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मोबाइल ट्रैकिंग में जबलपुर पुलिस नंबर वन: 151 गुम मोबाइल मिले, खुशी से खिल उठे चेहरे

जबलपुर पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के आदेशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह के निर्देशन में गुम हुये मोबाइल तलाशे जा रहे हैं। 6 नवंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देशन में अतरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह द्वारा CEIR PORTAL के माध्यम से जबलपुर पुलिस द्वारा तलाशे गये गुम हुए 151 मोबाईल, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 28 लाख रूपये हैं, मोबाईल धारकों को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वापस किये गए।   सायबर सेल जबलपुर द्वारा लगातार सायबर जागरूकता संबंधी आयोजन किये जा रहे है, वर्तमान वर्ष 2025 में सायबर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों व स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्रा को सायबर संबंधी आपराधो से बचने के उपायों से अवगत कराया जाकर सायबर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये गये है।   पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा संस्कारधानी वासियों से अपील की गई कि सायबर फ्रॉड से संबंधित व गुमें हुए मोबाईल की शिकायत संबंधित थाने में करने के साथ साथ सायबर फ्रॉड संबंधी शिकायत हेतु नेशनल सायबर हेल्पलाईन नम्बर 1930 व वेबसाईट WWW.cybercrime.gov.in एवं गुम हुए मोबाईलो कि शिकायत हेतु वेबसाईट WWW,ceir.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

ब्रेन हेमरेज से गई जान, पर रिश्वत की मांग नहीं रुकी! मध्यप्रदेश में दिल दहला देने वाली घटना

भोपाल मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्यरत रहे संविदा उपयंत्री नवीन खरे की मौत ने फिर प्रशासनिक संवेदनहीनता की गहराई को उजागर कर दिया है। वर्ष 2006 में जनपद पंचायत शिवपुरी में संविदा उपयंत्री के रूप में नियुक्त नवीन खरे को वर्ष 2012 में सेवा से पृथक कर दिया गया। इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। न्यायालय ने जुलाई 2024 में उनके पक्ष में निर्णय देते हुए पुनः पदस्थापना के निर्देश दिए, लेकिन जिला प्रशासन ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उन्हें ज्वाइनिंग नहीं दी। मनरेगा अभियंता संघ के प्रांत अध्यक्ष सतीश कुमार समेले ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिवपुरी जिले के अधिकारियों द्वारा ज्वाइनिंग दिलाने के नाम पर एक लाख की रिश्वत की मांग की गई थी। इस कथित मांग और लगातार प्रशासनिक उपेक्षा से नवीन खरे मानसिक रूप से टूट गए थे। तनाव और निराशा की इसी स्थिति में उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और इलाज के दौरान भोपाल एम्स में उनकी मृत्यु हो गई। 55 वर्षीय खरे अपने पीछे माता-पिता, सासू मां और दो बच्चों को छोड़ गए हैं।   कोर्ट के आदेश का पालन ही नहीं हुआ परिवार का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेश का पालन किया गया होता, तो आज नवीन जीवित होते। मृतक के परिजनों और साथियों ने विदिशा के दुर्गा चौक पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया तथा शिवपुरी कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और मनरेगा आयुक्त पर कार्रवाई की मांग की। उधर, राज्यभर में 1335 संविदा उपयंत्री अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 85 दिनों से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान अब तक चार संविदा उपयंत्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि वर्ष 2010 से अब तक 49 अभियंता असमय मौत का शिकार बने हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव बोले – अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विकास और कल्याण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत

अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार कर रही है निरंतर कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्यों से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास तथा कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है। योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य शासन विभिन्न सुझावों के प्रति संवेदनशील और नवाचारों के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री  फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पहुंची अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण के लिए गठित केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्यों के साथ चर्चा में यह बात कही। केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष  कुलस्ते ने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय समिति द्वारा मैदानी स्तर पर समीक्षा की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों के सेवा में प्रतिनिधित्व और उनके लिए संचालित कल्याणकारी गतिविधियों की प्रगति का भी आंकलन किया जा रहा है। योजनाओं व कार्यक्रमों के संबंध में समिति ने स्थानीय समुदायों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया है। समिति द्वारा तैयार की जा रही यह रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की जाएगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय समिति प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर थीं। समिति में राज्यसभा सांसद  मिथलेश कुमार, मती ममता ठाकुर, मती सुमिता वाल्मिकी,  देवेन्द्र प्रताप सिंह, मती फूलो देवी नेताम,  रवांगारा नार्जरी, लोकसभा सांसद  हरीश मीना,  अरूण कुमार, मती प्रोतिमा मंडल,  जगन्नाथ सरकार,  गोविंद करजोल,  डी. प्रसाद राव और  विष्णु दयाल राम शामिल थे।  

