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मंदिर में फूहड़ कपड़ों पर रोक: ग्वालियर में स्कर्ट और मिनी टॉप पहनकर अब नहीं मिलेगा प्रवेश

ग्वालियर ग्वालियर के प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान जी मंदिर में अब मर्यादित कपड़े पहनने वाले श्रद्धालुओं को की प्रवेश दिया जाएगा। भद्दे कपड़े पहनने  वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। अब मंदिर में स्कर्ट, मिनी टॉप पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिर प्रबंधन ने परिसर में पोस्टर लगाए है कि शालीन और पूरे कपड़े पहनने वालों को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार में मर्यादित कपड़ों में मिलेगी एंट्री  आपको बता दे शहर के दो प्रमुख आस्था के केंद्रों खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार पर श्रद्धालुओं के लिए शालीन और पुरे वस्त्र पहनकर आने के निर्देश प्रबंधन ने दिए हैं।  उनका कहना है कि आस्था के इन केंद्रों पर स्कर्ट मिनी टॉप या कटे-फटे कपड़े पहनकर अक्सर युवा आते हैं जो मंदिर की गरिमा के प्रतिकूल है। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए परिसर में पोस्टर भी लगाए हैं और उनसे नियमों के पालन की अपेक्षा की गई है। संभावना है कि अन्य मंदिर प्रबंधन भी इसका अनुसरण करेंगे।लोग मंदिर प्रबंधन के इस प्रयास की तारीफ भी कर रहे हैं। क्योंकि आस्था के केंद्रों पर मन को एकाग्र करने वाले कपड़े पहने चाहिए न की भड़कीले परिधानों का प्रदर्शन करना चाहिए…इससे वहां का आध्यात्मिक वातावरण भी प्रदूषित होता है।

राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिलाध्यक्ष बने तिवारी

भोपाल राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा और संरक्षक, सुप्रीम कोर्ट के महाधिवक्ता एडवोकेट ए.पी. सिंह की स्वीकृति के साथ, मप्र प्रदेश अध्यक्ष अमित द्विवेदी उपाध्यक्ष रोहित जैन एवं महासचिव भारत भूषण की अनुशंसा पर भारत भूषण तिवारी को भोपाल जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत भूषण तिवारी अपने अनुभव और कार्यकुशलता के बल पर जिले के पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संगठन की एकता को और मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय कार्य करेंगे। नई नियुक्ति से संगठन में नई ऊर्जा का संचार माना जा रहा है। पत्रकारों ने भी उम्मीद जताई है कि तिवारी पारदर्शी, निष्पक्ष और दृढ़ नेतृत्व के साथ पत्रकार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

बाल विवाह के मामले बढ़े: एमपी में 2025 में 538 केस दर्ज, मंत्री ने विधानसभा में स्वीकारा

