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CM की स्पीड पर जीतू का वार—आधे घंटे में बजट समीक्षा! क्या वाकई सुपरकंप्यूटर जैसी क्षमता?

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की विभागीय समीक्षाओं पर तीखा तंज कसा है। पटवारी ने कहा कि भगवान ने CM को सद्बुद्धि दी कि “समीक्षा भी कोई शब्द होता है” और अब उन्होंने इसे अपनी डिक्शनरी में शामिल किया है। लेकिन आधे घंटे में हजारों करोड़ के बजट की समीक्षा कर देना “जनता को गुमराह करने की प्रक्रिया” है। पटवारी ने आरोप लगाया कि तीन लाख करोड़ से ज्यादा के बजट की समीक्षा CM आधे-आधे घंटे में कर रहे है। ये तो सुपर कंप्यूटर से भी तेज दिमाग है। शिक्षा विभाग के 37 हजार करोड़, स्वास्थ्य विभाग के 62 हजार करोड़ की आधे घंटे में समीक्षा,ये कैसे संभव है? ये समीक्षा नहीं, महज इवेंट और लीपापोती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी आग्रह किया कि पूरे देश के मुख्यमंत्रियों की ट्रेनिंग मोहन यादव से करवा दो, क्योंकि इतनी तेज समीक्षा कोई और नहीं कर सकता। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि अगर कोई भी मंत्री अपने विभाग को ईमानदार बता दे, तो वे उसका पूरा हिसाब-किताब उठाकर सीधे मुख्यमंत्री के पास पहुंच जाएंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि CM ऑफिस में एक अलग विभाग बनाया जाए, जो हर मंत्रालय की गहराई से समीक्षा करे। क्या खोया-क्या पाया, कितना बजट खर्च हुआ, करप्शन क्यों बढ़ रहा है और इसे कैसे रोका जाए।   अंत में पटवारी ने कहा कि समीक्षा अच्छी बात है, लेकिन एक-एक विभाग पर कम से कम 2–5 घंटे का समय लगेगा। आधे घंटे में समीक्षा संभव नहीं। अगर हो रही है, तो सिर्फ दिखावा है। लीपा पोती है।  

काम की जानकारी न देने वाले इंजीनियर्स अब SIR के काम में मदद करेंगे, कमिश्नर ने शुरू की नई पहल

भोपाल  2015 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अफसर ने नई संस्कृति की शुरुआत कर दी है। इस अधिकारी का नाम संस्कृति जैन है और वह नगर निगम भोपाल की आयुक्त हैं। हाल ही में उन्होंने निगम के लापरवाह अधिकारियों पर सख्ती बरतनी शुरू की है। ताजा मामले में उन्होंने भोपाल नगर निगम के कुल 75 असिस्टेंट और सब इंजीनियर को विशेष 'सजा' सुनाते हुए उन्हें बूथ लेवल ऑफिसर बीएलओ का सहायक बना दिया है। काम की जानकारी नहीं दे पाए थे इंजीनियर बता दें कि पिछले दिनों नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने इनसे कार्यों के बारे में पूछा था, तब यह काम के बारे में जानकारी नहीं दे सके थे। इस बात से नाराज होकर कमिश्नर ने इन्हें बीएलओ का सहायक बनाते हुए एसआईआर डिजिटाइजेशन का काम सौंप दिया है। आईएएस की इस कार्रवाई की चहुं ओर चर्चा हो रही है। आपको बता दें कि इंजीनियरों को यह अनूठी सजा 4 दिसंबर तक के लिए दी गई है। इस समय कमिश्नर संस्कृति जैन दक्षिण कोरिया प्रवास पर हैं। पहले सिवनी में थी कलेक्टर इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि सहायक यंत्री और उप यंत्रियों की विधानसभा वार तैनाती की गई है। वे एसआईआर के काम में जुटे हैं। आपको बता दें कि पिछले दिनों से कलेक्टर के रूप में सिवनी जिले से भोपाल नगर निगम कमिश्नर बनकर आईं हैं। ज्वाइन करने के बाद निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने असिस्टेंट इंजीनियर और सब इंजीनियर से उनके सिविल के काम के बारे में पूछा था। जिसके बारे में 15 दिन में भी जवाब नहीं मिला। इस बात से कमिश्नर नाराज हो गई और इनकी ड्यूटी विधानसभा के हिसाब से बीएलओ के सहायक के रूप में लगा दी। फिसड्डी बूथों पर लगाई ड्यूटी बता दें कि सभी इंजीनियर को ऐसे बूथ पर तैनात किया गया है, जो परफार्मेंस परफॉरमेंस में फिसड्‌डी के मामले में टॉप-20 है। जो इंजीनियर अपने सिविल के काम सही ढंग से नहीं कर सके हैं, उन्हें बूथ पर एसआईआर का जिम्मा सौंपा गया है।

भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर हुई सर्वधर्म प्रार्थना सभा, मंत्री डॉ. शाह ने दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर भोपाल में बुधवार को गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की उपस्थिति में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। विभिन्न धर्मगुरूओं ने धर्मग्रन्थों का पाठ किया और गैस त्रासदी को मानवता के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मंत्री डॉ. शाह ने गैस त्रासदी में दिवंगत निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि ऐसी त्रासदी भविष्य में कभी नहीं हो। श्रद्धांजलि सभा में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मती कृष्णा गौर, विधायक  भगवान दास सबनानी, महापौर भोपाल मती मालती राय, अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, कलेक्टर भोपाल  कौशलेंद्र सिंह, गणमान्य नागरिक और गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाले संगठनो के प्रतिनिधि उपस्थित थे। धर्मगुरुओं में  रमेश त्रिपाठी, भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी,  गुरवेज सिंह, फादर अल्फ्रेड डी'सूजा,  अजय जैन, शाक्य पुत्र सागर भंते ने अपने धर्म ग्रंथों का पाठ किया और दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।  

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा भस्म किया गया, पीथमपुर में राख सुरक्षित रूप से दफन

इंदौर  पांच हजार से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुलाने वाले भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्टरी का 337 टन कचरा तो पीथमपुर के भस्मक में जला दिया गया, लेकिन उसकी राख हमेशा के लिए पीथमपुर में दफन होगी। इसका भविष्य में आसपास के इलाके में क्या असर होगा, यह तो भविष्य में पता चलेगा, लेकिन पंद्रह साल पहले भी 30 टन से ज्यादा राख पीथमपुर में लैंडफिल की गई थी। उस कारण भस्मक के समीप से निकलने वाली नदी का पानी काला हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उस पानी का उपयोग खेतों में नहीं करते। इससे फसल खराब हो जाती है। कचरा तो भस्म हो गया, लेकिन 900 टन राख उस त्रास्दी की याद दिलाती है। उसका निपटान भी नहीं हो पाया है। 900 टन राख बची कचरा जलाने के बाद पीथमपुर में रामकी कंपनी ने अपने प्लांट में 337 टन जहरीला कचरा छह माह में जलाया। उसके बाद बची राख को बीते पांच माह से कंपनी के परिसर में एक प्लेटफार्म पर रखा गया है। उस राख की भी विशेषज्ञों ने जांच की। राख को दफनाने के लिए एक तालाबनुमा गड्ढा खोदा गया है। बची हुई राख में मर्करी, निकल, जिंक, कोबाल्ट, मैग्जीन सहित अन्य तत्व है, जहां इस कचरे को दफन किया जाना है। उसके आधा किलोमीटर दायरे में आबादी क्षेत्र है। वहां के रहवासी बोरिंगों के पानी का उपयोग नहीं करते है, क्योकि बोरिंग भी दूषित हो चुके है। 900 टन राख के लिए काले रंग की एचडीपीई लाइनर बिछाई जा रही है,ताकि राख मिट्टी के संपर्क में न आए और राख का रिसाव जमीन में न हो। राख दफनाए जाने का मामला कोर्ट में भी है। 

