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दिल दहला देने वाला एक्सीडेंट: रतलाम में कार खाई में गिरी, 5 लोगों की मौत

रतलाम रतलाम जिले में शुक्रवार, 14 नवंबर को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर एक कार बेकाबू होकर खाई में गिर गई। जानकारी के अनुसार, इससे कार में सवार 5 लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक 15 साल का बच्चा भी शामिल था। हादसा कैसे हुआ?     यह दर्दनाक हादसा माही नदी ब्रिज से पहले सुबह करीब 7:30 बजे हुआ है। हादसे में शिकार कार का नंबर MH03 EL 1388 था। यह दिल्ली से मुंबई की ओर जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, जब कार माही नदी ब्रिज (Mahi River Bridge) के पास पहुंची, अचानक नियंत्रण खो बैठी और रेलिंग (railing) तोड़ते हुए खाई में गिर गई। घटना स्थल पर पहुंची रेस्क्यू टीम घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गईं। काफी मेहनत के बाद शवों को वाहन से बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे में शामिल लोग मुंबई और अहमदाबाद के रहने वाले थे। वे दिल्ली से मुंबई की यात्रा पर थे। सभी शवों को रतलाम मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतकों की पहचान की जा रही है रावटी थाना प्रभारी सुरेंद्र गडरिया ने बताया कि मृतकों के नाम और उनके घरों का पता लगाया जा रहा है, ताकि उनके परिवारों को सूचना दी जा सके। हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि चश्मदीद गवाहों, मौके की स्थिति और CCTV फुटेज की जांच होगी। इससे यह पता चलेगा कि यह हादसा लापरवाही, तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी की वजह से हुआ।

बस ड्राइवरों की फिटनेस भी जरूरी! इंदौर में स्कूल-कॉलेज बसों में नियमों का पालन सुनिश्चित

इंदौर  स्कूल और कॉलेज बसों के सुरक्षित संचालन तथा विद्यार्थियों एवं नागरिकों की सुरक्षा को लेकर शहर के विभिन्न स्कूल प्रशासकों और स्कूल बसों के ट्रांसपोर्ट अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सभागार में हुई। इसमें विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, सड़क पर बसों के सुरक्षित संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने सभी स्कूल और कॉलेजों के ट्रांसपोर्ट अधिकारियों एवं प्रशासकों से कहा कि स्कूल के बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा एवं सुरक्षित यातायात हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल/कॉलेज प्रबंधन/बस चालकों एवं संचालकों के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह, पुलिस उपायुक्त यातायात आनंद कलादगी भी उपस्थित थे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले और सुरक्षा मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों के खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इन बातों का करना होगा पालन     स्कूल बसों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य।     बसों में स्पीड गर्वनर सिस्टम लगवाना आवश्यक है और गति सीमा 40 किमी घंटा से अधिक न हो।     बसों में किसी भी आपात स्थिति के लिए आवश्यक उपकरण जैसे अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बाक्स और अन्य जरूरी सामान हो।     बसों में एक इमरजेंसी गेट जरूरी, बसों के फिटनेस व निर्धारित मानकों की निगरानी की जानी चाहिए।     किसी भी स्थिति में खराब वाहनों का संचालन नहीं किया जाए।     ड्राइवरों के पास वैध और भारी वाहन चलाने का लाइसेंस हो, जिसकी वैधता की जांच भी की जानी चाहिए।     ड्राइवरों की शारीरिक स्थिति की समय पर जांच हो और उन्हें प्रशिक्षित भी किया जाए।  

भोपाल :2 महीने से जमी समस्या दूर: इंजीनियर त्रिवेदी ने गड्ढे में उतरकर 400 परिवारों की मुश्किलें हल कीं