शादी का नया ट्रेंड: बारात और शराब के बिना, सिर्फ सादगी और संस्कार के साथ विवाह

भोपाल  शादी-ब्याह में दिखावे, फिजूलखर्ची और शोर-शराबे से परेशान समाज को एक नया विकल्प मिल गया है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गायत्री शक्तिपीठ ने सादगी और संस्कार का संदेश देने के लिए संस्कारित विवाह अभियान शुरू किया है. इसमें न डीजे होगा, न बैंड-बाजा, न भव्य सजावट होगी. विवाह सिर्फ मंत्रोच्चार, अग्नि और सात फेरों यानी पूरी तरह वैदिक रीति से सम्पन्न होगा.  भोपाल के महाराणा प्रताप नगर (MP नगर) स्थित शक्तिपीठ के एक पैम्फलेट यानी पत्रक में विवाह को एक पवित्र संस्कार बताते हुए खर्चीली रीतियों और सामाजिक बुराइयों को सख्ती से वर्जित किया गया है. पैम्फलेट में साफ लिखा है, ''दहेज लेना व देना एक सामाजिक अपराध है.'' साथ ही मांस-मदिरा के सेवन को इस पवित्र संस्कार को अपवित्र न बनाने की अपील की गई है. कैसा होगा यह संस्कारित विवाह:-      विवाह पूरी तरह वैदिक विधि से संपन्न होगा      अधिकतम 15 से 20 मेहमानों की इजाजत होगी      प्रतीक स्वरूप 2 वरमाला और एक डिब्बा मिठाई का आदान-प्रदान किया जाएगा      डीजे, बैंड-बाजा या किसी भी तरह की भव्य सजावट की अनुमति नहीं होगी      बारात और भोजन की व्यवस्था यहां इजाजत नहीं है.  संस्कारों पर जोर और फिजूलखर्ची का विरोध गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वयक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया, ''यह पहल गायत्री परिवार की सात क्रांतियों (साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा, नारी जागरण, नशा निवारण आदि) का हिस्सा है.'' गुप्ता ने बताया कि गायत्री परिवार हमेशा फिजूलखर्ची को कम करने के लिए लोगों को प्रेरित करता रहता है. इसमें मृत्युभोज का हम लोग विरोध करते हैं, शादी में दान दहेज का विरोध करते हैं और खर्चीली शादियों को कम करने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं.  उन्होंने तर्क दिया कि विकृतियों और वृद्धाश्रमों के बढ़ने के पीछे मुख्य कारण संस्कारों की कमी है, जिसे इस वैदिक विधि से दूर किया जा रहा है. गृहस्थ जीवन एक तपोवन शक्तिपीठ ने अपने पैम्फलेट में गृहस्थ जीवन को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में परिभाषित किया है: "गृहस्थ एक तपोवन है, इसमें संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना करनी पड़ती है." राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे शादी का वास्तविक संदर्भ समझाते हैं कि आगे परिवार कैसे चलेगा और वैदिक विधि से विवाह का बंधन कैसा होना चाहिए.  गायत्री परिवार के प्रांतीय शक्तिपीठ समन्वयक राकेश कुमार गुप्ता. देवउठनी एकादशी पर गायत्री मंदिर से विवाह करने वाले दंपति वैभव वर्मा और प्रिया शर्मा ने बताया, ''हमने 18 मेहमानों के सामने शादी की. मंदिर की रसीद कटवाने के बाद कुल खर्च करीब 1000 रुपए ही आया. न दहेज, न दिखावा. अब पैसों से बची रकम हम अपने गृहस्थी में लगाएंगे.  इसके अलावा, एक अन्य नवविवाहित जोड़े जय अरोड़ा और मधु पांडेय ने कहा,  हम दोनों एक साथ आईटी कंपनी में काम करते हैं. लंबे समय से एक दूसरे से प्रेम करते हैं.हमें अपने आर्थिक हालात देखे और मेट्रो सिटी में आगे के भविष्य को देखते हुए कम खर्च में विवाह बंधन में बंधने का फैसला लिया.   रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया गायत्री शक्तिपीठ में विवाह संस्कार कराने की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी रखी गई है.  – विवाह के लिए आवश्यक सामग्री (जैसे अग्निकुंड, पंचमेवा, हल्दी, नारियल, पुष्पादि आदि) परिवारों को खुद लानी होगी. – कम से कम 15 दिन या एक महीने पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. – सबसे अहम शर्त यह है कि वर और वधू दोनों के माता-पिता की लिखित सहमति जरूरी है.  – गायत्री परिवार में सभी संस्कार निशुल्क कराए जाते हैं. विवाह कराने का यहां कोई शुल्क या फीस नहीं है. – सिर्फ पूजा के लिए उपयोग होने वाले सामान की व्यवस्था के लिए 2 हजार या 4 हजार रुपए का एक नॉमिनल अमाउंट लिया जाता है. – विवाह के लिए यह राशि 7000 हजार रुपए तय की गई है.  दीवारों से लेकर पोस्टरों पर संदेश ही संदेश  शक्तिपीठ के परिसर में दीवारों से लेकर बैनर पोस्टरों में समाज को सही दिशा देने वाले संदेश ही संदेश लिखे गए हैं. संदेश में समाज से खर्चीली शादियों को बंद कर सादगी भरी रीतियों को अपनाने का आह्वान किया है. मसलन,  'हम बदलेंगे, युग बदलेगा.' अमर रीतियों से बंधो, बंद करो खर्चीली शादी. सादगी भरी शादियां हमें सद्भाव और वैदिकता बताती हैं.' इसके साथ ही मोटे अक्षरों में समाज को कचोट देने वाला लिखा है- 'खर्चीली शादियां हमें दरिद्र और बेईमान बनाती हैं.' 

इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में नवाचार की बौछार, 55 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने अपलोड किए आइडिया

इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में 55 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने आइडिया अपलोड किये योजना के माध्यम से विद्यार्थियों में विज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों ने इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के अंतर्गत इस वर्ष शिक्षण सत्र 2025-26 में 55 हजार 247 विद्यार्थियों ने विज्ञान अनुसंधान एवं अध्ययन से जुड़े आइडिया केन्द्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड कराये हैं। केन्द्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्पायर अवार्ड मानक योजना कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में विज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिये योजना शुरू की है। पिछले वर्ष 2672 विद्यार्थियों का अवार्ड के लिये चयन किया गया था। चयनित विद्यार्थियों के विचार को प्रोटोटाइप तैयार करने के लिये 10-10 हजार रूपये की राशि विद्यार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई थी। पिछले 3 वर्षों से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश प्रथम केन्द्र सरकार की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में मध्यप्रदेश शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 2022-23 पिछले 3 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर आ रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इस योजना में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन नई दिल्ली में किया जाना प्रस्तावित है। योजना में सत्र 2022-23 में विदिशा जिले के गंजबासोदा की छात्रा कुमारी रूपाली लोधी ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। उनके इस प्रदर्शन के कारण अंतर्राष्ट्रीय सकूरा एक्सचेंज प्रोग्राम में उन्होंने जापान में सहभागिता की थी। स्कूलों की भागीदारी इंस्पायर अवार्ड मानक योजना प्रदेश के विद्यार्थियों में किया गया एक एैसा निवेश है, जो विज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान को विकसित करता है। योजना का उद्देश्य बच्चों में विज्ञान का बीज बोना, उसका पोषण करना, उन्हें प्रोत्साहित करना, रूचि बढ़ाना तथा वैज्ञानित दृष्टिकोण उत्पन्न करना है। इस योजना में प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय माध्यमिक हाई स्कूल, अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय (सेंट्रल स्कूल), नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल एवं केन्द्र सरकार के अन्य सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा 6 से कक्षा 10 तक के नियमित विद्यार्थी पुरस्कार के लिये पात्र होते हैं। कार्यक्रम में देशभर के 5 लाख विद्यालयों के बच्चों प्रत्येक विद्यालय से कम से कम 2 सर्वश्रेष्ठ विचार के मान से लगभग 10 लाख नवाचारों को प्राप्त करने का कार्यक्रम रखा जाता है।  