भोपाल  मध्य प्रदेश में हर साल महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल विवाह रोकने के लिए करोड़ों रुपए का बजट खर्च करता है। इसके बावजूद राज्य में बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2020 से 2025 तक छह साल में हर साल औसतन 400 से ज्यादा बाल विवाह के मामले दर्ज हुए। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने पूछा कि मार्च 2020 से अब तक कितने बाल विवाह के मामले सामने आए, जिनमें लड़कियों की उम्र 18 साल से कम पाई गई। उन्होंने वर्षवार और जिलेवार आंकड़े मांगे। इसके अलावा यह जानकारी भी मांगी कि बाल विवाह के बाद कितनी बालिकाओं ने बच्चों को जन्म दिया? उनमें से कितने बच्चों की मौत हो गई? मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2020 से हर साल बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मुद्दे पर नरसिंहगढ़ सीट से बीजेपी विधायक मोहन शर्मा ने कहा- पहले बाल विवाह होते थे, अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि इन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में दो साल में 36 हजार से ज्यादा बाल विवाह रोके गए MP  में सरकारी एजेंसियों की मदद से करीब 3 हजार बाल विवाह रोके गए और मानव तस्करी के शिकार साढ़े 4 हजार बच्चों को बचाया गया. बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम करने वाले एक संगठन पिछले दो साल का यह आंकड़ा जारी किया है.  देशभर में 3 लाख 74 हजार बाल विवाह रोककर, एक लाख बच्चों को मानव तस्करी से बचाकर, यौन शोषण के शिकार 34 हजार बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य उपचार प्रदान करके और 63 हजार मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू करके भारत ने साबित कर दिया है कि वह एक ऐसा राष्ट्र बन सकता है जहां बच्चों के खिलाफ अपराध करने के बाद कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा.  जेआरसी ने देश के 250 से ज़्यादा गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से, अप्रैल 2023 से अगस्त 2025 के बीच मध्य प्रदेश के 41 ज़िलों में 36 हजार 838 बाल विवाह रोके, मानव तस्करी के शिकार 4 हजार 777 बच्चों को मुक्त कराया और यौन शोषण के शिकार 1200 से ज़्यादा बच्चों की मदद की.  बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले मामूली कम उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश में बाल विवाह की दर 23.1 है जो राष्ट्रीय औसत 23.3 के मुकाबले मामूली कम है लेकिन कुछ जिलों में स्थिति गंभीर है। जैसे राजगढ़ में बाल विवाह की दर 46.0, श्योपुर में 39.5, छतरपुर में 39.2, झाबुआ में 36.5 और आगर मालवा जिले में 35.6 प्रतिशत है। कानून पर सख्ती से अमल के अभाव में बाल विवाह से बच्चियों का पढ़ाई छोड़ना और उनका शोषण व गरीबी के अंतहीन दुष्चक्र में फंसना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब सरकार को साफ संदेश देना होगा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) हर धर्म, परंपरा और पर्सनल लॉ से ऊपर है। रेप पर मौत की सजा का प्रावधान  मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने बच्चियों से रेप पर मौत की सजा का प्रावधान किया था। अब यही सख्ती बाल विवाह पर भी दिखनी चाहिए। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम बच्चों की सुरक्षा का धर्मनिरपेक्ष कानून है, इसे किसी भी पर्सनल लॉ से कमतर मानना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदेश की 7.3 करोड़ आबादी में 40% बच्चे हैं। यहां बाल विवाह की दर 23.1% है, जो राष्ट्रीय औसत 23.3% से थोड़ी कम है। वहीं कई जिलों में हालात चिंताजनक हैं। ऋभु ने कहा कि इन जिलों में बच्चियां समय से पहले पढ़ाई छोड़ रही हैं और गरीबी व शोषण के अंतहीन चक्र में फंस रही हैं। 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना लक्ष्य  मध्यप्रदेश में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के साथ 17 सहयोगी संगठन बाल विवाह, ट्रैफिकिंग, बाल श्रम और यौन शोषण के खिलाफ दोहरी रणनीति-जागरुकता और कानूनी हस्तक्षेप पर काम कर रहे हैं। यह नेटवर्क चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया अभियान के साथ जुड़ा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना है। बैंड और घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान  बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) 2006 बाल विवाह पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के को बच्चे के तौर परिभाषित करता है। इस कानून के तहत बाल विवाह को प्रोत्साहित करने या उसमें किसी भी तरह का सहयोग करने जैसे बारात में शामिल मेहमानों, हलवाई, सजावट करने वाले, बैंड वाले या घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने को शीर्ष 10 में जगह बनाने पर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था।  प्रमुख बिंदु     मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।     44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।     मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

स्नेहा राणा ने महाकालेश्वर में अर्चना, विश्व कप जीत में बाबा महाकाल को माना प्रेरणा

उज्जैन   महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय टीम की ऑलराउंडर स्नेहा राणा मंगलवार तड़के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। सुबह चार बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल होकर उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए और विजय के उपरांत पुनः मंदिर आने का अपना संकल्प पूरा किया। विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राणा ने 6 मैचों में 7 विकेट चटकाए और 99 महत्वपूर्ण रन भी जोड़े। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। टूर्नामेंट के दौरान वे पहले भी महाकाल का आशीर्वाद लेने पहुंची थीं और मन्नत मांगी थी कि यदि भारत विश्व कप जीतेगा तो वे पुनः भस्म आरती में शामिल होंगी। विश्व कप जीतने के बाद मंगलवार को उन्होंने अपना वचन निभाते हुए महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई।  दर्शन के बाद स्नेहा राणा ने कहा कि महाकाल की नगरी में आकर उन्हें विशेष ऊर्जा मिलती है। “पिछली बार बोला था कि जीतकर वापस आऊंगी। भगवान से यही प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद सदैव हम पर बना रहे,” उन्होंने मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि महाकालेश्वर मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा अद्वितीय है। मंदिर समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने स्वागत एवं सम्मान किया।