भोपाल राजधानी भोपाल में नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरके त्रिवेदी ने अपने काम के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की एक नई मिसाल पेश की है. पिछले दो माह से चोक पड़ी सीवेज लाइन को ठीक करने के लिए त्रिवेदी खुद 22 फीट गहरे सीवेज गड्ढे में उतरे और केवल दो घंटे में 400 से अधिक रहवासियों की समस्या को दूर कर दिया. दरअसल, भोपाल के रोहित नगर में पिछले दो माह से सीवेज लाइन लगातार चोक थी, जिससे करीब 400 से ज्यादा परिवार परेशान थे. नगर निगम के कर्मचारी कई बार सफाई करने पहुंचे, लेकिन सीवेज लाइन की तकनीकी खामी का पता नहीं लगा पा रहे थे. सीनियर अफसरों तक शिकायतें पहुंचने के बाद एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरके त्रिवेदी (60) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई. आरके त्रिवेदी ने इस चुनौती को स्वीकार किया और जेसीबी मशीन के सहारे खुद 22 फीट गहरे चैंबर में उतरे. उन्होंने कैमरे की मदद से सीवेज लाइन के अंदर देखा. रिवेदी ने पाया कि सीवेज लाइन में बोरियां फंसी हुई हैं. अपनी सूझबूझ और इंजीनियरिंग कौशल का उपयोग करते हुए, उन्होंने ड्रिलिंग के सहारे उन बोरियों को बाहर निकाला और चैंबर की सफाई की. इस कोशिश से 2 घंटे के भीतर ही सीवेज लाइन पूरी तरह से साफ हो गई और 400 से अधिक परिवारों को इस गंभीर समस्या से राहत मिली. इंजीनियर त्रिवेदी ने समस्या का मूल कारण भी बताया. उन्होंने कहा कि चैंबर न होने के कारण सीवेज लाइन में लगातार कचरा जा रहा था, जिसके चलते यह बार-बार चोक हो रही थी. ईई ने आश्वासन दिया कि दो दिन के भीतर वहां नया चैंबर बनाया जाएगा, ताकि आगे से ऐसी कोई परेशानी न हो.

MP में हज घोटाला: आवेश रजा और सैयद हैदर अली ने आठ लोगों से ₹18.62 लाख ठगे

 मंदसौर  मध्य प्रदेश के मंदसौर और उज्जैन के 8 लोगों से 18.62 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.  हज यात्रा की व्यवस्था करने के नाम पर राजस्थान के जोधपुर निवासी दो लोगों ने इस ठगी को अंजाम दिया.  मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि इस साल अप्रैल में मंदसौर और उज्जैन के आठ लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आवेश रजा और सैयद हैदर अली ने हज यात्रा पैकेज के तहत एमपी के लोगों से  18.62 लाख रुपए वसूले, लेकिन न तो तीर्थयात्रा की व्यवस्था की और न ही पैसे वापस किए. उन्होंने आगे कहाकि सभी लेन-देन ऑनलाइन किए गए थे. उनके बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और अदालत के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. जोधपुर में कई छापों के बावजूद आरोपी हर बार गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहे. तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं का उपयोग करके राजस्थान पुलिस के माध्यम से आरोपियों का पता लगाया गया और उन्हें गिरफ्तार किया. मीणा ने बताया कि आरोपियों को  अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पीड़ितों की धनराशि की वसूली के प्रयास जारी हैं. आवेश रजा और सैयद हैदर अली को भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 316(2) और 318(4) के तहत आपराधिक विश्वासघात, संपत्ति के धोखाधड़ीपूर्ण हस्तांतरण और अन्य अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया है.

मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क तैयार करता है बड़े अनुभव, 24 चीते और दूसरा फॉरेस्ट रिट्रीट शुरू

ग्वालियर मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में वर्ष 2023 के बाद इस वर्ष फिर बड़े रोमांच की तैयारी है। 14 नवंबर से कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट फेस्ट सीजन-2.0 शुरू हो रहा है। इसमें पर्यटकों को जंगल सफारी के जरिये चीतों को प्राकृतिक रहवास में दिखाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। पर्यटकों के लिए भव्य टेंट सिटी बनाई गई है। इसके साथ कई एडवेंचर (साहसिक) गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी। चीतों के बारे में जानकारी देने के लिए चीता इंटरप्रिटेशन सेंटर तैयार किया गया है। यहां पर्यटक चीतों के बारे में सब कुछ जान सकेंगे। इस बार भी 25 टेंट हाउस तैयार होंगे, जिसमें देश-विदेश के पर्यटकों को आमंत्रित किया गया है। इस सीजन में पर्यटक कूनो की समृद्ध जैव विविधता के बीच ग्लैंपिंग (लग्जरी सुविधाओं के साथ कैंपिंग) का अनूठा अनुभव ले सकेंगे। पहले फॉरेस्ट रिट्रीट में नहीं दिखे थे चीते कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 24 चीते हैं। इनमें से 16 चीते खुले जंगल में और आठ चीते बड़े बाड़ों में हैं। वर्ष 2023 के पहले फॉरेस्ट रिट्रीट में पर्यटक चीतों को नहीं देख सके थे। कूनो में जंगल सफारी के लिए फिलहाल 10 वाहन चल रहे हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए इनकी संख्या भी बढ़ाई जा रही है। पार्क प्रबंधन की ओर से रिट्रीट में सोविनियर सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, इसमें पार्क और चीतों से जुड़ी चीजों को पर्यटकों के लिए रखा जाएगा। पर्यटक इन्हें खरीद भी सकेंगे। टेंट सिटी के साथ ही विलेज वाक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय प्रस्तुतियां, बर्ड वाचिंग, नाइट वाक से लेकर अन्य गतिविधियां भी पर्यटकों के लिए रहेंगी। यह आयोजन मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड निजी कंपनी के सहयोग से कर रहा है। पर्यटक ले रहे जानकारी रिट्रीट में इस बार कई आकर्षण जोड़े गए हैं। पर्यटकों की ओर से पूछताछ की जा रही है, यह उत्साहजनक है। – युवराज पडोले, डिप्टी डायरेक्टर, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की लिस्ट में शामिल: इंदौर के वैज्ञानिकों को रिसर्च में अंतरराष्ट्रीय पहचान