अजीब मामला: मुस्लिम परिवार न होते हुए भी अंजूम खान का जन्म प्रमाण पत्र बना

छतरपुर  छतरपुर जिले में एक पंचायत सचिव को बगैर साक्ष्य और आवश्यक दस्तावेजों के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला जिले के ग्राम पंचायत महतौल का है, जहां के सचिव प्रेमचन्द्र रैकवार ने अंजुम खान नामक महिला का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जबकि दावा है इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है। गलत प्रमाण पत्र जारी कर दिया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नमः शिवाय अरजरिया ने एक आदेश में कहा कि गलत जन्म प्रमाण जारी करने की शिकायत की जांच के बाद प्रेमचन्द्र रैकवार के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जांच में पाया गया कि रैकवार ने 24 सितंबर 2025 को इंदौर के गीता नगर की रहने वाली अंजुम खान का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया था। बिना अनुमति के बनाया जन्म प्रमाण पत्र अरजरिया ने कहा कि अंजुम खान की जन्म तिथि 11 फरवरी 2008 है और एक वर्ष से अधिक अवधि का जन्म प्रमाण पत्र बगैर सक्षम अधिकारी के अनुमति आदेश के जारी नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि साथ ही ग्राम महतौल में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है। जन्म प्रमाण पत्र बिना किसी साक्ष्य एवं आवश्यक दस्तावेज के जारी किया गया है। सीईओ ने कहा कि रैकवार का यह कृत्य मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है। जन्म प्रमाण पत्र वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी किरकिरी हो रही थी। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की है। साथ ही प्रमाण पत्र की जांच की जा रही है।

मोहन यादव ने कहा- नेता प्रतिपक्ष भ्रमित कर रहे, सीएम ने दी गरिमा बनाए रखने की सीख

भोपाल  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज 121 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है। फर्स्ट राउंड की वोटिंग के एक दिन पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के तमाम आरोप लगाए। राहुल गांधी के आरोपों पर एमपी के सीएम डॉ मोहन यादव ने पलटवार किया।  बिहार में वोटिंग के वक्त हरियाणा चुनाव की बात कर रहे नेता प्रतिपक्ष गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए रवाना होने से पहले भोपाल में स्टेट हैंगर पर मीडिया से चर्चा में सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, बडे़ दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है जब बिहार में वोट डालने का पहला चरण चालू हो गया, ऐसे में नेता प्रतिपक्ष हरियाणा चुनाव की बात निकालकर भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी बात किसी के गले उतर नहीं रही है। जैसे उन्होंने ईवीएम मशीनों को लेकर देश भर में माहौल बनाया था और सुप्रीम कोर्ट में उनकी इस बात की धज्जियां उड़ीं। मैं उम्मीद करता हूं कि वे अपनी गरिमा का ध्यान रखें और ऐसी बातों से बचें। शिवराज बोले- राहुल ने हार स्वीकार की दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, राहुल गांधी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मतदान से एक दिन पहले उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाया। जनता उन्हें वोट नहीं देती और वह कहते हैं कि वोट चोरी हो गए। लोग मछली पकड़ने या जलेबी बनाने के लिए वोट नहीं देंगे। इसलिए, महागठबंधन ने हार स्वीकार कर ली है और एनडीए की 'महाविजय' निश्चित है। "जनकल्याण के लिए वोट कर रही जनता" शिवराज ने आगे कहा, आज का मतदान अपने आप में एनडीए की प्रचंड जीत की कहानी कह रहा है। बिहार की जनता सुशासन, विकास और जनकल्याण के लिए वोट कर रही है। लालू ने अपने राज में शासन नहीं, बल्कि दमन किया। भय, भ्रष्टाचार और भूख को बिहार की पहचान बना दिया गया था। लेकिन आज भय नहीं, विश्वास है, भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि नवाचार है, जंगलराज नहीं, बल्कि सुशासन है… जनकल्याण का इतिहास लिखा जा चुका है। राहुल गांधी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मतदान से एक दिन पहले उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाया। जनता उन्हें वोट नहीं देती और वो कहते हैं कि वोट चोरी हो गए। लोग मछली पकड़ने या जलेबी बनाने के लिए वोट नहीं देंगे। इसलिए, महागठबंधन ने हार मान ली है और एनडीए की महाविजय निश्चित है।