पुलिस कमिश्नर महोदय को मदनी के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु सौंपा आवेदन पत्र

भोपाल क्रांतिकारी पत्रकार कल्याण संघ के अध्यक्ष डॉ कृष्णानन्द शास्त्री द्वारा पुलिस कमिश्नर महोदय भोपाल को मदनी के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु आवेदन पत्र सौंपा पुलिस कमिश्नर महोदय ने आश्वासन दिया है कार्यवाही करने का, साथ ही विश्व के एकमात्र संस्कृत सेवा, समाचार पत्र का भी अवलोकन किया व एक कापी पड़ने के लिए चाही जो सोंपी गई.

दुःखों से घिरा मैनेजर: पत्नी की दूसरी शादी और प्रेमिका की बेरुखी ने ली जान

सतना  मध्यप्रदेश में सतना जिले के ट्रांसपोर्ट नगर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 26 वर्षीय फाइनेंस मैनेजर ने गर्लफ्रेंड को जिम्मेदार बताते हुए अपने ऑफिस के बंद चेंबर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। युवक की पहचान रीवा के सगरा देवतालाब निवासी शिवमोहन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से एक बेहद भावुक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने अपने पिता से माफी मांगते हुए एक लड़की पर अपनी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। इस नोट में लिखी उसकी आखिरी इच्छा ने पुलिस और परिजनों, सबकी आंखें नम कर दीं। सॉरी पापा लड़की ने मेरे साथ खिलवाड़ किया! मृतक शिवमोहन ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी मर्जी से जान दे रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह एक लड़की है। उसने लिखा सॉरी पापा… उस लड़की ने मेरी फीलिंग्स के साथ बहुत खिलवाड़ किया है। उसकी वजह से मैं कुछ सोच नहीं पा रहा हूं। मेरे अच्छे पिताजी, मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया… अकेलेपन के कारण मैंने शराब पीना शुरू कर दिया था। मगर यहां जिस पर भरोसा करो, वही धोखा देता है।' 'पत्नी की दूसरी शादी करा देना' शिवमोहन ने सुसाइड नोट में लिखा है स्वाती (पत्नी) की दूसरी शादी करा देना। 'प्लीज, गोलू की स्कूटी छुड़वा लेना, मैंने उसे गिरवी रख दिया है।' मृतक ने यह भी लिखा है कि उसके सभी अंग दान कर दिए जाएं जो किसी के काम आ जाएं। बंद कमरे में लटका मिला शव जानकारी मुताबिक, शिवमोहन सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अपने केबिन में गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। शाम 7 बजे तक जब कोई हलचल नहीं हुई और उसका फोन भी बंद आया, तो ऑफिस के कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पास में रहने वाले शिवमोहन के मामा को बुलाया। दरवाजा तोड़ने पर शिवमोहन का शव मफलर के सहारे फंदे पर लटकता मिला। जांच में जुटी पुलिस कोलगवां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मौके से मिले सुसाइड नोट में जिस लड़की का जिक्र है, उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।  

सीएम यादव का निर्णय: नगरीय क्षेत्र विकास योजना के लिए 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में नगरीय क्षेत्र के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर निर्णय लिए गए। सरकार ने मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को वर्ष 2026-27 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की योजना के अंतर्गत अब तक 1,070 करोड़ रुपये की 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें 325 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, 407 कार्य प्रगतिरत हैं और 330 परियोजनाएं डीपीआर स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया में हैं। इस योजना के तहत पेयजल, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़क और नाली निर्माण, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन, रैन बसेरा और खेल मैदान जैसे विकास कार्य किए जाते हैं। बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह्य वित पोषित योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए भी मंजूरी दी गई। पहले से स्वीकृत 12 करोड़ 32 लाख रुपये के अलावा अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय इसके अलावा राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए चयनित 29 में से 25 उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। इन उम्मीदवारों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। यदि कोई उम्मीदवार परिवीक्षा अवधि में यह दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी। 

ठंड बढ़ने वाली, तापमान 3 डिग्री तक गिरने के आसार—मध्यप्रदेश में 5-6 दिसंबर से मौसम सर्द