इंदौर  इंदौर ने एक बार फिर रिसर्च के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। देवी अहिल्या विवि की प्रो. अंजना जाजू, डॉ. मुकेशचंद्र शर्मा और UGC-DAE के डायरेक्टर डॉ. वसंत साठे को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका) और एल्सेवियर द्वारा जारी विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों चुना।  यह रैंकिंग वैज्ञानिकों के एच-इंडेक्स, शोध पत्रों की संख्या और प्रभाव के आधार पर तय होती है। इसमें कुल 22 विषयों और 174 उप-क्षेत्रों के वैज्ञानिकों का मूल्यांकन किया जाता है। इंदौर के तीनों वैज्ञानिक कंसोर्टियम फॉर साइंटिफिक रिसर्च से जुड़े हैं। देवी अहिल्या विवि के कुलपति प्रो. राकेश संघवी और UGC-DAE के डायरेक्टर प्रो. कौस्तुभ प्रियोलकर ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह इंदौर और भारत के लिए गौरव की बात है। इन रिसर्च के कारण सूची में आया नाम डॉ. अंजना जाजू को जल-संकट में फसलों की स्थिरता पर शोध के लिए लगातार छठे वर्ष यह सम्मान मिला है। डॉ. मुकेश शर्मा को फार्मेसी व फार्माकोलॉजी में योगदान के लिए लगातार चौथे साल वैश्विक मान्यता मिली है। डॉ. वसंत साठे ने रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के जरिए परमाणु स्तर पर कंपनों को मापने की नई तकनीक विकसित की है इसलिए उन्हें विश्व स्तरीय मान्यता मिली है। यह मान्यता एक समग्र स्कोर पर आधारित है, जो शोध प्रभाव का मूल्यांकन साइटेशन, H-इंडेक्स, सह-लेखक मानदंडों और 170 से अधिक वैज्ञानिक उप-शाखाओं में प्रकाशन के महत्व के आधार पर करता है। डॉ. अंजलि जाजू: लगातार छह वर्षों से वैश्विक रैंकिंग में DAVV के बायलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. अंजलि जाजू ने लगातार छठे वर्ष (2020–2025) इस सूची में अपनी जगह बनाई है। इसमें उनके निरंतर योगदान और वैश्विक वैज्ञानिक अनुसंधान में उत्कृष्टता साबित हुई है। उनका शोध पौध विज्ञान (Plant Sciences) के क्षेत्र में है, जो जलवायु-प्रतिरोधी कृषि पद्धतियों के विकास पर केंद्रित है, विशेष रूप से कम जल उपलब्धता में मक्का और गेहूं की खेती के तरीकों पर। उन्होंने माइक्रोप्लास्टिक के प्रभाव और सूक्ष्म जीवों के माध्यम से उनके अपघटन पर भी महत्वपूर्ण शोध किया है, जो वर्तमान में पर्यावरणीय चिंता का एक बड़ा विषय है। डॉ. जाजू की लगातार वैश्विक उपस्थिति उनके मौलिक और अनुप्रयुक्त पौध जीवविज्ञान (Plant Biology) में बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। डॉ. मुकेशचंद्र शर्मा: लगातार चौथे साल मान्यता देवी अहिल्या विवि के स्कूल ऑफ फार्मेसी के एसोसिएट प्रो. डॉ. मुकेशचंद्र शर्मा को भी क्लिनिकल मेडिसिन, फार्मेसी और फार्माकोलॉजी के क्षेत्रों की सूची में शामिल किया गया है। यह लगातार चौथा वर्ष है जब डॉ. शर्मा ने यह सम्मान प्राप्त किया है। उनके शोध में Elsevier, Springer, Bentham Science और Taylor & Francis जैसी शीर्ष अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित 100 से अधिक शोध पत्र शामिल हैं। उनका काम हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर-रोधी दवाओं के विकास, जैव सामग्री (biomaterials) और कंप्यूटर से औषधि डिजाइन जैसे कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्रों को कवर करता है। उनका लगातार चयन फार्मास्युटिकल विज्ञान और अनुसंधान में उनके बढ़ते योगदान का प्रमाण है। डॉ. वसंत साठे: रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के माध्यम से पदार्थ विज्ञान को आगे बढ़ाया UCG-DAE कंसोर्टियम फॉर साइंटिफिक रिसर्च से जुड़े डॉ. वसंत साठे को लगातार दूसरे वर्ष विश्व के शीर्ष 2% शोधकर्ताओं की सूची में शामिल किया गया है। डॉ. साठे अपने रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में अग्रणी कार्य के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक नई विधि विकसित की है, जो 10⁻¹⁵ मीटर जितने सूक्ष्म परमाणु स्तर के संरचनात्मक परिवर्तनों को मापने में सक्षम है। यह खोज सघन पदार्थ भौतिकी (Condensed Matter Physics) में जटिल पदार्थों के गुणों को समझने की दिशा में नए आयाम खोलती है। DAVV परिसर स्थित यह UGC-DAE सेंटर, यूजीसी द्वारा वित्तपोषित एक राष्ट्रीय अनुसंधान सुविधा है, जो देशभर के वैज्ञानिकों को उन्नत प्रयोगशाला संसाधन उपलब्ध कराता है। डॉ. साठे की यह उपलब्धि इस केंद्र की अत्याधुनिक प्रायोगिक अनुसंधान क्षमता को और सशक्त बनाती है। कुलपति ने की सराहना कुलपति प्रो. राकेश सिंह ने इन वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने वाली है। यह मान्यता विवि की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करती है। UGC-DAE के डायरेक्टर प्रो. कौस्तुभ प्रयोलकर ने इस उपलब्धि को संस्थान की अनुसंधान संस्कृति, उत्कृष्टता और समर्पण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की वैश्विक मान्यता युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करती है कि वे महत्वाकांक्षी वैज्ञानिक लक्ष्यों को प्राप्त करने और समाज व उद्योग में सार्थक योगदान देने की दिशा में काम करें।