आज से MP में हेलमेट नियम सख्त, पीछे बैठने वालों को भी पहनना होगा, इन 5 जिलों पर फोकस

भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को देखते हुए आज से प्रदेशभर में हेलमेट अनिवार्यता को लेकर पुलिस का विशेष अभियान शुरू हो गया है. अब न केवल दोपहिया वाहन चालक, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना जरूरी होगा. राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 6 नवंबर से पूरे प्रदेश में यह अभियान शुरू किया गया है. इस दौरान ट्रैफिक पुलिस हेलमेट न पहनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी फोकस किया जाएगा. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन इन पांच जिलों में अभियान को लेकर विशेष सख्ती बरती जाएगी. कारण यह है कि पूरे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में से 58 प्रतिशत मौतें इन्हीं जिलों में दर्ज हुई हैं.  2 व्हीलर्स पर अगर एक शख्स ने हेलमेट पहना है और दूसरे ने नहीं तो 300 रुपए का चालान होगा और अगर दोनों ने हेलमेट नहीं पहना तो 500 रुपए का जुर्माना होगा.  4 साल की उम्र से बड़े पिलियन राइडर (दोपहिया पर ड्राइवर के पीछे बैठने वाले) के हेलमेट न पहनने पर 300 रुपए का चालान बनता है। डीआईजी टीके विद्यार्थी ने कहा- फिलहाल 5 बड़े शहरों में इसे लागू किया गया है। अगले चरण में इसे पूरे प्रदेश में लागू करेंगे। इस अभियान के पहले दिन गुरुवार को भोपाल में ट्रैफिक पुलिस 20 पॉइंट्स पर चालानी कार्रवाई कर रही है। इस दौरान अलग-अलग नजारे सामने आ रहे हैं। कोई कह रहा है कि पुलिसकर्मी सामने से गुजरा, तब चालान क्यों नहीं किया? किसी ने कहा- बच्ची एडमिट है। जल्दी में हेलमेट भूल गया।  एक नजर आंकड़ों पर:- – 2024 में प्रदेशभर में 14 हजार 791 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई  – इंदौर: शहर में 2 हजार 425 और ग्रामीण क्षेत्र में 290 मौतें – भोपाल: शहर में 945 और ग्रामीण क्षेत्र में 235 मौतें – जबलपुर: 2,035 मौतें – उज्जैन: 1,536 मौतें – ग्वालियर: 1,049 मौतें – इन पांच जिलों में कुल 8 हजार 515 लोगों की जान गई, जो राज्य की कुल मौतों का 58 प्रतिशत है.

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया बिहार विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद का भविष्य