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब ठंड का असली दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 या 6 दिसंबर से प्रदेश में शीतलहर (Cold Wave) की एंट्री हो जाएगी। उत्तरी पर्वत क्षेत्रों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसके चलते वहां बर्फबारी बढ़ेगी और उसी का असर ठंडी हवाओं के रूप में एमपी तक पहुंचेगा। अगले तीन दिनों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।वभोपाल और इंदौर समेत राज्य के 6 जिलों में रविवार-सोमवार की रात पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। इंदौर सर्वाधिक ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 9.4°C, जबलपुर 11.8°C, और ग्वालियर-उज्जैन में 12°C रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा पचमढ़ी, जहां तापमान 6.8°C दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमानों में भी गिरावट दर्ज की गई। मलाजखंड 23.7°C के साथ सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी, शिवपुरी, सिवनी, बैतूल, भोपाल, धार, रीवा सभी जिलों में अधिकतम तापमान 24-26 डिग्री के बीच रहा।  कोल्ड वेव और शीतलहर का असर मौसम विभाग के अनुसार, 5-6 दिसंबर से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में रात का तापमान 5-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। जनवरी तक प्रदेश में कोल्ड वेव का असर 20-22 दिनों तक रह सकता है। मुख्य प्रभावित शहर और संभाग:     ग्वालियर, चंबल, उज्जैन संभाग     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना     रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी     इंदौर संभाग के इंदौर, धार, झाबुआ नवंबर ने तोड़ दिए 94 साल पुराने रिकॉर्ड भोपाल में इस बार लगातार 15 दिन शीतलहर चली यह 1931 के बाद सबसे लंबा शीतलहर काल है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C पहुंच गया, जो पिछले 80 साल में सबसे कम था। इंदौर में भी 25 साल बाद पारा 6.4°C तक लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत में ही भारी बर्फबारी शुरू हो गई थी। जैसे ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम हुई, ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में दाखिल हो गईं। दिसंबर-जनवरी कड़कड़ाती ठंड के असली महीने जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा प्रभावी रहते हैं, वैसे ही सर्दियों में दिसंबर और जनवरी ठंड का पीक सीजन होते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तरी हवाएं सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं और तापमान सबसे तेज गिरता है। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा (हल्की सर्दी की बारिश) भी होती है, जिससे दिन की ठंड और बढ़ जाती है। दिसंबर-जनवरी में 20-22 दिन कोल्ड वेव चलने की संभावना मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार कोल्ड वेव का असर लंबे समय तक रहेगा। जनवरी में कई जिलों में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर देखने को मिल सकती है। दिन में ठंडक घुली…पारा 23 डिग्री तक आया दूसरी ओर, सोमवार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बालाघाट का मलाजखंड सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी-शिवपुरी में 24.2 डिग्री, सिवनी में 24.6 डिग्री, बैतूल में 24.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 25 डिग्री, टीकमगढ़ में 25.2 डिग्री भोपाल-धार में 25.6 डिग्री, रीवा में 25.8 डिग्री रहा। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। कहां कितना रहा तापमान शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) बैतूल 24.8 11.5 भोपाल 25.6 8.4 दतिया 26.2 12.6 धार 25.6 13.3 गुना 27.4 13.0 ग्वालियर 27.7 11.7 नरसिंहपुर 29.8 14.4 इंदौर 26.6 8.6 खंडवा 28.5 12.0 खरगोन 28.0 12.2 पचमढ़ी 24.2 7.2 रायसेन 26.0 — राजगढ़ — 8.5 रतलाम 27.5 13.2 शाजापुर — — श्योपुर 26.0 14.0 शिवपुरी 24.2 12.0 उज्जैन 28.5 11.8 शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) छिंदवाड़ा 26.4 11.2 दमोह 26.2 11.5 जबलपुर 26.6 11.2 खजुराहो 27.4 13.0 मंडला 29.0 11.6 नरसिंहपुर 25.0 12.6 नौगांव 27.0 8.6 रीवा 25.8 9.6 सागर 26.7 13.8 सतना 27.5 11.7 सिवनी 24.6 13.6 सिधी 26.6 11.4 टीकमगढ़ 25.2 13.2 उमरिया 26.5 9.3 मलाजखंड 23.7 11.1 नोट: पचमढ़ी और मलाजखंड जैसे हिल स्टेशन सबसे ठंडे रहे। पश्चिमी विक्षोभ और मौसम विज्ञान मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) 5 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि, उत्तर हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय उच्च चक्रवातीय परिसंचरण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं को प्रवेश कराएगा। पिछले रिकॉर्ड और ला नीना का असर नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर रही, जो 1931 के बाद सबसे लंबी रिकॉर्ड है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C तक गिर गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, उत्तरी राज्यों में हिमालयी क्षेत्रों … Read more