CM मोहन यादव बोले: बिहार में NDA आगे, पीएम मोदी की नीतियों ने जनता को उत्साहित किया

भोपाल  बिहार विधानसभा चुनाव के आ रहे नतीजों के बीच मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव का बयान सामने आया है.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के रुझान वास्तव में उत्साह वर्धन करने वाले है. यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने 2014 के बाद नए प्रकार की विकासपरक राजनीति का दौर देखा है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक-एक करके तीनों लोकसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला. भाजपा ने दिल्ली में भी अपनी सरकार बनाई है. उसी सिलसिले को जारी रखते हुए तीसरी बार बिहार में फिर एनडीए सरकार की वापसी हो रही है.  सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती समय में हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और अब बिहार यह बता रहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए की लहर चल रही है. तथाकथित कांग्रेस और उनके गठबंधन के दलों की जो कुव्यवस्थाएं हैं, उन्हें देखकर जनता अपना मन चुकी है और एनडीए के साथ विकास के साथ कदम से कम मिला करके आगे बढ़ना चाहती है.  सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो रुझान आ रहे हैं वो उत्साहवर्धन भी है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नए प्रकार की विकास परख राजनीति 2014 से देखी है। एक-एक करके तीनों लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रचंड जीत के साथ एनडीए ने दिल्ली में भी अपनी सरकार बनाई। राज्यों के चुनाव में बिहार भी उसी कड़ी में शामिल हो गया है। इसके पहले हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद अब बिहार में सामने आते परिणाम ये बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सुशासन की बयार चल रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तथाकथित कांग्रेस के गठबंधन की जो कुव्यवस्थाएं हैं, जनता का मन उससे टूट चुका है। एनडीए के साथ कदम से कदम मिलाकर के देश के विकास और सुरक्षा के लिए पीएम मोदी ने जो नीतियां लागू की हैं। ये सभी का मनोबल बढ़ाने वाली है। बिहार में बढ़ती जीत की ओर के लिए मैं प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष सहित एनडीए के सभी दलों को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि जो रुझान आ रहे उसमें भाजपा नंबर एक पर है, दूसरा हमारा सहयोगी दल जनता दल युनाइटेड है। कांग्रेस ने बिहार में आरजेडी को डुबाने का काम किया है। लोकतंत्र में जनता जो होती है उसका निर्णय सर्वोपरी होता है। जनता को निर्णय लेती है उसे शिरोधार्य करना चाहिए। सीएम इंदौर के गोपाल मंदिर में सरप्राइज विजिट पर पहुंचे सीएम ने इंदौर में कहा कि मैं खुद बिहार चुनाव में प्रचार करने के लिए गया था। कांग्रेस के सामने यह साफ हो गया है कि जमीन पर रहकर ही राजनीति करो, हवा में रहोगे, तो हवा में ही उछाल दिए जाओगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल देश के विकास बल्कि देश की सुरक्षा के लिए जो नीतियां लागू की है, वह वाकई हम सभी का मनोबल बढ़ाने वाली है. बिहार में जीत की ओर बढ़ते एनडीए गठबंधन के साथियों और प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान,जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को बधाई देना चाहता हूं. विजय होने वाले सभी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को भी बधाई.  सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन पार्टी बनी है BJP मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार चुनाव में ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा ने अपनी अलग पहचान बनाई है. भाजपा सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन पार्टी बनी है. दूसरा हमारा सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड है. जैसे हमने देखा है कि इस चुनाव में कांग्रेस ने राजद को डुबाने का काम किया है कांग्रेस के सबसे बड़े नेता ने समय से पहले ही चुनाव मैदान छोड़ दिया. उसी का परिणाम उनकी सहयोगी पार्टी को भुगतना पड़ा है. यह उनके लिए सोचने का समय है कि लोकतंत्र में जनता जो देती है, वही सही होता है और जनता के इस जनादेश को स्वीकार करते हैं. बिहार में विकास के लिए फिर एनडीए सरकार तैयार है.