सीहोर  बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने वहां के दौरे के अनुभव बताए. शिवराज ने बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम और मुख्यमंत्री पद को लेकर दावा किया. शिवराज सिंह चौहान का कहना है "इसमें एक परसेंट भी शक नहीं कि बिहार में किसकी सरकार बनने जा रही है. उन्होंने खुद बिहार का दौरा किया और और वह दावे से कह सकते हैं कि एनडीए बहुत से सरकार बनाने जा रही है." राहुल गांधी के मछली पकड़ने पर चुटकी ली सीहोर में शिवराज सिंह चौहान ने कहा "बिहार में महागठबंधन तो वोटिंग से पहले ही उखड़ गया. उनका आत्मविश्वास हिल गया है. उनको पता है कि जंगलराज आज भी लोगों को याद है. महागठबंधन के नेता हथियार डाल चुके हैं. यहां तक कि राहुल गांधी चुनाव प्रचार छोड़कर मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं. जलेबी तल रहे हैं, उनको पता है कि चुनाव NDA भारी बहुमत से जीतेगा. परिणाम स्पष्ट है कि NDA की महाविजय होने वाली है. इस बात को महागठबंधन के नेता भी एक प्रकार से स्वीकार कर चुके हैं." दो दिन पहले पटना में थे शिवराज केंद्रीय कृषि शिवराज सिंह चौहान 4 अक्टूबर को पटना में ही थे. उन्होंने पटना के गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन में आयोजित मखाना महोत्सव 2025 में भाग लिया. इससे पहले भी शिवराज सिंह चौहान लगातार बिहार का दौरा कर चुके हैं. उनका कहना है "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 64 हजार करोड़ करोड़ रुपये की सौगात दी है. एनडीए के कार्यकाल में बिहार में विकास हुआ है. इस बात को बिहार की जनता भी कह रही है. बिहार की जनता आज भी लालू के जंगलराज को याद करके डर जाती है." बिहार में सबसे बड़ा मुद्दा सुशासन शिवराज का कहना है "बिहार में इस बार चुनाव के मुद्दे विकास के अलावा सुशासन भी है. नीतीश कुमार के कार्यकाल कानून व्यवस्था दुरुस्त है. राज्य में हर ओर विकास किया गया है. एनडीए ने जन कल्याण की कई योजनाएं बनाई हैं. महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया है. बिहार में लखपति दीदी बनाने का अभियान सारहनीय है. हर बहन के खाते में 10,000 रुपये डाले गए हैं." बिहार में मुख्यमंत्री को लेकर कोई गफलत नहीं बिहार में मुख्यमंत्री के सवाल पर शिवराज ने साफ किया "कहीं कोई भ्रम नहीं है. एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है. मुख्यमंत्री के पद को लेकर विपक्षी दल भ्रम फैला रहे हैं. लेकिन बिहार की जनता विपक्षी दलों की बातों में नहीं आने वाली. बिहार में महागठबंधन का मतलब डर है और एनडीए यानी भरोसा है. बिहार की जनता महागठबंधन की सच्चाई जान चुकी है." 

अचानक बिगड़ी ADJ तपेश कुमार दुबे की तबियत, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

आमला बैतूल जिले के आमला में पदस्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) तपेश कुमार दुबे के निधन से न्याय जगत के साथ ही प्रशासनिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई. वह आमला क्षेत्र के लादी गांव में विजिट करने गए थे. अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई. तुरंत ही मौके पर डॉक्टर्स को बुलाया गया. डॉक्टर्स ने चेकअप करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. माना जा रहा है कि उन्हें अचानक हार्ट अटैक पड़ा. वह 55 वर्ष के थे. तबियत बिगड़ते ही डॉक्टर्स को बुलाया मौके पर मौजूद अफसरों ने लादी गांव में विजिट के दौरान एडीजे तपेश कुमार दुबे को अचानक अस्वस्थता महसूस हुई. दौरे में साथ चल रहे अफसरों ने तुरंत मौके पर चिकित्सकों को बुलाया. लेकिन डॉक्टरों ने जांच करने के बाद उन्हें मृत बताया. इससे सभी न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा कर्मचारी स्तब्ध रह गए. एसडीएम बडोनिया ने बताया "एडीजे तपेश कुमार दुबे एक अत्यंत समर्पित और ईमानदार अधिकारी थे. यह पूरी न्यायिक सेवा के लिए एक बड़ी क्षति है. प्रशासन इस घटना से गहराई से स्तब्ध हैं.” छिंदवाड़ा में हुआ अंतिम संस्कार अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) तपेश कुमार दुबे मूल रूप से छिंदवाड़ा शहर के पटेल कॉलोनी के रहने वाले थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं. शासन की ओर से उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम छिंदवाड़ा भेजने की आवश्यक व्यवस्था की गई. उनका अंतिम संस्कार छिंदवाड़ा के पातालेश्वर मोक्षधाम में हुआ. एडीजे तपेश दुबे ने वकील के रूप में छिंदवाड़ा में कई वर्षों तक काम किया. हार्ट अटैक के लक्षण हार्ट अटैक आने से पहले हार्ट की मांसपेशियों में रक्त संचार रुक जाता है. इस पर तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. हार्ट अटैक आने से पहले इन संकेतों को समझें.     सीने में दर्द या बेचैनी     शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द     सांस लेने में कठिनाई     पसीना आना     मतली या उलटी     थकान     चक्कर आना