लोको पायलटों का संघर्ष: भूखे-प्यासे ट्रेन संचालन, 10 प्रमुख मांगों के लिए हड़ताल

भोपाल  रेलगाड़ी चलाने वाले ड्राइवर यानि लोको पायलट बिना कुछ खाए पिए ट्रेन चला रहे हैं। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर यह हड़ताल 2 दिसंबर सुबह 10 बजे से शुरू हुई है, जो कि 4 दिसंबर सुबह 10 बजे तक चलेगी। इसके तहत देशभर में 1 लाख 20 हजार लोको रनिंग स्टाफ बिना भोजन के ड्यूटी पर है। इस हड़ताल में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट शामिल हैं, जिनकी 10 सूत्रीय मांग है। मध्य प्रदेश में यह आंदोलन भोपाल, इटारसी, कटनी, जबलपुर, सतना, सागर, बीना, गुना, कोटा और गंगापुरसिटी की क्रू लॉबी में शुरू हो गया है। 12-16 घंटे करनी पड़ी रही ड्यूटी लोको पायलट की मांग है कि उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहा है। दबाव के साथ लंबी ड्यूटी और लगातार मानसिक दबाव में ट्रेनें चलानी पड़ रही हैं। वहीं, लोको पायलटों का कहना है कि नियम 9 घंटे ड्यूटी का है, इसके बावजूद 12 से 16 घंटे तक लगातार संचालन करवाया जा रहा है। कई बार 72 से 104 घंटे तक मुख्यालय से बाहर रहना पड़ता है। इंजनों में शौचालय-यूरिनल की सुविधा नहीं है। लोको पायलट की यह हैं मांगें लगातार दो रात से ज्यादा नाइट ड्यूटी न कराई जाए। 36 घंटे के भीतर मुख्यालय वापसी सुनिश्चित की जाए। किलोमीटर भत्ते का 70% आयकर मुक्त किया जाए। ट्रैवलिंग अलाउंस (टीए) में 25% बढ़ोतरी के अनुपात में माइलेज भत्ते में वृद्धि की जाए। आवधिक विश्राम 46 घंटे (16+30) सुनिश्चित किया जाए। मेल-एक्सप्रेस में अधिकतम 6 घंटे और मालगाड़ी में 8 घंटे ड्यूटी का नियम लागू हो। एनपीएस बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। महिला रनिंग स्टाफ की सुरक्षा और समस्याओं पर विशेष उपाय। हालांकि इन वजहों से ट्रेनों की परिचालन पर कोई असर नहीं हुआ है। अगर रेलवे की तरफ से उनकी समस्याएं नहीं सुनी गई तो आंदोलन और तेज होगा।

IWL के नाम से फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट का खुलासा, 226 करोड़ के टेंडर में धोखाधड़ी पर EOW का केस