इज्तिमा में डिजिटल सुविधा: क्यूआर कोड से खुलेंगे स्थल के नक्शे, भोपाल में बदलेंगे रास्ते

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में शुक्रवार को फजिर की नमाज के साथ ही 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा (Ijtema 2025 Tablighi Jamaat) शुरू हो गया। इस बार दुनिया का ये सबसे बड़ा आयोजन तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम लेकर आया है। ऐसा पहली बार है कि इस धार्मिक सम्मेलन में क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इससे न केवल सेवादारों को अपनी जिम्मेदारी समझने में आसानी होगी, बल्कि आयोजन स्थल की संपूर्ण जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी। इज्तिमा के प्रवक्ता उमर हफीज कहते हैं कि पहला आधिकारिक इज्तिमा 1947 में हुआ था, इसलिए यह 79वां आलमी इज्तिमा है, लेकिन कोरोना काल में साल 2020 में यह आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए यह 78वां आयोजन है। उमर बताते हैं विदेश से कोई जमात नहीं आती, बल्कि व्यक्तिगत रूप से लोग इस इज्तिमा में शामिल होने आते हैं। पहले उनका पुलिस वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही इज्तिमा में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। इस बार इज्तिमा का प्रबंधन पहले से ज्यादा बड़ा और व्यवस्थित है। मुख्य पंडाल 120 एकड़ में, पार्किंग 350 एकड़ में बनाई गई है और पूरा आयोजन क्षेत्र करीब 600 एकड़ में फैला है।दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन से लेकर इज्तिमा-स्थल तक हर जगह सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।आईजी अभय सिंह ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, इसलिए सुरक्षा, ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाओं के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। स्कैन करते ही खुल जाएगा इज्तिमा स्थल का डिजिटल नक्शा इज्तिमा स्थल पर तीस हजार से अधिक वालेंटियर को विशेष क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र दिए गए हैं, इनमें नगर निगम के पांच हजार और 25 हजार स्वयंसेवक शामिल हैं। ये रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और इज्तिमा स्थल जाने वाले प्रमुख मार्गों पर तैनात किए गए हैं। इस कार्ड को स्कैन करते ही मोबाइल पर पूरा इज्तिमा परिसर का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि कौन सी जमाअत किस क्षेत्र में ठहरी है, किस जगह जरूरी सामान, पानी या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, सफाई या सुरक्षा से जुड़ी टीमें कहां-कहां तैनात की गई हैं। आयोजन समिति के अनुसार, यह सिस्टम भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा और किसी भी आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में समय की बचत होगी। इस सुविधा से लोग परेशान होने से बचेंगे और उन्हें सटीक जानकारी मिल सकेगी। 