवा से केवल रीवा ही नहीं, बल्कि सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मऊगंज और मैहर जैसे विंध्य क्षेत्र के अन्य जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इंदौर से प्रदेश में केवल जबलपुर के लिए सीधी उड़ान थी, अब रीवा दूसरी सीधी प्रादेशिक हवाई सेवा बन गई है। लोगों में दिखा काफी उत्साह फ्लाइट के शुरू होने से इंदौर और रीवा के लोगों में भी खुशी देखी जा रही है. क्योंकि दोनों शहर व्यापारिक तौर पर भी जुड़े हैं, जबकि दोनों शहरों में बड़ी संख्या में लगातार यात्रा करने वाले लोग रहते हैं. ऐसे में विंध्य अंचल के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है. माना जा रहा है कि यात्रियों की संख्या बढ़ने पर फ्लाइट की संख्या बढ़ाई जा सकती है. फिलहाल, दोनों शहरों के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू होना बड़ी सौगात मानी जा रही है. लोगों में फ्लाइट को लेकर काफी उत्साह है. यात्रियों के उत्साहवर्धन के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी रीवा-इंदौर की बीच उड़े पहले विमान में यात्रा की. ये रहेगा फ्लाइट का शेड्यूल     इंदौर से रीवा (6E 7363): सुबह 11:30 बजे रवाना, दोपहर 1:15 बजे आगमन।     रीवा से इंदौर (6E 7364): दोपहर 1:35 बजे रवाना, शाम 3:25 बजे आगमन। डिप्टी सीएम बोले- विकास को मिलेगी नई दिशा डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि यह पल सपने को साकार करने जैसा है। रीवा इंदौर फ्लाइट शुरू होने से न केवल इंदौर बल्कि बेंगलुरु,मुंबई अहमदाबाद,कलकत्ता और चेन्नई जैसे शहरों से भी कनेक्टिविटी काफी बढ़ जाएगी। इंडिगो का नेटवर्क विदेशों में भी है,जिससे धीरे-धीरे कनेक्टिविटी बढ़ती चली जाएगी। पहले … Read more