सीएम मोहन यादव मंत्रियों प्रहलाद, उदय प्रताप, तुलसी और तोमर के प्रदर्शन की करेंगे जांच, अफसरों से वर्किंग प्लान भी लेंगे

भोपाल  मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।  वर्ष 2026 में मोहन सरकार की प्रशासनिक कसावट में इसका असर भी दिखेगा और माना जा रहा है कि 15 दिसम्बर के बाद होने वाली सीनियर अफसरों की पोस्टिंग और मंत्रियों के विभागों के बदलाव के रूप में भी यह सामने आएगा। 13 दिसंबर 2023 को सीएम पद की शपथ लेने के बाद दो साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सभी विभागों के साथ यह बैठकें करेंगे। इस दौरान दो सालों में जनता के हित में लिए गए फैसलों का रिव्यू करने के साथ शासन में कमियों और समस्याओं के बारे में अफसरों से जानकारी ली जाएगी और उसके निराकरण के उपायों पर विचार विमर्श कर लागू किया जाएगा। साथ ही अगले तीन साल के टारगेट तय करने को लेकर कार्ययोजना मांगी गई है, जिसे अधिकारी सीएम के सामने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताएंगे। मंत्रियों, मुख्य सचिव, सीनियर विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग का यह दौर विभागों की यह समीक्षा के रूप में मंगलवार से शुरू होगा और बुधवार को भी दिन भर बैठकें चलेंगी। इसके बाद 8 और 9 दिसम्बर को खजुराहो में भी दो दिन तक रिव्यू किया जाएगा। इन कामों का होगा रिव्यू, मंत्रालय में विभागों के कामकाज की समीक्षा     दो साल के काम बताएंगे अधिकारी     हर मंत्री अपने दो साल के कामकाज का लेखा-जोखा देगा और विभागों की उपलब्धियां बताएगा।     अगले तीन साल के लिए विभागों के लिए क्या टारगेट और प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।     दो साल में जो कमियां सामने आई हैं उसे बताएंगे और निराकरण के उपाय भी बताएंगे।     मंत्रियों की खुद के विभाग को आगे बढ़ाने और नम्बर वन बनाने क्या प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।     जो वर्किंग प्लान बताया जाएगा उसे धरातल पर उतारने के लिए क्या तैयारियां करनी होंगी, इस पर भी बैठक में डिस्कशन होगा। आज मंत्री प्रहलाद, उदय, तुलसी और तोमर के विभागों की समीक्षा विधानसभा भवन में 2 दिसम्बर को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की बैठक विभागीय मंत्री प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में दोपहर बाद दो बजे से शुरू होगी। यह बैठक आधे घंटे चलेगी। दोपहर बाद तीन बजे से 3.30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की मीटिंग मंत्री उदय प्रताप सिंह की मौजूदगी में होगी। दोपहर बाद 4 से 4.30 बजे के बीच नर्मदा घाटी विकास विभाग और जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट के मौजूदगी में विभागीय बैठक सीएम लेंगे। इसके बाद 4.30 से 5 बजे के बीच ऊर्जा और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की मीटिंग सीएम विधानसभा परिसर में लेंगे। 3 दिसम्बर को इन विभागों का रिव्यू     मंत्रालय में सुबह 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और विभागीय अफसर रिपोर्ट देंगे।     दोपहर 12 से एक बजे तक सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और विभाग का रिव्यू होगा।      दोपहर बाद एक बजे से पौने दो बजे तक महिला और बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया और विभाग के अफसर प्रजेंटेशन देंगे।     दोपहर बाद पौने दो बजे से 2.30 बजे तक ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंत्री कृष्णा गौर के विभाग का रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 3.30 बजे से 4.15 बजे तक सामाजिक न्याय और निशक्तजन कल्याण विभाग के मंत्री नारायण कुशवाहा और वि‌भाग का रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.15 बजे से 5 बजे तक कृषि एवं किसान कल्याण तथा उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और विभाग के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगे सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।  खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     8 दिसम्बर को खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     9 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।