12 लाख से अधिक जायरीनों के आने की संभावना चार दिवसीय यह मजहबी आयोजन आज शुक्रवार 14 नवंबर को फज्र की नमाज के साथ शुरू हो गया है। वहीं 17 नवंबर सोमवार को सामूहिक दुआ के साथ संपन्न होगा। देशभर की जमाअतों और विदेशों से व्यक्तिगत रूप से आने वाले मुस्लिम नागरिक बड़ी संख्या में इसमें शामिल होंगे। दुआ के आखिरी दिन करीब 12 लाख जमाअतियों के आने की संभावना बताई जा रही है। रोजाना होंगी चार तकरीरें इज्तिमा में हर दिन चार तकरीरें होंगी- फज्र, जोहर, असर और मगरिब के बाद। बता दें वक्ताओं के नाम पहले से घोषित नहीं किए जाते। तकरीरों में दीनी संदेश, सामाजिक सुधार और उम्मत की बेहतरी से जुड़ी बातें रखी जाती हैं। कमेटी सदस्य डॉ. उमर हफीज़ ने बताया कि “हर तकरीर तय वक्त पर होगी और जायरीन इनसे सीधे जुड़ सकेंगे।” दिल्ली धमाके के बाद सख्त सुरक्षा दिल्ली धमाके के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जीआरपी ने पहली बार रेंडम BD & DS (Bomb Detection and Disposal Squad) चेकिंग शुरू की है। प्लेटफॉर्म, पार्किंग एरिया और मालखानों में रोजाना दो बार तलाशी ली जा रही है। बुधवार को टीम ने 250 से 300 वाहनों की जांच की। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर HHMD (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) और DFMD (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाए गए हैं। जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया, “इज्तिमा के दौरान रोजाना दो बार अलग-अलग जगहों पर रेंडम चेकिंग होगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।”   जीरो वेस्ट और ग्रीन थीम के साथ पर्यावरण संरक्षण भी इस बार का इज्तिमा 'जीरो वेस्ट' थीम पर आधारित है। प्रवक्ता उमर हफीज के मुताबिक प्लास्टिक और डिस्पोजल वस्तुएं आयोजन स्थल पर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। नगर निगम और ग्राम पंचायतों के सहयोग से पूरे आयोजन को 'ग्रीन एंड क्लीन इज्तिमा' बनाने की योजना है। कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ सैयद इम्तियाज अली ने बताया कि इस बार उत्पन्न होने वाला कचरा 180 मीट्रिक टन से घटाकर 120 मीट्रिक टन तक सीमित रखने का लक्ष्य है। पहली बार पंचायतें भी सहयोगी इस सम्मेलन में पहली बार इज्तिमा स्थल के आसपास की आठ ग्राम पंचायतें सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर वुजू में प्रतिदिन खर्च होने वाले 90 लाख लीटर पानी को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट और गंदे पानी का ट्रीटमेंट और रीसाइक्लिंग भी की जाएगी। आज से बदले रहेंगे ये रास्ते, यहां जाने से बचें भोपाल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ईंटखेड़ी के ग्राम घासीपुरा में 14 से 17 नवंबर तक चार दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में धर्मावलंबी सम्मलित होंगे, जो रेलवे स्टेशन, पुराने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यक्रम स्थल तक पहुचेंगे। अंतिम दिन सामूहिक दुआ में शहर से भी बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल होंगे। सुबह छह बजे से पुराना शहर से इज्तिमा स्थल की ओर आवागमन करने वाले मार्गों जैसे-मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्यानगर बायपास, रत्नागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद भोपाल टाकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रायल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टाकीज, बोगदापुल आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय एवं वाहनों के सड़कों पर होने से अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा। ऐसे में पुराने शहर और इज्तिमा स्थल की ओर आने-जाने के लिए आमजन को अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ेगा।