जबलपुर जबलपुर स्थित एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी से ठेका प्राप्त करने के लिए कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 226 करोड़ रुपये के ठेके हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। जांच के बाद EOW ने संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। EOW से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संचालकगण द्वारा वर्ष 2016 से 2020 तक फर्जी दस्तावेज़ पेश कर ठेके प्राप्त करने की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि एमपी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के कुल 20 ठेके प्राप्त किए गए थे, जिनमें से तीन ठेकों के लिए कंपनी ने नोएडा स्थित एक कंपनी के परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पेश किए थे। फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट से लिया था 226 करोड़ का काम जानकारी के मुताबिक हाथीताल निवासी कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक कैलाश शुक्ला ने अपने परिवारजनों के साथ मिलकर नोएडा की इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड के नाम से कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट तैयार करवाया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर कंपनी ने हाईटेंशन लाइनों और 220 केवी सब स्टेशन के निर्माण के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड से 226 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल कर लिए। EOW की जांच में खुलासा शिकायत मिलने पर एसपी EOW अनिल विश्वकर्मा के निर्देश पर जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड ने ऐसा कोई परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट जारी ही नहीं किया था। EOW की टीम फिर नोएडा स्थित कंपनी के कॉर्पोरेट ऑफिस पहुंची, जहां से स्पष्ट रूप से बताया गया कि उनके द्वारा ऐसा कोई दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। इन टेंडरों में किया गया था फर्जीवाड़ा कंपनी ने 2 मार्च 2017 को कूटरचित सर्टिफिकेट लगाकर पावर ट्रांसमिशन कंपनी से टीआर-36/16, टीआर-13/20 और टीआर-35/20 के टेंडर प्राप्त किए थे। सभी टेंडर उच्च क्षमता के सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण से जुड़े थे। कंपनी संचालकों पर FIR दर्ज जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर EOW ने कैलाश कुमार शुक्ला प्रबंध संचालक देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सीमा शुक्ला और भानू शुक्ला डायरेक्टर के खिलाफ धारा 34, 420, 465, 468, 471, 120-बी के तहत अपराध क्रमांक 156/2025 पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। 226 करोड़ का घोटाला यह 226 करोड़ का घोटाला है। EOW आगे वित्तीय लेन-देन एवं फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने की साजिश का भी पता लगा रही है। मामला सामने आने के बाद ऊर्जा व ट्रांसमिशन क्षेत्र में बड़ी हलचल मच गई है। इनॉक्स विंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड, नोएडा ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कोई परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है। कंपनी ने ठेके प्राप्त करने के लिए कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पेश किए थे। हाईटेंशन लाइन व सब-स्टेशन बनाती है कंपनी प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कंपनी हाईटेंशन लाइनों और सब-स्टेशनों का निर्माण करती है। फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट का उपयोग करके कंपनी ने 220 केवी के सब-स्टेशन निर्माण सहित दो अन्य ठेके प्राप्त किए थे। तीनों ठेकों की कुल राशि 226 करोड़ रुपये थी, जो निर्धारित दरों से कम पर हासिल किए गए थे। EOW ने जांच के बाद कैलाश कुमार शुक्ला (प्रबंध संचालक, कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्रा. लि.), सीमा शुक्ला (डायरेक्टर) और भानू शुक्ला (डायरेक्टर), निवासी हाथीताल कॉलोनी, को आरोपी बनाया है। 

सतना में लोकायुक्त ने CGST निरीक्षक को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

सतना में निरीक्षक 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार सतना  सतना में लोकायुक्त रीवा की टीम ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग के निरीक्षक कुमार सौरभ को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत के अनुसार निरीक्षक द्वारा सतना में स्थित श्री कैलाशराज ट्रैक्टर्स फर्म के ई-वे बिल पर पेनल्टी न लगाने और फर्म पर छापामार कार्रवाई से राहत देने के एवज में 60 हजार रुपए की अवैध मांग की जा रही थी!शिकायतकर्ता 33 वर्षीय वीरेंद्र कुमार शर्मा, निवासी राजेंद्र नगर, गली नंबर 10, सतना ने 29 नवंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में आवेदन प्रस्तुत कर इस रिश्वत मांग की लिखित शिकायत की थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने गोपनीय सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई, जिसके दौरान निरीक्षक द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया।सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद 3 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लोकायुक्त की विशेष टीम गठित की गई और ट्रैप की योजना बनाई गई। योजना के तहत शिकायतकर्ता को 20,000 रुपए की ट्रैप मनी उपलब्ध कराई गई और उसे तय संकेतों के साथ केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग, प्रभाग सतना के कार्यालय भेजा गया, जहां निरीक्षक कुमार सौरभ ने कथित रिश्वत की यह पहली किस्त स्वीकार की।शिकायतकर्ता से रकम लेते ही जैसे ही पूर्व निर्धारित संकेत मिला, लोकायुक्त टीम ने कार्यालय में दबिश दी और निरीक्षक को 20 हजार रुपए की राशि सहित रंगे हाथ पकड़ लिया। ट्रैप राशि मौके से बरामद कर ली गई और आरोपी निरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत तत्काल दर्ज कराएं। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें सीधे लोकायुक्त रीवा से भी की जा सकती हैं, जिसके लिए मोबाइल नंबर 9893607619 पर संपर्क कर आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है।

विजयवर्गीय का बयान: राजीव गांधी की विचारधारा को आगे ले जा रहे हैं, राहुल गैंग को आपत्ति क्यों?