टेक्नोलॉजी में नई उड़ान: डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव 2.0 में उद्योग प्रतिनिधियों से की सीधी बातचीत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से की वन-टू-वन चर्चा नए निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक क्लस्टरों की स्थापना पर हुई बातचीत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0' के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा की। इससे मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं, औद्योगिक क्लस्टरों, तकनीकी केंद्रों और नवाचार आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। वन-टू-वन में आईटी, ड्रोन, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, रक्षा, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, फिल्म टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश, भूमि आवंटन, नीति प्रोत्साहन और प्रशिक्षण सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के मेजर जनरल गौतम महाजन, ब्रिगेडियर एम.एस. रंधावा, ब्रिगेडियर दीपक पुरी, कर्नल मनोजित सिन्हा, लेफ्टिनेंट कर्नल अरिजीत चंद्र सेन से मुलाक़ात की। इस दौरान राज्य सरकार और भारतीय सेना के मिलिट्री कॉलेज ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के बीच साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता रक्षा एवं नागरिक तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ कर मध्यप्रदेश को तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एएनएसआर ग्लोबल के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक  विक्रम आहूजा से मध्यप्रदेश में नया "जीसीसी हब” स्थापित करने के संबंध में चर्चा की। बैठक में हब के लिए उपयुक्त स्थान, कार्यालय अवसंरचना, पूंजी निवेश, प्रशिक्षण एवं भर्ती प्रोत्साहन, जीसीसी पॉलिसी और इंसेंटिव फ्रेमवर्क के तहत सहयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनंत टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के संस्थापक डॉ. सुब्बाराव पवुलुरी से मुलाक़ात की। इस दौरान डिफेंस क्लस्टर की स्थापना, निवेश प्रोत्साहन, भूमि आवंटन और अवसंरचना विकास पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने वेना इंडिया के निदेशक  गौतम यादव एवं सह-निदेशक  पार्थ सेन गुप्ता से भी वन-टू-वन चर्चा की। प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी द्वारा इंदौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पहले ही स्थापित किया जा चुका है। मध्यप्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी नीति 2025 के तहत प्रोत्साहनों और भोपाल-इंदौर जैसे शहरों में भविष्य के विस्तार पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एमरॉल्ड इन्फ्राइस्पैट लिमिटेड के निदेशक  अनिल ज्ञानचंद भंसाली ने मुलाकात कर बिंदौरी (भोपाल) स्थित EMC-2 में पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की। एमपी सेमीकंडक्टर नीति-2025 के तहत विद्युत एवं गैर-विद्युत प्रोत्साहनों की मांग, भूमि आवंटन में छूट और राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। थॉमसन सेमीकंडक्टर्स प्रा. लि. के सीईओ डॉ. निवास अनंत ने बताया कि कंपनी प्रदेश में दो बड़ी परियोजनाओं में निवेश करना चाहती है, जिसमें पैकेजिंग-परीक्षण इकाई, ईवी बस और ट्रक मैन्युफैक्चरिंग इकाई शामिल हैं। भूमि आवंटन, पर्यावरण सहायता, ऊर्जा-जल आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ तथा पीएलआई, फेम, पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं के लाभ पर चर्चा हुई। बीवीजी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक  हनुमंत राव गायकवाड़ ने प्रदेश में वैश्विक ड्रोन एवं रोबोटिक्स क्लस्टर स्थापित करने की इच्छा जताई, जिसमें प्रशिक्षण, परीक्षण और अनुसंधान सुविधाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश ड्रोन नीति-2025 के अंतर्गत भूमि, बुनियादी ढांचा, पीएलआई लाभ और विनियामक सहयोग पर विचार हुआ। आर.डब्ल्यू.एस. मोराविया इंडिया प्रा. लि. के सेंटर हेड  विशाल डकोलिया ने बताया कि कंपनी ने इंदौर में अपनी जीसीसी सुविधा का निर्माण पूरा कर लिया है और अब उसका विस्तार करना चाहती है। लाइट एन लाइट ग्रुप के सैयद जावेद अली ने प्रदेश में आधुनिक फिल्म एवं शूटिंग उपकरण विनिर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। फिल्म पर्यटन नीति, जीएसटी एवं स्टाम्प ड्यूटी छूट, बिजली रियायत और सिंगल विंडो प्रणाली जैसे प्रोत्साहनों पर भी चर्चा हुई। सोलुजेनिक्स के डायरेक्टर  चंद्र कोठापु से निवेश प्रोत्साहनों और भोपाल-इंदौर में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। सोरिंग एयरोटेक प्रा. लि. के प्रतिनिधि  दैविश जैन और डॉ. मनोज देशपांडे से ड्रोन क्लस्टर भूमि आवंटन, ड्रोन नीति-2025, स्टार्टअप नीति तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों के साथ स्किल डेवलपमेंट सहयोग पर चर्चा की गई। क्लिनीसप्लाइज लिमिटेड की निदेशक सु प्रेरीता बहेती और ऑपरेशनल हेड  अभिषेक वास्तव से भी चर्चा की। वन-टू-वन चर्चा ने निवेशकों में मध्यप्रदेश के प्रति विश्वास और उत्साह को नई गति दी है। प्रदेश सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ, पारदर्शी प्रक्रियाएँ और मजबूत बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश अब भारत का तकनीकी और औद्योगिकी हब बनकर उभर रहा है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील पहल: रिश्तों में लौटी मिठास, बढ़ा जन-विश्वास

मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील पहल — रिश्तों में लौटी मिठास और बढ़ा भरोसा विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ का “नवपहल अभियान” बने सामाजिक समरसता व महिला सुरक्षा के प्रतीक भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस आज जनसेवा के उस स्वरूप का परिचायक बन चुकी है, जहाँ कानून-व्यवस्था के साथ संवेदनशीलता, संवाद और सहयोग सर्वोपरि हैं। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिक–पुलिस संवाद, पारिवारिक समरसता और महिला सुरक्षा को लेकर निरंतर किए जा रहे प्रयास अब उल्लेखनीय परिणाम देने लगे हैं। प्रदेश के विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ की “नवपहल” पहल ने मध्यप्रदेश पुलिस को संवेदनशीलता, संवाद और महिला सुरक्षा की नई पहचान दी है। इन पहलों से पारिवारिक रिश्तों में विश्वास लौटा है और महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। विदिशा की “पुलिस पंचायत” — रिश्तों में लौटी मिठास विदिशा में प्रारंभ हुई “पुलिस पंचायत” पहल अब पारिवारिक विवादों के समाधान की मिसाल बन चुकी है। अब तक आयोजित 34 बैठकों में कुल 98 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें से 72 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाली इन पंचायतों में पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मतभेद एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों का संवाद, सहानुभूति और सामाजिक सहमति से निराकरण किया जाता है। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में गठित पंचायत कोर कमेटी — डॉ. सचिन गर्ग, श्री आर. कुलश्रेष्ठ, श्री प्रमोद व्यास, श्री दिनेश वाजपेयी, श्री अजय टंडन, श्री अतुल शाह, श्री विनोद शाह एवं श्री पार्थ पित्तलिया सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल न केवल विवादों के निपटारे तक सीमित रही, बल्कि इसने संवाद और सहानुभूति के माध्यम से टूटते रिश्तों को फिर जोड़ने का कार्य किया है। वर्षों से बिछड़े परिवार एक-दूसरे से मिले, वृद्ध जनों को उनका हक मिला और समाज में यह संदेश गया कि पुलिस जनता की हमदर्द और सहभागी है। “पुलिस पंचायत” ने यह साबित किया है कि संवाद से बढ़कर कोई न्याय नहीं — यह पहल कानूनी समाधान के साथ सामाजिक समरसता का पुल बन चुकी है। टीकमगढ़ की “नवपहल” – महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कदम टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में प्रारंभ “नवपहल” अभियान ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इस पहल से जिले में महिला अपराधों में लगभग 37% तक की कमी दर्ज की गई है। विशेष सुधार:     शीलभंग: 21.3% कमी     दहेज हत्या: 16.6% कमी     दहेज प्रताड़ना: 50.5% कमी     भ्रूण हत्या/गुप्त व्ययन: 42.8% कमी महिला सुरक्षा के लिए प्रमुख अभियान 1. नीड अभियान: कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, 42.8% कमी 2. परी अभियान: 55,309 बच्चियों को “गुड टच–बैड टच” की जानकारी 3. भरोसा अभियान: 6,328 किशोरियों को आत्मरक्षा व विधिक प्रशिक्षण 4. सहारा अभियान: 192 महिलाओं को आर्थिक व पारिवारिक सहायता 5. आसरा अभियान: 64 वृद्ध महिलाओं को सहयोग 6. परिवार जोड़ो अभियान: 72 परिवार टूटने से बचे, दहेज प्रताड़ना में 47.5% कमी इसके अलावा “मजनू अभियान” के अंतर्गत स्कूल–कॉलेजों के आस-पास असामाजिक तत्वों पर निगरानी से छेड़छाड़ के अपराधों में 22.3% की कमी दर्ज हुई है। इन अभियानों के माध्यम से महिला सुरक्षा, वन स्टॉप सहायता, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता से पुलिस और समाज के बीच नए भरोसे का रिश्ता बना है। महिला हेल्प डेस्क, संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय पेट्रोलिंग, सोशल मीडिया निगरानी और स्कूल–कॉलेज परिसरों में नियंत्रण गतिविधियाँ ने टीकमगढ़ पुलिस की छवि को समाज के प्रति समर्पित प्रहरी के रूप में स्थापित किया है। विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ की “नवपहल” जैसी पहलें इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस अब केवल कानून-व्यवस्था की प्रहरी नहीं, बल्कि “जनभरोसे की पुलिस” के रूप में नागरिकों के बीच संवाद, समझ और सेवा का सेतु बन रही है।