भोपाल  मध्यप्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के आगामी चुनावों में अब जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। मंगलवार को विधानसभा में इसका संशोधन विधेयक पास हुआ, लेकिन उससे पहले सदन में हॉर्स ट्रेडिंग का मुद्दा हावी रहा। विपक्ष ने कहा कि यदि पारदर्शिता और प्रत्यक्ष चुनाव ही लक्ष्य है, तो फिर यह व्यवस्था केवल निकायों में क्यों? मंडियों, जिला एवं जनपद पंचायतों समेत हर स्तर पर प्रत्यक्ष चुनाव लागू किए जाएं। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुने जाते हैं, तो केवल स्थानीय निकायों में बदलाव क्यों? कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि ‘सरकार निकायों के अध्यक्ष जनता से चुनवाना चाहती है, लेकिन मुख्यमंत्री पर्ची से चुना जाता है। यह कानून राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ाएगा और छोटे लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। यह टिकट बेचने का नया मॉडल हो जाएगा।’ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि हॉर्स ट्रेडिंग कई स्तरों पर होती है, साथ ही कहा कि सरकार राजीव गांधी की पंचायती राज की सोच को आगे बढ़ा रही है, तब भी राहुल गैंग विरोध कर रही है। इस पर सिंघार ने कहा- विरोध नहीं, बिल में जरूरी बदलाव पर बात रखी है। 

ग्रामीणों ने दर्ज कराया विरोध, नायब तहसीलदार पर छात्रा और महिला के साथ मारपीट का आरोप

छतरपुर   मध्य प्रदेश के छतरपुर में महिला नायब तहसीलदार नीतू सिंघई ने एक युवती को थप्पड़ मार दिया। युवती का आरोप है कि उसने नीतू सिंघई से कहा कि वह दो महीने से खाद लेने आ रही है, लेकिन नहीं मिल रही। उसने टोकन मांगा। नीतू सिंघई ने कहा कि महिलाओं को टोकन नहीं मिलेंगे, केवल पुरुषों को मिलेंगे। दोबारा टोकन मांगा तो तहसीलदार ने थप्पड़ मार दिया। खाद की कालाबाजारी करने का आरोप गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखी हुई है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसने नायब तहसीलदार पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। गुड़िया ने कहा कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रही है। गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यह कैसा नियम है और तहसीलदार को थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा। नायब तहसीलदार बोली- लोग मानने को तैयार नहीं नीतू सिंघई ने कहा कि लोग अव्यवस्था फैला रहे हैं। धक्कामुक्की और एक दूसरे को खींच रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ तो हम पर आरोप लगा रहे हैं और कॉलर तक को खींच रहे हैं। हमारा इतने पास से वीडियो बना रहे हैं। व्यवस्था है लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं। वहीं लोगों का कहना है कि बच्ची स्कूल छोड़ कर एक महीने से खाद के लिए परेशान है। व्यवस्था बनाना प्रशासन का काम है। टाइम पर खाद देना चाहिए न लेकिन किसानों को  खाद नहीं मिल रहा है। खाद की कालाबाजारी करने का आरोप गुड़िया पटेल ने बताया कि वह एमए तीसरे सेमेस्टर की छात्रा है। 5 दिसंबर को उसकी परीक्षा है। वह पढ़ाई छोड़कर खाद लेने के लिए लाइन में लगी हुई है। एक महीने से खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखी हुई है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसने नायब तहसीलदार पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। गुड़िया ने कहा कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रही है। गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यह कैसा नियम है और तहसीलदार को थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा।

मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वां स्थापना दिवस, ‘मेरा मध्य प्रदेश’ समारोह में भव्य अलंकरण

मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वाँ स्थापना दिवस ‘मेरा मध्य प्रदेश’ समारोह में 9 नवरत्न और 7 मध्यप्रदेश श्री’ का भव्य अलंकरण भोपाल  पूर्णकालिक पत्रकारों के सर्वमान्य एवं सक्रिय संगठन मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वाँ स्थापना दिवस इस वर्ष विशेष गरिमा, वैभव और व्यापक दृष्टि के साथ मनाया जाएगा। रविवार, 14 दिसंबर, प्रातः 10 बजे, रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में आयोजित होने वाला यह विशिष्ट आयोजन ‘मेरा मध्य प्रदेश’ शीर्षक से सम्पन्न होगा। समारोह में मध्यप्रदेश का नाम देश–दुनिया में रोशन करने वाली प्रतिष्ठित विभूतियों को ‘नवरत्न सम्मान’ एवं ‘मध्यप्रदेश श्री’ अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। जूरी प्रक्रिया के आधार पर चुने गए नौ विशिष्ट व्यक्तित्व, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देकर मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, इस प्रकार हैं पद्मश्री सुशील दोषी – विश्वप्रसिद्ध क्रिकेट विश्लेषक एवं कमेंटेटर  कलापिनी कोमकली – अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शास्त्रीय गायिका देवेंद्र मालवीय – देश की पहली वन-टेक फिल्म दिल्ली 2020के निर्माता-निर्देशक,अमृता जोशी विख्यात कत्थक नृत्यांगना,मुमताज खान अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर,जयदीप कर्णिक – वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय मीडिया व्यक्तित्व,प्रतिश मेहता – लोकप्रिय श्रृंखलाओं कोटा फैक्ट्री और हाफ सीए के निर्देशक,दिनेश गौतम – वरिष्ठ टीवी पत्रकार,सोनल भारद्वाज – वरिष्ठ न्यूज़ एडिटर एवं प्रभावशाली मीडिया हस्ती। कार्यक्रम समन्वयक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद नागर तथा महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय ने बताया कि इन व्यक्तित्वों का चयन पत्रकार, कला, संस्कृति, सृजनशीलता, मीडिया एवं सामाजिक योगदान के आधार पर किया गया है।इस वर्ष से प्रेस क्लब ने एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए ‘मध्यप्रदेश श्री’ अलंकरण की घोषणा की है। वर्ष 2025 के लिए चुने गए सात प्रेरक व्यक्तित्व इस प्रकार हैं—एयर कमोडोर आशुतोष चतुर्वेदी – कारगिल युद्ध के वीर योद्धा, विशिष्ट सेवा पदक और गैल्लेंट्री अवॉर्ड प्राप्त,प्रो. संजय द्विवेदी – पूर्व महानिदेशक, भारतीय जनसंचार संस्थान; लेखक एवं विचारक चित्रा बाजपेई – भारत की पहली महिला क्रिकेट अंपायर श्रीमती पूनम चौकसे – कुलाधिपति, एलएनसीटी समूह डॉ. शिवदयाल बर्डे – विख्यात आयुर्वेदाचार्य,ऋषिराज सिंह सिसौदिया – निदेशक, IFFCO,अभिषेक गोयल (दिल्ली) – ग्लोबल स्कॉलर एवं युवा इंजीनियर। प्रेस क्लब की सचिव श्रीमती रोमा मल्होत्रा (इंदौर) ने बताया कि ‘मध्यप्रदेश श्री’ का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने कार्य, नेतृत्व और उपलब्धियों से प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत किया है। समारोह के द्वितीय सत्र में ‘मध्य प्रदेश—एक दृष्टिपत्र’ विषय पर विशेष विचार-श्रृंखला आयोजित होगी। इस मंच पर सम्मानित विभूतियाँ  प्रमुख विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगी,प्रदेश का वर्तमान सामाजिक–आर्थिक स्वरूप, भविष्य की संभावनाएँ,नीतिगत दिशा,निवेश एवं औद्योगिक वातावरण कौशल विकास,युवा प्रतिभा संवर्धन,इस श्रृंखला के आधार पर तैयार समग्र विजन डॉक्यूमेंट बाद में मध्य प्रदेश शासन को सौंपा जाएगा। मध्य प्रदेश प्रेस क्लब ने अपनी 33 वर्ष की निरंतर यात्रा में पत्रकारिता की नैतिकता सामाजिक उत्तरदायित्व निर्भीक संवादऔर सृजनशील प्रतिभाओं के सम्मान को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।‘मेरा मध्य प्रदेश’ केवल एक सांस्कृतिक या औपचारिक आयोजन भर नहीं,बल्कि यह प्रदेश के उत्कर्ष, स्वाभिमान, सृजनशीलता और सामूहिक संकल्प का जीवंत दस्तावेज हैं।